दो सहेलियों की चूत की सिंचाई

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प्रेषक : राज …

हैल्लो दोस्तों, आप सभी लंड वालों और चूत वालियों को मेरा नमस्कार। दोस्तों में अपनी आज की कहानी को शुरू करने से पहले थोड़ा सा अपने बारे में भी बता देता हूँ और उसके बाद में अपनी कहानी पर आऊंगा। दोस्तों में एक सेल्स प्रोफेशनल हूँ और हर तरह की सलाह देना मेरा काम है, वैसे आप सभी जानते ही हो सेल्स की नौकरी के बारे में और अब में अपनी कहानी पर आता हूँ। दोस्तों दस साल पहले मेरा तलाक हो गया था तो इसलिए में अकेला ही अपनी जिंदगी गुजार रहा था, लेकिन मुझे अब बहुत अकेलापन महसूस होने लगा था, इसलिए में अब किसी का साथ चाहता था। वैसे मुझे फ़ेसबुक पर बातें करना बहुत अच्छा लगता और ऐसे ही में अपना समय बिताने के लिए कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियाँ भी पढ़ने लगा, जिनको पढ़कर मुझे बहुत मज़ा आता था। फिर एक दिन फेसबुक पर में एक दोस्त के साथ चेटिंग कर रहा था। मैंने कुछ लड़के और लड़कियों को अपनी तरफ ऐ आग्रह भेज रहा था। करीब एक महीने बाद एक औरत ने मेरे आग्रह को स्वीकार कर किया और फिर मेरी उससे दोस्ती होने के बाद ऐसे ही कुछ महीनों हमारे बीच मैसेज बाज़ी चलती रही। उस वजह से हम दोनों बहुत ज्यादा करीब हो गये और हमारे विचार एक दूसरे से मिलने लगे थे। उसके कुछ दिनों के बाद हमने एक दूसरे का मोबाईल नंबर ले लिया और अब हमारी फोन पर भी बातें होनी शुरू हो गई थी और हमारे बीच बातें हंसी मजाक सब ऐसे ही चलता रहा और फिर हमारी दोस्ती को करीब पूरे तीन साल हो गये, मुझे इस बात का पता ही नहीं चला।

