भाभी ने मांगी चुदाई की भीख

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प्रेषक : गुमनाम …

हैल्लो दोस्तों, में आज आप सभी कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों के मज़े लेने वालों के लिए अपनी एक सच्ची चुदाई की उस घटना को लेकर आया हूँ, जिसके बारे में मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि कभी मेरे साथ ऐसा भी होगा और मेरा पूरा जीवन उसकी वजह से बिल्कुल बदल जाएगा। दोस्तों वैसे तो मुझे बचपन से ही चुदाई का बहुत लगाव रहा है, मेरा लंड हर किसी छोटी बातों पर तनकर खड़ा हो जाता और में मुठ मारकर इसको शांत कर देता। फिर एक दिन मुझे अपने कुछ साथ वाले दोस्तों से सेक्सी कहानियों के बारे में पता चला और जब से लेकर आज तक मैंने ना जाने कितनी कहानियों को पढ़कर उनके मज़े लिए है ऐसा करने में मुझे बहुत मज़ा आने लगा। एक दिन जब में अपने कॉलेज से वापस घर आया, तब मैंने देखा कि मेरी भाभी ने उस समय लाल रंग की साड़ी और उनके ब्लाउज का गला इतना बड़ा था कि पीछे से उनकी पूरी कमर खुली हुई थी और वो सजीधजी बड़ी ही सुंदर आकर्षक लग रही थी। दोस्तों उन्होंने साड़ी को इतना नीचे बांधा हुआ था कि उसकी वजह से मुझे उनकी वो गोरी एकदम गोल आकार में बड़ी नाभि एकदम साफ नज़र आ रही थी और में तो उनको उस हालत में एकदम चकित होकर बहुत ध्यान से देखता ही रह गया।

फिर वो मेरी तरफ देखकर हंसकर मुझसे पूछने लगी क्यों क्या हुआ, जो तुम मुझे ऐसे एकटक नजर से घूरकर देख रहे हो? ऐसा तुम्हे मुझमें क्या नजर आ गया? में वही पहले वाली तुम्हारी भाभी हूँ। अब मैंने थोड़ा सा होश में आकर उनसे पूछा भाभी क्या आज आप कहीं जा रही हो, जो आज आप इतना सज-धजकर तैयार खड़ी हो? वो तुरंत बोल पड़ी हाँ आज में और मेरी बहन एक शादी में जा रहे है। फिर मैंने उनसे कहा कि आज तो फिर वहां पर सभी लोगों की छुट्टी हो जाएगी। मेरे मुहं से यह बात सुनकर वो हंसने लगी और पूछने लगी तुम ऐसा क्यों कह रहे हो? अब में मुस्कुराते हुए उनको बोला क्योंकि आज आप लग ही इतनी सुंदर रही हो छुट्टी तो सबकी होनी ही है और उन्होंने मेरे मुहं से अपनी तारीफ को सुनकर दोबारा मुस्कुराना शुरू किया और फिर उसी समय दरवाजे की घंटी बजने लगी और वो तुरंत दरवाजा खोलने चली गई। अब में पीछे से जाते हुए लगातार उनको देख रहा था कि तभी अचानक से उनकी बहन मेरे सामने आ गई। दोस्तों मैंने देखा कि उसने उस समय काले रंग की सलवार कमीज़ पहनी हुई थी और वो बहुत टाईट था, जिसकी वजह से उसका वो गोरा बदन दिखने में बड़ा आकर्षक लग रहा था और उसके वो दोनों बूब्स कसे हुए कपड़ो से उभरकर बाहर झांक रहे थे।

