भाभी की चूत पर लंड का वार

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प्रेषक : आदि …

हैल्लो दोस्तों, में भी आप लोगों की तरह सेक्सी कहानियों को पढ़ने का दीवाना हूँ और ऐसा करना मुझे बड़ा अच्छा लगता है। मेरी उम्र 24 साल है और मुझे हॉट सेक्सी माल की चुदाई करने में बहुत मज़ा आता है। दोस्तों में बहुत दिनों से आप लोगो की कहानियों को पढ़कर सोच रहा था कि में भी आप सभी के साथ अपने जीवन का हर एक लम्हा वो घटना सभी को बताऊँ जो मेरे साथ घटी और आज वो दिन आ ही गया इसलिए में अपनी कहानी को सभी कामुकता डॉट कॉम के पढ़ने वालो के लिए लेकर आया हूँ। दोस्तों यह बात आज से करीब 6 महीने पहले की है जब में कुछ दिनों के लिए अपने भाई और भाभी के यहाँ मुंबई गया हुआ था। दोस्तों मेरे भाई एक प्राइवेट कंपनी में काम करते है और उनको अक्सर अपने काम से बाहर जाना होता है। में जब अपने भाई के यहाँ मुंबई गया तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। वैसे तो में मुंबई पहले भी बहुत बार गया था, लेकिन इस बार मेरे मन में एक कुछ अलग ही अंजानी खुशी थी। फिर दो चार दिनों के बाद ही में और मेरी भाभी बहुत अच्छे दोस्त बन गए। तो अक्सर अब हम दोनों के बीच हंसी मजाक होने के साथ साथ सेक्स के बारे में भी कभी कभी बातें होने लगी थी, इसलिए हम दोनों के बीच की दूरी धीरे धीरे कम होकर हमारे बीच अब दोस्ती से प्यार ने जन्म लेना शुरू कर दिया था, लेकिन हम दोनों वो बातें एक दूसरे से भी छुपा रहे थे।

दोस्तों मेरी भाभी जितनी सुंदर है उतना ही सेक्सी कातिल उसका जिस्म है अक्सर में कोई भी अच्छा मौका देखकर भाभी की मस्त गांड और बड़े आकार के गोलमटोल बूब्स को देखने के साथ साथ कभी छू भी लिया करता था और अब मेरा मन करता था कि में उसी समय भाभी की गांड, बूब्स को पकड़ लूँ उनका रस निचोड़ दूँ, लेकिन कभी मुझे ऐसा मौका नहीं मिल रहा था। दोस्तों मेरी भाभी की उम्र उस समय 29 साल थी और उसका वो आकर्षक फिगर 38-26-38 इंच का था, भाभी की उस गांड, बूब्स, को देखकर में बिल्कुल मदहोश हो जाता था और अब तो मेरा मन भाभी की जमकर चुदाई करने का हो रहा था। भाभी से में रात को तीन बजे तक साथ में बैठकर बातें किया करता और में बीच बीच में अपने लंड पर भी हाथ लगाता और भाभी को एहसासा करवाता कि भाभी को अपने आप मेरे मन की बात समझ में आ जाए। दोस्तों उस दिन बातें करते हुए रात बहुत हो गई थी और हमे सोना भी था, इसलिए हम लोग सो गये और भाई भी भाभी को कई बार बुला चुका था, फिर दूसरे दिन सुबह जब में सोकर उठा तो में कुछ देर बाद भाभी के रूम में चला गया और तब मैंने देखा कि भाभी के कमरे वाली टीवी पर एक ब्लूफिल्म की सीडी रखी हुई थी जिसको उस जगह पर रखा हुआ देखकर में बहुत चकित रह गया मेरे मन में अब तो अजीब सी हलचल हो गई थी। में उस ब्लूफिल्म के फोल्डर को देख रहा था कि तभी अचानक से भाभी आ गई और उसने जैसे ही मेरे हाथ में उस फोल्डर को देखा तो वो शरमा और घबराकर वहां से भाग गई। अब मुझे तो ऐसा लगा कि भाभी आज मेरे भाई से यह सभी बातें ना बोल दे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और मुझे नहीं पता था कि आज मुझे एक के बाद एक बहुत सारी खुशियाँ मिलेगी, क्योंकि जब मेरा भाई तैयार होकर अपने बेग को लेकर उसके ऑफिस जा रहा था तब भाई ने मुझसे कहा कि तुम अपनी भाभी का ध्यान रखना, क्योंकि में आज पूरे एक सप्ताह के लिए बाहर जा रहा हूँ और इतना कहकर वो चला गया। दोस्तों मुझे तो उसके मुहं से वो बात सुनकर मानो कि कोई प्रसाद मिल गया था, जिसकी वजह से में मन ही मन यह बात सोचकर बहुत खुश हो रहा था कि आज मेरा काम बन जाएगा क्योंकि अब मेरा भाई हम दोनों को अकेला छोड़कर चला गया था। फिर ऐसे ही हम दोनों के बीच थोड़ी बहुत बात हुई और तब तक दिन के खाने का समय हो चुका था। तब तक भाभी भी नहाकर तैयार हो चुकी थी और उस समय भाभी ने एक गुलाबी रंग की साड़ी पहनी हुई थी और उसमे भाभी क्या मस्त सेक्सी लग रही थी, वो बड़ी कमाल की मदहोश करने वाली सेक्सी औरत लग रही थी। अब तो भाभी मुझसे और में भाभी से कुछ भी नहीं बोल पा रहा था। फिर हम दोनों एक दूसरे से झेप रहे थे, लेकिन दोस्तों शुरुआत तो करनी थी ना। अब में भाभी से बोल पड़ा भाभी क्या हुआ बोलो ना? भाभी मेरी तरफ देखकर हंसने लगी और उन्होंने मुझसे कहा कि आदि ऐसे किसी की कोई चीज़ बिना पूछे नहीं देखते और ना उसको हाथ लगाते है।

