भाई के दोस्त की बीवी बनी मेरी रंडी

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प्रेषक : सुमित …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम सुमित है और में दिल्ली का रहने वाला हूँ। में आज आप सभी कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों के मज़े लेने वालों के लिए अपनी एक सच्ची कहानी लेकर आया हूँ। यह मेरा एक सच्चा सेक्स अनुभव है जिसमें मैंने अपने बड़े भाई के साथ काम करने वाले बड़े ही पक्के दोस्त की पत्नी को उसी के घर जाकर जमकर चुदाई के मज़े देकर उसके जिस्म की आग को शांत किया। उसके मन की इच्छा को पूरा किया, जिसके लिए वो बहुत समय से तरस रही थी, वो मेरी चुदाई से पूरी तरह संतुष्ट थी। दोस्तों अब में अपना परिचय देते हुए अपनी कहानी को शुरू करता हूँ। मेरे घर में मेरे भाई और भाभी रहती है और मेरे मात-पिता हमारे गाँव में रहते है। में हमारे गाँव से आकर अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद यहीं अपने दिन बिताने लगा, मेरे बड़े भाई की और मेरी नौकरी यहीं इसी शहर में है और इसलिए हम लोग यहाँ पर अपने एक फ्लेट में रहते है। मेरे भाई एक बीमा कंपनी में मेनेजर का काम करते है और में एक प्राइवेट बैंक में नौकरी करता हूँ। एक बार मेरे भैया को उनके ऑफिस वालों के साथ दो दिन के लिए कहीं बाहर घूमने जाना था। मेरे भाई के ऑफिस में एक उनका बहुत पक्का दोस्त भी काम करता है जिसके साथ मेरे भैया की बड़ी गहरी दोस्ती है। तो वो उस दिन तैयार होकर हमारे घर आ गए और मेरे भैया बहुत देर से उनकी ही राह देख रहे थे, क्योंकि उसके बाद अब वो दोनों हमारे घर से उनकी फिक्स की गई जगह पर जाने वाले थे, जहाँ से वो सभी लोग मिलकर अपनी वो यात्रा शुरू करने वाले थे। फिर मेरे भैया ने अचानक मुझे आवाज देकर बुलाया और उसके बाद मुझसे कहा कि उनके दोस्त की मोटरसाइकिल को उसके घर छोड़ आना और उसकी चाबी उनकी पत्नी को दे आना।

फिर मैंने अपने भैया से कहा कि मैंने उनका घर पहले कभी नहीं देखा, तब भैया ने मुझे उनके घर का पता एक कागज पर लिखकर दे दिया और कहा कि तुम्हे इस पते पर जाना है। दोस्तों उनका घर हमारे घर से करीब पांच किलोमीटर की दूरी पर था और आधे घंटे के बाद मेरे भैया अपने सफर के लिए निकल गए करीब दो घंटे के बाद मैंने मन ही मन में सोचा कि चलो में उस गाड़ी को वापस लौटाकर आ जाता हूँ और में यह बात सोचकर उस गाड़ी को लेकर अपने घर से निकल गया और अपने घर से में सिर्फ 15 मिनट में ही उनके घर पर पहुंच गया। उसके बाद मैंने पार्किंग में ही उनकी गाड़ी को खड़ा करके में उसकी चाबी को लेकर उनकी पत्नी को देने के लिए दूसरी मंजिल के उनके फ्लेट पर पहुंच गया और फिर मैंने दरवाजे पर लगी घंटी को बजाया, जैसे ही दरवाजा खुला तो मैंने मेरे भाई के दोस्त की पत्नी को देखा। वो मेरे सामने खड़ी हुई थी और उसने मुझसे पूछा कि आप कौन हो, बताओ क्या काम है? अब मैंने उससे कहा कि मुझे विजय ने भेजा है जो आपके पति के दोस्त है, में उनका छोटा भाई हूँ और आपके पति ने मुझे आपकी गाड़ी को यहाँ तक पहुँचाने के लिए बोला था। मैंने उसको लाकर अपनी जगह पर नीचे खड़ा कर दिया है। अब वो मेरी तरफ मुस्कुराई और फिर मुझसे बोली कि आप अंदर आइए ना बाहर क्यों खड़े हो? तो में उसके कहने पर अंदर चला गया और जाकर सोफे पर बैठ गया, उसके बाद वो मेरे लिए पानी लेने रसोई के अंदर चली गयी।