दोस्तों मे अभी 43 साल का हूँ और वो मुझसे 6 महीने छोटी है, उनके पति कनाडा में रहकर वहीं पर नौकरी करते और कभी कभी एक दो साल में वो अपने घर पर आते है। दोस्तों अब हमारी बातें कुछ ज्यादा ही बढ़ती चली गयी, जिसकी वजह से अब हमारे बीच में एक दूसरे से छुपाने वाली कोई भी बात ना बची और उसकी वजह से अब हमारी दोस्ती चुदाई के बहुत पास तक आ गयी। फिर हमारी पहली मुलाकात मेट्रो स्टेशन के पास एक कॉफी केफे में हुई, वो दिखने में ठीकठाक थी। उस दिन हम दोनों एक दूसरे को पहली बार देखकर बहुत खुश थे, लेकिन फिर वो करीब 15 दिन के बाद अपने बच्चों के साथ कनाडा चली और पूरे एक महीने के बाद वो वापस आ गई, क्योंकि अब बच्चों के स्कूल खुलने वाले थे, उनका मेरे फोन आया और में उनकी यह बात सुनकर बहुत खुश हो गया। फिर एक दिन हमने मिलने का विचार बनाया और हम दोनों उस दिन पूरा दिन साथ में रहे, लेकिन हमने कुछ नहीं किया, बस बैठे बहुत सारी बातें हंसी मजाक किया। उसके बाद हम अपने अपने घर पर चले गए और उसके कुछ दिन बाद हमारा दोबारा मिलने का विचार हुआ और हम दोबारा मिले और एक दिन साथ में बिताया और उसके बाद घर आ गए। दोस्तों अब हम लोग एक दूसरे के सामने बहुत खुल गए थे और अब हमारे बीच में फोन सेक्स की बातें होने लगी थी, मेरा भी उसको चोदने का बहुत मन कर रहा था। में आप सभी को बता दूँ कि मेरी लम्बाई 5.7 है और में अच्छा दिखता हूँ, लेकिन सेक्स के मामले में ज्यादा धनी हूँ, क्योंकि मेरा लंड 6 इंच का है। फिर एक दिन हम प्लान बनाकर अपनी सुहागरात के लिए शहर से बाहर शिमला के एक होटल में चले गए, क्योंकि यहाँ पर हमारे पास कोई भी सुरक्षित जगह नहीं थी और वैसे आप सभी अच्छी तरह से जानते है कि दिल्ली के किसी होटल में भी यह काम करना कितना खतरनाक है, कब कोई फिल्म बना ले पता ही नहीं चलेगा, इसलिए हम तीन दिन के लिए शिलमा चले गये, वो दिन हमने हमारी सुहागरात की तरह मनाया था और जब हम शिमला होटल पहुंचे तो रूम में जाते ही हम दोनों एक दूसरे से ऐसे चिपक गये, जैसे हम दोनों कब से प्यासे हो, हमने बहुत मस्त चूमना शुरू किया और यह सब करीब 10-12 मिनट तक चला। फिर हम फ्रेश होकर अपने बेड पर आ गये और हम दोनों तुरंत अपने कपड़े उतारकर चिपक गए और दोबारा चूमने लगे। दोस्तों उसका क्या मस्त बदन था और वो मस्त चूमती भी थी। में उनके होंठो पर किस करके अब उनके बूब्स को चूसने लगा और दबा भी रहा था और धीरे धीरे पेट पर सहलाने लगा। उसके बाद जांघे और फिर चूत के ऊपर अपना हाथ घुमाने लगा। दोस्तों अभी मैंने चुदाई शुरू नहीं की थी, लेकिन वो तो बहुत गरम हो गई और सिसकियाँ लेने लगी। मैंने उसे उल्टा लेटा दिया और फिर पैर और कूल्हों को किस किया, मस्त गोरी बहुत सेक्सी थी। कुछ देर बाद मैंने उन्हें सीधा लेटा दिया और अब में उनकी प्यासी गरम कामुक चूत पर आ गया। मैंने उसको सहलाना मसलना शुरू किया, जिसकी वजह से उसकी चूत बहुत गीली हो चुकी थी और मेरे मुहं में उसका पानी आ रहा था और मेरा पूरा साथ दे रही थी, वो अब अपनी चुदाई के लिए तड़प रही थी। कुछ देर बाद मैंने अपना लंड उसकी तरफ बढ़ाया और उसने झपटते हुए लंड को अपने हाथ में ले लिया और अब वो धीरे धीरे हिलाने लगी और कुछ देर बाद उसने लंड को अपने मुहं में ले लिया, वो बहुत मस्त होकर चूसने लगी थी, जिसकी वजह से में अब ज़न्नत की सेर कर रहा था और कुछ देर बाद उसने मुझसे कहा कि प्लीज अब तुम इसको अंदर डाल दो मुझसे अब और ज्यादा बर्दाश्त नहीं हो रहा है। अब में उसके दोनों पैरों के बीच में बैठ गया और मैंने अपना तना हुआ लंड उसकी चूत के मुहं पर रख दिया और एक ज़ोरदार झटका मार दिया, जिसकी वजह से अब मेरा आधा लंड उसकी चूत में समा गया, वो उस दर्द की वजह से एकदम से सिहर उठी, आह्ह्हह्ह उफ्फ्फ्फ़ प्लीज थोड़ा ध्यान से करो, मुझे दर्द हो रहा है। फिर में अब अपने लंड को धीरे से थोड़ा और आगे पीछे करने लगा और जब मुझे उसका दर्द कम होना महसूस हुआ तो मैंने दोबारा से लंड को थोड़ा बाहर निकालकर एक ज़ोर का झटका दिया, जिसकी वजह से मेरा पूरा लंड उसकी चूत की गहराईयों में समा गया और उसकी चुदाई चलती रही।