फिर मैंने भाभी को कहा कि हाँ ठीक है भाभी में दोबारा नहीं देखूँगा और अगर मैंने देख भी लिया है तो क्या हुआ हम दोनों एक दोस्त भी तो है ना? अब भाभी मेरी तरफ देखकर मुस्कुराकर चली गई और उसके कुछ देर बाद हम दोनों साथ में बैठकर खाना खाने लगे। तो मैंने उसी समय भाभी से कहा कि भाभी में आपसे एक बात जानना चाहता हूँ अगर आप इसका बुरा ना मानो तो में पूछ लूँ? अब भाभी ने कहा कि तुम्हे क्या बात मालूम करनी है? मैंने कहा कि क्यों आप बुरा तो नहीं मनोगी ना? भाभी ने कहा कि नहीं पागल में बुरा नहीं मानूगी तुम बोलो। अब मैंने भाभी से कहा कि भाभी आपको ब्लूफिल्म देखकर कैसा लगता है? भाभी मेरे मुहं से यह सवाल सुनकर एकदम से घबरा गई और वो बिल्कुल चुप हो गई, मैंने भाभी को एक बार फिर से कहा प्लीज भाभी बताओ ना प्लीज भाभी बोलो ना में उनसे आग्रह करने लगा और उसके बाद वो बोली कि मुझे वो फिल्मे देखनी बहुत अच्छी लगती है। फिर मैंने भाभी से कहा कि भाभी एक बात और भी पूछनी है? भाभी ने कहा कि हाँ बोलो वो क्या है? तब मैंने भाभी से कहा कि भाभी मुझे कभी कभी ऐसा लगता है कि तुम भाई से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो पाती हो? अब भाभी ने कहा कि नहीं ऐसा तो कुछ भी नहीं है और अब में एकदम चुप हो गया। फिर दोपहर के दो बजे थे और में उस समय अपने रूम में आराम कर रहा था और उस समय भी में अपनी भाभी के बारे में ही सोच रहा था कि तभी पता नहीं मुझे क्या हुआ और में तुरंत उठकर भाभी के कमरे की तरफ चला गया और तब में अपनी आखों से वो नजारा देखकर एकदम हैरान रह गया क्योंकि उस समय भी मेरी भाभी ब्लूफिल्म देख रही थी और वो अब अपनी चूत में एक मोमबत्ती को डालकर उसको अंदर बाहर कर रही थी, लेकिन भाभी का काम ठीक तरह से नहीं हो पा रहा था।

