आंटी के मोटे बूब्स और रसभरी चूत

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प्रेषक : रोनक …

हैल्लो दोस्तों, में सूरत का रहने वाला हूँ और में कामुकता डॉट कॉम का पिछले कुछ सालों से लगातार पाठक हूँ। मैंने अब तक बहुत सारी कहानियों को पढ़कर उनके मज़े लिए है जो मुझे बहुत मजेदार लगी और आज में अपना भी एक सच्चा सेक्स अनुभव आप सभी को सुनाने के लिए यहाँ पर आया हूँ। मुझे उम्मीद है कि यह आप सभी पढ़ने वालों को बहुत अच्छी लगेगी और अब में अपनी कहानी को शुरू करता हूँ। दोस्तों मेरे पड़ोस में एक बहुत ही हॉट सेक्सी आंटी रहती है, वो हमारे परिवार में से मिलती जुलती रहती है, आंटी के दो बच्चे है, एक लड़की जो 8 साल की है और एक लड़का है जो कि 5 साल का है। उसकी शादी को 9 साल हो गये है, लेकिन फिर भी अभी तक वो इतनी हॉट लगती है कि उनको देखकर में हमेशा उनकी तरफ आकर्षित होता रहता हूँ, उसके बूब्स का आकार 40 इंच वो गोरा गठीला बदन बड़ा ही कामुक लगता है और वो हमेशा घर में अक्सर सलवार कुर्ता पहनती है और जब भी वो कहीं घर से बाहर किसी पार्टी या उनको कहीं बाहर जाना होता है तो वो साड़ी पहनती है। वो अपनी साड़ी को हमेशा अपनी कमर से थोड़ा नीचे पहनती है और वो साड़ी भी हमेशा ज्यादातर जालीदार होती है तो उसके टाइट बूब्स हमेशा उनके बड़े गले के पकड़ो से बाहर की तरफ आए हुए होते थे।

एक दिन मेरी मम्मी ने मुझसे आंटी के घर पर जाकर दही लाने के लिए कहा और में जैसे ही उनके घर पर गया तो मैंने देखा कि वो उस समय ज़मीन पर नीचे बैठकर पोछा लगा रही थी। आंटी ने उस समय सलवार सूट पहना हुआ था और उस पर उस समय उनकी चुननी भी नहीं थी, जिसकी वजह से उसके दोनों बूब्स इतने बड़े गोरे नजर आ रहे थे कि वो मुझे साफ साफ बाहर निकले हुए दिख रहे थे इसलिए कुछ देर तो में उसको अपनी चकित नजर से देखता रहा। फिर मैंने उनसे दही माँगा तब आंटी ने मुझे बैठने के लिए कहा और वो दोबारा पोछा लगाने लगी। में देखने लगा उसके बूब्स बहुत ही हॉट सुंदर लग रहे थे और आंटी की सलवार में से उनकी काली रंग की पेंटी भी मुझे साफ दिख रही थी, में जिसको देखकर बहुत आकर्षित हुआ जा रहा था और मेरा मन कर रहा था कि में अभी उसी समम उनको पकड़कर वहीं पर उनकी चुदाई कर दूँ और मेरा लंड भी अब तनकर तैयार होकर खड़ा हो गया था। फिर कुछ देर के बाद उन्होंने अपना काम खत्म करके मुझे दही लाकर दिया और उसी समय उनका नरम हाथ मेरे हाथ से टकरा गया, जिसकी वजह से में मचल गया और में उनकी तरफ मुस्कुराता हुआ अपने घर आ गया। दोस्तों अब जब भी वो छत पर कपड़े सुखाती तो में आंटी की ब्रा और पेंटी को अपने हाथ में लेकर उससे खेलने लगता था और उनको अपने लंड से लगाता और छूकर महसूस किया करता था। ऐसा करने में मुझे बहुत मज़ा आता था। एक दिन आंटी के पति को किसी काम से एक दिन के लिए कहीं बाहर जाना था इसलिए वो मुझसे कह कर गये थे कि तुम यहीं मेरे घर पर सीता के साथ ही सो जाना, क्योंकि वो घर में अकेली रहेगी और में कल तक वापस आ जाऊंगा। दोस्तों उनके मुहं से यह बात सुनकर मेरा मन अब आंटी के साथ सेक्स करने के लिए एकदम मचल रहा था और में मन ही मन में सोचने लगा था कि मेरे पास आंटी की चुदाई करने का इससे अच्छा मौका कोई हो ही नहीं सकता। यह बात सोचकर में बहुत खुश था। फिर में पूरा दिन बस उनकी चुदाई के सपने देखकर ही मज़े लेता रहा और में उसकी वजह से खुश था, लेकिन मेरा किसी भी काम में मन नहीं लगा और फिर बहुत इंतजार करने के बाद वो रात आ ही गई जिसके लिए में पागल हुआ जा रहा था। फिर रात को खाना खाकर में अपनी सेक्सी आंटी के घर पर सोने के लिए चला गया और उस समय आंटी अपने बच्चों को पढ़ा रही थी और में उनके पास जाकर बैठ गया। उनके गोरे जिस्म को देखकर मज़े लेने लगा। तभी कुछ देर बाद आंटी ने मुझसे कहा कि अगर तुम्हे नींद आ रही है और अगर तुम सोना चाहो तो पास वाले कमरे में जाकर सो जाओ। अब मैंने उनसे कहा कि नहीं आंटी मुझे अभी नींद नहीं आ रही है इसलिए में अभी यहीं पर बैठ जाता हूँ अगर आपको इसमें कोई ऐतराज ना हो तो में ऐसा कर लेता हूँ? तब आंटी ने मुझसे कहा कि हाँ ठीक है तुम बैठकर अपना मन बहला लो, मुझे उसमे कोई भी आपत्ति नहीं है। दोस्तों उस समय आंटी ने सफेद रंग का सलवार कुर्ता पहना हुआ था और चूड़ीदार पजामा, जिसमें वो बड़ी सुंदर नजर आ रही थी। में आंटी के साइड में, लेकिन थोड़ा सा दूरी पर बैठा हुआ था और वहां से आंटी की टाइट सलवार में से उनकी लाल कलर की पेंटी दिख रही थी और जब भी वो झुकती तब मुझे उनके बूब्स साफ दिखाई दे रहे थे और में उनको देखता रहा। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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फिर कुछ देर बाद उनकी पढाई ख़त्म होने के बाद आंटी अब उठकर सीधा बाथरूम में नहाने चली गई और में उनके बच्चों के पास बैठा था, जब आंटी नहाकर वापस आई, तो आंटी ने उस समय गुलाबी रंग की मेक्सी पहनी हुई थी और वो मेक्सी इतनी जालीदार थी कि उसमें से उनकी छोटी सी ब्रा से उनके 40 साइज़ बूब्स बड़े मस्त कमाल के लग रहे थे और वो सोने के लिए अपने रूम में चली गई और में वहीं उसी हॉल में सो गया, रात को जब में पानी पीने के लिए उठा तो मैंने आंटी के कमरे में जाकर देखा कि आंटी की मेक्सी उस समय उनकी गोरी जांघ से ऊपर आ गई थी और में अब्ब उनकी गोरी गोरी जांघे वहां पर खड़ा होकर देखने लगा था, तभी अचानक से आंटी उठ गई आंटी ने मुझसे पूछा कि तुम यहाँ पर इस समय क्या कर रहे हो? मैंने उनको कहा कि आंटी क्या आप एक मिनट के लिए बाहर आयेंगे? और फिर आंटी मेरे कहने पर तुरंत बाहर आ गई और मैंने उनसे कहा कि आंटी आज में आपसे अपने मन की सच्ची बात कहना चाहता हूँ कि आप मुझे बहुत ही अच्छी लगती है और में आपको बहुत प्यार करता हूँ। यह बात में आपसे बहुत दिनों से कहना चाहता था, लेकिन मुझे डर लगता था और में बोल नहीं सका।