दोस्तों करीब बीस मिनट तक उसको लगातार धक्के देकर चोदने के बाद उसने मुझसे कहा कि तुम अब अपने लंड पर कंडोम लगा लो। मैंने अपने लंड पर कंडोम चड़ाया और उसके बाद दोबारा से चोदना शुरू किया, उसको बड़ा मज़ा आ रहा था। अब उसकी चूत से पानी निकल रहा था और अब मेरी भी झड़ने की बारी थी, इसलिए मैंने अपनी धक्कों की स्पीड को राजधानी एक्सप्रेस बना दिया। करीब 10-12 ज़ोरदार वाले झटके मारने के बाद में भी झड़ गया और हम दोनों एक दूसरे से लिपट गये। हम दोनों ने उन तीन दिनों के समय में करीब 15-16 बार सेक्स के मज़े किये, जिसकी वजह से हम दोनों एक दूसरे के साथ से बहुत खुश थे और अब तीन साल से में जब भी हमें कोई अच्छा मौका मिलता है तो में उसको चोदता जरुर हूँ और हमने बहुत बार चुदाई के मज़े लिए।

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फिर करीब दो महीने पहले उसने अपनी एक दोस्त से मेरा परिचय करवाया और उसने बताया कि उसकी वो सहेली भी मुझसे अपनी चुदाई करवाना चाहती है, उसकी सहेली भी चुदाई के लिए बहुत तरसती है, उसने मेरे चुदाई के तरीके और अपनी संतुष्टि भरी चुदाई जो मैंने उसको हर बार दी और उसके बारे में उसको पहले से ही बता दिया था, इसलिए वो भी मेरे साथ वो सब कुछ एक बार करना चाहती थी, वो मुझसे अपनी बहुत मस्त चुदाई करवाना चाहती थी। फिर उसने मुझे अपनी सहेली सी पहली बार मिलवा दिया और फिर हमने अपने मोबाईल नंबर एक दूसरे से ले लिए और हमारी बातें होने लगी। दोस्तों उसकी सहेली का नाम रूबी है, वो दिखने में बहुत सुंदर, उसके बूब्स कसे हुए, गोरा बदन बड़ी आकार की गांड मुझे अपनी तरफ आकर्षित करने लगी और हम बहुत कम समय में बहुत अच्छे दोस्त बन चुके थे और हमारी बातें अब बहुत लंबी होने लगी थी और में भी उसको चाहने लगा था। एक दिन मेरे पास रूबी का कॉल आया और हमारे बीच में कुछ इधर उधर की बातें हुई। फिर उसने मुझे उससे मिलने के लिए बुलाया। मैंने कहा कि ठीक है, में अपने ऑफिस के बाद आ जाऊंगा। उसके बाद में उसी शाम को उसके घर पर चला गया। दोस्तों में पहले ही बता दूँ कि वो भी शादीशुदा है, उस वक़्त उसके पति 15 दिन के लिए कहीं बाहर गये थे। उसके घर में अब एक छोटी सी बच्ची जिसकी उम्र करीब पांच साल की थी, वो भी एक प्ले स्कूल में जाती है। दोस्तों रूबी एक ग्रहणी है, वो घर में बस तीन ही लोग है, उसका घर बहुत बड़ा था, में वहां पर गया और बैठा। फिर कुछ देर बाद चाय का दौर चला और हमारी बातें होती रही। मुझे उसके चेहरे से लग रहा था कि वो भी बहुत प्यासी है और उसकी भी भूख अभी तक नहीं मिटी थी, शायद उसका पति उसको सही तरीके से चोदता नहीं होगा या वो अपनी सुंदर हॉट सेक्सी पत्नी को इन सबके लिए पूरा समय नहीं दे रहा होगा। फिर बातों ही बातों में उसने मुझसे पूछा कि मेरे घर में कौन कौन है? तो मैंने कहा कि यहाँ पर दिल्ली में अकेला ही रहता हूँ और मेरी बीवी नहीं है और मेरी माँ हमारे गाँव की खेती सम्भालती है। फिर कुछ देर बातें करने के बाद मैंने वहां से चलने का बहाना बनाया और में उससे जाने की बात कहकर उठकर खड़ा हो गया। तभी वो मुझसे कहने लगी कि तुम घर में अकेले रहते हो, तुम घर पर पहुंचकर कब खाना बनाओगे? इसलिए तुम यहीं पर खाना खाकर ही चले जाना। फिर मैंने उनकी बात को सुनकर मन ही मन बहुत खुश होकर कहा कि हाँ ठीक है, वैसे मेरा भी मन घर जाने का नहीं था, क्योंकि मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे मुझे आज एक और नयी चूत चोदने को मिल सकती है। अब उसने हमारे लिए खाना बनाया और कुछ देर बाद हमे खाना खाने पीने में करीब 10:30 बज गये। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

