बेटी के साथ माँ फ्री मिली

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प्रेषक : मदन …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम मदन है। में महाराष्ट्र के सोलापुर शहर में रहता हूँ, मेरी अभी-अभी शादी हुई है। में आपको मेरी चुदाई की पहली स्टोरी बताने जा रहा हूँ। मेरी शादी यहाँ की एक निशा नाम की लड़की से हुई है, निशा बहुत ही खूबसूरत है, लेकिन वो एक ऐसे परिवार से है जहाँ लड़कियों को कोई आज़ादी नहीं है, उन्हें ना कोई फाईल दिखाई जाती है, ना कही पर अकेले जाने दिया जाता है। उसके घर में उसकी एक बड़ी बहन, एक छोटी बहन और उसका छोटा भाई और उसके माता पिता और उसके चाचा चाची भी साथ में रहते है।

मेरी पहली रात बहुत ही खराब रही थी। में जैसे ही उसके कपड़े खोलने लगा, तो उसने मुझे रोक दिया क्योंकि वो सेक्स के बारे में कुछ नहीं जानती थी। तब मुझे बड़ा गुस्सा आया और मैंने उसकी जमकर पिटाई की। फिर तीसरे दिन के बाद हमें ससुराल से बुलावा आया तो में गुस्से में वहाँ चला गया। फिर खाना खाने के बाद जैसे ही सासू जी मुझसे बातें करने लगी तो मैंने उनको पहली रात वाला किस्सा सुनाया तो वो दंग रह गयी। मेरी सासू जी की उम्र 36-37 साल है, वो बड़े ही प्यार से मुझसे बातें कर रही थी। फिर जब मैंने उनको यह बात बताई तो वो पहले थोड़ी सी घबराई मगर बाद में हँसने लगी। अब मुझे उनके इस बर्ताव पर बहुत ही गुस्सा आने लगा था। फिर उन्होंने मुझे थोड़ा रुकने को कहा और  फिर थोड़ी देर में वो वहाँ वापस आ गयी, लेकिन अब वहाँ का नज़ारा बदल चुका था। अब उन्होंने अपनी साड़ी निकालकर एक नाइटी पहनी थी। सासू जी का गोरा रंग उसमें बहुत ही खिल रहा था। उनकी चूचीयां जिनकी साईज़ 34-36 है बड़े ही उभार के साथ दिखाई दे रही थी। उनकी नाइटी का गला काफ़ी बड़ा होने से उसमें से उनकी अंदर की काली ब्रा साफ-साफ़ नज़र आ रही थी।

अब उस कमरे में सिर्फ़ में और मेरी सासू जी ही थी। फिर उन्होंने धीरे से अपना हाथ मेरी और बढ़ाया और मेरे पास आकर बैठ गयी। फिर उन्होंने मेरा हाथ अपने हाथ में लिया और बोली कि जानो दो बेटा, नयी कली है अभी तक किसी से चुदवाया नहीं है ना इसलिए लंड का मजा जानती नहीं है, तुम चिंता ना करो में उसको समझा दूंगी। अब उनकी इस तरह से खुली बातें सुनकर में तो दंग रह गया था। फिर उन्होंने मुझसे पूछा कि तुमने पहले कभी किसी को चोदा है? तो मैंने कहा कि हाँ तो वो बड़े चाव से बोली कि किसे? तो मैंने कहा कि बहुत सी लड़कियों को और औरतो को चोदा है। अब मुझे लगा था कि वो शायद नाराज़ हो जाएगी मगर वो खुश हो गयी, अब उनकी आँखों में मुझे नशा दिखाई दे रहा था।

फिर उन्होंने मुझे अपने और पास बुलाकर मेरा हाथ अपनी जांघो पर रखा और बोली कि तुम्हारे लंड की साईज़ क्या है? अब में भी मस्ती में आ गया था तो मैंने कहा कि 8 इंच है। तो वो बोली कि यकीन नहीं होता है, तो मैंने उनका हाथ पकड़कर सीधे अपने खड़े लंड पर रख दिया। अब सासू जी की सेक्सी बातों से मेरा लंड खड़ा हो गया था। फिर उन्होंने जैसे ही मेरे लंड को छुआ तो मेरे शरीर में एक अलग सा नशा छा गया, उनके हाथों का जैसे ही मेरे लंड का टच हुआ, तो उन्होंने अपना हाथ झटके से पीछे कर लिया। फिर मैंने कहा क्या हुआ? तो वो घबराकर बोली कि अरे ये तो वाकई में बहुत बड़ा है। तो मैंने फिर से उनका हाथ पकड़कर अपने लंड पर रखा और धीरे से दबाया तो उनको बहुत ही मज़ा आया।  फिर उन्होंने भी मेरा हाथ अपनी चूचीयों पर रखा और बोली कि तुम इन्हें दबाओ। तो मैंने महसूस किया कि उनकी चूचीयां बड़ी सख़्त हो गयी थी। फिर थोड़ी देर तक हमारा ऐसे ही दबाने का प्रोग्राम चलता रहा।

