भाभी की बहन के साथ एक खूबसूरत रात

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प्रेषक : राज …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राज है और मेरी उम्र 21 साल है। मेरे घर में मेरे अलावा मेरे भैया जिनका नाम मोहन और मेरी भाभी जिनका नाम सोनिया है। दोस्तों अभी करीब दो साल पहले ही मेरे भैया की शादी हुई थी और उनकी अच्छी किस्मत से उनको जो पत्नी मिली थी वो गोरी और सुंदर होने के साथ साथ व्यहवार की भी बहुत अच्छी थी। उनका स्वभाव सभी के लिए बहुत अच्छा और वो बहुत खुले विचारों की थी और मेरी उनसे बहुत अच्छी बनती थी। हम दोनों आपस में बहुत हंसी मजाक बातें किया करते थे। फिर कुछ समय पहले मेरी भाभी ऐसे ही अपने घरवालों से मिलने के लिए उनके मायके चली गई। उनके जाने के बाद हमारा घर बिल्कुल खाली खाली सा लगने लगा था और कुछ दिनों के बाद भाभी जब वापस लौटकर आई तो मैंने देखा कि भाभी के साथ अब उनकी छोटी बहन जिसका नाम मिनी था, वो भी हमारे घर आ गई थी।

दोस्तों वो लड़की बहुत ही सुंदर और बहुत ही चंचल थी। वो भी बिल्कुल अपनी बड़ी बहन मतलब मेरी भाभी के ऊपर गई थी और उसका स्वभाव और बात करने का तरीका सब कुछ अपनी दीदी की तरह था, इसलिए वो मुझे अच्छी लगी और वैसे तो उसके बूब्स का आकार इतना ज्यादा बड़ा नहीं था हाँ, लेकिन उसके बूब्स थे बड़े गोलमटोल जिसको देखकर कोई भी उसके बूब्स को पकड़कर उनका रस चूसने का मौका अपने हाथ से जाने नहीं देगा, क्योंकि वो हमेशा या तो बिल्कुल टाईट टी-शर्ट या फिर बड़े गले के कपड़े पहना करती थी, इसलिए उसकी छाती का वो गोरा उभरा हुआ हिस्सा मुझे आकर्षित करके अपनी तरफ खींचता था और वैसे उस समय उसकी उम्र करीब 18 साल की थी, लेकिन थी बड़ी मस्त हॉट सेक्सी माल और वो मुझे भी हमेशा जीजा कहकर बुलाती थी और वो हमेशा मेरे साथ बहुत मस्ती मज़ाक किया करती थी और मेरी भाभी ने उसको मेरे रूम के पास वाला रूम रुकने के लिए दे दिया था, इसलिए उसने उस कमरे में अपना सामान रख लिया था।

