दोस्त की बहन की सील तोड़ी

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प्रेषक : अजय …

हैल्लो दोस्तों, में सूरत का रहने वाला हूँ, मेरा एक फ्रेंड है, उसका नाम अजय है, वो मेरा क्लास मेट और बेस्ट फ्रेंड भी है और मेरे घर के बाजू में रहता था। उसके घर में 4 लोग थे, अजय, एक छोटी बहन और पापा-मम्मी रहते है। उसके पापा सरकारी कर्मचारी है, उनका घर गाँव में ही था, तो मेरा वहाँ आना जाना था, में 70% वहीं रहता था। मेरी माँ कहती थी कि यह तो रीमा और अजय का सगा भाई है, बल्कि मेरा बेटा है ही नहीं। वो मुझे 10 साल से राखी बांध रही थी, क्योंकि हम 10 साल से साथ थे। तो यह एक दिन की बात है यह एक रियल घटना है, जिसने मेरी लाईफ को ही चेंज कर दिया। अब में आपका ज्यादा समय खराब ना करते हुए सीधा अपनी स्टोरी पर आता हूँ। जब गर्मी के दिन थे में और अजय और उसकी छोटी बहन रीमा गर्मी के कारण नीचे लेटे हुए थे। उस टाईम मेरी उम्र 20 साल की थी और रीमा 18 साल की थी। उसके बूब्स बहुत ही अच्छे थे, एकदम राउंड बूब्स अभी ज़्यादा बड़े नहीं थे, शायद 30 साईज के होंगे, लेकिन उसकी गांड बूब्स देखकर कोई भी लड़के का लंड एकदम तैयार हो सकता था।

अब हम दोनों उस टाईम बातें कर रहे थे कि अचानक से मेरा हाथ अपने आप उसकी बॉडी पर टच हुआ। तो वो एकदम से बोल पड़ी कि भैया क्या कर रहे हो? तो में चौक गया, क्योंकि मेरा हाथ टच करने की कोई इच्छा नहीं थी तो मैंने कुछ नहीं कहा और अपना हाथ हटाने के साथ ही बोला कि क्यों? क्या हुआ? मैंने क्या किया है? तो वो बोली कि कुछ नहीं। अब में समझ गया था कि वो क्या सोच रही थी? फिर में जानबूझ कर उसके हाथ को पकड़कर बोलने लगा कि क्यों क्या हुआ? तो उसने कुछ नहीं कहा और हम फिर से बातें करने लगे। फिर में अपने एक हाथ से उसके बालों को सहलाने लगा। अब मेरे ऐसे  करने से उसे अच्छा लगता था और मुझे भी उसके कंधो से उसकी बाँहों में अपना हाथ फैरना अच्छा  लगता था। में कभी-कभी ऐसे करते हुए उसके गले में भी अपना हाथ फैरता था, लेकिन आज ऐसा करते- करते वो शायद सो गयी थी, लेकिन मैंने ऐसा करना जारी रखा क्योंकि अब मुझे तो मजा आ रहा था।  मैंने उस दिन उसके गले में, कान में, गाल में, सभी जगह अपने हाथ को लगाया था तो मेरा लंड ऐसा करते हुए एकदम खड़ा हो गया था। अब मेरी साँसे तेज चल रही थी, फिर मैंने देखा कि रीमा की भी नींद टूट रही थी, तो मैंने अपना हाथ फैरना बंद कर दिया। लेकिन वो एकदम बोल पड़ी कि क्या हुआ भैया? प्लीज करो ना, अच्छा लग रहा है, तो में लगातार उसको टच करता रहा। फिर मैंने धीरे से अपना एक पैर उसकी जांघो पर रख दिया और उसकी बॉडी पर अपना हाथ फैरता रहा। तो तभी उसकी माँ की आवाज़ आई खाना रख दिया है सब आ जाओ, तो हम दोनों चले नीचे गये।