फिर मैंने उनकी नाइटी के हुक खोल दिए और उन्होंने भी मेरी पेंट की चैन खोल दी। अब मुझसे रहा नहीं गया तो मैंने उनकी नाइटी पूरी उतार दी। अब वो मेरे सामने सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में थी,  क्योंकि उन्होंने अंदर पेटीकोट नहीं पहन रखा था। अब में उनके नंगे बदन को देखने लगा था, उनकी चूचियां आम के शेप में थी और वो काफ़ी कड़क नज़र आ रही थी। फिर उन्होंने भी मेरे पूरे कपड़े उतार दिए अब में भी सिर्फ़ अंडरवेयर में था और उसमें से मेरा 8 इंच का लंड खड़ा होकर सबको दर्शन दे रहा था। अब उनकी नज़र उस पर से हट ही नहीं रही थी, उनकी टागें काफ़ी गोरी और मस्त दिखाई दे रही थी।  फिर मैंने उनकी ब्रा का हुक खोलना चाहा, तो वो बोली कि में निकाल देती हूँ। तो मैंने कहा कि नहीं, क्योंकि अब मेरे शैतान दिमाग में अजीब सा ख्याल आ गया था तो मैंने उनको कहा कि आप मेरी अंडरवेयर उतार दो, लेकिन हाथों से नहीं बल्कि अपने मुँह से। फिर उनको मेरी बात का शॉक लगा और फिर  में खड़ा हो गया और उनका मुँह मेरी नाभि पर रखा तो वो धीरे से मेरा अंडरवेयर अपने दातों में पकड़कर नीचे की तरफ खिसकाने लगी।

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अब हम दोनों को एक अजीब सा आनंद मिलने लगा था। अब वो पूरी मस्त हो गयी और बोली कि मुझे आज तक इतना मज़ा कभी नहीं आया था। फिर मैंने मेरा खड़ा लंड उनके मुँह में दे दिया, तो पहले तो उन्होंने थोड़ा मना किया, लेकिन फिर वो शुरू हो गयी। अब वो मेरे लंड को आइसक्रीम की तरह चूस रही थी। अब मेरा लंड बिल्कुल तैयार हो गया था। फिर मैंने उनको ज़मीन पर उल्टा लेटने को कहा और कहा कि अब देखो में तुम्हारी ब्रा को कैसे उतारता हूँ? फिर में उनकी पीठ पर बैठ गया और अपना तना हुआ लंड उनकी पीठ पर रगड़ने लगा। फिर मैंने उनकी ब्रा के हुक में अपने लंड को फंसाकर उसको निकालने कि कोशिश करने लगा मगर उनकी ब्रा बहुत ही टाईट होने के कारण मुझे तकलीफ़ हो रही थी।

अब मेरे लंड का स्पर्श अपनी पीठ पर पाकर तो वो मेरी दीवानी हो गयी थी। फिर मैंने अपने लंड को उनकी ब्रा के हुक में फंसाकर एक ऐसा झटका दिया कि उनका हुक टूट गया। अब वो मेरे लंड की ताक़त देखकर दंग रह गयी थी। फिर मैंने उनकी पेंटी भी उतार दी, उनकी चूत बिल्कुल साफ थी। अब उनकी चूत की गुलाबी फांके देखकर मेरा मन खुशी से भर गया था। फिर जैसे ही मैंने उनकी चूत में अपनी उंगली डाली तो वो तड़प उठी और उनके मुँह से आआआआआ आआआआआआआ की आवाजे निकलनी शुरू हो गयी। फिर मैंने महसूस किया कि वो पूरी मस्त हो गयी थी। अब उनसे रहा नहीं गया तो उन्होंने मेरा लंड अपने हाथों में लेकर अपनी चूत पर रखा, जब में ज़मीन पर लेटा हुआ था और वो मेरे ऊपर थी। फिर उन्होंने अपनी चूत को मेरे लंड पर रखकर एक जोर का झटका दिया, लेकिन मेरा लंड तो उनकी चूत के मुँह पर ही अटक गया। अब वो पागल होकर पूरी कोशिश करने लगी थी, अब वो ऊपर से झटके दे रही थी, लेकिन मेरा लंड अंदर घुसने का नाम ही नहीं ले रहा था। फिर मैंने उनकी तरफ हंसकर देखा और कहा कि छोड़ो ये तुमसे नहीं होगा और फिर उन्हें पलटी मार दी तो वो नीचे और में ऊपर आ गया।

