अमेरिका में देसी लड़की की सील तोड़ी

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प्रेषक : जीतू …

हैल्लो दोस्तों, यह मेरी कामुकता डॉट कॉम पर पहली स्टोरी है। में 7 साल से अमेरिका में रह रहा हूँ, मेरा नाम जीतू है, में पंजाबी मुंडा हूँ और मेरी हाईट 5 फुट 9 इंच है। अब में आपका समय ख़राब नहीं करते हुए सीधा अपनी स्टोरी पर आता हूँ। जैसे कि मैंने आपको बताया कि में 7 साल से अमेरिका में रहता हूँ। फिर भी में अमेरिकन लोगों की तरह खुला नहीं हूँ। यह आज से 1 साल पहले की बात है जब में 12वीं क्लास में था। मेरे साथ एक इंडियन लड़की पढ़ती थी, उसका नाम प्रिया था, उसका फिगर सामान्य था। उसकी हाईट 5 फुट 4 इंच थी और वो बहुत सेक्सी थी। प्रिया चंडीगढ़ की रहने वाली थी और अमेरिका में नयी-नयी आई थी तो इसलिए उसकी इंग्लिश अच्छी नहीं थी। हमारी सभी क्लास एक साथ थी, लेकिन उसने कभी भी मुझसे बात नहीं की थी।

फिर एक दिन हम लोग केमिस्ट्री की क्लास में बैठे थे, तो एक चाइनीज लड़के ने उसे इंडियन होर कहा और उसकी बेज्जती की। फिर तब प्रिया को इतना समझ में नहीं आया, लेकिन मैंने उठकर उस चाइनीज को पकड़ा और सर के पास ले गया, तो सर ने उसे एक हफ्ते के लिए सस्पेंड कर दिया, तो प्रिया बहुत खुश हुई। अब मुझे भी एक इंडियन लड़की की मदद करके बड़ा अच्छा लगा था। फिर उस दिन के बाद से उसने मेरे पास बैठना शुरू कर दिया और मेरे साथ बातचीत करना शुरू कर दिया। अब हम धीरे-धीरे बहुत ही अच्छे फ्रेंड बन गये थे। अब किसी भी चीज में कोई मदद चाहिए होती तो वो मुझे कॉल कर लेती थी, तो में उसकी मदद कर देता था। मैंने कभी भी प्रिया को गलत नजर से नहीं देखा था और में उसके बारे में भी यही सोचता था कि वो भी मुझे सिर्फ़ एक अच्छा दोस्त समझती है।

फिर एक दिन उसने मुझे कॉल किया और बोली कि जीतू मुझे लर्नर पर्मिट के लिए टेस्ट देने जाना है (अमेरिका में ड्राइविंग लाइसेन्स लेने से पहले लर्नर पर्मिट के लिए रिर्टन टेस्ट देना पड़ता है) तो मैंने उससे बोला कि नो प्रोब्लम और फिर में अपनी कार लेकर उसे लेने चला गया। फिर जब में उसके घर पहुँचा, तो आंटी यानि उसकी माता जी ने मुझे चाय पिलाई और प्रिया को आशीर्वाद दिया (प्रिया की मम्मी थोड़े पुराने ख्यालों वाली औरत है) फिर हम लोग घर से निकले और कार में बैठ गये। अब रास्ते में प्रिया अपने टेस्ट के लिए रिव्यू कर रही थी, तो अचानक से एक गाड़ी वाले ने जो हमारे सामने जा रहा था ब्रेक लगा दी और हमारी गाड़ी का एक्सिडेंट होने से बाल बाल बच गयी। फिर मैंने बाहर निकलकर दनादन उसे गालियाँ दी मदरफुक्कर, इडियट, लेकिन वो कमीना भाग गया था। फिर जब में वापस से कार में बैठा तो प्रिया मुझसे पूछने लगी कि यह मदरफुक्कर क्या होता है? तो मेरा मुँह बंद हो गया और सोचने लगा कि अब इसको क्या कहूँ?