दोस्तों में तो बस अपनी चकित नजरों से देखा ही रहा। अब उसने मेरे पास आकर मुझे हल्का सा मेरे गाल पर हाथ लगाकर उसने मुझसे पूछा तुम ऐसे पागलों की तरह क्या देख रहे हो? अब मैंने भाभी की तरफ देखा और उससे कहा कि वो जो मुझे नज़र आ रहा है। फिर उसने मेरी तरफ देखकर मुस्कुराते हुए मुझसे पूछा तुम्हे ऐसा क्या नज़र आ रहा है, जिसको देखकर तुम्हे होश ही नहीं रहा? अब मैंने उसकी तरफ देखा और उससे कहा कि इतना कुछ ख़ास नहीं बस ऐसे ही तुम यह सब नहीं समझ सकती यह तुम्हारी समझ से परे है। यह बात सुनकर उसका मूड बदल गया और में उससे बोला अब में बहुत कुछ देख रहा हूँ, भाभी मेरे मुहं से यह बात सुनकर मुस्कुराने लगी और अब उन्होंने अपनी बहन से कहा कि हमें देर हो रही है और वो दोनों वहां से चली गई। फिर में भी अपने कमरे में चला गया और जाकर सो गया। फिर शाम को जब मेरी आँख खुली तो मैंने देखा कि मेरी भाभी उस समय मेरे कंप्यूटर पर कुछ कर रही थी, में बहुत आराम से उठा और में धीरे से उनके पास जाकर खड़ा हो गया।

अब उन्होंने मेरी तरफ देखकर मुस्कुराना शुरू किया और उसके बाद वो दोबारा कंप्यूटर पर अपना काम करने लगी। में उनके पास जाकर वहीं पर बैठ गया और उनसे कहने लगा, भाभी यह एक बहुत बड़ी दुनिया है आप इस बड़ी दुनिया में कहाँ है? वो कहने लगी कि में तेरी बनाई हुई इस दुनिया को आज बहुत ध्यान से देख रही हूँ। अब मैंने उनसे कहा फिर तो आप जरुर इसमें खो ही जाओगी। तभी वो मुझसे कहने लगी कि पहले में भी इस दुनिया में बहुत बार घूम चुकी हूँ तू किसी भी बात की टेंशन ना ले जो काम तू अब कर रहा है में वो सब बहुत पहले कर चुकी हूँ। अब में तुरंत समझ गया कि भाभी तो मेरे सोचने से भी ज्यादा तेज है और फिर में उठकर बाथरूम में फ्रेश होने चला गया और जब में बाथरूम से बाहर आया तब मैंने देखा कि भाभी वहां से जा चुकी थी। फिर में कंप्यूटर कुर्सी पर बैठा और उसकी हिस्टरी को खोलकर देखने लगा और तब मुझे देखकर पता चला कि भाभी ने मेरी सारी सेक्स साइट्स खोलकर देखी है। अब में तुरंत वहां से उठा और में सीधा भाभी के पास रसोई में चला गया और मैंने देखा कि वो वहाँ पर उस समय बर्तन धो रही थी और में उनके पास जाकर खड़ा हो गया।

अब वो मेरी तरफ मुड़कर बड़े ही प्यार से मुस्कुराते हुए देखने लगी और उसी समय मैंने उनको बोला क्यों मज़ा आया ना आपको वो सब देखकर? वो हंसते हुए कहने लगी कि अभी तो मज़ा शुरू हुआ है और फिर में एक सेक्सी स्माइल देकर उनसे बोला, आप समझ रही है वो इतना भी आसान काम नहीं है और उनसे यह कहकर में घर से बाहर अपने दोस्तों के पास चला गया। फिर जब रात को में घर वापस आया तो मैंने देखा कि मेरा भाई, पापा आपस में बातें कर रहे थे। मैंने सुना वो कह रहे थे कि अगले शनिवार हम सभी लोग बाहर घूमने जा रहे है। अब में यह बात सुनकर खुश हो गया, मैंने कहा कि मेरे तो मज़े हो जाएगें बहुत दिनों से में कहीं बाहर जाने के विचार बना रहा था और फिर में उनसे यह बात कहकर अपनी मम्मी के पास चला गया। दोस्तों मैंने देखा कि उस समय मेरी भाभी भी वहीं पर थी और अब वो मुझे घूरकर देखने लगी। अब में अपनी मम्मी के पास बैठकर बातें करने लगा और अब भी भाभी लगातार मुझे ही देख रही थी और फिर कुछ देर बाद मेरी मम्मी वहाँ से उठकर चली गई। अब मैंने भाभी की तरफ देखा और में उनके पास ही लेट गया, उन्होंने अपनी नज़र लगातार सामने दरवाज़े पर रख ली और धीरे से मेरे पास सरककर उन्होंने अपना एक हाथ मेरी पेंट के ऊपर रख दिया और फिर वो मेरे लंड को अपने हाथ से सहलाने लगी।