एक दिन देर रात को में अपने बिस्तर से उठकर बाथरूम की तरफ जा रहा था, क्योंकि उस समय मुझे बहुत ज़ोर से पेशाब आ रहा था। तभी मैंने देखा कि मेरी भाभी की छोटी बहन बहुत ही ध्यान से एक छोटे से छेद से झांककर मेरे भैया के रूम में देख रही थी, उस समय गेलरी में एकदम अंधेरा था। तो में दबे पैर आगे बढ़कर चुपचाप उसके पीछे जाकर खड़ा हो गया और उस बात का उसको बिल्कुल भी पता नहीं पड़ा कि कोई है जो अब उसके पीछे आकर खड़ा हो गया है और में अब तुरंत समझ गया कि वो अपनी दीदी को अपने जीजा के साथ चुदाई के मज़े लेते हुए देख रही है और उसने तब मिनी स्कर्ट और टी-शर्ट पहनी हुई थी और मैंने उस समय बस बनियान और लूँगी पहन रखी थी। अब में जोश में आ गया और मेरा लंड तनकर खड़ा हो गया। मैंने थोड़ी सी हिम्मत करके अपने लंड को उसके कूल्हों पर सटा दिया, तो अचानक मेरे ऐसा करने की वजह से वो एकदम चकित होकर पीछे मुड़ गई और मुझे अपने पीछे खड़ा हुआ देखकर वो एकदम से शरमा गयी। फिर मैंने उसको उसी समय अपनी छाती से लगा लिया और मैंने अपने होठों को उसके नरम गुलाबी रसभरे होठों पर रख दिया और वो उस समय मुझसे कुछ बोलना चाहती थी, लेकिन मैंने तुरंत ही उसके मुहं को पकड़ लिया और यह सब इतना जल्दबाजी में हुआ कि उसको कुछ भी मुझसे कहने या मुझसे बच पाने का बिल्कुल भी मौका ही नहीं मिला और अब में उसको अपने साथ जबरदस्ती मेरे रूम में ले गया। फिर मैंने अब उससे पूछा कि तुम वहां खिड़की के पास खड़ी होकर इतनी देर से क्या देख रही थी? तो वो मेरे मुहं से यह सवाल सुनकर एकदम शरमा गयी, लेकिन वो अपने मुहं से कुछ भी नहीं बोली और में उसके नीचे झुके हुए चेहरे की तरफ देखता रहा। अब मैंने एक बार फिर उससे पूछा कि तुमने इतनी देर रूम में क्या देखा? अब वो बोली कि कुछ भी तो नहीं, में तो वो वहां से बाथरूम जा रही थी और में वो कुछ आवाजे सुनकर रुक गई और फिर उसका वो जवाब सुनकर तुरंत ही मैंने उसको अपनी छाती से लगा लिया और एक चुम्मा मैंने उसकी गर्दन पर जड़ दिया। फिर वो मुझसे अलग होने की कोशिश करने लगी थी, लेकिन मैंने उसको ज़ोर से पकड़ रखा था इसलिए वो उस काम में बिल्कुल नाकाम थी और वो लगातार कोशिश करती रही। फिर मैंने एक बार फिर उससे पूछा कि क्या देखा तुमने रूम के अंदर सच सच बताओ तुम मुझे? और अब वो बहुत शरमाते हुए बोली कि वही जो एक जवान मर्द जोश में आकर एक जवान औरत को उसके पूरे कपड़े उतारकर उसके साथ करता है। फिर मैंने उसके मुहं से यह जवाब सुनकर खुश होकर तुरंत अपने होंठ उसके होंठो पर रख दिए और में उसकी पीठ पर अपने हाथ को फेरने लगा तो वो बोली कि प्लीज अब आप छोड़ दो मुझे, आपने जो भी मुझसे पूछा वो सब मैंने अब सच सच बता दिया है इसलिए मुझे अब आप जाने दो प्लीज छोड़ दो।

