दीदी और बीवी की अदला बदली

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प्रेषक : राजू …

हैलो दोस्तों, मेरा नाम राजू है। मैं 28 वर्ष का हूँ और यह कहानी मेरे और मेरी पत्नी और मेरी दीदी सुनीता और जीजा की है। दीदी मुझ से 5 वर्ष बड़ी है, यानी कि 33 साल की। दीदी के प्रति मेरी कोई गलत ख्याल नहीं थे। एक दिन जीजाजी हमारे घर आए आए थे, उन्होंने मेरी पत्नी को देखा और उस पर लट्टू हो गए, जीजा ने मुझसे कहा यार तेरी बीवी तो मस्त माल है। मैंने कहा क्या जीजा आप यह क्या बोल रहे है। जीजा ने कहा हां यार देख उसकी चूची कितनी बड़ी बड़ी है और गांड बहुत कितनी मस्त है, इसको चोदने में बहुत मजा आएगा, सच में यार एक बार अपनी बीवी को मुझसे चुदवा दे, तो मैंने कहा कि यह नहीं हो सकता है। मुझे लगा जीजा मजाक कर रहे है, लेकिन जीजा सीरियस थे। यार तू मुझे अपनी बीवी को चोदने दे और तुम मेरी बीवी को चोद ले। मैंने कहा क्या जीजा वह तो मेरी दीदी है। क्या हुआ तुम्हारी दीदी है तो उसके पास भी तो चूचियां और चूत है और लगभग दोनों एक ही कद काठी के है। अच्छा यह बता तेरी बीवी कितने नंबर की ब्रा पहनती है। मैंने कहा 34, तेरी दीदी 36 की पहनती है थोड़ा सा ही अंतर है और चड्डी बता मैंने कहा 32 की तो वो बोले कि देख तेरी दीदी 34 की पहनती है। देख दोनों में कोई अंतर नहीं है दोनों एक ही बॉडी की है, तुम मेरी बीवी को चोद ले, मैं तेरी बीवी को चोद लेता हूं। सोच कर बताना, मैं तो तैयार हूं और तू अगर तैयार होगा तो मैं प्लान बनाऊंगा और नए साल पर तू अपनी दीदी को चोद लेना, मैं तेरी बीवी को चोद लूंगा, सोच कर बताना। जीजा फिर अंदर वाले कमरे में चले गए और शाम हो गई और जीजा अपने घर चले गए।

फिर दूसरे दिन उन्होंने दोपहर में मुझे फोन किया और पूछा बोलो राजू क्या सोचा है, मैंने कहा जीजा मैं भी अपने दीदी को चोदना चाहता हूँ, लेकिन यह कैसे होगा? मुझे भी दीदी की चूचियां और गांड बहुत मस्त लगती है और जब से आप ने कहा है तब से मैं दीदी के बारे में सोच कर पूरी रात मुठ मारता रहा। जीजा ने कहा कि तू बिल्कुल चिंता मत कर, मैं ऐसा प्लान बनाऊंगा जिससे कोई प्रॉब्लम नहीं होगी। मेरे पास एक जबरदस्त प्लान है, जिससे हमारी बीवी को पता भी नहीं चलेगा और हम दोनों का काम भी हो जाएगा। मैंने कहा ठीक है। फिर उन्होंने कहा तुम 30 तारीख को अपनी बीवी के साथ शाम तक मेरे घर आ जाना प्लानिंग होगी साथ में घूमने जाना है, नए साल के मौके पर। 31 तारीख को हम दोनों अपनी अपनी बीवियों को लेकर घुमाने ले जाएंगे और 1 तारीख को मेरे दोस्तों ने पार्टी दी है, हम उस पार्टी में जाएंगे। प्लान के मुताबिक उसी रात को बीवियों की अदला बदली हो जाएगी, मैं तुम्हारी दीदी से कह दूंगा रात को दरवाजा खुला रखें पूरी नंगी होकर सोये रहना। तुम भी अपनी बीवी से यही बात बोल देना। पार्टी से आते वक्त हम दोनों अपने अपने कपड़े एक दूसरे से बदल लेंगे और फिर 3 तीन तीन राउंड पेला जाएगा और फिर अपने अपने रूम में आ जाएंगे हम लोग, मैंने कहा ठीक है जीजा। अच्छा यह बताओ मेरी दीदी के निप्पल का रंग कैसा है तो उन्होंने कहा भूरे है और उनकी बुर कैसी है? यार बुर की क्या कहें एकदम पाव रोटी की तरह फूली हुई है, तुम्हारी बहन की बहुत गरम बुर है। मैंने कहा यह बताओ दीदी गांड मरवाना पसंद करती है कि नहीं, जीजा ने कहा हां यार गांड मरवाने की बहुत बड़ी शौकीन है, मैं रोज दो बार उसके बुर में पेलता हूं और एक बार उसकी गांड मारता हूं और लंड चूसने की भी शौकीन है, बस यह समझ ले बेटा तेरी दीदी एक नंबर की रांड है, गजब चुदवाती है। मैं तो धन्य हो गया तेरी दीदी को पाकर, इसी चुदाई के चक्कर में अभी तक मैंने बच्चे पैदा नहीं किये, बच्चे पैदा हो जाएंगे तो बच्चों में व्यस्त हो जाएगी और मैं चुदाई का मजा नहीं ले पाऊंगा, मैंने कहा ठीक है जीजू मैं आ जाऊंगा।

