Monthly Archives: September, 2013

प्रेषक : गुमनाम मैं हमेशा इस वेबसाईट पर स्टोरी पढ़ता था और मैं अपनी एक स्टोरी लिखना चाहता था. लेकिन मेरा कोई अनुभव नहीं था. खेर मेरी यह मुराद भी पूरी हो गई। ये घटना बस 1 महीना पुरानी है जो जून के महीने मैं घटी है. बस आपको और बोर ना करते हुए सीधे कहानी पर आता हूँ- मैं…

प्रेषक : शिव मेरा नाम शिव है और मेरी उम्र 20 है में सीकर में रहता हूँ. हमारी जॉइंट फेमिली है और बड़ा घर है. मेरी बड़ी माँ की उम्र 29 है वो बहुत ही खूबसूरत हुस्न की मलिका है उनको देखते ही मेरा मन सेक्स करने का हो जाता है… बात आज से 2 साल पहले की है में…

प्रेषक : गुमनाम हेल्लो चुदक्कड़ लड़को और मेरी प्यारी चूत वाली बहनों केसे है आप सबके लंड और चूत…? बहुत दिन बाद आज फिर से आपकी चहेती अपनी नयी कहानी के साथ हाजिर है और मैं आप सबकी तहेदिल से शुक्रगुजार भी हूँ की मुझे इतने…इतने दिन हो जाते है मैं कोई कहानी लिख नही पाती हूँ फिर भी आप…

प्रेषक : गुमनाम “देवरानी ने जेठजी से मजा लूटा 1” से आगे की कहानी . . . में वेट करने लगा करीब 1/2घंटे के बाद में नेहा और मोनिका ऑटो से उतर कर मेरे सेल पर फोन किया और पूछा की आप कहाँ हो हम आपका मेन गेट पर इंतजार कर रहे है… में बोला मे अभी आता हूँ… और…

प्रेषक : गुमनाम हेल्लो, केसे है आपसब लोग, एक दिन जब मे ऑफीस से लंच टाइम मै छुट्टी लेकर शॉप से अपनी पत्नी के लिए नाईटी और ब्रा पेंटी लेकर घर गया और अपनी पत्नी को दे दिया. मेरी पत्नी ने मुझसे खाना खाने को कहा मेंने खाना खाने के बाद मे नेहा से कहा जाओ रूम मे जाकर चेक करो की…

प्रेषक : शाहिद दोस्तों यह कहानी है “कहानी एक मजबूर बेटे की 1” से आगे की . . . तो दोस्तों अम्मी जी सुबह से काफ़ी परेशानी में इधर उधर फिर रही थी आख़िर मैंने पूछ ही लिया क्या  बात है. वो बोली बेटा आज सुबह से ही मेरी कमर मैं दर्द है रेहाना भी नही है वरना वो थोड़ी…

प्रेषक :शाहिद हाय रीडर्स. मेरा नाम शहीद है। दोस्तों आप सच माने या झूठ. मैं आप को कभी ये नही कहना चाहता के आप भी ऐसा ही करना जेसा मैंने किया या ज़िंदगी ने मुझसे कराया लेकिन शायद आप को मैं ये समझा सकूँ और इसलिये ये आप को बता रहा हूँ ताकि शायद इस तरह मेरा गुनाह कुछ कम…

प्रेषक : राहुल हेल्लो दोस्तों…मेरा नाम राहुल हे और मेरी उम्र 24 साल है, में दिल्ली मे रहता हूँ. और मेरे लंड का साइज़ 9 “इंच लंबा ओर 3 इंच मोटा है. आज मैं आप को जो स्टोरी सुनाने जा रहा हूँ कुछ दिन पहले की है। मुझे सेक्स की इच्छा होती थी. मेरी यह कोशिश रहती थी की कोई ऐसा…

प्रेषक :  शान दोस्तों में फिर से हाजिर हूँ “मजबूरी का फायदा 1” से आगे की कहानी लेकर . . तो फिर जब उनका घर आया तो हम दोनो जेसे ही अन्दर गये तो मेने अंदर जाते ही उन्हे गोद मे उठा लिया ओर एक किस उनके होठ पर किया तो वो मुझे दूर हटा कर बोली यहाँ नही पहले…

प्रेषक : शान हेलो फ्रेंड्स में एक स्टूडेंट हूँ बी.एसी फाइनल इयर का में अपने पेरेंट्स का इकलोता लड़का हूँ, पापा के पास पैसे की कोई कमी नही हे, मेरे काफ़ी दोस्त भी है पर में अपने दोस्तों मे वक़्त बिताना पसंद नहीं करता क्योंकी मेरा मिज़ाज कुछ ऐसा हे की में अकेले वक़्त गुजारना पसंद करता हूँ या किसी स्वीट…