चुदाई की भूखी रांड को जमकर चोदा

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प्रेषक : अभिषेक …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम अभिषेक है। मेरी उम्र 28 साल है और में दिल्ली में अकेला रहकर नौकरी करता हूँ। दोस्तों मुझे पिछले कुछ सालों से अपने मित्र से कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों का पता चला और मैंने उनको पढ़ना शुरू किया। यह सभी मुझे बहुत लगी और मुझे बड़ा मज़ा आने लगा मेरा मन बहुत खुश था। इस काम को करके और फिर एक बार मेरे मन में अपनी इस घटना को भी लिखने का विचार आ गया और मैंने लिखकर आज आप सभी की सेवा में हाजिर किया है। दोस्तों यह बात जून महीने की है, जब में दिल्ली में नया नया नौकरी के लिए आया था और मुझे कुछ दिनों लगातार मेहनत करने के बाद वहाँ पर एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी मिल ही गई। दोस्तों उस काम में मुझे बड़ी बड़ी कंपनी में जाकर हमारी कंपनी के माल के बारे में उनको समझाकर बेचना होता था और वैसे में उस बड़ी कंपनी में अच्छे पद पर था, इसलिए मुझे मेरे कपड़े और अपने को अच्छी तरह रखना था, क्योंकि कभी भी कहीं भी हमें जाना होता था। दोस्तों मुझे एक दिन एक बीमा ऑफिस में जाना था और वहाँ पर मुझे एक लड़की से मिलना था, लेकिन उस समय मेरे बहुत व्यस्त होने की वजह से मैंने वहाँ पर अपने साथ काम करने वाले को भेज दिया।

फिर वो जब वापस लौटकर शाम को ऑफिस आया तब वो मुझसे कहने लगा कि भाई वाह क्या मस्त लड़की थी वो, मुझे उसको देखकर मज़ा आ गया। अब मुझे उसके मुहं से वो बातें सुनकर मन ही मन बड़ा अफ़सोस होने लगा और में सोचने लगा कि में खुद वहां पर क्यों नहीं गया? फिर मैंने उस लड़के से उस लड़की का मोबाइल नंबर ले लिया और उसको फोन किया और उसको पूछा कि आपकी समस्या का समाधान हुआ कि नहीं? तभी उसने बोला कि नहीं हुआ प्लीज आप लोग इस समस्या को जल्द से हल करवा दीजिए, में इसकी वजह से बहुत दिनों से बड़ी परेशान हूँ। फिर मैंने धीमी आवाज में उसकी समस्या को जल्दी ही खत्म करवाने की बात कही और कुछ देर बाद हम दोनों बड़ी अच्छी तरह से हंस हंसकर बात करने लगे, उसके बाद हम दोनों ने बाय कहकर हंसते हुए फोन रख दिए। अब में तुरंत समझ गया कि हंसी तो फंसी। यह लड़की जरुर मुझसे बात करने को तैयार हो सकती है और यह सभी बातें मन ही मन सोचकर में बड़ा खुश था। फिर करीब आठ बजे शाम को जब में अपने ऑफिस से अपनी मोटरसाइकिल से अपने घर के लिए निकला, तब उसको मैंने एक मैसेज करके कहा कि अगर तुम चाहती हो कि में तुम्हे मैसेज करूं तो प्लीज तुम मुझे एक बार मिस कॉल कर दो।

