31 दिसंबर की रात पूनम आंटी के साथ

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प्रेषक : विशाल …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम विशाल और में कोलकाता का रहने वाला हूँ। दोस्तों में एक बार फिर से आ गया हूँ अपनी एक और नयी कहानी सच्ची चुदाई की घटना लेकर। दोस्तों में 31 दिसंबर को में अपने एक दोस्त के साथ करीब 8 बजे नाईट क्लब गया हुआ था और मेरा दोस्त मोहित मेरा एक स्कूल का दोस्त है। हमारे यहाँ पर बहुत सारे बड़े बड़े नाईट क्लब है और हम दोनों दोस्त क्लब में गये और हम दोनों पार्टी कर रहे थे। फिर कुछ देर बाद मुझसे मेरे दोस्त ने डांस करने के लिए कहा, लेकिन मैंने साफ मना कर दिया। करीब 9.30 या 10 के टाईम मुझे फोन आया, में अपने दोस्त को यह बात बोलकर बाहर गया और फोन पर बात कर रहा था, वो मेरी माँ का फोन था। उन्होंने मुझसे पूछा कि तुम कितने बजे तक आ जाओगे? तो मैंने उनसे कहा कि मुझे सुबह हो जाएगी।

अब में यह बात करके थोड़ा आगे की तरफ बढ़ गया। मैंने वहां पर एक पास की दुकान पर गया और जैसे ही में पीछे मुड़ा तो मेरे सामने एक आंटी, जिनकी उम्र करीब 40 साल की होगी, उनकी 36 गांड भी बहुत बड़ी और उनकी लम्बाई कम से कम 5.8 इंच की होगी। में उनको देखकर पागल हो गया और में एक तरफ हटा और लगातार उसको ही देखता रहा। फिर करीब दस मिनट के बाद में क्लब के अंदर चला गया और दोबारा ड्रिंक करने लगा। मैंने इतना ड्रिंक किया कि पिछवाड़े का होश ही नहीं था। फिर मैंने बहुत डांस किया और उस समय करीब रात के 11 बज रहे थे। में वाईन लेकर एक सोफे पर बैठा हुआ था और म्यूज़िक का मज़ा ले रहा था, मेरा दोस्त अब तक पीकर एकदम हो गया था और क्लब में लड़कियां और आंटी को देखकर नशे में मेरा लंड गरम हो रहा था और में सोच रहा था कि काश मुझे कोई मिल जाती तो मज़ा आ जाता।

