बुआ को चोदकर गांड भी मारी

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प्रेषक : लव …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम लव है, में दिल्ली का रहने वाला हूँ और मेरी उम्र 25 साल है। दोस्तों में जब भी किसी औरत को देखता हूँ तब मेरा बस यही मन करता है कि में उसको वहीं पर पलटकर अपना लंड उसकी चूत में डाल दूँ। दोस्तों यह सब इसलिए है क्योंकि मुझे बचपन से ही सेक्स करने में बहुत रूचि रही है। में हर किसी औरत लड़की को देखकर उसकी तरफ आकर्षित होने लगता हूँ और अब में भी आप सभी की तरह कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों को पढ़कर उनके मज़े ले रहा हूँ क्योंकि ऐसा करके मेरा मन बहुत खुश रहता है। दोस्तों में एक एड एजेन्सी में काम करता हूँ और अपनी बुआ के साथ रहता हूँ। मेरी बुआ के पति दिल्ली से बाहर गये हुए है और इसलिए में अपनी बुआ के पास कुछ दिन रहने के लिए चला आया था। दोस्तों आप सभी लोग तो जानते ही है कि एड एजेन्सी में दिन रात काम करना होता है और इस वजह से में अक्सर रात को देरी से करीब एक-दो बजे घर आता हूँ और कभी कभी तो मुझे पूरी रात भी काम करना पड़ता है। दोस्तों में हमेशा अपने ऑफिस से आने के बाद नहाता हूँ और उसके बाद में खाना खाता हूँ और में कितना भी लेट जो आऊं मेरी बुआ ही मुझे खाना परोसती है। दोस्तों मेरी बुआ का घर बहुत छोटा है और इस वजह से में और मेरी बुआ एक ही कमरे में और हमेशा एक ही पलंग पर सोते है।

दोस्तों मेरी बुआ का नाम पुष्पा है, उसकी उम्र 27 साल, वो बहुत गोरी, वो थोड़ी सी मोटी भी है और उसकी लम्बाई केवल चार फिट नौ इंच है और मेरी लम्बाई पांच फिट नौ इंच है। एक बार की बात है, में ऑफिस से रात को देरी से आया था और अब में हर बार की तरह नहाने वाला था। फिर उसी समय बुआ ने मुझे आवाज़ देकर कहा कि लव तेरे लिए नहाने का पानी तैयार है जाकर नहा ले। अब में तुरंत वो आवाज सुनकर बाथरूम में नहाने चला गया, लेकिन तभी बुआ को याद आया कि उसने मुझे बहुत ही गरम पानी दिया है। अब बुआ बोली कि अरे लव थोड़ी देर रुक में तुझे ठंडा पानी लाकर देती हूँ, उस समय मेरी बुआ ने साड़ी पहनी थी और वैसे भी सभी घरेलू औरते साड़ी ही पहनती है। दोस्तों वो बाथरूम बहुत छोटा है, इसलिए वो दो आदमियों से ही भर जाता है। अब में उसके अंदर ही था और फिर बुआ भी वहीं बाथरूम में आ गई, में उस समय अंडरवियर में था, लेकिन बुआ आने वाली थी इसलिए मैंने टावल भी बांध रखा था। फिर बुआ अंदर आई, तब में बुआ के पीछे खड़ा था, बुआ मेरे सामने झुक गई और उस समय बुआ का मुँह दूसरी तरफ था और उसकी गांड मेरी तरफ थी। अब वो मेरे लिए पानी भर रही थी और ठंडा पानी गरम पानी में डाल रही थी और उसी समय उसकी गांड मेरे लंड को लगी।

