भाभी की स्टूडेंट कोमल को चोदा

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प्रेषक : राहुल …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। में दिल्ली में रहता हूँ और मेरी पड़ोसी भाभी दिखने में बहुत सुंदर है। दोस्तों मेरी उनके साथ बहुत अच्छी दोस्ती है और इस वजह से में उनको ना जाने कितनी बार चोद चुका हूँ जिसके बारे में मुझे भी अंदाजा नहीं है वो बहुत ही हॉट सेक्सी होने के साथ साथ चुदाई में भी मेरा पूरा पूरा साथ देती है, क्योंकि वो बहुत बड़ी चुदक्कड़ है और हम दोनों अब तक ना जाने कितनी तरह से चुदाई के मज़े ले चुके है। फिर एक दिन मेरी वो भाभी अपने साथ उन्ही के घर पर एक 18 साल की सुंदर गोरी कुंवारी लड़की को लेकर आ गई जिसको देखकर में बड़ा चकित था और अब में पूरी तरह विस्तार से आप सभी को बात देता हूँ, मुझे उम्मीद है कि इसको पढ़कर आप सभी कामुकता डॉट कॉम के चाहने वालों को बड़ा मज़ा आएगा। दोस्तों एक दिन अचानक से भाभी ने मुझे अपने पास उनके घर पर बुलाया और जब में उनके घर पहुंचा, तब मैंने देखा कि एक 18 साल की लड़की उनके साथ बैठी हुई थी और वो भी चोरीछिपे मेरी तरफ देख रही थी। दोस्तों वो दिखने में बड़ी सुंदर और कोमल गोरी बदन से भरी हुई थी, जिसको पहली बार देखते ही मेरी नियत उसके लिए खराब हो गई और इसलिए में उसको अपनी चकित नजरो से घूर घूरकर देखने लगा।

फिर भाभी ने मेरी तरफ देखकर मुस्कुराते हुए मुझे उसका नाम बोला कोमल बताया और वो लड़की अपने नाम के हिसाब से थी भी बिल्कुल वैसी ही एकदम कोमल बड़ी आकर्षक इसलिए में उसका दीवाना हो चुका था। फिर कुछ देर इधर उधर की बातें करने के बाद भाभी उठकर दूसरे कमरे में चली गयी और में भी कुछ देर बाद उठकर उनके पीछे पीछे उसी कमरे में चला गया। अब भाभी ने मेरे इरादों को तुरंत समझकर हंसते हुए उसी समय मुझसे कहा कि में तुम्हारे मन में क्या सब चल रहा है? वो सब अच्छी तरह से समझ चुकी हूँ, लेकिन तुम पहले मेरी चुदाई करो उसके बाद ही तुम उसको भी चोद सकते हो। अब मैंने पूछा कि वो क्यों मुझ अंजान से अपनी चुदाई के लिए तैयार होगी? हमारे बीच कभी मिलना या बात भी कभी नहीं हुई है। फिर वो क्यों मुझसे अपनी चुदाई के लिए तैयार होगी आपको ऐसा क्यों लगा? अब वो कहने लगी कि हमारे स्कूल का एक लड़का उसकी चुदाई करने के चक्कर में था। यह विचार उन दोनों के मन में बहुत समय से चल रहा था और फिर एक दिन मैंने उन दोनों को वो सब हरकते करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।

