चिकनी पड़ोसन को लंड से खुश किया

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प्रेषक : लक्की …

हैल्लो दोस्तों, आप सभी कामुकता डॉट कॉम के पढ़ने वालों के लिए में आज अपनी एक मस्त सेक्सी पड़ोसन के साथ मेरी चुदाई की कहानी को सुनाने यहाँ पर आया हूँ। में बताने जा रहा हूँ कि उस पड़ोसन को चोदकर उसकी प्यासी, चुदाई के लिए तरसती हुई चूत को अपने लंड से चोदकर शांत किया और उसको अपनी चुदाई से मस्त कर दिया। दोस्तों में दिल्ली का रहने वाला हूँ और में बहुत सालों से सेक्सी कहानियों को पढ़ने का आदी रहा हूँ। अब तक में बहुत कहानियों को पढ़कर उनके मज़े ले चुका हूँ और में दिखने में बहुत स्मार्ट लगता हूँ। मेरी लम्बाई 5.11 इंच है, मेरा वजन 60 किलो है, में दिखने में बहुत अच्छा हूँ। मेरा दमदार गठीला बदन और मेरा लंबा, बहुत गरम लंड है, किसी भी चूत को चोदकर पूरी तरह से एक ही बार में संतुष्ट करने के लिए बहुत अच्छा उपाय है। दोस्तों मेरा लंड किसी भी चूत को ठंडा करने के लिए बहुत है, मेरी उम्र 23 साल है और मेरी आज की कहानी कुछ इस तरह है।

दोस्तों यह कहानी आज से करीब पांच महीने पहले की है, जब हमारे पास वाले घर में एक शादीशुदा जोड़ा रहने आया। उनकी शादी को हुए करीब 7-8 महीने हुए थे और मेरी वो पड़ोसन करीब मेरी ही उम्र की होगी। उनके पति का कुछ आयात निर्यात का काम था। थोड़े दिन उनके साथ रहने के बाद उनकी और मेरी बहुत अच्छी जान पहचान हो गई। अब मेरा और उनका मेरे घर आना जान भी शुरू हो गया था, में उनके साथ घंटो बैठकर हंसी मजाक बातें किया करता था और वो भी अब मेरी हर बात खुलकर जवाब देने लगी थी। फिर इस वजह से थोड़े ही दिनों के बाद मेरी और भाभी की बहुत अच्छी दोस्ती हो गई, उनका मेरे लिए व्यहवार बहुत अच्छा था, वो मुझसे बहुत प्यार से बातें करती, मुझे अपने पास बैठा लेती और कभी किसी बात का कोई भी ऐतराज नहीं करती थी और में भी उनके साथ बड़ा खुश था। दोस्तों वो दिखने में बहुत गोरी सुंदर हॉट सेक्सी थी और मेरी भाभी के बदन का आकार करीब 34-28-30 होगा, उसके बूब्स बड़े आकार के उभरे हुए थे और वो बूब्स बहुत ही आकर्षक मस्त थे। दोस्तों ज्यादा बड़े होने की वजह से जब भी वो चलती वो बूब्स हिलते हुए मुझे नजर आते और यह देखकर कोई भी मचल जाए। दोस्तों मेरी पड़ोसन का पति अक्सर अपने काम की वजह से महीने में 15-20 दिन बाहर ही रहता था और में जब भी उसके घर पर जाता।

अब बस में उसको चकित होकर देखता ही रहता और अब देखकर में उसकी चुदाई करने की बातें और अपने मन में चुदाई के विचार बनाया करता। फिर उसके सामने बैठा हुआ में सोचा करता कि काश में इसकी चुदाई के पूरे मज़े लूँ और फिर अपने घर आकर में उसके नाम की मुठ भी मारता। में उसके बूब्स और गांड के बारे में सोच सोचकर हर कभी मुठ मारा करता। फिर में जब भी उसके घर जाता तो उसको देखकर मुझे ऐसा लगता था कि वो हमेशा ही उदास उदास रहती है। एक दिन जब में उसके घर गया, तब मैंने देखा कि उसके घर का दरवाजा खुला हुआ था और में दरवाजे पर लगी घंटी को बजाए बिना ही उसके घर में चला गया। अब मैंने देखा कि उस समय घर में कोई भी नहीं था। शायद वो उस समय बाथरूम में थी, इसलिए में वो बात सोचकर सोफे पर जाकर बैठ गया और मैंने कुछ देर बाद देखा कि वहां पास वाली टेबल पर एक किताब रखी हुई थी। फिर मैंने उस किताब को उठाकर देखा तो उसमे सेक्सी फोटो थे, वो सारे फोटो आदमियों के थे और उन सभी फोटो में उन सभी के बहुत बड़े बड़े लंड थे, में उनको देखकर एकदम गरम हो गया और फिर मैंने पूरी किताब को देखने के बाद वहीं पर उस किताब को रख दिया।