अब थोड़ी देर बाद मुझे भूख लगी तो मैंने खाना खाया और मैंने देखा कि मेरा दोस्त तो मुझसे भी ज्यादा टुन हो गया था। करीब 11.30 या 12 बज रहे थे और अब में बोर होने लगा था, इसलिए मैंने अपने दोस्त को कहा कि चल अब हम घर चलते है, लेकिन वो इतने नशे में था कि वो मुझसे कुछ भी नहीं बोल पा रहा था। मैंने क्लब में  खाने पीने के पैसे दिए और एक बआउनसर्स को बोला कि वो मेरे दोस्त को मेरी कार तक छोड़ दे। मैंने उसको 500 रूपये दिए और उन दो लोगों ने मेरे नशे में धुत दोस्त को कार के पीछे वाली सीट पर लेटा दिया। दोस्तों वो तो ऐसे मज़े से सोया था, हरामखोर जैसे कोई कुत्ता रास्ते में बिना चिंता के सोया हो। फिर मैंने कार को स्टार्ट किया और हम दोनों वहां से निकल गये। करीब पांच मिनट रास्ता बदलने के बाद मैंने देखा कि बस स्टॉप पर कोई खड़ा है। में अपनी कार को उसके पास लेकर गया और मैंने कार को उसके सामने रोकी देखा तो यह वही आंटी है, जो कुछ देर पहले मुझे दिखी थी। में अपनी कार से उतरकर बाहर आया तो मैंने उनसे कहा कि क्यों आंटी आप अभी पास वाली दुकान में थी ना? उन्होंने कहा कि हाँ, तो मैंने उनसे कहा कि आप इतनी रात को यहाँ पर अकेली क्या कर रही हो? तो उन्होंने कहा कि वो इस सेक्टर में नौकरी करती है और आज काम कुछ ज्यादा था, इसलिए वो लेट हो गई, लेकिन तुम कौन हो? मैंने कहा कि में सिनेमा के पास वाले क्लब में आया था, जो सेक्टर 5 में है। मैंने फिर से उनसे पूछा कि आप कहाँ रहती है? तो उन्होंने मुझसे कहा कि आप अपने घर पर चले जाओ। मैंने पूछा कि क्या हुआ आंटी? तो वो बोली कि कुछ नहीं बस आप अपने घर पर जाओ, में आपको अच्छी तरह से जानती भी नहीं तो में आपसे किस हिसाब से बात करूं? मैंने कहा कि हाँ यह बात तो आपकी सही है, लेकिन रात के 12 बज रहे है और एक औरत अकेली बस स्टॅंड में खड़ी है, यह बिल्कुल भी ठीक नहीं है चलो आपको जब तक कोई साधन नहीं मिलता में यहीं पर हूँ। फिर आंटी ने मुझसे कहा कि इसकी कोई ज़रूरत नहीं है, आप अपने घर पर चले जाओ। मैंने कहा कि ठीक है तो चलो में आपको भी आपके घर पर छोड़ देता हूँ। तभी उन्होंने मुझसे कहा कि इसकी कोई ज़रूरत नहीं है, में खुद ही चली जाउंगी। मैंने उनसे कहा कि ठीक है और फिर में अपनी गाड़ी में बैठने ही वाला था कि पीछे से आंटी ने कहा कि क्या आप मुझे अगले बस स्टॉप पर छोड़ दोगे? तो मैंने कहा कि हाँ आप आ जाओ, तब आंटी ने अंदर देखकर कहा कि यह पीछे कौन है? मैंने कहा कि यह मेरा दोस्त है और इसने कुछ ज्यादा पी ली है, कोई बात नहीं है आप आगे की सीट पर बैठ जाओ और फिर आंटी आगे बैठ गयी। करीब पांच या दस मिनट के बाद एक बस स्टॉप आ गया और वहां पर आंटी ने रुकने के लिए बोला और में रुक गया। आंटी ने मुझसे कहा कि बस यहीं पर रोक दो, आंटी ने नीचे उतरकर मुझसे धन्यवाद कहा और में भी उनके पीछे उतरा। तब मैंने देखा कि पिछले बस स्टॉप से यह ज्यादा सुनसान लग रहा था, उस पर कोई लाईट भी नहीं थी और ना कोई साधन था। मैंने उनसे कहा कि यहाँ पर इतने रात को कोई साधन नहीं मिलेगा, चलो में आपको आपके घर पर छोड़ देता हूँ।

फिर आंटी ने कहा कि नहीं मुझे यहाँ से कोई ना कोई साधन जरुर मिल ही जाएगा। में कार में बैठने वाला था कि तभी दो तीन बाईक पर पुलिस वाले आए और उन्होंने आंटी से कहा कि यहाँ इतनी रात को क्या हो रहा है? उन्होंने आंटी को गलत समझा तो में कार से उतरा और मैंने उनसे कहा कि नहीं सर में आंटी को यहाँ पर छोड़ने आया हूँ, आंटी इस सेक्टर में नौकरी करती है, इसलिए वो लेट हो गई है। फिर पुलिस ने आंटी का आईडी चेक किया और वो चले गये। उनके जाने के बाद मैंने कहा कि अब आंटी आप क्या करोगी? तो आंटी ने मुझसे सॉरी कहा और फिर उन्होंने मुझसे बोला कि चलो तुम ही मुझे मेरे घर पर छोड़ दो। फिर मैंने पूछा कि आपका घर कहाँ है? उन्होंने कहा राजरहात तो मैंने कहा कि ठीक है चलो फिर हम चलने लगे और आंटी से बात हुई तो मैंने उनसे पूछा कि आपके घर पर कौन कौन है? तो आंटी ने कहा कि मेरा बेटा जो दिल्ली में नौकरी करता है, मेरे पति आर्मी में है और वो इस समय जयपुर में रहते है और में घर पर अकेली बोर होती हूँ, इसलिए में नौकरी करती हूँ। फिर मैंने उनसे पूछा कि आंटी आपका नाम क्या है तो आंटी हंसी और उन्होंने कहा कि पूनम कपूर। मैंने पूछा क्या आप पंजाबी हो? तो उन्होंने कहा कि हाँ फिर हम बातें करते करते उनके घर पर पहुंच गये। मैंने देखा कि उनका फ्लेट 7th मंजिल पर था, आंटी ने नीचे उतरकर मुझसे धन्यवाद कहा और मुझसे पूछा कि तुम्हारा क्या नाम है?

