भाभी लंड से संतुष्ट हो गई

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प्रेषक : संजू …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम संजू है, यह मेरी दूसरी सच्ची कहानी है जो में लिख रहा हूँ। में मुरादाबाद (उत्तरप्रदेश) से हूँ, मेरा कज़िन भाई सचिन जो दिल्ली रहता है, उसकी शादी को 2 साल हुए है। मेरी भाभी का नाम मनीषा है, में 2 हफ्ते से भाई के घर रहने आया हूँ। में 23 साल का हूँ, मेरा भाई मुझसे 6 साल बड़ा है और भाभी मुझसे 3 साल बड़ी है। मेरे भाई की मेरी मम्मी की तरह हाईट छोटी है 5 फुट 1 इंच और भाभी पूरी 5 फुट लंबी है, लेकिन वो दिखने में बहुत सुंदर है, मीडियम भारी गांड, बड़े-बड़े 36D बूब्स। मैंने दो हफ्ते में बहुत सी बार भाभी को अपने आप अपने बेडरूम में अपने बूब्स से खेलता और चूत को रगड़ते हुए देखा है, तो तब से मुझे मेरी भाभी को चोदने का दिल हुआ करता था। फिर एक रात मैंने भाई भाभी को बेडरूम में से आहिस्ते आहिस्ते बातें करतें हुए सुना। अब भाभी भाई को चोदने के लिए कह रही थी तो भाई ने चुदाई शुरू की, लेकिन उन्होंने 2 मिनट में ही चुदाई ख़त्म कर दी और अपना पानी (वीर्य) निकाल दिया। फिर भाभी गुस्से में आकर कहने लगी कि अब मेरा क्या? में तो चुदाई के लिए तड़पती रहती हूँ और आप 2 मिनट में अपना पानी निकाल देते हो। फिर भैया बोले कि में क्या करूँ? तेरी चूत बहुत टाईट है, तो मेरा छोटा लंड अंदर जाते ही वीर्य निकाल देता है, डार्लिंग मुठ मार लो। तो भाभी गुस्से में बोली कि हाँ वही मेरी किस्मत है, जब मेरा पति मुझे अच्छी तरह से चोद नहीं सकता और फिर में इतना सुनकर अपने बेडरूम में चला गया।

फिर सुबह भैया अपनी नौकरी पर चले गये। अब में सो रहा था, तो उतनी देर में हमारी पड़ोसन नीता भाभी आई। अब वो दोनों सहेली बातें करने लगी थी। फिर नीता भाभी ने पूछा कि आज तुम कुछ ज़्यादा ही उदास लगती हो। फिर भाभी बोली कि क्या करूँ? सचिन मेरी चुदाई की प्यास बुझा नहीं पाता है। तो नीता भाभी बोली कि इसमें क्या बड़ी बात है? मेरा पति भी आज तक मुझे अच्छी तरह से चोद नहीं पाया है। फिर नीता भाभी बोली कि एक आइडिया बताऊँ तो मेरी भाभी ने पूछा कि क्या? तो नीता भाभी बोली कि अरे तेरा जवान देवर लम्बा चौड़ा हैडसम घर में ही है, उसके पास क्यों नहीं चुदवा लेती हो? वो भी अपना आदमी तो है। फिर मनीषा भाभी बोली कि आइडिया बुरा तो नहीं है अगर सचिन नहीं तो उसका भाई मुझे संतुष्ट कर पाए तो अच्छा होगा और ऐसा बोलकर वो दोनों सहेली हंस पड़ी। फिर नीता भाभी बोली कि अगर वो तुझे सॅटिस्फाइड कर सके तो में भी उससे चुदवाऊँगी। फिर थोड़ी देर की गप-सप के बाद नीता भाभी अपने घर चली गयी। फिर थोड़ी देर के बाद भाभी मेरे बेडरूम में आई। अब में नींद में सोने का नाटक कर रहा था। फिर भाभी मेरी चादर खींचकर बोलती है संजू भाई, उठो दोपहर हो गयी है। तो मैंने कहा कि थोड़ी देर और सोने दो।

