भाई की दुल्हन के मुहं में लंड डाला

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प्रेषक : सन्नी …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम सन्नी है और में जम्मू का रहने वाला हूँ। दोस्तों अपनी आज की कहानी को शुरू करने से पहले में आप सभी कामुकता डॉट कॉम के चाहने वालों को अपना परिचय करवा देता हूँ। में दिखने में अच्छा और मेरा गोरा गठीला बदन किसी भी लड़की को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए एकदम ठीक है और मुझे शुरू से ही सेक्स की तरफ बहुत रूचि रही है। दोस्तों आज में अपनी जो कहानी आप सभी के लिए लेकर आया हूँ इसमें मैंने भाभी के साथ उनकी पहली बार चुदाई करके बड़े मस्त मज़े लिए और अपने उस सपने को पूरा किया, जिसको में बहुत दिनों से देख रहा था। दोस्तों यह विचार मेरे मन में उस दिन आया, जब मैंने अपनी भाभी को पहली बार देखा था और तब हम सभी लड़के वाले दुल्हन मतलब कि मेरी भाभी के घर पहली बार उनको देखने के लिए गये थे। फिर जब मैंने अपनी भाभी को पहली बार देखा तो में एकदम पागल सा हो गया था और में उसी दिन से मन ही मन में सोचने लगा था कि भैया मेरी इस हॉट सेक्स भाभी की ना जाने किन किन तरीको से इनकी चुदाई करेंगे? वो दिखने में क्या मस्त लग रही थी और उनको देखकर मेरा मन कर रहा था कि में उस भरी महफ़िल में ही उनको पकड़कर उनकी वहीं पर चुदाई कर दूँ।

फिर जब हम लोग वहां से वापस अपने घर आए, में सबसे पहले बहुत ही आनंद और जल्द बाज़ी में बाथरूम में गया और मुठ मारने लगा, उस समय साला मेरे लंड का पानी भी इतना निकला कि आप पूछो मत। अब में ऐसे ही दिन रात भाभी की याद में मुठ मारता और अपने आप को काबू में करने लगा था। फिर असली मज़ा मुझे तब आया जब शादी के दिन हम दुल्हन को अपने साथ लेकर आते समय मेरा और भाभी का हाथ एक दूसरे से गाड़ी में बैठे समय टकरा गया और मुझे तो एक करंट का झटका सा लगा था। फिर करीब दो महीने के बाद मेरे भैया को अचानक ही उनके ऑफिस के काम की वजह से मलेशिया जाना पड़ा और तब जाकर मेरे हाथ अपनी भाभी के पास जाने और उनकी जमकर धुलाई करने का मौका आया और जैसे ही मेरे भैया चले गये, उसके कुछ ही दिन बाद मेरे पेपर शुरू हो गए थे। अब में अपनी भाभी के पास पढ़ने के लिए हर दिन जा रहा था और जब मेरा बॉयलोजी का पेपर आया, तब मैंने अपनी भाभी से कहा कि भाभी मुझे तो बॉयलोजी में कुछ भी नहीं आता, क्या आप मुझे कुछ समझा सकती हो? अब भाभी ने मुझसे कहा कि कोई बात नहीं है अक्सर ऐसा होता ही है। में तुम्हे बड़े अच्छे से बॉयलोजी समझा दूंगी, जैसे तुम्हे अब तक किसी ने ना समझाया होगा।

दोस्तों यह शब्द अपनी भाभी के मुहं से सुनकर मुझे कुछ अलग ही महसूस होने के साथ ही बड़ा अजीब सा भी लगा, क्योंकि भाभी के चेहरे पर मुझे एक अजीब सी मुस्कान भी नजर आई थी। फिर में तुरंत जाकर अपनी किताब को लेकर भाभी के पास आ गया, उस समय भाभी सिर्फ़ गाउन में थी और उनके बड़े आकार के गोरे बूब्स मुझे बड़े आकार के गले के उस गाउन के ऊपर से साफ नजर आ रहे थे। अब में उन सभी बातों का मतलब तुरंत ही समझ गया था, क्योंकि बहुत दिन हो चुके थे इस रांड ने अभी तक चुदाई के मज़े नहीं लिए थे क्योंकि भैया बाहर थे, शायद उसको अपनी चूत की खुजली परेशान करने लगी थी और इसलिए वो मुझे अपनी चुदाई के मज़े लेना चाहती थी। फिर उन्होंने मुस्कुराते हुए मुझे अंदर आने को कहा और में जाकर उनके सामने वाली कुर्सी पर बैठ गया और अब उन्होंने मुझे इशारा करके कमरे में आने को कहा। फिर में उस कमरे में चला गया, लेकिन उन्होंने उसी समय अचानक से मेरा एक हाथ पकड़कर अपनी छाती पर रख लिया और अब वो मेरे हाथ को अपने हाथ की मदद से ऊपर नीचे करने लगी।

