बीवी की बहन की मोटी गांड चोदी

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प्रेषक : रिंकू …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम रिंकू है, में पटियाला का रहने वाला हूँ। अभी पिछले मुझे अपने बिजनेस के सिलसिले में दिल्ली जाना पड़ा। मेरी वाईफ की बड़ी सिस्टर इन लॉ मतलब मेरी बड़ी साली वहाँ रहती है, मालविया नगर में। अब में उनके यहाँ जाकर रुका था। मेरी साली का नाम रश्मि है, उनके पति का मोटर पार्ट्स का बिजनेस है। फिर में वहाँ पहुँचा और रात को गपशप करने के बाद हम सब सो गये। उनके फ्लेट में जो गेस्टरूम है, वो मेरी साली के बेडरूम से अटेच्ड है यानी कि एक दरवाजे से गेस्टरूम में और उनके बेडरूम में जाया जा सकता है, जनरली वो लॉक रहता है और उस दरवाजे में एक बड़ा सा पोस्टर लगा हुआ है। अब रात को मुझे नींद नहीं आ रही थी तो में अपने रूम में टहल रहा था। तभी अचानक से जब में उस कॉमन दरवाजे के पास पहुँचा तो तब मुझे कुछ आवाज़ें सुनाई दी। तब मैंने दरवाजे पर कान लगाया तो ऐसा लगा कि मेरी साली और उसका पति कुछ बातें कर रहे है, लेकिन थोड़ी देर के बाद उनकी बातों से लगा कि वो लोग सेक्स करने के लिए तैयार हो रहे है।

अब में कुछ उत्तेजित सा हो गया था और उस नज़ारे को देखने का मौका खोजने लगा था। फिर मैंने उस दरवाजे पर धीरे से अपना एक हाथ फैरा तो ऐसा लगा कि उसमें एक लॉक है। तब मैंने सोचा कि इसमें चाबी का छेद भी जरूर होगा, लेकिन पूरे दरवाजे में पोस्टर लगा था। तब मैंने टेबल से पेन उठाया और चाबी का छेद ढूँढने लगा तो मुझे चाबी का छेद मिल गया। फिर मैंने पेन से धीरे से पोस्टर में एक छेद किया, तो चाबी का छेद सामने दिखा। अब मेरी आँखों में चमक आ गयी थी और उत्तेजना से मेरा लंड खड़ा हो गया था। फिर मैंने अपने रूम की लाईट ऑफ की और चाबी के छेद से अंदर देखने लगा तो सामने का जो नज़ारा था, वो देखते ही मेरा बुरा हाल हो गया था।

अब मेरी साली और साडू बिल्कुल नंगे थे और मेरा साडू अपनी बीवी के ऊपर चढ़कर उसको चोद रहा था। अब मेरी साली सिसकियाँ भर रही थी और अपने पति से चुदवाने का मज़ा ले रही थी। फिर थोड़ी देर के बाद उसने अपना लंड अपनी बीवी की चूत में से बाहर निकाला और बेड पर खड़ा हो गया। अब मेरी साली अपने घुटनों के बल बैठ गयी थी और अपने पति का लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लगी थी। अब वो दोनों उत्तेजना में आह, उहहह, आह कर रहे थे। अब मेरा लंड बिल्कुल तन चुका था और फिर मैंने भी अपनी शॉर्ट्स उतार दी और नंगा हो गया था। फिर मैंने अपने लंड को हिलाना शुरू किया। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने देखा कि मेरी साली उठी और बगल में ड्रेसिंग टेबल पर झुककर खड़ी हो गयी थी। अब उसके पति ने अपना मुँह उसकी गांड में घुसा दिया था और उसकी गांड को चाटने लगा था।

अब रश्मि बड़े मज़े ले रही थी और आह, उहहहह कर रही थी। अब उन दोनों को बिल्कुल भी नहीं पता था कि कोई उनकी इस हरकत को देख रहा है। फिर थोड़ी ही देर में राजीव (रश्मि के पति) ने अपना लंड रश्मि की गांड में घुसा दिया और उसकी गांड मारने लगा था। अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था। तब मैंने मुठ मारना शुरू किया, ये सोचकर कि में अपनी साली की गांड मार रहा हूँ और फिर थोड़ी ही देर के बाद मैंने अपना वीर्य वहीं गिरा दिया और फिर मेरे साडू ने भी अपना वीर्य रश्मि की गांड में निकाल दिया था। फिर अगले दिन सुबह मुझे पता चला कि राजीव को बिजनेस के सिलसिले में जयपुर जाना है और वो अगले दिन वापस आएँगे, यानी उस रात घर में सिर्फ़ में और मेरी साली ही रहने वाले थे। फिर कुछ देर के बाद राजीव अपनी कार से जयपुर के लिए निकल गये। अब मुझे भी काम के लिए करोलबाग जाना था। अब मेरी साली नहाने गयी हुई थी और फिर जब वो तैयार होकर मेरे सामने आई तो तब उसको देखते ही मेरा लंड खड़ा हो गया। उसके बड़े-बड़े बूब्स और मस्त गांड को देखकर में मदहोश हो रहा था, लेकिन फिर खुद पर कंट्रोल करके में भी तैयार होने के लिए बाथरूम में चला गया।

