कॉलेज की रंडियों को चोदना पड़ा

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प्रेषक : अरुण …

हैल्लो दोस्तों, आज में आपको एक और किस्सा बताने जा रहा हूँ। यह बात उन दिनों की है जब में कोचिंग देता था, जहाँ मेरे पास कॉलेज स्टूडेंट पढ़ने आते थे, जिसमें 7 लड़कियाँ और 4 लड़के आते थे, जिसमें ज्योति और सोनल भी थी। सोनल 5 फुट 4 इंच लंबी थी, गोरी, उसकी थोड़ी भारी बॉडी थी, वो बहुत सेक्सी लगती थी और ज्योति 5 फुट 6 इंच लंबी, स्लिम बॉडी वाली लड़की थी, वो दोनों बी.कॉम फ़ाइनल ईयर में थी। फिर एक दिन जब क्लास ख़त्म हुई ओ में अपने ऑफिस में बैठा था। सब जा चुके थे। फिर थोड़ी देर के बाद में ज्योति और उसकी दोस्त सोनल आई। तो मैंने कहा कि आओ ज्योति, कोई प्रोब्लम है? तो उसने कहा कि हाँ है, उसका आप ही जवाब दे सकते है। तो मैंने कहा कि दिखाओ तो जरा ऐसी कौन सी प्रोब्लम है? तो उसने मुझे एक पेपर दिया जिसमें लिखा था अरुण सर आई लव यू, मैंने आपको जब से देखा है में रात को आपके बारे मे सोचती रहती हूँ, मुझे नींद नहीं आती है, आप मुझे बहुत पसंद हो। फिर मैंने उन दोनों की तरफ देखा और कहा कि अभी तुम जाओ, तो वो दोनों चली गयी। फिर मैंने दोपहर के 2 बजे उसके एड्मिशन फॉर्म से उसका मोबाईल नंबर लिया और उसे फोन किया तो उसने फोन रिसीव किया।

मैंने कहा – हैल्लो ज्योति है?

ज्योति – में बोल रही हूँ।

में – ज्योति, अरुण बोल रहा हूँ, क्या तुम 5 बजे क्लास पर आ सकती हो?

ज्योति – हाँ सर, में आ जाऊंगी।

मैंने कहा – अकेले आना।

फिर शाम को में 4:45 बजे क्लास पहुँचा तो मैंने देखा कि ज्योति पहले से ही आ गयी थी। फिर मैंने उससे कहा कि तुम्हें 5 बजे बुलाया था, तुम जल्दी आ गयी और ऑफिस का लॉक खोलने लगा। फिर उसने कहा कि में आपको इंतज़ार नहीं करवाना चाहती थी। फिर हम लोग अंदर गये और में अपनी कुर्सी पर बैठा और वो मेरे सामने बैठ गयी। फिर मैंने कहा कि ज्योति यह क्या है? ऐसा कभी होता है, में तुम्हें पढ़ाता हूँ। तो वो बोली कि मुझे पता है, लेकिन में क्या करूँ? ये दिल नहीं मानता। फिर मैंने पूछा कि में ना कहूँ तो क्या करोगी? तो वो बोली कि कुछ नहीं मारूँगी नहीं, लेकिन मेरी जिंदगी में कोई और पुरुष नहीं आएगा। फिर मैंने उसे बहुत समझाया, लेकिन वो नहीं मानी।

फिर मैंने कहा कि हम गुरु शिष्य है हमारा ऐसा संबंध शोभा नहीं देता है। तो वो बोली कि में आज से क्लास छोड़ रही हूँ तो हम गुरु शिष्य नहीं रहेंगे बस, तो में हार गया। फिर मैंने कहा कि ओके, लेकिन ये बात किसी को भी पता नहीं चलनी चाहिए, तुम्हारी दोस्त सोनल को भी नहीं, तुम्हारा बर्ताव बदलना नहीं चाहिए, तुम्हें मंजूर हो तो में हाँ कहूँगा। तो वो बोली कि मंजूर है। फिर में खड़ा होकर उसके पास गया, तो वो भी खड़ी हो गयी। फिर मैंने कहा कि मुँह तो मीठा कराओ, नया प्यार मिला है, तो वो शर्मा गयी। फिर मैंने उसका चेहरा ऊपर किया और उसके गर्म होंठो पर अपने होंठ रख दिए। अब हम दोनों किस करने में मशगूल हो गये थे। अब मेरे हाथ उसके बूब्स पर चले गये थे। अब में उसके बूब्स ऊपर से ही सहलाने लगा था। फिर तभी उसने मुझे रोका, तो मैंने भी अपने आप पर कंट्रोल किया। फिर वो थोड़ी देर के बाद चली गयी। अब में भी पहले किस और बूब्स दबाने के अनुभव के बाद वही सोचता रहता था। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर एक दिन मैंने क्लास में दूसरे दिन छुट्टी दे दी, क्योंकि त्योहार था। फिर सबके जाने बाद मैंने ज्योति को इशारे से कल आने को कहा। फिर दूसरे दिन में सुबह 9 बजे ऑफिस पहुँचा तो 30 मिनट के बाद ज्योति भी आ गयी और मुझसे कहा कि सबको छुट्टी दे दी, मुझे क्यों बुलाया है? तो मैंने कहा मुझे तुम्हें कुछ और सिखाना था इसलिए। फिर वो बोली कि क्या? तो मैंने कहा कि प्यार करना बोलकर मैंने उसे अपनी बाँहों में भर लिया और उसकी गर्दन को चूमने लगा और फिर उसके होंठो को चूमने लगा और बोला कि ज्योति आज में तुम्हें पूरा अपना बनाऊँगा। फिर मैंने उसकी सलवार कमीज उतार दी। अब वो सिर्फ ब्रा पेंटी में थी, उसके 32 की साईज के बूब्स ब्रा में कैद थे। फिर मैंने उसके बूब्स को आज़ाद कर दिया और उसकी पेंटी भी उतार दी। अब वो मेरे सामने नंगी खड़ी थी, तो वो शर्माकर टेबल के पीछे चली गयी और अपने हाथों से अपने बूब्स छुपा लिए। फिर मैंने कहा कि क्यों शर्मा रही हो? तो वो बोली कि मुझे नंगा कर दिया और खुद अभी तक कपड़े पहने हुए हो, तो फिर मैंने भी अपने कपड़े उतार दिए।