फिर मुझे थोड़ी सी शरम आने लगी और इसलिए में थोड़ा पीछे हो गया, लेकिन वो फिर से थोड़ी पीछे आ गई और अब उसकी गांड मेरे लंड को लगने लगी। अब मेरा लंड बिल्कुल सीधा खड़ा था, क्योंकि में हमेशा ऑफिस में सुंदर लड़कियाँ देखकर उनकी याद में बाथरूम में अपने लंड को हिलाता था। फिर बुआ ने मेरे लिए पानी तैयार किया और वो बाहर चली गई। दोस्तों अब अक्सर हमेशा ऐसा ही होता था, बुआ हमेशा किसी ना किसी बहाने से बाथरूम में आती थी और वो हमेशा उनकी गांड को मेरे लंड से लगाया करती। फिर मैंने मन ही मन में सोचा कि शायद बुआ को मेरा लंड अपने कूल्हों से छूना अच्छा लगता है। एक दिन में बाथरूम के अंदर था, तभी बुआ दोबारा से बाथरूम के अंदर आ गई, मैंने मेरे ऊपर पानी डाला ही था कि में भीगा हुआ था। तभी बुआ बोली कि अरे लव ले यह गरम पानी ले, तो में उठकर खड़ा हुआ और बुआ हमेशा की तरह आगे आई और थोड़ी झुकी तो उसकी गांड मेरे लंड को लगने लगी, लेकिन मैंने इस बार टावल नहीं पहन रखा था। अब में वैसे ही अंडरवियर में खड़ा था और फिर में जानबूझ कर थोड़ा आगे आया और मैंने मेरा लंड बुआ की गांड को छू दिया। फिर वो भी पीछे आई और उसकी गांड मेरे लंड को छूने लगी, में जब भी खाना खाने बैठता था तो बुआ मुझे खाना परोसती थी।

अब हम हर रात को अकेले होते थे, वो हमेशा रात को पारदर्शी साड़ी पहनती थी, जिसकी वजह से में उसके बूब्स को देख लूँ, वो जब भी मुझे खाना परोसती थी तब मुझे उसके बूब्स आसानी से देखने को मिलते थे। फिर कभी कभी उसकी साड़ी का पल्लू अगर टाईट होता तो वो उसको दोबारा से ढीला करके साड़ी ऐसे सेट करती थी कि मुझे बड़े आराम से साफ साफ उसके बूब्स दिखाई दे। फिर उस रात हम दोनों सोने चले गये, में बुआ के पास में ही लेटा हुआ था और एक घंटे के बाद मैंने मेरा एक हाथ बुआ के ऊपर रख दिया और मेरा दूसरा हाथ बुआ की कमर पर रखा हुआ था। अब बुआ का मुँह उस तरफ था, में थोड़ा आगे गया और मैंने बुआ को अपने से और ज्यादा चिपका लिया, जिसकी वजह से अब मेरा लंड बुआ की गांड को छूने लगा था। फिर मैंने धीरे-धीरे मेरा एक हाथ बुआ के बूब्स पर रखा और में उनको सहलाने लगा था। अब मुझे उस समय ऐसा लगा कि बुआ गहरी नींद में सो चुकी है, लेकिन वो सोने का नाटक कर रही थी। फिर मैंने धीरे-धीरे मेरा एक हाथ बुआ के पेट से घुमाकर बुआ की साड़ी में डाल दिया, तभी अचानक से बुआ ने मेरा हाथ पकड़ा और वो बोली कि क्या कर रहा है? और वो यह बात कहकर सीधी हो गई।

अब में बहुत घबरा गया था, लेकिन बुआ बोली कि लव लगता है कि तू जवान हो गया है, चल तेरी शादी करेंगे, तूने अपने ऑफिस में कोई लड़की देखी है कि नहीं, तो बता तेरी शादी करेंगे या किसी के साथ कुछ किया है? फिर मैंने पूछा कि क्या किया है? बुआ बोली कि क्या अब वो भी बताऊं कि जवान लड़के इस उम्र में क्या करते है? फिर मैंने उनको बोला कि में अनुभव लिए बगैर शादी नहीं करूँगा, मैंने अभी कुछ भी अनुभव नहीं लिया है। तभी बुआ बोली कि अनुभव कौन सी बड़ी चीज है? आ में तुझे आज सब कुछ सिखा देती हूँ और उस समय कमरे में उजाला कम था, जिसकी वजह से मुझे थोड़ा सा ही दिख रहा था। फिर बुआ ने कहा कि चल अब अपने कपड़े उतार, मैंने तुरंत अपने कपड़े उतारे और पूछने लगा कि अब क्या करूं? बुआ ने कहा कि आ अब तू मेरे ऊपर चढ़ जा। फिर में तुंरत ही एक आज्ञाकारी की तरह बुआ के ऊपर चढ़ गया, बुआ ने अपनी साड़ी को ऊपर किया और अपनी पेंटी को निकाल दिया और उन्होंने मेरा लंड अपने हाथ में पकड़कर अपनी चूत पर रख दिया और बोली कि चल अब तू मुझे झटके दे। अब मैंने बुआ को झटके देना शुरू किया और में इतना जोश में होने की वजह से गरम था कि मेरा लंड ना पूरा जाता और ना में ठीक से झटके दे पाता था।

