भाभी ने मजेदार तरीका सिखाकर चुदवाया

0
loading...

प्रेषक : राज …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राज है और में 22 साल का हूँ और में पुणे का रहने वाला हूँ। में पिछले कुछ सालो से कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों के मज़े लेता आ रहा हूँ और आज में आप सभी को अपनी भी एक सच्ची कहानी उस घटना के बारे में बताने जा रहा हूँ जो कि दो साल पहले मेरे साथ घटित हुई, लेकिन दोस्तों में इसको बहुत समय से बताने से झिझक रहा था क्योंकि यह मेरे घर की इज्जत का सवाल है, लेकिन आज में हिम्मत करके इसको आप सभी तक लेकर आज आ ही गया हूँ। तो यह बात उन दिनों की है जब मेरे भाई की नई नई शादी हुई थी और जब मेरी भाभी हमारे घर में आई तो उसको पहली बार देखकर ही में तो बिल्कुल पागल हो गया, क्योंकि वो बहुत सुंदर, गोरी होने के साथ साथ उनका व्यहवार भी बहुत अच्छा था और उन्होंने आते ही हमारे पूरे घर को अपनी पूरी जिम्मेदारी से सम्भाल लिया था, वो बहुत हंसमुख स्वभाव की थी इसलिए मुझे उन पर हमेशा बहुत प्यार आता था और उन सभी वजह से में अब अपनी भाभी के करीब रहने के लिए कोई ना कोई बहाने ढूंढने लगा था। वैसे उनको भी मेरे साथ अपना समय बिताना अच्छा लगता था। फिर ऐसे ही करीब चार महीने बीत गए और उस बीच मेरे मन में उनके लिए प्यार अब पहले से भी ज्यादा बढ़ गया था और इस वजह से में अब अपनी भाभी को पाने के लिए बहुत बेताब हो गया, मेरा पांच इंच का लंड उसको देखते ही हमेशा हर कभी कड़क हो जाता। उसके बूब्स क्या मस्त गजब के थे और बूब्स का आकार थोड़ा बड़ा होने की वजह से वो घर के कामो को करते समय नीचे झुकने पर उनके बड़े आकार के गले से बाहर आकर झूलने लगते और हर कभी वो मुझे उनके ब्लाउज से बाहर उभरे हुए नजर आते थे, जिनको देखकर मेरा मन और भी ज्यादा ललचाने लगा था और में उनकी चुदाई के सपने अब उठते बैठते हर कभी देखने लगा था और एक दिन मेरी किस्मत खुल गयी और मेरे साथ वो घटना हुई जिसका में बहुत समय से इंतजार कर रहा था।