अब भी भाभी बाथरूम में ही थी, में उसकी तरफ चल पड़ा और अब में बाथरूम के अंदर कहाँ से देखा जाए यह जुगाड़ देखने लगा और जब मैंने बाथरूम में झांककर देखा। भाभी उस समय पूरी नंगी खड़ी होकर नहा रही थी और वो अपने पूरे बदन पर साबुन लगाकर अपने बूब्स और चूत को अपने एक हाथ से मसल रही थी। दोस्तों यह सेक्सी द्रश्य देखकर मेरा लंड पूरा तनकर खड़ा हो गया, झटके देने लगा और अब भाभी अपनी चूत में अपनी दो उँगलियों को डालकर अंदर बाहर करने लगी थी। अब वो हल्की हल्की सिसकियाँ भी ले रही थी। फिर कुछ देर बाद उसकी उंगली अब ज़ोर से चलने लगी थी और में तुरंत समझ गया कि यह अब झड़ने वाली है। फिर में वहां से हट गया और यह द्रश्य देखकर में उसी समय तुरंत अपने घर पर आ गया और में अपने रूम में आकर अपनी पेंट को उतारकर अपना पूरा लंड बाहर निकाला और में कुछ बातें सोचते हुए मुठ मारने लगा। अब मुझे महसूस होने लगा था कि भाभी को क्या चाहिए? यह बात में अच्छी तरह से जान गया था और अब में बस यही बात अपने मन में सोचने लगा था कि कैसे में भाभी की चुदाई के मज़े लूँ? क्योंकि इस बीच उसका पति भी सात दिनों के लिए अपने घर से बाहर जाने वाला था और तभी मुझे लगा कि बस यही मेरे पास एक सबसे अच्छा मौका है और इसका फायदा उठाकर में भाभी की चुदाई कर सकता था।

फिर दूसरे दिन बाहर जाते समय उसके पति ने उसके सामने ही मुझसे कहा कि एक सप्ताह के लिए तुम इसका ध्यान रखना। फिर उसी समय भाभी ने मुस्कुराते हुए कहा कि कोई बात नहीं आप बिल्कुल भी चिंता मत करो, यह मेरा और में इसका पूरा ध्यान रखूंगी और वो चले गए। दोस्तों पहले दिन उसी रात को में भाभी के घर पर उनके साथ बैठकर खाना खाने के बाद मैंने भाभी को मेरे घर की दूसरी चाबी दे दी और उनको कहा कि अगर सुबह मुझे उठने में देरी हो जाए, तो प्लीज आप मुझे आकर उठा देना। अब भाभी ने मुझसे कहा कि कोई बात नहीं है, हाँ में आकर तुम्हे उठा दूँगी और फिर में अपनी चाबी उनको देकर अपने घर पर आ गया और दूसरे दिन जब में सुबह उठा उस समय मेरा लंड खड़ा हुआ था। अब में लेटे हुए ही अपनी भाभी के बारे में सोचने लगा, जिसकी वजह से मेरा लंड और भी ज्यादा तन गया। फिर मैंने अपनी अंडरवियर को उतारा और अपनी भाभी को याद करके मुठ मारना शुरू कर दिया, में मुठ मारने में इतना व्यस्त हो गया था कि में सब कुछ भूल गया और तभी अचानक से मेरे कमरे में भाभी मुझे उठाने के लिए आ गई, लेकिन में मुठ मारने में इतना व्यस्त था कि मुझे पता ही नहीं चला कि भाभी कब आ गई? फिर उसने मुझे उस हालत में देखा और मुझसे कहा कि तुम यह क्या कर रहे हो?