दोस्तों मुझे खाना खाने के बाद एक सिगरेट और चाय पीने का मन होता है और में अपने घर भी खाना खाने के बाद यही करता हूँ, इसलिए मैंने उसके सामने चाय की फरमाईश रख दी और सिगरेट तो मेरे पास पहले से ही थी। अब वो मेरे लिए मेरे कहने पर तुरंत रसोईघर में चाय बनाने चली गई और में उसके फ्लेट की बालकनी में खड़ा रहकर सिगरेट पीने लगा और कुछ देर में मेरे लिए चाय आ गयी, हमने साथ में चाय के मज़े लिए और तब तक 11 बज चुके थे, उसने बातों ही बातों में मुझसे कहा कि अब तुम अपने घर पर मत जाओ, आज रात को यहीं पर रूक जाओ और तुम कल सुबह तुम्हारे ऑफिस भी यहीं से चले जाना। फिर मैंने कुछ देर सोचकर कहा कि हाँ ठीक है, अब तक उसकी बेटी सो चुकी थी और हम लोग टी.वी. देख रहे थे, उसने कोई हॉलीवुड फिल्म लगा रखी थी, उसमें कई सारे गरम करने वाले द्रश्य आ रहे थे, जिनको वो बड़े ही गौर से देख रही थी और जोश में आकर अपनी मेक्सी के ऊपर से अपने बूब्स को हल्का हल्का दबा रही थी, में उसकी इस हरकत को अपनी तिरछी निगाहों से देख रहा था और अब तक मेरा लंड भी तनकर पूरे जोश में आ चुका था। में अब मन ही मन सोच रहा था कि में शुरू कहाँ से करूं? तभी मैंने कहा कि भाभी जी तो वो मेरे मुहं से यह शब्द सुनकर एकदम चकित हो गयी और वो मुझसे कहने लगी कि तुम मुझे भाभी मत कहो, मेरा नाम लेकर बोलो।

अब में उसकी तरह हंस दिया और मैंने कहा कि रोज़ी जी आपके पति बाहर कितने दिन रहते है? वो बोली कि महीने में करीब बीस दिन वो बाहर ही रहते है। तभी मैंने देखा कि यह बात कहते हुए उनका चेहरा उदास हो गया था और मैंने जले पर नमक डालते हुए नाटक करके उससे कहा कि ओह्ह्ह फिर तो वो आपको समय भी नहीं दे पाते होंगे? तो उसने मेरी बात को सुनकर एक लंबी साँस ली और बोली कि वो घर पर होते भी है तो मुझे वो कहाँ समय देते है, वो बड़े ही उदास मन से बोली। दोस्तों में उसकी समस्या को समझकर खुश होकर मन ही मन सोचने लगा, अब तो मेरा मौका पक्का हो गया और मुझसे अब बिल्कुल भी रुका नहीं जा रहा था और में उसके पास में जाकर उससे चिपककर बैठ गया, लेकिन उसने मेरा कोई ऐतराज़ नहीं किया, जिसकी वजह से मेरी हिम्मत बढ़ गई और अब मैंने उसके कंधे पर अपना एक हाथ रख दिया और एक किस उसके गाल पर कर लिया, वो मुस्कुराकर टी.वी. देखती रही और में समझ गया कि अब मेरा रास्ता बिल्कुल साफ है। फिर मैंने उसका एक हाथ पकड़कर अपने खड़े लंड पर लाकर रख दिया, वो मेरी पेंट के ऊपर अपना हाथ रखे हुए लंड को दबाने लगी। अब मैंने उसके बूब्स को दबाना शुरू किया, जिसकी वजह से उसको अब बहुत मज़ा आ रहा था। फिर तभी मैंने अपनी पैंट की चेन को खोलकर अपने लंड को आज़ाद करके उसके हाथ में दे दिया, वो मेरे लंड को बहुत ध्यान से देख रही थी। फिर मैंने उससे पूछा कि क्या हुआ? तो उसने कहा कि तुम्हारा यह तो बहुत बड़ा और मोटा भी है और इतना कहकर वो दोबारा मेरे लंड को हिलाने लगी। फिर कुछ देर बाद मैंने उससे पूछा कि क्या तुम इसको चूसोगी तो उसने हाँ में सर हिलाया और वो बोली कि बेडरूम में चलो, हम दोनों बेडरूम में चले गये और कपड़े उतारने लगे, हमारे बदन में आग सी लग रही थी। फिर कपड़े उतारने के बाद हम दोनों ने एक दूसरे को किस किया और एक मस्त वाला हग किया। में उसके एक बूब्स को अपने मुहं में लेकर चूस रहा था और दूसरे को दबा रहा था। मैंने उसके पूरे शरीर पर किस किया और उनकी 36 की गोल मटोल गांड दबाई, अब वो सिसकियाँ लेने लगी और वो मुझसे कहने लगी कि राज आज मेरी प्यास को बुझा दो, में बहुत दिनों से नहीं चुदी हूँ। फिर मैंने हाँ में अपना सर हिलाया और उसके होंठो पर ज़ोरदार किस किया और उसको बेड पर लेटा दिया और हम अब 69 की पोज़िशन में आ गए, में उसकी चूत वो मेरा लंड चूसने लगी, करीब 15 मिनट के बाद उसने मेरा लंड चूसना छोड़ दिया और वो बोली कि प्लीज अब आ जाओ।

