छिनाल बहन को गुलाम बनाया

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प्रेषक : महेश …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम महेश है, में 25 साल का हूँ, आज में आप लोगों को अपनी एक आप बीती सुनाता हूँ। पहली बात तो ये कि में एक पक्का बहनचोद हूँ। मैंने अपनी बहन सुधा उम्र 25 साल, मौसेरी बहन गुड़िया उम्र 18 साल और ममेरी बहन प्रीति उम्र 19 साल को चोदा है। अब सबसे पहले में अपनी मौसेरी बहन गुड़िया के बारे में बताना चाहूँगा। यह आज से 3 साल पहले की बात है, में नया-नया जवान हुआ था, उस समय गुड़िया 18 साल की थी, वो दुबली पतली थी और उसका सीना भी पूरा उभरा नहीं था। अब वो मेरे घर 15 दिनों के लिए अपने छोटे भाई राहुल (उम्र 15 साल) के साथ रहने के लिए आई थी, क्योंकि उसका स्कूल बंद था। में घर में सबसे छोटा था इसलिए वो मेरे साथ ही घुलमिल गयी थी। अब घरवाले भी सोचते थे कि वो एक बच्ची ही है, इसलिए वो उसे मेरे साथ ही सोने देते थे। फिर 1-2 दिन तो मुझे उसे साथ सुलाने में कोई खास प्रोब्लम नहीं हुई, लेकिन तीसरे दिन एक अजीब सी बात हुई। वो गर्मियों के दिन थे इसलिए में केवल बनियान और एक हाफ पेंट पहनकर सोया हुआ था।

अब उसने भी केवल बनियान (उसके स्तन काफ़ी छोटे थे) और एक हाफ पेंट ही पहन रखी थी। फिर रात के करीब 11 बजे में पेशाब करने के लिए उठा और पेशाब करके वापस आया तो मेरी नजर गुड़िया पर गयी। अब ना ज़ाने मेरे मन में कहाँ से हाथ मारने की इच्छा होने लगी थी? फिर मैंने अपने रूम का दरवाजा ठीक से बंद किया और लाईट बुझा दी। अब वो मेरी तरफ अपना मुँह करके सोई थी। फिर मैंने धीरे से अपना एक हाथ उसकी नन्ही-नन्ही चूचीयों पर कपड़े के ऊपर से लगाया और उसे दबाने लगा। अब मुझे यह काम बड़ा ही अच्छा लगने लगा। मैंने आज तक किसी भी लड़की के साथ ऐसा कुछ नहीं किया था, इसलिए वो मेरे लिए एक शानदार अनुभव था। अब मुझे ऐसा लग रहा था कि उसे मेरी हरकतों के बारे में जरा भी पता नहीं था।

फिर धीरे-धीरे मेरा दूसरा हाथ उसके चूतड़ का जायजा लेने लगा। अब मेरे अंदर वासना का ज्वार उमड़ने लगा था। फिर मैंने हिम्मत करके उसकी बनियान के अंदर उसकी बहुत ही छोटी चूचीयों को मसलने लगा और अपने दूसरे हाथ से उसकी पेंट के अंदर से चूतड़ को सहलाने लगा था। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने अपने एक हाथ को उसकी पेंटी के अंदर डाल दिया, उसकी चूत बिल्कुल भी बाल नहीं थे। अब मेरे अंदर रोमांच भर गया था। फिर जब मैंने थोड़ी देर तक उसकी चूत का जायजा लिया तो मेरे समझ में आ गया कि उसकी चूत खाली नहीं थी, बल्कि रेशम जैसे पतले बाल भी थे, जो भी हो मेरी प्यारी बहन की चूत नर्म ही थी। अब में सोचने लगा था कि मेरी अपनी बहन की चूत कैसी होगी? अब इतना होने तक मेरा लंड उछलकूद मचाने लगा था।

फिर क्या था? मैंने गुड़िया रानी को धीरे से सीधा करने की कोशिश की और वो लगभग बिना मेहनत के ही सीधी हो गयी। अब उसने अपनी दोनों टाँगो को भी थोड़ा फैला दिया था, जैसे कह रही हो प्यारे भैया चोद डालो मुझे। फिर में धीरे से उसके ऊपर चढ़ गया, में जरा डरपोक था इसलिए में केवल उसके साथ शारीरिक मज़ा ही लेना चाहता था, उसे चोदने के बारे में मेरा कोई भी प्लान नहीं था। अब में धीरे से उसके कपड़ो के ऊपर से ही उसकी चूत के ऊपर अपना लंड सटाकर रगड़ने लगा था और अपने दोनों हाथों से उसकी चूचीयों को मसलने लगा था और प्यार से उसके गालों को चूसने लगा था। फिर तभी मैंने देखा कि गुड़िया ने अपनी आखें आधी खोल रखी थी, अब में समझ गया था कि लौंडिया को मज़ा आ रहा है। फिर क्या था? सबसे पहले मैंने अपनी बनियान और हाफ पेंट खोल दी और उसके बाद उसकी बनियान को ऊपर चढ़ा दिया और उसकी हाफ पेंट और पेंटी को भी निकालकर उसके मुँह के सामने रख दिया। अब वो पूरी तरह से नंगी थी।

