भाभी ने चुदाई का निमंत्रण देकर चुदवाया

0
loading...

प्रेषक : शिवा …

हैल्लो दोस्तों, आप सभी लोगों को शिवा का नमस्कार। दोस्तों में आज आप सभी को अपनी एक सच्ची घटना और मेरा सेक्स अनुभव बताने के लिए आप लोगों के बीच में कामुकता डॉट कॉम पर आया हूँ, क्योंकि दोस्तों आप सभी की तरह में भी पिछले कुछ सालों से सेक्सी कहानियों को पढ़कर उनके मज़े लेता आ रहा हूँ। दोस्तों मैंने अब तक ना जाने कितनी कहानियाँ पढ़ी है और आज अपनी घटना सुनाना चाहता हूँ। में उम्मीद करता हूँ कि मेरी यह कहानी आप लोगों को जरुर पसंद आएगी और अब में कहानी की तरफ आगे बढ़ता हूँ। दोस्तों यह करीब दो महीने पहले की घटना है और में जमशेदपुर में रहता हूँ, मेरी एक कज़िन भाभी है, जिसका नाम संगीता है। वो दिखने में बहुत ही सुंदर और हॉट सेक्सी लगती है। उसके बूब्स बहुत बड़े आकार के और गोल है, उसकी गांड भी बहुत बड़ी है इसलिए जब भी वो चलती है तो उसके मटकती हुई गांड बहुत ही मस्त लगती है, जिसकी वजह से में उसके गोरे सेक्सी बदन को देखकर हमेशा उसकी तरफ बहुत आकर्षित रहता हूँ और में उसके बारे में सोचकर बहुत बार मुठ भी मार चुका हूँ, लेकिन अब मेरे मन में बस इतनी सी इच्छा बची हुई थी कि एक बार में उसको पकड़कर उसकी चुदाई कर दूँ और में हर दिन उसकी चुदाई के नये नये विचार बनाता रहता हूँ।

फिर भगवान ने एक दिन मेरे मन की उस बात को सुन ही लिया और मुझे उसकी चुदाई का वो मस्त मौका दे दिया में जिसकी तलाश में बहुत लंबे समय से था। दोस्तों करीब दो महीने पहले हमारे किसी करीबी रिश्तेदार की शादी थी और में उन दिनों अपने घर में बिल्कुल अकेले ही था, इसलिए उस शादी में शामिल होने में भी चला गया था। फिर उस शादी में मेरी संगीता भाभी और मेरे चचेरे भैया रमेश भी आए हुए थे, मेरी भाभी ने काले रंग की साड़ी पहनी हुई थी, जिसमें वो बहुत ही मस्त सेक्सी लग रही थी। फिर मेरी चकित नज़र तो उनसे हट ही नहीं रही थी और कुछ देर बाद उनकी गोरी बाहर निकलती हुई छाती को देखकर मेरा लंड अब खड़ा होना शुरू हो गया। अब भाभी को देखकर मैंने अपने आप को बहुत शांत में किया, लेकिन मेरा मन मान ही नहीं रहा था। फिर में उनकी तरफ से अपना ध्यान हटाने के लिए जानबूझ कर दूसरे महमानों मेरे रिश्तेदारों से बातें करने लगा और कुछ ही देर बाद मेरा लंड शांत होकर अपनी जगह पर वापस बैठ गया, लेकिन इतनी ही देर में भाभी मेरे पास आ गई और उन्होंने मुझसे हैल्लो कहा। अब मैंने भी उनको इज्जत देते हुए उनसे हैल्लो कहा और फिर हम दोनों आपस में हंस हंसकर बातें करने लगे, उस समय मेरी नज़र बार बार उनके कुछ ज्यादा बाहर निकलते हुए सुंदर आकर्षक बूब्स पर जा रही थी।