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फिर उन्होंने मुझसे कहा कि चल अब तू जा सो जा और मैंने कहा कि आंटी आपके फिगर जैसा फिगर मैंने अब तक कभी नहीं देखा और मैंने उसी समय हिम्मत करके आंटी का हाथ पकड़ लिया। फिर आंटी ने मेरा हाथ छुड़ाते हुए कहा कि यह तुम्हारी बहुत ग़लत बात है तुम मेरे बेटे की तरह हो इसलिए हम दोनों के बीच में ऐसा कुछ भी नहीं हो सकता। फिर मैंने उनसे कहा कि नहीं आंटी में आपको सिर्फ़ बस एक किस करना चाहता हूँ और तभी उन्होंने गुस्से में आकर मुझसे कहा कि नहीं, क्या तुम्हे एक बार कहने पर समझ में नहीं आता। फिर में अब उनका जवाब सुनकर एकदम उदास हो गया और फिर में अपने पलंग पर जाकर सो गया। फिर दूसरे दिन सुबह जब में उठा तब तक उनके दोनों बच्चे स्कूल चले गये थे और अब आंटी मुझसे बात करने के लिए मेरे पास मेरे कमरे में आ गई, लेकिन तब मैंने उनसे कोई भी बात नहीं की क्योंकि में उनकी रात वाली बात से बहुत नाराज था और मुझे उनके ऊपर बहुत ज्यादा गुस्सा आ रहा था। तभी आंटी ने मुझसे कहा कि तुम्हे बहुत अच्छी तरह से पता है कि में एक शादीशुदा औरत हूँ और में जानती हूँ कि तुम समझ चुके हो कि में तुमसे क्या कहना चाहती हूँ क्योंकि तुम समझदार हो इसलिए प्लीज यह काम हम दोनों के बीच बहुत ग़लत काम है और इसकी वजह से तुम्हारे साथ साथ मेरी भी बहुत बदनामी होगी। फिर मैंने कहा कि आंटी में आपसे सिर्फ़ एक किस ही तो माँग रहा हूँ, उसमें कैसी बदनामी? यह बात में किसी को नहीं बताऊंगा, मेरा आपसे यह पक्का वादा रहा।