तो भाभी बोली कि नहीं चलो जल्दी करो अपना नाश्ता कर लो, फिर मुझे बर्तन धोने है और ऐसा कहकर मेरी सारी चादर खींच ली। अब सारी रात चुदाई के सपने देखते-देखते मेरा लंड गर्म हो गया था। अब भाभी की आँखें मेरे लंड पर लग गयी थी, क्योंकि मेरे लंड ने पजामें में बड़ा टेंट बना दिया था। फिर मैंने भाभी का एक हाथ पकड़ लिया और भाभी को अपनी तरफ खींच लिया और ज़ोर से उनका हाथ खींचा, तो वो मेरे ऊपर आकर गिर पड़ी। अब मैंने अपनी भाभी को अपनी बाँहों में जकड़ लिया था और कहा कि आप भी सोती नहीं और मुझे भी सोने नहीं देती, लेकिन भाभी ने मुझसे छूटकर दूर जाने के लिए कुछ नहीं किया था, अब वो तो मेरा साथ दे रही थी। फिर मैंने उनके गालो पर चुंबन लिया और बोला कि आप बहुत अच्छी हो यहाँ मेरे साथ सो जाओ। फिर इतनी देर में भाभी का हाथ मेरे लंड पर पड़ा और वो आहिस्ते से मेरे लंड पर अपना हाथ फैरने लगी। अब में समझ गया था कि भाभी चुदासी हो गयी है, अब मेरी चोदने की बारी है तो मैंने ज़ोर से उनके होंठो पर चुंबन दे दिया। तो भाभी उठकर बोली कि पहले ब्रश तो करो, फिर बाद में जो तुम्हें करना है वो करो। तो मैंने बेड से तुरंत उठकर बाथरूम में जाकर अच्छी तरह से ब्रश किया और बाहर आया। अब भाभी मेरे बेड पर ही थी, तो में सीधा बेड पर जाकर भाभी पर टूट पड़ा और चुंबन पे चुंबन देने लगा।

फिर थोड़ी देर के बाद भाभी चुंबन तोड़कर बोली कि अब आप चुंबन ही करते रहेंगे या और कुछ भी करेंगे। तो मैंने तुरंत भाभी का गाऊन उठाया, भाभी अंदर से बिल्कुल नंगी थी, तो मैंने तुरंत अपने हाथ में उनके दोनों बड़े-बड़े बूब्स पकड़ लिए और फिर उन दोनों को एक के बाद एक चूसने लगा। तो भाभी बोली कि में जैसा कहूँ वैसे तुम करोंगे तो ही में तुमसे चुदवाऊंगी, वरना मुझे नहीं चुदवाना। तो मैंने कहा कि भाभी आप जैसा कहोगी वैसा ही में करूँगा। फिर भाभी बोली कि तो अच्छा है अब मेरे बूब्स प्यार से चूसो। फिर में एक बूब्स अपने मुँह में लेकर चूसने लगा और दूसरे को अपने एक हाथ में लेकर मसलने लगा। अब भाभी बहुत चुदासी हो गयी थी, अब वो मेरे सिर पर अपना हाथ फैरने लगी थी और बोली कि आज तो में तुम्हें जी भरकर बूब्स चूसने दूँगी और फिर अच्छी तरह से अपनी चूत चटवाऊँगी और फिर लंड से चोदने दूँगी। फिर मैंने कहा कि ठीक है जैसे आप कहो।

फिर करीब 7-8 मिनट तक मैंने उनके दोनों बूब्स को चूसा। फिर भाभी नंगी बेड पर लेट गयी और अपनी दोनों टाँगे फैलाकर बोली कि अब मेरी चूत चाटो, मेरी चूत से जितना जूस निकले सब पी जाना, क्योंकि वो आदमी के लिए अच्छा होता है उसका लंड और ताक़त वाला बनता है। तो मैंने कहा कि हाँ सब जूस पी जाऊंगा और ऐसा बोलते ही भाभी की चूत को चाटने लगा और भाभी की चूत के छोटे से छेद पर अपनी जीभ फैरने लगा और उनके क्लिट को चूसने लगा और आहिस्ते-आहिस्ते अपनी जीभ को उनकी चूत में डालकर जूस पीने लगा।