दोस्तों भाभी की उस जालीदार साड़ी के पल्लू से मुझे उनके बूब्स साफ दिखाई दे रहे थे और उस वजह से में तो अब एकदम मदमस्त होने लगा था और ठीक वैसा ही हाल उनकी सुन्दरता को देखकर हर किसी की नजर उन पर ही गड़ी हुई थी, हर कोई घूम घूमकर उसको ही ताड़ रहा था। फिर थोड़ी ही देर के बाद मैंने खाना खा लिया और में अपने मन में अपनी सेक्सी भाभी की चुदाई करने की इच्छा को रखते हुए अपने घर पर वापस जाने के लिए वहां से थोड़ा सा बाहर निकला, लेकिन तभी अचानक से मौसम खराब हुआ और बहुत तेज बारिश होनी शुरू हो गई। दोस्तों में उस शादी में अपनी कार से गया था, लेकिन बारिश इतनी तेज़ थी कि इसलिए कार तक पहुँचते हुए ही में पूरा भीग जाता इसलिए में वहीं पर रुककर कुछ उपाय सोचने लगा। अब थोड़ी देर में मेरे रमेश भैया मेरे पास आ गए और उन्होंने मुझसे कहा कि शिवा जब तुम अब घर जा ही रहे हो, तुम अपनी भाभी (संगीता भाभी) को भी अपने घर पर छोड़ देना। दोस्तों क्योंकि उनका घर भी मेरे घर के पास ही था, इसलिए भैया ने मुझसे यह काम करने के लिए कहा और अब भैया ने मुझसे कहा कि वो आज रात को घर नहीं आ पाएँगे, क्योंकि शादी में बहुत काम है और वो सभी कामो को खत्म करके आ जाएगें।

अब मैंने उनसे कहा कि में तो घर जा रहा हूँ, लेकिन बारिश बहुत तेज़ है और भैया ने उसी समय मुझे एक छाता लाकर दे दिया और उन्होंने मुझसे कहा कि जाओ अब तुम और संगीता घर चले जाओ। दोस्तों में तो भैया की उस बात को सुनकर मन ही मन बहुत खुश हुआ जा रहा था और में सोचने लगा कि थोड़ी देर ही सही, लेकिन में अपनी सेक्सी और सुंदर भाभी को अपने साथ घुमाने ले जा रहा हूँ। फिर में और भाभी दोनों ही छाते के नीचे आ गए और हम दोनों उस कार की तरफ़ आगे बढ़ने लगे और उस समय हवा भी बहुत तेज़ चल रही थी जिसकी वजह से बारिश की कुछ बूंदे हम दोनों पर आ रही थी। अब उस वजह से में अपनी भाभी के और भी ज्यादा पास आ गया और इसी दौरान मेरी कोहनी भाभी के एक बूब्स से जाकर टकरा गई और उसी समय उस मुलायम बूब्स को अपनी कोहनी से छू जाने से मेरे पूरे शरीर में एक अजीब सी सनसनाहट पैदा हो गयी और मेरा लंड एकदम से तनकर खड़ा हो गया। फिर मैंने उस मौके का पूरा पूरा फ़ायदा उठाते हुए अपनी कोहनी को अब उनके बूब्स से दूर नहीं हटाया, में जानबूझ कर अपनी कोहनी से भाभी के बूब्स को अब पहले से ज्यादा दबाने की कोशिश करने लगा, लेकिन वो भी मुझसे कुछ नहीं बोली जिसकी वजह से में बहुत खुश था।