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उस समय भाभी ने अपनी दोनों आखों को बंद कर रखा था और यह सब देखकर मेरा लंड एकदम तनकर खड़ा हो गया था मानो वो तो भाभी की चूत की आज जमकर चुदाई करके उसका भोसड़ा बनाने वाला है और अब में अपने लंड को अपने एक हाथ में लेकर उसको धीरे धीरे सहला रहा था, लेकिन ऐसा करने से कहाँ मेरे लंड को और भाभी की चूत को वो संतुष्टि मिलने वाली थी जो उनके मिलन के बाद हम दोनों को मिलती और वो सब देखकर कुछ देर बाद मुझसे रहा नहीं गया इसलिए में भाभी के रूम में घुस गया और मैंने जाकर सीधा भाभी की चूत के ऊपर अपना एक हाथ रख दिया और में उनकी चूत को अपने हाथ से सहलाने लगा। अब भाभी एकदम से डर गई और वो घबराकर बोली आदित्य तुम यहाँ? मैंने कहा कि हाँ भाभी में बहुत पहले से अच्छी तरह से जानता था कि तुम भाई से खुश नहीं हो, लेकिन तुम मुझसे यह बात छुपा रही थी और अब वो इतनी मस्त हो चुकी थी कि वो सिर्फ़ और सिर्फ़ अपनी चूत में मेरा लंड डलवाना चाहती थी। फिर भाभी कहने लगी कि मेरे प्यारे देवर अब तुम सब कुछ जान समझ ही गए हो तो प्लीज अब तुम मेरी इस प्यास को बुझा दो ना, क्यों तुम मुझे इतना तरसा रहे हो, देखो मेरी क्या हालत हो रही है? तो मैंने उनको कहा कि हाँ मेरी प्यारी भाभी आज में तुम्हे ऐसा मस्त चुदाई का मज़ा दूँगा कि तुम मुझे पूरी जिंदगी याद रखोगी और फिर में इतना कहकर भाभी को बेड पर अपनी गोद में उठाकर ले गया और उसके बाद में रसोई में चला गया वहां से में बर्फ लेकर आया और उसको मैंने अपने मुहं में लेकर भाभी के जिस्म पर रगड़ने लगा था, जिसकी वजह से वो बिल्कुल पागलों की तरह हरकते करने लगी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब भाभी किसी चीज़ को तलाश कर रही थी मेरा मतलब था कि वो किसी चीज़ को पकड़ना चाहती थी। भाभी ने मुझसे कहा कि आदि प्लीज यार अपना लंड मेरे हाथ में दो ना, मैंने भाभी को कहा कि भाभी आप खुद ही पकड़ लो। तो भाभी ने तुरंत मुझे अपने नीचे लेटा लिया और उन्होंने बिना देर किए मेरे जिस्म से एक एक करके सभी कपड़ो को उतार दिया। तब भाभी ने मेरा लंड देखा तो भाभी उसको देखकर बड़ी खुश हुई। भाभी मुझसे बोली मेरे राजा तुम कहाँ से लाए हो इतना मोटा लंबा लंड और इसको तुमने अब तक कहाँ छुपा रखा था? तभी मैंने भाभी से कहा कि मेरी जान अगर तुम्हे असली मज़ा लेना है तो खुलकर लंड, चूत कहो तभी तुम्हे ज्यादा मज़ा आएगा। फिर भाभी ने मुझसे कहा कि मेरे राजा तुम्हारा यह लंड बहुत अच्छा है आदित्य यह बहुत मोटा मस्त मज़े देने वाला लंड है। आज में इससे पूरे मज़े लूंगी। अब में भाभी के पैरों में बैठ गया और भाभी के पैरों की उँगलियों को चाटने लगा। फिर उसके बाद में धीरे धीरे उनके पूरे जिस्म को अपनी जीभ से चाट रहा था, जिसकी वजह से भाभी का बड़ा बुरा हाल हो रहा था। अब में भाभी की चूत को चाट रहा था और भाभी मेरे लंड को अपने मुहं में लेकर उसके टोपे पर अपनी जीभ को घुमा रही थी, जिसकी वजह से मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था और भाभी के मुहं से निकल रही वो मादक सिसकियों की आवाज मुझे और भी ज्यादा मदहोश कर रही थी वो आअम्म्म उफ्फ्फ्फ़ आह्ह्ह मेरे राजा मुझसे अब रहा नहीं जा रहा है, मेरी जान मेरी चूत में तुम अपना लंड डाल दो आदित्य उम्म्म मेरे राजा प्लीज डालो ना चूत में लंड। दोस्तों मैंने देखा कि भाभी की हालत और भी ज्यादा खराब हो रही थी। फिर करीब में भाभी के बदन को पूरा चाट चुका था और अब ज्यादा जोश में होने की वजह से भाभी की चूत से हल्का हल्का पानी भी निकल रहा था और अब तो यकीन मानो दोस्तों मुझसे भी नहीं रहा जा रहा था और में भी पूरी तरह से जोश में आ चुका था। तभी मैंने भाभी से कहा कि मेरी जान अब तुम तैयार हो जाओ क्योंकि अब तुम्हारा यह राजा तुम्हारी चूत में अपना लंड डालने जा रहा है, तुम इसको लंड को झेलने के लिए तैयार हो जाओ। फिर भाभी ने कहा कि मेरे राजा में तो कब से तैयार ही हूँ प्लीज आदित्य तुम अब जल्दी से अपने लंड को मेरी चूत के अंदर डाल दो और आज तुम मुझे जमकर चोदो, मेरी चूत की खुजली को मिटा दो मेरे राजा हमम्म्म उफ्फ्फ्फ़। तभी मैंने भाभी की चूत के मुहं पर अपने लंड का टोपा रख दिया जिसकी वजह से भाभी की बैचेनी पहले से ज्यादा बढ़ गई और उसी समय भाभी ने मुझसे कहा कि आदित्य प्लीज तुम थोड़ा धीरे धीरे करना। अब मैंने अपना काम करना शुरू किया और मैंने लंड को चूत अंदर धक्का देते हुए अंदर धकेलना शुरू किया, जिसकी वजह से भाभी की गीली कामुक चूत के अंदर मेरा लंड फिसलता हुआ जाने लगा, लेकिन तब मैंने महसूस किया कि भाभी की चूत इतनी टाइट थी जैसे कि मानो वो कोई कुँवारी चूत हो, मैंने जैसे ही अपने लंड को तेज़ झटका मारा तो भाभी के मुहं से ज़ोर की चीख निकल गई ऊइईई माँ मर गई आईईईईई उफ्फ्फ्फ़ और वो मुझसे कहने लगी कि आदि प्लीज या तो तुम इसको पूरा अंदर करो या बाहर निकाल लो मुझे बहुत दर्द हो रहा है।