फिर मैंने देखा कि वो बड़ी हॉट सेक्सी और सुंदर भी बहुत थी। फिर कुछ सेकिंड के बाद वो पानी लेकर वापस आ गई। तो मैंने उसकी तरफ देखते हुए मुस्कुराकर पानी लेकर पी लिया, उसने तब सफेद रंग का एकदम टाईट बड़े गले का सलवार कुर्ता पहना हुआ था, जिसकी वजह से उसके बड़े आकार के गोरे गोरे उभरे हुए बूब्स और उसकी ब्रा का आकार साफ नजर आ रहा था और उसके एकदम गोलमटोल बूब्स जैसे कि उसकी ब्रा से बाहर निकलने के लिए कोई रास्ता ढूँढ रहे थे में इस द्रश्य को देखकर बड़ा चकित था मेरी आखें उसकी छाती और गोरे बदन से हटने को तैयार नहीं थी। में लगातार उसको घूरकर देखते हुए अब अपने मन में सोच रहा था कि वाह क्या हॉट है यह पंजाबी कुड़ी अगर एक बार मेरे हाथ में आ जाए तो मुझे जीवन का असली मज़ा आ जाए में इसको बहुत जमकर प्यार करूं और इसके हर एक अंग को अपना बना लूँ। इसको इतना प्यार दूँ कि जिसको यह अपने पूरे जीवन याद रखे, में यह सभी बातें सोच ही रहा था कि तभी वो मुझसे पूछने लगी आपका क्या नाम है? तब मैंने उससे कहा कि मेरा नाम राजीव है। मैंने अब तक पानी पी लिया था और अब में उठते हुए उससे बोला कि में अब चलता हूँ। फिर वो मुझसे बोली कि अरे ऐसे कैसे आप रुकिये चाय पानी तो पीकर जाए वरना विजय भैया मुझसे नाराज हो जायेंगे और मुझसे कहेंगे कि मैंने इतना भी नहीं किया और वैसे भी कुछ देर मुझे आपसे बातें करने कुछ आपके बारे में जानने का मौका भी मिल जाएगा और आप आज पहली बार आए है में आपको कैसे बिना चाय जाने दे सकती हूँ। आप बैठ जाए में अभी आती हूँ।

अब मैंने उससे कहा कि अरे आप रहने दीजिए, में अब चलता हूँ, लेकिन फिर भी वो ना मानते हुए चाय बनाने के लिए वापस रसोई के अंदर चली गयी और में उसी जगह पर बैठकर उसके सेक्सी बूब्स पूरे बदन के आकार का मन ही मन अंदाजा लगाने लगा था। उसके क्या मस्त बड़े आकार के कूल्हे और बड़े ही आकर्षक बूब्स थे, जिसकी वजह से बड़ा चकित हुआ। दोस्तों मेरी क्या उसको देखकर तो किसी की भी नियत खराब जाए। वो दिखने में कुछ ऐसी थी कि हर कोई उसकी चुदाई करने के लिए अपने मन में इच्छा रखता होगा। फिर मैंने मन ही मन सोचा कि यह क्या मस्त पंजाबी कुड़ी है? बिना कपड़ो के बेड पर तो आने के बाद ये तूफान ही मचा देती होगी। यह बातें सोचते सोचते मेरा लंड अब पूरी तरह से तनकर खड़ा हो चुका था। वो मेरी मेरी पेंट में टेंट बना हुआ साफ नजर आ रहा था और अब पेंट से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था। तभी उतने में मेरी वो सेक्सी भाभी हम दोनों के लिए चाय लेकर आ गई, मैंने चाय पीना शुरू किया और उस समय भी मेरा ध्यान उसके सेक्सी बदन पर ही था। अब वो मुझसे पूछने लगी कि आप क्या करते है? तब मैंने कहा कि में एक बैंक में नौकरी करता हूँ। फिर उसने मुझसे पूछा क्या आपकी शादी हो चुकी है या नहीं? तो मैंने उससे कहा कि नहीं, अब तक तो नहीं, में कुंवारा ही हूँ। दोस्तों मैंने महसूस किया कि अब यह सभी बातें मुझसे पूछते हुए, जवाब को जानकर उसके चेहरे में कुछ चमक आ गयी और वो मुझसे हंसते हुए बोली कि क्या बात है आप जैसे सुंदर लड़के को तो बहुत सारी लकड़ियाँ बड़े आराम से मिल ही जाएगी।