अब भाभी और में बहुत हद तक उस बारिश में भीग चुके थे और फिर हम दोनों कार में बैठ गए और अपने घर की तरफ चल दिए, थोड़ी ही देर में भाभी का घर आ गया, लेकिन उस समय तेज़ आँधी और तूफान की वजह से पूरे शहर की बिजली जा चुकी थी। दोस्तों मेरी भाभी का घर थोड़ा सा पुरानी स्टाइल का बना हुआ है, उसमे नीचे की मंजिल पर मेरे भैया का ऑफिस और माल को रखने के लिए एक गोदाम बना हुआ था और उसकी पहली मंजिल पर उन लोगों का घर था, जिसमें वो लोग रहते थे। अब भाभी ने मुझसे कहा कि शिवा तुम मुझे ऊपर तक छोड़ दो और तुम मेरे साथ बैठकर एक कप कॉफी भी जरुर पीकर जाना। दोस्तों में तो उस समय अकेला था, इसलिए में उनकी उस बात को तुरंत मान गया। फिर जब हम ऊपर की तरफ जाने के लिए सीड़ियों के पास पहुँचे, तब मैंने देखा कि वहाँ पर उस समय बहुत अंधेरा था और इसलिए मैंने अपने मोबाइल को अपनी जेब से बाहर निकालकर उसकी टोर्च को चालू कर लिया और अब भाभी मेरे आगे चलकर सीड़ियों से ऊपर जाने लगी और में उनके पीछे था। दोस्तों वो टोर्च की रोशनी भाभी की गांड पर सीधी पड़ने लगी, जिसकी वजह से मुझे उनकी मटकती हुई गांड को देखकर बड़ा मज़ा आ रहा था और मेरा मन अब धीरे धीरे मचलने लगा था।

तभी अचानक से वो थोड़ा सा लड़ाखड़ाने लगी, लेकिन उसी समय मैंने तुरंत उन्हे पीछे से सहारा दे दिया, जिसकी वजह से अब मेरे दोनों हाथ भाभी की गांड की गोलाई पर थे, मुझे पहली बार अपनी भाभी की गांड को छूकर महसूस करने का मौका मिल गया और में मन ही मन बहुत खुश था। फिर मैंने उन्हे संभालते हुए सीधा किया जिसकी वजह से मैंने अब उनकी गांड के बीच की दरारों को भी छूकर महसूस किया। अब हम लोग कमरे में चले गये, में अब ड्रॉयिंग रूम में बैठ गया और उन्होंने मुझे बारिश का पानी साफ करने के लिए एक टावल लाकर दे दिया और वो खुद भी अपने गीले कपड़े बदलने दूसरे कमरे में चली गयी। फिर थोड़ी ही देर में वो अब एक सिल्की नीले रंग की मेक्सी में मेरे सामने आ गई, उसको उस तरह से मेक्सी में देखकर मेरा बड़ा बुरा हाल हुआ जा रहा था और में मन ही मन सोच रहा था कि कैसे में उनको पकड़कर उनकी चुदाई करूं और में आगे कैसे बढूँ? तभी थोड़ी देर के बाद अपने बेडरूम से उन्होंने मुझे आवाज़ लगाई। अब मैंने उस कमरे में जाकर देखा कि वो अपनी अलमारी में जेवर रख रही थी, में पहुंच गया और मैंने देखा कि पीछे से नीले रंग कि उस मेक्सी में उनकी गांड बड़ी मस्त लग रही थी।

फिर उन्होंने मुझे देखकर मुझसे कहा कि शिवा ऊपर तीसरे हिस्से में एक बेग रखा हुआ है, प्लीज तुम उसे उतार दो, मेरा हाथ वहां तक नहीं जाता, लेकिन वो वहाँ से नहीं हटी। अब में उनके पीछे खड़ा हो गया और उस बेग को नीचे उतारने की कोशिश करने लगा, लेकिन तभी अचानक से मेरा लंड भाभी की गांड से जाकर टकरा गया और उनकी गांड को छू जाने से मेरे पूरे शरीर में एक अजीब सा करंट दौड़ गया और ऊपर खड़े होने की वजह से मुझे उनके कंधे के ऊपर से उनके बूब्स भी अब साफ दिखाई दे रहे थे। अब मैंने अपने आपको शांत किया और अपने लंड को उनकी गांड के बीच दरारों में सेट किया और फिर में वो बेग उतारने के बहाने से उनसे सटकर खड़ा हो गया। अब मुझसे ज्यादा बर्दाश्त नहीं हो रहा था, मैंने मन ही मन में सोचा कि अब मुझे ही आगे बढ़ना होगा उसके बाद जो भी होगा देखा जाएगा और उस समय मैंने पीछे से अपनी भाभी को कसकर अपनी बाहों में जकड़ लिया और में मेक्सी के ऊपर से उनकी गांड में अपने लंड को सेट करके धक्के मारने लगा। दोस्तों मेरा लंड अब मेरी अंडरवियर और पेंट को फाड़कर बाहर निकलने के लिए मचल रहा था। मेरी इस हरकत से भाभी चीखने लगी और वो ज़ोर से चिल्लाते हुए मुझसे पूछने लगी कि तुम यह क्या कर रहे हो?