दोस्तों उस दिन में अपने कॉलेज से घर आया तो भाभी ने कुछ देर बाद मुझे बताया कि माँ जी आज अभी कुछ देर पहले तुम्हारे मामा के यहाँ पर गयी है और सच कहूँ तो मुझे उनके मुहं से वो बात सुनकर थोड़ी सी ख़ुशी जरुर हुई, क्योंकि पूरा दिन में आज अपनी हॉट सेक्सी भाभी के साथ घर में बिल्कुल अकेला था और फिर में फ्रेश होकर हर दिन की तरह टीवी को चालू करके उसके सामने बैठ गया। तभी कुछ देर बाद मेरे भैया का एक दोस्त जो हमारे पड़ोस में ही रहता है वो आ गया और उसने मुझे बताया कि मेरे भैया को एक ज़रूरी काम की वजह से मुंबई के लिए भेज दिया है और इस वजह से वो कल तक ही वापस आएँगे और वो मुझसे इतना कहकर तुरंत अपने घर चला गया। दोस्तों उसके मुहं से यह बात सुनकर ख़ुशी की वजह से मेरे तो होश ही उड़ गये, क्योंकि में मन ही मन खुश होकर सोचने लगा कि आज में पूरा दिन और रात को भी अपनी भाभी के साथ अकेला ही रहूँगा, लेकिन भाभी ने भी उस समय रसोई के अंदर से इन सभी बातों को सुन लिया था और अब मेरे मन में भी भाभी की चुदाई का वो विचार आने लगा था, में जिसके बारे में बहुत समय से बस सोच ही रहा था और मैंने अभी तक वो काम पूरा नहीं किया था और में चुदाई का विचार बनाते हुए पूरा दिन बड़ा खुश रहा। हम दोनों ने एक दूसरे से बहुत हंसी मजाक किया और ऐसा हमारे बीच हर दिन कुछ कम होता था, लेकिन आज घर में अकेले होने का मैंने पूरा पूरा फायदा उठाया। फिर रात को ठीक आठ बजे हम दोनों ने खाना खा लिया और उसके बाद करीब रात को दस बजे भाभी अपने कमरे में सोने के लिए चली गयी। फिर में यहाँ अपने कमरे में बेचैन होने लगा था और रात को करीब 11 बजे में अपने कमरे से उठकर भाभी के कमरे में चला गया तब मैंने जाकर देखा कि वो तो सोते समय भी बहुत सुंदर लग रही थी और इसलिए में कुछ देर उनके पास खड़े होकर देखने के बाद अब उसके पैरों के पास बैठ गया और उनके उभरे हुए बूब्स को में अपनी चकित नजर से देखता ही रहा, जिसकी वजह से में बहुत जोश में आ गया और उसी समय मैंने अपनी पेंट को उतार दिया और फिर मैंने थोड़ी सी हिम्मत करके अपने एक हाथ को धीरे से भाभी की साड़ी के अंदर डाल दिया और उसके बाद में अपने हाथ से भाभी के ब्लाउज के बटन को खोलने लगा, लेकिन तब भी मुझे उनकी तरफ से कोई भी हलचल महसूस नहीं हुई जिसकी वजह से मेरी हिम्मत पहले से अब कुछ ज्यादा ही बढ़ गई थी। अब मैंने अपनी एक उंगली को भाभी की पेंटी के किनारे से अंदर डालकर तुरंत ही भाभी की चूत में डाल दिया और उसके बाद में अपनी ऊँगली को चूत में अंदर बाहर करने लगा, लेकिन मुझे पेंटी की वजह से अब कुछ अड़चन महसूस होने लगी थी।

loading...

