बहन की ओखली में लंड दिया

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प्रेषक : रोहित …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम रोहित है और में बहुत जवान और मेरा रंग बहुत साफ गोरा है। मेरा बदन बड़ा ही गठीला और दिखने में बहुत ही आकर्षक है। अभी मैंने कुछ समय पहले अपनी MBA की पढ़ाई को पूरा किया है। में आप सभी को अपनी चुदाई की घटना जो की मेरी एक चचेरी बहन जिसका नाम श्वेता के साथ हुई उसकी जबरदस्त चुदाई के बारे में बताता हूँ।

मेरी चचेरी बहन का नाम श्वेता है और वो 22 साल की है और उसका वो गदराया हुआ बदन उसके बूब्स तो ऐसे थे कि आप पूछो मत, वो बहुत ही सुंदर है, वो एकदम दूध जैसी गोरी, उसके काले लंबे बाल, उसकी लम्बाई करीब 5.5 इंच और उसके बूब्स का आकार 36-26-38 है उसका वो फिगर बड़ा ही मस्त है और हम दोनों अपने घर से बाहर एक ही रूम में रहकर अपनी पढ़ाई किया करते थे और तब मैंने अपने रूम में पढ़ने के लिए कुछ गंदी कहानियों की किताबें रखी हुई थी जो एक दिन श्वेता के हाथ लग गयी और उसने उनकी वो कहानियाँ पढ़कर भी देख लिया और वो मेरे विचारो के बारे में पूरी तरह से बहुत अच्छी तरह से समझ चुकी और इसलिए में अपने लंड और वो अपनी चूत की प्यास नहीं रोक सकी।

फिर उस किताब को देखने के बाद अब मुझे उसके व्यहवार में मेरे लिए बहुत बदलाव देख चुका था। वो अब हर कभी जानबूझ कर बड़े गले के कपड़े पहनकर मुझे अपने गोरे बूब्स का जलवा दिखाकर मुझे अपनी तरफ आकर्षित करने लगी थी और फिर में भी जानबूझ कर उसके बूब्स कभी उसकी गांड को उसके बदन को छूकर मज़े लेने लगा था। दोस्तों उसने कभी भी मुझसे इन सभी के लिए अपनी तरफ से नाराजगी का अहसास नहीं होने दिया और में भी अब हर कभी मजाक करते समय उसको पीछे से जाकर अपनी बाहों में भर लेता जिसकी वजह से मुझे उसके बूब्स को छूने का वो मौका मिल जाता। ऐसा हम दोनों के बीच कुछ समय चला और हम दोनों एक दूसरे के साथ पूरी तरह से खुल चुके थे। अब वो एक दिन मुझसे बातें करते समय अचानक से उस किताब के बारे में पूछने लगी और मैंने भी उसको सच सच कह दिया कि बस ऐसे ही जब मुझे इच्छा होती है या इसकी जरूरत महसूस होती है तब में उसको पढ़कर थोड़े बहुत मज़े कर लेता हूँ। क्या करूं इसके अलावा मेरे पास और कोई रास्ता भी तो नहीं है। फिर वो उसी समय तुरंत मुझसे कहने लगी कि में ही तुम्हारी पत्नी बन जाती हूँ और मुझे अपनी पत्नी समझो और मेरे साथ सेक्स करो, तुम्हे इन किताबो को पढ़ने की फिर कभी भी जरूरत महसूस नहीं होगी और इससे हम दोनों का काम चल जाएगा और मुझे भी कहीं बाहर अपने किसी बॉयफ्रेंड के पास जाने की जरूरत कभी नहीं होगी। घर के घर में हम दोनों का काम चल जाएगा। दोस्तों वो उस समय जींस शर्ट पहने हुए थी और अब वो मुझसे बोली कि चलो अब शुरू हो जाओ, क्यों मुझे तुम अपना यह इतना झूठा नाटक दिखाते हो, मुझे बहुत पहले से पता है कि तुम भी मेरे साथ यह सब करना चाहते हो तभी तो तुम आज कल मेरी छाती को बड़ा घूर घूरकर देखते हो, मुझे हर कभी छूकर मज़े लेते हो, तुम क्या समझते हो, क्या में इनका मतलब नहीं समझती? मुझे पहले से