तभी में उनकी आवाज को सुनकर एकदम से घबरा गया और अपनी अंडरवियर को पहनने लगा। अब भाभी मुझे देखकर मेरी तरफ मुस्कुराई और वो मुझसे कहने लगी कि तुम्हारा तो बहुत बड़ा है, तुम इतने बड़े लंड को हिला हिलाकर क्यों बिना वजह तंग कर रहे हो? अब मैंने भाभी को कहा कि यह भी हमेशा मुझे बहुत तंग किया करता है, इसलिए में आज इसको हिला रहा हूँ। फिर उसने मुझसे कहा कि में आज से इसका तुम्हे ऐसे तंग करना बिल्कुल बंद करवा दूँगी, उसके बाद यह तुम्हे कभी भी परेशान नहीं किया करेगा। अब में भाभी के सामने जानबूझ कर अपना 6 इंच का लंड उनको दिखा दिखाकर अपने हाथ से हिलाने लगा था, जिसकी वजह से मेरा आठ इंच का लंड फंनफनाकर खड़ा था। फिर भाभी मेरे खड़े हुए लंड को देखती हुई मुझसे बोली वाह सचमुच तुम्हारा लंड बहुत लंबा और मोटा है उस लड़की को बहुत मज़ा आएगा, जो तुमसे अपनी चुदाई करवाएगी। अब इस बात पर में अपना लंड उनकी तरफ अपनी कमर को हिलाकर आगे बढ़ाते हुए बोला आप ही मुझसे चुदवाकर देख लो कि कितना मज़ा आता है? फिर मेरी उस बात को सुनकर भाभी मुझसे बोली हाए राम तुम यह क्या कहते हो? क्या तुम्हे शरम नहीं आती? अगर मेरे पति को पता चल गया तो बहुत ही बुरा होगा। फिर मैंने कहा कि जब हम दोनों बाहर किसी को नहीं बताएँगे तो किसी को कैसे पता चलेगा?

तभी मेरे मुहं से यह बात सुनकर भाभी मेरी तरफ देखते हुए मुस्कुराने लगी और वो अपने होंठो पर अपनी जीभ को फेरने लगी। दोस्तों मुझे उनकी वो हरकते देखकर तुरंत पता चल गया था कि भाभी भी अब मुझसे अपनी चूत की चुदाई करवाना चाहती है, लेकिन वो पहल मेरी तरफ से चाहती थी। अब मैंने आगे बढ़कर उनके बूब्स पर अपना एक हाथ रख दिया और उन्हे में धीरे धीरे सहलाने लगा, लेकिन भाभी कुछ नहीं बोली वो बस मेरी आँखों में आखें डालकर मंद मंद मुस्कुरा रही थी। फिर उसके बाद मैंने हिम्मत करके उनकी मेक्सी को उतार दिया, जिसकी वजह से अब मेरे सामने भाभी सिर्फ़ काले रंग की ब्रा और गुलाबी रंग की पेंटी में वो मुझे अपनी जवानी का जलवा दिखाते हुए अध नंगी खड़ी हुई थी। फिर मैंने ज्यादा देर ना करते हुए तुरंत उसकी ब्रा को निकाल फेंका और तभी में उनके गोरे गोलमटोल बूब्स को पूरा नंगा अपने सामने पहली बार देखकर बिल्कुल हैरान हो गया। दोस्तों दोनों बूब्स की निप्पल कुछ उठी हुई थी और वो तनी हुई थी। निप्पल हल्के भूरे रंग के थे और वो निप्पल देखने में फूले हुए मुनक्के लग रहे थे। अब मैंने धीरे से उनको अपनी बाहों में भर लिया और उसके बाद उनके बूब्स पर अपनी पकड़ को मजबूत करके उनको अपने दोनों हाथों में लेकर में अब मसलने लगा था। अब मैंने भाभी को अपनी बाहों में भरकर कसकर जकड़ लिया और भाभी भी मुझे अपने दोनों हाथों से पकड़े हुए थी।