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फिर मैंने ऐसा करीब 10-12 मिनट तक किया तो भाभी मेरा सिर अपनी चूत पर दबाकर झटका देने लगी और करीब 2 मिनट तक झटके मारती रही। फिर वो मेरा सिर छोड़कर बोली कि और कर अब मज़ा आ रहा है। फिर जब में वापस से उनकी चूत को चाटने लगा तो भाभी बोली कि बस अब चोदने का टाईम हो गया है, अब तुम अपना नेकर निकालो, में तुम्हारा लंड गर्म कर देती हूँ। तो मैंने अपना नेकर निकाल दिया, अब में पूरा नंगा था। तो भाभी मेरा लंड देखते ही बोली कि श बाप रे यह तो बहुत बड़ा है, मेरा लंड 9 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है। फिर भाभी ने मेरे लंड की स्किन ऊँची की और अपनी जीभ से मेरा लंड का टॉप चाटने लगी, तो मेरे लंड के छेद से प्रेकुं जूस की बूंदे निकलने लगी। फिर भाभी मेरा प्री-कम चाट गयी और मेरे लंड के मशरूम के साथ साथ 2 इंच मुलायम भाग को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी, लेकिन वो मेरा पूरा लंड तो अपने मुँह में नहीं ले सकी इसलिए वो मेरे पूरे लंड पर अपनी जीभ से लीक करने लगी और अपने दोनों हाथों मेरी बॉल्स से खेलने लगी और आहिस्ते- आहिस्ते अपने दोनों हाथ मेरे बॉल्स पर फैरने लगी तो मेरा लंड पूरा सीधा खड़ा हो गया। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर थोड़ी देर के बाद जब मेरा लंड पूरा गर्म हो गया तो तब भाभी बोली कि अब मेरी चूत में अपना लंड डालकर चोदो। अब भाभी बेड पर बैठी थी और में भाभी के सामने खड़ा था। फिर भाभी ने तेल की बोतल निकाली और मेरे लंड पर तेल डाला और अपने एक हाथ से मेरे पूरे लंड पर तेल लगाया और मेरे लंड के टॉप पर ज़्यादा तेल लगाकर मसाज करने लगी। अब मेरा लंड तो और टाईट हो गया था। फिर भाभी तेल की बोतल टेबल पर रखकर बेड पर लेट गयी और अपनी दोनों टाँगे फैला दी और मुझे बीच में आने को कहा तो में उनकी दोनों टांगो के बीच में आ गया और अपना लंड उनकी चूत के छेद पर रखा। फिर भाभी ने मेरा लंड अपने एक हाथ में लिया और अपने दूसरे हाथ से अपनी चूत को खोला और मेरा तेल में भीगा लंड अपनी चूत के छेद पर फैरने लगी और क्लिट पर रब करने लगी और फिर से अपनी चूत के छेद पर ले लाई और बोली कि अब आहिस्ता-आहिस्ता मेरी चूत में तुम्हारा बड़ा लंड डालो।

फिर मैंने आहिस्ते से अपना लंड उनकी चूत में डाला। तो मेरे लंड का टॉप अंदर जाते ही भाभी के मुँह से आहह निकल गयी और बोली कि आहिस्ता राजा तुम्हारा लंड बहुत बड़ा है, मेरी चूत फट जाएगी। तो मैंने कहा कि भाभी कुछ नहीं होगा भैया हर रात तो आपको चोदते है, क्या उनके लंड से तुम्हारी चूत फट जाती है? तो भाभी बोली कि अरे तुम्हारे भाई का लंड तो सिर्फ़ 3 इंच लम्बा और 1 इंच मोटा है और तुम्हारा लंड उससे 3 गुना लम्बा और तगड़ा है। फिर मैंने कहा कि बस भैया का लंड इतना छोटा है। तो भाभी बोली कि इसलिए तो तुमसे चुदवा रही हूँ, वो मुझे सॅटिस्फाइड नहीं कर पाते है। तो मैंने कहा कि ठीक है में आहिस्ता-आहिस्ता चोदूंगा। फिर मैंने थोड़ा प्रेशर और दिया और अपना लंड 2 इंच अंदर डाला और फिर आहिस्ते-आहिस्ते अंदर बाहर करने लगा, तो थोड़ी देर में मेरा करीब 5 इंच लंड उनकी चूत में चला गया।

फिर तब भाभी बोली कि बस अब और नहीं डालना, मेरी पूरी चूत भर गयी है और तुम्हारा लंड मेरी चूत को चुंबन दे रहा है। तो मैंने कहा कि ठीक है और फिर मैंने आहिस्ता-आहिस्ता भाभी को चोदना शुरू किया। अब भाभी को बहुत मज़ा आ रहा था, अब वो धीरे-धीरे आह आह बोल रही थी। अब में भी आहिस्ते-आहिस्ते अपने लंड को और अंदर डालता जा रहा था। फिर करीब 5 मिनट में मैंने अपना पूरा लंड उनकी चूत में घुसा दिया तो मेरे बॉल्स भाभी की गांड पर टच करने लगे। तो तब भाभी को पता चला कि मेरा पूरा 9 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा लंड उसकी चूत में घुस गया है। तो भाभी बोली कि आख़िर में पूरा लंड घुसा दिया ना। तो मैंने पूछा कि आपको बहुत दर्द हो रहा हो तो में बाहर निकाल दूँ। तो भाभी बोली कि नहीं मुझे बहुत मज़ा आ रहा है, अब तो जी भरकर मेरी चुदाई करो। अब में तो थोड़ा तेज़ी से चोदने लगा था। फिर हमारी 10 मिनट तक चुदाई चली, तो तब भाभी ने मेरे कूल्हें पकड़ लिए और मेरा पूरा लंड अपनी चूत पर दबा लिया और झटके मारने लगी और करीब 5 मिनट तक झटके मारती रही और फिर उसके बाद में शांत हुई और बोली कि तुम्हें बहुत अच्छा चोदना आता है, तुमने मुझे दो बार झड़ा दिया है।

