अनिता भाभी की बिजली

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प्रेषक : बबलू …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम बबलू है और में 23 साल का हूँ। आज में आप सभी कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों को पढ़कर उनके मज़े लेने वालों के लिए अपनी एक सच्ची घटना लेकर आया हूँ। जिसमे मैंने अपने पड़ोस में रहने वाली एक भाभी की प्यासी चूत की चुदाई के मज़े लेकर उसको शांत किया और में उम्मीद करता हूँ कि यह मेरी कहानी सभी पढने वालो को जरुर पसंद आएगी। अब ज्यादा बोर ना करते हुए में सीधा अपनी कहानी पर आता हूँ और विस्तार से सुनाता हूँ।

दोस्तों यह तब की घटना है जब मेरे पास वाले मकान में एक भाभी रहती थी और उसका नाम अनिता है, वो क्या मस्त चीज़ है कोई भी उसको एक बार देखेगा तो वो अपना लंड लेकर उसके पीछे पड़ जाएगा और वो उसकी चुदाई किए बिना उसको नहीं छोड़ेगा, वो ऐसी गजब की बला है और उसकी शादी हुए पूरे दो साल हो गये है, लेकिन अब तक उसको कोई भी बच्चा नहीं है। अनिता के बूब्स का आकार 42-30-44 है और में उसको जब भी देखता हूँ तो मेरा मन करता है कि में उसको अभी उसी समय पकड़कर जबरदस्ती नीचे लेटाकर उसकी चुदाई कर दूँ, लेकिन मुझे वो मस्त मौका कब मिलेगा मुझे क्या पता? एक दिन मेरी किस्मत खुल गयी और में क्या कहूँ? उस दिन उसने मुझे पास वाले एक छोटे बच्चे से कहा कि वो जो पास वाले साहब है उनको तुम यहाँ पर बुलाकर ले आओ, तो उस लड़के ने आकर मुझसे कह दिया कि मुझे मेरी पड़ोसन भाभी ने बुलाया है और में तो यह बात सुनकर बहुत खुश हो गया और में तुरंत उनके घर पर चला गया। फिर मैंने देखा कि उस समय उसका पति भी घर पर नहीं था और तब उसने मुझसे कहा कि अचानक किसी वजह से हमारे घर की बिजली चली गयी है तो ज़रा आप उसको देख लीजिए। फिर मैंने कहा कि हाँ ठीक है भाभी में अभी देखकर इसका कुछ करता हूँ और में मीटर बॉक्स की तरफ बढ़ गया और तब मैंने देखा तो वहां पर से स्विच ऑफ था। फिर मैंने कुछ देर इधर उधर देखकर उस स्विच को चालू कर दिया और पूरे घर की लाईट चालू हो गई। फिर भाभी मेरे उस काम से खुश होकर मुझसे बोली कि वाह तुम तो बड़े कमाल के हो तुमने बस तो आते ही लाइट को चालू कर दिया। अब मैंने उनसे कहा कि भाभी आप तो मुझसे भी कमाल की हो आपने तो स्विच को बंद कर रखा था, मैंने तो बस उस बटन को चालू कर दिया, तभी भाभी मुझसे बोली कि आप मुझसे नाराज़ मत होना, असली बात तो यह है कि में आपसे बहुत दिनों से एक बात करना चाहती थी, लेकिन मुझे कोई ऐसा मौका ही नहीं मिला और वो मेरे पास में आकर बैठ गयी, जिसकी वजह से मेरी तो हालत खराब हो गयी और मेरा लंड धीरे धीरे तनकर खड़ा हो गया। अब वो मुझसे बोली कि विशाल में आपसे बहुत दिन से एक बात करना चाहती हूँ क्या आप मुझे चोद सकते हो? दोस्तों उसके मुहं से यह बात सुनकर मेरी तो हवा ही निकल गयी और में सोचने लगा कि क्या कोई औरत किसी को बिना डर संकोच के यह बात भी कह सकती है? और उतने में वो मुझसे बोली कि तुम अब क्या सोच रहे हो? तो मैंने उनको कहा कि क्या भाभी आप यह बात मुझसे सच कह रही है? भाभी बोली कि हाँ में तुमसे कोई भी मजाक नहीं कर रही हूँ तुम मेरी बात पर विश्वास करो, प्लीज एक बार मुझे वो मज़े दे दो जो में तुमसे लेना चाहती हूँ।