अब में उनके दोनों नरम रसभरे होंठ को अपने होंठों के बीच में लेकर चूसने लगा था। भाभी भी मेरी बाहों में अधनंगी खड़ी मुझे अपने दोनों हाथों से पकड़कर अपने होंठ मुझसे चुसवा रही थी और अपने बूब्स को मसलवा भी रही थी। फिर धीरे धीरे भाभी ने मेरे हाथों से निकलकर मेरा बनियान उतार दिया और मैंने अपना एक हाथ उसकी पेंटी में डालकर उसकी चूत को अपने हाथ में लेकर उसको रगड़ने लगा। फिर कुछ देर बाद मैंने अपनी एक उंगली को उसकी चूत में डाल दिया और अब में उसको अपनी उंगली से चोदने लगा, मेरे ऐसा करने से कुछ देर में उसकी चूत गीली हो गई और फिर मुझे लगा कि अब यह रंडी मुझसे चुदने को एकदम तैयार है। अब मैंने अपनी उंगली को उसकी चूत से बाहर निकाल लिया और फिर उसकी पेंटी को उसके बदन से अलग कर दिया, जिसकी वजह से अब हम दोनों एक दूसरे के सामने बिल्कुल नंगे खड़े थे और हम दोनों एक दूसरे को देख भी रहे थे। फिर भाभी मुझसे बोली वाह मेरे राजा तुम नंगे बहुत सुंदर दिखते हो तुम्हारा यह तनकर खड़ा लंबा लंड देखने में बहुत ही सुंदर लगता है और कोई भी लड़की या औरत इसको अपनी चूत में लेकर अपनी चुदाई जरुर करवाना चाहेगी।

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अब में भाभी के पास गया और उनको अपनी बाहों में लेकर मैंने उसको कहा कि मुझे कोई और लड़की या औरत से मतलब नहीं है, क्या आप मेरे लंड को अपनी चूत के अंदर लेना चाहती हो या नहीं? फिर भाभी कहने लगी कि अरे तुम अभी नहीं समझे, में तो ना जाने कब से तुम्हारे लंड से अपनी चूत की चुदाई करवाना चाहती हूँ, प्लीज अब जल्दी से तुम मुझे चोदो मेरी चूत में आग लगी है तुम इसको आज शांत कर दो और फिर वो मेरे पास आई और मेरा लंड अपने हाथ में लेकर प्यार करने लगी। अब में भाभी का एक बूब्स अपने मुहं में लेकर चूसने लगा और दूसरे बूब्स को अपने एक हाथ में लेकर मसलने लगा। भाभी भी अब तक बहुत गरमा चुकी थी। अब मेरा लंड अपने हाथों में पकड़कर मुझे बेड पर पटक दिया और मेरा लंड अपने हाथों में लेकर उसको वो बड़े ही ध्यान से देखने लगी। फिर थोड़ी देर के बाद वो बोली वैसे तुम्हारा लंड बहुत ही दमदार सेक्सी है, आज मेरी चूत बहुत मज़े लेकर इस लंड से चुदेगी तुम चुपचाप पड़े रहो, मुझे तुम्हारा लंड का पानी चखना है और इसका मज़ा लेना है। अब कहने लगा कि हाँ ठीक है, भाभी जब तक आप मेरे लंड का स्वाद चखोगी में भी आपकी चूत के स्वाद का आनंद उठाऊंगा, आइए हम दोनों 69 आसन में पलंग पर लेटते है।