फिर में अपनी गाड़ी को चालू करके अपने घर के लिए निकल पड़ा और कुछ दूरी पर जाकर मैंने अपनी गाड़ी को रोक दिया। अब मैंने देखा कि मेरे मोबाईल पर उसके मोबाईल नंबर से एक मिस कॉल पड़ा है और फिर मैंने उसी समय उसको दो अच्छे मैसेज भेज दिए और उसके बाद में गाड़ी को चालू करके अपने घर के लिए निकल गया। दोस्तों उसी रात को जब 12 बजे में सोने के लिए बेड पर गया तो मुझे कुछ अजीब सा महसूस होने लगा था और फिर मैंने उसको चार पांच मैसेज किए और आखरी मैसेज में मैंने उसको लिखकर भेज दिया कि अगर तुम्हे मेरे मैसेज करना अच्छा लगा तो तुम मुझे एक बार मिस कॉल कर देना, में समझ जाऊंगा। अब उसने मेरे नंबर पर एक मिस कॉल किया जिसको देखकर में बहुत खुश था और करीब रात के दो बजे तक में उसको मैसेज करता रहा और उसके बहुत बार मेरे पास मिस कॉल आते रहे। फिर थोड़ी देर के बाद में फोन रखकर सोने लगा, रात को करीब 2:30 बजे उसके मेरे पास दो बार मिस कॉल आ गए, लेकिन में नहीं समझा। फिर कुछ देर बाद उसका मेरे पास एक मैसेज आया तो उसमे लिखा था कि मुझे आपके सभी मैसेज बहुत अच्छे लगे, प्लीज आप मुझे एक बार कॉल करे।

अब मुझे वो मैसेज पढ़कर बड़ा अजीब लग रहा था कि मेरा एक ग्राहक जिसको में कभी मिला भी नहीं हूँ उसके साथ इस समय बात करना कैसा रहेगा? फिर थोड़ी देर सोचने के बाद मैंने उसको कॉल किया और अब हम दोनों इधर उधर की बातें करते रहे और करीब चार बजे सुबह तक हम दोनों ने बातें की एक दूसरे के बारे में सब कुछ जाना। फिर उसने मुझे बताया कि वो कानपुर की रहने वाली है और अपनी नौकरी की वजह से दिल्ली में रहती है और वो दिल्ली के एक फ्लॅट में तीन लड़कियों के साथ रहती है उसके बाद हमने बात करना बंद करके हम सो गए और मुझे उसके साथ बात करके बड़ा अच्छा लगा। अब हम दोनों रोज ही रात को 12 से 4 बजे सुबह तक बातें करने लगे, लेकिन हमारे बीच कभी सेक्सी बातें नहीं हुई। हम ऐसे ही इधर उधर की बातें करते थे और उसको भी मुझसे बातें करना बहुत अच्छा लगने लगा था। फिर करीब एक सप्ताह के बाद उसने मुझसे मिलने के लिए अपने घर पर बुलाया, क्योंकि उस दिन मेरा छुट्टी का दिन था, इसलिए में उसके घर काले रंग की टी-शर्ट और जीन्स में पहुंच गया। फिर उसका घर का पता पूछते पूछते जब मैंने उसके घर के पास वाले मोड़ से उसको कॉल किया। तब तक अंधेरा सा होने लगा था और उसने मुझसे बात करके कहा कि मोड़ की दुकान से कुछ समोसे और कोल्डड्रिंक ले लेना।

अब में वो सब अपने साथ लेकर उसके घर पहुंच गया, तब मैंने देखा कि वो एक काले रंग की बिना बाहं की टी-शर्ट और काले रंग की केफ्री पहने हुए थी। फिर उसने मुझे अपने कमरे में आने के लिए कहा वो अपनी मधुर मुस्कान से मेरा स्वागत कर रही थी और फिर में खुश होकर उसके कमरे में जाकर बैठ गया। फिर जब मैंने उसको पहली बार ध्यान से देखा तो वो एकदम कयामत लग रही थी, वो एकदम गोरी बहुत ही सुंदर उसके बूब्स का आकार करीब 38-28-38 होगा। अब में उसके बूब्स को चकित होकर घूर रहा था और जब उसने मुझे ऐसा करते देखा तब वो मेरी तरफ देखकर मुस्कुराने लगी, फिर वो कुछ लिखने लगी और उसने मुझे बोला कि अभी तुम देखो क्या यह ठीक है? में उठकर उसके पास खड़ा हुआ और वो उस समय कुर्सी पर बैठी हुई थी। में झुककर नीचे की तरफ देखने लगा जो वो लिख रही थी। दोस्तों क्योंकि उस समय उसके टॉप के ऊपर का एक बटन खुला हुआ था, जिसकी वजह से मुझे उसके मस्त गोरे गोलमटोल बूब्स नजर आ रहे थे। अब में वहीं पर खड़ा रहा और उसको समझाने लगा। दोस्तों मेरी नज़र लगातार उसके बूब्स पर थी, में घूरकर देख रहा था। अब वो भी मेरी नजर क्या देख रही है और मेरे मन में क्या चल रहा है, सब कुछ अच्छी तरह से भाँप गयी थी, लेकिन उसने मेरा बिल्कुल भी विरोध नहीं किया।