दोस्तों में तो अब उनके मुहं से यह बात सुनकर बहुत खुश होकर उसी समय भाभी पर टूट पड़ा और मैंने उनको चूमना चालू किया और उनके रसभरे होंठो को चूमते चूमते मैंने अपनी जीभ को उसके मुहं में डाल दिया ऊऊह्ह्ह्ह वाह क्या गजब का मस्त स्वाद था, जैसे मैंने कुछ मीठा खा लिया हो और में तो अब बिल्कुल भी रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था और धीरे धीरे में उनके बूब्स को दबाने लगा, वाह क्या गजब के मजेदार बूब्स थे। में तो बिल्कुल पागल हो गया और उधर नीचे से मेरा लंड जो लंबा होकर पूरा पांच इंच का हो चुका था, वो भी अब अपनी तरफ से हल्के हल्के झटके देने लगा था। दोस्तों में तो अब उसको जल्दी से जल्दी चोदना चाहता था, लेकिन कुछ देर बाद वो अचानक से नीचे बैठ गई और अब वो मेरा खड़ा लंड अपने हाथ में लेकर उसको ऊपर नीचे करने लगी और उसके मेरे लंड को अपने हाथ में लेकर मुठ मारने की वजह से मेरी तो जैसे जान ही निकल गयी और उसके वाह क्या मस्त मुलायम गरम हाथ थे। मुझे तो मज़ा ही आ गया और वो तो मेरे लंड को लगातार ही हिला रही थी, जिसकी वजह से में तो आसमान की सैर कर रहा था। फिर कुछ देर बाद मुझे लगा कि अब मेरा लंड का पानी निकलने वाला है, इसलिए मैंने भाभी से कहा कि भाभी प्लीज अब आप बस करो और मेरा पानी अब बाहर निकलने वाला है।