अब उस रात घर में उनके रिश्तेदार के यहाँ शादी होने के कारण अजय और उसके मम्मी-पापा शहर से बाहर गये थे और मुझे बोला कि तुम रात को यही सोना, तो मैंने कहा कि ओके। फिर मैंने रात को कहा कि रीमा तुम अंदर रूम में सो जाओ और में हॉल में सोता हूँ। तो वो बोली कि नहीं भैया मुझे अंदर डर लगता है। तो उसी रात को मेरी कुछ हिम्मत बढ़ी और फिर हम दोनों रूम में सोने चले गये। फिर मैंने जब वो सोने के लिए लेटी ही थी, तो तभी में उसकी बाजू में अपना हाथ फैरने लगा। तो उसने कुछ नहीं कहा, वो सलवार कमीज़ पहनकर सोती थी। फिर मैंने उसके गाल पर अपने हाथ को फैरा, अब उसकी आँखे खुली थी और वो मुझको देख रही थी, लेकिन वो कुछ नहीं बोली और करवट बदलकर उल्टी होकर लेट गयी। अब उसका चेहरा अभी भी मेरी तरफ था और उसकी आँखे खुली थी, उसकी कमीज़ उसके हिप्स तक उठी हुई थी और सलवार कुछ पारदर्शी होने के कारण उसकी पेंटी साफ नज़र आ रही थी।

फिर मैंने उसकी हिप्स पर अपना हाथ रखा तो ऐसा लगा कि वो बेहोश ही होने वाली हो, तो वो बोल पड़ी कि भैया क्या कर रहे हो? प्लीज सोने दो ना, कल स्कूल भी जाना है। तो मैंने कहा कि तू सो जाना, में तो तुझको सुला ही रहा हूँ। तो रीमा बोली कि ऐसे नींद कहाँ आएगी? आप क्या कर रहे हो? तो में बोला कि कुछ नहीं, तू सोने की कोशिश कर अभी नींद आ जाएंगी। तो रीमा बोली कि ठीक है और उसने अपनी आँखे बंद कर ली, लेकिन वो सो नहीं रही थी। फिर मैंने उसकी पूरी पीठ पर अपना हाथ फैरा, उसने ब्रा पहनी थी। तो उसकी ब्रा का हुक मेरे हाथों से टकराया, तो उसकी आँखें खुली और बोली कि आप सोने नहीं दे रहे हो। तो मैंने कहा कि अच्छा सोजा, अब नहीं करूँगा और फिर उसने  अपनी आँखें बंद कर ली। तो मैंने उसके हिप्स पर अपना हाथ फैरा और उसकी कमीज़ को और ऊपर कर दिया।

अब उसकी सलवार के ठीक ऊपर उसकी लाईट ब्लू पेंटी का ऊपर का हिस्सा साफ नजर आ रहा था, वो सीन बहुत ही उत्तेजित था। मैंने पहली बार अपनी बहन की पेंटी को देखा था। फिर मैंने उसकी पेंटी  की इलास्टिक को अपने हाथ में लिया, तो वो बहुत टाईट थी। अब मेरे ऐसा करते ही उसने अपनी आखें  फिर से खोल ली और हल्के से मुस्कुरा दी और बोली कि भैया आप नहीं मानोगे। तो मैंने कहा कि में  कुछ नहीं कर रहा हूँ, वो तेरी पेंटी सलवार में से बाहर आ रही है उसे में तो वो। तो रीमा बोली कि वो क्या? बोलो ना, (अब वो मुस्कुरा रही थी, उसके चेहरे पर एक चालाक हंसी थी) अच्छा उसे अंदर कर दो और प्लीज अब सोने दो। तो मैंने एकदम से उसकी पेंटी को अपने हाथ से पकड़कर अंदर किया, लेकिन  वो अंदर नहीं हो रही थी क्योंकि उसकी सलवार का नाड़ा बहुत टाईट बंद था। अब वो समझ गयी थी और सीधी लेट गयी और बोली कि 1 मिनट और फिर उसने लेटे-लेटे ही अपनी कमीज़ ऊपर की और अपनी सलवार का नाड़ा खोलकर ढीला कर दिया और फिर से उल्टी हो गयी और बोली कि अब कर दो।

