भाभी की जबरदस्त चुदाई का मजा

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प्रेषक : नवीन …

हैल्लो दोस्तों, में कामुकता डॉट कॉम का नियमित पाठक हूँ, मेरा नाम नवीन है, में मुंबई का रहने वाला हूँ, मेरी उम्र 30 साल है, फेयर कलर,  गुड लुकिंग, एवरेज बॉडी, में काफी औरतों और लड़कियों के साथ  सेक्स कर चुका हूँ। यह स्टोरी मेरी और मेरी पड़ोसी भाभी के बीच की है, उनका नाम रूचि है, वो 32 साल की है, फेयर कलर, हाईट 5 फुट 3 इंच, फिगर साईज 34-25-36, अगर एक तरफ उनकी चूचीयाँ कयामत थी तो दूसरी तरफ उनकी गांड किसी को भी ललचाने पर मजबूर कर सकती थी, फिर भला में क्या चीज था? जो उनके जादू से बच पाता। अब में तो बस किसी मौके की तलाश में था। फिर बस जैसे ही मुझे मौक़ा मिला तो मैंने ना सिर्फ़ उसको चोद दिया बल्कि चुदाई का एक ना ख़त्म होने वाला सिलसिला शुरू कर दिया। में कई बार उन्हें कपड़े बदलते हुए या नहाते हुए देख चुका था, लेकिन उसकी तरफ से पहल करते हुए मेरी जान जाती थी, लेकिन फिर उसको रिझाने के लिए एक तरकीब मेरी समझ में आई।

रूचि का पति मितेश अक्सर घर पर नहीं होते थे, वो एक मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करते है और अक्सर टूर पर बाहर जाते रहते है। अब जब वो घर नहीं होते थे, तो वो अक्सर मेरे घर आती थी। तो में कमरे सेक्सी बुक के कवर्स या सेक्सी मैग्जीन टेबल पर रख देता था। तो जब वो मुझसे मिलने के लिए आती तो उन्हें वो मैग्जीन नजर आती थी। फिर एक दिन जब मेरी आँख खुली तो मैंने उसको एक सेक्सी मैग्जीन देखते हुए देखा, तो उसने मुझे देखा तो कुछ नहीं कहा और मुस्कुराती हुई चली गयी।  फिर उसके बाद वो मुझसे करीब से करीब होती गयी। अब जब वो मेरे रूम में आती तो अक्सर उसका दुप्पटा उसके सीने पर नहीं होता था, तो कभी उसकी कमीज़ का गला काफ़ी खुला होता था और वो मेरे सामने काफ़ी झुक जाती, जिससे मुझे उनके बूब्स साफ-साफ दिखाई देते थे, तो कभी वो कोशिश करती कि मेरे ज़्यादा क़रीब बैठे और अपना जिस्म मेरी बॉडी से टच करने की कोशिश करती, तो कभी पीछे से मेरे इतना क़रीब आ जाती कि उसकी बूब्स मेरी पीठ पर लगती थी। में उसकी इंटेन्षन्स को समझता था, लेकिन में अभी कोई स्टेप लेना नहीं चाहता था, में चाहता था कि वो खुद ही कोई कदम उठाए। फिर आख़िर वो दिन आ ही गया, अब मितेश अपने टूर पर गया था। अब में सुबह उठकर नहाने की तैयारी कर रहा था, मैंने अपने कपड़े उतारकर एक टावल लपेट रखा था, जिससे मेरा लंड बाहर निकल रहा था।  तो वो किसी काम से मेरे रूम में आई तो पहले तो मेरे लंड ने उसे सलामी दी तो मैंने घबराकर अपने लंड को टावल में छुपाने की कोशिश की।