फिर हम दोनों पलंग पर एक दूसरे के पैर की तरफ मुहं करके लेट गये। मैंने भाभी को अपने ऊपर कर लिया। अब भाभी ने मेरे लंड के टोपे को अपने होठों से लगाकर एक जोरदार चुम्मा दिया और फिर वो अपने मुहं में लेकर चूसने लगी और कभी कभी उसको अपनी जीभ से चाटने भी लगी। मुझे अपने लंड के साथ ज्यादा देर मज़े मस्ती की वजह से रहा नहीं गया। अब मैंने अपना लंड भाभी के मुहं में डाल दिया, भाभी मेरे लंड को अपने मुहं से बाहर निकालती हुई एक रंडी की तरह बोली वाह मेरे राजा मज़ा आ गया और डालो अपने लंड को तुम मेरे मुहं में उसके बाद तुम इसको मेरी चूत में भी डालना। अब में भाभी को जो की मेरे ऊपर लेटी हुई थी। मैंने उसके दोनों पैरों को फैला दिया, जिसकी वजह से अब मेरी आँखों के सामने उनकी झांटों वाली चूत पूरी तरह से खुली हुई थी और वो मेरा लंड खाने के लिए तैयार भी थी। अब में अपनी उंगली को चूत में डालकर अंदर बाहर करने लगा था और भाभी ज़ोर से सिसककर बोली उफफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्ह तुम क्यों समय बर्बाद कर रहे हो? मेरी चूत को उंगली नहीं चाहिए अब तुम इसको अपनी जीभ से चोदो और उसके बाद तुम इसको अपना लंड भी खिला देना, क्योंकि यह तुम्हारा लंड खाने के लिए बहुत तरस रही है। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर में कहने लगा कि आप क्यों चिंता कर रही हो भाभी? में अभी आपकी चूत और मेरे लंड का मिलन करवा देता हूँ, लेकिन उसके पहले में आपकी चूत का रस तो चख लूँ और में भी तो देखूं कि भाभी की चूत का स्वाद कैसा है? मैंने सुना है कि सुंदर और सेक्सी औरत की चूत का रस बहुत मीठा होता है। तब भाभी बोली हाँ ठीक है जो तुम्हारी मर्ज़ी में आए वो तुम करो, यह चूत अब तुम्हारी है तुम इसके जैसे चाहो वैसे मज़े ले लो, हाँ एक बात और जब हम एक दूसरे को चोदने के लिए तैयार है और एक दूसरे की चूत और लंड को चाट रहे है, तब तुमने यह आप आपकी क्या रट लगा रखी है? अब तुम मुझे मेरा नाम लेकर पुकारो और यह आप आप की रट छोड़ो। फिर मैंने देखा कि उनकी चूत मेरा लंड खाने के लिए खुल-बंद हो रही है और वो अपनी लार को भी बहा रही थी और उसकी चूत बाहर अंदर से रस से भीगी हुई थी। फिर मैंने जैसे ही अपनी जीभ को भाभी की चूत में डाला वो चिल्लाने लगी आह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ्फ़ यह भी क्या चीज़ बनाई है भगवान ने? चूसो चूसो और ज़ोर से चूसो मेरी चूत को और अंदर तक अपनी जीभ को डालो उफ्फ्फ्फ़ मेरी चूत की घुंडी को भी चाटो, बहुत मज़ा आ रहा है ऊईईई में अब झड़ने वाली हूँ और इतना कहते ही भाभी की चूत ने गरम गरम मीठा रस छोड़ दिया।

फिर में अपनी जीभ से चाटकर पूरा का पूरा रस पी गया और उधर भाभी ने अपने मुहं में मेरा लंड लेकर उसको वो बहुत ज़ोर ज़ोर से चूस रही थी और में भी कुछ देर बाद भाभी के मुहं में झड़ गया। अब मेरे लंड से पूरा वीर्य भाभी के मुहं में गिरा और उसको वो पूरा का पूरा पी गयी, भाभी का चेहरा कामज्वाला से चमक रहा था और वो मुस्कुराती हुई मुझसे कहने लगी, मुझे अपनी चूत को तुमसे चुसवाने में बहुत मज़ा आया। अब में अपनी चूत की चुदाई का मज़ा भी तुमसे लेना चाहती हूँ और इसलिए अब तुम जल्दी से अपना लंड मेरी चुदाई के लिए तैयार करो और उसको मेरी चूत में डाल दो, क्योंकि अब मुझसे ज्यादा देर रहा नहीं जाएगा। फिर मैंने भाभी की वो बात सुनकर तुरंत उनको पलंग पर एकदम सीधा लेटा दिया और उनके दोनों पैरों को ऊपर उठाकर उनके घुटनों से मोड़ दिया और उसके बाद मैंने अपने लंड का टोपा खोलकर उनकी चूत के मुहं के ऊपर रख दिया। अब में धीरे धीरे उनकी चूत के दाने से रगड़ने लगा, भाभी मेरे साथ अपनी चुदाई के सपने देखकर अपनी कमर को नीचे से ऊपर कर रही थी।

