दीदी को मकान मालिक ने चोद डाला

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प्रेषक : नितिन …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम नितिन है, में कानपुर का रहने वाला हूँ। आज में आपको एक और कहानी सुनाने जा रहा हूँ, ये कहानी किसी और की नहीं मेरी दीदी की है। में वैसे तो कानपुर का रहने वाला हूँ, लेकिन अभी पुणे में रहता हूँ। मेरी दीदी मेरे साथ रहती है, में दो रूम के एक फ्लेट में रहता हूँ। आज में आपको मेरी दीदी की पहली ऐसी कहानी सुनाने जा रहा हूँ जिसे मैंने अपनी आँखो से देखा है। तो सबसे पहले में आपका परिचय अपने दीदी से और अपने मकान मालिक से करा दूँ। मेरी दीदी जिनकी उम्र 24 साल की एक सुंदर और सुशील लड़की है, उनकी हाईट 5 फुट 6 इंच है, वो एक गोरी और सेक्सी लड़की है, दीदी को देखकर सबके लंड खड़े हो जाते है, वो मेरा खाना बनाने के लिए मेरे साथ रहती है। मेरा मकान मालिक एक सुंदर और गोरे बदन का मर्द है, उसकी उम्र लगभग 50 साल है और उसका लंड लगभग 10 इंच का है, वैसे तो वो दूसरी जगह पर रहता था, लेकिन वो किराया लेने के लिए यहाँ आया करता था।

अब में आपको अपनी कहानी की तरफ ले चलता हूँ, में नौकरी करता हूँ तो दिनभर मेरी दीदी अकेली घर पर रहती है। अब कुछ दिनों से मेरी दीदी किसी की तलाश है। में उस दिन अपनी जॉब के काम से जब रूम से निकला तो दीदी ने मुझसे पूछा कि में कब लौटूँगा? तो मैंने बोला कि में शाम से पहले नहीं लौटूँगा। तो दीदी बोली कि ठीक है, लेकिन मुझे जिस सेल्समैन के साथ जाना था, वो अपने कमरे पर नहीं था। तो में अपने रूम पर पहुँचा, उस दिन मेरा मकान मालिक यहाँ आया हुआ था। फिर जब मैंने अपने रूम के दरवाजे पर ताला बंद पाया, तो मैंने सोचा कि दीदी कही गयी होंगी, तो में पीछे के दरवाजे से अंदर गया, तो मैंने अंदर के कमरे में दीदी को किसी के साथ बात करते हुए सुना। फिर मैंने वहाँ अपनी दीदी को अपने मकान मालिक के रूम में बैठा पाया।

फिर मैंने देखा कि दीदी बेड पर बैठी हुई थी और मकान मालिक दीदी के पास आया और दीदी के पास आकर ही बैठ गया। अब में वही सीढ़ियों पर आराम से बैठ गया था और देखने लगा कि वो दीदी के साथ क्या करता है? तो मैंने देखा कि वो दीदी के पास जाकर दीदी के होंठो को चूसने लगा था। तो तभी दीदी ने मकान मालिक से कहा कि यह आप क्या कर रहे है? तो उसने कहा कि वो किराया वसूल रहा है। फिर कुछ देर तक ऐसा करने के बाद उसने दीदी के सलवार के नाडे को खोल दिया, तो दीदी की सलवार जमीन पर गिर गयी। फिर उसने दीदी की पेंटी भी उतार दी, अब दीदी भी उसका सहयोग कर रही थी। फिर मैंने देखा कि दीदी के सलवार खोलने के बाद उसने दीदी के सूट को भी उतार दिया था और खड़ा होने के लिए बोला, तो दीदी खड़ी हो गयी।