फिर उसके बाद मैंने कोमल से बहुत प्यार से समझाते हुए पूछा कि क्या वो अपनी चुदाई करवाना चाहती? तभी यह लड़की मुझसे तुरंत बोली कि हाँ मेडम मुझे इस काम को करने की बहुत इच्छा होती है, में अपनी इस खुजली को मिटाकर अपनी परेशानी को खत्म करना चाहती हूँ। फिर मैंने उसके मन की बात को सुनकर ऊसकी इच्छा को समझकर उसको कहा कि तुम मेरे साथ मेरे घर चलो। वहीं पर तुम यह मज़ा बड़े आराम से ले लेना और तुम्हे मेरे घर में कोई भी रोकने टोकने वाला नहीं होगा, तुम बड़े आराम से यह काम करके अपना मन खुश कर सकती हो, क्योंकि मेरे पास इसका बहुत अच्छा जुगाड़ है और बाहर दुनिया वालों को पता भी नहीं चलेगा और तुम्हारा काम भी हो जाएगा। फिर मैंने उस लड़के को हमारे स्कूल से बाहर निकलवा दिया और इसको यहाँ पर में अपने साथ लेकर आई और क्योंकि यह अपनी मर्जी से चुदाई करवाना चाहती है इसलिए तुम्हे ज्यादा कुछ समस्या भी नहीं होगी। अब तुम जल्दी से उसके सामने पहले मेरी चुदाई करो जिसको देखकर वो भी गरम होकर तुमसे अपनी चुदाई करवाने के लिए पागल हो जाए। फिर मैंने यह पूरी बात सुनकर मन ही मन खुश होकर तुरंत ही भाभी को अपने सामने पूरी नंगी कर दिया और फिर भाभी ने भी जल्दी से मेरे लंड को अपने मुहं में लेकर किसी अनुभवी रंडी की तरह मेरा लंड चूसना शुरू किया।

अब में उसके बूब्स को सहलाने दबाने लगा और वो अपना काम पूरी मेहनत से वैसे ही खुश होकर करती रही। फिर कुछ देर बाद हम दोनों पूरी तरह से जोश में आकर 69 की पोज़िशन में आ गए थे, जिसकी वजह से जल्दी ही हम दोनों एक दूसरे को गरम कर सके। फिर करीब दस मिनट भाभी की चूत को चूसने चाटने के बाद, मैंने अब भाभी के दोनों पैरों को पूरी तरह खोलकर अपना तनकर खड़ा लंड उनकी खुली हुई गीली चूत के मुहं पर रखकर एक जोरदार धक्का देकर पूरा का पूरा अंदर डाल दिया और उसके बाद मैंने धक्के लगाने शुरू किए। दोस्तों उस समय मेरी भाभी के घर पर हम तीन लोगो के अलावा और कोई भी नहीं था। तभी भाभी ने धक्के खाते हुए ही कोमल को आवाज़ देना शुरू किया और उसको कमरे के अंदर बुला लिया। फिर कुछ देर बाद कोमल ने जैसे ही दरवाजा खोलकर देखा उसको नजर आया कि उसकी मेडम उस समय एकदम नंगी थी और में भी नंगा होकर अपने लंड को उनकी चूत के अंदर डालकर लगातार तेज धक्के देकर उनकी चुदाई कर रहा हूँ। अब मेडम ने कहा कि कोमल यह मेरा बहुत प्यारा देवर है और तुम भी मेरी तरह एकदम चुपचाप इससे अपनी चुदाई करवा सकती हो, जैसे में अपनी चुदाई इसके साथ हमेशा हर कभी करवा लेती हूँ और इस काम को मेरे घर में करने की वजह से मुझे किसी भी तरह का कोई डर नहीं रहता।