अब मैंने उससे कहा कि तुमने जो रूम के अंदर देखा है अब में भी वही सब तुम्हारे साथ भी करूँगा, वो बोली कि प्लीज आप ऐसा मेरे साथ मत करो, अभी मेरी शादी भी नहीं हुई है, अगर किसी को पता चल गया तो मेरे लिए बहुत बुरा होगा, प्लीज छोड़ दो आप मुझे, अब जाने दो वरना दीदी आ जाएगी। फिर मैंने उससे कहा कि किसी को भी नहीं पता चलेगा, मैंने दरवाजा भी बंद कर दिया है और बाहर किसी को पता नहीं चलेगा कि हम दोनों अंदर क्या कर रहे है और ना तुम किसी को यह सब बताना और ना में किसी से यह सब बातें कहूँगा, लेकिन अगर तुम मुझसे इस काम को करने के लिए मना करोगी तो में मेरी भाभी और भैया से सब कुछ सच सच कह दूँगा कि तुम अभी कुछ देर पहले उनके कमरे से बाहर खड़ी होकर खिड़की से क्या सब देख रही थी। उसके बाद तुम्हारे साथ क्या होगा तुम खुद ही सोच लो। फिर वो मेरी पूरी बातें सुनकर एकदम चुप हो गयी और में थोड़ी देर तक उसकी गोरी पीठ और पतली कमर को सहलाता रहा और उसके होठों को चूमता रहा। उसने मिनी स्कर्ट और टी-शर्ट पहन रखी थी। अब मैंने उसकी स्कर्ट का बटन खोल दिया तो उसकी स्कर्ट नीचे सरककर ज़मीन पर जा पहुंची और वो एक बार फिर मुझसे कहने लगी कि प्लीज आप छोड़ दो मुझे, में अब आपसे माफी मांगती हूँ। तो मैंने उससे कहा कि देखो में भी जवान हूँ और तुम भी पूरी तरह से जवान हो, कमी किसी में भी नहीं है। यह सब करने की हम दोनों को बहुत जरूरत है, लेकिन तुम शायद कुछ कहने से डरती हो इसलिए मुझसे छुपा रही हो। देखो अब हम दोनों को भी उसी तरह का मज़ा लेना चाहिए जो कुछ देर पहले तुम अपनी आखों से उस कमरे में देखकर आई हो। फिर वो मेरी बातें सुनकर बिल्कुल चुप रही और में अब उसकी जांघों पर अपने हाथ को घुमाने लगा था। उसकी जांघे एकदम मलाई की तरह चिकनी गोरी भरी हुई थी और मेरे ऐसा करने के बाद थोड़ी ही देर में वो अब सिसकियाँ भरने लगी थी। फिर मैंने बिना देर किए उसकी टी-शर्ट और ब्रा को भी उतार दिया, जिसकी वजह से वो अब मेरे सामने बस पेंटी में थी और अब उसके गोरे, गोल गोल और सुंदर बूब्स मेरे सामने थे। उसका वो गोरा गदराया हुआ बदन उस पर उसके वो पागल कर देने वाले बूब्स को देखकर मैंने जोश में आकर अपने एक हाथ की उँगलियों से उसके बूब्स के भूरे रंग के निप्पल को मसलना शुरू कर दिया था और में अपने दूसरे हाथ से उसकी जांघो को भी सहला रहा था और अब मेरे पूरे बदन में एक अजीब सी सनसनी होने लगी थी। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने महसूस किया कि उसको अब और भी ज़्यादा मज़ा लगा था तो वो उस वजह से मुझसे एकदम चिपक गयी थी। अब मैंने सही मौका देखकर तुरंत ही उसकी पेंटी को नीचे सरका दिया था और अब में उसकी नंगी चूत पर अपने हाथ को फेरने लगा था तब मुझे अहसास हुआ कि उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था और वो एकदम गरम मस्त चिकनी थी और अब मेरे हाथ के अपनी चूत पर स्पर्श की वजह से उसने अपनी दोनों जांघों को आपस में एकदम सटाकर चूत को उसमे छुपा लिया था। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर मैंने थोड़ा सा ज़ोर लगाकर उसके दोनों पैरों के बीच में अपना एक पैर घुसा दिया और में दोबारा से उसकी चूत को सहलाते हुए अब मैंने उसको चूमना भी शुरू कर दिया, जिसकी वजह से तो वो और भी ज़्यादा जोश में आ गयी और अब मुझसे वो एकदम से लिपट गयी और वो मेरी पीठ पर अपने हाथ को फेरने लगी थी। उसी समय मैंने अपनी लूँगी को खोल दिया और फिर उसका एक हाथ पकड़कर अपने लंड पर रख दिया, लेकिन उसने हल्का सा छूकर महसूस करके अपना हाथ तुरंत पीछे हटा लिया। तो मैंने एक बार फिर से उसका हाथ पकड़कर अपने लंड पर रख दिया। अब थोड़ा सा शरमाने के बाद उसने मेरे लंड को धीरे से सहलाना शुरू कर दिया। दोस्तों मेरा लंड तो पहले से ही तनकर खड़ा हुआ था, लेकिन अब उसके हाथ के उस नरम स्पर्श से तो वो एकदम तनकर झटके देने लगा था और में उसकी चूत को अभी भी सहला रहा था। तभी थोड़ी देर तक मेरे लंड को लगातार सहलाने के बाद वो अब मुझसे कहने लगी कि आपका यह तो बहुत बड़ा है, मुझे इसको अपने अंदर लेने में बहुत दर्द होगा यह कैसे मेरे अंदर जाएगा और अगर चला भी गया तो वो मेरे लिए बहुत दुखदाई होगा, मुझे नहीं लगता कि में इसको अपने अंदर ले सकती हूँ इसलिए अब आप मुझे छोड़ दीजिए।

