40 साल की नर्स की चुदाई – 2

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प्रेषक : रोकी ..

“40 साल की नर्स की चुदाई – 1” से आगे की कहानी …

दोस्तों मेरे ऑफिस में काम के कारण में लेट हो गया तो इस बीच सविता ने मुझे 6 बार कॉल किया। फिर जाकर 1.30 बजे मेरा काम खत्म हुआ और में तुरंत ही उसके घर के लिए निकल गया और मैंने खाना भी नहीं खाया था। फिर उसके घर पहुँचते ही मैंने दरवाजे की घंटी बजाई तो सविता की नौकरानी ने दरवाज़ा खोला और मुझे देखते ही सविता ने उस नौकरानी को घर जाने के लिए कह दिया। नौकरानी के जाने के बाद वो मेरे गले लग गयी और मुझे कसकर पकड़ लिया। मैंने भी उसे बाहों में ले लिया और एक ज़ोरदार किस किया.. मैंने कहा कि क्या तुमने खाना खा लिया? तो उसने कहा कि में तुम्हे छोड़कर कैसे खा सकती हूँ। फिर मैंने कहा कि तुम्हे कैसे पता कि मैंने खाना नहीं खाया? तो उसने कहा कि ऑफिस में काम के कारण तुम्हे देर हो गयी है तो मुझे पता था कि तुम बिना खाना खाए यहाँ आओगे। फिर मैंने कहा कि जान में थोड़ा फ्रेश होना चाहता हूँ.. तो उसने मुझे टावल लाकर दिया और में बाथरूम में जाकर फ्रेश होकर आ गया और उसके बाद हम दोनों ने एक साथ बैठकर खाना खाया और एक दूसरे को खिलाते रहे। फिर उसने मुझे अपने बेटे का नाईट सूट पहनने के लिए दिया। फिर खाना खाने के बाद सविता ने कहा कि जानू तुम बेडरूम में जाओ में अभी आती हूँ। तो में बेडरूम में जाकर टीवी चालू करके बैठ गया और फिर 15 मिनट बाद सविता आई और उसे देखकर मेरी आंखे फटी की फटी रह गयी। उसने लाल कलर का नाईट गाऊन पहन रखा था और उसने बाल खुले रखे थे.. जिसमे वो ग़ज़ब ढा रही थी। फिर में खड़ा हो गया और उसे गोद में उठाकर बेड पर लेटा दिया और खुद भी लेट गया.. वो मेरे ऊपर आ गई और में उसके मुहं में अपनी जीभ डालकर किस करने लगा। वो भी पागलों की तरह मुझे किस करने लगी और उसने मेरा नाईट सूट खोल दिया तो में नंगा हो गया। फिर मैंने उसे बेड पर लेटाकर गाऊन के ऊपर का बटन खोल दिया। उसने अंदर काले कलर की ब्रा पहनी हुई थी। मैंने झट से पीछे हाथ डालकर ब्रा का हुक खोल दिया और उसकी बड़ी बड़ी चूचियों को आज़ाद कर दिया और उसकी चूचियों को देखकर में अपने आपको रोक नहीं पाया और उस पर टूट पड़ा और मैंने एक बूब्स को मुहं में भर लिया और दूसरे को हाथ से दबाने लगा। वो मेरे बालों पर हाथ फैरने लगी और मुहं से आह्ह्ह की आवाज़ निकालने लगी।

फिर बूब्स को चूसते चूसते मैंने गाऊन के सारे बटन को खोल दिये और हाथ चूत की तरफ बढ़ने लगा। उसने अंदर काले कलर का पेंटी पहन रखी थी जो कि चूत रस से गीली हो चुकी थी। फिर में बूब्स को चूसते चूसते नाभि के छेद में जीभ घुमाने लगा और फिर मैंने उसकी पेंटी को भी उतार फेंका और अब वो भी मेरे सामने बिल्कुल नंगी थी और उसकी चूत काले काले बालों से ढकी हुई थी.. लेकिन मुझे चूत पर ज्यादा बाल अच्छे नहीं लगते है। फिर भी मैंने उससे कहा कि स्वीट हार्ट क्या तुम अपनी चूत के बालों को साफ नहीं करती? तो उसने कहा कि किसके लिए साफ करूं.. लेकिन आज के बाद तुम कहोगे तो साफ करूँगी। तो मैंने कहा कि नहीं नहीं पूरे साफ नहीं करना सिर्फ़ केँची से थोड़ा थोड़ा सा काट लेना। फिर में उसके पैरों के बीच में बैठ गया तो उसने अपने पैरों को फैला दिया। फिर चूत के बालों को हटाते हुए मैंने उसकी चूत का मुहं खोला तो चूत अंदर से गुलाब की पंखुड़ियों की तरह दिख रही थी और चूत से थोड़ा थोड़ा पानी टपक रहा था।