फिर मैंने उसके हाथों में अपना लंड पकड़ा दिया, लेकिन उसने उसे छोड़ दिया, तो मैंने दुबारा ऐसा किया, लेकिन उसने फिर से उसे छोड़ दिया, तो मुझे लगा कि वो डर रही है। फिर में उसके ऊपर चढ़ गया और उसकी चूत पर अपना लंड रगड़ने लगा। अब उसने अपनी आँखें पूरी तरह से खोल दी थी, लेकिन वो कोने में देख रही थी। अब में भी पूरे मज़े से उसकी चूचीयों को चूस रहा था। अब हम दोनों हाँफ रहे थे। फिर में अपने मुँह में उसकी चूचीयों को भरने लगा। अब ऐसा करते ही उसने मुझे जोरो से अपनी बाँहों में भर लिया था। अब में और जोरो से उसकी नन्ही-नन्ही चूचीयों को चूसने लगा था, लेकिन थोड़ी देर के बाद में झड़ गया। अब मेरा लंड ढीला हो गया था और मेरे मन में पछतावा होने लगा था। अब में उससे दूर हो गया था और वो बेचारी चुपचाप मेरे वीर्य को अपने बदन पर रखकर सीधी लेटी थी। फिर थोड़ी देर के बाद मुझमें फिर से सेक्सी भावनाए जागने लगी तो तभी में उठा और उसकी पेंटी से उसकी चूत और पेट पर लगे हुए वीर्य को साफ किया। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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अब में फिर से पूरा बहनचोद बनने के मूड में था। फिर मैंने अपनी एक उंगली बेदर्दी से उसकी चूत में डाल दी तो उसके मुँह से एक आह की आवाज निकली। फिर तभी मैंने उससे पूछा कि दर्द हो रहा है क्या? तो उसने कुछ नहीं कहा। फिर में उसके पास लेट गया और उसका सिर अपनी छाती पर रख लिया। फिर उसके एक पैर को इस तरह से अपने बदन पर रखा कि मेरा लंड उसकी चूत को छूने लगे। फिर मैंने उसकी ज़ुल्फो को सहलाते हुए उससे पूछा कि तुम्हें बुरा तो नहीं लग रहा है? लेकिन उसने कोई भी जवाब नहीं दिया। फिर मैंने अपने एक हाथ से उसकी पीठ और दूसरे हाथ से उसकी चूचीयों को मसलते हुए पूछा कि कैसा लग रहा है? तो मेरे कई बार-बार पूछने पर उसने धीरे से बताया कि अच्छा लगा रहा है। फिर इसके बाद मैंने कहा कि क्या तुम मेरा हथियार देखोगी? तो उसने केवल अपना सिर हिलाया। फिर क्या था? में उसका हाथ अपने लंड पर ले गया और उसके होंठो पर आया।

अब में उसे अच्छी तरह देख सकता था। फिर मैंने उससे पूछा कि तुम्हारा हथियार कहाँ है? तो इस पर उसने कोई जवाब नहीं दिया। फिर मैंने कई बार पूछा, तो उसने कहा कि मेरे पास आपके जैसा थोड़े ही है, अब मुझे अच्छा लगने लगा था। फिर मैंने उससे पूछा कि मेरे हथियार को क्या कहते है? तो उसने धीरे से कहा कि लंड। फिर मैंने कहा कि तुम्हारे वाले को क्या कहते है? तो मेरे काफ़ी बार पूछने पर उसने कहा कि चूत। अब मेरी तो सांस ही रुक गयी थी। अब मैंने उसके होंठो को अपने होंठो से दबोच लिया था और चूसने लगा था। अब हम दोनों को बहुत अच्छा लग रहा था। अब मेरे सिखाने पर वो अपने हाथों से मेरे लंड को सहला रही थी और में उसकी चूत में अपनी एक उंगली कर रहा था। फिर उसने पहली बार पूछा कि भैया क्या आप और किसी लड़की के साथ भी यह सब करते हो? तो मैंने झूठ बोला कि हाँ, मेरे दोस्त अपनी अपनी बहनों को लाते है, तो में भी उनके साथ भी करता हूँ। तो उसने पूछा कि क्या आप सुधा दीदी को भी साथ ले जाते हो? तो मैंने कहा कि नहीं, दीदी बड़ी है, लेकिन तुम्हें ले जा सकता हूँ।