फिर मैंने उससे पूछा कि तुम यह बात कैसे कह रही हो कि मेरा बहुत बड़ा है? वो बोली कि अभी तो मैंने जीजू का देखा था और आपका तो उससे भी बहुत बड़ा है। फिर मैंने उससे कहा कि तो क्या हुआ? हर आदमी का एक तरह के आकार का नहीं होता और पहली बार देखने पर यह सभी को ऐसा ही लगता है, इससे हर किसी को डर लगता है, लेकिन थोड़ा सा अंदर लेने के बाद सबको बड़ा मज़ा आता है जैसा अभी तुम्हारी दीदी को भी आ रहा होगा और तुम भी वैसे ही मज़े मेरे साथ आज करने वाली हो और डर की चिंता बिल्कुल छोड़ दो, बस तुम मेरे साथ मज़े करो।

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दोस्तों दो चार मिनट के बाद ही उसकी चूत एकदम गीली हो चुकी थी इसलिए मैंने भी अब उसकी चुदाई करने में एक पल की भी देरी करना ठीक नहीं समझा और अब मैंने उसको बेड पर लेटा दिया और मैंने देखा कि वो अब तक पूरी तरह से जोश में आकर गरम हो चुकी थी और अब वो मेरी हर एक बात भी मान रही थी। बेड पर उसको लेटाने के बाद मैंने उसके कूल्हों के नीचे एक साथ दो तकियों को रख दिए और मेरे ऐसा करने की वजह से उसकी चूत एकदम ऊपर उठकर खुल चुकी थी और मुझे उसकी चूत का लाल दाना और चूत के अंदर तक का वो गुलाबी रंग का हिस्सा साफ नजर आ रहा था। उसकी चूत रस से पूरी गीली चिकनी हो चुकी थी। अब मैंने अपनी एक उंगली को उसकी चूत के अंदर डाल दिया और महसूस किया कि उसकी चूत बड़ी ही टाइट थी। मेरे ऐसा करने पर उसको हल्का सा दर्द हुआ जिसकी वजह से वो चीख पड़ी और अब मैंने अपनी उंगली को लगातार उसकी चूत के अंदर बाहर करना शुरू कर दिया था और वो हल्की सिसकियाँ लेते हुए अपने कूल्हों को हिला रही थी, लेकिन दोस्तों मैंने देखा कि करीब दो मिनट के बाद ही उसकी चूत से पानी बाहर आ गया और वो अब पहले से तेज तेज सिसकियाँ भरने लगी थी।