अब वो दीदी के पीछे आकर अपनी लुंगी को खोलकर खड़ा हो गया था, उसका लंड 10 इंच लंबा था। अब उसका लंड देखकर दीदी डर गयी थी। फिर दीदी बोली कि यह तो बहुत मोटा है, मेरी चूत फट जाएगी। फिर तभी उसने दीदी से पूछा कि क्या उसका पहली बार है? तो दीदी ने हाँ में अपना सिर हिलाया। अब उसका लंड मेरी दीदी की चूत को फाड़ने के लिए बैचेन हो रहा था। फिर उसने दीदी से कहा कि पहले दर्द होगा, लेकिन बाद में मज़ा आएगा और अपने एक हाथ को दीदी कि गांड पर, तो अपने दूसरे हाथ से अपने लंड को दीदी की गांड में घुसाने का प्रयास किया, लेकिन उसका लंड अंदर नहीं जा रहा था। फिर उसने अपने लंड पर थोड़ा तेल लगाया और दीदी की गांड पर भी तेल लगाया, तो फिर दीदी ने अपनी गांड का रास्ता दिखाया। फिर कुछ देर के बाद मैंने दीदी को अपने दोनों हाथों से अपनी गांड को फैलाते हुए देखा। फिर उसने दीदी की कमर को पकड़कर एक झटका मारा, तो दीदी के मुँह से उफफफ्फ की आवाज मेरे कान तक पहुँची। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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अब वो अपनी कमर को हिलाने लगा था। फिर उसने दीदी से पूछा कि गया क्या? तो दीदी ने हाँ में अपना सिर हिलाया। अब उसका लंड 2 इंच दीदी की गांड में जा चुका था। फिर कुछ देर तक वो मेरी दीदी की गांड को इसी तरह से पेलता रहा। अब मेरी दीदी उसके हर एक झटके के साथ ओउुउउ, अओउ, आअहह की आवाजे निकाल रही थी। फिर कुछ देर के बाद जब दीदी को खड़े होने में परेशानी होने लगी, तो उन्होंने उसे बेड की तरफ मुँह करने के लिए बोला, तो दीदी चुपचाप झुक गयी। फिर उसने दीदी को बेड की तरफ जैसे ही घुमाया, तो मैंने देखा कि दीदी की गांड में उसका लंड 3-4 इंच चला गया था। अब दीदी बेड पर झुक गयी थी और अब वो दीदी की कमर पकड़कर ज़ोर-ज़ोर से दीदी की गांड में अपने लंड को पेल रहा था। फिर उसने एक ज़ोर से झटका मारा, तो दीदी दर्द से कांप उठी। अब उसका लंड दीदी की गांड में पूरा जा चुका था।

फिर दीदी ने मकान मालिक से पूछा कि कितना बाहर है? तो उसने कहा कि पूरा अंदर है। तो तब दीदी ने उनसे कहा कि जल्दी गिरा दो, अब सहा नहीं जाता है। फिर 15 मिनट के बाद मकान मालिक हांफने लगा। अब में समझ गया था कि अब उसका बीज गिरने वाला है और फिर कुछ देर के बाद वो दोनों शांत हो गये और मकान मालिक ने अपना बीज गिरा दिया। फिर उसने अपना लंड बाहर निकाल लिया और बाथरूम में चला गया और दीदी वही बेड पर चुपचाप लेटी रही। फिर जब वो बाथरूम से बाहर आया तो दीदी उठकर बाथरूम में चली गयी। फिर जैसे ही दीदी बाथरूम से बाहर आई तो वो दीदी की चूत पर अपना एक हाथ फैरने लगा था। फिर तभी दीदी बोली कि आपका किराया तो वसूल हो गया? तो वो हँसने लगा और बोला कि अगले महीने का किराया भी तो वसूलना है। अब दीदी बेड पर लेट गयी थी और वो दीदी की जाँघ पर बैठ गया था। फिर उसने दीदी की चूत के बालों के ऊपर अपना हाथ फैरना शुरू कर दिया और अब इधर दीदी ज़ोर-ज़ोर से अंगडाई लेने लगी थी।