अब मुझे और पागल बनाने के लिए मैंने देखा कि रश्मि के अंडरगार्मेंट वहाँ रखे हुए थे। तब मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ और फिर में उसकी ब्रा को उठाकर उसे चूसने लगा। तब मुझे ऐसा लगा कि जैसे में रश्मि के बूब्स चूस रहा हूँ। फिर मैंने उसकी पेंटी उठाई और उसे स्मेल करने लगा। अब मुझे एक अजीब सा नशा छा रहा था। फिर मैंने उसकी ब्रा के कप को अपने लंड पर लगाया और मुठ मारने लगा और फिर थोड़ी ही देर में मैंने अपना वीर्य उसकी ब्रा में निकाल दिया और फिर उसकी ब्रा को मैंने पानी से भीगा दिया, ताकि उसे पता ना चले। फिर में नहाकर ब्रेकफास्ट करके काम के लिए निकल गया तो रास्ते में मुझे एक मेडिसिन की शॉप मिली। वहाँ एक पोस्टर लगा हुआ देखा।

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फिर मैंने दुकानदार से उसके बारे में पूछा तो तब उसने बताया कि इसकी एक गोली खाने के बाद कोई भी लड़की पर आधे घंटे में सेक्स का नशा चढ़ जाता है। तब मेरे दिमाग में एक प्लान आया और फिर मैंने वो गोली खरीद ली। फिर रात 9 बजे में अपना काम करके अपनी साली के घर पहुँचा। फिर उसने मुझे डिनर सर्व किया और फिर हम चेंज करके गप्पे मारने लगे। उसने बड़ी पतली सी नाइटी पहन रखी थी। अब में शॉर्ट्स और टी-शर्ट में था। अब हम ड्रॉईग रूम में सोफे पर बैठकर गप्पे मार रहे थे। फिर थोड़ी देर के बाद वो कुछ लेने के लिए उठी और असंतुलन होकर वापस सोफे पर बैठ गयी। तब मैंने पूछा कि क्या हुआ? तो तब रश्मि ने कहा कि मुझे अचानक से कमर में बहुत दर्द होता है, में इस दर्द से बहुत परेशान रहती हूँ। तब तुरंत ही मेरे दिमाग में एक आइडिया आया। फिर मैंने उनसे कहा कि मेरे पास एक आयुर्वेदिक गोली है, उसको खाने से तुरंत असर पड़ेगा और फिर मैंने वो गोली उनको दे दी। तो उसने तुरंत ही पानी के साथ उसे ले लिया। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर मैंने कहा कि अब आप बेडरूम में जाकर आराम करिए और अपने दिमाग में कुछ प्लान बनाने लगा, मुझे आज उसे चोदना ही था। फिर थोड़ी देर के बाद में उनके कमरे में गया तो मैंने देखा कि वो लेटी हुई थी। फिर में उनके पास गया और कहा कि मैंने थोड़ी बहुत मसाज की प्रेक्टीस की है। तो तब उन्होंने कहा कि हाँ यह ठीक रहेगा, मुझे कुछ आराम मिल जाएगा। तो तब मैंने कहा कि आप पेट के बल लेट जाइए और फिर में आपकी कमर पर अक्कुप्रेशर के फायदे देता हूँ। अब मेरा निशाना सही लग रहा था। अब वो पेट के बल लेट गयी थी और अब में अपने हाथ से उसकी कमर को सहलाने लगा था, जाहिर सी बात है उन्हें आराम तो मिल ही रहा था और वो सोच रही थी कि में अक्कुप्रेशर का बड़ा जानकार हूँ। फिर कुछ देर के बाद में उनकी कमर और पीठ को सहलाने और दबाने लगा, तो 10-15 मिनट के बाद वो थोड़ा मचलने लगी थी।