अब मैंने तुरंत ही उसके दोनों पैरों को पकड़कर पूरा फैलाकर एक दूसरे से दूर कर दिया और मेरे ऐसा करने की वजह से उसकी चूत का मुहं अब पूरा खुल गया था। दोस्तों उसकी चूत एकदम जोश से भरी हुई बड़ी कामुक थी और उस पर एक भी बाल नहीं था, जिसको देखकर मुझे ऐसा लगता था कि उसने एक दो दिन पहले ही अपनी चूत के बालों को साफ किया था। अब मैंने उससे पूछा कि तुम्हारी चूत पर एक भी बाल क्यों नहीं है? तो वो बोली कि मैंने यहाँ पर आने से पहले ही अपनी चूत के सभी बालों को साफ किया था और अब मैंने अपने लंड का टोपा उसकी चूत के बिल्कुल बीच में रख दिया और में टोपे से चूत के दाने को सहलाने लगा, जिसकी वजह से वो बहुत ज़्यादा जोश में आ गयी और उसी समय उसने मेरे सर को पकड़ लिया और वो सहलाने लगी। अब मैंने उसका जोश पागलपन देखकर अपने लंड को उसकी चूत के अंदर दबाना शुरू कर दिया और उस समय मैंने देखा कि वो तो उस दर्द की वजह से अपने होठों को काटने लगी थी। दोस्तों उसकी चूत इतनी गीली होने के बाद भी बहुत ही टाइट थी इसलिए मुझे थोड़ा ज्यादा ज़ोर लगाना पड़ रहा था और मैंने थोड़ा सा ज़ोर लगाया तो मेरा लंड अब उसकी चूत में तीन इंच तक चला गया, लेकिन वो उस दर्द की वजह से रोने लगी थी और वो मुझसे बोली कि मुझे बहुत दर्द हो रहा है, प्लीज अब आप रहने दो आह्ह्हह्ह उफफ्फ्फ्फ़ प्लीज आप छोड़ दो मुझे, बचा हुआ काम आप कल कर लेना, आपने ज्यादा अंदर किया तो में आज मर ही जाउंगी इसलिए मुझे अब आप छोड़ दो प्लीज। फिर मैंने उससे कहा क्या कल भी तुम मुझसे अपनी चुदाई करवाओगी? वो बोली कि हाँ में कल भी करवा लूंगी, मुझे बहुत अच्छा लग रहा है, लेकिन आज आप केवल इतना ही डालो, इसके आगे बिल्कुल भी मत डालना।

फिर मैंने उससे कहा कि हाँ ठीक है अगर तुम कहती हो तो में अपने लंड को इसके आगे नहीं करता और अब मैंने अपना लंड उसकी चूत में केवल तीन इंच तक ही डालते हुए मैंने धीरे धीरे अपने लंड को अंदर बाहर करना शुरू कर दिया और थोड़ी ही देर में जब उसका दर्द कम हो गया तो उसको भी अब मेरे साथ मज़ा आने लगा था और इसलिए उसने मुझे ज़ोर से पकड़ लिया और अब वो अपने कूल्हों को भी ऊपर उठाने लगी थी। फिर मैंने यह सब देखकर अपनी स्पीड को थोड़ा सा बढ़ा दिया था और फिर उसने कुछ देर बाद अपने कूल्हों को मेरे हर एक धक्के के साथ ऊपर उठना शुरू कर दिया तो में तुरंत समझ गया कि वो एकदम मस्त हो गयी है और शायद वो अब झड़ने भी वाली है। यह बात समझकर मैंने अपने धक्को की स्पीड को पहले से भी तेज़ कर दिया था। दोस्तों दो तीन मिनट धक्के खाने के बाद वो अब झड़ गयी और उसकी चूत ने अपना पानी छोड़कर उसके जोश को ठंडा कर दिया था, तब मैंने महसूस किया कि झड़ने के बाद उसकी चूत एकदम गीली होकर चिकनी हो गयी थी और मेरा सारा लंड उसकी चूत के पानी से भीग गया था। तब भी में रुका नहीं और उसको धक्के देकर वैसे ही चोदता रहा और में बीच बीच में थोड़ा सा तेज़ धक्के भी मार रहा था। दोस्तों वो अब भी बहुत ही ज़्यादा जोश में थी और वो अपने कूल्हों को ऊपर उठा उठाकर मुझसे अपनी चुदाई करवा रही थी। फिर जब में थोड़ा तेज़ धक्का मार देता, तब वो दर्द की वजह से थोड़ा सा चीख पड़ती और उसके मुहं से आह्ह्ह आईईईइ की आवाज निकल जाती। उस समय वो मेरे सर को पकड़कर मेरे बालों को भी सहला रही थी और में उसको उसी तरह से चोदता रहा, जिसमे वो मेरा पूरा साथ देती रही और अगले दस मिनट की चुदाई में मैंने अपना पूरा लंड उसकी चूत में पूरी गहराई तक डाल दिया था।