अब इस काम को करके हम दोनों बहुत खुश रहते है और हमे पूरे चुदाई के मज़े मिलते है। फिर उसी समय कोमल बीच में बोल पड़ी कि मेडम आप कब से इसके साथ अपनी चुदाई करवा रही हो? अब भाभी कहने लगी कि मुझे इसके साथ यह सब मज़े लेते हुए करीब एक साल हो गया है और मुझे मेरे देवर बड़ी अच्छी तरह से चुदाई के पूरे मज़े देते है और जैसे में इनको कहती हूँ यह वैसे ही मुझे मज़े देते है। फिर जब वो हमारे स्कूल का लड़का तुम्हे चोदने के चक्कर में था तो तभी मैंने मन ही मन में सोचा कि वो लड़का अपने दूसरे दोस्तों को बुला भी बुला लेगा और उनके साथ भी तुम्हे अपनी चुदाई करवानी होगी और तुम उन सभी की उस चुदाई के दर्द को बर्दाशत नहीं कर सकती, क्योंकि वो सभी मिलकर तुम्हे किसी जानवर की तरह घसीटकर तुम्हारी चुदाई करेंगे। तभी कोमल बीच में बोल पड़ी कि हाँ मेडम वो लड़का मुझसे कह रहा था कि में तुम्हे अपने दोस्त के घर ले जाकर वहीं तुम्हारी चुदाई करूंगा। दोस्तों में अपनी उसी गति से जोश में आकर भाभी की चुदाई कर रहा था, क्योंकि यह सभी बातें सुनकर में खुश होकर धक्के दिए जा रहा था और वो हमारी इस चुदाई को देखकर जोश में आकर गरम हो रही थी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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अब भाभी उसको बोली कि कोमल तुम ऐसे खड़े खड़े देखती क्या हो? अब तुम भी अपने कपड़े उतारकर मेरी तरह पूरी नंगी हो जाओ, क्योंकि अभी मेरी चुदाई खत्म हो जाने के बाद मेरा यह देवर तुम्हारी भी ऐसी ही मज़ेदार चुदाई करेगा जिसकी वजह से तुम खुश हो जाओगी और अब जब भी अगली बार तुम्हारा मन करे तुम मुझे बता देना, में तुम्हे अपने घर पर बुलाकर तुम्हारी चुदाई इसके साथ करवा दूँगी। अब कोमल ने तुरंत ही बिना किसी लाज शरम के मेडम के सामने ही अपने सारे कपड़े उतार दिए, ब्रा के उतरते ही उसके वो एकदम गोरे बूब्स बाहर आकर खुली हवा में साँस लेने लगे, जिसको देखकर मेरा मन ललचाने लगा था और अब उसके गोरे कामुक बदन पर केवल पेंटी ही रह गई थी और वो अपनी पेंटी को भी उतारने लगी थी। फिर उसी समय मैंने उसको कहा कि कोमल तुम इसको मत उतारना, क्योंकि इसको में अपने हाथों से खुद ही उतारूँगा। अब मेरा जोश पहले से ज्यादा बढ़ चुका था इसलिए में ज़ोर ज़ोर से भाभी को धक्के देकर चोदने लगा था और कुछ देर धक्के देने के बाद मैंने अपना वीर्य भाभी की चूत में धक्को के साथ निकाल दिया। अब में अपने लंड को भाभी की चूत से बाहर निकालकर खड़ा हुआ और फिर उसी समय भाभी ने लपककर तुरंत ही कोमल के सामने ही मेरे लंड अपने मुहं ले लिया और पूरे लंड को अपनी जीभ से चाटकर चूसकर एकदम साफ कर दिया।

फिर वो मुझसे हंसते हुए कहने लगी कि कोमल की चूत अभी कोरी ही है, इसलिए तुम इसको प्यार से ही चोदना मेरे प्यारे देवर जी, तब तक में अभी फ्रेश होकर आती हूँ। फिर भाभी मुझसे यह बात कहकर वैसे ही पूरी नंगे उस कमरे से बाहर चली गयी और मैंने भी बिना कोई समय बिताए कोमल को अपनी बाहों में भर लिया और में उसको चूमने लगा, उसके पूरे गोरे हॉट सेक्सी बदन को सहलाने लगा था, जिसकी वजह से वो धीरे धीरे गरम होने लगी थी। दोस्तों अब कोमल के मुहं से सिसकियों की आवाज आने लगी थी वो आह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ करते हुए मुझे अपनी बाहों में कसकर जकड़ रही थी। अब में अपने एक हाथ से उसकी गरम उभरी हुई चूत को पेंटी के ऊपर से मसल रहा था और अपने दूसरे हाथ से उसके नरम एकदम गोलमटोल बूब्स को जो करीब 28 इंच के थे उनको मसलकर दबाकर मज़े लेता रहा। ऐसा करने में मुझे बड़ा मस्त मज़ा पूरा जोश आ रहा था और वो भी मेरे साथ पागल हुई जा रही थी। फिर करीब दस मिनट में ही उसने अपना पानी छोड़ दिया, जिसकी वजह से वो धीरे धीरे ठंडी होती चली गई और उसकी पेंटी गीली होने लगी थी। अब मैंने जल्दी से उसकी पेंटी को उतार दिया, जिसकी वजह से मेरी आँखों के सामने उसकी आकर्षक कामुक चूत थी और फिर में झट से नीचे आकर उसकी गीली चूत को चूसने चाटने लगा, जिसकी वजह से उसके मुहं से सिसकियों की आवाज़ निकलने लगी थी वो स्सीईईई आह्ह्हह्ह वो एकदम पागल हो गई।