फिर वो मुझसे बड़े ही मादक अंदाज में कहने लगी कि “सन्नी मुझे तो तुम्हारे उस स्पर्श का हिसाब आज बराबर करना है, जब तुमने मुझे पहली बार शादी के दिन छुआ था और उसकी वजह से मेरे पूरे बदन में एक अजीब सी सरसराहट शुरू हो गई, लेकिन में मजबूर थी और ऐसे ही किसी अच्छे मौके की तलाश में थी। अब मैंने भी अपने आप को संभालते हुए कहा कि हाँ मुझे तो उसी दिन से जब मैंने आपको पहली बार आपके घर में देखा था, उसी दिन से आपकी चुदाई करने का मन कर रहा था। फिर उस बीच ही भाभी ने बातों ही बातों में मेरी पेंट को उतार दिया और अब वो मेरा सात इंच का लंड पकड़कर उसको ऊपर नीचे करके हिलाने लगी थी और अब में भी मज़े लेते हुए उनके बूब्स पकड़कर दबाने लगा था। दोस्तों मेरे इस काम से वो बड़ी खुश होने लगी थी और भाभी ने मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मैंने भी उनके कपड़े उतार दिए, जिसकी वजह से अब हम दोनों एक दूसरे के सामने एकदम नंगे थे। दोस्तों में अपनी भाभी को अपने सामने पूरा नंगा देखकर बड़ा चकित था और में उनको कुछ देर घूरकर देखता रहा वो मुझे काम की देवी नजर आ रही थी और मेरी ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं था, क्योंकि मेरा बहुत दिनों का सपना भगवान की दया से उस दिन पूरा होने जा रहा था। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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फिर उन्होंने मुझे अपने बूब्स की तरफ इशारा करके उनको चूसने के लिए कहा और में तुरंत उन पर टूट पड़ा और में उन्हे अपने मुहं में भरकर चूसने और दबाने भी लगा था। फिर मैंने उनके सारे बदन को चूमा और जैसे ही में उनकी चूत के पास आया, उसके बाद में तो जैसे पागल सा हो गया था और यह सब में पहली बार कर रहा था इसलिए मुझे उनकी चूत की खुशबू बहुत ज़बरदस्त लगी। फिर मैंने अपना लंड निकाला और भाभी के मुहं में डाल दिया, बिल्कुल वैसे ही जिस तरह से में सेक्सी फिल्मो में देखा करता था। अब वो बहुत ही जोश में आकर मस्त ज़बरदस्त तरीक़े से मुहं में मेरे लंड को अंदर बाहर कर रही थी, जैसे वो कोई बरसों से भूखी रंडी हो और में उनके साथ मज़े ले रहा था। फिर करीब पन्द्रह मिनट के बाद मैंने भाभी से कहा कि मेरा वीर्य निकलने वाला है। फिर भाभी ने मुझसे कहा कि तुम मेरे मुहं में ही निकाल दो अपना सारा वीर्य, मुझे उसका स्वाद चखना है। फिर मैंने उनके कहते ही अपना सारा वीर्य भाभी के मुहं में निकाल दिया जो बहुत अधिक मात्रा में निकला जिसकी वजह से भाभी का मुहं पूरा वीर्य से भर गया था। अब भाभी मुझसे कहने लगी कि इतनी अच्छी तरीक़े से तो तुम्हारे भैया भी मुझे उनके लंड को चूसने ही नहीं देते, जैसे तुमने मुझे मज़े देते हुए चूसने दिया है।

अब मैंने उनको कहा कि अब आप चूसने की चिंता मत कीजिए में आपको जब आप चाहे तब अपने लंड के दर्शन करा दूँगा आप इसको अपनी मर्जी से चूसते रहना जो भी करना हो कर लेना, लेकिन आपको अभी एक काम भी करना होगा। अब आपको अभी इस समय कुतिया की तरह बैठकर मुझसे अपनी चुदाई करवानी होगी और वो तुरंत मान भी गई और फिर वो मुझसे कहने लगी कि अब तो में बस तुम्हारी ही हूँ और यह मेरा पूरा जिस्म बस तुम्हारा ही है, तुम चाहो तो मेरे इस बदन को 24 घंटे काम में ले सकते हो। फिर मैंने यह बात सुनकर खुश होकर उनको पलट दिया और उनकी चूत में अपने लंड का टोपा डालने लगा, जिसकी वजह से उन्हे पहले थोड़ा सा दर्द हुआ। फिर कुछ देर के बाद वो भी मज़े लेने लगी, वो जोश में आकर कहने चिल्लाने लगी और वो मुझसे कहने लगी ऊफ्फ्फ फाड़ दो तुम अब मेरी गांड के चीथड़े उड़ा दो ऊह्ह्ह्ह साला तेरा भाई मेरी ऐसी चुदाई कभी नहीं करता, हाँ मार मेरी गांड को चीर दे इसको ऐसे शब्द उनके मुहं से सुनकर मुझे अच्छे भी लग रहे थे और बुरे भी। अब पूरे कमरे में पच पच की आवाजे गूंजने लगी थी और फिर बीस मिनट के बाद मैंने अपना लंड बाहर निकाला और भाभी के मुहं में लगाकर डाल दिया और में कहने लगा कि हाँ अब तुम इसको चूसो साली जब से बहुत आवाज़ें कर रही थी।