फिर मैंने उसको धक्के देते हुए उससे पूछा कि मिनी अब कल क्या होगा? तुमने तो मेरा पूरा लंड आज ही अपनी चूत में ले लिया है, कल के लिए तुमने क्या काम बाकि छोड़ा है? वो बोली कि कल हम दोनों बस जमकर चुदाई करेंगे तब यह चुदाई पूरी होगी और हम दोनों को उससे बड़ा मज़ा मिलेगा। दोस्तों मेरा पूरा लंड उसकी चूत में जाने के बाद मैंने अपनी स्पीड को पहले से ज्यादा और भी बढ़ा दिया था। अब में उसको बहुत ही तेज़ी के साथ धक्के देकर चोद रहा था और वो अपने कूल्हों को उठा उठाकर मेरे हर एक धक्के का जवाब दे रही थी और करीब बीस मिनट तक उसको और भी धक्के देकर चोदने के बाद में अब उसकी चूत में ही झड़ गया। वो भी इस दौरान तीन बार झड़ चुकी थी और उसकी चूत में झड़ने के बाद में अब उसके ऊपर से हट गया और मैंने अपने लंड को बाहर निकाल लिया था और अपना लंड मैंने तुरंत उसके मुहं में दे दिया जिसको वो लोलीपोप की तरह चूसने लगी थी। फिर कुछ देर मेरा लंड चूसने के बाद वो मुझसे बोली कि प्लीज एक बार और हो जाए। फिर मैंने उससे कहा कि हाँ ठीक है तुम पहले इसको चूस चूसकर एक बार फिर से खड़ा करके चुदाई के लिए तैयार करो, उसके बाद में तुमको अभी फिर से चोदना शुरू कर देता हूँ क्योंकि मेरा मन भी अभी उसकी चुदाई से नहीं भरा था और में भी दोबारा उसकी चुदाई करना चाहता था।

दोस्तों उसकी मेहनत की वजह से करीब दस मिनट के बाद ही मेरा लंड एक बार फिर से तनकर खड़ा हो गया था। अब मैंने उसको दोबारा से नीचे लेटाकर चोदना चाहा, लेकिन वो अब मुझसे बोली कि नहीं ऐसे नहीं, जैसे जीजू कर रहे थे आप भी वैसे ही करो। फिर मैंने उससे पूछा कि वो किस तरह से कर रहे थे तुम ही मुझे बता दो, में भी वैसे ही करता हूँ? अब वो बोली कि जीजू मेरी दीदी को घोड़ी की तरह बनाकर पीछे से अपना काम कर रहे थे, तो मैंने उससे कहा कि हाँ ठीक है तुम भी अब घोड़ी बन जाओ में भी उस तरह शुरू करता हूँ और वो तुरंत ही मेरे सामने घोड़ी की तरह बन गयी। में उसकी इस काम में रूचि को देखकर मन ही मन बड़ा खुश था और अब मैंने पीछे से आकर अपने लंड को उसकी चूत के के मुहं पर रखकर उसकी कमर को पकड़कर एक जोरदार धक्के से अंदर डालकर मैंने उसकी चुदाई करना शुरू कर दिया था, लेकिन इस बार उसको बहुत कम दर्द हुआ और उसने बहुत मज़े से मेरा साथ देते हुए अपनी चुदाई को करवाया और वो हर एक धक्के पर अपने कूल्हों को आगे पीछे करते हुए मेरा बहुत साथ दिया, दोस्तों मैंने उसको उस समय करीब बीस मिनट तक एक जैसे धक्के देकर चोदा और फिर उसके बाद में उसकी चूत में झड़ गया। मेरे झड़ने से पहले वो भी झड़ चुकी थी और फिर अपने लंड का पूरा पानी उसकी चूत में निकालने के बाद में उसके ऊपर से हट गया और वो भी अब तक बहुत थक चुकी थी। फिर हम दोनों कुछ देर वैसे ही लेटे हुए आराम करने लगे और में उसके बूब्स के निप्पल को सहला रहा था और वो मेरे लंड को पकड़कर दोबारा जोश में लाकर उसको चुदाई के लिए खड़ा करने लगी थी और कुछ देर बाद मैंने उसकी चुदाई करना शुरू कर दिया और दूसरी बार चुदाई के दौरान वो फिर से दो बार झड़ चुकी थी।