loading...

अब मैंने उनसे कहा कि भाभी किसी को कुछ भी पता नहीं चलेगा और हम दोनों आज इस मौके का पूरा पूरा फायदा उठाकर बहुत मज़े मस्ती करेंगे। अब उन्होंने कहा कि नहीं यह सब गलत है तुम प्लीज अब मुझसे दूर हट जाओ मुझे नहीं करना तुम्हारे साथ कोई भी मज़ा और मस्ती, लेकिन मैंने उन्हे अब पीछे से पहले से भी ज्यादा कसकर पकड़ लिया और फिर में उन्हे समझाने की कोशिश करने लगा। फिर मैंने उनको बहुत कुछ समझाया और तब जाकर मैंने महसूस किया कि अब थोड़ी देर के बाद उनका विरोध पहले से कम हो गया था। अब मैंने तुरंत अपने दोनों हाथ उनके बूब्स पर रख दिए और में उन्हे धीरे दबाने सहलाने लगा था और मैंने उसी समय उनकी उस मेक्सी के बटन को भी खोल दिया और मेक्सी को उतार दिया। अब मैंने देखा कि वो काले रंग की ब्रा और फूलोँ की आक्रति की पेंटी पहने हुई थी और में खुद भी जल्दी से अपने कपड़े उतारने लगा। वो उस समय मेरी तरफ अपनी कमर करके ही खड़ी हुई थी और में पूरा नंगा हो गया। फिर उनकी ब्रा के हुक को मैंने पीछे से खोल दिया और उस समय में पहली बार अपनी भाभी का गोरा गदराया हुआ बदन देखकर बड़ा चकित हुआ। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब मेरा लंड अपनी चरम सीमा पर था। मैंने उन्हे पीछे से पकड़ा और में उनके नंगे गरम बूब्स को दबाने लगा और उनके हल्के भूरे रंग के निप्पल को में धीरे से अपनी दो उँगलियों के बीच में लेकर दबाने लगा था, जिसकी वजह से कुछ ही देर बाद उनके दोनों निप्पल एकदम टाइट होकर खड़े हो गये और वो दोनों निप्पल खड़े बड़े अच्छे लग रहे थे। फिर में उनकी पीठ को चूमने लगा और धीरे धीरे चूमते हुए में नीचे की तरफ आता चला गया, जिसकी वजह से अब उनकी गांड मेरे मुँह के ठीक सामने आ गई और उसी समय मैंने एक ही झटके में उनकी पेंटी को नीचे उतार दिया। अब हम दोनों उस वजह से बिल्कुल नंगे एक दूसरे से चिपके हुए थे और मैंने उनकी गांड के दोनों उभार को चूमना और चाटना शुरू कर दिया और कुछ देर चूमने के बाद मैंने उनकी गांड की दरार को अपने दोनों हाथों से पूरा फैलाया। अब अपना पूरा मुहं उनकी गांड के अंदर घुसा दिया, उनकी गांड के छेद को में अपनी जीभ से चाटने लगा था, जिसकी वजह से संगीता भाभी को अब बहुत मज़ा आने लगा था। अब वो जोश में आकर अलमारी को पकड़कर थोड़ा सा नीचे झुक गई जिसकी वजह से उनकी चूत पीछे से मुझे अब साफ दिखाई देने लगी।

