बहन के साथ कामुक हरकत

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प्रेषक : असलम …

हैल्लो दोस्तों, में अपना परिचय देते हुए अपनी कहानी को सुनाना शुरू करता हूँ। दोस्तों मेरा नाम असलम है और यह मेरी आज पहली एक सच्ची घटना है, में आंध्रा का रहने वाला हूँ। मेरे घर में मेरी एक छोटी बहन और मेरे पापा और मम्मी रहती है। मेरे पापा उनकी नौकरी की वजह से ज्यादातर पास ही के एक गाँव में रहते है और वहां पर उन्होंने एक मकान किराए पर ले रखा है और वो जब भी उनकी छुट्टी होती थी तो हमारे साथ रहने आ जाते थे। दोस्तों यह एक सच्ची घटना है, जिसने मेरे पूरे जीवन को ही बिल्कुल बदल कर रख दिया और अब में उस कहानी को सुनाना शुरु करता हूँ।

दोस्तों वो गर्मियों के दिन थे में और मेरी छोटी बहन रीमा बहुत गरमी होने की वजह से नीचे लेटे हुए थे और उस समय मेरी उम्र 19 साल थी और मेरी बहन 18 साल की थी। उसका नाम रीमा है, तब उसकी चढ़ती जवानी की वजह से उसका पूरा बदन बहुत ही भरा हुआ था और उसके बूब्स बहुत ही अच्छे आकार के थे और उसके वो दोनों बूब्स एकदम मस्त गोलमटोल थे, दोस्तों उसके बूब्स अभी ज़्यादा उठे हुए नहीं थे। उसके वो निप्पल हमेशा उठे हुए रहते थे, शायद उसके बूब्स का आकार उस समय इंच 32 होगा, लेकिन उसकी वो गांड, बूब्स को देखकर किसी भी लड़के का लंड एकदम तैयार हो सकता था। अब हम दोनों उस समय लेटे हुए बातें कर रहे थे कि अचानक से मेरा एक हाथ अपने आप उसके शरीर पर छू गया और तभी वो एकदम से बोल पड़ी कि भैया आप यह क्या कर रहे हो? में उसके मुहं से वो शब्द सुनकर एकदम चकित हो गया, क्योंकि उस समय मेरा हाथ उसके शरीर पर छूने की मेरी ऐसी कोई उम्मीद नहीं थी और मुझे पता ही नहीं चला कि वो कब अचानक से उसको छू गया? क्योंकि पहले भी ना जाने कितनी बार मैंने उसको गलती से छुआ था, लेकिन तब मेरे मन में उसके लिए ऐसा कोई भी गलत विचार नहीं था और ना ही उसकी भी मेरे लिए ऐसी सोच थी इसलिए हमारे बीच हर कभी मजाक मस्ती होने लगती थी। फिर मैंने उससे कुछ भी नहीं कहा और में अपने हाथ को वहां से हटाने के साथ उससे बोल पड़ा क्यों क्या हुआ मैंने ऐसा क्या किया है? तो वो मुस्कुराते हुए मुझसे कहने लगी कि कुछ नहीं और अब में तुरंत समझ गया कि वो मन ही मन में क्या सोच रही थी? में अब जानबूझ कर उसके एक हाथ को पकड़कर उससे बोलने लगा कि क्यों क्या हुआ? लेकिन अब भी उसने कुछ नहीं कहा हम दोनों फिर से बातें करने लगे थे और में उसी समय अपने एक हाथ से उसके बालों को सहलाने लगा था। में उसके साथ ऐसा करता रहा जिसकी वजह से उसको अब बहुत अच्छा लगने लगा था और मुझे भी उसके कंधो से कुछ लंबे उसके हाथ पर में अपने हाथ घुमाना मुझे भी अच्छा लगने लगा था। फिर में कभी कभी उसके साथ ऐसे करते हुए उसके गले में भी अपने हाथ को फेरने लगा था और उसके साथ ऐसा करते करते वो शायद अब सो चुकी थी, लेकिन मैंने अब भी उसके साथ करना जारी रखा क्योंकि मुझे तो ऐसा करने में बड़ा मज़ा आ रहा था और फिर मैंने उस दिन उसके गले पर कान पर गालो पर सभी जगह अपने हाथ को लगाया। मेरा लंड उसके साथ ऐसा करते हुए एकदम तनकर खड़ा हो गया था और मेरी साँसे भी पहले से तेज़ गति से चल रही थी। मेरे माथे पर पसीने की कुछ बूंदे आ चुकी थी। फिर मैंने कुछ देर बाद देखा कि अब रीमा की भी नींद खुल रही थी और इसलिए मैंने भी अब अपने हाथ को फेरना बंद कर दिया था, लेकिन तभी वो एकदम मुझसे बोल पड़ी क्या हुआ भैया प्लीज करो ना मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। अब में दोबारा से उसके कहने पर वो काम लगातार करता रहा और फिर मैंने धीरे से अपना एक पैर उसकी जांघो पर रख दिया और उसके ऊपर वैसे ही हाथ फेरता रहा। तभी मेरी माँ की आवाज़ आई और वो बोली कि मैंने तुम दोनों के लिए खाना रख दिया है जल्दी से आकर खा लो और हम दोनों वो आवाज सुनकर उठ गए वो मेरी तरफ देखकर मुस्कुरा रही थी और में भी उसकी तरफ हंस दिया और हम दोनों कमरे से बाहर चले गये। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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दोस्तों उस रात को अपनी बहन के साथ पहले से ही बहुत कुछ करने की वजह से मेरी हिम्मत कुछ ज्यादा बढ़ गई थी। मेरे मन में उसके साथ अब आगे भी कुछ करने की इच्छा हो रही थी, इसलिए में उसके बारे में विचार बना रहा था। दोस्तों हम दोनों भाई बहन अपने एक रूम में सोते थे और हमारे पापा मम्मी उनके कमरे में अपनी रात का मज़ा लेते थे, इसलिए भी मुझे कुछ डरने की जरूरत नहीं थी। फिर कुछ देर खाना खाने और उसके बाद टीवी देखने के बाद उसको जब नींद आने लगी तो वो हम सभी के बीच से उठकर कमरे में चली गई और उसके जाते ही एक एक करके मेरी मम्मी और पापा भी अपने कमरे में सोने जा चुके थे क्योंकि पापा उसी दिन सुबह बहुत दिनों के बाद घर वापस आए थे, इसलिए वो दोनों भी साथ में रहने मज़े मस्ती करने के लिए मौका ढूंढ रहे थे और फिर सभी के चले जाने के बाद मैंने टीवी को बंद किया और में भी अपने कमरे में उठकर चला गया। फिर मैंने जब वो सोने के लेटी हुई थी तभी में अब उसके गोरे मुलायम हाथों पर अपने हाथ को फेरने लगा था, लेकिन उसने मुझसे कुछ भी नहीं कहा और वो उस समय सलवार कमीज़ पहनकर लेटी हुई थी। अब मैंने कुछ देर बाद उसके गाल पर अपने हाथ को रखकर उसके गाल को धीरे से सहला दिया, जिसकी वजह से उसकी आंख अब खुल चुकी थी और वो मेरी तरफ देख रही थी, लेकिन वो मुझसे कुछ भी नहीं बोली और अब वो अपनी करवट को बदलकर उल्टी होकर लेट गयी, लेकिन उसका चेहरा अभी भी मेरी तरफ ही था और उसकी दोनों आखें खुली हुई थी। फिर मैंने देखा कि उसकी कमीज़ उसके कूल्हों तक ऊपर उठी हुई थी और उसकी वो सलवार कुछ ज्यादा जालीदार होने की वजह से मुझे उसकी पेंटी सलवार से साफ साफ नज़र आ रही थी। फिर मैंने थोड़ी हिम्मत करके उसके कूल्हों पर अपने एक हाथ को रखा तो मुझे उसको देखकर ऐसा लगा जैसे कि वो अब बेहोश ही होने वाली हो और वो बोल पड़ी उह्ह्ह भैया आप यह क्या कर रहे हो प्लीज सोने दो ना, मुझे कल सुबह उठकर स्कूल भी जाना है। अब मैंने उससे कहा कि तू सो जा ना में भी तो तुझे यह सब करके सुला ही रहा हूँ। ऐसे तुझे बहुत अच्छी नींद आएगी। फिर रीमा कहने लगी कि ऐसे मुझे नींद कहाँ आएगी आप क्या कर रहे हो? प्लीज अब बंद करो, मुझे कुछ हो रहा है। फिर में उससे बोला कि कुछ नहीं तू तो बस अपनी आखें बंद करके सोने की कोशिश कर तुझे अभी कुछ देर में नींद आ जाएगी। फिर वो बोली कि हाँ ठीक है आप कहते है तो में कोशिश भी करके देखती हूँ और फिर उसने मुझसे यह बात कहकर अपनी दोनों आखों को बंद कर लिया, लेकिन वो अब भी सो नहीं रही थी, बस ऐसे ही लेटी हुई थी। फिर मैंने उसकी पूरी पीठ पर अपने हाथ को फेरना शुरू किया और मुझे छूकर महसूस हुआ कि उसने उस समय ब्रा पहनी हुई थी, इसलिए तभी उसकी ब्रा का हुक मेरे हाथों टकरा गया, तो उसकी आँख दोबारा से खुल गई और वो मुझसे कहने लगी कि आप मुझे सोने नहीं दे रहे हो प्लीज सोने दो ना, क्यों आप मुझे इतना परेशान कर रहे हो? तो मैंने उससे कहा कि अच्छा तू सो जा अब में तेरे साथ कुछ भी नहीं करूँगा और उसने फिर से अपनी आखों को बंद कर लिया। फिर मैंने कुछ देर चुपचाप लेटे रहने के बाद अब उसके नरम गुलाबी होंठो पर अपनी ऊँगली को घुमा दिया और उसके बाद मैंने तुरंत ही उसकी कमीज़ को अब ऊपर उठा दिया था, जिसकी वजह से अब मुझे उसकी सलवार के ठीक ऊपर उसकी पतली गोरी कमर पर हल्के नीले रंग की पेंटी का ऊपर का हिस्सा साफ नज़र आ रहा था, वो द्रश्य बहुत ही मजेदार था क्योंकि मैंने तब पहली बार अपनी बहन की पेंटी को उस हालत में देखा था जो मेरे जोश को बढ़ा रहा था।

