आंटी के पेटीकोट में कॉकरोच

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प्रेषक : विक्की …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम विक्की है, में सूरत गुजरात का रहने वाला हूँ, मेरी उम्र 29 साल है, एवरेज बॉडी, गुड लुकिंग, में बहुत अच्छा सेक्स करता हूँ और किसी भी लेडी को अच्छी तरह से संतुष्ट कर सकता हूँ। ये बात 3 महीने पहले की है जब शनिवार का दिन था, मेरा ऑफिस में हाफ-डे होता है तो मैंने सोचा कि चलो आज अपने अंकल का पता करके आऊं, जो कि कई टाईम से बीमार थे। तो में ऑफिस से निकलकर अपने अंकल के घर चला गया और वहाँ पहुँचा, तो अंकल कहीं बाहर जा रहे थे। फिर थोड़ी देर बाते करने बाद अंकल अपने बेटे के साथ डॉक्टर के पास जाने के लिए निकल गये, लेकिन आंटी नहीं गयी थी। अब में आपको आंटी के बारे में बता देता हूँ। आंटी की उम्र 43 साल है, उनका नाम मनीषा है, उनका फिगर बहुत मस्त है। में उनको जब भी देखता था तो मुझमें एक अजीब सी फिलिंग होती थी।

अब अंकल के जाने के बाद आंटी घर पर अकेली थी। अब मेरा तो मन किया कि अभी इसका रेप कर दूँ, लेकिन क्या करूँ? में ऐसा नहीं कर सकता था। फिर मैंने अपने आप पर कंट्रोल किया और थोड़ी देर बैठा रहा और फिर जाने के लिए उठा, तो आंटी बोलने लगी कि बैठ ना बेटा, कहाँ जा रहा है? में अकेली बोर हो जाऊंगी। फिर तभी मेरे मुँह से अचानक निकल गया कि यहाँ बैठकर क्या फ़ायदा? कुछ होने वाला तो है नहीं, जो मुझे चाहिए। तो आंटी थोड़ी शॉक हो गयी और बोली कि क्या बोला? तो मैंने कहा कि कुछ नहीं, बैठकर क्या करूँगा? अब चलता हूँ। तो वो बोली कि मेरा लंच करना बाकी है, तो तू भी लंच करके जा। तो बहुत ज्यादा कहने के बाद मैंने कहा कि ठीक है और सोचा कि शायद इसको चोदने का कोई मौका मिल जाए।

फिर में टी.वी देखने लगा और वो रोटी बनाने लगी और बीच-बीच में बातें कर रही थी, लेकिन अब मेरा दिमाग तो कहीं और ही चल रहा था, कैसे इसको अपने बस में करूँ? अब वो किचन में खड़ी होकर रोटी बना रही थी। फिर पता नहीं अचानक से क्या हुआ? वो चिल्ला उठी, तो में एकदम से घबरा गया और किचन में गया तो मैंने देखा कि वो अपनी साड़ी को अपने घुटनों तक उठाकर उछाल रही थी। अब में उसकी मस्त चिकनी टाँगे देखकर तो पागल ही हो गया था और पूछने लगा कि क्या हुआ आंटी? तो वो बोली कि अरे बेटा लगता है अंदर कॉकरोच चला गया है और अब वो ज़ोर-ज़ोर से अपनी साड़ी को हिला रही थी, लेकिन कॉकरोच बाहर नहीं निकला था। फिर मैंने कहा कि आंटी आप अंदर रूम में जाकर अपनी साड़ी उतारकर उसको निकाल दो। तो तब वो भागती हुई अपने बेडरूम में चली गयी।

फिर में धीरे-धीरे उसके पीछे गया शायद कोई नज़ारा देखने को मिल जाए और किस्मत से उसने दरवाजा भी अंदर से बंद नहीं किया था और दरवाजा थोड़ा खुला था। फिर मैंने देखा तो उसने अपनी साड़ी निकालकर फेंक दी थी और अपना पेटीकोट भी निकाल दिया था और वो कॉकरोच आराम से उनकी पेंटी के ऊपर था। तो उसने उसको हटाने की कोशिश की तो वो उड़कर उनके चेहरे पर आ गया, तो वो और ज़ोर से चिल्लाई और मुझको बुलाने लगी। अब में बाहर ही खड़ा था तो में झट से अंदर गया तो उसको देखकर मेरा तो लंड एकदम खड़ा हो गया। अब वो सिर्फ ब्लाउज और पेंटी में थी। अब उसको कुछ होश नहीं था और वो मुझसे बोलने लगी कि बेटे इसको हटाओ। तो मैंने उनका पेटीकोट उठाया और उस कॉकरोच को उसमें लेकर बालकनी से बाहर फेंक दिया। फिर में अंदर आया तो मेरी आँखें उनकी मस्त टांगो पर ही अटक गयी, उनकी टांगे एकदम चिकनी थी, शायद उन्होंने अभी-अभी वैक्स करवाया होगा।