फिर हम दोनों ऐसे ही हँसी मज़ाक करते रहे और उसके बाद रात के करीब 9 बजे में उसके फ्लेट से अपने घर के लिए निकल गया। दोस्तों में उसके साथ पहली बार मिलकर और उसके उस गोरे गदराए बदन को देखकर मन ही मन बहुत खुश था और उस रात को भी हम दोनों ने बहुत सारी बातें की और अब में उसके साथ बहुत खुलकर बातें करने लगा था। फिर करीब चार दिन के बाद एक दिन सुबह उसका मेरे पास कॉल आया और वो मुझसे कहने लगी कि अभी आज में अपने ऑफिस नहीं जाउंगी, प्लीज तुम मेरे फ्लॅट पर आ जाओ ना, में आज तुम्हारे लिए कढ़ी और चावल बनाऊँगी। दोस्तों उस समय सुबह के दस बज रहे थे और उस समय में अपने ऑफिस में था। मैंने शुरू में उसको साफ मना कर दिया और उससे कहा कि यार में छुट्टी के दिन आ जाऊंगा। अब वो मुझसे जिद करते हुए बहुत बार आने के लिए कहने लगी। वो कहने लगी कि नहीं तुम्हे आज ही आना होगा। अब मैंने उसको कहा कि हाँ ठीक है तुम मुझे सबसे पहले अब यह बताओ कि में कितने बजे तक आ जाऊँ? तब उसने कहा कि तुम 12:30 बजे तक पहुंच जाओ। फिर में अपने ऑफिस से झूठा बहाना बनाकर कि आज मेरी तबीयत ठीक नहीं है इसलिए में अब अपने घर जा रहा हूँ यह बात कहकर में अपने ऑफिस से निकल गया। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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अब में सीधा उसके फ्लेट के लिए निकल पड़ा और फिर में कुछ देर बाद उसके फ्लॅट पर ठीक 12 बजे ही पहुंच गया। फिर जाकर जब मैंने घंटी बजाई और तब मुझे पता चला कि वो उस समय अपने फ्लेट में अकेली थी और उसके साथ रहने वाली दो लड़कियाँ उनके काम पर गयी है। अब मुझे अपने घर आया देखकर वो बहुत खुश हुई और उसने मेरा बड़ी ही गर्मजोशी से स्वागत किया। फिर जब में कुर्सी पर बैठने लगा तब वो मुझसे मुस्कुराते हुए कहने लगी कि अभी तुम आराम से बैठो ना, प्लीज अपने यह जूते उतारकर बेड पर बैठो। दोस्तों उसके कमरे में एक ही बेड था। फिर जब में पलंग पर बैठा, उसके कुछ देर बाद वो मेरे लिए चाय लेकर आ गई और फिर वो भी उसी बेड पर बैठ गई। अब मैंने देखा कि उस समय वो रात के पकड़ो में ही थी और बड़ी मस्त सेक्सी लग रही थी। फिर मेरे पास बैठकर चाय पीने के बाद उसने मुझसे कहा कि तुम बैठो में अपनी नहाकर आती हूँ और वो उस कमरे से नहाने के लिए बाथरूम में चली गई। फिर कुछ देर बाद मैंने उसके पूरे कमरे में इधर उधर नज़र डाली तो देखा कि उसके कमरे में पास ही एक टेबल पर सेक्सी किताब रखी हुई थी और में उस किताब को उठाकर देखने लगा, उसमे बहुत सारी नंगी तस्वीरे थी और उसमे बहुत सारी सेक्सी कहानियाँ भी थी।