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फिर मैंने कहा कि विशाल उन्होंने थोड़ी देर मुझे देखा और फिर मुझसे कहा कि चलो विशाल मेरे साथ ऊपर मेरे घर पर तुम बैठकर कॉफी पी लेना। फिर मैंने कहा कि नहीं, धन्यवाद। उन्होंने कहा कि तुमने एक अंजान होकर भी मुझे घर तक छोड़ा और अब क्या में तुम्हें एक कॉफी भी नहीं पिला सकती? तो मैंने कहा कि हाँ ठीक है। मैंने अपने दोस्त को कार के अंदर ही छोड़ दिया और एक तरफ के कांच को हल्का सा खोल दिया, ताकि वो साँस ले सके। उसके बाद में आंटी के साथ उनके घर पर ऊपर गया और आंटी ने दरवाजा खोला और फिर मुझसे कहा कि तुम बैठो सोफे पर में अभी आती हूँ। अब में उनके कहने पर वहीं पर बैठ गया। कुछ देर बाद आंटी हम दोनों के लिए दो कॉफी बनाकर ले आई और हम लोगों ने साथ में बैठकर कॉफी के मज़े लिए। फिर कॉफी खत्म होने के थोड़ी देर बाद आंटी मुझसे बोली कि में अभी आती हूँ तुम बैठो। अब में बैठकर रूम के चारो तरफ देख रहा था। तभी कुछ देर बाद मुझे ज़ोर की सूसू आई। में उठा और एक दरवाजे को वाशरूम समझकर मैंने उसको खोल दिया। तभी जो मैंने देखा उसको देखकर में बहुत चकित हुआ, क्योंकि ऊूउउफफफ्फ़ आंटी पूरी नंगी थी, उनकी कमर और क्या मस्त बड़ी गांड मुझे दिख रही थी। मेरा लंड वो सब देखकर तनकर खड़ा हो गया और में उस समय नशे में था, इसलिए मुझे किसी बात का कोई भी डर नहीं था और अब में बिना कुछ सोचे समझे दौड़कर गया और मैंने आंटी को ज़ोर से पीछे से पकड़ लिया और में उनको गर्दन पर चूमने लगा और अपने दोनों हाथों से उनके बड़े आकार के बूब्स को निचोड़ने लगा। तभी आंटी बोली कि विशाल तुम यह क्या कर रहे हो? छोड़ो मुझे प्लीज छोड़ो, जल्दी छोड़ो में कहती हूँ तुम का पागल हो गए हो, आह्ह्ह्ह मुझे बहुत दर्द हो रहा है छोड़ दो मुझे यह कैसा मजाक है। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