फिर 30 तारीख शाम को मैं जीजू के घर पहुंच गया। दूसरे दिन यानी कि 31 तारीख को हम दिन भर घूमे पिक्चर देखा शाम को खाना खाकर सो गए। फिर 1 तारीख को प्लान के मुताबिक अदला-बदली करनी थी। जीजू ने मुझे दीदी के तौर-तरीके भी बता दिए और मुझसे भी पूछा और मैंने भी उन्हें सब कुछ बता दिया कि कैसे मेरी बीवी चुदवाती है। बस एक ही प्रॉब्लम थी, अगर वह बातचीत करना चाहेगी तो क्या करेंगे, तो जीजू ने कहा उनके मुंह पर उंगली रख देना। वह समझ जाएगी मैंने कहा ठीक है। अब प्लान को प्रूफ करना था। हम लोग शाम को पार्टी के लिए निकले और पार्टी में शराब पी और खाना खाकर करीब 11:00 बजे हम लोग घर आए, प्लान के मुताबिक गेट का दरवाजा जीजू ने खोला उन दोनों के कमरे का दरवाजा खुला था और लाइट बंद थी। मैंने मोबाइल के टार्च से देखा दीदी पूरी तरह से नंगी सोई हुई थी, मैंने झट से सारे कपड़े उतारे और खूंटी पर टांग दिया और बेड पर दीदी के ऊपर लेट गया। मेरा लंड उसकी गांड पर रगड़ने लगा तो वो बोलने को हुई तभी मैंने उसके मुंह पर हाथ रख दिया फिर भी इतना तो बोली कि आज तो लगता है बहुत मूड में हो और मैं गांड मे लंड डालने लगा, वह बोली आज पहले गांड मारना है क्या? मैंने फिर उसे चुप कराया फिर मैंने उसे सीधा लिटा दिया और उसके बुर को चाटने लगा उसके बुर के नमकीन पानी से मदहोश हो रहा था। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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दोस्तों जीजा ने जैसा बताया था दीदी की बुर बिल्कुल उसी की तरह फूली हुई थी। दीदी समझ चुकी थी कि उसे बोलना नहीं है और चुपचाप अपने बुर को चटवाती रही, वह कसमसा रही थी। मैं समझ गया दीदी बुर में लौड़ा लेना चाहती है। मैंने भी आव देखा न ताव दीदी के बुर पर अपना लौड़ा लगाया और एक जोरदार झटका मारा मेरा मोटा काला लोड़ा सनसनाता हुआ दीदी के बुर में आधा चला गया। दीदी चीख उठी कुछ बोलने को हुई लेकिन नहीं बोली, उसने सोचा शायद मुझे बुरा लगेगा। फिर मैंने अपना लौड़ा दीदी के बुर से निकाला और इस बार मैंने दुगुनी ताकत से दीदी के बुर में लौड़ा पेल दिया इस बार तो दीदी एकदम बुरी तरह से चीख उठी थी। मेरा काला 8 इंच का लोड़ा दीदी की हालत खराब कर रहा था। मैं अब जोर जोर से दीदी को पेलने लगा और दोनों हाथों से उसकी चुचीयों को मसलते हुये पेले जा रहा था। दीदी की बुर बुरी तरह से पनिया गई थी। चुदाई से पच पच पच पच की आवाज पूरे कमरे में गूंज रही थी, जीजा ने सही कहा था दीदी एकदम गरम माल है।