फिर भाभी बोली कि रूक जाओ, में आज तुम्हारा यह पानी अपने मुहं में लेकर इसको चखकर इसका मज़ा लेना चाहती हूँ और बस फिर क्या था भाभी ने झट से मेरा लंड अपने मुहं में लेकर वो उसको चूसने लगी और उनके ऐसा करने से मेरी तो जैसे जान ही निकलने लगी हूऊऊऊह्ह्ह ओह्ह्ह्ह भाभी आप यह क्या कर रही हो? लो सम्भालो अब मेरा वीर्य निकलने वाला है, तभी भाभी तो और भी ज़ोर ज़ोर से मेरे लंड को चूसने लगी और फिर एक ही झटके में मेरे लंड का पानी तूफान मैल की तरह उनके मुहं में निकल गया। दोस्तों वो नज़ारा ऐसा था कि उस वक़्त भाभी का मुहं उस मेरे झटके के साथ ऊपर उठ गया था और मेरे लंड से निकला वो सारा पानी उन्होंने चाट चाटकर साफ कर दिया। अब वो मेरे लंड को अपने हाथ में लेकर किसी अनुभवी रंडी की तरह मेरे लंड को अपनी जीभ से चाटती चूसती हुई बोली आह्ह्ह्ह अह्ह्ह वाह क्या मस्त आनंद मिला है। आज तुम्हारे इस लंड के पानी को पीकर मेरा दिल बहुत खुश हो गया, तुम बहुत अच्छे हो। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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फिर मैंने भी उनसे कहा कि भाभी में भी तुम्हे बहुत पहले से ऐसा ही मज़ा देना चाहता था। में तुम्हारे साथ और भी बहुत कुछ करना चाहता हूँ। तभी वो मुझसे बोली कि तुम्हे रोका किसने है? तुम शुरू हो जाओ, में तो कब से यही बात सोच रही हूँ कि कब तुम मुझे वो मज़े दोगे और पूरी तरह से शांत करोगे? दोस्तों अपनी भाभी के मुहं से में तो यह बात सुनते ही झट से उठकर नीचे बैठ गया और मैंने भाभी की साड़ी को जल्दी से उतार दिया और फिर पेटीकोट का नाड़ा खोलकर उसको नीचे सरका दिया उसके बाद मैंने उसकी पेंटी को पकड़कर एक ज़ोर का झटका देकर फाड़कर उसकी गोरी रसभरी चूत से अलग कर दिया। फिर’ भाभी मुझसे बोलने लगी कि तुम यह क्या कर रहे हो? तब मैंने उनको कहा कि भाभी अब तुम मुझे रोको मत नहीं तो में मर जाऊंगा, मुझे आज कैसे भी करके इसको तुम्हारी चूत में डालकर शांत करना है और फिर मैंने झट से भाभी के दोनों पैरों में पकड़ा और उनके पैरों को पूरा फैलाकर उनकी चूत को मैंने देखा तो में देखता ही रह गया। वाह क्या मस्त आकर्षक चूत थी उनकी, उस गुलाबी रंग की चूत में लाल लाल दाना चमक रह था और वो बहुत ही जोश से भरी एकदम कामुक नजर आ रही थी और में तो उनकी खुली हुई चूत को देखकर तो एकदम पागल हो गया। मुझसे अब रहा नहीं गया और उसी समय मैंने नीचे झुककर भाभी की चूत को किसी कुत्ते की तहर चाटने लगा और उसकी वाह क्या मस्त मजेदार खुशबू थी और ठीक वैसा ही उसका स्वाद भी था। में तो उसको बस लगातार चाट रह था और उधर उसकी हालत तो एक बिन पानी की मछली की तरह हो गयी थी और वो अब बहुत तड़प रही थी और मुझसे कह रही थी आह्ह्हह्ह उफफ्फ्फ्फ़ स्सीईईईई तुम यह क्या कर रहे हो? इससे मेरी तो जान ही जा रही है, में क्या और कैसा महसूस कर रही हूँ में तुम्हे बता नहीं सकती, प्लीज अब इसको चूसना तुम बंद कर दो ऊह्ह्ह्ह में इसको ज्यादा देर नहीं सह सकती।

दोस्तों उसकी चूत को चूसने के बाद उसकी उस हालत को देखकर मुझे ऐसा लग रहा था कि शायद उसके पति ने कभी भी उसकी चूत को चूसा ही नहीं था और उसको वो मज़े नहीं दिए थे जो आज में पहली बार उसको दे रहा था क्योंकि में तो उसको आज पहली बार जन्नत का मज़ा देना चाहता था और इसलिए में भी बिल्कुल पागलों की तहर उसकी चूत को लगातार चूस और पूरा अंदर तक चाट भी रहा था और उतने में वो इतनी ज़ोर से झड़ गयी कि मेरा पूरा मुहं उसकी चूत से निकले उस नमकीन पानी से भर गया। फिर मैंने उसका इतना कीमती पानी बेकार नहीं किया और में उसकी चूत का वो सारा का सारा पानी पी गया मैंने अपनी जीभ से चाट चाटकर उसकी चूत को चमका दिया था। अब भाभी तो मेरे उस काम से इतनी खुश हो गयी कि वो मुझे चूमने लगी और अब वो मुझसे कहने लगी कि वाह मेरे राजा तुमने क्या मस्त चूसा है ऐसे तो आज तक मेरे पति ने भी नहीं चूसा तुम क्या मस्त चूसते हो, आज तुमने मेरा दिल जीत लिया है।