अब मैंने बुआ के माथे पर चुम्मा किया और धीरे-धीरे बुआ के गालों पर बुआ के होंठो पर बुआ की गर्दन पर भी चूमा और फिर धीरे-धीरे में नीचे आ गया और अब मैंने बुआ का ब्लाउज खोल दिया और में उनके बूब्स को चूसने लगा, चाटने लगा और काटने भी लगा था। फिर मैंने अपना एक हाथ बुआ की साड़ी में डाला और बुआ की पेंटी में अपना हाथ आगे बढ़ाकर में बुआ की चूत तक ले गया और बुआ की चूत में उंगली डालकर उसको सहलाने लगा था। अब बुआ को भी अच्छा लग रहा था, बुआ के मुँह से आवाज़े आ रही थी स्स्सससस्स आह्ह्ह आऊच आईईईई और करो हाँ ऐसे ही वाह मज़ा आ गया। अब मेरे यह सब करने की वजह से उसकी सांसे बड़ी ही तेज होने लगी थी और मेरी आवाज़े भी ऊऊम्मम बुआ आहह्ह्ह ऊऊईईई बुआ। फिर अचानक से वो बोली कि अब तो डाल ना रे आईईईईई, लेकिन में नहीं मान रहा था और में वही सब करता रहा, तभी अचानक से मेरा ध्यान सीढ़ियों पर गया और मैंने उनको बोला कि चलो हम अब ऊपर यह सब करेंगे। अब बुआ ने भी हाँ कह दिया, उसके बाद हम उठे और बुआ ऊपर गई और बोली कि तू नीचे ही रुकना, जब तक में ना कहूँ तब तक तू ऊपर मत आना। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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फिर मैंने नीचे ही मेरे कपड़े उतारे और में सिर्फ टावल में ही हो गया, उसके बाद में बुआ के बुलाने का इंतज़ार कर रहा था। तभी बुआ ने आवाज दी, तभी में ऊपर चला गया और मैंने देखा कि बुआ एक कोने में दीवार से चिपककर खड़ी थी। अब उसका मुँह उस तरफ था, उसने उसके बूब्स पर टावल और नीचे कमर पर नाभि के भी नीचे टावल पहना था। फिर में बुआ के पास गया, बुआ ने मेरी तरफ देखा, उस समय बुआ एकदम कामदेवी की तरह लग रही थी, में बुआ के पास गया और उसको चूमने और चाटने लगा और फिर में चूमते-चूमते नीचे आया और में बुआ की नाभि को चाटने लगा। फिर में वापस से खड़ा हुआ और बुआ के बूब्स को दबाने लगा था, उसके बाद मैंने अपना एक हाथ बुआ के नीचे टावल में डालकर बुआ की चूत में अपनी उंगली को डालने लगा था, पहले एक और बाद में दो और फिर तीन उँगलियों को मैंने धीरे धीरे करके बुआ की चूत में डाल दिया था। अब बुआ दर्द की वजह से ज़ोर-ज़ोर सिसकियाँ लेने लगी थी आह्ह्ह्ह ऊऊईईईई अब बस कर ऊफ्फ्फ्फ़ चल लगा मुझे धक्के अब मुझसे रहा नहीं जाता आईईई लेकिन में नहीं मान रहा था। अब बुआ की चूत से पानी निकल रहा था, बुआ और भी तड़पने लगी थी अब लगा आ रे ऊऊईईईई, मुझे अब तू चोदना शुरू कर क्यों इतना समय लगा रहा है?

तभी मैंने बुआ से पूछा कि बुआ क्या में आपको नाम से पुकार सकता हूँ? बुआ बोली कि हाँ तू मुझे नाम से पुकार सकता है और में तुझे इज्जत देकर पुकारूंगी जैसे एक औरत अपने पति को पुकारती है वैसे ही में तेरी इज्जत करूंगी। अब में जब भी बुआ के बूब्स को दबाता और उसकी चूत में उंगलियाँ डालता था तब बुआ कहने लगती कि अजी आईई अब बस भी करो ऊईईईईईई आप मुझे प्यासा मत  तरसाओ, डाल भी दो अब और कितना आआया तड़ओगे मेरी चूत का पूरा पानी निकालो। फिर हम दोनों खड़े-खड़े ठीक से नहीं कर पा रहे थे तभी मेरा ध्यान एक कोने में गया, उस कोने में एक पलंग था। फिर में बुआ को वहाँ लेकर गया और बोला कि पुष्पा चल पलंग पर चढ़ जा। अब बुआ सुनकर तुरंत ही पलंग पर चढ़ गई, उसके बाद में बुआ को पलंग के कोने में लेकर गया और उसके दोनों हाथ मैंने दीवार पर रखने को बोला और पलंग पर अपने घुटने पर बैठने को बोला। अब बुआ का मुँह उस तरफ और बुआ की गांड मेरी तरफ थी और हम घर के कोने में पलंग के ऊपर थे, बुआ ने अभी भी अपने बूब्स पर और नीचे टावल पहना था और में भी टावल पहने हुए था। फिर में भी बुआ के पीछे अपने घुटने पर बैठ गया, बुआ बोली कि आप क्या सोच रहे हो?