दोस्तों शायद उसने वो किताब जानबूझ कर मेरे लिए ही रखकर छोड़ी थी, में उस किताब की कहानियों को पढ़ता रहा और वो आराम से नहाती रही। फिर करीब चालीस मिनट के बाद वो नहाकर बाथरूम से बाहर निकली और में उसको देखता ही रह गया, क्योंकि वो उस समय सिर्फ़ एक टावल को लपेटे हुए ही बाथरूम से बाहर मेरे सामने आ गई थी। फिर उसने टावल में ही मेरे सामने अपने बाल बनाए और फिर उसने काले रंग की जालीदार मेक्सी पहन ली और वो भी बिना ब्रा और पेंटी वो मेक्सी पहनकर मेरे पास आकर बैठ गयी और अब वो मुझसे कि बोली में कैसी दिख रही हूँ? दोस्तों वैसे क्योंकि मैंने तब तक किसी लड़की को चोदा नहीं था, इसलिए मैंने डर की वजह से अपने सर को नीचे कर लिया और में चुप बैठा रहा। फिर वो तुरंत ही मेरी परेशानी को ठीक तरह से समझ गई और मेरा ध्यान बटाने के लिए वो मुझसे कहने लगी कि अभी क्या एक बार फिर से चाय हो जाए? और मैंने तुरंत हाँ कह दिया। अब वो उठकर चाय बनाने चली गई, जब वो उठी तब उसके मस्त बूब्स और चूत के बाल मुझे साफ नजर आ रहे थे और थोड़ी ही देर में वो हम दोनों के लिए नमकीन और चाय लेकर बेड पर आ गयी।

फिर जब कुछ देर बाद हम दोनों ने चाय को खत्म किया तो उसके बाद वो उस कप को ज़मीन पर रखकर मेरे सामने बेड पर लेट गयी और अब वो मेरी तरफ देखकर मुस्कुराने लगी। फिर में वहीं बैठकर उसके बूब्स को लगातार घूरकर देखे जा रहा था और वो सेक्सी द्रश्य देखकर मेरा लंड अब बहुत टाईट होकर मेरी पेंट को फाड़ रहा था, जिसकी वजह से मुझे अब बड़ा ही अजीब सा महसूस हो रहा था। फिर उसने अपनी करवट बदली और अब वो पेट के बल लेट गई, जिसकी वजह से अब मुझे उसके मस्त बड़े आकार के एकदम गोल कूल्हे साफ नजर आ रहे थे और वो सब देखकर में अपने आपे से बाहर होने लगा था। फिर उसने धीरे धीरे अपनी उस मेक्सी को अपनी गोरी गदराई हुई जांघो तक ऊपर कर लिया, लेकिन में अब भी वैसे ही बैठा रहा। फिर वो मुझसे कहने लगी कि प्लीज मेरी गर्दन के पीछे खुजली हो रही है, थोड़ा तुम यहाँ पर अपने हाथ से सहला दो, मुझे आराम मिलेगा। अब मैंने थोड़ा सा डरते हुए उसको कहा कि हाँ ठीक है और फिर में उसकी मेक्सी के ऊपर से उसकी गोरी चिकनी गर्दन को सहलाने लगा था। फिर थोड़ी ही देर के बाद उसने मुझसे कहा कि ज़रा सा नीचे हाँ बीच पीठ पर भी सहलाओ ना। अब में अपने हाथ को उसके कहने पर और भी नीचे ले गया और उसके बदन को सहलाने लगा।

फिर कुछ देर बाद वो मुझसे कहने लगी यार तुम मेक्सी के अंदर से सहला दो, लेकिन में उसके मुहं से यह बात सुनकर एकदम चकित होकर वैसे ही रुका रहा। अब उसने झट से अपनी मेक्सी को पीठ तक ऊपर उठा दिया और वो मेरे सामने अब एक तरह से नंगी हो चुकी थी और में उसके कूल्हे और पीठ को सहलाकर मस्त हो रहा था। फिर वो कुछ देर बाद अचानक से अपनी पीठ के बल लेट गई, जिसकी वजह से अब मेरे सामने उसकी वो बड़ी ही मस्त सुंदर गोरी नंगी बिना बालों की चूत थी, उसकी दोनों आँखें उस समय बंद थी और में चकित होकर उसकी चूत को घूर घूरकर लगातार देखे जा रहा था। फिर मैंने हिम्मत करके अब उसकी चूत को सहलाना शुरू किया और मेरे हाथ चूत को छूते ही वो सिसकियाँ भरने लगी थी। अब में उसकी कामुक चूत को अपने हाथ से लगातार सहला रहा था और में अपने दूसरे हाथ से उसके बूब्स को दबाने साथ साथ सहला भी रहा था और वो अब मेरे साथ वो मज़े करके अपने मुहं से सिसकियों की वो आवाज निकाल रही थी आह्ह्ह्ह आऊच ऊफ्फ्फ्फ़। फिर में कुछ देर बाद उसकी कुंवारी चूत में अपनी एक उंगली को डालकर आगे पीछे करने लगा था और वो ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ लेने लगी ऊऊईईईईइ माँ अआह्ह्ह।