अब मैंने उससे कहा कि आप रहने दीजिए आपकी सुंदरता के सामने तो गुरु भैया जैसे अच्छे दिखने वाले आदमी भी फीके लगने लगे। दोस्तों मेरे भाई के उस दोस्त का नाम गुरु है, जिसके घर में उस समय बैठकर उसकी पत्नी को उसकी तारीफ करके अपने जाल में फंसा रहा था और अब मैंने उसकी तारीफ़ करना शुरू किया। मैंने उसके बारे में बहुत कुछ कहा, जिसको सुनकर वो बड़ी खुश नजर आ रही थी और उसके तेवर अब बिल्कुल बदल चुके थे। अब वो मुस्कुराते हुए कहने लगी अरे मेरे कॉलेज के टाइम पर तो ना जाने कितने लड़के मेरे आसपास घूमा करते थे, लेकिन में उनके चक्कर में कभी नहीं आई और हर कोई बस मुझे ही घूरकर देखा करता था। अब मैंने मन ही मन में सोच लिया था कि आज में इसको जरुर चोदकर अपनी इस इच्छा को पूरा करूंगा। यह बात सोचकर मैंने उससे कहा कि आप तो आज भी बहुत सुंदर लगती हो और आपके इस बदन को देखकर कोई भी नहीं कह सकता कि आप शादीशुदा हो। यह बात सुनकर वो हंस पड़ी और फिर मैंने उठकर उससे कहा कि ठीक है में अब चलता हूँ। तभी उसने अचानक से मेरा एक हाथ पकड़ लिया और वो मुझसे बोली कि तू अब कहाँ जा रहा है मेरे राजा, आज इस जवानी का तू भी मज़ा ले ले, क्योंकि वो मेरा पति गुरु है ना, उसको तो मेरी इस जवानी में इतनी कोई रूचि नहीं है, आजा मेरे राजा यह बात मुझसे बोलकर उसने मेरे लंड को पेंट के बाहर से ही अपने एक हाथ में पकड़ लिया और वो कहने लगी तूने इसको अंदर क्यों छुपा रखा है? में ऐसे ही लंड को इतने सालों से खोज रही हूँ। मुझे लगता है कि आज मुझे वो सब मिलेगा, जो में सोच रही हूँ।

फिर यह बात बोलकर उसने मेरी पेंट के बटन और चेन को तुरंत ही खोलकर लंड तक अपने उस हाथ को अंदर पहुंचा दिया और वो मेरे लंड को अपने नरम हाथ से सहलाने लगी। उसके बाद दूसरे ही झटके में उसने मेरी पेंट और अंडरवियर को भी उसके साथ नीचे उतार दिया, जिसके बाद उसके मेरे बँधे और तनकर खड़े लंड को अब एकदम आज़ाद कर दिया। अब वो अपनी चकित नजरो से घूरकर देखते हुए कहने लगी ओह यार यह इतना बड़ा, मोटा लंड आज तक क्यों तेरी मुठ्ठी से घिस रहा था। आ जा मेरी मुठ्ठी में आ जा, में तुझे आज बड़े मज़े दूंगी और फिर उसने मेरे लंड को अपनी मुट्ठी में पकड़कर उसको रगड़ना सहलाना शुरू किया, जिसकी वजह से मुझे तो बड़ा ही मस्त अहसास वो मज़ा आ रहा था और में उसकी वजह से अब सिसकने लगा था और मैंने भी जोश में आकर उसके कूल्हों को सलवार के ऊपर से ज़ोर से दबा दिया, तब वो मुझसे कहने लगी कि हाँ दबा और ज़ोर से दबा मेरे राजा। फिर मैंने उसके निप्पल जो अब जोश में आकर खड़े हो चुके थे उनको कपड़ो के बाहर से ही ज़ोर से दबाकर मसल दिया, जिसकी वजह वो सिसकने लगी और अब मैंने सही मौका देखकर उसकी सलवार का नाड़ा खींचकर उसको उतारकर दूर फेंक दिया और फिर उसके कुर्ते को भी पीछे की डोरी को खोलकर उतार दिया, लेकिन वो फिर भी मेरे लंड को वैसे ही रगड़ रही थी।