फिर मैंने अपनी जीभ को उनकी चूत पर फेरना शुरू किया और में चूत को ज़ोर ज़ोर से चाटने लगा, मेरी गरम जीभ को अपनी चूत में महसूस करके भाभी को अब पहले से ज्यादा मज़ा आने लगा था और वो आहहहह ऊह्ह्ह्हह करने लगी। दोस्तों में अपने मन की सच बात कहूँ तो मुझे बिल्कुल भी विश्वास नहीं हो रहा था कि में अपनी सपनों की रानी के साथ आज पहली बार इस अनुभव के मज़े कर रहा हूँ। फिर थोड़ी देर बाद चूत की चटाई के बाद में खड़ा हो गया और मैंने उनको घुमाकर अपने सामने किया। फिर मैंने उनके एक बूब्स के निप्पल को अपने मुँह में ले लिया और में उसको चूसने लगा और चूसने के साथ साथ में भाभी के दूसरे बूब्स को दबाने भी लगा था। दोस्तों तब मैंने महसूस किया कि मुझसे अपने बूब्स को चुसवाने में भाभी को बहुत मज़ा आ रहा था और वो जोश में आकर अपने मुहं से आहह उफ्फ्फ्फ्फ़ स्सीईईईई की आवाज़ें निकाल रही थी। फिर कुछ देर के बाद मैंने उनको बेड पर सीधा लेटा दिया और अब में झट से उनके ऊपर चढ़कर उनके दोनों बूब्स को बारी बारी से चूसने लगा, साथ में दबाने भी लगा था। जिसकी वजह से वो एकदम हॉट हो चुकी और सिसकियाँ लेते हुए मेरा साथ देने लगी और मुझे अपनी चुदाई का निमंत्रण देने लगी।

loading...

फिर में नीचे आया और उनकी चूत में अपनी दो उँगलियों को चूत के अंदर डालकर थोड़ी सी जगह लंड को चूत के अंदर डालने के लिए बनाई और में उनकी गुलाबी रसीली चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा जिसकी वजह से वो अब ज्यादा ज़ोर से सिसकियाँ भरने लगी। दोस्तों सच कहूँ तो उनकी चूत के उस नमकीन स्वाद की वजह से में अब बिल्कुल पागल हुआ जा रहा था और में लगातार उनकी चूत को अपनी जीभ से चाटे जा रहा था। अब वो बहुत जोश में आकर सिसकियाँ भरते हुए मुझसे कहने लगी उफ्फ्फ्फ़ शिवा आह्ह्ह्ह हाँ और ज़ोर से चाटो तुम मेरी चूत को और चाटो मुझे बहुत मज़ा आ रहा है आह्ह्हहह आइईईईइ। फिर थोड़ी देर के बाद उन्होंने मुझसे कहा कि अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा प्लीज तुम अब जल्दी से अपना लंड मेरी चूत में डाल दो और मुझे चोदो प्लीज तुम अब मुझे चोदकर मज़े दे दो, जिसके लिए में अब तरस रही हूँ। प्लीज मुझे अब तुम जल्दी से शांत कर दो। अब मैंने तुरंत अपना लंड चूत के मुहं पर रखकर एक जोरदार धक्का देकर पूरा अंदर डाल दिया और उन्होंने अपने दोनों पैरों को पूरा फैला दिया। फिर लंड के चूत के अंदर जाते ही भाभी के मुहं से एक ज़ोर की चीख बाहर निकल गई वो ज़ोर से आहें भरते हुए उफफ्फ्फ्फ़ आईईईइ में मर गई।