अब उसने जोश में आकर मुझे अपने ऊपर खींचकर कसकर पकड़ लिया और वो अब मुझसे कहने लगी कि अभी में चुदाई की बहुत भूखी हूँ, प्लीज आज तुम मेरा जी भर दो आज तुम मुझे जमकर चोदो आज तुम मुझे चोदकर जी भरकर मेरी प्यास को भुझा दो और उसने मेरी टी-शर्ट और पेंट की बेल्ट को भी खोल दिया और अब मैंने अपनी जींस को नीचे सरका दिया, जिसकी वजह से अब में सिर्फ़ अपनी अंडरवियर में उसके सामने था। फिर वो मेरी अंडरवियर को भी उतारने लगी और जैसे ही उसने मेरी अंडरवियर को नीचे करके उतारा और वो देखकर अपने होंठो को दाँत से काटने लगी, क्योंकि मेरा तनकर खड़ा आठ इंच का लंड देखकर जो बहुत मोटा भी है उसको देखकर वो मस्त हो गई। अब वो मेरे लंड को अपने हाथों में लेकर उसको धीरे धीरे सहलाने लगी थी और में उसके बूब्स के ऊँचे उठे निप्पल को बड़े ही प्यार से अपने मुहं में भरकर चूसने लगा था और उस समय मेरी एक उंगली उसकी चूत में थी और बूब्स मेरे मुहं में थे। अब वो मेरे साथ खुश होकर यह सब करते हुए मस्ती में बड़बड़ा रही थी वाह अभी ऊउफ़्फ़्फ़्फ़ मुझे बहुत अच्छा लगा वाह मज़ा आ गया, प्लीज हाँ तुम ऐसे ही मेरे बूब्स को चूसते रहो, इनका पूरा रस आज तुम निचोड़ दो।

फिर मैंने उसकी वो बातें सुनकर जोश में आकर उसके दोनों बूब्स को चूसकर दबाकर लाल कर दिए थे और अपनी ऊँगली से उसकी चूत की चुदाई होने की वजह से वो एक बार झड़ चुकी थी, जिसकी वजह से अब उसकी चूत बहुत गीली एकदम चिकनी चिपचिपी हो चुकी थी। अब में उसकी चूत के गुलाबी होंठो के ऊपर अपना मोटा लंड रखकर धीरे धीरे रगड़ने लगा था और में उसकी चूत के दाने को सहलाकर उसकी चूत से खेलने लगा था, जिसकी वजह से वो एकदम मचल गई और मज़े मस्ती से छटपटाने लगी थी और अब वो मुझसे कहने लगी कि अभी प्लीज अब तुम मुझे ज्यादा मत तरसाओ अब तुम इसको मेरी चूत के अंदर डालकर मुझे चोदना शुरू करो आह्ह्ह्ह ऊउफ़्फ़्फ़्फ़ अब मुझसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं हो रहा है ऊउह्ह्ह्ह प्लीज चोदो अब मुझे प्लीज, अब घुसा दो अपना मोटा लंड, प्लीज में मर जाउंगी, जल्दी करो। फिर मैंने उसकी चूत के मुहं पर अपने लंड का टोपा रखकर धीरे से धक्का देकर उसको थोड़ा सा अंदर डाल दिया, दोस्तों वैसे तो वो अब तक वर्जिन नहीं थी, लेकिन उसकी चूत बहुत टाईट थी और जैसे ही मैंने अपना दूसरा धक्का मारा तो वो दर्द की वजह से ज़ोर से चिल्ला उठी ऊउईईईईइ माँ मर गई प्लीज ज़रा धीरे से करो ऊफ्फ्फ वरना मेरी यह चूत फट जाएगी आह्ह्ह्ह प्लीज धीरे से डालो।