फिर थोड़ी देर के बाद वो मुझसे बोली, अबे साले बेटीचोद तुझे फ्री में एक पराई औरत की चूत को चोदने का मौका मिल रहा है इसलिए तू अपना खड़ा लंड मेरी कामुक चूत को दिखा रहा और क्यों तू इसको मेरी चूत के अंदर नहीं डालता? साले भोसड़ी के गांडू अब जल्दी से अपना मूसल जैसा लंड मेरी चूत में घुसा दे, नहीं तो तू अब हट जा मेरे ऊपर से, में खुद ही अपनी उंगली को चूत में डालकर अपनी चूत की सारी गर्मी अभी तेरे सामने निकाल देती हूँ। अब मैंने उनके बूब्स को पकड़कर निप्पल को मसलते हुए उनके होठों को चूमा और बोला कि अरे मेरी रानी तुझे इतनी भी जल्दी क्या है? ज़रा में पहले तुम्हारे इस सुंदर नंगे बदन का थोड़ा सा आनंद तो उठा लूँ और उसके बाद में जी भरकर तुम्हारी चुदाई करूंगा। अब तक अपने इस जीवन में कभी इस तरह से नंगी औरत नहीं देखी है, मुझे थोड़ा देखकर अपना जी भर लेने दे और फिर में तेरी इतनी जमकर चुदाई करूंगा कि तुम्हारी यह सुंदर डबल रोटी सी चूत चुद चुदकर एकदम लाल पड़ जाएगी और ये सूजकर पकोड़ी हो जाएगी। दोस्तों एक बात है 30 साल की उम्र में भी उसका वो गठीला नंगा बदन देखने में बड़ा मस्त लग रहा था।

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अब भाभी कहने लगी कि साले पागल चोदू तू मेरी जवानी का बाद में मज़ा लेना, उसके लिए अभी हमारे पास पूरी रात पड़ी है अभी मुझे घर पर कुछ काम भी करना है। अब तू बस मुझे चोद दे, में अब मरी जा रही हूँ, मेरी चूत में आग लगी है और वो तुम्हारे लंड के धक्के से ही मिट सकती है, जल्दी से तुम अपना लंड मेरी चूत में डाल दो प्लीज, मेरे राजा अब थोड़ा तुम जल्दी भी करो। फिर भाभी की इन सब सेक्सी बातों को सुनकर में खुश हो गया और में समझ गया था कि अब यह मुझसे रंडी की तरह अपनी चुदाई के मज़े लेना चाहेगी। अब भाभी मेरे लंड से चुदने के लिए पूरी तरह से तैयार थी, मैंने अपने लंड का टोपा उनकी पहले से भीगी हुई चूत के दरवाजे के ऊपर रखा और धीरे से अपनी कमर को हिलाकर सिर्फ़ अपने टोपे को अंदर कर दिया। दोस्तों भाभी की फूली हुई चूत में मेरे लंड का टोपा जाते ही उन्होंने अपनी कमर को एक झटके से ऊपर की तरफ उछाला और अब मेरा 6 इंच का लंड पूरा का पूरा उनकी चूत में चला गया। अब भाभी ने एक आह सी भरी और वो बोली आह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ वाह मुझे क्या शान्ती मिली तुम्हारे लंड को अपनी चूत में डलवाकर।

अब यह भी बहुत अच्छा हुआ क्योंकि मुझे भी बहुत दिनों से इच्छा थी, किसी लंबे मोटे लंड से अपनी चुदाई करवाने की आज वो पूरी हो गई है और नहीं तो मेरी यह इच्छा कभी भी पूरी नहीं होती। अब में जोश में आकर अपना लंड धीरे धीरे उनकी चूत के अंदर बाहर करने लगा और शायद भाभी ने अपनी चूत में पहले कभी भी इतना मोटा लंड नहीं लिया था और उसके पति का लंड मेरे लंड से पतला होगा, इसलिए उन्हे कुछ ज्यादा दर्द तकलीफ़ हो रही थी। अब मुझे भी उनकी चूत बहुत टाइट लग रही थी और में मस्त होकर उनकी चूत को धक्के देकर चोदने लगा। भाभी मेरी चुदाई से मस्त होकर अब बड़बड़ा रही थी उईईईईइ आह्ह्हह्ह मेरे राजा हाँ मेरे राजा और चोदो स्सीईईइ और ज़ोर से धक्के देकर चोदो। अब तुम्हारी भाभी की चूत तुम्हारा लंड खाकर आज निहाल हो रही है ऊह्ह्ह्हह लंबे और मोटे लंड की चुदाई का मज़ा कुछ और ही होता है बस आज मुझे मज़ा ही आ गया, हाँ तुम ऐसे ही अपनी कमर को उठा उठाकर मेरी चूत में अपना लंड डालते रहो। अब मेरी चूत की तुम बिल्कुल भी चिंता मत करो, आज तुम इसको फट जाने दो, क्योंकि मेरी चूत की भी बहुत दिनों से मोटा और लंबा लंड खाने इच्छा थी, तुम और ज़ोर ज़ोर से खिलाओ अपना मोटा और लंबा लंड।