ही बहुत अच्छी तरह से पता है कि यह आग हम दोनों के जिस्म में बराबर लगी हुई है। आज तुम मेरी भी आग को पूरी तरह से शांत कर दो और इतना कहकर उसने मुझे किस करना शुरू कर दिया। वो मेरे होंठो को वो बुरी तरह से किस करने लगी थी, जिसकी वजह में भी पूरी तरह से जोश में अब आ गया था और में भी उसको किस करते हुए उसका साथ देने लगा था और फिर में उसको अपनी बाहों में भी दबाने लगा था, जिसकी वजह से उसके बूब्स मेरी छाती से दबकर मुझे बड़े मस्त मज़े दे रहे थे। दोस्तों उसके साथ यह सब करके मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे में कोई सपना देख रहा हूँ, लेकिन वो सब एक सच था। हम दोनों उस समय बड़े जोश में थे। अब कुछ देर बाद उसको मैंने खींचकर बेड पर लेटा दिया और फिर में उसके ऊपर आ गया और मैंने उसको चूमना शुरू कर दिया था। फिर करीब दस मिनट तक में उसको वैसे ही लगातार चूमता रहा, जिसमें उसने भी मेरा साथ दिया।

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फिर मैंने उसकी शर्ट को खोल दिया और उसके बाद मैंने उसकी ब्रा को भी खोल दिया। फिर जैसे ही मैंने उसकी को ब्रा खोला तो उसके वो दोनों बड़े आकार के बूब्स ब्रा से आजाद होकर उछलकर बाहर आ गये। में उनको देखकर अपने होश खोकर जोश में आकर उनको ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा था, क्योंकि बड़े दिनों के बाद मुझे उसके वो पूरे के पूरे बूब्स बिना कपड़ो के दिखने को और दबाने को मुझे मिले थे जिनको में हमेशा अपनी प्यासी नजरों से देखा और कभी कभी छू भी लिया करता था। फिर मैंने उसके बूब्स के निप्पल को अपने मुहं में भर दिया और में उसको चूसने लगा जिसकी वजह से वो आहहहह उफ्फ्फ कर रही थी और में उसको कुछ देर चूसता ही रहा। थोड़ी देर बाद मैंने उसकी जींस को खोलकर उसको पेंटी में कर दिया। उसकी चूत बहुत गरम हो चुकी थी इसलिए उसकी पेंटी गीली हो चुकी थी। अब मैंने उसकी पेंटी को भी उतारकर उसकी चूत को पूरा फैलाकर में चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा था, जिसकी वजह से वो सिसकियाँ भर रही थी और उसके मुहं से अब आह्ह्ह्ह ऊऊहहहह की आवाज आने लगी थी। में लगातार उसकी चूत को चाटकर चूसकर उसको गरम करता रहा और वो मेरे लंड को अपने हाथ में लेकर खींच रही थी और उसको वो कसकर दबा भी रही थी। फिर कुछ देर बाद श्वेता ने अपनी कमर को ऊपर उठा लिया और वो मेरे तने हुए लंड को अपनी दोनों जाँघो के बीच में लेकर उसको रगड़ने लगी थी। फिर उसके बाद वो मेरी तरफ करवट लेकर लेट गयी जिससे वो मेरे लंड को ठीक तरह से पकड़ सके। उस समय उसके दोनों बूब्स मेरे मुँह के बिल्कुल पास थे और में उन्हे कस कसकर दबा रहा था। फिर तभी अचानक से उसने अपने एक बूब्स को मेरे मुँह में डालते हुए कहा लो चूसो इनको अपने मुँह में लेकर ज़ोर से चूसकर इसका पूरा रस निचोड़ दो। फिर मैंने उसके एक बूब्स को अपने मुँह में पूरा भर लिया और अब में उसको जोश में आकर ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा था। ऐसा करने से मुझे बड़ा मस्त मज़ा और उसको जोश आ रहा था और थोड़ी देर चूसने के बाद मैंने उसके