भांजे ने पति का काम पूरा किया

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प्रेषक : सीमा …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम सीमा है। ये कहानी मेरी और मेरे भांजे के बीच है, मेरे पति टीचर है और वो मध्यप्रदेश में पढ़ाते है, में अपने भांजे के साथ आजमगढ़ में रहती हूँ, उसका नाम रवि है। जब वो 6 साल का था, तभी उसके मम्मी पापा का देहांत हो गया था, तब से ही वो हमारे साथ ही रहता है, वो बहुत सीधा था और घर में ही रहता था और ना कोई दोस्त, वो कुछ पढ़ता भी नहीं था, वो घर के काम ही करता था खेती वगेरा का। मेरे पति साल में 1 या 2 बार घर आते है और 3-4 दिन रहकर वापस चले जाते है, हमारे एक लड़का था जो कि मेरे पति के साथ मध्यप्रदेश में ही रहता था। उसके पैदा होने के बाद मेरे पति ने मेरी नसबंधी करवा दी थी, जिससे में प्रेग्नेंट ना हो सकूँ।

अब में यहाँ रवि के साथ अकेले ही रहती थी, वो बचपन से ही मेरे साथ सोता था। अब धीरे-धीरे वो 19 साल का हो गया था, हमारा घर खेत के बीच में ही था, हमारे घर के 300-400 मीटर तक कोई घर नहीं था। फिर एक दिन मैंने रवि को नहाते हुए देखा, तो अब वो नहाते समय अपने लंड की सफाई कर रहा था, वो उसे अपने हाथ से रगड़कर साफ कर रहा था, उसका लंड सोता हुआ भी लगभग 3-4 इंच का होगा और मोटा भी था। अब ये देखकर मेरी चूत कराह गयी, अब मेरा उसे देखने का नज़रिया बदल गया था। फिर एक दिन हम दोनों बाज़ार गये थे तो मैंने उससे कहा कि रवि तुम उस सी.डी की दुकान पर जाओं और वहाँ बोलना कि 2 ब्लू फिल्म की सी.डी दे दो। तो उसने कहा कि ये कौन सी मूवी है? तो मैंने कहा कि तुम ले आओं, ये तुम्हारे काम की चीज़ नहीं है और वो सी.डी लेने चला गया। अब में थोड़ा आगे बढ़ गयी, फिर वो सी.डी ले आया, फिर हम घर आ गये।

फिर अगले दिन वो खेत पर चला गया और मैंने अपना काम जल्दी से ख़त्म करके बी.एफ लगा दी और देखने लगी। अब मेरी चूत में पानी आने लगा था और में तड़प उठी थी। अब में मेरी साड़ी के ऊपर से ही अपनी चूत को रगड़ने लगी थी कि इतने में रवि आ गया और गेट खटखटाने लगा। तो मैंने जल्दी से बी.एफ बंद की और गेट खोल दिया, फिर वो अंदर आ कर आराम करने लगा। अब रात को हम दोनों एक ही चादर में सो रहे थे, वो हमेशा टावल लपेटकर सोता था और इधर मेरी चूत तड़प रही थी तो मैंने अपनी पेंटी उतार दी थी और धीरे से चादर के अंदर ही मेरी साड़ी ऊपर करके अपनी चूत को सहलाने लगी। अब मेरी चूत की स्मेल फेल चुकी थी और उसकी महक शायद रवि को पता लग गई थी, फिर उसने कहा कि मामी ये बदबू कैसी आ रही है?

फिर मैंने अपनी चूत में डाली हुई उंगलियां उसकी नाक के पास रखी और कहा कि ये बदबू इसमें से आ रही है। तो उसने कहा कि ये कैसी बदबू है, तो मैंने कहा कि खुद देख लो और उसका हाथ लिया अपनी चूत पर ले गयी, अब मेरी चूत से पानी भी बह रहा था। फिर मैंने उससे कहा कि अब सूंघकर देखो, तो उसने सूँघा और तुरंत चादर हटाकर देखा कि अंदर क्या है? अब मेरी झाटो से भरी हुई चूत ठीक उसके सामने थी। फिर उसने कहा कि मामी ये आप क्या कर रही हो? तो मैंने कहा कि वही जो तूने आज तक कभी नहीं किया। तो उसने बड़े भोलेपन के साथ कहा क्या? तो वो कहने लगी कि चुदाई। तो वो बोला ये क्या है? तो मैंने कहा कि आ तुझे दिखाती हूँ। फिर मैंने टी.वी चला दिया और उसमें बी.एफ चालू हो गयी, अब उस मूवी में एक लड़की लड़के के पास जाती है और उसका लंड निकालकर चूसने लगती है। तो मैंने कहा कि क्या तुम्हारा खड़ा हुआ? तो वो कहने लगा कि ये तो रोज ऐसे सुबह खड़ा होता है और फिर अपने आप ही छोटा हो जाता है।

