दो चोरों ने मिलकर चूत फाड़ी

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प्रेषक : आशा …

हैल्लो दोस्तों, में एक शादीशुदा औरत हूँ और मेरी उम्र 34 साल है। मेरे पति एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते है, वो मार्केटिंग में है इसलिए वो अक्सर शहर से बाहर रहते है, मेरे दो बच्चे है, एक लड़का एक लड़की है। अब में आपको अपने बारे में बता दूँ में एक खूबसूरत औरत हूँ और मेरे बूब्स का साईज 40 होगा। अब में आपको ज्यादा बोर ना करती हुई सीधी अपनी स्टोरी पर आती हूँ। यह बात दिसम्बर की है। में अपने घर में अपने बच्चों के साथ अकेली थी और बाहर काफ़ी ठंड थी और धुंध भी पड़नी शुरू हो गयी थी। अब खाना खाने के बाद बच्चे अपने कमरे में सोने चले गये थे। फिर में काफ़ी टाईम तक टी.वी देखती रही और टी.वी देखते-देखते कब मेरी आँख लग गयी मुझे पता ही नहीं चला।

फिर कुछ देर के बाद अचानक से कुछ टूटने की आवाज़ से मेरी नींद खुल गयी तो मैंने आस पास देखा तो कोई भी नहीं था। अब मेरे रूम की लाईट बंद थी और टी.वी चल रहा था। फिर में उठी और टी.वी बंद किया, अब में समझी शायद टी.वी में से आवाज़ आई है। फिर मैंने टी.वी बंद करके जैसे ही बाथरूम का दरवाजा खोला तो मेरे होश उड़ गये। अब मेरे सामने दो आदमी खड़े थी, जिनके चेहरे पर कपड़ा बँधा हुआ था और हाथ में चाकू था। फिर उनमें से एक आदमी ने मुझे धक्का मारा और अपने हाथों से मेरा मुँह बंद कर दिया, तो में कुछ भी समझ नहीं पाई कि क्या हो रहा है? अब में बहुत डर गयी थी और शायद इसी कारण मेरी चीख भी नहीं निकल पाई थी। अब तक उन दोनों ने मुझे कुर्सी पर बैठा दिया था और धीरे से एक आदमी बोला कि अगर तूँ चीखी तो समझ लेना कि यह तेरी आखरी चीख होगी। फिर मेरी तरफ से कोई हरकत नहीं हुई और अब मेरी बॉडी डर के मारे काँप रही थी।

फिर दूसरा आदमी मेरे कान के पास आकर बोला कि बता घर के सारे गहने और पैसे कहाँ पर रखे है? और यह कहते हुए दूसरे ने चाकू मेरी गर्दन पर लगा दिया। अब में समझ गयी थी कि यह दोनों चोर है। फिर मैंने अपने मुँह में से दबी हुई आवाज निकाली, तो वो समझ गये कि में कुछ बोलना चाहती हूँ, तो एक ने मेरा मुँह खोल दिया। फिर में डरी हुई आवाज़ में बोली कि मेरे पास सिर्फ़ एक मंगलसूत्र और कान के झुमके है और मेरे पास कुछ भी नहीं है। फिर तब दूसरा चोर चाकू दिखाता हुआ बोला कि साली सीधे से बताती है कि चाकू तेरे अंदर घुसेड़ दूँ। फिर में बोली कि में सच कह रही हूँ। फिर वो चोर बोला कि बता घर में और कौन है? तो में बोली कि सिर्फ़ में और मेरे बच्चे। फिर उन दोनों ने मुझे कुर्सी से बांधना शुरू कर दिया और एक चोर मेरे पास खड़ा रहा और दूसरा चोर कमरे का सामान देखने लगा।