अब मैंने उन्हे अपने ज़ोर के धक्के देने के साथ उसको चोदना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से अब संगीता भाभी को बहुत मज़ा आ रहा था और वो जोश में आकर चिल्ला रही थी हाँ और उफफ्फ्फ्फ़ आह्ह्ह्हह्ह शिवा और ज़ोर से चोदो स्सीईईईईइ चोदो बहुत मज़ा आ रहा है और ज़ोर से धक्के देकर चोदो मुझे चोदते रहो और में उनके निप्पल भी चूसे जा रहा था। दोस्तों वो बड़ा ही मनमोहक द्रश्य था जिसको में आज भी नहीं भुला सका, थोड़ी देर बाद वो अब अपने कूल्हों को उठाने लगी और वो मुझसे कहने लगी हाँ और तेज़ धक्के देकर चोदो मुझे आअहह हाँ ऊह्ह्ह्हह चोदो और ज़ोर से चोदो हाँ और उन्होंने अपने रस को मेरे लंड पर निकाल दिया, लेकिन में अभी तक अपने आप पर पूरा कंट्रोल किए हुए था और कुछ देर धक्के देने के बाद मुझे महसूस हुआ कि अब में झड़ने वाला हूँ। फिर उसी समय मैंने तुरंत अपने लंड को उनकी चूत से बाहर निकाल लिया और लंड को भाभी के मुँह में डाल दिया। अब वो अपने मुहं में मेरे वीर्य उनकी चूत रस जो मेरे लंड पर लगा हुआ था, उसको अपनी जीभ से बड़े मज़े लेकर चाटने लगी, जिसकी वजह से मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। फिर उन्होंने मेरा पूरा लंड अपने मुँह में ले लिया और वो अब उसको अंदर बाहर करके धीरे धीरे चूसने लगी, जिसकी वजह से मुझे बड़ा मज़ा आने लगा था।

अब मेरे साथ साथ वो भी उस समय पूरे जोश में आकर मेरे लंड को किसी अनुभवी रंडी की तरह चूस रही थी। फिर मैंने उसको कहा कि उफफ्फ्फ्फ़ हाँ भाभी आप और ज़ोर से चूसो यह बहुत दिनों से आपके साथ मज़े मस्ती करने के लिए बहुत तड़प तरस रहा है। अब वो मेरी बातें सुनकर और भी ज्यादा जोश में आकर लंड को चूसने लगी और कुछ देर बाद मैंने अब भाभी को अपनी बाहों में लेकर सीधा लेटा दिया और फिर में उनकी गांड के गोलाईयों को चूमने और चाटने लगा। फिर मैंने अपनी जीभ को उनकी गांड के अंदर घुसा दिया और में उनकी गांड को चूसने लगा, जिसकी वजह से भाभी को एक बार फिर से मज़ा जोश आने लगा। तभी उन्होंने मुझसे कहा कि प्लीज अब तुम मेरी गांड भी मारो, डाल दो तुम तुम्हारा यह लंड मेरी गांड में तुमसे में एक बार उसके भी मज़े लेकर तुमसे वो सुख पाना चाहती हूँ, प्लीज अब थोड़ा जल्दी करो मुझसे ज्यादा बर्दाश्त नहीं होता। अब मैंने मन ही मन खुश होकर उनसे कहा कि रानी तुमने तो आज मेरे मन की बात को कह दिया, हाँ में भी तुम्हारी गांड को चोदकर उस अहसास को लेकर देखना चाहता हूँ और फिर भाभी से यह बात कहकर तुरंत अपना लंड भाभी के गांड की दरारों को अपने एक हाथ से फैलाते हुए गांड में डाल दिया, लेकिन भाभी की गांड बहुत टाईट होने की वजह से मुझे बहुत ज़ोर लगाना पड़ा।