फिर बिना समय खराब किए मैंने उसकी चूत में उसी समय अपनी दो उँगलियों को डाल दिया और में ऊँगली से उसकी चूत की चुदाई करने लगा। अब वो मज़े मस्ती की वजह से अपनी चूत को बार बार ऊपर नीचे करने लगी। तभी में तुरंत समझ गया कि यह जोश में है और अब में उसकी चूत में अपना लंड डाल सकता हूँ, क्योंकि यह चुदाई करने के लिए तैयार है। अब मैंने उसके बाल पकड़कर अपना लंड उसके मुहं में डाल दिया और वो चूसने लगी, मेरे लंड जल्दी ही उसकी चुदाई करने को तैयार हो गई। फिर उसी समय मैंने कोमल के दोनों पैरों को भाभी की तरह पूरी तरह खोल दिया और उसकी चूत पर एक बार चूमकर मैंने उस पर थोड़ा सा तेल लगा दिया जिसकी वजह से मेरा लंड उसकी चूत के अंदर जाते समय कोमल को ज्यादा दर्द ना हो। दोस्तों एक तो वो इतनी गोरी चिकनी और ऊपर से उसकी कुंवारी चूत एकदम गुलाबी जोश से भरी थी, जिसको देखकर में अपने होश खो बैठा। अब मैंने बिना देर किए अपने लंड का टोपा उसकी चूत के होंठो पर रखकर एक हल्का सा धक्का देकर अंदर किया, मेरा लंड करीब दो इंच अंदर चला गया।

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फिर उसके बाद दोबारा मैंने हल्का सा झटका दिया और दर्द की वजह से वो ज़ोर से चिल्ला पड़ी और मेरा करीब पांच इंच लंड उसकी चूत में चला गया, लेकिन वो अब दर्द की वजह से रोने लगी और बिन पानी की मछली की तरह मचलने लगी। अब में कस कसकर उसके बूब्स को दबाने मसलने लगा, जिसकी वजह से उसका अपने दर्द की तरफ से ध्यान हट जाए और वो भी मेरे साथ अपनी चुदाई के मज़े लेने लगी। फिर इस बीच ही मैंने एक कसकर धक्का मार दिया, जिसकी वजह से मेरा पूरा लंड उसकी चूत में चला गया और वो बड़ी ज़ोर से चीखते हुए चिल्ला पड़ी। दोस्तों अब मेरा सात इंच का लंड उसकी कोमल चूत की गहराईयों में जा चुका था और वो उसकी चूत में एकदम सही तरह से फिट हो गया। अब वो मुझे अपने ऊपर से हटाने की लगातार कोशिश करने लगी थी, लेकिन वो सफल ना हो सकी, क्योंकि मैंने उसको बड़ी मजबूती के साथ पकड़ा था और करीब दस मिनट के बाद उसको थोड़ा सा आराम मिलने लगा था, वो गरम होकर आहे भरने लगी थी और मैंने उसको अपनी तरफ से हल्के धक्के देने शुरू कर दिए, जिसका वो अब पूरा मज़ा ले रही थी। दोस्तों में उसको धक्के देते हुए दोनों बूब्स को मसल भी रहा था, उसके दोनों बूब्स आकार में छोटे थे, लेकिन उसके बूब्स एकदम गोलमटोल होने के साथ साथ निप्पल भी एकदम उठे हुये थे।