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फिर मैंने उसे बाँहों में लिया और उसके बूब्स को चाटा, चूसा, दबाया और मसला और फिर उसकी चूत में उंगली करके उसे गर्म कर दिया। तो वो कहने लगी कि अरुण, अब नहीं रहा जाता, अब डाल दो। फिर मैंने कहा कि क्या डालूं और कहाँ डालू? तो वो बोली कि अब बनो मत, अपना लंड मेरी चूत में डाल दो। फिर मैंने मेरा लंड उसकी चूत पर रखा। अब उसकी चूत गीली होने के बावजूद मेरा लंड अंदर नहीं जा रहा था तो बाद में मैंने उसके पर्स से क्रीम निकाली और अपने लंड पर लगाई और फिर अपना लंड उसकी चूत में डालने लगा और एक धक्का दिया तो मेरा सुपाड़ा अंदर चला गया। फिर तभी वो चिल्ला उठी आह माँ में मर गयी, आह अरूण, अब उसकी आँखों में आँसू थे। तो तभी मैंने दूसरा धक्का दिया तो मेरा लंड आधा अंदर चला गया। अब वो चिल्ला रही थी कि मत करो अरुण, बाहर निकालो, में इस दर्द को सहन नहीं कर सकती, प्लीज अरुण बाहर निकालो।

फिर तभी मैंने उसे समझाया ज्योति अभी दर्द शांत हो जाएगा और फिर में थोड़ी देर तक कुछ ना करते हुए उसे चूमता रहा। तो वो थोड़ी देर के बाद शांत हो गयी और गर्म भी थी। फिर मैंने धीरे-धीरे धक्के देना शुरू किया। अब उसे भी मज़ा आ रहा था, अब वो गर्म थी और आआआ मज़ा आ रहा है, चोदो मुझे और ज़ोर से चोदो अरुण बोले जा रही थी। फिर मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और उसे चोदने लगा। अब वो अपने आपको टाईट कर रही थी। अब मुझे पता चल गया था कि वो झड़ने वाली है। फिर थोड़ी देर के बाद में वो ढीली पड़ गयी, लेकिन मैंने अपना काम चालू ही रखा। वो फिर से गर्म होने लगी आअहह अरुण और करो, आई लव यू अरुण। फिर करीब 30 मिनट तक मैंने उसे चोदा। अब इस दौरान वो 3 बार झड़ गयी थी। अब में भी झड़ने वाला था तो मैंने अपना लंड बाहर निकालना चाहा तो उसने मना कर दिया। फिर मैंने अपना पूरा वीर्य अंदर ही छोड़ दिया और उसके ऊपर ही पड़ा रहा।

फिर थोड़ी देर के बाद उसने मुझे हटाया और कपड़े पहनने लगी। तो मैंने उसके हाथ से ब्रा खींच ली और फेंक दी। फिर मैंने उसे फिर से अपनी बाँहों में ले लिया और उसे टेबल के सहारे घोड़ी बनाकर खड़ी कर दिया। फिर मैंने पीछे से उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया और उसके बूब्स को जंगली की तरह दबाने लगा तो वो बोली कि आअहह अरुण मसल डालो मुझे, आज कुचल डालो, जो करना है करो अरुण, में तुम्हारी हूँ, चोदो अरूण, में खुश नसीब हूँ कि तुम जैसे मर्द के लंड से मैंने अपनी चूत का शुभारम्भ किया है, चोदो मुझे, चोदो अरुण। फिर मैंने उसे फिर से 30 मिनट तक चोदा और इस बार उसने मेरा पूरा वीर्य अपने मुँह में लिया और फिर चाटकर मेरा लंड साफ किया और फिर वो कपड़े पहनकर चली गयी। फिर में भी ऑफिस साफ करने लगा और सब साफ करके बैठ गया और कॉफी का ऑर्डर दिया, तो थोड़ी देर में कॉफी आ गयी।