अब में बड़े आराम से वैसे ही लेटा रहा और में उनके साथ वो मज़े लेने लगा और फिर जब कुछ देर बाद मेरा लंड सहलाने की वजह से ज़रा सा सख़्त हुआ, तभी उन्होंने उसको ज़ोर से अपनी मुठ्ठी में भरकर दबा दिया। दोस्तों उनके ऐसा करने से मुझे बड़ा तेज दर्द हुआ, लेकिन में अपने घरवालों की वजह से चिल्ला भी नहीं सका और फिर वो मेरे लंड को छोड़कर तुरंत ही कमरे से बाहर भाग गई। दोस्तों मुझे उनके यह सब करने की वजह से थोड़ा सा दर्द जरुर हुआ, लेकिन उस दर्द में भी कुछ देर बाद मुझे धीरे धीरे मस्त मज़ा आने लगा था। फिर में कुछ देर बाद वहां से उठ गया और में सीधा उठकर अपने रूम में चला गया। दोस्तों मुझे बड़ी अच्छी तरह से पता था कि भाभी अब बहुत गरम हो चुकी है और आज रात को वो मेरे भाई से कुतिया की तरह अपनी जमकर चुदाई के मज़े करने वाली है। फिर में यह बातें सोचकर अपने कमरे में लेटे हुए उन्ही के बारे में सोचता रहा। उसके बाद में देर रात को उठा और अब में अपने भाई के कमरे के बाहर जाकर खड़ा हो गया और मैंने उनके दरवाज़े के साथ अपने कान को लगा लिया। अब मुझे उस कमरे के अंदर से कुछ झगड़ने की आवाज आने लगी और उनको सुनकर मुझे पता चला कि भाई भाभी के साथ झगड़ा कर रहे है और भाभी उनसे गुस्सा हो गई है। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर मैंने कुछ देर बाद भाभी को दरवाज़े के पास आते हुए सुना और तभी में उनकी आहट को सुनकर तुरंत भागकर अपने कमरे में चला गया। तभी करीब दो मिनट के बाद भाभी मेरे रूम में आ गई और वो मेरे पास आकर बैठ गयी, उन्होंने उस समय एक बड़े गले की नाइटी पहनी हुई थी, ज्यादा खुला, बड़ा गला होने की वजह से मुझे उनकी ब्रा और गोरे गोरे एकदम गोलमटोल बूब्स एकदम साफ नज़र आ रहे थे। अब में लगातार एकदम चकित होकर उनकी ब्रा बूब्स को ही घूरकर देख रहा था, मेरी नजर अपनी भाभी की उभरी हुई गोरी छाती से हटने को तैयार ही नहीं थी। अब वो मुझसे कहने लगी कि तेरा भाई बहुत ही खडूस है और उसी समय मैंने मुस्कुराते हुए उनसे बोला कि अब यह भी ज़रूरी तो नहीं है कि वो भी मेरी तरह ही हो। अब भाभी मेरे मुहं से मेरी इस बात को सुनकर हंसने लगी और वो मुझसे पूछने लगी तेरा कहने का क्या मतलब है? मैंने बोला कि भाभी सही वक़्त आने पर आप वो सब अपने आप ही समझ जाओगी, आपको बताने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि मुझे अच्छी तरह से पता है कि आप बहुत समझदार और चतुर भी हो। अब वो मुस्कुराते हुए मेरे कमरे से बाहर चली गई और उसके बाद में उनके विचार अपने मन में लेकर ना जाने कब सो गया, मुझे पता ही नहीं चला।