फिर मेरे साथ ही भाभी को भी लंड के अंदर जाते ही उस दर्द का अहसास हुआ, जिसकी वजह से वो बड़ी ज़ोर से चीख पड़ी और में वैसे ही रुक गया। अब में उसके बूब्स के निप्पल को निचोड़ने बूब्स को दबाने लगा, जिसकी वजह से कुछ देर बाद वो शांत हो गई और मैंने सही मौका देखकर उनकी गांड में अपने लंड को अंदर बाहर करके धक्के मारकर उनकी गांड मारना शुरू किया। फिर में अपना लंड पूरा उनकी गांड में डाल देता और उसके बाद धीरे धीरे बाहर निकालकर जोरदार धक्के के साथ पूरा अंदर डालकर में उन्हे चोदने लगा। जिसकी वजह से वो पूरी हिल जाती, लेकिन में उनकी कमर को कसकर पकड़े हुए था और में लंड को पूरा बाहर नहीं आने देता। फिर में उनके दोनों कूल्हों को पकड़कर दोबारा पीछे लेते हुए लंड को अंदर धकेल देता। दोस्तों सच कहूँ तो मुझे अपनी भाभी की चूत में लंड को डालकर धक्के देने के बाद अब उनकी गांड मारने में चूत की चुदाई से ज्यादा मज़ा और जोश आ रहा था, क्योंकि मेरा पूरा लंड उनकी गांड की दीवारों को रगड़ते हुए अंदर बाहर हो रहा था। दोस्तों यह सबसे अलग सुख बहुत अच्छा अनुभव था। में जिसके बारे में किसी भी शब्दों में लिखकर आप किसी को नहीं बता सकता कि में उस समय क्या महसूस कर रहा था।

loading...

अब वो फिर से सिसकियाँ भरने लगी और वो मुझसे बोली हाँ शिवा और ज़ोर से मारो तुम मेरी गांड में धक्के अपने लंड को आह्ह्ह्हह्ह ऊफ्फफ्फ्फ्फ़ हाँ पूरा का पूरा लंड तुम मेरी गांड में डाल दो हाँ जाने दो पूरा, तुमने मुझे आज़ बहुत मज़ा दिया है आअहह ऊऊहह हाँ और तेज मारो मेरी गांड को ऊओह्ह्ह्ह हाँ जाने दो पूरा अंदर तुम बहुत अच्छे हो मुझे तुमसे यही उम्मीद थी। फिर मैंने कुछ देर लगातार धक्के देने के बाद अपना पूरा वीर्य संगीता भाभी की गांड में ही निकाल दिया और फिर में बहुत देर से इतनी दमदार मेहनत करने की वजह से बहुत ज्यादा थक गया, इसलिए में अब बिल्कुल निढाल होकर उनकी पीठ से चिपक गया और फिर हम दोनों ने एक दूसरे को किस किया और अब मैंने अपनी भाभी से कहा कि आपने मुझे कॉफी पीने के लिए बुलाया था, लेकिन में तो आपका बहुत कुछ पीकर और आपको पिलाकर जा रहा हूँ। अब संगीता भाभी ने मुस्कुराते हुए मुझे सेक्सी मुस्कान देते हुए कहा कि कोई बात नहीं है, दोबारा कोई भी अच्छा मौका मेरे हाथ लगते ही तुम्हे दोबारा कॉफी पीने के लिए बुला लूंगी और तुम जरुर आना में तुम्हारा इंतजार करूंगी।

दोस्तों में अपनी भाभी के साथ उनकी उस मस्त चुदाई के मज़े लेकर उनके साथ वो पल बिताने के बाद उसको एक बार उनके नरम गुलाबी होंठो को चूमकर अपने घर आ गया, लेकिन आज भी में जब वो सभी बातें याद करता हूँ मेरे शरीर के अंदर एक अलग सा जोश भर जाता है। मुझे आज भी उसकी वो दमदार पहली चुदाई की बात बहुत अच्छी तरह से याद है। दोस्तों यह थी मेरी वो सच्ची घटना मेरी चुदाई अपनी भाभी के साथ मुझे उम्मीद है कि आप सभी को यह जरुर पसंद आएगी ।।

धन्यवाद …

Comments are closed.

error: Content is protected !!