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दोस्तों इस बार उसको मुझसे अपनी चुदाई करवाने में बहुत मज़ा आया। वो मुझसे कहने लगी कि आपके साथ यह सब करके मेरा एक सपना आज सच हो चुका है। में यह सब करने के लिए कब से तरस रही थी और इसलिए में बस देखकर ही मज़े लिया करती थी, लेकिन डरने की वजह से में हमेशा पीछे हट जाती थी। आज आपने मेरा पूरा डर दूर भगा दिया है और वैसे मुझे पहले पता होता कि यह सब करना इतना आसान और मजेदार होता है तो में कब कि आपसे अपनी चुदाई करवा चुकी होती। आप बहुत अच्छे से यह काम करते हो, मुझे शुरू में थोड़ा सा दर्द जरुर हुआ, लेकिन अब मुझे इस बात की ख़ुशी है कि आज में आपके साथ यह मज़े लेते हुए एक कुंवारी लड़की से पूरी औरत बन चुकी हूँ वरना यह सुख मुझे मेरी शादी के बाद ही मिलता और में तब तक इस मज़े से वंचित ही रह जाती, इन सबके लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद मुझे बहुत मज़ा आया। दोस्तों में उसकी को बातें सुनकर बड़ा खुश था और उसके ऊपर से मेरे हटने के बाद उसने मेरे लंड को अपनी जीभ से चाट चाटकर साफ कर दिया और फिर एक कपड़ा लेकर उसने अपनी चूत को भी साफ किया। तब उस कपड़े पर खून के कुछ धब्बे भी आ गये थे। उसने वो धब्बे मुझे दिखाए और मेरे होठों पर एक चुंबन जड़ दिया। फिर उसके बाद वो अपने रूम में वापस चली गयी और में भी उसके जाते ही अपने कमरे का दरवाजा बंद करके वैसे ही सो गया। दोस्तों वो मेरे घर पर पूरे दस दिनों तक रही और मैंने हर बार उसकी अलग अलग स्टाइल से बहुत जमकर चुदाई करके बड़े मस्त मज़े लिए। मैंने कभी उसकी चूत में अपना लंड डाला तो कभी उसकी गांड भी मारी और हर बार चुदाई खत्म होने के बाद वो मेरे लंड को चाटकर साफ करती और में उसकी चूत को अपनी जीभ से चूसने और चाटने लगता और जिसमें उसने मेरा हमेशा पूरा पूरा साथ दिया। हम दोनों किसी भी समय अच्छा मौका अपने हाथ लगते ही अपना चुदाई का काम करने लगते और उसको अब बिल्कुल भी दर्द नहीं होता था और वो बड़े मज़े लेकर खुश होकर अपनी चुदाई करवाने लगती। दोस्तों फिर उन दिनों मेरे साथ मज़े मस्ती करने के बाद वो हमारे घर से चली गई, लेकिन आज तक भी में उसको भूल नहीं पाया और ना ही वो मुझे भूल पाई है में अभी भी उसको बहुत प्यार करता हूँ ।।

धन्यवाद …

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