फिर मैंने कहा कि अब आगे देखो, अब वो बड़े ध्यान से देख रहा था, फिर लड़का उसकी चूत चाटता है और दोनों चुदाई करते है। अब मैंने देखा कि रवि का लंड भी तन चुका था, फिर मैंने टी.वी बंद की और उससे कहा कि क्या तुम यह सब करना चाहोगें? तो उसने कहा लेकिन में कैसे? तो मैंने कहा कि में हूँ ना, में बताती हूँ। फिर मैंने उसका टावल खींचा तो नीचे अंडरवेयर था फिर मैंने उसे नीचे किया, तो उसका लंड एकदम तना हुआ था, उसका लंड लगभग 7 इंच से ज़्यादा का होगा और 4 इंच मोटा होगा। फिर मैंने उसके लंड की चमड़ी को पकड़ा और अपना हाथ नीचे ले गयी और एक पूचुक की आवाज़ के साथ उसका सूपड़ा बाहर आ गया। अब उसका लंड वीर्य की वजह से गीला था, फिर में अपना चेहरा उसके लंड के पास ले गयी और उसके लंड को सूँघा। अब मुझे बड़े दिनों के बाद लंड की महक मिल रही थी, उसके बाद मैंने उसे चूमा और अपनी जीभ से उसका सूपड़ा चाट लिया, उसके लंड का स्वाद नमकीन सा और टेस्टी भी था।

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मैंने कभी अपने पति का लंड नहीं चूसा था, लेकिन रवि का लंड बड़ा भी था और उसका सूपड़ा भी बिल्कुल गुलाबी और फैला हुआ था, जैसे कोई छतरी रखी हो। फिर मैंने धीरे-धीरे उसका पूरा लंड अपने मुँह में भर लिया और चूसने लगी। अब उसने अपनी दोनों जांघे आपस में चिपका ली थी और बोला कि मामी कुछ निकलने वाला है। तो मैंने उसे अपने मुँह में भर लिया ये मेरा पहली बार था तो मुझे पहले उल्टी सी आई, लेकिन जैसे ही थोड़ा सा अंदर गया तो मुझे उसका टेस्ट अच्छा लगा और फिर में उसका सारा वीर्य पी गयी। अब रवि की बारी थी, फिर मैंने कहा कि मज़ा आया, तो वो बोला कि बहुत मामी। तो मैंने बोला कि अब तुम करो आओं, फिर वो मेरे ऊपर लेट गया और मेरे होंठ चूमने लगा, फिर गले को, उसके बाद मेरी बगल के बाल में अपनी नाक डालकर सूँघने लगा और चाटने लगा।

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फिर मैंने उसका चेहरा नीचे की तरफ धकेला और मेरी चूत तक ले गयी, तो उसने मेरी झांटो में अपना हाथ फैरा और फिर मेरी चूत को अपनी उंगली से थोड़ा फैला दिया। फिर उसने देखा और कहा कि ये तो बड़ी अच्छी है मामी और बिल्कुल गुलाबी है, और अब इसका मुँह खोलने के बाद और तेज स्मेल आ रही है। उसके बाद उसने मेरी चूत में अपनी जीभ डाली और चूसने लगा, तो मैंने कहा कि आहह बाबू ऐसे ही करते रहो श बहुत मज़ा आ रहा है हम्म, तुम बहुत अच्छा कर रहे हो हम्म। फिर कुछ ही मिनटो में मेरा पानी निकलने वाले था तो मैंने भी अपनी जांघे अकड़ ली और उसका मुँह अपनी चूत पर दबा दिया और अपना पानी छोड़ना शुरू कर दिया। अब उसका दम घुटने लगा था, लेकिन फिर भी वो मेरा सारा पानी पी गया। फिर जैसे ही उसने अपना मुँह हटाया तो उसने एक लंबी साँस ली और देखने लगा। उसके बाद में उठी और उसका लंड जो खड़ा था, उसे फिर से चूसा और उससे कहा कि लेट जाओ, तो वो लेट गया।