तब आंटी ने कहा कि हाँ ठीक है, लेकिन तू मुझे सिर्फ़ एक ही किस करेगा और उसके आगे कुछ नहीं करेगा और अब मैंने उनकी तरफ से हाँ सुनकर मन ही मन बहुत खुश होकर उनको कहा कि हाँ ठीक है जैसा आप कहोगी में ठीक वैसा ही करूंगा। दोस्तों उस समय आंटी गुलाबी कलर की मेक्सी में थी और मैंने सही मौका देखकर तुरंत उसी समय उनके होंठो पर एक किस कर दिया, जिसकी वजह से वो एकदम मचल गई और उसके बाद मैंने अपने हाथ उनके बूब्स पर घुमाने शुरू कर दिए, लेकिन तभी उन्होंने मेरा हाथ अपने बूब्स से एक झटका देकर हटा दिया और अब मैंने उससे कहा कि आंटी आज प्लीज एक बार आप मुझे कुछ करने दो, मैंने आज तक किसी को किस तक भी नहीं किया।

दोस्तों में उनसे बातें करते समय भी आंटी के बूब्स को धीरे धीरे दबाता और उनको सहलाता रहा जिसकी वजह से वो धीरे धीरे गरम होने लगी थी और कुछ से के बाद मैंने उनकी मेक्सी में अपना एक हाथ डालकर में अब उनके बूब्स को महसूस करने लगा। दोस्तों उनके वो दोनों बूब्स आकार में इतने बड़े थे कि वो मेरे एक हाथ में नहीं आ रहे थे और वो मुलायम भी बहुत थे। मैंने अब उनकी मेक्सी को उतार दिया, जिसकी वजह से अब वो सिर्फ़ काली कलर की ब्रा और पेंटी में मेरे सामने थी। वो बहुत कामुक नजर आ रही थी और मैंने उसी समय उनकी ब्रा का हुक खोल दिया और उसको खोलते ही उनके 40 साइज़ के बूब्स उसी समय लटककर मेरी छाती पर आ गए और अब में दबाने के साथ साथ चूस भी रहा था, जिसकी वजह से वो जोश में आकर बहुत खुश हो गई और अब वो भी मुझे चूमने लगी और वो मुझसे कहने लगी हूऊओह्ह्ह्हह्ह आह्ह्ह्ह मेरे राजा वाह क्या मस्त बूब्स चूसते हो तुम मज़ा आ गया आज तक मेरे पति ने भी मेरे बूब्स को ऐसे नहीं चूसे, वाह क्या मस्त मज़े देते हो तुम मुझे बहुत मज़ा आ रहा है हाँ ऐसे ही चूसते रहो तुम आज इनका पूरा रस पी जाओ और निचोड़ दो इनको। फिर आंटी ने अपने बूब्स पर मेरे सर को दबाते हुए मुझे अपने बूब्स का बहुत मज़ा दिया और उसके बाद उन्होंने मेरे पूरे कपड़े भी खोल दिए और कुछ देर बाद मैंने उनकी चूत को चाटना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से आंटी को बहुत मज़ा आ रहा था वो ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ लेने लगी थी और कुछ देर के बाद आंटी ने जोश में आकर मेरा सर अपनी चूत में पूरा अंदर घुसा दिया। फिर मैंने कुछ देर उनकी चूत को चाटने के मज़े लेने के बाद अब आंटी की गीली रसभरी चूत में मैंने अपना लंड डाल दिया, जो मेरे एक बार धक्का देने पर ही उनकी गीली चूत में फिसलता हुआ पूरा अंदर जा पहुंचा और अब में अपनी तरफ से ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा था और आंटी दर्द से चिल्ला रही थी वो सिसकियाँ ले रही थी आह्ह्ह्हह ऊऊईईई उम्म्मम प्लीज हाँ थोड़ा और ज़ोर से धक्के दो तुम, मुझे बहुत मज़ा आ रहा है और तुम्हे इसकी बहुत अच्छी जानकारी है, इसलिए तुम यह काम बहुत अच्छा कर रहे हो, हाँ तुम बस ऐसे ही लगे रहो। फिर उसको अब अपनी तरफ से पहले से भी ज्यादा ज़ोर से अपने लंड को उसकी चूत में डाल रहा था, जिसकी वजह से आंटी की आखों से आँसू निकल रहे थे, लेकिन में उस समय बहुत जोश में था इसलिए में लगा रहा। फिर करीब दस मिनट के बाद में झड़ गया, जिसकी वजह से एकदम मेरा गरम वीर्य निकल गया और वो उनकी चूत में गहराई तक पहुंच गया और वो देखने पर बहुत खुश नजर आ रही थी और में भी उनकी चुदाई करके अब बिल्कुल शांत हो गया था ।।

धन्यवाद …

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