तो वो ज़िद करने लगी की जीतू बताओ वरना में टेस्ट में अच्छा नहीं करूँगी। तो मैंने कहा कि इसका मतलब होता है मादरचोद। तो वो बोली कि यह मादरचोद क्या होता है? तो में सोचने लगा कि साली कितना सिर खा रही है? तो मैंने कहा कि यह गंदी बातें है, तुम नहीं समझोगी। तो वो कहने लगी कि हाँ-हाँ में क्यों समझूंगी? मुझे कौन है जो समझाएगा? तो मुझे बुरा लगा तो मैंने उससे बोला कि ज़्यादा नौटंकी मत करो और चुपचाप बैठो। फिर थोड़ा आगे जाकर पता नहीं प्रिया के दिमाग़ में क्या आया? वो कहने लगी कि जीत सच बताना कि में तुम्हें कैसी लगती हूँ? तो मैंने कहा कि तुम मेरी सबसे अच्छी दोस्त हो। तो वो कहने लगी कि प्यार का पहला स्टेप दोस्ती होता है और में दोस्ती वाला स्टेप पीछे छोड़ना चाहती हूँ और प्यार वाले स्टेप पर पैर रखना चाहती हूँ। अब में हैरान सा हो गया और सोचने लगा था। तो प्रिया बोली कि मुझे अपनी दोस्ती की खातिर हाँ मत कहना और घर जाकर सोचना और मुझे बताना, तो मैंने कहा कि ठीक है।

फिर उस दिन से प्रिया के लिए मेरे मन में विचार एकदम बदल गये। अब धीरे-धीरे में भी उसके प्यार में पड़ने लगा था और फिर एक दिन मैंने उसे फोन किया और बोला कि प्रिया तुम्हारी तरह में भी दोस्ती वाला स्टेप पीछे छोड़ना चाहता हूँ और प्यार वाले स्टेप पर चढ़ना चाहता हूँ। तो प्रिया बहुत खुश हो गयी और फिर हमने काफ़ी देर तक बातें की और फोन काटने के टाईम प्रिया ने मुझसे बोला कि आई लव यू। तो मेरी आवाज़ काँपने लगी, लेकिन मैंने भी संभलते हुए बोल दिया कि आई लव यू टू प्रिया और फोन रख दिया। दोस्तो किसी लड़की को आई लव यू बोलने का यह मेरा पहला अनुभव था। फिर अगले दिन हम लोग स्कूल गये, तो प्रिया ने भागकर मुझे हग किया और एक लंबा किस किया और कहने लगी कि जीतू में तो पहले दिन से तुम्हारी बन गयी थी, एक तुम ही थे जो दोस्ती की माला जपते रहते थे। फिर में कुछ नहीं बोला और उसे किस किया और फिर हम क्लास में चले गये।