फिर मैंने अपने दूसरे हाथ से उनके ब्लाउज के सारे बटन खोल दिए और में एकदम पागल होकर भाभी के बूब्स को घूर घूरकर देखने लगा था, लेकिन तब भी मुझे उनकी तरफ से कोई भी विरोध होता हुआ नजर नहीं आया। अब मैंने सबसे पहले अपने दोनों हाथों से भाभी की पेंटी को नीचे करके उतार दिया और फिर उसके बाद में अब उनकी साड़ी को ऊपर करने लगा था और जब मुझे पहली बार भाभी की चूत के दर्शन हुए तो में उसको देखकर बिल्कुल पागल की तरह हरकते करने लगा और में मन ही मन सोचने लगा कि मेरी किस्मत आज कितनी अच्छी है जो इतनी गोरी चिकनी चूत वो भी बिल्कुल नंगी मेरे सामने है और तब मुझे लगा जैसे कि में कोई सपना देख रहा हूँ। फिर मैंने अपने एक हाथ से भाभी की चूत को पकड़ा और भाभी के दोनों पैरों में अपना सर डालकर मैंने अपनी जीभ को उसकी गरम चूत में डाल दिया। में उस गीली चिकनी चूत को अब अपनी जीभ से चाटने और चूसने भी लगा था और में उस काम को करते हुए अपने एक हाथ से उसके बूब्स को भी सहलाने लगा था, तब मुझे कुछ ही देर में उस चूत को चाटने में बहुत मस्त मज़ा आने लगा, जिसकी वजह से मेरा लंड अब बहुत जोश में आकर मेरी अंडरवियर से बाहर आ गया। फिर मैंने बूब्स को अब छोड़ दिया और अपने एक हाथ से में अपने लंड को रगड़ते हुए सहलाने लगा और तभी अचानक से भाभी के एक हाथ ने मेरे बाल पकड़ लिए और वो मेरे सर को नीचे अपनी चूत पर दबाने लगी थी। फिर उसी समय मुझे अहसास हुआ कि भाभी की चूत से अब कुछ चिपचिपा सा प्रदार्थ बाहर निकल रहा था, लेकिन मुझे वो बहुत ही अच्छा लगा इसलिए में अब उसको और भी ज़ोर ज़ोर से चाटने, चूसने लगा था जैसे कि मुझे उसका नशा सा हो गया हो। अब मैंने कुछ देर बाद महसूस किया कि भाभी ने अपनी पकड़ को मेरे सर से ढीला कर दिया था और में तब भी कुछ देर रसभरी उस चूत का स्वाद लेता रहा। फिर कुछ देर बाद जब मेरे लंड ने जवाब दे दिया तब में चूत को छोड़कर अब तुरंत भाभी के ऊपर चढ़ गया और में उनके बूब्स को चूसने के साथ साथ दबाकर उनका रस निकालने लगा था। मेरे ऐसा करने की वजह से भाभी बहुत मस्ती में आ गयी और उस समय मेरा तनकर खड़ा जोश से भरा हुआ लंड भाभी की गीली कामुक चूत से टकरा रहा था। तभी भाभी ने मेरे होंठो को चूमना शुरू किया। फिर थोड़ी देर बाद भाभी ने मुस्कुराते हुए मुझसे कहा कि चलो अब तुम मुझे चोदना शुरू करो, में कब से तुम्हारा लंड लेने के लिए तरस रही हूँ। आज तुम मुझे असली चुदाई का मस्त मज़ा देकर मुझे जमकर चोदो और मेरी चूत की आग को बुझा दो, इसने मुझे बड़ा परेशान किया है। फिर मैंने उनके मुहं से यह बात सुनकर बिना देर किए झट से अपनी अंडरवियर को उतार दिया, मुझे अपने कपड़े उतारते हुए देखकर भाभी ने भी उनकी साड़ी और ब्लाउज को पूरी तरह से उतार दिए और भाभी को अपने सामने पूरा नंगा देखकर में अपनी चकित नजरों से उनकी तरफ देखता ही रह गया, क्योंकि वो बिना कपड़ो के काम देवी की तरह नजर आ रही थी और में कुछ देर बस उनको देखता ही रहा। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

loading...