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फिर उसी समय वो मुझसे बोली कि तेरा यह लंड तो बहुत बड़ा और मोटा है, इसको पहली बार देखकर ही में अच्छी तरह से समझ चुकी थी कि आज मेरी चूत को इससे बड़ी मस्त चुदाई के मज़े मिलेंगे। देख मेरी यह चूत बड़ी प्यासी है और इसको तेरी मस्त मज़ेदार चुदाई का इंतजार है, तू आज उसकी प्यास को बुझा दे मेरे राजा मुझे वो सुख दे जिसके लिए में इतने सालों से तरस रही हूँ। में अपने पति से इसकी उम्मीद भी नहीं कर सकती। तेरे लंड को देखकर मेरे मन में एक उम्मीद आज जाग उठी है तो इसको आज पूरा कर दे। फिर मैंने उससे कहा ओह मेरी रानी तू क्यों इतनी चिंता करती है देखती जा आज में तेरी इस चूत को तो में अपने इस लंड से फाड़ ही डालूँगा और यह सब तुझे अपनी पूरी जिंदगी याद रहेगा और हमेशा हर जगह तुझे बस मेरा ही लंड नजर आएगा। अब वो मेरे सामने सिर्फ ब्रा और पेंटी में ही थी और उसके वो बड़े आकार के गोलमटोल गोरे बूब्स ब्रा से आधे से ज्यादा बाहर आ रहे थे। मैंने अपना एक हाथ उसकी पेंटी के अंदर डाल दिया और उसकी चूत के होंठो पर अपनी दो उँगलियाँ रगड़ना शुरू किया। में उसकी चूत के दाने को टटोलने लगा था, जिसकी वजह से वो पागलों की तरह अपनी गर्दन को इधर उधर करके सिसकने लगी और फिर कुछ देर बाद मैंने अपने दूसरे हाथ के झटके से उसकी पेंटी को उतारकर फेंक दिया। अब वो नीचे झुककर मेरा लंड अपने मुहं में ले रही थी, लेकिन मैंने उससे कहा कि तुम अभी रूको मेरी जान, इतनी भी तुम्हे क्या जल्दी है और अब मैंने अपनी पोज़िशन को बदलकर उसको सोफे पर लेटा दिया और में उसके ऊपर आकर उल्टा लेट गया, जिसकी वजह से अब उसकी गीली कामुक चूत मेरे मुहं के पास और मेरा तनकर खड़ा मोटा लंड उसके मुहं के पास था। फिर उसने बिना देर किए लपककर मेरा लंड अपने मुहं में ले लिया और लंड को भूखी कुतिया की तरह चूसना चाटना शुरू किया। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब मैंने अपनी जीभ को उसकी चूत की खुली हुई पंखुड़ियों पर रखकर दाने को अपनी जीभ से कुछ देर सहलाने के बाद में चूत के होंठो को चूसने लगा और साथ ही अपनी जीभ से चूत की चुदाई भी करने लगा, जिसकी वजह से उसने जोश और मज़े की वजह से मेरे सर को अपने एक हाथ से चूत के ऊपर दबाकर अपने कूल्हों को उठाकर वो मेरी जीभ को पूरा अंदर तक लेने लगी और वो मुझसे कहने लगी आह्ह्ह हाँ चूस मेरे यार, अपनी पूरी जीभ अंदर तक डाल दे, हाँ ऐसे ही तू इसको और ज़ोर से चूस, गुरु ने तो उसको कब से ऐसे ही प्यासा छोड़ दिया, उसने कभी भी मेरी इस चूत को नहीं चूसा और वो सिर्फ़ महीने में दो तीन बार ही इसकी चुदाई करते है, इसलिए यह हमेशा ही प्यासी रहती है और वो जैसे ही अपने लंड को मेरी इस चूत में डालता है तो उसके बाद वो दो तीन हल्के झटके लगाकर मुझे ऐसा ही तड़पता हुआ छोड़ देता है, लेकिन तू आज उसको जमकर चुदाई का असली मज़ा दे मेरे राजा। वो चुदाई कर जो मुझे हमेशा याद रहे। अब मैंने अपनी जीभ को उसकी चूत के अंदर डाल दिया और वो सिसकियाँ लेने लगी और कह रही थी हाँ और ज़ोर से चूसो तुम आह्ह्ह्ह वाह मेरे राजा मज़ा आ गया, ऐसे ही चूसो ऊफ्फ्फ्फ़ और अब वो जोश में आकर मेरे लंड को पूरी तरह से जोश में आकर चूस रही थी ऐसा हम दोनों के बीच करीब दस मिनट तक चला और उसके बाद अब में खड़ा हो गया और उसको मैंने वैसे ही लेटे रहने दिया।