अब में कॉफी पी रहा था तो तभी दरवाजा खुला तो मैंने देखा कि सोनल सामने खड़ी थी। फिर उसने कहा कि क्यों आपने तो ज्योति को मना कर दिया था? फिर ये सब क्या था? तो मैंने कहा कि क्या क्या था? तो वो बोली कि सर मैंने सब देख लिया है। फिर मैंने उसे बैठने को कहा, तो वो मेरे सामने बैठ गयी। फिर मैंने कहा कि तो बोलो तुम्हें क्या प्रोब्लम है? तो वो बोली कि मुझे क्या प्रोब्लम होगी? तो मैनें पूछा कि तो फिर तुम क्या चाहती हो? तो वो बोली कि में भी आपको चाहती हूँ अगर आपने मुझे मना किया तो में ज्योति की बात फैला दूँगी। तो मैंने कहा कि ज्योति मुझे चाहती है, मैंने ज्योति के साथ क्या किया तुमने देखा फिर भी तुम मुझसे प्यार करोगी? तो वो बोली कि आपको जो करना है करो, मुझे कोई मतलब नहीं, मुझे भी मेरा हिस्सा चाहिए। फिर मैंने कहा कि हिस्सा, ये कोई सामान है जो बाँट दूँ। फिर वो खड़ी हुई और मेरे पास आई और मुझे चूमने लगी और बोली कि हाँ इस सामान पर मेरा भी हिस्सा है और मेरी शर्ट के बटन खोलने लगी और मेरी पेंट के ऊपर से ही मेरे लंड को सहलाने लगी थी। अब में भी गर्म तो होने लगा था, लेकिन कंट्रोल करके उसे पीछे किया, लेकिन वो नहीं मानी। फिर वो खड़ी हुई और अपने सारे कपड़े निकाल दिए और बोली कि मुझे प्यार से प्यार करो वरना में चिल्लाकर सबको बुला लूँगी। फिर मैंने कहा कि ठीक है, लेकिन में कैसे विश्वास करूँ कि बाद में इसके लिए तुम मुझे बदनाम नहीं करोगी? तो उसने मुझसे वादा किया और फिर से मेरी बाँहों में आकर मेरी छाती को चाटने लगी, चूमने लगी। फिर मैंने भी उसके 36 साईज के बूब्स को खूब दबाया, वो ज्योति से भी गर्म थी। फिर मैंने उसकी चूत चाटी, तो वो बहुत गर्म हो गयी। फिर उसने मुझे अपने ऊपर खींचा, तो में उसके ऊपर आकर उसके होंठो को चूसते हुए मेरा लंड उसकी चूत में डालने लगा, उसकी भी चूत बहुत टाईट थी। फिर मैंने जैसे ही अपना लंड उसकी चूत में डाला, तो वो उूउउम करके चिल्लाने लगी, लेकिन उसकी आवाज मेरे मुँह में ही दब गयी थी, वो तड़प रही थी। अब में तेज रफ़्तार से धक्के दे रहा था। अब 2 बार पहले सेक्स करने की वजह से मेरा जल्दी झड़ना नामुमकिन था तो में 45 मिनट तक उसे चोदता रहा और वो बोलती रही चोदो मुझे, सर चोदो, आज अपनी इस स्टूडेंट ने अपने आपको गुरु दक्षीणा में समर्पित किया है, मेरी चूत को फाड़ दो, मेरे जिस्म को मसल डालो, आप मेरे स्तनों को दबाओ, आपको जो करना है करो, आआआह सर प्लीज चोदो मुझे, चोदते रहो।

अब 45 मिनट के बाद में झड़ने वाला था और फिर मैंने उसकी चूत को अपने वीर्य से भर दिया। फिर मैंने खड़े होकर अपने कपड़े पहन लिए और अब वो भी अपने कपड़े पहन रही थी। तो तभी मेरा मोबाईल बजा तो मैंने देखा कि मेरे घर से फोन था। फिर मेरे घर से माँ बोली कि अरुण कल पूनम है, हम लोग श्रीनाथजी जा रहे है तुम घर संभाल लेना, हम 2 दिन के बाद आ जाएँगे। अब फोन स्पीकर पर था और सोनल सब सुन रही थी। फिर मैंने फोन कट किया, तो वो तुरंत बोली कि रात को घर पर कोई नहीं है क्या? तो मैंने कहा नहीं सब मंदिर जा रहे है। तो उसने कहा कि तो में आ जाऊं अगर आपको अकेले डर लग रहा हो तो? तो मैंने उसे देखा और उसे नीचे बैठाया और अपना लंड निकाला और उसके मुँह में डाल दिया और फिर उसके मुँह को 25 मिनट तक खूब चोदा और अपना पूरा पूरा पानी उसके मुँह में ही डाल दिया। फिर मैंने कहा कि ठीक है मेरी रखेल बनने का इतना ही शौक है तो आ जाना ।।

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धन्यवाद …

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