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फिर अगले शनिवार की सुबह हम सभी तैयार हो गए और कुछ घंटो की तैयारी के बाद हम सभी पास के एक हिल स्टेशन के लिये अपने घर से निकल पड़े। दोस्तों वहां पर जाते समय रास्ते में मेरी भाभी और में पीछे की तरफ एक साथ में बैठे हुए थे और मेरी मम्मी, पापा आगे और मेरा भाई गाड़ी चला रहे थे। फिर कुछ देर बाद भाभी ने अपने जूते उतार दिये और अब वो मेरे पैरों पर अपने नंगे पैर रगड़ रही थी, जिसकी वजह से मुझे बहुत मस्त मज़ा आ रहा था और साथ ही मेरा लंड भी अब धीरे धीरे खड़ा होने लगा था। अब भाभी भी अपनी तिरछी नजर से मेरे लंड को खड़ा होता हुआ देख रही थी, जिसकी वजह से उसका चेहरा धीरे खिलता जा रहा था। फिर वो थोड़ा सा मेरे पास हो गई और अब वो अपने हाथ को मेरे लंड पर रगड़ने लगी थी और मेरे लंड को ज़ोर से हिला रही थी। दोस्तों मुझे अब पहले से भी ज्यादा मज़ा आ रहा था और उसके चेहरे को देखकर पता चल रहा था कि उसके मन में क्या शरारत चल रही है? फिर वो कुछ देर बाद अचानक से एकदम साइड में हो गई और अब उन्होंने अपने पैर को भी मेरे पैर से दूर हटा लिया था और अब वो एक तरफ बैठ गयी।

दोस्तों में बड़ी अच्छी तरह से समझ चुका था कि उन्होंने जानबूझ कर मुझे गरम करके ऐसे तड़पाकर अधूरे में छोड़ दिया और अब मेरा सात इंच का लंड फुल खड़ा था और भाभी उसको देखकर मुस्कुरा रही थी। फिर करीब एक घंटे के बाद हम सभी लोग वहाँ पर पहुंच गये और हम सभी एक बड़ी सी होटल में पहुंच गये और वहाँ पर हम सभी अपने अपने कमरे में चले गये। फिर मैंने अपने रूम में जाकर सबसे पहले अपनी भाभी के नाम की मुठ मारी और अपनी भाभी के बारे में सोच सोचकर में बहुत ही जल्दी ठंडा हो गया। दोस्तों जैसे ही मेरे लंड ने अपने वीर्य को छोड़ना शुरू किया उसके साथ ही मेरा जोश ठंडा होता चला गया और फिर उसके बाद नहा धोकर में बाहर आ गया। अब मैंने देखा कि भाभी बैठक में बैठकर टीवी देख रही थी और वो उस समय बिल्कुल अकेली टीवी में बहुत व्यस्त नजर आ रही थी। फिर में चोरीछिपे उनके पीछे चला गया और मैंने उनकी गर्दन पर अचानक से चूम लिया और फिर में उनके बूब्स को भी ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा। दोस्तों वो पहले तो मेरी इस हरकत की वजह से एकदम चकित रह गई, लेकिन फिर कुछ देर बाद उनको भी मेरे यह सब करने की वजह से मज़ा आने लगा था। अब वो भी गरम होकर जोश में मेरे साथ मज़े लेने लगी और में लगातार उनके बूब्स को अब कपड़ो के ऊपर से बूब्स को बड़ी अच्छी तरह से सहलाते हुए मज़े लेने लगा। में उनको ऐसा करके गरम करने लगा।

फिर जब मैंने देखा तो वो भी गरम होकर पूरी तरह से जोश में आ गई है और उसी समय में उसको गरम करके अचानक से पीछे हट गया और अब में अपने रूम में चला गया। तभी थोड़ी देर बाद मेरे भाई पापा और मम्मी बाहर घूमने चले गये, लेकिन में इसलिए उनके साथ नहीं गया क्योंकि मैंने उनसे कहा कि में बहुत थका हुआ हूँ इसलिए मुझे आराम करना है और भाभी इसलिए नहीं गई क्योंकि उन्होंने कहा कि वो अभी सोना चाहती है और जब सुबह होगी तब वो उनके साथ चली जाएगी। फिर उन लोगों के चले जाने के बाद भाभी मेरे कमरे में आ गई और अब वो सीधा आकर मेरे ऊपर बरस पड़ी, वो मुझसे कहने लगी साले कुत्ते हरामी क्या कोई अपनी भाभी के साथ ऐसा भी करता है? तू मुझे गरम करके दफ़ा हो गया। अब में सिर्फ़ उनकी बातें सुनकर मुस्कुराने लगा, जिसकी वजह से वो और भी गुस्से में आकर मुझसे कहने लगी कि साले मादरचोद हरामी अब क्या मुझे देखकर तू ऐसे मुस्कुरा रहा है? अब में फिर से मुस्कुरा गया जिसकी वजह से भाभी एक बार फिर से ज्यादा गुस्से में आ गई। दोस्तों मुझे पता था कि वो अब पूरी तरह से गरम है और उनको अब में अपनी कुतिया बनाकर उसकी मस्त चुदाई के मज़े लूँगा।