फिर मैंने कहा कि भाभी अब तक मेरा वीर्य नहीं निकला है, जब मेरा निकलेगा तो तब चुदाई ख़त्म होगी तो भाभी बोली कि हाँ में जानती हूँ, अब तुम लेट जाओ, में तुम्हारे ऊपर आती हूँ और तुम्हें चोदूंगी, तो मैंने कहा कि ठीक है। फिर भाभी और में दोनों खड़े हो गये, अब में लेट गया था। फिर भाभी ने थोड़ा और तेल मेरे लंड पर लगाया और अपनी चूत में मेरा लंड डाला और फिर भाभी मुझे चोदने लगी। फिर करीब 5-6 मिनट तक उसने मेरी चुदाई की और फिर बोली कि बस अब तो में थक गयी हूँ, तुम्हें ही चुदाई पूरी करनी पड़ेगी। तो मैंने कहा कि भाभी अब में डॉगी स्टाइल में चोदना चाहता हूँ, आप तकिए पर अपना सिर रखकर अपनी गांड ऊँची करके लेटी रहो, में तुम्हारे पीछे से आकर चूत में लंड डालकर चोदूंगा तो भाभी मैंने जैसा कहा वैसे लेट गयी। फिर मैंने पीछे से अपना लंड उनकी चूत में घुसेड़ा और उन्हें चोदने लगा।

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अब मेरा लंड जब अंदर जाता था तो उनकी चूत के होंठ अंदर घुस जाते थे और जब मेरा लंड बाहर निकलता था, तो उनकी चूत के होंठ मेरे लंड से साथ चिपक जाते थे। अब मुझे भी यह देखने में और चोदने में बहुत मज़ा आ रहा था। अब भाभी की गांड का छेद थोड़ा सा अंदर बाहर हो रहा था। फिर मैंने अपनी एक उंगली में तेल लिया और उनकी गांड के छेद पर लगाया। अब भाभी और ज्यादा मौन करने लगी थी। अब में अपनी एक उंगली से आहिस्ते-आहिस्ते उनकी गांड के छेद की मसाज कर रहा था। फिर मैंने करीब 10 मिनट तक ऐसे ही चुदाई की और मेरा प्रेशर बढ़ने लगा। अब में ज़ोर-जोर से लम्बे- लम्बे धक्के मारने लगा था और तेज़ी से चोदने लगा था। अब भाभी समझ गयी थी कि अब में झड़ने वाला हूँ, अब वो भी अपना रस रोक रही थी।

फिर आख़िर में मैनें जोर से अपनी वीर्य की पिचकारी मारी तो भाभी के मुँह से ओह माई गॉड निकला। फिर में दूसरी तीसरी वैसे करते-करते 6 लंबी-लंबी गर्म गर्म वीर्य की पिचकारी मारता रहा और भाभी आअहह, आअहह, ओउुउउ, ओह मेरी जान बोलती रही और झटके मारती रही और फिर भाभी का ऑर्गॅज़म करीब 2 मिनट तक रहा। फिर आख़िर में हम दोनों बेड पर लेट गये, अब मेरा लंड उनकी चूत में ही था। फिर 2 मिनट के बाद भाभी ने मुझे बड़ा चुंबन दिया और बोली कि तुम बहुत अच्छा चोदते हो तुमने मेरी बहुत अच्छी चुदाई की है, अब में तुमसे रोज चुदवाऊँगी। फिर हम दोनों बाथरूम में गये और मैंने अपना लंड साबुन से अच्छी से तरह धोया और भाभी की चूत में से मेरा काफ़ी सारा वीर्य निकला, जिससे भाभी का पूरा हाथ भर गया, वो करीब एक कप वीर्य था। फिर भाभी ने पेशाब किया और अपनी चूत साबुन से साफ कर ली। फिर हम दोनों दो घंटे के लिए सो गये और दोपहर तक हम दोनों एक दूसरे से चिपके रहे। फिर हम दोनों ने दोपहर का खाना खाया और भाभी नीता भाभी के घर चली गयी। फिर करीब 1 घंटे के बाद वो दोनों औरत वापस हमारे घर आई और उन दोनों ने मुझसे फिर से चुदवाया, यह कहानी में आपको बाद में बताऊंगा ।।

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धन्यवाद …

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