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फिर मैंने दीदी की चूत को और उसके लंड को ध्यान से देखा तो मैंने सोचा कि बहुत मज़ा आने वाला है। फिर उसने दीदी की चूत पर थोड़ा तेल लगाया और अपने लंड के ऊपर भी थोड़ा तेल लगाया। फिर मैंने देखा कि अब उसने दीदी की चूत पर अपने लंड को सटा दिया था और एक हल्का सा झटका मारा तो उसके लंड का अगला हिस्सा दीदी की चूत में चला गया था। फिर तभी दीदी ने ज़ोर से आओउ करके सिसकी ली। तो तभी उसने पूछा कि गया क्या? तो दीदी बोली कि हाँ। अब वो दीदी की दोनों चूचीयों पर अपना हाथ फैरने लगा था और दीदी की चूत में अपने लंड को अंदर डालने के लिए झटके लगाने लगा था। अब दीदी नहीं धीरे, आहह करके आवाजे निकाल रही थी। अब वो दीदी के ऊपर लेट गया था और अपनी कमर को झटके के साथ हिलाने लगा था। फिर मैंने देखा कि वो दीदी के होंठो को चूसने लगा था। अब दीदी ने अपनी दोनों जाँघो को फैला दिया था और अब वो ज़ोर-ज़ोर से दीदी की चूत को चोदने लगा था। अब कुछ देर में दीदी की चूत में उसका पूरा लंड जा चुका था। अब दीदी भी उसका भरपूर साथ दे रही थी।

फिर मैंने देखा कि अब दीदी भी अपनी कमर को ऊपर उठा-उठाकर उसके साथ सुर में ताल मिला रही थी। फिर कुछ देर के बाद दीदी ने पूछा कि अब कितना बाहर है? तो वो बोला कि पूरा का पूरा अंदर जा चुका है और एक ज़ोर का झटका मारा तो दीदी के मुँह से आअहह की आवाज आई। फिर कुछ देर तक दीदी के मुँह से इसी तरह ओउ आह की आवाजे निकलती रही। तो तब उसने दीदी के होंठो को चूसना शुरू कर दिया। अब दीदी भी उसका पूरा साथ देने लगी थी। अब लगभग 45 मिनट के बाद वो हांफने लगा था। अब दीदी समझ गयी थी कि उसका वीर्य गिरने वाला है तो तभी दीदी ने उससे कहा कि अपना बीज चूत में मत गिराना, नहीं तो वो कुंवारी माँ बन जाएँगी। तो उसने दीदी से कहा कि मेडिकल स्टोर से गर्भ निरोधक खा लेना। फिर दीदी मान गयी और उसने दीदी की चूत में ही अपना बीज गिरा दिया।

फिर 5 मिनट तक दीदी के ऊपर लेटे रहने के बाद उसने उठकर अपने लंड को दीदी की चूत से बाहर निकाला और दीदी के ऊपर से हट गया और दीदी 5 मिनट तक वैसे ही लेटी रही। फिर जब मैंने दीदी की चूत को देखा तो मैंने पाया कि दीदी की चूत काफ़ी फूल गयी थी। फिर दीदी की चूत को देखकर उसने बोला कि लगता है ये अभी भी भूखी है। तो तभी दीदी मुस्कुराते हुए बोली कि आपका किराया तो वसूल हो गया। तो वो बोला कि नहीं ये तो अभी सूद है, ब्याज़ तो बाद में लूँगा। फिर दीदी उठकर अपने कपड़े पहनने लगी और अपने कपड़े पहनने के बाद रूम से बाहर निकलने के लिए जैसे ही तैयार हुई, तो में वहाँ से निकलकर चला गया। फिर मैंने वहाँ से दीदी को ऊपर जाते हुए देखा। अब मेरा मकान मालिक दीदी को रोज चोदता है और वो मजे लेती रहती है ।।

धन्यवाद …

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