बूब्स को अपने मुँह से बाहर निकाला और उसको बोला कि में बहुत पहले से हमेशा तुम्हारे इन कसे हुए बूब्स के बारे में सोचा करता था और में इनको देखकर हैरान भी बड़ा होता था। मेरी हमेशा इनको छूकर महसूस करने की बहुत इच्छा होती थी और मेरा दिल करता था कि में इन्हे अपने मुँह में लेकर जमकर चूसकर इनका पूरा रूस पी जाऊँ, लेकिन में डरता था और यह सोचता था कि पता नहीं तुम क्या सोचो और कहीं तुम मुझसे नाराज़ ना हो जाओ और तुम नहीं जानती श्वेता कि तुमने मुझे और मेरे लंड को कितना परेशान किया है? तभी वो मुझसे हंसती हुई कहने लगी कि अच्छा तो आज तुम अपनी हर एक तमन्ना को पूरी कर लो, आज तुम मेरे इन बूब्स को जी भरकर दबाओ चूसो और इनके पूरे पूरे मज़े लो, में तो आज से पूरी की पूरी ही तुम्हारी हूँ तुम जैसा चाहो वैसा ही मेरे साथ करो, में तुमसे बिल्कुल भी किसी काम को करने के लिए मना नहीं करूंगी, चलो अब वापस अपने काम पर लग जाओ। दोस्तों फिर क्या था, मुझे श्वेता की तरफ से हरी झंडी और उसकी तरफ से हाँ का जवाब मिल चुका था, जिसको पकड़ में जुट गया अपने काम पर में श्वेता के बूब्स पर टूट पड़ा और अब मेरी जीभ उसके कसे हुए निप्पल को महसूस कर रही थी। मैंने अपनी जीभ को उसके उठे हुए खड़े निप्पल पर घुमाया और में उसके उन दोनों अनारों को कसकर पकड़े हुए था और में बारी बारी से उन्हे चूसते हुए दबा भी रहा था। में उसके बूब्स को ऐसे कसकर दबा रहा था जैसे कि आज में जोश में आकर उनका पूरा का पूरा रस निचोड़ ही लूँगा और उस काम में श्वेता भी मेरा पूरा साथ दे रही थी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब उसके मुहं से ओह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह सईईईईई की आवाज़ निकल रही थी। मुझसे पूरी तरफ से सटते हुए वो मेरे लंड को बुरी तरह से मसल भी रही थी और वो उसको मरोड़ भी रही थी और फिर उसने अपने एक पैर को मेरी जांघ के ऊपर चड़ा दिया और मेरे लंड को उसने अपनी दोनों गरम जांघो के बीच में रख लिया था। तब मुझे उसकी जाँघो के बीच एक बड़ा ही मुलायम और रेशमी एहसास हुआ। दोस्तों यह उसकी गरम कामुक चूत थी, क्योंकि उस समय श्वेता ने पेंटी नहीं पहन रखी थी और वो बिल्कुल नंगी थी और अब मेरे लंड का टोपा उसके चूत के ऊपर घूम रहा था। दोस्तों इतना सब होने के बाद मेरा अब सब्र का बाँध टूट रहा था और मुझे रुकना बहुत मुश्किल हो रहा था और फिर में श्वेता से बोला कि श्वेता मुझे अब कुछ हो रहा और में अपने आपे में नहीं हूँ प्लीज़ मुझे बताओ में अब क्या करूं? तो श्वेता बोली कि अब तुम मुझे चोदो, फाड़ डालो मेरी इस चूत को। में चुपचाप उसके चेहरे को देखते हुए उसके बूब्स को मसलता रहा। अब उसने अपना मुँह मेरे मुँह से बिल्कुल सटा दिया और वो फुस फुसाकर बोली आज तुम अपनी इस श्वेता को चोद दो इतना कहते हुए श्वेता ने अपने हाथ से मेरे लंड को अपनी चूत के मुहं पर रखकर ठीक निशाने पर लगाकर उसको वो सही रास्ता दिखा रही थी और उसकी चूत में अंदर जाने का रास्ता मिलते ही मेरे लंड का टोपा एक ही धक्के में अंदर चला गया और इससे पहले की श्वेता संभले या वो अपना आसान बदले