फिर रातभर हम दोनों एक दूसरे को सहलाते रहे। फिर सुबह 5 बजे अलार्म बजने से हमारी नींद खुल गयी। अब सुबह रोशनी में गुड़िया का दूधिया बदन गजब का सुंदर लगा रहा था। फिर गुड़िया की नजर सीधे मेरे काले लंड पर पड़ी, जो उसके बदन को देखते ही खड़ा हो गया था। अब वो बुरी तरह शर्मा रही थी, लेकिन में अलार्म बंद करके सीधा उसके ऊपर चढ़ गया। फिर तभी उसने बोला कि भैया अभी नहीं, प्लीज कोई देख लेगा, तो मैंने कहा कि क्या देख लेगा? तो उसने कुछ नहीं कहा। फिर मैंने कहा कि चुपचाप लेटी रहो, मुझे तुम्हें देखना अच्छा लग रहा है। फिर थोड़ी देर तक में उसकी चूत और चूचीयों से खेलता रहा। अब वो बुरी तरह शर्मा रही थी। फिर उसने धीरे से कहा कि मुझे टॉयलेट जाना है। फिर मैंने कहा कि चलो में भी चलता हूँ, मेरे रूम में बाथरूम अटैच था। फिर में उसे गोद में उठाकर बाथरूम में ले गया। अब वो मेरे सामने पेशाब नहीं करना चाहती थी, लेकिन उसे जोरो से लगी थी तो वो मेरे सामने की खड़ी-खड़ी पेशाब करने लगी। अब मुझे बड़ा ही मज़ा आ रहा था।

अब में अपने हाथों से उसके पेशाब को रोकने लगा था। अब इससे उसका पेशाब हम दोनों के बदन पर फैल गया था। अब उसे भी अच्छा लग रहा था। फिर जैसे ही उसने पेशाब करना बंद किया तो में उसकी चूचीयों पर निशाना लगाकर पेशाब करने लगा और फिर उसकी चूचीयों को भिगोते हुए उसके मुँह और बालों को भी अपने पेशाब से नहला दिया। इससे उसे बहुत ही गुस्सा आ गया, लेकिन मैंने उसे समझाया कि अरे हम लोग तो किसी भी दोस्त की बहन को लेटाकर उस पर चारों तरफ से पेशाब करते है। तो इस पर वो बोली कि भैया में नाराज नहीं होऊँगी, लेकिन क्या आप मुझे भी ले जाएँगे? तो में बोला कि हाँ, लेकिन तुम्हें सेक्स करने में एक्सपर्ट होना होगा, लेकिन एक दिक्कत ये है कि तुम्हारी चूचीयाँ बेहद छोटी है, इसे बड़ा करना होगा।

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इस पर वो बोली कि आप मुझे एक्सपर्ट कर दो ना और मेरी चूचीयाँ पूरी क्लास में सबसे छोटी है, मुझे बहुत शर्म आती है, क्या प्लीज आप इन्हें किसी तरह बड़ा नहीं कर सकते? तो तभी में बोला कि कर सकता हूँ, लेकिन तुम्हें बिना झिझक के मेरे कहे अनुसार करना होगा। फिर उसने भगवान की कसम खाकर मेरी हर बात मानने का वादा किया। अब मुझे और क्या चाहिए था? तो मैंने कहा कि ठीक है तुम्हारी ट्रेनिंग अभी से शुरू करता हूँ, अब तुम मेरी गुलाम हो और आज से मेरे कहे अनुसार ही रहोगी, सबसे पहले तुम रोज सुबह उठकर मेरे लंड पर चुम्मा लोगी, जानती हो अगर तुम्हें अपनी चूचीयों को बड़ा करना है तो इस लंड से निकलने वाला रस पीना होगा और फिर इसके बाद में उसका जवाब सुने बगैर उसको नीचे बैठाकर अपना लंड उसके हाथों में दे दिया और उससे कहा कि मेरे लंड का चुम्मा लो और बोलो भैया में आपके लंड को चाटना चाहती हूँ। फिर उसने मेरा लंड अपने हाथ में लेकर कहा कि भैया में आपके लंड को चाटना चाहती हूँ।

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फिर मैंने उसे और भी गुरुमंत्र दिए, तो उसने मेरे लंड को चूमते हुए कहा कि भैया प्लीज अपनी रंडी बहन कि चूत में इसे डाल दो ना। फिर उसने मेरे लंड के सुपाड़े को चूसते हुए कहा कि भैया मेरी हरामी चूत तुम्हारी है, इसे तुम खूब चोदना। फिर उसने मेरे लंड को चूसते हुए कहा कि भैया अपनी छिनाल गुड़िया की चिकनी गांड खूब जोर से मारना। अब उसकी मस्त बातों ने और मुख मैथुन ने मुझे खुश कर दिया था। अब में झड़ने वाला था, तो तभी उसने मेरे कहे अनुसार कहा कि भैया अपनी रंडी बहन को अपना जूस पीने दो और फिर उसने मेरा पूरा जूस पी लिया, हालाँकि उसे मेरा वीर्य पीना अच्छा नहीं लगा था। फिर मैंने उसे अपनी गांड चाटने को बोला तो उसने मेरी गांड चाटते हुए कहा कि भैया मेरे राजा, अपनी रंडी बहन को अपने दोस्तों से जमकर चुदवाना और मेरी हरामी चूचीयों को आवारा कुत्तों से कटवाना ।।

धन्यवाद …

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