फिर करीब 10 धक्के लगाने के बाद दीदी का पानी निकल गया और वो थोड़ी सुस्त हुई थी, लेकिन मेरा लौड़ा अभी भी टाईट था। मैंने बुर से लंड निकाला और दीदी के मुहं मे डाल दिया, दीदी मेरे लोड़े को चूसने लगी। दीदी पुरा का पुरा 8 इंच लोड़ा अपने मुंह में ले रही थी। मेरी बीवी तो मुश्किल से आधा लंड मुहं मे ले पाती है। दीदी ने मेरा पूरा मुंह में ले लिया था। थोड़ी देर में फिर से मैं उसके चूत में दोबारा लौड़ा डालने लगा, दीदी अहहह अहहह करके मेरे लंड को अपने बुर के गहराई मे ले रही थी। फिर करीब आधे घंटे के बाद मेरा पानी निकला और मैंने अपना लंड उसके मुंह में दोबारा दे दिया, थोड़ी देर में लंड खड़ा हो गया। फिर मैंने दीदी को घोड़ी बना दिया। दीदी के कमरे में अंधेरा जरूर था हल्की रोशनी रोशनदान से आ रही थी। दीदी की भारी भरकम गांड को सहलाते हुए मैंने उनके गांड के छेद में एक उंगली डाल दी तो वो थोड़ा सा कसमसाई लेकिन कुछ बोली नहीं, मेरा हौसला बढ़ रहा था और एक बार मेरा पानी निकलने के बाद दूसरी बार मेरा लंड और भी फूल गया था। मैंने दीदी के गांड के छेद पर थोड़ा सा थूक लगाया और अपने लंड पर भी थूक लगाया और दीदी के गांड में डालने लगा। दीदी की गांड बहुत टाइट थी। जीजा बोल रहे थे कि दीदी की गांड रोज मारते है, लेकिन दीदी के गांड के छेद से ऐसा लग रहा था कि दीदी की गांड अभी सील पैक है।

अब मैं अपने लंड के टोपे को दीदी के गांड में डाल रहा था। दीदी की कमर को पकड़कर मैंने दीदी के गांड में एक जोरदार झटका मारा तो मेरे लंड का आगे का हिस्सा दीदी के गांड में जाकर अटक गया। फिर मैंने लंड को निकाला और इस बार ज्यादा थूक लगाया और अपने लंड पर और एक जोरदार धक्का मारा। मेरा लंड दीदी की गांड को चीरता हुआ उनके गांड में समाता जा रहा था। दीदी सिहर-सिहर कर मेरे 9 इंच के लंड को अपने गांड में ले रही थी। फिर दूसरी बार के झटके में मैंने अपना पूरा लंड दीदी के गांड में पेल दिया। दीदी थोड़ा ऐठ गई थी और मैं समझ गया था कि जीजा का लंड छोटा होगा और मेरा हथियार बड़ा है, हालांकि जीजा ने बताया था 8 इंच का है तो मैं समझ गया कि थोड़ा सा मेरा मोटा और बड़ा है, इसलिए दीदी शायद मेरे लंड को पहचान नहीं पाई थी। अब मैं दीदी की गांड में अपने को चोद रहा था और दीदी चीख चीख कर मेरा लंड ले रही थी। वाकई दीदी के गांड बहुत जबरदस्त थी। मुझे जन्नत का मजा मिल रहा था और लगातार 15 मिनट दीदी के गांड में भूचाल के बाद मैंने लंड निकाला और दीदी के मुंह में पेल दिया, दीदी मेरा लंड लेकर चूसने लगी और फिर मुझे इशारा किया।