फिर भाभी मुझसे बोली कि तुम ऐसे मुझे क्या देख रहे हो? क्या तुमने कभी किसी औरत को नंगा नहीं देखा? तो मैंने उनको कहा कि हाँ देखा है, लेकिन भाभी वो सब मैंने सिर्फ़ फिल्म में ही देखा है और आज में पहली बार किसी को अपने सामने पूरा नंगा देख रहा हूँ। आप बहुत अच्छी लग रही हो और में आपसे बहुत प्यार करता हूँ। अब भाभी पीठ के बल लेट गयी और उन्होंने एक तकिया लेकर अपनी कमर के नीचे रख लिया। फिर मैंने उनसे पूछा कि यह सब आपने किस लिए किया है? तो भाभी ने कहा कि इससे हम दोनों और भी ज्यादा मज़ा आएगा तू आ अब जल्दी से आ जा मुझसे ज्यादा देर नहीं रहा जाता और मेरी चूत में गुदगुदी हो रही है, चल आजा। फिर मैंने उनको कहा कि में तो कब से तैयार ही हूँ और इतना कहकर में तुरंत ही भाभी के पैरों में बैठ गया और भाभी ने अपने दोनों हाथों से उनकी चूत का मुहं पकड़कर चूत को पूरा फैला लिया और उनकी खुली हुई चुदाई के लिए बैचेन चूत अब मेरा लंड लेने के लिए मेरे सामने थी और फिर उन्होंने मुझसे कहा कि अब डाल भी दे तू अपने इस मोटे लंबे लंड को मेरी चूत में और मुझे चुदाई के वो मज़े दे तू क्यों मुझे इतना तरसा रहा है क्या तुझे मेरी बैचेनी को देखकर मज़ा आ रहा है? अब मैंने बिना देर किए अपने लंड को भाभी की चूत के मुहं पर रखकर ठीक निशाने पर सेट किया और एक जोरदार धक्का मारा तो मेरा लंड थोड़ा सा लंड चूत के अंदर चला गया। अब भाभी ने दर्द से करहाते हुए आह्ह्ह्हह्ह ऊईईईई कहा कि यह तो बहुत ही मोटा है, मेरी चूत की आज खैर नहीं आईईईई माँ में मर गई, इससे तो मुझे बड़ा तेज दर्द हो रहा है। तभी मैंने अपनी तरफ से दूसरा धक्का लगा दिया और भाभी ने दर्द की वजह से अपने नाख़ून मेरे पीठ में गड़ा दिए और उसी समय मैंने उनके और अपने दर्द की परवाह किए बिना ही अपना एक धक्का और लगा दिया जिसकी वजह से अब मेरा पूरा लंड भाभी की चूत में गहराई तक समा चुका था और मुझे उनका दर्द तड़पना देखकर बहुत मज़ा आने लगा और वो ज़ोर ज़ोर से आईईईईईई उफ्फ्फ मर गई प्लीज थोड़ा धीरे करो कहती हुई अपनी गांड को इधर उधर करके हिलने लगी। अब में उनका चिल्लाना चीखना देखकर मस्ती में आकर ज़ोर ज़ोर से धकके मारने लगा था और कुछ देर बाद भाभी भी मेरे धक्के खाकर मस्त होकर अब जोश में आकर वो मुझे बुरी तरह से चाट रही थी और काट भी रही थी। में भी अब जोश में आकर भाभी के बूब्स को काट रहा था, जिसकी वजह से भाभी आहह्ह्ह्ह उउउन्न्ह आअहह कर रही थी और करीब बीस मिनट के बाद भाभी ने मुझे ज़ोर से काट लिया और उन्होंने मुझे अपने ऊपर इतनी ज़ोर से खींचा जैसे कि में कहीं भागा जा रहा हूँ और मेरे लंड को हल्का सा गीला होने का अब अहसास हुआ और मुझे लगा कि में भी शायद अब झड़ने वाला हूँ। फिर मैंने अब बहुत ही ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए और थोड़ी ही देर धक्के देने के बाद में भी अब झड़ गया और भाभी ने एक बार फिर से मुझे ज़ोर से अपनी बाहों में भरकर अपनी तरफ खींच लिया। मुझे उस वक्त कैसा लगा में क्या बताऊँ? करीब दस मिनट तक में भाभी के ऊपर ही पड़ा रहा और उसके बाद मैंने अपना लंड उनकी चूत से बाहर निकाला तो देखा कि उनकी चूत हम दोनों के वीर्य से पूरी तरह से तर हो चुकी थी और हम दोनों का वो गाड़ा चिकना प्रदार्थ उनकी चूत से रिसता हुआ बाहर निकलकर बहने लगा था। अब भाभी झट से उठ गई और उन्होंने मेरा लंड अपने मुहं में पूरा भर लिया और वो लंड को बड़े मज़े से अंदर बाहर करते हुए लोलीपोप की तरह चूसने लगी जिसकी वजह से में बहुत मस्ती में आने लगा था और भाभी ने मेरे लंड को चूस चूसकर पूरा साफ कर दिया।