फिर उसी समय मैंने उसकी पेंटी के इलास्टिक को अपने हाथ में ले लिया, वो बहुत टाइट था और तब मेरा हाथ उसके मुलायम गोल कूल्हों के ऊपर था, जिसकी वजह से मेरे बदन में एक अजीब सा झटका लगा और वो मेरा पहला अनुभव था और ना जाने मुझे उस समय क्या हुआ? हाँ लेकिन मेरे ऐसा करते ही उसने झट से दोबारा अपनी आखों को खोल लिया था और वो मेरी तरफ देखकर अब हल्के से मुस्कुरा दी और वो मुझसे कहने लगी कि भैया मुझे लगता है कि आज आप नहीं मानोगे। फिर मैंने उससे कहा कि में कुछ भी नहीं कर रहा हूँ वो तो तुम्हारी पेंटी सलवार से बाहर आ रही है उसे में वो, इतना कहकर में अटक गया कुछ नहीं बोला। अब रीमा मुझसे पूछने लगी कि वो क्या बोलो ना? वो मुझसे यह बात पूछते समय मुस्कुरा रही थी और तब उसके चेहरे पर एक चालाक हंसी थी, वो कहने लगी अच्छा ठीक है आप उसको अंदर कर दो और प्लीज अब मुझे आप सोने दो। फिर मैंने एकदम से उसकी पेंटी को अपने हाथ से पकड़कर उसकी सलवार के अंदर कर दिया, लेकिन वो मुझसे अंदर नहीं हो रही थी, क्योंकि उसकी उस सलवार का नाड़ा बहुत टाइट बंधा हुआ था उस बात को वो तुरंत समझ गयी और अब वो बिल्कुल सीधी लेट गयी और बोली कि एक मिनट उसने लेटे लेटे ही अपनी कमीज़ को ऊपर किया और अपनी सलवार का नाड़ा खोलकर पहले से ज्यादा ढीला कर दिया और वो एक बार फिर से उल्टी हो गयी और वो बोली कि लो अब आप वो कर दो। दोस्तों मेरा तो लंड उस समय एकदम से तनकर खड़ा हो गया था और मुझे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि आज मुझे क्या हो रहा है? अब मैंने उसकी पेंटी को सलवार के अंदर कर दिया और ऐसा करने से मेरे मन को वो ख़ुशी मिली, जिसको में किसी भी शब्दों में लिखकर आप सभी को नहीं बता सकता। अब वो तुरंत ही मुझसे बोल पड़ी अब प्लीज आप मेरी कमीज़ को भी नीचे कर दो, नहीं तो आप दोबारा फिर से मुझे छेड़ने लगोगे, क्योंकि मुझे अब सोना भी है और सुबह में देरी से उठी तो माँ मेरे ऊपर बहुत चिल्लाएगी। अब में उसके मुहं से वो सभी बातें सुनकर हल्का सा मुस्कुराया गया और मैंने उसकी कमीज को भी अब नीचे कर दिया। उसके बाद में कुछ देर लेटकर कुछ बातें सोचने लगा और मेरे मन में उन विचारों की वजह से मेरा मन अब ख़ुशी से झूम उठा और में पगला सा गया था। मेरे मन में अब ना जाने कैसे कैसे विचार उसके लिए आने लगे थे और ना जाने कब में उसके बारे में सोचता हुआ गहरी नींद में सो गया। शायद तब तक वो भी सो चुकी थी ।।

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धन्यवाद …

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