फिर मैंने अपने लंड को चूत के अंदर डालना ही ठीक समझा और फिर उसी समय मैंने अपने दूसरे ही तेज दमदार झटके में पूरा का पूरा लंड अंदर डाल दिया, उसके दर्द की वजह से भाभी ने मुझे कसकर अपनी बाहों में जकड़ लिया और में समझ गया था कि भाभी अभी मुझे धक्के नहीं मारने देगी और जब कुछ देर बाद भाभी की चूत का दर्द कुछ कम हुआ तब कहीं जाकर मैंने भाभी की चूत पर दमदार तेज धक्को से वार करना शुरू किया, तब भाभी मेरे हर एक झटके में आह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ माँ मर गई, हाँ मेरे राजा ऐसे ही और तेज़ और तेज़ धक्के देकर आज तुम मेरी इस चूत का जमकर चुदाई करवाने का नशा उतार दो, इसको लंड लेने की हमेशा बहुत इच्छा होती है। अब मेरा लंड भी उसकी वो बातें सुनकर जोश में आकर चुदाई करता जा रहा था और उसकी धक्को की रफ़्तार बढ़ती ही जा रही थी और मुझे भी बहुत मस्त मज़ा आ रहा था और कुछ देर बाद वो आखरी वक़्त आ ही गया। मेरे लंड से गरम गरम पानी निकल ही रहा था कि भाभी की चूत से भी उसी समय इतना पानी निकला कि में सोचने लगा कि यह पानी है या भाभी का पेशाब और भाभी और अब हम दोनों बहुत खुश होकर एक दूसरे की बाहों में लिपटकर वैसे ही सो गए और जब हम लोगों की नींद खुली तब तक शाम के सात बज चुके थे। फिर भाभी ने मुझसे कहा कि मेरे प्यारे देवर जी अब आप नहा लो हम दोनों चोपाटी तक घूमने चलते है, मैंने उसी समय भाभी से कहा कि भाभी आप भी आओ ना हम दोनों ही एक साथ में आज नहाएँगे। फिर भाभी मेरे कहते ही तुरंत तैयार हो गई और अब हम दोनों उठकर बाथरूम में चले गये उसके बाद हम दोनों एक साथ में नहाने लगे थे वो मेरे बदन को पानी डालकर साफ कर रही थी और में उनके गोरे कातिल जिस्म के मज़े ले रहा था। फिर मैंने उनकी चूत में अपनी ऊँगली डालकर उसको पानी से अच्छी तरह साफ किया और अपनी भाभी की चूत की गहराई को अपनी ऊँगली से नापना शुरू किया पूरे जिस्म पर साबुन लगाकर अपने हाथ को घुमाया। दोनों बूब्स की अच्छी तरह साबुन से मालिश करके उसको पानी डालकर साफ किया। फिर उसी समय वो सभी काम करते हुए बाथरूम में कुछ देर बाद नहाते समय ही मेरा लंड एक बार फिर से खड़ा हो गया, तभी भाभी ने मुझसे पूछा कि तुम्हारे लंड का आकार क्या है? मैंने कहा कि नहीं मुझे नहीं पता और उसी समय भाभी ने जब मेरे लंड का नाप लिया तो में इतना खुश हुआ कि जिसका कोई हिसाब नहीं है। दोस्तों मेरे लंड का आकार लम्बाई में सात इंच लंबा और करीब तीन इंच मोटा, भाभी ने खुश होकर मुझसे कहा कि वाह मेरे देवर तुम ही हो असली मर्द और फिर उसके बाद हम लोग नहाकर तैयार होकर चोपाटी चले गये। हमने वहां पर कुछ घंटे घूमने खाने पीने मज़े मस्ती करके बिताए, जिसका हमें पता ही नहीं चला और उसके बाद हम वापस अपने घर आ गए ।।

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धन्यवाद …

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