मैंने उसको अपनी तरफ से दूसरा धक्का लगा दिया जिसकी वजह से मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी मक्खन जैसी चूत की जन्नत में चला गया। अब श्वेता दर्द की वजह से चिल्लाई ऊऊईईईईईईईई आईईईई माँ ओह्ह्ह्हह मर गई रोहित प्लीज ऐसे ही कुछ देर हिलना डुलना नहीं मुझे बहुत दर्द के साथ साथ जलन भी हो रही है आज तुम्हारे लंड ने मुझे मार ही डाला मेरे राजा ऊफ्फफ्फ्फ् स्स्सीईईईईई। दोस्तों अब मैंने महसूस किया कि श्वेता को बहुत दर्द हो रहा था, क्योंकि आज पहली बार जो उसकी चूत में इतना मोटा और लंबा लंड जो घुसा था। में अपना लंड उसकी चूत में डालकर चुपचाप पड़ा था और मैंने तब महसूस किया कि श्वेता की चूत फड़क रही थी और वो अंदर ही अंदर मेरे लंड को मसल रही थी और तेज़ी से साँस लेने की वजह से उसके उठे हुए बूब्स अब बड़ी तेज़ी से ऊपर नीचे हो रहे थे। मैंने अब अपने एक हाथ को आगे बढ़ाकर मैंने उसके दोनों बूब्स को पकड़ लिया और मुँह में लेकर निप्पल को चूसने लगा दबाने भी लगा था। फिर कुछ देर बाद श्वेता को अपने उस दर्द से कुछ राहत मिली और उसने अब अपनी कमर हिलाना शुरू कर दिया था। फिर वो मुझसे बोली कि रोहित अब तुम मुझे धक्के देकर चोदना शुरू करो। फिर मैंने उसकी बात को सुनकर अपने लंड को थोड़ा सा बाहर किया और एक ज़ोर का धक्के मार दिया, जिसकी वजह से मेरा लंड उसकी चूत को चीरता हुआ पूरा का पूरा अंदर चला गया। फिर श्वेता मुझसे कहने लगी कि अब तुम इस लंड को बाहर निकालो, लेकिन में अपने लंड को धीरे धीरे श्वेता की चूत में अंदर बाहर करने लगा था और कुछ देर बाद अब श्वेता ने मुझसे मेरे धक्को की स्पीड को तेज करके उसकी चुदाई करने के लिए कहा।

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अब मैंने उसकी वो बात मानकर अपनी स्पीड को बढ़ा दिया था और में तेज़ी से अपने लंड को लगातार अंदर, बाहर करने लगा था, जिसकी वजह से श्वेता को पूरी मस्ती बहुत जोश आ रहा था और अब वो भी नीचे से अपनी कमर को उठा उठाकर मेरे हर धक्के का जवाब देने लगी थी और अपने रसीले बूब्स को मेरी छाती पर रगड़ते हुए उसने अपने गुलाबी होंठो मेरे होंठ पर रख दिए और मेरे मुँह में अपनी जीभ को डाल दिया। अब उसकी गरम चूत में मेरा लंड पूरे जोश में आकर बड़ी तेज़ी से अंदर बाहर हो रहा था। मुझे लग रहा था कि में अब जन्नत में पहुँच गया हूँ और फिर जैसे जैसे वो झड़ने के करीब आ रही थी उसकी भी अपने कूल्हों को उठाने की स्पीड बढ़ती जा रही थी और उस समय पूरे कमरे में फ़च फ़च की आवाज़ गूँज रही थी। में अब श्वेता के ऊपर लेटकर अपनी तरफ से धनाधन धक्के लगाने लगा था। अब श्वेता ने अपने दोनों पैरों को मेरी कमर पर रखकर मुझे मजबूती से जकड़ लिया था और वो ज़ोर ज़ोर से अपने कूल्हों को ऊपर उठा उठाकर मेरा अपनी चुदाई में साथ देने लगी थी। में भी अब श्वेता के बूब्स को दबाते और मसलते हुए लगातार धक्के लगा रहा था और वो कमरा हमारी चुदाई की आवाज़ से भरा पड़ा था और श्वेता जोश में आकर अपनी कमर को हिलाकर कूल्हों को उठा उठाकर मुझसे अपनी चुदाई करवा रही थी और वो बोले जा रही थी आह्ह्ह्हह मेरे राजा में मर गई आईईईई हाँ ऐसे ही चोदो तुम मुझे चोदो ऊऊईईईईई में मर गई माँ आह्ह्ह्ह आज फट गई ऊफ्फ्फ्फ़ मेरी चूत हाँ तुम ऐसे ही करो, चोदो मुझे ले लो मज़ा मेरी इस जवानी का मेरे राजा और वो इतना कहते हुए अपनी गांड को हिलाने लगी थी।