दोस्तों में अब भी पागल की तरह ज़ोर ज़ोर से चूम रहा था और मुझे उनकी किसी भी बात से कोई मतलब नहीं था और अब में उनके दोनों बूब्स को ज़ोर ज़ोर से दबा रहा था और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। फिर तभी आंटी बोली कि विशाल छोड़ो मुझे, लेकिन में सुनने वाला नहीं था और आंटी ज़ोर से चिल्लाने लगी बचाओ बचाओ उफ्फ्फ़ आह्हह बचाओ वो इतना ज़ोर से चिल्ला रही थी कि उनकी आवाज को सुनकर कोई भी आ जाएगा इसलिए में दौड़कर गया और मैंने रूम का दरवाजा बंद किया, तो आंटी चिल्लाने लगी साले सुअर मैंने तुझ पर भरोसा करके घर पर बुलाया और तू मेरे साथ यह सब करने लगा, चल बाहर निकल बहनचोद मेरे घर से, हरामखोर कुत्ता साला। दोस्तों उनके मुहं से यह शब्द सुनते ही मुझे जोश आ गया और मैंने जल्दी से अपने पूरे कपड़े उतारकर में नंगा हो गया, लेकिन में अब भी अंडरवियर में था। तभी आंटी मुझे अपनी फटी हुई आखों से देखने लगी और वो मुझसे बोली यह सब क्या है? चल अब तू बाहर निकल जा मेरे घर से, में तुझे क्या समझी, लेकिन तू क्या निकला?

अब में दौड़कर गया और मैंने आंटी को एक ज़ोर का थप्पड़ मार दिया जिसकी वजह से आंटी कांप गई और मैंने उनको बिस्तर पर पटका और फिर अपना लंड अंडरवियर से बाहर निकालकर मैंने उनकी बालों से भरी हुई चूत में अपना डालने लगा था, लेकिन लंड अंदर नहीं जा रहा था क्योंकि उनकी चूत बहुत टाइट थी और आंटी चिल्लाने लगी। मैंने जल्दी से अपनी दो उँगलियों को उनकी चूत में डालकर हिलाने लगा और उनके मुहं पर मैंने अपना एक हाथ रख दिया। फिर करीब 20 या 25 मिनट के बाद मैंने महसूस किया कि आंटी की चूत बहुत गीली हो चुकी थी और साथ में मेरी ऊँगली भी पूरी चूतरस से गीली हो गई थी। मैंने अब ज्यादा देर नहीं की और मैंने अपना लंड एक झटका देकर चूत में घुसा दिया और मेरा लंड चूत के अंदर फिसल गया। दोस्तों अभी मेरा आधा ही लंड आंटी की चूत के अंदर घुसा था कि आंटी फिर से ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगी कोई बचाओ मुझे और ज़ोर ज़ोर से रोने लगी। फिर मैंने एक और ज़ोर का झटका मारा और मेरा लंड झट से पूरा अंदर घुस गया। मैंने देखा कि आंटी की चूत से खून भी निकल रहा था, लेकिन में नशे में था इसलिए मैंने अनदेखा किया और मैंने ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चोदना चालू किया और मैंने उनके होंठो पर अपने होंठो को रखकर बहुत ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा। मुझे अब सूसू भी आई थी तो मैंने सोचा कि अगर में उनको छोड़कर जाऊंगा तो यह भाग जाएगी इसलिए मैंने अपने लंड को उनकी चूत से वहीं पर बाहर निकाल लिया और फिर मैंने उनकी चूत पर मूत दिया, वो रोए जा रही थी और बोल रही थी कि तू अब सीधा जेल में जाएगा, में तुझे ऐसे नहीं छोडूंगी, तूने मेरी इज्जत खराब कर दी है मादरचोद भड़ावा। दोस्तों उनके मुहं से यह बात सुनते ही मेरा लंड खड़ा होने लगा मैंने उनकी चूत फैलाई और ज़ोर से एक धक्का मार दिया, जिसकी वजह से मेरा आधा लंड अंदर चला गया और उसके बाद ज़ोर से दूसरा धक्के दे दिया पूरा लंड अंदर चला गया और अब में जबरदस्त चुदाई कर रहा था तभी मैंने थोड़ी देर बाद गौर किया कि आंटी अब थोड़ा सा शांत हुई और वो भी मेरा साथ देने लगी थी। उनकी यह चुदाई करीब एक घंटे तक चली और आंटी की चूत से ज्वाला निकल रही थी और वो एक बार झड़ चुकी थी और अब वो मुझसे बोली ओह्ह्ह्ह आह्ह्हह्ह विशाल तुम बहुत अच्छे हो, में तुमसे बहुत प्यार करती हूँ और तुम बहुत अच्छी चुदाई करते हो। में बहुत दिनों से तरस रही थी और तुमने मुझे आज पूरी तरह से संतुष्ट कर दिया है, वाह बेबी मज़ा आ गया हाँ और ज़ोर से धक्का देकर चोदो मुझे उफ्फ्फफ्फ्फ़ हाँ और तेज मज़ा आ गया। दोस्तों कुछ देर धक्के देने के बाद अब मेरा झड़ने वाला था, इसलिए मैंने उनसे कहा कि आंटी आह्ह्ह्ह अब में गया और लगातार धक्के देकर मैंने आंटी की चूत के अंदर अपना पूरा वीर्य निकाल दिया। मेरा कितना माल निकला दोस्तों में क्या बताऊँ? में धक्के दे देकर अब बहुत थक गया था और मैंने आंटी को गले से लगा लिया और लेट गया। फिर लेटने के बाद मुझे पता नहीं चला कब में गहरी नींद में सो गया।