अब मेरी नज़र भाभी की चूत की तरफ चली गयी और मैंने देखा कि उनकी चूत से अब भी वही तरल और चिपचिपा सा प्रदार्थ निकलकर बेड पर टपक रहा था, मैंने भाभी से कहा कि चलो अब में भी आपकी चूत को चाटकर साफ कर देता हूँ और में इतना कहकर पीठ के बल भाभी की चूत के नीचे घुस गया और भाभी ने अपनी चूत को मेरे मुहं पर रख दिया और में उसको चाटने और चूसने लगा था। मेरे ऐसा करने से भाभी एक बार फिर से मस्त होने लगी थी। फिर कुछ देर चाटने के बाद में उठ गया और मैंने भाभी से कहा कि में अभी बाथरूम से होकर वापस आया, बाथरूम से आने के बाद मेरा लंड एक बार फिर से उनकी चूत से लड़ने के लिए तनकर तैयार होकर खड़ा हो गया था। अब भाभी ने मुझसे कहा कि अब तुम नीचे सो जाओ में तुम्हे चुदाई का दूसरा एक बहुत आसान, लेकिन मजेदार तरीका सिखाती हूँ तुम्हे भी उससे बड़ा मज़ा आएगा। फिर मैंने कहा कि हाँ ठीक है मुझे तो सब चलेगा उसके बाद भाभी मेरे लंड के ऊपर धीरे धीरे बैठती चली गई, जिसकी वजह से मेरा लंड उनकी चूत की गहराइयों में समाता चला गया और वो सारा काम बिना मेरी मेहनत के हो रहा था और अब वो मेरे लंड के ऊपर उठक बैठक लगाकर अपनी चुदाई करने लगी थी। वो लगातार ऊपर नीचे होती रही और में नीचे लेटा हुआ चुदाई के मस्त मज़े लेता रहा। फिर कुछ देर बाद मैंने उनकी गोरी पतली कमर को पकड़कर अपने हाथों का सहारा देकर उनका साथ दिया और उसके साथ साथ में भी अपने कूल्हों को ऊपर उठाकर कुछ देर बाद अपनी तरफ से धक्के लगाने लगा था, जिसकी वजह से वो बड़ी खुश थी। दोस्तों उस रात को मैंने पूरी रात अपनी भाभी को सोने नहीं दिया और भाभी ने भी मुझे सोने नहीं दिया और पूरी रात हम दोनों चुदाई करते ही रहे। हम दोनों ऐसे लगे हुए थे जैसे कि हम बरसों से चुदाई के प्यासे हो। फिर सुबह जब हम दोनों एक साथ में नहा धोकर तैयार होने लगे तब हम दोनों ने देखा कि किसने किसको कितना काटा और उसके बाद नाश्ता करने के बाद करीब 8-30 बजे भैया का भाभी के मोबाईल पर फ़ोन आया और उन्होंने कहा कि वो दो दिन तक नहीं आएँगे और जब मुझे भाभी ने यह बात बताई तो उसके बाद से में पूरे दो दिनों तक अपने कॉलेज को बिल्कुल भूल ही गया और फिर में उसी दिन उसी समय से खुश होकर अपनी बाहों में भरकर चूमने लगा और उसके बाद में भाभी के साथ वैसे ही मस्त मज़ेदार चुदाई करता रहा। मैंने उनको रात दिन दोपहर कभी शाम को जब भी मन करता में उनकी चुदाई करने लगता और उन्होंने भी मुझे कभी इस काम के लिए मना नहीं किया क्योंकि उनको तो मेरे साथ मेरे मोटे लंबे लंड को अपनी चूत के अंदर लेकर अपनी चूत की आग को शांत करने में बड़ा मज़ा आ रहा था। फिर तीसरे दिन मेरे लंड की उस लगातार चुदाई की वजह से बड़ी बुरी हालत थी और अब भाभी ने मुझसे पूछा क्यों तुम्हे मज़ा आया कि नहीं? मैंने कहा कि हाँ मुझे तो बहुत मस्त मज़ा आया और फिर जब भी हम दोनों को कोई भी अच्छा मौका मिलता तो हमारी चुदाई फिर से चालू हो जाती और हम दोनों एक दूसरे को बहुत प्यार करने लगे थे। हम एक दूसरे की सभी बातें मानने लगे थे और चुदाई में दोनों एक दूसरे का पूरा पूरा साथ देते थे। कोई भी किसी के साथ किसी भी तरह जोर जबरदस्ती नहीं करता था इसलिए हम दोनों हंसी ख़ुशी अपने दिन बिताने लगे थे। दोस्तों अब मेरी भाभी को एक बेटा है फिर भी भाभी मेरे भैया से कम और मुझसे ही ज्यादा अपनी चुदाई के मज़े लेती है वो मुझसे कहती है कि तुम हमेशा मन लगाकर चुदाई करते हो और लंबे समय तक बिना रुके चुदाई का असली मज़ा देते हो ।।

loading...

धन्यवाद …

Comments are closed.

error: Content is protected !!