अब वो मुझसे कहने लगी कि कुत्ते साले कंज़र हरामी ऐसे क्या देख रहा है, चल अब चोद मुझे गांडू? तूने जिस आग को बढ़ा दिया है उसको कौन शांत करेगा? चल अब चुपचाप शुरू हो जा। फिर में उनके पास गया और उनके गाल पर मैंने एक ज़ोर का थप्पड़ लगा दिया, जिसकी वजह से वो पूरी तरह से हिलकर होश में आ गई और फिर मैंने उनके सर के बालों से उनको पकड़ा और उनसे बोला कि आज तू मेरे लंड से जमकर चुदेगी साली रंडी छिनाल, तू बहुत ज्यादा बोलती है, चल अब आ जा मेरे लंड के नीचे बहुत शौक है ना तुझे चुदाई का, में तुझे आज असली चुदाई क्या होती है वो बताता हूँ? और फिर मैंने उसके गाल पर एक और ज़ोर का थप्पड़ लगा दिया और फिर में उनके होंठों को ज़ोर ज़ोर से चूमने लगा और कुछ देर बाद में उनके होंठों को काटने भी लगा था। दोस्तों मैंने जोश में आकर इतना ज़ोर से उनको काटा कि उनके होंठ से खून भी निकलने लगा और फिर मैंने उसी खून को चूस लिया और उनकी जीभ को भी में चूसने लगा। फिर कुछ देर बाद वो भी मेरा साथ देने लगी क्योंकि वो पूरी तरह से गरम हो चुकी थी और उनको मेरे साथ यह सब करने में बड़ा मस्त मज़ा आ रहा था।

अब मैंने अपने एक हाथ को उनके एक बूब्स पर रख दिया और ज़ोर से दबा दिया, दर्द की वजह से वो चीखने लगी और फिर मैंने उनके मुहं पर एक थप्पड़ दोबारा लगा दिया, जिसकी वजह से वो पूरी हिल और उसी समय मैंने उनकी कमीज़ में अपने एक हाथ को डाल दिया और उसको मैंने एक ज़ोर का झटका देकर फाड़ भी दिया। अब में उनके उभरे हुए गोरे गोरे बूब्स को चूमने और काटने लगा और वो मुझे गंदी गंदी गालियाँ दे रही थी, कुत्ते साले हरामजादे आज तू अपनी भाभी को चोद, आज से में तेरी रंडी हूँ चोद मुझे तू आज मेरी चूत की चुदाई करके इसको फाड़ दे, आज से में बस तेरी रंडी हूँ चोद मुझे देखता क्या गांडू साले? तू अब मेरी चुदाई शुरू कर। अब मैंने उनके गाल पर एक और ज़ोर से थप्पड़ लगा दिया, उसके बाद मैंने उनके होंठो को चूमना शुरू किया जिसकी वजह से वो मदहोश हो गई। अब मैंने सही मौका देखकर उनकी सलवार को खींचकर उतार दिया और तभी मैंने देखा कि उन्होंने पेंटी नहीं पहनी थी। मैंने उनसे पूछा रंडी कुतिया तूने क्या आज पेंटी नहीं पहनी? अच्छा तुझे मेरे साथ अपनी चुदाई करवाने का बहुत शौक है, जा में नहीं देता तुझे अपना लंड, तू जाकर गली के कुत्ते से अपनी चूत मरवा।