तब ही उसने किसी बहाने से अपने हाथ में पकड़े हुए कपड़े गिरा दिए और उन्हें उठाने के लिए झुकी, तो वो ना सिर्फ़ अपनी गांड मेरे लंड से रगड़ती हुई ले गयी बल्कि अपनी गांड से मेरे लंड को थोड़ा सा प्रेस भी कर दिया। अब मेरे तो तन बदन में एक करंट सा दौड़ गया था। फिर मैंने मौक़ा मुनासिब समझते हुए उसको पीछे से पकड़ लिया और किस करने लगा। फिर मैंने बोला कि में तो कब से इसी के इंतज़ार में था कि कब मौक़ा मिले और तुम्हारी चुदाई करूँ? तो पहले तो उसने कुछ नहीं कहा और फिर अपने आपको अलग करते हुए कहा कि क्यों इतने बेताब हो रहे हो? थोड़ा इंतज़ार करो, में अभी आती हूँ फिर जो जी चाहे कर लेना और सेक्सी स्माइल देती हुई रूम से चली गयी। लेकिन अब मुझसे कहाँ इंतज़ार होता? तो में भी उसके पीछे पीछे उसके रूम में आ गया और उसको पीछे से पकड़ लिया। तो वो मुस्कुराते हुए बोली कि अब तो बड़ा जोश दिखा रहे हो इससे पहले तो बुद्धू बने हुए थे, आख़िर मुझे ही कुछ करना पड़ा।

अब में उसके बूब्स को उसकी कमीज़ के ऊपर से सहला रहा था। फिर जब मैंने उसकी कमीज़ उतारनी चाही तो उसने मुझे रोक दिया और कहा कि थोड़ा सब्र करो अपने रूम में जाओ, नहा धोकर फ्रेश हो जाओ, में भी 1 घंटे में आती हूँ। तो में लाचार अपने रूम में आ गया और सोचने लगा कि क्या आज वाकई में वो खुश क़िस्मत दिन है? जिसका में इंतज़ार कर रहा था। फिर 1 घंटे के बाद वो मेरे रूम में आई, तो में उसे देखकर हैरान रह गया, उसने कॉटन का वाईट सूट पहना हुआ था और हल्का-हल्का मेकअप किया हुआ था। अब मदहोश कर देने वाले पर्फ्यूम से उनका जिस्म महक रहा था, वो बड़ी सेक्सी लग रही थी। फिर वो मेरे करीब आई और मेरे गले में अपनी बाहें डालकर मुझे अपनी तरफ खींचा। अब में उसके बूब्स अपनी छाती पर महसूस कर रहा था। फिर उसने मेरे लिप्स पर किस किया, तो मेरे पूरे जिस्म में एक करंट सा दौड़ गया।

फिर मैंने अपने हाथ उसकी गांड पर फैरने शुरू किए और फिर करीब 10 मिनट तक हमारी किसिंग जारी रही, अब मेरा लंड मेरे बस में नहीं था। फिर मैंने उसकी कमीज उतारनी चाही तो उसने कहा कि क्या जल्दी है? थोड़ा सब्र करो, फिर तुम वो सब कुछ देख सकोंगे जिसकी चाहत में तुम कितनी ही बार मास्टरबेट कर चुके हो? में सब जानती हूँ कि तुम मुझे देख-देखकर मास्टरबेट करते रहे हो। फिर उसने अपनी कमीज बड़े ही सेक्सी और स्टाइलिश तरीके से उतारी। अब उसके रस भरे बूब्स ब्लेक ब्रा में क़ैद थे। अब में यह देखकर हैरान रह गया था कि उसकी सलवार में नाड़े की जगह इलास्टिक थी। फिर उसने अपनी सलवार पीछे से थोड़ी सी सरकाई और बेड पर लेट गयी और अपनी दोनों टांगे उठाकर सेक्सी तरीके से अपनी सलवार भी उतार दी और फिर उठकर थिरकते हुए अपनी ब्रा भी उतार दी। अब वो मेरे सामने बड़े सेक्सी पोज में बिल्कुल नंगी खड़ी थी। अब वो हमेशा से ज़्यादा सेक्सी और खूबसूरत लग रही थी, हालाँकि मैंने कई बार उन्हें नंगा देखा था।