अब में बुआ की गांड पर अपना हाथ घुमा रहा था और उसको सहला भी रहा था और उसको बोला कि पुष्पा, आज में तेरी गांड मारूँगा। फिर बुआ बोली कि हाँ जी, लेकिन थोड़ा धीरे से नहीं तो आपकी बड़ी तलवार से मेरी गांड फट जाएगी। अब मैंने बुआ का नीचे का टावल ऊपर किया और अपना लंड बाहर निकाला और बुआ की गांड के छेद पर रखकर झटके देने लगा, लेकिन मेरा लंड अंदर नहीं जा रहा था। तभी बुआ बोली कि अजी आप थोड़ा सा तेल लगाओ और फिर उसके बाद यह सब करो। फिर में नीचे के कमरे में गया और तेल लेकर आया, उसके बाद मैंने अपने लंड पर तेल लगाया और बुआ की गांड में भी डाला, मैंने इतना सारा तेल डाला कि बुआ की गांड पूरी तेल से भर गई। अब में बोला कि पुष्पा मेरी जान अब तैयार हो जा में डालने वाला हूँ, बुआ बोली कि प्लीज थोड़ा धीरे करना, मुझे बड़ा डर लग रहा है। तभी मैंने एक ज़ोर से झटका लगा दिया, जिसकी वजह से बुआ ज़ोर से चिल्लाई ऊऊह्ह्ह्ह आह्ह्ह ऊऊईईईई गया आह्ह्ह अब निकाल लो, लेकिन में नहीं माना और में ज्यादा ही ज़ोर-ज़ोर से झटके देने लगा, लेकिन पहले ही झटके में मेरा लंड बुआ की गांड में आधा घुस गया था। अब बुआ चिल्लाई ऊईईईई आह्ह्ह तेरा लंड का टोपा बहुत बड़ा है, यह बहुत मोटा है साले कुत्ते तू इसको अब बाहर निकाल नहीं तो मेरी गांड फट जाएगी।

फिर मैंने अपने झटके और भी ज़ोर तेज कर दिए और पूछने लगी कि पुष्पा क्या बोला तूने अभी? तभी मैंने बुआ को समझाया कि मैंने आपकी बजाई तो तू (साले) बोली। अब बुआ कहने लगी कि आह्ह्ह प्लीज तुम मुझे माफ कर दो मुझसे गलती हो गई, लेकिन थोड़ा धीरे करो ऊऊहह आह्ह्ह एक तो आपकी लम्बाई छ फुट और आपका लंड सात इंच का है, लेकिन मेरी लम्बाई तो चार फुट पांच इंच है, प्लीज थोड़ा धीरे करो वरना मेरी गांड फट जाएगी। फिर उसी समय बाहर बड़ी तेज तूफ़ानी बारिश होने लगी थी और में अंदर तूफान बन गया था। अब में ज़ोर ज़ोर के झटके दे रहा था और बुआ चिल्ला रही थी धीरे करो में मर गई आह्ह्ह और धीरे ऊफ्फ्फ आईईईईई धीरे करो। फिर मेरे झटकों की गति बढ़ती ही गई और मेरा लंड आधे से भी ज्यादा बुआ की गांड में घुस गया, मैंने अपने झटके थोड़े धीरे किए। अब बुआ ने कहा कि क्या हुआ रुक क्यों गये? फिर मैंने बोला कि तुझे तकलीफ हो रही है ना इसलिए में थोड़ा धीरे हो गया था। अब बुआ ने कहा कि हाँ वो सब तो ठीक है, लेकिन मुझे मज़ा भी तो बहुत आ रहा है, मैंने दोबारा से झटके देना शुरू कर दिए और उस वजह से बुआ एक बार फिर से चिल्लाने लगी।