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अब वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर अपने घुटनों पर मेरे सामने बैठ गई और वो मुझसे आग्रह करके कहने लगी, प्लीज़ दे दो मुझे अपना लंड, में बहुत प्यासी हूँ। मुझे आज अपनी चूत में बस तुम्हारा लंड चाहिए, प्लीज तुम मुझ पर थोड़ा सा तरस खाओ, तुम मेरे साथ ऐसा मत करो। अब मैंने उससे कहा कि जा एक रुपये की रंडी में नहीं करता तेरी चुदाई, चल अब तू मुझसे दूर हट जा, लेकिन वो अब मुझसे अपनी चुदाई की भीख माँगने लगी और मेरे सामने अपनी चुदाई के लिए आग्रह करने लगी। अब में वो सब देखकर हंसने लगा और मैंने अब उनको अपने सामने कुतिया बना दिया और फिर में अपना लंड उनकी गांड पर रगड़ने लगा। तभी वो मुझसे कहने लगी प्लीज तुम मुझे अब और मत तरसाओ, बस अब तुम अपने लंड को अंदर डाल भी दो। फिर मैंने अपने हाथ उनके दोनों कंधो पर रख दिए और एक ही झटके में मैंने अपना पूरा लंड अंदर डाल दिया, जिसकी वजह से अब वो इतना ज़ोर से चीखने लगी क्योंकि मेरे मोटे लंड ने उसको बड़ा तेज दर्द देना शुरू कर दिया था। अब मुझे उसकी हालत को देखकर लगा कि यह आज इस दर्द की वजह से मर ही ना जाए, लेकिन मैंने उसके उस दर्द कि बिल्कुल भी परवाह नहीं की और अब में ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर उनकी गांड मारने लगा। वो दर्द से बिलकने लगी और चिल्लाने भी लगी और में ज़ोर ज़ोर से अपना पूरा लंड अंदर करके उनकी गांड में डालने में लगा रहा और वो दर्द की वजह से चिल्ला रही थी।

फिर करीब बीस मिनट की लगातार उन तेज धक्को की चुदाई के बाद मैंने अब अपना लंड को उनकी गांड से बाहर निकाल लिया। अब दर्द से वो चीखकर नीचे गिर गई और में उनके पास जाकर बैठ गया और उनके चेहरे को अपने एक हाथ से ऊपर उठाया और उनके मुहं में एकदम से मैंने अपना लंड डाल दिया और अब में धक्के देकर उनके मुहं की चुदाई करने लगा। दोस्तों उस समय में इतनी ज़ोर से धक्के देकर चोद रहा था कि उनके मुहं से उल्टी निकल गए और वो तड़प रही थी और फिर मैंने उस उल्टी के साथ ही अपने वीर्य को भी निकाल दिया और उसके बाद में एक तरफ लेट गया। अब भाभी नीचे गिर गई और उस समय वो दर्द से तड़प रही थी और मैंने उनसे पूछा क्यों मज़ा आया कुतिया मेरे लंड से अपनी चुदाई करवाने में? वो बड़ी धीमी आवाज़ में कहने लगी कि इतना मज़ा मुझे अपने जीवन में पहले कभी नहीं आया, तुमने तो मेरे सारे सपने इस पहली चुदाई में ही पूरे कर दिए और तुम्हारे लंड में तो बहुत दम निकला जो इतनी देर रुके रहकर तुमने आज में पहली बार सेक्स का असली मज़ा दिया है। फिर में उठा और में अपने कपड़े उठाकर अपने रूम में चला गया और नहा धोकर मैंने नये कपड़े पहने और फिर में बाहर आ गया। फिर मैंने देखा कि भाभी भी अब नहा चुकी थी और वो दूसरे सलवार, कमीज़ पहनकर टीवी देखने लगी थी। में भी जाकर उनके पास बैठ गया और अब मैंने उनके होंठो पर एक फ्रेंच किस किया और फिर हम टीवी देखने लगे, मुझे उनके चेहरे से उनकी पहली चुदाई की ख़ुशी साफ नजर आ रही थी, जिसको देखकर में भी बड़ा खुश था ।।

धन्यवाद …

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