अब मैंने उसकी ब्रा को उतार दिया, जिसके बाद मेरी आखें फटी की फटी रह गई, क्योंकि मैंने आज तक इतने गोरे बड़े आकार के बूब्स पहले कभी अपनी आखों से नहीं देखे थे, सेक्सी फिल्मो में तो में बहुत बार देख चुका था, लेकिन यह मेरा पहला अनुभव था, जिससे में बड़ा खुश था। अब मैंने उसके निप्पल को ज़ोर से दबा दिया और उस दर्द की वजह से वो सिसकियाँ ले रही थी और में ज़ोर ज़ोर से उसके बड़े आकार के एकदम रुई की तरह मुलायम बूब्स को अब अपने दोनों हाथों से दबाने लगा था। ऐसा करने के बाद अब मैंने उसकी एक निप्पल को अपने मुहं में लेकर चूसना शुरू किया। कुछ देर बाद फिर दूसरी निप्पल को भी चूसा और एक एक करके चूसते हुए मैंने अपने एक हाथ की उंगली को उसकी चूत में डाल दिया, जिसकी वजह से वो सिसकने लगी और में अपनी उंगली को अब उसकी चूत के अंदर बाहर करने लगा था। उसके कुछ देर बाद मैंने अपनी दूसरी उंगली को भी उसकी चूत के अंदर डाल दिया और फिर में ज़ोर ज़ोर से अंदर बाहर करते हुए अपनी दोनों उंगली से उसकी चूत को चोदने लगा। फिर कुछ देर में ही उसकी चूत गीली हो चुकी थी, लेकिन मुझे महसूस हुआ कि वो बड़ी टाइट थी और वो मेरे साथ बड़ा मस्त मज़ा ले रही थी और मुझसे वो कह रही थी हाँ और अंदर जाने दो ऊफ्फ्फ्फ़ हाँ पूरा अंदर तक डालो कहती रही। अब में उठकर खड़ा हो गया और मैंने उससे कहा कि अब मेरा लंड और सब्र नहीं कर सकता, में इसको अब और नहीं तड़पा सकता, इसलिए अब में तेरी चूत की चुदाई करके इसको शांत करूँगा। फिर वो मुझसे बोली हाँ आजा मेरे राजा तुझे किसने मना किया है, आज तू मेरी प्यासी चूत की प्यास को बुझा दे, देख यह तो कब से तेरे लंड की राह देखकर गीली हो रही है, चल अब तू शुरू हो जा मेरे राजा।

फिर मैंने उसके दोनों पैरो को ऊपर उठा दिया और अपने लंड को उसकी चूत के छेद पर रख दिया। मैंने देखा कि उसकी चूत बड़ी टाइट एकदम चिकनी उभरी हुई है, इसलिए मेरे एक झटके में तो पूरा लंड इसकी चूत के अंदर नहीं जाएगा, लेकिन फिर भी मैंने पूरे दम के साथ एक ज़ोर का झटका दे दिया, जिसकी वजह से मेरा आधा लंड उसकी चूत के अंदर पहुंच गया और वो दर्द की वजह से ज़ोर से चिल्लाई पड़ी आईईईई माँ मारा दिया आह्ह्ह्हह में मर गई। अब में उसका वो दर्द देखकर थोड़ी देर रुका और फिर से मैंने एक और ज़ोर का झटका दे दिया और अपना पूरा लंड मैंने उसकी चूत में जबरदस्ती अंदर डाल दिया वो ऊउफ़्फ़्फ़्फ़ आह्ह्ह्ह फिर से ज़ोर से चिल्लाई मार डाला तेरे लंड ने आह्ह्ह्ह मुझे बड़ा तेज दर्द हो रहा है। मैंने फिर से अपना लंड बाहर निकाला और ज़ोर से धक्का दिया, इस बार मेरे एक ही झटके में मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया, लेकिन वो दर्द की वजह से सिसक रही थी। अब में धीरे धीरे अपना लंड अंदर बाहर करने लगा और झटके देने लगा था और अब उसको भी मज़ा आने लगा था, इसलिए वो भी अब और गरम हो चुकी थी और सिसक रही थी वो बोली आईईईईई आह्ह्ह्हह्ह मेरे राजा और ज़ोर से झटके लगा हाँ और ज़ोर से पूरा अंदर डाल दे, मार ज़ोर से मार और ज़ोर से मार तू आज इस चूत को फाड़ दे और उसकी सारी इच्छाए पूरी कर दे, मार और ज़ोर से तेज झटके मार।