अब उसका लंड उसके पेट से सटा था, फिर में उस पर अपनी चूत रखकर बैठ गयी और अपनी चूत को उसके लंड पर रगड़ने लगी। फिर में थोड़ी ऊपर हुई और उसके लंड को खड़ा किया और अपनी चूत का मुँह उसके लंड पर सेट करके अपने होंठो को दाँतों से दबाया और थोड़ा नीचे की तरफ ज़ोर लगाया तो उसका सुपाड़ा झट से मेरी चूत के अंदर घुस गया। अब मुझे बहुत दर्द होने लगा था, फिर में जो बैठी तो बैठती ही चली गयी और उसका लंड मेरी चूत में अंदर तक चला गया। फिर में उसके सीने पर अपना सिर रखकर लेट गयी, फिर 5 मिनट के बाद जब मेरा दर्द कम हुआ तो में अपनी गांड को उसके लंड पर घुमाने लगी। फिर मैंने कहा कि बेटा अब तुम उठो और करो और अपना लंड बाहर मत निकालना, में ऐसे ही नीचे हो जाती हूँ और तुम मेरे ऊपर आ जाओ। फिर वो मेरे ऊपर आ गया तो मैंने कहा कि अब अपने लंड को थोड़ा बाहर निकालो, पूरा मत निकालना और फिर से अंदर डाल देना और ऐसे ही करते रहना, तो उसने ऐसा ही किया।

फिर उसने अपने लंड को सुपाड़े तक खींचा और फिर से अंदर कर दिया। अब शुरू में उसे थोड़ी दिक्कत हुई, लेकिन 8-10 धक्को के बाद अब उसका लंड पूरा मेरी चूत के अंदर जा रहा था। अब वो बहुत तेज- तेज करने लगा था, अब मुझे बहुत दर्द हो रहा था। अब उसका हर धक्का मेरी बच्चेदानी पर चोट मार रहा था, अब में ऊओह अहहा हम्मम्म चिल्ला रही थी। फिर अचनाक से उसके मुँह से आअहह की आवाज़ आने लगी और उसने अपना लंड मेरी चूत में जड़ तक घुसा दिया। तो मैंने भी उसे अपनी दोनों टांगो से जकड़ लिया, अब मुझे उसके लंड की पिचकारी मेरे बच्चेदानी के मुँह पर साफ महसूस हो रही थी। अब उसकी पिचकारी की वजह से मेरा भी पानी निकल गया था, अब मैंने उसका सिर अपने सीने से चिपका लिया था, अब वो मेरी बगल को सूंघने लगा और चूमने लगा था।

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फिर मैंने कहा कि बेटा तुम्हारे लंड ने तो आज मेरी जानदार चुदाई की है, तुम्हारे मामा का लंड तो 5 इंच का ही है और उनका लंड कभी वहाँ तक पहुँचा ही नहीं जहाँ तक तुम्हारा लंड पहुँचा है। फिर उसने कहा कि मामी आपकी चूत भी बड़ी टाईट है। तो मैंने कहा कि बेटा तेरे मामा दूर रहते है और आते भी है तो काम में लगे रहते है, उन्होंने मुझे 5 सालों से छुआ भी नहीं है। तो रवि ने कहा कि कोई बात नहीं मामी आज मुझे बहुत मज़ा आया, अब में रोज़ आपको चोदूंगा जिससे आपकी चूत और खुल जाएगी। अब वो बात करते-करते ऐसे ही अपना लंड चूत में डाले ही सो गया, फिर मुझे भी जाने कब नींद लग गयी। फिर सुबह जब में उठी देखा तो वो अब भी मेरे ऊपर ही था, अब उसका लंड सिकुड चुका था और मेरी चूत के दरवाजे पर चिपका हुआ था। फिर मैंने उसे साईड में किया और उठकर बैठ गयी, अब मेरी चूत का मुँह खुला हुआ था और अंदर तक दिख रहा था। मेरी चूत में अभी भी दर्द हो रहा था और वो सूज भी गयी थी और अब नीचे बेडशीट पर हम दोनों का रस गिरा हुआ था, जो कि अब सुख चुका था और हल्का-हल्का खून भी लगा था। अब उस दिन के बाद से रवि मुझे रोज चोदता है ।।

धन्यवाद …

 

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