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फिर मैंने उसके दर्द बातों की तरफ बिल्कुल भी ध्यान ना देकर अपने तीसरे धक्के में उसकी चूत की पूरी गहराईयों में अपने लंड को पहुंचा दिया। फिर उसने उस तेज धक्के के बाद दर्द की वजह से मुझे कसकर अपनी बाहों जकड़ लिया और फिर मैंने धीरे धीरे अपने लंड को उसकी चूत के अंदर बाहर करना शुरू किया, जिसकी वजह से अब वो मज़े करने लगी थी। अब वो मुझसे कहने लगी अभी मुझे अब तक तुम्हारे से पहले तीन लड़के चोद चुके है, लेकिन किसी के लंड ने आज तक मेरी चूत को इतनी ज्यादा गहराई तक नहीं छुआ था, तुम्हारा लंड तो लंबा मोटा होने के साथ ही बहुत दमदार है। अब तुम और भी ज़ोर से धक्के लगाओ, मुझे मज़ा आ रहा है, तुम मेरे दर्द की तरफ बिल्कुल भी ध्यान मत दो। अब में सटासट तेज गति से उसकी चूत में अपने लंड से धक्के दिए जा रहा था और उसकी चूत की पूरी गहराईयों में अपने लंड को डुबकी लगाकर अंदर बाहर किए जा रहा था और हर बार वो भी अपने कूल्हों को ऊपर उठाकर मेरा जोश बढ़ाकर मुझे और भी तेज धक्के देने के लिए कह रही थी। दोस्तों करीब बीस मिनट वैसे ही मज़े करने के बाद मैंने उसकी चूत में अपने लंड के उस ज्वालामुखी के लावे को वीर्य के रूप में छोड़ दिया और उसके बाद में उसको चिपककर लेट गया।

अब उसने मेरे कान में मुझसे कहा कि तुम आज मुझे असली दमदार मर्द मिले, वरना चुदाई करने वाले तो मुझे इससे पहले भी बहुत मिले, लेकिन उनके लंड में उतना दम कहाँ था, जो तुम्हारे इस लंड में है। आज तुमने मुझे चुदाई का असली सुख वो मज़ा दिया है, जिसके लिए में कब से तरस रही थी जानू में तुमसे बहुत प्यार करती हूँ। फिर कुछ देर बाद हम दोनों उठे हम दोनों ने साथ में बैठकर खाना खाया और फिर वैसे ही हम पूरे नंगे ही लेटकर चिपककर बातें करने लगे। फिर उसने कुछ देर बाद एक बार फिर से मेरे लंड को चूसकर खड़ा किया और फिर से दोबारा मैंने उसकी पहले से भी ज्यादा जमकर चुदाई के मज़े लिए, जिसमें उसने भी मेरा पूरा पूरा साथ दिया, जिसकी वजह से हम दोनों बहुत खुश थे। दोस्तों उस दिन शाम के सात बजे तक मैंने उसको पांच बार जमकर चुदाई करके उसको पूरी तरह से पस्त कर दिया था। फिर उसने मेरी चुदाई की वजह से खुश होकर मुझसे कहा कि इससे पहले जब भी मैंने जिस किसी से अपनी चूत को चुदवाया उन सभी ने मुझे आधे पर छोड़ दिया था, लेकिन आज तुमने मुझे पूरी तरह से संतुष्ट करने के साथ ही पूरी तरह से अधमरा कर दिया, तुम बहुत अच्छे हो। दोस्तों उसके बाद में उसको बाय कहकर अपने घर वापस चला आया और फिर वो कई महीनो तक मुझसे अपनी चूत को हर कभी चुदवाती रही ।।

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धन्यवाद …

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