अब में वो बातें सुनकर जोश में आकर बड़ी ज़ोर से अपने लंड को उसकी चूत में धक्के देने लगा था और वो फिर बोली ज़ोर से और ज़ोर से पूरा अंदर तक डाल दे और जाने दे पूरा। फिर उसी समय मैंने अपनी स्पीड को एकदम से तेज कर दिया था। अब मैंने उससे पूछा क्यों अब तुम्हे मज़ा आ रहा है ना? वो कहने लगी कि हाँ ऐसा मज़ा तो आज तक कभी नहीं आया, मेरे राजा तुमने मुझे खुश कर दिया। अब मैंने उसकी चूत से लंड को बाहर निकालकर उसको खड़ा किया और उसके पीछे जाकर उसको मैंने कुतिया की तरह सोफे पर खड़ा कर दिया और अब मैंने बिना देर किए पीछे से उसकी चूत में अपने लंड को डाल दिया। वो दर्द की वजह से चीखते हुए आह्ह्हह्ह्ह्ह आईईईइ बोली हाँ चोद मुझे चोद और तेज धक्के देकर तू मुझे इसी स्टाइल में चोद, मुझे सभी तरह से चुदाई के मज़े दे और अब में पीछे से तेज तेज धक्के देकर उसकी चूत की चुदाई करने लगा और में अपने दोनों हाथों से उसके दोनों बड़े आकार के झूलते हुए बूब्स को पकड़कर दबा भी रहा था और पीछे से धक्के देकर चोद भी रहा था।

दोस्तों मैंने करीब आधे घंटे तक उसकी पीछे से चुदाई के मज़े लिए। फिर मैंने उससे कहा कि मेरा लंड अब झड़ने वाला है, में इस वीर्य को कहाँ निकालूं? तब वो बोली कि तुम उसको पूरा अंदर ही झड़ने दो मेरे राजा, क्योंकि मुझे इसका पूरा मज़ा लेना है। तो मैंने अब अपने धक्को की स्पीड को पहले से भी ज्यादा बढाई जिसके साथ ही में झड़ने लगा और अब मेरा लंड उसकी चूत को अपने गरम वीर्य से भरने लगा था। वो और ज़ोर से चिल्लाने लगी वाह मज़ा आ गया मेरे राजा आहह्ह्ह हाँ और ज़ोर से धक्के देकर चोदो। अब में पूरी तरह से थक चुका था इसलिए मैंने अपने लंड को उसकी चूत से बाहर निकाल लिया, जिसके बाद में वहीं सोफे पर ही लेट गया और वो भी मेरे साथ लेट गयी, लेकिन अभी भी मेरा एक हाथ उसके बूब्स पर ही था और में उसको अभी भी दबा रहा था।