दोस्तों मैंने उसको वैसे ही लगातार करीब बीस मिनट तक धक्के देकर चोदा और में भी अब उससे बोल रहा था हाँ यह ले मेरी रानी, पूरा अंदर ले तू आज मेरा लंड अपनी इस ओखली में, तूने मुझे बड़ा तड़पाया है, ले और अंदर ले, मेरी रंडी आज से मेरा यह लंड अब तेरा ही है अहह्ह्ह्ह उहहह्ह्ह वाह क्या जन्नत का मज़ा दिया है तूने मुझे और में तो आज से मेरा गुलाम हो गया हूँ श्वेता तूने मुझे बड़े मस्त मज़े दिए है। अब वो अपनी गांड को ऊपर उछाल उछालकर मेरा लंड वो अपनी चूत में ले रही थी और में भी पूरे जोश के साथ उसके बूब्स को मसल मसलकर अपनी जान को धक्के देकर चोद रहा था। अब श्वेता मुझको ललकारकर कहने लगी उफफ्फ्फ्फ़ हाँ तुम ऐसे ही लगाओ धक्के मेरे राजा और में उसको जवाब देता हाँ यह ले मेरी रानी, हाँ पूरा अंदर ले तू अपनी चूत में। फिर वो बोली हाँ ज़रा और ज़ोर से सरकाओ तुम अपना लंड मेरी इस चूत में मेरे राजा, वाह मज़ा आ गया आह्ह्ह, तो में उससे बोला हाँ यह ले मेरी रानी यह लंड तो तेरे लिए ही है और आज तू इसका पूरा जमकर मज़ा ले। अब वो कहने लगी कि देखो मेरे राजा मेरी यह चूत तो अब तेरे इस लंड की पूरी तरह से दीवानी हो गई है, हाँ और ज़ोर से और ज़ोर से पूरा अंदर तक जाने दो आईईईई उफ्फ्फ्फ़ मेरे राजा में गई रे कहते हुए मेरी श्वेता ने अब मुझे बहुत ज़ोर से कसकर अपनी बाहों में जकड़ लिया और उसी समय उसकी चूत ने अपने उस ज्वालामुखी का पूरा लावा बाहर छोड़ दिया, जिसको में अपने लंड पर महसूस कर रहा था और अब तक मेरे भी लंड भी अपना वीर्य छोड़ने वाला था और में उससे बोला कि अब में भी झड़ने वाला हूँ मेरी जान और इतना कहते हुए मैंने भी अपने लंड का पूरा गरम वीर्य उसकी चूत के अंदर निकाल दिया और में हांफते हुए उसके बूब्स पर अपना सर रखकर कसकर उससे चिपककर वैसे ही लेट गया। मेरा लंड अब भी उसकी चूत में था। दोस्तों मेरा लंड अब उसकी चूत में अपने वीर्य को निकालते हुए धीरे धीरे ठंडा होने की वजह से कुछ देर बाद अपने आप बाहर आने लगा और लंड के बाहर आने के साथ साथ उसकी पूरी वीर्य से भरी हुई चूत से अब हम दोनों का वो गरम लावा भी बाहर आने लगा था, जो उसकी चूत से रिसता हुआ उसकी गांड तक पहुंच गया और उसने बेड को भी गंदा कर दिया था, जिसको बाद में श्वेता ने साफ किया और अब वो मुझे हमेशा बड़ी खुश और मेरी उस चुदाई की वजह से पूरी तरह से संतुष्ट भी नजर आ रही थी। मैंने उसको भी कई बार जमकर चोदा, जिसमे उसने बहुत मज़े लेकर मेरा पूरा पूरा साथ दिया और मैंने उसको हर बार एक अगल तरीके से अपने लंड के मज़े दिए। वो अपनी पहली चुदाई करवाकर मुझे अपनी चूत की सील को पहले ही तुड़वा चुकी थी, इसलिए अब उसको चुदाई के समय दर्द कम और मज़ा ज्यादा आने लगा था। वो बड़े जोश के साथ मेरे लंड को अपनी चूत में लेने लगी थी ।।

धन्यवाद …

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