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फिर मैंने उसको बेड पर घोड़ी बनाया और खुद बेड के नीचे आ गया। इस बार मैं सोच रहा था कि खड़े-खड़े दीदी की गांड मारूंगा। फिर नीचे आकर खड़े खड़े दीदी के गांड में अपना लौड़ा पेला और 10 मिनट के जबरदस्त दीदी की गांड मारने के बाद अपना पानी दीदी के गांड में ही छोड़ दिया। अभी मुझे हल्की सी सुस्ती आई थी और इस बीच दीदी दो बार झड़ चुकी थी। फिर मैंने दीदी के मुंह में अपना लौड़ा दे दिया ताकी तीसरे राउंड के लिए मेरा लंड तैयार हो सके। फिर करीब 5 मिनट दीदी ने मेरा लंड चूसा और मेरा लंड और भी विशाल हो गया। इस बार मैंने सोचा दीदी की बुर और गांड दोनों मारूंगा और करीब आधे घंटे और फिर बाहर निकलूंगा और मैंने वही किया। इस बार दीदी का दाहिना पैर अपने कंधे पर रखकर मैंने दीदी के बुर में अपना लंड पेला और जबरदस्त चुदाई कर रहा था। दीदी की चूची को पकड़ कर मसल रहा था। करीब 10 मिनट दीदी के बुर मे पेलने के बाद मैंने अपना लंड निकाला और दीदी के गांड में डाल दिया। दीदी का दाहिना पैर मेरे कंधे पर होने के कारण दीदी के गांड का छेद थोड़ा सिकुड़ गया था। इससे मेरा लंड और भी टाईट जा रहा था। दीदी आई मां उई मां की आवाज निकालती हुई मेरे काले मोटे लंड को अपनी गांड में ले रही थी और जबरदस्त चुदाई चल रही थी। दीदी की बुर की खुशबू पूरे कमरे में फैल रही थी और बारी-बारी से मैं कभी दीदी की गांड मारता तो कभी उनकी बुर में पेल देता और कभी लंड चुसा देता। फिर करीब आधे घंटे दीदी की जबरदस्त चुदाई करने के बाद मेरा पानी निकला और इस बार मैंने दीदी के मुंह में अपना बीज गिरा दिया और बिल्कुल निहाल हो गया।

दोस्तों दीदी बेड पर एकदम बिलकुल सुस्त पड़ी हुई थी। दीदी का आज मैंने बुरा हाल कर दिया था, दीदी को सुस्त पड़ा देख मौका देखकर मैं कमरे के बाहर आया, में बिल्कुल टाईम पर था, जीजा बाहर ही खड़े थे, मैंने पूछा कब आए तो बोले बस अभी आ रहा हूं जा अपने कमरे में और मुझे अपने कमरे जाने दे और जीजा अपने कमरे में चले गए और मैं अपनी बीवी के पास चला आया, मैंने देखा मेरी बीवी बेड पर नीढाल होकर सोई हुई थी। मैं समझ गया जीजा ने मेरी बीवी की जबरदस्त चुदाई की है और मैं भी पानी पीकर बेड पर लेट गया। थोड़ी देर में ही मुझे नींद आ गई और मैं सो गया सुबह जीजा से मुलाकात हुई उन्होंने पूछा क्यों साले साहब कैसी रही? मैंने कहा जबरदस्त, आप अपना बताओ जीजा ने कहा यार तेरी बीवी जबरदस्त माल है। मैंने कहा वह तो है आपकी बीवी भी कम नहीं है, जीजा मुझे तो जन्नत का मजा मिला, आई लव यू जीजा जो आपने मुझे मेरी दीदी को चोदने का मौका दिया। उन्होंने भी मुझे थैंक्स कहा मैंने कहा जीजा फिर कब ऐसा मौका मिलेगा जीजा ने कहा देखते है जब मौका मिलेगा तब यह काम किया जाएगा। मैं अपनी बीवी को लेकर शाम को अपने घर आ गया ।।

धन्यवाद …

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