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फिर में अपने आपको नहीं रोक सका और झट से चूत को चाटने लगा और ऐसा करने से सविता के मुहं से ओहमाआआ ष्हअहह मेरी चूत में तो आग सी लग गई है.. प्लीज जल्दी से इसे बुझा दो। वो नागिन की तरह बिस्तर पर बलखाने लगी और में ज़ोर ज़ोर से चूत में जीभ डालकर अंदर बाहर करने लगा और साथ ही साथ ऊपर हाथ ले जाकर दोनों चूचियों के निप्पल को उंगली से मसलने लगा.. उसके मुहं से ओहईईईई तुम क्या कर रहे हो और देर मत करो.. मेरे बदन में आग लग गयी है और वो मेरे सर को अपनी चूत में ज़ोर ज़ोर से दबाने लगी और चीख चीखकर झड़ गयी। तभी उसकी चूत से पानी का सेलाब फूट पड़ा और सारा पानी मेरे मुहं में भर गया और सारा पानी निकलने के बाद में उसके ऊपर आ गया और अपने मुहं में भरे पानी को उसके मुहं के अंदर डालकर हम दोनों ही मज़े से पी गये। फिर में बेड पर लेट गया तो सविता उठकर नीचे सरक गयी और मेरे लंड को चूसने लगी और में उसकी गांड को सहलाने लगा और उसने बहुत अच्छे से मेरे लंड को चूस चूसकर लोहे की रोड बना दिया। फिर उसके बाद मैंने उसे बेड पर लेटाकर उसके दोनों पैरों को खोल दिया.. फिर एक हाथ से लंड को पकड़ा और दूसरे हाथ से चूत का मुहं खोलकर लंड को उसमे घुसाने लगा और मैंने एक जोर का धक्का मारकर आधा लंड घुसा दिया तो सविता कहने लगी कि ज़रा धीरे धीरे डालो बहुत दर्द हो रहा है उई माँ। फिर मैंने थोड़ा रुककर एक और जोर का धक्का मारकर पूरा लंड चूत में जड़ तक घुसा दिया। तो वो अब थोड़ा और ज़्यादा तड़पने लगी.. अहह उहहमा में मरी मेरी चूत तो फट गई बहुत दर्द हो रहा है और में उसके मुहं पर किस करते हुए उसे ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा। तो वो अपने पैर बेड पर पटकने लगी और दोनों हाथों से मेरी पीठ पर नाख़ून गड़ाने लगी। इस दौरान कुछ देर बाद ही वो चिल्ला चिल्लाकर झड़ गयी.. लेकिन मैंने उसे चोदना बंद नहीं किया और कुछ देर बाद वो भी अपनी गांड उछाल उछालकर मेरे साथ चुदवाने लगी.. उसकी चूत ज़्यादा तो नहीं.. लेकिन थोड़ी टाईट जरुर थी और इसलिए मुझे चोदने में बहुत मज़ा आ रहा था.. लेकिन उसकी चूत बहुत गरम थी और मेरे लंड को तो ऐसा लग रहा था कि वो किसी गरम पानी में हो। फिर वो बहुत जल्दी जल्दी झड़ रही थी शायद इतने दिनों से नहीं चुदवाया था इसीलिए.. मैंने उसे बेड पर उल्टा लेटा दिया और उससे कहा कि गांड को फैलकर पकड़े और मैंने लंड पर थूक लगाया और उसकी गांड में घुसाने लगा.. लेकिन गांड का छेद बहुत टाईट था तो लंड बार बार फिसल जाता था। मैंने उससे पूछा कि तेल की शीशी कहाँ है? उसने ड्रेसिंग टेबल की तरफ इशारा किया और मैंने बहुत सारा तेल उसकी गांड में डाल दिया और मेरे लंड को भी अच्छे से तेल से लथपथ कर दिया और उसके बाद में गांड में लंड घुसाने लगा।