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अब में उसके दोनों पैर फेलाकर चूत के ठीक सामने बैठ गया। मैंने उससे पूछा कि कंडोम कहाँ है? तो उसने बेड के सिरहाने से एक कंडोम बाहर निकाला और फिर मेरे लंड के टोपे पर एक किस किया और उसको कंडोम पहना दिया। मैंने अब उसकी चूत के छेद पर अपने लंड का टोपा रख दिया और एक ज़ोर का झटका दे दिया, जिसकी वजह से वो पूरी तरह से हिल गयी और बोलो कि प्लीज धीरे से करो। दोस्तों अब तक मेरा आधा लंड उसकी चूत के अंदर जा चुका था। मैंने अब लंड को आगे पीछे किया और अब उसे भी मेरे साथ मज़ा आ रहा था। मैंने लंड को बाहर निकालकर फिर से चूत के मुहं पर रखा और एक ज़ोरदार झटका मार दिया। इस बार मेरा पूरा लंड उसकी चूत में समा गया और अब वो भी मज़े से अपनी गांड को उठाकर मुझसे अपनी चुदाई करवा रही रही थी, वो अब मुझसे कह रही थी कि प्लीज तुम मुझे हर रोज़ ऐसे ही चोदो, जब तक मेरे पति घर पर ना आ जाए। अब में हाँ के साथ साथ झटके भी लगा रहा था। फिर वो बोली कि में तुम्हें इस काम के लिए पैसे भी दूँगी। मैंने पैसों के लिए उनको मना कर दिया, लेकिन वो बार यही बात कहती जा रही थी और में मना किए ज़ा रहा था।