अब में ऐसे देख रहा था तो वो एकदम से शर्मा गयी और मेरे हाथ से अपना पेटीकोट लेकर बोली कि चलो तुम बाहर जाओ, में आ रही हूँ। लेकिन अब इतना कुछ देखने के बाद में कहाँ बाहर जाने वाला था? तो में वहीं खड़ा रहा। तो वो फिर गुस्से में बोली कि चलो विक्की बाहर जाओ, क्या बेशर्मो की तरह खड़े हो? तो तभी मेरे मुँह से निकल गया आंटी आपको इस हालत में देखकर बाहर जाने का मन नहीं कर रहा है। तो उसने मेरे मुँह पर एक थप्पड़ लगा दिया, तो मुझको एकदम से गुस्सा आ गया तो मैंने एकदम से उसको अपनी बाँहों में ज़कड़ लिया और गोद में उठाकर बेड पर फेंक दिया। अब वो एकदम से डर सी गयी और वहाँ से भागने लगी तो में उसके ऊपर लेट गया और वो चिल्लाने लगी। अब में एकदम डर गया था कि अगर यह चिल्लाई तो बेटा तू मर गया तो मैंने झट से अपनी जेब में से रुमाल निकाला और उसके मुँह में डाल दिया और उसका मुँह बंद कर दिया। फिर वो अपने हाथ पैर मारने लगी तो मुझको फिर से गुस्सा आया। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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अब उसकी साड़ी वही बेड पर पड़ी थी तो मैंने ज़ोर लगाकर उसके हाथ पलंग के साथ बांध दिए। अब उसके पास और कोई चारा नहीं बचा था, अब उसकी आँखो में से आँसू निकलने लगे थे। फिर मैंने कहा कि साली इतने दिनों से तुझको देखकर मुठ मार रहा था, आज तू नहीं बचने वाली। अब उसका पेटीकोट तो पहले से ही निकला हुआ था, तो में नीचे गया और उसकी टांगो पर अपनी जीभ घुमाने लगा और उसके पैरो पर किस करने लगा और धीरे-धीरे उसके पैरो पर किस करता-करता उसकी पेंटी तक आया और एक ही झटके में उसकी पेंटी निकाल दी। अब वो अपने पैरो को ज़ोर-ज़ोर से हिलाने लगी थी। फिर मैंने अपने दोनों हाथों से उसके दोनों पैर पकड़े और उसको पूरी तरह से फैला दिया। फिर मैनें उसकी चूत पर अपना मुँह रख दिया और उसकी चूत को चाटने लगा, क्या मस्त टेस्ट था? अब में जैसे ही उसकी चूत को चाट रहा था, तो वो भी थोड़ी गर्म हो गयी थी और उसने अपने पैर हिलाने बंद कर दिए थे शायद अब उसको भी मज़ा आ रहा था।

अब में उसकी चूत को ज़ोर-ज़ोर से चाटने लगा था और अपनी जीभ उसकी चूत में डाल दी थी। अब ऐसा करते ही वो एकदम उछल पड़ी जैसे किसी ने करंट लगा दिया हो, लेकिन मैंने उसकी चूत को चाटना चालू रखा और अपनी बीच की उंगली उसकी चूत में डाल दी और ज़ोर-ज़ोर से उसकी चूत को अपनी उंगली से फुक करने लगा और साथ में अपने एक हाथ से उसके ब्लाउज के ऊपर से ही उसके बूब्स दबाने लगा। फिर मैंने अपना मुँह उसकी चूत पर से हटाया और उसकी तरफ देखा, तो उसकी आँखो में देखकर मुझे ऐसा लगा कि अब यह चुदवाए बिना कहीं नहीं जाने वाली है। फिर मैंने उससे पूछा कि हाथ खोल दूँ, भागेगी तो नहीं? तो उसने अपना सिर नहीं में हिलाया। तो मैंने उसके हाथ और मुँह खोल दिए। तो उसका मुँह खोलते ही वो बोल पड़ी कि साले रुक क्यों गया? मुझको चोद, आज तो ज़िंदगी का असली मज़ा आ रहा है। अब में एकदम हैरान हो गया था कि इसको क्या हुआ? फिर उसने झट से अपना ब्लाउज खोल दिया और अपनी ब्रा भी निकाल दी।