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फिर थोड़ी देर बाद वो खड़ी हुई और वो अपने कपड़े लेकर बाथरूम की तरफ चली गयी। फिर कुछ देर बाद में भी उसके पीछे गया। तो वो मुझसे कहने लगी चलो आज हम दोनों साथ में नहाते है, मैंने उसको हाँ कह दिया और हम दोनों अभी भी पूरे नंगे ही थे। उसने मेरे लंड को पानी डालकर साफ कर दिया और मैंने उसकी चूत की सफाई की अब मेरा लंड उसके मुलायम हाथों के स्पर्श की वजह से एक बार फिर से तनकर खड़ा हो चुका था। उसका भीगा हुआ बदन देखकर मेरा जोश बढ़ गया, इसलिए वहीं बाथरूम में ही मैंने उससे पूछा तूने क्या कभी अपनी गांड करवाने के मज़े लिए है या नहीं? वो बोली कि नहीं, मैंने उससे कहा कि चल मेरी रानी अब में तेरी गांड की भी प्यास आज ही बुझा देता हूँ उससे यह बात बोलकर मैंने वहीं बाथरूम से उसके बालों में लगाने वाले तेल की बोतल उठाई और थोड़ा सा तेल अपनी उंगली पर लगाया और थोड़ा उसकी गांड पर लगा दिया। उसके बाद अपनी उंगली को धीरे से उसकी गांड में डाल दिया। वो दर्द से चिल्लाने लगी, लेकिन तेल की वजह से उसको ज्यादा तेज दर्द नहीं हुआ और अब में अपनी उंगली से उसकी गांड को चोदने लगा। वो सिसकियाँ ले रही थी और कुछ देर बाद मैंने अपनी दूसरी उंगली को भी उसकी गांड के अंदर डाल दिया और अब में अंदर बाहर करने लगा।

फिर मैंने कुछ देर बाद अपने लंड को पूरा तेल से भीगाकर एकदम चिकना कर लिया और फिर उसको दोबारा कुतिया की स्टाइल में वहीं बाथरूम में खड़ा कर दिया और उसके बाद अब मैंने उसकी गांड पर थोड़ा सा और तेल लगाया और अपने खड़े लंड को उसकी गांड में जबरदस्ती अंदर डाल दिया, वो दर्द की वजह से चिल्लाई आईईईइई मार डाला ऊईईईई माँ यह क्या किया तूने मुझे बहुत दर्द हो रहा है, लेकिन फिर भी मैंने उसकी बातों को नहीं सुना और अपना लंड उसकी गांड में पूरा अंदर तक डाल दिया, उसके बाद में धीरे धीरे अपने लंड से उसकी गांड में धक्के देने लगा वो अभी भी चिल्ला रही थी आह्ह्ह्ह में मर गई, लेकिन अब उसको मज़ा आ रहा था। इस तरह में करीब 15 मिनट तक लगातार तेज धक्के देकर उसकी गांड को मारता रहा और तेल की वजह से पच पच की आवाज़ आ रही थी। थोड़ी देर में मैंने अपनी स्पीड को बढ़ा दिया और फिर में उसकी गांड में ही झड़ गया। उसके बाद उसके साथ ही नहाकर में करीब 15 मिनट के बाद उसके घर से निकल गया और जाने से पहले मैंने उसको अपना मोबाईल नंबर दे दिया था इसलिए उसको जब भी मौका मिलता है वो मुझे फोन कर देती है उसके बाद में उसके घर चला जाता हूँ और हम दोनों अलग अलग जगह तरह से चुदाई का मज़ा लेते है हर बार वो मेरा पूरा पूरा साथ देकर मुझे जोश में लाकर संतुष्टि के साथ अपनी चुदाई करवाने के बाद मेरे लंड की बड़ी तारीफ करती है और वो किसी अनुभवी रंडी की तरह अब मेरे साथ वैसा ही व्यहवार करके एक बार चुदाई खत्म हो जाने के बाद भी जबरदस्ती मेरे लंड को अपने मुहं में लेकर खड़ा करके मुझे अपनी चुदाई के लिए कहती है। वो बोलती है कि जब तक में उसको तीन चार बार जमकर चुदाई ना कर दूँ तब तक उसका मन नहीं भरता, इसलिए वो दोबारा मेरे लंड को तुरंत ही चुदाई के लिए खड़ा कर दिया करती है और में भी कभी लंड को उसके मुहं कभी गांड कभी चूत और कभी कभी तो उसके दोनों बूब्स के बीच में फंसाकर लंड को आगे पीछे करके पूरा वीर्य उसके गोरे कामुक जिस्म पर निकाल देता हूँ और वो फिर मुझसे खुश होकर मुझे वापस जाने की आज्ञा देती है ।।

धन्यवाद …

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