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अब में समझ गया था कि गोली अपना काम कर रही है। तो तब मैंने भी मौके का फ़ायदा उठाते हुए कहा कि आपको नाइटी उतारनी पड़ेगी, तभी मसाज का फायदा पूरा होगा। तब उसने तुरंत ही लेटे हुए ही अपनी नाइटी उतार दी, उसने ब्लेक कलर की ब्रा और पेंटी पहनी हुई थी। अब मेरा लंड खड़ा हो गया था। फिर मैंने उनकी पीठ को सहलाते हुए उनकी ब्रा के हुक खोल दिए। अब उनकी गोरी और मदमस्त नंगी पीठ मेरे सामने थी। फिर में उनकी पीठ सहलाते हुए नीचे की तरफ आया और उनकी कमर सहलाने के बहाने उसकी पेंटी भी थोड़ी नीचे कर दी। अब गोली के असर से उन्हें भी मज़ा आने लगा था। फिर में खड़ा हुआ और अपनी टी-शर्ट और शॉर्ट्स खोल दिया और नंगा होकर उनकी कमर को सहलाने लगा था। अब मेरा लंड रश्मि की चूत और गांड में घुसने के लिए मचलने लगा था। फिर मैंने उसकी पेंटी को और नीचे उतारा तो तब वो खुद ही डॉगी स्टाइल में झुक गयी और बड़े आराम से अपनी पेंटी उतरवा दी।

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अब उसे गोली लिए हुए 25 मिनट हो गये थे। अब में तैयार था। फिर मैंने उसकी पेंटी पूरी खोल दी और वो अब तक डॉगी पोज़िशन में थी। अब मुझसे कंट्रोल नही हो रहा था और फिर मैंने अपनी जीभ सीधी उसकी चूत पर लगाई और उसको चाटने लगा। रश्मि जो अब तक शांत थी ज़ोर-ज़ोर से आह, उउईई, उउन्न्ह, उउन्न्ह करने लगी थी। अब उन्हें बहुत मजा आने लगा था। अब में उनकी गांड को दबाता और ज़ोर-जोर से उसकी चूत को चाट रहा था। फिर मैंने उन्हें पीठ के बल लेटाया और उनकी चूत को चाटने लगा था। तब वो बोली कि हाँ हाँ रिंकू और चाटो और चाटो मेरी चूत को, बहुत मज़ा आ रहा है, आह। अब उनकी गुलाबी चूत का खट्टा और सेक्सी रस मुझे बड़ा मज़ा दे रहा था। फिर में उनके ऊपर लेट गया और उनके बूब्स को बारी-बारी से चूसने लगा था। अब उनके बड़े बूब्स में लाईट पिंक निप्पल एकदम खड़े हो चुके थे और मुझसे बूब्स चुसवाने में उन्हें बड़ा मज़ा आ रहा था और अब वो सिसकियाँ भर रही थी और चूसो, ज़ोर से चूसो मेरे बूब्स को, आह।

फिर एक ही झटके में मैंने अपना लंड उनकी चूत में घुसा दिया और उन्हें चोदना शुरू किया। अब मेरा लंड उनकी चूत में अंदर बाहर होने लगा था। अब हम दोनों को खूब मज़ा आ रहा था और वो बोल रही थी हाँ रिंकू और और और चोदो, चोदते रहो, आह, आह, आआ, हाईईईई और चोदो और फिर उसने अपना रस मेरे लंड पर निकाल दिया और शांत हो गयी थी। फिर पिछली रात को उनकी चुदाई (अपने पति के साथ) की तरह में भी बेड पर खड़ा हो गया और रश्मि से कहा कि मेरा लंड चूसो। तब वो तुरंत ही अपने घुटनों के बल बैठ गयी और मेर लंड को अपने मुँह में घुसाकर चूसने लगी थी। अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। अब में चिल्ला रहा था आहह, आहह रश्मि और चूसो और अंदर लो, ज़ोर से चूसो और फिर कुछ ही देर के बाद लंड चुसाई के बाद मैंने कहा कि अब में तुम्हारी गांड मारूँगा। तो तब वो तुरंत ही ड्रेसिंग टेबल के पास जाकर झुककर खड़ी हो गयी। तो तब में अपना मुँह उनकी मस्त गांड के बीच में घुसाकर उनके छेद को चाटने लगा। अब मुझे उनकी गांड चाटने में मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था और अब वो भी आह, हाईई करने लगी थी। फिर मैंने अपना लंड उनकी गांड में घुसाया और ज़ोर ज़ोर से उनकी गांड मारने लगा था। फिर मैंने पीछे से उनके बूब्स को दबाया और उनकी गांड मारता रहा और वो आह, हाईईईईई करके चिल्लाने लगी। फिर कुछ ही देर के बाद मैंने अपना वीर्य उनकी गांड में निकाल दिया और फिर हम दोनों रात को नंगे ही एक दूसरे से चिपककर सो गये। फिर जब भी मुझे उससे मिलने का कोई मौका मिला तो तब मैंने उसकी खूब जमकर चुदाई की और बहुत मजा किया ।।

धन्यवाद …

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