फिर करीब दस मिनट की चुदाई के बाद मैंने उसको घोड़ी बनने के लिए कहा और वो तुरंत तैयार हो गयी। अब मैंने उसको घोड़ी की तरह बैठाकर अपना लंड उसकी चूत में डालकर उसके कूल्हों को कसकर पकड़ लिया और लगातार ज़ोर से धक्के लगाकर चोदता रहा। मैंने महसूस किया कि मेरा लंड उसकी चूत में बहुत गहराई तक जा रहा था और वैसे चुदाई उसकी पहली चुदाई थी। दोस्तों वो मेरा पूरा पूरा साथ दे रही थी और मुझे भी उसके साथ बहुत मज़ा आ रहा था। करीब 10-12 मिनट में हम दोनों एक एक करके झड़ गये और अब हम दोनों बिल्कुल शांत हो गये। मैंने अपने लंड से कंडोम को उतारकर फेंका। उसके बाद हम दोनों बाथरूम में चले गये और साथ में नहाकर हम दोनों दोबारा बेड पर आ गये और लेट गये, बातें करने लगे और वो मेरी छाती पर बहुत प्यार से अपना सर रखकर लेटी हुई थी, वो कभी कभी बातों के बीच में मेरी छाती पर किस भी कर रही थी। दोस्तों उस रात को हमने करीब तीन बार सेक्स किया, सुबह वो जल्दी उठी, क्योंकि उसको अपनी बेटी स्कूल भेजना था। उसने मुझे करीब 9 बजे उठाया। मुझे बीती हुई रात की चुदाई की वजह से थोड़ी सी थकान भी महसूस हो रही थी। उसने मुझसे कहा कि आप अब फ्रेश हो लो, में आपके लिए नाश्ता बना लाती हूँ, वो कुछ ही देर बाद मेरे लिए नाश्ते में ब्रेड आमलेट और एक गिलास में दूध ले आई। मैंने नाश्ता किया और अपना बेग उठाकर में अपने ऑफिस के लिए जाने लगा। तभी वो मुझसे आकर लिपट गयी और वो अपनी आँखो में आँसू ले आई। मैंने उसके आँसू साफ किये और उसको किस किया, वो खुश हो गई और बोली कि शाम को यहीं पर आ जाना। मैंने कहा कि हाँ ठीक है। फिर में अपने ऑफिस पहुंचा और अपने टेबल पर आकर अपने आज का प्रोग्राम बनाने के लिए मैंने अपने बेग से डायरी बाहर निकाल रहा था तो में हैरान रह गया और मैंने देखा कि मेरे बेग में नोटो का एक बंडल था। में अब सोच रहा था कि यह पैसे मेरे पास कहाँ से आए? फिर रोज़ी की रात वाली वो बात याद आई, जिसमें उसने मुझे पैसे देने के लिए कहा था। में तुरंत समझ गया था कि उसने ही मेरे बेग में यह पैसे रखे होंगे और जब मैंने उनकी गिनती की, तब मुझे पता चला कि वो 7500 रूपये थे। दोस्तों मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा और मैंने मन में सोचा कि में आज शाम को उसे यह पैसे वापस कर दूंगा। फिर पूरा दिन का काम खत्म होने के बाद शाम को मेरे पास उसका फोन आया यह याद दिलाने के लिए कि मुझे उसके घर पर जाना है और फिर में शाम को उसके घर पर चला गया। अब में उसको वो पैसे उसे दे रहा था और उस पर थोड़ा सा गुस्सा भी हो रहा था कि उसने यह पैसे मेरे बेग में क्यों रखे? तब उसने मुझे किस किया और वो बोली कि आप यह बात बिल्कुल भी मत समझना कि यह आपके साथ एक रात को सोने की कोई कीमत है, क्योंकि में तो क्या कोई भी तुम्हारे उस प्यार की असली कीमत नहीं चुका सकती, यह मेरी तरफ से सिर्फ़ आपके लिए एक छोटा सा तौफा है। फिर भी मैंने वो पैसे रखने से साफ मना किया। तब वो मुझसे कहने लगी कि अगर तुम यह नहीं रखना चाहते तो तुम अब मुझसे कभी दोबारा मत मिलना और ना ही मुझे कॉल करना। दोस्तों उसकी वो बात सुनकर अब मुझे मजबूर होकर चुपचाप वो पैसे अपने पास रखने पड़े, में उससे कुछ नहीं बोल पाया। उसके बाद मैंने उसको अपने गले से लगा लिया और उसको चूमने लगा और वो भी मेरा पूरा पूरा साथ देने लगी। उसके बाद उस रात को हमारे बीच वो चुदाई का खेल एक बार फिर से शुरू हो गया। मैंने उसको उस रात भी बहुत जमकर चोदा। वो मेरी हर एक चुदाई से बहुत खुश हुई और हमारी यह चुदाई कई दिनों तक ऐसे ही चलती रही। मैंने उसको हर बार अपनी चुदाई से बहुत खुश किया और उसको पूरी संतुष्टि दी।

दोस्तों आज में आप सभी को एक बात बताना चाहता हूँ, हर एक औरत आपसे सिर्फ़ प्यार मांगती है और प्यार के लिए वो अपना सब कुछ लुटा देती है, वो बहुत भोली होती है, इसलिए आप किसी भी औरत, लड़की को कभी भी धोखा मत देना और ना ही उसका गलत इस्तेमाल करना ।।

धन्यवाद …

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