अब में भी ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर उनकी चूत में अपना लंड डालते हुए बड़बड़ा रहा था, हाँ मेरी रानी ले मज़ा और ले जी भरकर खा अपनी चूत में मेरे लंड की ठोकर, मेरी किस्मत आज बहुत अच्छी है जिसकी वजह से में तुम्हारे जैसी औरत की चूत में अपना लंड डालकर तुम्हारी चुदाई कर रहा हूँ। क्या मेरी चुदाई तुम्हे पसंद आ रही है? सही सही बताना भाभी में तुम्हे चुदाई के पूरे मज़े दे रहा हूँ या नहीं, क्या में तुम्हारी रसीली चूत को अच्छी तरह चोद रहा हूँ या आपका पति ऐसे मज़े देता है? अब भाभी कहने लगी उफ्फ्फ मेरे राजा अब में तुम्हे क्या बताऊँ? में तुम्हारी चुदाई से बहुत खुश हूँ हाँ मेरा पति भी मुझे चोदता जरुर है, लेकिन तुम्हारी इस और उनकी उस चुदाई में बहुत फ़र्क है। वो रोज सोने से पहले बिस्तर पर मुझे लेटाकर झट से पूरी नंगी करके मेरे दोनों पैरों को ऊपर उठाते है और फिर वो अपना लंड मेरी चूत में डाल देते है। अब तक उसको इस बात का बिल्कुल भी एहसास नहीं है कि हर एक औरत धीरे धीरे गरम होती है, लेकिन वो तो बस दो मिनट मुझे धक्के देकर मेरी चुदाई करते है और फिर उसके बाद वो मेरी चूत में झड़ जाते है और में हर रोज उसकी चुदाई के बाद भी वैसी ही प्यासी तरसती हुई रह जाती हूँ।

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अब मुझे लगता है कि तुम्हारे लंड खाने के बाद अब मेरी चूत कभी भी उनका लंड खाना पसंद नहीं करेगी, क्योंकि तुम्हारे लंड से मेरी चूत अब पूरी फैल जाएगी और मेरी इस चूत में उनका पतला और छोटा लंड ढीला ढीला अंदर जाएगा, जिसकी वजह से कम से कम मुझे मज़ा नहीं आएगा। अब मैंने उनसे पूछा कि भाभी आप मुझे अब एकदम सही सही बताना तुमने शादी के पहले भी किसी लंड को अपनी चूत में लिया है कि नहीं? हाँ मेरा एक बॉयफ्रेंड है जो आजकल मुंबई में रहता है और उसकी शादी कुछ महीने पहले किसी और लड़की से हो गई है, उसने मुझे मेरी शादी से पहले भी बहुत बार जमकर चोदा है, लेकिन उसके लंड की चुदाई मुझे इतनी पसंद नहीं आई। अब मैंने वो बातें सुनकर एकदम चकित होकर भाभी से पूछा भाभी ऐसा क्यों? अरे उसका लंड भी बहुत छोटा और पतला है, लेकिन वो मुझे चोदने के पहले और चोदने के बाद बहुत जमकर मेरी चूत को जरुर चाटते और चूसा करते थे और उनका चूत को चूसने का तरीका मुझे इतना अच्छा लगता था कि वो शादी से पहले जब भी दिल्ली आते तब वो मेरी चूत को ज़रूर चोदते थे, लेकिन अब तो उनकी भी शादी हो गई है।

दोस्तों यह सब बातें करते करते हुए हम लोग अपनी तरफ से धक्के देते हुए चुदाई का पूरा मज़ा लेते रहे और मेरी चुदाई से भाभी दो बार झड़ चुकी थी और फिर मैंने अपना लंड उनकी चूत के अंदर तक डालकर में उनकी चूत के अंदर ही झड़ गया। फिर में उसके ऊपर ही थककर लेट गया और कुछ देर के बाद भाभी ने बेड से उठकर अपने कपड़े पहन लिए। उसके बाद मुझे गाल पर एक चुम्मा देकर वो अब बाद में दोबारा मुझसे मिलने का वादा करके अपने घर पर चली गई और में उनकी चुदाई के बारे में ही कुछ देर तक सोचता रहा। दोस्तों में उस दिन उनकी पहली मस्त चुदाई करके बहुत खुश था, क्योंकि मेरी वो मन की इच्छा उनकी चुदाई करके आज पूरी हो चुकी थी ।।

धन्यवाद …

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