फिर उसी समय भाभी भी कमरे में आ गयी और मुझे कोमल की चूत में लंड डाले चुदाई करते देख वो हंसते हुए मुझसे कहने लगी कि क्यों मेरे देवर जी तुम्हे मेरे आने तक का इंतजार भी नहीं हुआ और तुमने पूरा ही डालकर चोदना शुरू कर दिया? अब कोमल भी भाभी के मुहं से वो बात सुनकर हंस पड़ी, क्योंकि अब मैंने कोमल को अपनी गोद में बैठा रखा था और में उसके बूब्स को चूस रहा था। दोस्तों मेरी भाभी अब भी पूरी नंगी थी, वो भी अब मेरे साथ सोफे पर बैठ गई। फिर उन्होंने देखा कि मेरा पूरा लंड कोमल की चूत में जा चुका था। अब उन्होंने कोमल से पूछा कि कोमल तुम्हे अप्नी कोमल और गुलाबी चूत में मेरे देवर का लंड लेकर कैसा लग रहा है? वो यह बात सुनकर शरमाने लगी थी और में धीरे धीरे से धक्के देकर उसको सोफे पर ही चोदता रहा और कुछ देर करीब दस मिनट के बाद मैंने अपने वीर्य को कोमल की चूत में डाल दिया, जिसकी वजह से हम दोनों का जोश अब ठंडा होता चला गया। दोस्तों मैंने उस दिन भाभी और कोमल को कई बार जमकर चोदा और हर बार उन दोनों ने भी पूरी तरह जोश में आकर मेरा साथ दिया। फिर जब कोमल उठकर फ्रेश होने के लिए बाथरूम में चली गयी, तब उस समय भाभी मुझसे पूछने लगी क्यों तुम्हे कैसी लगी कोमल की चूत तुम्हे उसको चोदकर मज़ा आया कि नहीं?

फिर मैंने उसी समय भाभी के बाल पकड़कर अपना लंड उनके मुहं में डाल दिया और उनको कहा कि भाभी आज एक कुंवारी चूत की लड़की देकर तुमने मेरी मन की इच्छा को पूरा कर दिया, में बहुत खुश हूँ। अब भाभी ने अपने मुहं से लंड को बाहर निकालकर कहा कि तुम बिल्कुल भी चिंता मत करो, क्योंकि अब जब भी तुम्हारा मन करे तो तुम मुझे बता देना, में कोमल को यहीं पर बुला लूँगी और तुम उसके साथ दोबारा ऐसे ही मस्त मज़े ले लेना। अब मैंने उनको कहा कि आप इसको एक सप्ताह तक हर दिन लगातार बुला लो, क्योंकि मेरा मन इसको लगातार चोदकर ही भरेगा, मुझे अब इसकी चूत को चोद चोदकर आपकी तरह भोसड़ा बनाना है, तब जाकर मुझे चेन मिलेगा। फिर उसी समय कोमल भी आ गयी और वो आते ही बोल पड़ी, मेडम क्या इस सप्ताह में यहाँ हर दिन आ सकती हूँ? भाभी ने उसको तुरंत हाँ कह दिया। दोस्तों मैंने यह बातें सुनकर खुश होकर उन दोनों को बारी बारी से अच्छी तरह से चोदा जिसकी वजह से हम सभी खुश थे। दोस्तों मैंने एक सप्ताह के बाद कोमल को कैसे और कहाँ चोदा यह में अपनी अगली कहानी में लिखकर आप सभी को जरुर बता दूँगा। दोस्तों यह थी मेरी सच्ची चुदाई की घटना जिसमें मैंने उस दिन उन दोनों के साथ चुदाई के पूरे मज़े लिए और उन दोनों को अपनी चुदाई की वजह से खुश किया ।।

धन्यवाद …

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