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फिर में फिर बोली कि में सच कह रही हूँ मेरे पास इस समय कुछ भी नहीं है, सब बैंक के लॉकर में है। मेरी बात सुनकर एक ने मुझसे अलमारी की चाबी माँगी, तो में कुछ नहीं बोली। फिर तब एक बोला कि साली बताती है या तेरे बच्चो को मार दूँ। अब में बहुत डर गयी थी और उनको चाबी दे दी। फिर उन्होंने पूरी अलमारी और बाकी का सामान चैक कर लिया मगर उनको कुछ भी नहीं मिला। फिर वो दोनों चोर गुस्से से मेरे पास आए और मेरा मंगलसूत्र और कान से झुमके उतारने लगे, तो में कुछ नहीं बोली। अब में समझी कि शायद अब यह दोनों चले जाएँगे, लेकिन मेरी सोच ग़लत थी। अब मेरा मंगलसूत्र उतारते समय एक चोर के हाथ मेरे मोटे-मोटे बूब्स पर चले गये। वो तभी अपने साथी से बोला कि यार क्या हुआ अगर माल नहीं मिला? यह माल तो हमें जरूर मिलेगा। अब उसके हाथ मेरे बूब्स पर थे, तो में डर गयी और बोली कि प्लीज़ मुझे जाने दो, में दो बच्चो की माँ हूँ। फिर दूसरा चोर बोला कि तीसरे बच्चे की माँ बनने के लिए तैयार हो जा। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था, वो दोनों ही चोर काफ़ी लंबे ऊँचें थी। अब उन दोनों ने अपने मुँह के कपड़े खोल लिए थे, अब वो दोनों मुझे ललचाई नजरों से देखने लगे थे। फिर एक ने मेरे ब्लाउज के हुक खोलने शुरू कर दिए। अब मेरे ब्लाउज के सभी हुक खुल चुके थी, अब मेरे मोटे-मोटे बूब्स मेरी ब्रा से बाहर आ रहे थे। फिर वो दोनों मेरी ब्रा के ऊपर से ही मेरे बूब्स को दबाने लगे। अब एक ने मेरी ब्रा का हुक भी खोल दिया था और अब मेरे दोनों बूब्स आज़ाद थे। फिर उन दोनों ने मेरा एक-एक बूब्स पकड़ लिया और जोर-जोर से दबाने लगे। अब मेरी आँखों से आँसू निकलने शुरू हो गये थे। फिर मैंने उनसे बहुत मिन्नते की मगर वो दोनों कहाँ मानने वाले थे? फिर एक ने मुझे खोल दिया और मेरी साड़ी को मेरी टाँगों से ऊपर तक उठा दिया। अब वो दोनों यह सब कुछ बहुत जल्दी-जल्दी कर रहे थे। अब में समझ गयी थी कि मेरे साथ क्या होने वाला है? फिर वो दोनों मुझे कुर्सी से उठाकर बेड पर ले गये।

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अब मेरे बूब्स नीचे लटक रहे थे और अब उन दोनों के लंड पेंट में खड़े हो गये थे। अब वो दोनों मेरे बूब्स को जोर-जोर से चूस रहे थे। अब मुझे भी कुछ होने लगा था और अब में कुछ नहीं बोल रही थी। तो तब एक चोर बोला कि साली क्या बूब्स है? दिल करता है कि चूस-चूसकर लाल कर दूँ। अब मेरे दोनों निपल्स लाल हो चुके थे, अब मुझे भी मजा आने लगा था। फिर इतने में एक ने मेरी साड़ी खोल दी और मेरे पेटीकोट का नाड़ा ढूँढने लगा और फिर जब उसे नाडा नहीं मिला तो उसने मेरा पेटीकोट मेरी जांघों से ऊपर तक उठा दिया। मैंने नीचे पेंटी नहीं पहनी थी तो मेरी चिकनी चूत देखकर उन दोनों की आँखे फट गयी, अब वो दोनों पागल हो गये थे। फिर वो दोनों खड़े हुए और उन दोनों ने अपनी पेंट उतार दी, उन दोनों का लंड उनका अंडरवेयर फाड़कर बाहर की तरफ आ रहा था। फिर जैसे ही उन दोनों ने अपने अंडरवेयर खोले, तो मेरी आँखे फटी की फटी ही रह गयी एक का लंड 9 इंच का तो दूसरे का 8 इंच से कम नहीं होगा।

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फिर एक चोर ने मुझे बेड पर सीधा लेटाकर अपना 9 इंच लंबा लंड मेरी चूत के लिप्स पर रख दिया और दूसरे ने अपना लंड मेरे मुँह में डाल दिया। अब में उसका लंड लॉलीपोप की तरह चूसने लगी थी। अब वो दूसरा वाला धीरे-धीरे अपना लंड मेरी चूत में डालता जा रहा था। अब में दर्द से पागल हो रही थी मगर में चीख भी नहीं सकती थी, क्योंकि एक लंड मेरे मुँह में था। फिर उसने अपना पूरा लंड मेरी चूत में डाल दिया और आगे पीछे धक्के मारने लगा। अब मुझे भी मज़ा आने लगा था और अब मेरे मुँह से उम्म्म्म, आह की आवाजे आने लगी थी। अब मुझे उसका लंड चूसना अच्छा लग रहा था, अब पूरे कमरे में छप-छप की आवाजे आने लगी थी। फिर कुछ देर के बाद एक चोर ने मेरे मुँह में ही अपना वीर्य गिरा दिया मगर नीचे वाला फुल स्पीड में अंदर बाहर कर रहा था। फिर उसने भी एक ज़ोरदार झटका मारकर अपना वीर्य मेरी चूत के अंदर ही गिरा दिया और ऊपर वाले चोर का वीर्य मेरे गले के अंदर जा रहा था। फिर कुछ देर तक लेटे रहने के बाद में बाथरूम की तरफ भागी कि कहीं में सच में गर्भवती ना हो जाऊं। फिर जब में वापस आई तो मैंने देखा कि वो दोनों चोर अपने कपड़े पहनकर वहाँ से भाग चुके थे। अब मुझे अपने आपसे शर्म और हँसी दोनों आ रही थी। मैंने ज़िंदगी में भी नहीं सोचा था कि इस तरह दो चोर मुझे चोदोंगे ।।

धन्यवाद …

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