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फिर उसने मुझसे पूछा कि में कैसी लग रही हूँ? मेरे बूब्स कैसे है? मेरी गांड कैसी लग रही है? मैंने पहली बार तुम्हें अपने बूब्स और गांड को घूरते हुए देखा है, में तो बहुत पहले ही समझ गयी थी कि तुम्हारी नियत मेरे बारे में ठीक नहीं है। अब जिस वक़्त वो यह बातें कर रही थी तो वो लगातार अपने बूब्स को सहला रही थी, हालाँकि मैंने कई ब्लू मूवी देखी थी और में कई लैडीस को चुका चुका था, लेकिन उसको इस तरह देखना मेरे लिए एक नया एक्सपीरियन्स था, उसके बूब्स काफ़ी बड़े और गोल थे। फिर वो मेरे करीब आई और मेरी टी-शर्ट उतार दी और मेरी जीन्स के ऊपर से ही मेरे लंड पर अपना एक हाथ फैरने लगी और फिर उसने मेरी जीन्स भी उतार दी और अपने नर्म मुलायम हाथों में मेरा सख़्त लंड अपने हाथ में थाम लिया। फिर मैंने उसे अपनी बाँहों में भर लिया और उसके लिप्स पर अपने लिप्स रख दिए और थोड़ी देर के बाद मैंने उसके बूब्स को चूसना शुरू कर दिया।

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अब में उसका एक बूब्स चूस रहा था तो दूसरे बूब्स को अपने हाथों से सहला रहा था। अब वो मेरे बालों  में अपना हाथ फैर रही थी। अब उसके मुँह से ऊऊहह, आआआआआहह, उूउउऊहह, उफफफफफफफफफ्फ़ जैसी सेक्सी आवाज़े निकल रही थी। फिर मैंने उसके बूब्स को दबाते हुए कहा कि आपके बूब्स बड़े ही शानदार और रसीले है, आपकी निपल्स तो बड़ी ही सख़्त, मजेदार और मीठी है। फिर उसने मुझे सेक्सी स्टाइल से देखा और अपनी आँखे बंद कर ली, वो उस वक़्त फुल हॉट और सेक्सी हो रही थी। फिर में   अपनी ज़ुबान उसके बूब्स पर से हटाकर उसके नर्म और मुलायम पेट पर फैरने लगा और अब धीरे-धीरे  रूचि की जांघे मेरी पहुँच में थी। फिर मैंने उसकी दोनों टाँगे फैलाकर उसकी चूत में अपनी एक उंगली डाल दी, उसकी चूत गीली हो रही थी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर उसने मुझे अपनी चूत चाटने के लिए कहा कि आज तक किसी ने मेरी चूत नहीं चाटी है, मितेश अपना लंड तो चुसवा लेते है, लेकिन उन्होंने आज तक मेरी चूत नहीं चाटी है, प्लीज मेरी चूत चाटो ना।  फिर मैंने कहा कि क्यों नहीं मेरी प्यारी डार्लिंग? में आज आपकी ऐसी चूत चाटूँगा कि आप सारी ज़िंदगी याद रखेंगी। फिर में उसकी गुलाबी चूत के होंठ खोलकर उन पर अपनी ज़ुबान फैरने लगा। अब मेरी खुरदरी ज़ुबान जब उनकी क्लिट से टकराती, तो उसके मुँह से सिसकारियाँ निकलने लगती। अब में उसकी चूत में अपनी ज़ुबान अंदर बाहर करने लगा था। अब रूचि की चूत से नमकीन शहद टपकने लगा था, तो मैंने उसका सारा नमकीन शहद पी लिया और अपनी ज़ुबान से रूचि को चोदता रहा। अब रूचि मदहोशी में अपना सिर तकिए पर इधर उधर पटक रही थी और प्लीज उूउउफफफफ्फ, आहह, ऊओह और करो, तेज़ी से प्लीज, आअहह, उउउफफफफ्फ, हाईईईईईईईईईईईई, जान यह तुमने कैसा जादू कर दिया है? मेरी चूत में आग सी लग गयी है, ऊऊऊहह, आअहह, हाईईईईईई में मर गइईईईई माँ, मेरी जान, आहह जान, प्लीज जल्दी,  तेज़, तेज़ और फिर आख़िर में रूचि बिल्कुल खल्लास हो गयी और उसकी चूत ने बहुत सारा नमकीन रस छोड़ दिया,  जो मैंने सारा पी लिया।