फिर थोड़ी देर बाद हम दोनों उठकर सीधा बाथरूम में जाकर नहा धोकर वापस बिस्तर पर आ गये और उसके बाद भाभी ने मुझसे पूछा कि क्या तुम मुझे चोदना भी चाहते हो? तभी मैंने उनको कहा कि अरे यार भाभी आप हमारे बीच में आज इतना सब कुछ होने के बाद भी मुझसे यह बात पूछ रही हो कि में क्या आपको चोदने की इच्छा अपने मन में रखता हूँ। यह वो वही बात है कि किसी भूखे के सामने खाना लाकर रख दो और उससे पूछो क्या तुम्हे भूख लगी है, में तो तुम्हे अब हर दिन जमकर चोदना चाहता हूँ और में इस चूत को अपने लंड से चुदाई के मस्त असली मज़े देना चाहता हूँ। फिर वो हंसती हुई बोली कि हाँ तो ठीक है, लेकिन तुम आज से मुझे भाभी मत कहो मुझे मेरे नाम अनिता से कहकर बुलाओ, मुझे तुम्हारे मुहं से सुनकर अच्छा लगेगा। फिर मैंने कहा कि हाँ ठीक है अनिता मेरी जान, अब तो हम चुदाई करते है, क्यों तुम्हारा इस बारे में क्या विचार है? तब वो बोली हाँ क्यों नहीं मेरी जान। उसके बाद अनिता ने दोबारा मेरा लंड चूसना शुरू कर दिया और थोड़ी देर में मेरा लंड तनकर खड़ा हो गया और फिर मैंने आव देखा ना ताव सीधा में उसके ऊपर चड़ गया और में उसको किस करने लगा और साथ में उसके बूब्स को भी दबाने लगा और चूसने भी लगा। फिर वो तो जैसे अब एकदम पागल हो रही थी और कुछ देर बहुत जोश में आकर उसने खुद ही मेरा लंड अपने हाथ में लेकर अपनी चूत पर उसको रगड़ना शुरू कर दिया और उसको तो अब बर्दाश्त करना भी बड़ा मुश्किल हो रहा था और वो मुझसे कहने लगी कि प्लीज अब तुम बिल्कुल भी देर मत करो, यह तुम्हारा लंड मेरी इस प्यासी चूत में डालकर मेरी जमकर चुदाई कर दो वरना में अब मर ही जाऊंगी।

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फिर मैंने उससे कहा कि नहीं मेरी जान अनिता रानी तुम ऐसे मर नहीं सकती, क्या कभी कोई चुदाई की भूख से मरता है? वो कहने लगी नहीं राजा तुम्हारा लंड इतना बड़ा है कि मेरी तो आज यह चूत ही फाड़ डालेगा, प्लीज अब तुम तुरंत तुम्हारा यह लंड अंदर डाल दो ना। फिर मैंने भी अब उसको तरसाना छोड़कर अपना लंड उसकी चूत के मुहं पर रखकर एक ही जोरदार झटका दे दिया और उस दर्द की वजह से तो वो एकदम चिल्ला उठी और कहने लगी आईईईईइ माँ मर गई प्लीज थोड़ा आराम से राजा, तुम आज मेरी क्या जान ही निकाल दोगे? फिर मैंने धीरे धीरे अपने लंड को उसकी चूत में धक्के दिए, जिसकी वजह से उसको अब दर्द में कुछ राहत आने लगी थी और फिर मैंने उसके मुहं पर अपने मुहं को रख दिया और में उसको किस करने लगा और तभी मैंने अचानक से नीचे से एक ज़ोर का झटका मारा कि मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी चूत की गहराइयों में समा गया और उसकी चीख अब मेरे मुहं में ही दबकर रह गयी, लेकिन वो उस दर्द से तड़प गई और वो ज़ोर से छटपटा रही थी और फिर में उसको कोई भी मौका दिए बिना लगातार धक्के देकर चोदता ही गया। फिर कम से भी कम में उसको बीस मिनट तक एक जैसे धक्के देकर चोदता रहा और उसके बाद में अनिता की चूत में ही झड़ गया। मैंने अपना पूरा वीर्य उसकी चूत में पूरा अंदर तक अपने धक्को से पहुंचा दिया और वो तो मेरी उस चुदाई से इतनी खुश हो गयी कि मुझे उसकी ख़ुशी उसके चेहरे से साफ साफ पता चल रही थी। दोस्तों मेरी पहली चुदाई से खुश होकर वो अभी तक भी मुझसे अपनी चुदाई करवाती है और उसको कभी भी कोई अच्छा मौका मिले वो मुझसे चुदे बिना नहीं जाती और में हर बार उसको अपनी चुदाई से खुश कर देता हूँ ।।

धन्यवाद …

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