फिर मैंने उनकी दोनों टांगे अपने कंधो पर रखी तो उनकी चूत मेरे लंड के सामने आ गयी। फिर मैंने अपने लंड को उनकी चूत पर रखकर एक करारा झटका दिया, तो मेरा आधा लंड उनकी चूत में चला गया, लेकिन इस झटके से उनकी आँखों में पानी भर आया और वो चिल्लाने लगी छोड़ दो में मर जाउंगी, तुम्हारा लंड नहीं लोहा है। फिर मैंने उनको कहा कि ये तो अभी शुरुआत है। अब मुझे उनकी आँखो में डर दिखाई दे रहा था। फिर मैंने थोड़ा संभलकर अपने हाथों से उनकी चूचीयाँ ज़ोर-जोर से मसली और फिर उनके निप्पल को अपने मुँह में लेकर अपने दातों से काटने लगा। तो वो फिर से मेरे लंड खाने को तैयार हो गयी। फिर मैंने अपना पूरा लंड बाहर निकालकर फिर से एक जोरदार झटका मारा कि मेरा पूरा लंड उनकी चूत को फाड़कर अंदर चला गया और वो जोर से चिल्लाई नहीं नहीं तुम तो मेरी चूत को फाड़ डालोगे, लेकिन मैंने उनकी तरफ़ ध्यान नहीं दिया और अपने लंड को अंदर बाहर करने लगा। अब धीरे-धीरे उनका दर्द खुशी में बदल गया था।

अब वो भी पूरे मजे के साथ मेरा लंड अपने अंदर लेने लगी थी, अब मेरी रफ़्तार तेज़ हो गयी थी। फिर थोड़ी देर के बाद वो झड़ गयी, लेकिन में अभी भी अपने पूरे जोश में था। फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाल लिया और उनके मुँह में दिया तो वो मेरे लंड को चूसने लगी मगर अब मेरे मन में तो कुछ और ही था। फिर मैंने उनको नीचे लेटाया और जोर से अपने लंड को धक्का दिया तो मेरा लंड उनके गले में चला गया। अब वो तड़प रही थी, अब में उनके मुँह में ही अपना लंड अंदर बाहर करने लगा था। तो वो फिर से गर्म हो गयी और मेरे लंड खाने को तैयार हो गयी थी।

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फिर मैंने अपनी पोज़िशन बदली और उनको कुतिया की तरह अपने घुटनों पर खड़े होने को कहा और फिर से अपना लंड अंदर बाहर करने लगा। तो तभी मेरी नज़र उनकी गांड पर पड़ी तो मैंने अपना लंड बाहर निकाल लिया और उनकी गांड के छेद पर रखा, तो वो घबराकर नहीं-नहीं करने लगी। फिर मैंने उनको समझाकर अपने लंड पर बहुत सारा तेल लगाया और उनकी गांड में भी तेल लगाया। फिर मैंने उनकी साड़ी से उनके दोनों हाथ पलंग से बांध दिए और फिर अपनी पोज़िशन बनाकर एक जोर का झटका दिया तो मेरा आधा लंड उनकी गांड में चला गया और वो मुझे हटाने के लिए झटपटाती रही,  लेकिन उनके हाथ बंदे होने के कारण वो झटपटाती रही। फिर मैंने अपना पूरा लंड बाहर निकालकर एक ऐसा ही झटका मारा कि मेरा पूरा लंड उनकी गांड फाड़ता हुआ अंदर चला गया और उनकी गांड से खून निकल आया। फिर मैंने जोर से झटके मारना चालू कर दिया। अब वो भी पूरी मस्ती में मेरा साथ देने लगी थी और मैंने पूरे 1 घंटे तक उनकी गांड मारी और इस बीच में वो 3 बार झड़ गयी।

अब जब में झड़ने वाला था तो मैंने अपना लंड बाहर निकालकर उनके मुँह में दे दिया तो वो फिर से मेरे लंड को चूसने लगी और फिर मैंने अपना सारा पानी उनके मुँह में ही छोड़ दिया और वो पूरी मस्ती के साथ मेरा सारा पानी पी गयी। फिर हम दोनों ने अपने-अपने कपड़े पहन लिए। फिर मैंने उनको कहा कि कैसा लगा? तो वो बोली कि अच्छा हुआ कि तुमने मेरी बेटी को नहीं चोदा, वरना वो तो मर ही जाती, अब जब तक वो लंड लेने के लिए तैयार नहीं हो जाती तुम मेरे घर में आकर मेरे साथ सुहागरात मना लिया करना। अब में तो बहुत खुश हो गया था कि बेटी के साथ में माँ भी फ्री मिल गयी है ।।

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धन्यवाद …

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