तो तेल के कारण एक ही झटके में पूरा लंड जड़ तक गांड में घुस गया और सविता चिल्लाने लगी.. उई माँ बहुत दर्द हो रहा है.. आहह बाहर निकालो जल्दी.. मेरी गांड फट गई.. ओह भगवान मुझे बचाओ प्लीज। मैंने उसकी एक नहीं सुनी और ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा और आगे से मैंने उसके मुहं में एक उंगली डाल दी जिसको वो चूस रही थी और में उसके चूतड़ पर थप्पड़ मार मारकर चोद रहा था। फिर कुछ देर बाद वो शांत हुई और मेरे लंड को बड़े मज़े से गांड में लेने लगी। फिर मैंने बेड से उतरकर उसे नीचे खड़ा करके ड्रेसिंग टेबल के आगे झुका दिया और पीछे से गांड में लंड डालकर चोदने लगा और उसके बड़े बड़े बूब्स को दोनों हाथों से पकड़ कर तेज़ तेज़ झटके मार रहा था। सामने आईने में उसके चेहरे का हाव भाव दिख रहा था और चोदते वक़्त उसके दोनों बूब्स आम की तरह हिल रहे थे जो मुझे आईने में साफ साफ दिखाई दे रहे थे। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर ऐसे कुछ देर चोदने के बाद सविता थक गयी तो मैंने उसे फिर से बेड के ऊपर लेटा दिया और मैंने दोनों पैरों को अपने कंधे पर रखकर चूत में लंड घुसाया और चोदने लगा और जब मुझे महसूस हुआ कि में झड़ने वाला हूँ तो में उसके ऊपर गिर गया और आँखों में आँखें डालकर ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा। चूत से फच फच पच पूच की आवाजें निकल रही थी.. जो पूरे कमरे में गूँज रही थी। मैंने उसके दोनों बूब्स को चूस चूसकर सूज़ा दिया था और में होंठो को किस करते करते चोद रहा था। फिर मैंने उससे पूछा कि डार्लिंग मेरा निकलने वाला है कहाँ लेना चाहोगी? तो उसने कहा कि चूत में ही गिरा दो और फिर 30-35 झटके मारने के बाद हम दोनों एक साथ ही झड़ गये और झड़ते वक़्त दोनों के मुहं से आहह उहह की आवाज़े निकल रही थी। वीर्य की आखरी बूँद गिरने तक में उसे चोदता रहा। फिर लंड को बाहर निकाला तो फक की आवाज़ के साथ चूत से लंड निकल गया और साथ ही साथ वीर्य चूत के रस के साथ बाहर निकलने लगा और उसके बार बार झड़ने की वजह से पूरा बेड गीला हो गया था। में उसकी साईड में लेट गया और मैंने उसे अपनी बाहों में भर लिया। मैंने उससे पूछा कि जान क्या तुमने ऑपरेशन करवा लिया है? तो उसने कहा कि नहीं अभी तक नहीं करवाया।