अब प्रिया बहुत ज़्यादा खुश रहने लगी थी, मानो उसे पर लग गये हो। अब में भी बहुत खुश था क्योंकि प्रिया बहुत खूबसूरत थी। अब काफ़ी दिन गुजर गये थे। फिर एक दिन प्रिया ने बोला कि चलो स्कूल छोड़कर मूवी देखने चलते है, तो मैंने बोला कि ओके और फिर में अपने घर से अपनी गाड़ी ले आया और हम दोनों मूवी देखने चले गये। अब रास्ते में जब भी हम स्टॉप सिग्नल पर रुकते, तो प्रिया मुझे कसकर पकड़ती और किस करने लगती। अब यह करते-करते हम लोग मूवी थियेटर पहुँच गये थे। फिर हमने अमेरिकन पार्ट-4 मूवी देखना डिसाइड किया, जो कि बहुत सेक्सी मूवी थी। अब हम लोग मूवी देखने बैठ गये थे। फिर थोड़ी देर के बाद उस मूवी में एक सीन आया, जब लड़का लड़की के बूब्स दबाता है। तो प्रिया यह देखकर गर्म हो गयी और मेरा हाथ पकड़कर अपने बूब्स पर रख दिया और मेरे कान में बोली कि जीतू अब कंट्रोल नहीं होता है, जानू अब मेरी आग बुझाओ ना। फिर में उसका बूब्स दबाने लगा, अब में भी बहुत गर्म हो गया था। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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फिर मैंने प्रिया के कान में कहा कि प्रिया यह मूवी छोड़ो, हम खुद कुछ करते है। फिर प्रिया बोली कि हाए मेरे राजा, ये कही ना मेरे दिल की बात और फिर हम लोग मूवी के बीच में ही उठकर बाहर आ गये। फिर मैंने बाहर आकर देखा तो प्रिया का रंग एकदम लाल हो गया था। फिर मैंने कहा कि जानू कहाँ चलने का इरादा है? तो वो बोली कि कहीं भी ले चलो। फिर मैंने होटल में जाने का डिसाइड किया और हम पास वाले होटल में चले गये। अब रूम में पहुँचकर प्रिया कंबल लेकर बेड पर लेट गयी थी और में भी अपने जूत्ते उतारकर कंबल में घुस गया था। अब हम लोग ज़ोर-ज़ोर से किस करने लगे थे। अब प्रिया बहुत ही ज़्यादा उत्तेजित हो गयी थी। फिर करीब 10 मिनट तक किस करने के बाद में प्रिया की टी- शर्ट उतारने लगा, तो प्रिया बोली कि नहीं, तो मैंने बोला कि आग तो ऐसे ही बुझेगी। तो वो हंस पड़ी और बोली कि में मज़ाक कर रही हूँ। आज तो बस पूरी तरह से तुम्हारी बनना है। फिर में बहुत खुश हुआ और उसकी टी-शर्ट और ब्रा उतार दी, ओह माई गॉड अब उसके छोटे-छोटे बूब्स मेरे सामने थे। अब में उसके बूब्स देखकर हिल गया था, अब में पागलों की तरह उन्हें चूसने लगा था। फिर प्रिया बोलने लगी कि दर्द हो रहा है। तो मैंने कहा कि पहले दर्द होगा, लेकिन बाद में तुम्हें मज़ा आएगा।

फिर थोड़ी देर के बाद प्रिया भी ज़ोर-ज़ोर से आहें भरने लगी। फिर मैंने उसका एक हाथ पकड़कर अपने लंड जो कि 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा है उस पर रख दिया, तो उसने कसकर मेरे लंड को पकड़ लिया। फिर मैंने उसके बूब्स को सक करना बंद किया और बोला कि जानू इसे शेम्पियन की बोतल की तरह हिलाओ, तो वो मेरे लंड को हिलाने लगी। फिर मैंने उससे कहा कि इसे अपने मुँह में लो। तो वो कहने लगी कि नहीं यह बहुत गन्दा है। फिर मैंने कहा कि नहीं यही तो है जो तुम्हें स्वर्ग की सैर करवाएगा। फिर थोड़ी देर तक नहीं-नहीं करने के बाद उसने मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया और उसे चूसने लगी। फिर 15 मिनट तक चूसने के बाद में उसके मुँह में ही झड़ गया, तो उसने मेरा सारा वीर्य बाहर थूक दिया और बोलने लगी कि यह क्या था? तो मैंने कहा कि यह मेरा वीर्य था।

फिर मैंने उसकी स्कर्ट उतार दी और उसकी पेंटी भी उतार दी। उसकी चूत एकदम साफ थी जैसे साली को पता हो कि आज चुदना है। फिर में उसकी दोनों टाँगों के बीच में आ गया और उसकी चूत को चाटने लगा। अब वो बहुत उत्तेजित हो गयी थी और मेरा सिर पकड़कर अपनी चूत में दबाने लगी थी। फिर वो 3-4 मिनट में ही झड़ गयी। अब इतने में मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया था तो मैंने अब ज़्यादा देर करना ठीक नहीं समझा। फिर में उठा और अपने लंड पर थोड़ा तेल लगाया और अपने लंड का टोपा उसकी चूत पर रखकर धीरे से दबा दिया तो प्रिया चिल्ला उठी और कहने लगी कि में हाथ जोड़ती हूँ, यह दर्द करेगा। फिर में बोला कि थोड़ा दर्द होगा और यह तुम्हारे प्यार का इम्तिहान है। फिर प्रिया यह बात सुनकर बोली कि जीतू तुम्हारे लिए तो मेरी जान हाज़िर है और यह कहकर वो लेट गयी।

फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रखा और थोड़ा पुश किया तो मेरे लंड का टोपा उसकी चूत के अंदर चला गया। अब प्रिया की आँखें आँसू से भर गयी और वो बोली कि जीतू थोड़ी देर रुक जाओ, में मर रही हूँ, तो में ऐसे ही अपना लंड अंदर डाले उसके ऊपर लेट गया। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने एक हल्का सा धक्का मारा तो मेरा लंड आधा अंदर चला गया। अब प्रिया अपने हाथ जोड़ने लगी थी और रोने लगी और बोली कि जीतू और मत डालना, में मर जाऊंगी। फिर मैंने कहा कि साली पहले तो कहती थी कि तुम्हारे लिए जान हाज़िर है, अब क्या हुआ? तो वो चुपचाप लेट गयी, अब उसने अपनी मुठिया बंद की हुई थी। फिर मैंने थोड़ी देर के बाद एकदम से एक धक्का मारा तो मेरा पूरा लंड उसकी चूत के अंदर चला गया। प्रिया फिर से रोने लगी, तो मुझे गुस्सा आया तो में ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाने लगा। अब मेरे हर धक्के से प्रिया की चीख निकल रही थी, लेकिन मैंने उसकी कोई परवाह नहीं की।

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फिर थोड़ी देर के बाद प्रिया का दर्द कुछ कम हुआ और उसको भी मज़ा आने लगा। अब वो भी नीचे से अपनी कमर हिलाने लगी थी, अब उसने मुझे कसकर हग किया हुआ था और मेरे होंठो को चूस रही थी। फिर करीब 15 मिनट के बाद में झड़ गया, अब इस बीच प्रिया 2 बार झड़ चुकी थी। फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत में से बाहर निकाला तो मैंने देखा कि प्रिया की चूत सूजकर मोटी हो गयी थी और चादर पर खून लगा हुआ था। फिर प्रिया यह देखकर डर गयी, तो मैंने कहा कि घबराओ नहीं पहली बार लड़की की चूत से खून निकलता है। फिर हमने बाथरूम में जाकर शॉवर लिया और अपने कपड़े पहनकर वहाँ से चलने लगे। फिर तभी प्रिया ने मेरा हाथ पकड़ लिया था और बोलने लगी कि जीतू मेरा दिल कर रहा है। तो में नॉटी होते हुए पूछने लगा कि जानू क्या करने को दिल कर रहा है? तो वो बोली कि वही जो अभी किया था।

फिर मैंने उससे बोला कि जानू हमारा होटल का टाईम ख़त्म होने वाला है। अब हमारे पास बस 20 मिनट है। फिर वो बोली कि तुम कपड़े मत उतारो बस अपनी चैन खोलो और में पानी स्कर्ट ऊपर उठा लेती हूँ। फिर मैंने कहा कि ठीक है और फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाला और प्रिया के मुँह में दे दिया, तो उसने 5 मिनट में मेरे लंड को चूसकर उसे तैयार कर दिया था। फिर मैंने प्रिया की स्कर्ट ऊपर उठाई और थोड़ा सा थूक लगाया, क्योंकि हमारा तेल ख़त्म हो गया था। फिर मैंने एक झटके में प्रिया की चूत में अपना लंड डाल दिया और दनादन गोल करने लगा। फिर में 10-15 मिनट में झड़ गया। तो तभी इतने में होटल वालों का फोन भी आ गया कि हमारा टाईम ख़त्म हो गया है। फिर मैंने प्रिया को पेंटी पहनाई और गोद में उठा लिया, क्योंकि उसे दर्द हो रहा था। फिर मैंने उसे उसके घर छोड़ा और उसकी मम्मी से कहा कि प्रिया आज स्कूल के जिम में गिर गयी थी इसलिए वो चल नहीं पा रही है। फिर उस दिन के बाद से हम लोग हर रोज चुदाई करने लगे और फिर हमने भरपूर मजा किया ।।

धन्यवाद …

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