फिर जब रूचि कुछ होश में आई तो वो उठी और मुझे गले लगाया और किस करके कहने लगी कि तुमने तो अपना काम कर दिया, अब देखो में क्या करती हूँ? फिर रूचि ने मेरे लंड की टोपी पर अपनी ज़ुबान फैरनी शुरू की और फिर धीरे-धीरे मेरा पूरा लंड अपने मुँह में ले लिया और उसे लॉलीपोप की तरह चूसने लगी। अब रूचि बहुत अच्छा लंड चूस रही थी, अब में तो उस वक़्त मज़े और इन्जॉयमेंट की ऊँचाइयों पर था। अब रूचि ने पहले आहिस्ता और फिर तेज़ी से मेरा लंड चूसना शुरू कर दिया था और फिर आख़िर में जब में झड़ने पर आया तो मैंने अपना लंड उसके मुँह से बाहर निकालना चाहा। तो उसने इशारे से कहा कि मेरे मुँह में ही निकालो, तो मैंने अपना पूरा वीर्य उसके मुँह में ही डाल दिया। तो वो भी मेरे वीर्य की एक बूँद बेकार किए बगैर सारा पी गयी और उसने फिर से मेरा लंड चूसना शुरू कर दिया तो थोड़ी देर में ही मेरा लंड तनकर खड़ा हो गया। फिर रूचि ने कहा कि चलो असली मज़ा तो अब होगा।

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फिर वो बेड पर लेट गयी और अपनी दोनों टांगे ऊपर उठा दी, जिससे उसकी चूत ऊपर की तरफ उठ आई। फिर में उसके ऊपर लेट गया तो रूचि ने मेरा लंड अपनी चूत पर रखा, तो मैंने एक स्लो पुश के साथ अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया। अब उसकी चूत पहले से ही गीली ही थी इसलिए मेरा पूरा लंड बड़ी आसानी से उसकी चूत में चला गया था। फिर में पहले तो रूचि को आहिस्ता-आहिस्ता चोदता रहा और फिर मैंने अपनी स्पीड तेज कर दी और उसे सख्ती से चोदने लगा। अब वो चुदाई का पूरा मज़ा ले रही थी और आआअहह, ऊओह, उउउफफफ्फ, हाईईईईईईई और तेज, जल्दी प्लीज, तेज उफफफ्फ, ऊऊहह की आवाजे निकाल रही थी। अब उसके बूब्स मेरे हर झटके के साथ हिल रहे थे, जो एक हसीन और दिलकश नज़ारा था। फिर थोड़ी देर तक इसी पोज़िशन में चोदने के बाद मैंने उसको घोड़ी (डॉगी स्टाइल) बनाया तो उसकी खूबसूरत और चौड़ी गांड ऊपर की तरफ उठ आई और उसके बूब्स किसी आम की तरह लटकाने लगे। फिर मैंने उसकी गांड पर अपना हाथ फैरते हुए मेरा लंड उसकी चूत में डाल दिया और उसके बूब्स पकड़कर ज़ोर-ज़ोर से झटके लगाने लगा।

अब में उसको जी जान से चोद रहा था और वो भी चुदाई में भरपूर साथ दे रही थी। फिर काफ़ी देर तक चुदने के बाद वो ठंडी पड़ गयी। अब में भी अपने क्लाइमैक्स पर था तो मैंने उससे कहा कि में झड़ने  वाला हूँ। तो उसने कहा कि कोई बात नहीं तुम मेरे अंदर ही निकाल दो, तो मेरे लंड से वीर्य का फव्वारा निकला और उसकी चूत मेरे वीर्य से पूरी भर गयी। अब में भी थककर उसके ऊपर लेट गया था, फिर थोड़ी देर के बाद मैंने अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाला, जो कि मेरे वीर्य और उसके जूस से भरा हुआ था। तो उसने फिर से मेरे लंड को चाटना शुरू कर दिया और उसे बिल्कुल साफ कर दिया। फिर हम दोनों बाथरूम में गये और फिर हम दोनों ने एक साथ बाथ लिया और मैंने बाथरूम में भी उसको एक फिर से चोदा और फिर हमने बाहर आकर अपने-अपने कपड़े पहन लिए ।।

धन्यवाद …

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