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अब मैंने अपना सारा वीर्य उनके मुहं में छोड़ दिया, वो थक चुकी थी, इसलिए वो मुझसे कहने लगी “सन्नी में अब बहुत थक चुकी हूँ। फिर मैंने उनको कहा कि में तो नहीं थका, अब तो में आपकी इस चूत को फाड़कर ही दम लूँगा और उन्होंने कहा कि हाँ ठीक है, लेकिन मुझे पांच मिनट का आराम तो लेने दो। अब मैंने उसको कहा कि हाँ ठीक है में तब तक थोड़ा सा दूध पीकर आपके लिए भी लेकर आता हूँ। फिर उन्होंने मुझसे कहा कि तुम्हे कहीं जाने की ज़रूरत नहीं है, तुम्हे दूध यहीं पर मिलेगा और वो मुझे अपनी गोद में लेटाकर अपना एक बूब्स को मेरे मुहं में रख दिया में भी बहुत मज़े लेकर चूस रहा था। अब वो अपने मुहं से आआहहह आईईईईईई में मर गई जैसी आवाज़े करने लगी थी और फिर कुछ देर के बाद मैंने उनसे कहा कि चलो अब आप तैयार हो कि नहीं, हमे आगे का खेल भी खेलना है? फिर भाभी कहने लगी कि में तो हमेशा हर समय तैयार ही रहती हूँ मेरे राजा। फिर मैंने उनकी चूत के पास की झांटो को अपनी जीभ से हटाते हुए मैंने उनकी चूत में अपनी जीभ को डाल दिया और अब में उनकी चूत को चाटने लगा था, जिसकी वजह से उनकी चूत कुछ देर बाद बहुत गीली हो चुकी थी।

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अब मैंने चूसकर वो सारा पानी पी लिया में अपनी जीभ से चूत को चाटने लगा था, लेकिन अब मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा था। फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाला और में उसको भाभी की चूत में डालने लगा था और वो दर्द की वजह से चिल्लाने लगी और मुझसे कहने लगी ऊफ्फ्फ आह्ह्ह्ह सन्नी प्लीज तुम इसको अब बाहर निकाल दो प्लीज़ मुझे बहुत दर्द हो रहा है आईईईइ माँ मर गई अब तुम इसको निकाल दो ना आह्ह्ह्हह्ह। दोस्तों मैंने उनके ऊपर बिल्कुल भी रहम नहीं खाया और फिर एकदम से एक ही झटके में मैंने अपना पूरा लंड उनकी चूत में डाल दिया। अब वो चिल्ला पड़ी आहह्ह्ह यह तुम क्या कर रहे हो ऊऊह्ह्ह्ह में मर गई ऊईईईईई माँ तुम अब इसको बाहर निकाल भी दो। दोस्तों उसके मुहं से यह बात सुनकर मुझे और भी मज़ा आ रहा था और में और बड़ी तेज़ी से उनकी चूत में अपने लंड को अंदर बाहर कर रहा था। फिर थोड़ी देर के बाद वो भी दर्द कम होने के बाद मेरे साथ मज़े लेने लगी थी। अब उन्होंने मुझसे कहा कि वाह मेरी जान आज तो मज़ा आ गया ऊफ्फ्फ हाँ बहुत तेज़ी से तुम मुझे चोदो, में आज से पूरी की पूरी तुम्हारी ही हूँ। फिर कुछ के देर बाद मेरा वीर्य निकलने वाला था इसलिए मैंने उनसे पूछा कि में अब झड़ने वाला हूँ, में अपने वीर्य को कहाँ निकालूं?

अब उन्होंने मुझसे कहा कि डाल दे तू इसको मेरी चूत के अंदर में गर्भवती होकर तेरे बच्चे की माँ बनना चाहती हूँ, क्योंकि तेरे भैया को तो उनके कामों की वजह से मेरे लिए समय ही नहीं मिलता। फिर मैंने यह बात सुनकर खुश होकर अपना पूरा वीर्य उनकी चूत में डाल दिया और उसके बाद हम दोनों थोड़ी देर तक वैसे ही रहे और में हल्के हल्के झटके देकर अपना वीर्य भाभी की चूत में निकालता रहा, चूत को अपने वीर्य से पूरा भरता रहा। फिर कुछ देर के बाद हम दोनों एक साथ नहाने के लिए चले गये और मैंने वहां भी भाभी को कई दूसरी तरह से चोदा और हर बार उनके साथ बहुत मस्त मज़े लिए और हम दोनों एक दूसरे के साथ चुदाई करके खुश रहने लगे थे ।।

धन्यवाद …

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