फिर करीब तीन बजे मेरी नींद खुली मैंने देखा कि मेरे पास आंटी भी सो रही थी मैंने उनको उठाया और कहा कि आंटी में अब चलता हूँ तीन बज गए है और अब तक मेरा दोस्त भी उठ गया होगा। फिर आंटी ने कहा कि तुम मुझे एक बार और चोदो तो उनके कहने पर मैंने आंटी को एक बार और चोदा और इस बार मैंने उनकी गांड में थूक लगाकर अपना लंड डाल दिया और करीब 20 से 25 मिनट तक मैंने उनको बहुत जमकर चोदा। उसके बाद मेरा वीर्य निकल गया और में थककर फिर से लेट गया। दोस्तों तब तक पांच बज गए और फिर आंटी उठी उन्होंने चाय बनाई। फिर मैंने और आंटी ने साथ बैठकर चाय पी और एक दूसरे को बहुत किस किए और एक दूसरे से अपना मोबाईल नंबर ले लिया। फिर में जाने लगा तभी आंटी ने मुझसे हंसकर कहा कि तुम परसो एक बार फिर से आ जाना। में उनकी बात सुनकर उनकी तरफ हंसा और वहां से निकल पड़ा। फिर में कार के पास गया और मैंने देखा कि मेरा दोस्त अभी तक सो रहा है और उस साले मादरचोद ने अपनी पैंट में ही मूत दिया था। मैंने कार को स्टार्ट किया और थोड़ा धीरे धीरे चलने लगा कि कहीं वो उठ ना जाए, लेकिन तभी आंटी का मेरे मोबाईल पर मैसेज आया जिसमे लिखा था कि तुम बहुत अच्छे हो और में तुमसे बहुत प्यार करती हूँ। फिर में कुछ दूरी तक ही चला था कि मेरा दोस्त उठ गया वो मुझसे बोला कि भाई हम लोग कहाँ है? मैंने कहा कि हम घर पर जा रहे है और अभी हम एरपोर्ट के पास पहुंचे है। फिर उसने पूछा कि क्लब कितने बजे बंद हुआ था मैंने कहा कि पांच बजे। मैंने उससे कहा कि तूने इतनी ज्यादा पी रखी थी कि मैंने तुझे दो बजे कार में सुला दिया था, जिससे तेरी नींद पूरी हो जाए। फिर उसने मुझसे धन्यवाद के साथ साथ कहा कि भाई तू मेरा सबसे सच्चा दोस्त है और तभी मैंने मन ही मन सोचा कि बेटा तुझे क्या पता में अभी मजा करके आ रहा हूँ और मैंने आंटी को चोदकर उनके साथ चुदाई के कितने मज़े लिए। अब वो मुझसे दोबारा भी चुदवाने को तैयार है और में उनको जरुर चोदूंगा ।।

धन्यवाद …

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