फिर जैसे ही उसने अपनी ब्रा निकाली, तो में उसके बूब्स पर टूट पड़ा और ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगा और निपल्स चूसने लगा और अब मेरा एक हाथ उसकी चूत पर घूम रहा था। अब वो इतनी गर्म हो गयी थी कि अपनी कमर ज़ोर-ज़ोर से हिला रही थी। फिर वो अचानक से उठ गयी और बोली कि अब तू मुझे नहीं रोकेगा, अब तू लेट जा, तो में अपनी कमर के बल बेड पर लेट गया। फिर उसने मेरी शर्ट के बटन खोले और मेरी पेंट भी निकाल दी और जैसे ही मेरा अंडरवेयर निकाला। तो वो एकदम से शॉक हो गयी और बोलने लगी कि यह क्या है इतना बड़ा? तो में बोला कि क्यों अंकल का नहीं है क्या? तो वो बोली कि है तो सही, लेकिन इतना बड़ा नहीं है और पिछले 3 साल से तो उसने मुझे चोदा भी नहीं है। अब में समझ गया था कि यह तो भूखी शेरनी है, वैसे में बता दूँ मेरा लंड 9 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है। फिर उसने मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया और एक आइसक्रीम की तरह चूसने लगी। अब मुझको बहुत मज़ा आ रहा था, मैंने सोचा था कि इसका रेप करूँगा, लेकिन यह तो मेरे पास अपने आप ही आ गयी थी।

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फिर वो 69 पोज़िशन में आ गयी, अब वो मेरे लंड को चूस रही थी और में उसकी चूत चाट रहा था। फिर मैंने उसकी चूत को चाटते-चाटते उसकी गांड में अपनी एक उंगली डाल दी, तो एकदम से उछल पड़ी। फिर थोड़ी देर तक सक करने के बाद वो खड़ी हुई और मेरे ऊपर आ गयी, तो मैंने कहा कि अरे आंटी कंडोम बिना कुछ हो गया तो? तो वो बोली कि साले एक तो अब मुझे आंटी मत बोल मुझे मेरे नाम से बुला और दूसरी बात अगर में नहीं मानती और तू मेरे हाथ नहीं खोलता, तो क्या मुझे कंडोम बिना नहीं चोदता? और इतना बोलते ही वो मेरे ऊपर बैठ गयी और ज़ोर-ज़ोर से हिलने लगी। अब वो इतनी तेज़ हिल रही थी कि में बता नहीं सकता, सही में औरत में मर्दो से ज्यादा सेक्स होता है, वो आज मैंने देख लिया था।

फिर 20 मिनट तक वो में ऊपर सवारी करती रही, अब इस बीच में वो 3 बार झड़ चुकी थी। अब में भी झड़ने ही वाला था तो में बोला कि मनीषा में आ रहा हूँ। फिर उसने कुछ नहीं सुना और तेज़ी हिलती रही और फिर मैंने उसकी चूत में एक लंबी धार छोड़ दी। अब हम दोनों बुरी तरह से थक गये थे, लेकिन हमारे पास आराम करने का टाईम नहीं था, क्योंकि अंकल कभी भी आ सकते थे इसलिए हमने फटाफट से अपने-अपने कपड़े पहने और लिविंग रूम में जाकर बैठ गये, लेकिन अब उसके चेहरे पर जो स्माइल थी, वो देखकर ऐसा लगा रहा था कि वो पूरी तरह से सॅटिस्फाइड है। अब में कुछ बोलता उससे पहले वो बोल पड़ी कि विक्की आज तो जल्दी थी, 1-2 दिन में तेरे अंकल और मेरा बेटा बाहर जाने वाले है, तो में तब तुझको फोन करूँगी और फिर हम दोनों रातभर मज़े करेंगे, तू आ जाना। तो मैंने कहा कि ठीक है और वो फिर से खाना बनाने चली गयी ।।

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धन्यवाद …

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