अब मेरा लंड बुआ की गांड में पूरा घुसने लगा था और बुआ दोबारा से चिल्लाने लगी आह्ह्ह अब डालो मेरी जान ऊह्ह्ह्ह उूउउम्म्मम। अब में नहीं सह सकती जाने दो पूरा अंदर मेरे दर्द की तुम परवाह मत करो। तभी मैंने बुआ को ज़ोर से पकड़ा और ज़ोर का आखरी झटका मारा, तभी मेरा सफेद पानी बुआ की गांड में चला गया, तभी बुआ बोली कि आआह्ह्ह्ह ऊफ्फ्फ्फ़ मुझे बहुत अच्छा लगा तेरा तो बहुत पानी निकला। फिर थोड़ी देर के बाद हम वैसे ही लेट गये एक दो घंटे के बाद बुआ की नींद खुली और तब भी में लेटा था। तभी बुआ का एक हाथ मेरी अंडरवियर में जा रहा है ऐसा मुझे महसूस हुआ और फिर मैंने मेरी हल्की सी आंखे खोली। तभी मैंने देखा कि बुआ का एक हाथ मेरी अंडरवियर में था, में उठा बुआ बोली कि आपने अपने आपको शांत किया, लेकिन मुझे कब शांति दोगे? चलो अब में जैसे बोलती हूँ वैसा करो, मेरी चूत को शांत करो। अब में उठा और बुआ को दोबारा से चाटने लगा और उसकी चूत में उंगली को डालने लगा, तब बुआ दोबारा से सिसकियाँ लेने लगी आह्ह्ह्ह तू मुझे कितना तड़पाएगा? ऊफ्फ्फ्फ़ अरे स्सीईईइ मुझे ऐसा लग रहा है तू मेरी चूत का पूरा पानी आज ही ख़त्म करेगा?

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तभी में उठा और बुआ के दोनों पैरों को अपने कंधे पर लिए और उसको पेट के बल सोने को बोला, फिर मैंने मेरा लंड बाहर निकाला और बुआ की चूत पर लगाया, ज़ोर से बुआ को एक झटका दिया। अब बुआ ज़ोर से चिल्लाई ऊऊह्ह्ह आईईईई आपका बहुत बड़ा है। फिर धीरे धीरे मेरे झटके और बढ़ने लगे और बुआ ज्यादा ज़ोर से चिल्ला रही थी ऊऊह्ह्ह बहुत दर्द हो रहा है, लेकिन बहुत अच्छा भी लग रहा है। अब वो भी नीचे से उसकी कमर को हिलाकर मेरा साथ दे रही थी, तभी मैंने ज़ोर से एक झटका मारा और में ज़ोर-ज़ोर से झटके मारने लगा। तभी बुआ ने कहा कि और ज़ोर ज़ोर से मारो आह्ह्ह ऊफ्फ्फ। अब में ज़ोर-ज़ोर से झटके दे रहा था और बोला कि और क्या ऐसे आपके पति नहीं करते? तभी बुआ बोली कि वो तो देर रात तक आते नहीं और कई रातों तक वो कहाँ होते है मुझे उसका भी पता नहीं। फिर मैंने कहा कि कहाँ होते है? अब बुआ ने कहा कि वो रंडियों के बार में होते है, मार मुझे और ज़ोर के झटके दे और मुझे शांत कर दे में घर में अकेली रहकर थक गई हूँ।

अब मुझे यह सब उनके मुहं से सुनकर बड़ा धक्का लगा, में ज़ोर-ज़ोर से झटके दे रहा था और फिर हर बार की तरह इस बार भी मैंने एक आखरी झटका दिया तब मेरा पानी बुआ की चूत में गिर गया। फिर बुआ बोली कि आह्ह्ह अब ठीक लग रहा है ऊऊईईईई आह्ह्ह तुझे सिखाया और तुने तो आज पहली बार में ही शांति दे दी, आज से में तेरी जान हूँ और आज से हर रात तू और में बहुत चुदाई करेंगे, आज से आप मेरे पति और में आपकी पुष्पा हूँ कई सालों के बाद आज मुझे तृप्ति मिली है और फिर हम एक दूसरे से चिपककर सो गये। फिर हमें जब भी कोई मौका मिला तब हम दोनों ने बहुत जमकर एक दूसरे का पूरा पूरा साथ देकर चुदाई के मस्त मज़े लिए। अब मुझे पूरी तरह से उम्मीद है कि सभी पढ़ने वालों को मेरा यह सेक्स अनुभव जरुर पसंद आएगा ।।

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धन्यवाद …

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