फिर मैंने कहा कि तो तुमने मुझे अपनी चूत में लंड का पानी छोड़ने के लिए क्यों कहा? यह बहुत रिस्की हो सकता है और इस कारण तुम प्रेग्नेंट भी हो सकती हो। इस पर सविता ने कहा कि उसकी चिंता तुम मत करो.. में एक नर्स हूँ और मुझे पता है कि अब क्या करना है? सच कहूँ तो अभी में दिल से चाहती हूँ कि में तुम्हारे बच्चे की माँ बनूँ.. क्योंकि एक ना एक दिन तुम मुझे छोड़कर चले जाओगे तो मेरे पास हमारे प्यार की निशानी के तौर पर कुछ तो हो। मैंने कहा कि यह तो संभव नहीं है.. क्योंकि हम लोगों को क्या कहेंगे और तुम्हारे बेटे को क्या जबाब देंगे? नहीं तो मुझे इसमें कोई प्राब्लम नहीं है। फिर उसने कहा कि देखते है इसके बारे में बाद में बात करेंगे और उसके बाद मैंने उसे बाँहों में कसकर पकड़ लिया। फिर सविता ने कहा कि आज जाकर मेरा जीवन सफल हुआ और में पूरी तरह से एक औरत बनी हूँ.. नहीं तो मेरा पति हमेशा मुझे ज़बरदस्ती चोदता था.. जिस कारण में चुदवाने से बहुत डरती थी.. लेकिन आज पता चला कि शादी का असली मज़ा क्या होता है और आज तुमने मुझे वो ख़ुशी दी है में जिसके बारे में सिर्फ़ अपनी सहेलियों से सुना करती थी। में तुमसे बहुत प्यार करती हूँ.. आज के बाद मुझे कभी छोड़कर मत जाना वर्ना में तुम्हारे बिना जी नहीं पाउँगी। अब तो मेरा बेटा भी यहाँ नहीं है तुम आज से मेरे साथ रहना प्लीज़ और पहले मिले होते तो में तुम से शादी कर लेती.. लेकिन आज में मजबूर हूँ। इतने बड़े बेटे की माँ होने के कारण ऐसा भी नहीं कर सकती.. लेकिन में तुम्हे पत्नी का हर सुख दूंगी.. बाहर वालोँ के लिए हम दोनों अंजन है.. लेकिन घर में तुम मेरे पति हो और में तुम्हारी पत्नी और आज से मेरे हर अंग पर तुम्हारा हक है.. तुम जैसे चाहो जब चाहो मुझे ईस्तमाल कर सकते हो और में कभी कुछ नहीं कहूँगी.. लेकिन प्लीज़ मुझे छोड़कर मत जाना।

फिर मैंने उसके हाथ को चूमते हुए कहा कि डार्लिंग में भी तुम्हे कभी निराश नहीं करूँगा और तुम्हारी हर ज़रूरतों को पूरा करूँगा.. लेकिन में हमेशा के लिए तुम्हारे साथ नहीं रह सकता हूँ.. लेकिन तुम्हे जब भी मेरी ज़रूरत होगी में हाज़िर हो जाऊंगा और इस अंजान शहर में आज पहली बार मुझे भी कोई अपना समझने वाली मिली है.. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि में तुम्हे छोड़ दूँगा.. अभी एक महीने तक में तुम्हारे साथ ही रहूँगा और तुम्हे पति का पूरा प्यार दूँगा। दो दिन बाद दादाजी का हॉस्पिटल से डिसचार्ज हो जाएगा। उसके अगले दिन ही तुम एक हफ्ते की छुट्टी ले लेना हम दोनों एक साथ बाहर घूमने जाएँगे तुम इसे हमारा हनिमून समझ लेना। तो यह बात सुनकर सविता बहुत खुश हो गयी और उसके बाद हम दोनों बाथरूम में फ्रेश होने के लिए गए और वहाँ पर मैंने फिर एक बार उसे जमकर चोदा। फिर दो दिन बाद हम दोनों शिमला के लिए निकल गये। वहाँ पर हमने 6 दिन गुज़ारे और उस दौरान मैंने सविता को दिन रात चोदा और शिमला के ठंडे मौसम में हमने बहुत मस्ती की और 6 दिन के बाद हम वापस आ गये.. लेकिन आने के बाद भी 20-25 दिनों तक हम दोनों साथ साथ रहे।

फिर उसके बाद में छुट्टियों पर सविता के साथ ही रहता था.. कभी कभी तो वो मेरे साथ मेरे घर में रहती थी और अब तो में रोज़ उसे चोदने लगा और हम दोनों मस्ती करने लगे और यह सब ढाई साल तक चलता रहा क्योंकि उसके बाद रोहन को एक अच्छी नौकरी मिल गयी तो वो सविता की नौकरी छुड़ाकर अपने साथ ले गया। उस दिन के बाद हमारा मिलना बंद हो गया। आज भी सविता यादों के रूप में मेरे दिल में बसी हुई है ।।

धन्यवाद …

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