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अब मेरा तो लंड इस टाईम एकदम से खड़ा हुआ था और अब मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि आज क्या हो रहा है? और फिर मैंने उसकी पेंटी अंदर कर दी। तो वो बोल पड़ी कि अब प्लीज कमीज भी नीचे कर दो, नहीं तो आप फिर से मुझे छेड़ोगे। तो में हल्का सा मुस्कुराया और उसकी पेंटी अंदर कर दी। फिर मैंने किस करना स्टार्ट कर दिया, लेकिन ये किस 15 मिनट तक चलता रहा और फिर से मैंने उसकी छाती पर अपना हाथ फैरना शुरू कर दिया। तो उसने कोई जवाब नहीं दिया और फिर में धीरे-धीरे उसकी नाभि से होता हुआ, उसकी चूत को उसकी सलवार के ऊपर से अपना हाथ फैरने लगा।  अब मेरे लिप्स उसके लिप्स से किस कर रहे थे और एक हाथ उसके बूब्स पर और एक हाथ उसकी चूत पर था। अब में धीरे-धीरे उसकी गर्दन और उसके बाद उसके बूब्स को उसकी कमीज़ के ऊपर से सक करने लगा। तो उसके मुँह से अजीब-अजीब सी आवाजें आने लगी तो में समझ गया कि अब वो गर्म हो चुकी है।

फिर उसके बाद मैंने धीरे-धीरे अपना एक हाथ उसकी कमीज़ के अंदर डाल दिया और उसकी ब्रा के ऊपर से उसके बूब्स को दबाने लगा और फिर बाद में मैंने उसकी कमीज़ उतार दी। तो वो कुछ नहीं बोली, क्योंकि अब वो पूरी तरह से गर्म हो चुकी थी और अब वो अपने बूब्स को अपने दोनों हाथों से छुपाने लगी थी। अब मैंने टाईम ख़राब नहीं करते हुए उसे दुबारा से किस करना शुरू कर दिया था और उसकी ब्रा के ऊपर से उसके बूब्स को सहलाता रहा और फिर उसकी पीठ पर अपना एक हाथ ले जाकर उसकी ब्रा के हुक भी खोल दिए। अब वो मेरे सामने बिल्कुल टॉप लेस थी। फिर में उसे बेड पर सीधा लेटाकर उसके बूब्स को सक करने लगा और 20 मिनट तक उसके बूब्स सक करने के बाद मैंने उसकी सलवार की तरफ अपना हाथ बढ़ाया और उसका नाड़ा खोल दिया और उसके बूब्स को सक करना स्टार्ट रखा।

अब उसके मुँह से अजीब-अजीब सी आवाजे आ रही थी, तो मैंने सोचा कि कही पड़ोसी सुन लेंगे तो परेशानी हो जाएंगी इसलिए मैंने उसके बूब्स सक करते हुए सी.डी का बटन ऑन कर दिया। अब म्यूज़िक ज़ोर से बजने लगा था और किसी को कुछ सुनाई देने का तो नाम ही नहीं था। फिर मैंने उसकी सलवार धीरे-धीरे उतारनी शुरू कर दी। अब उसकी सलवार उतरने के बाद में उसकी चूत को उसकी काली पेंटी के ऊपर से सक करने लगा था, तो वो और जोर जोर से आवाजें निकालने लगी। फिर धीरे-धीरे मैंने उसकी पेंटी को भी उतार दिया और उसकी चूत को सक करने लगा। अब वो मेरे सामने बिल्कुल नंगी पड़ी हुई थी और कुछ बोल भी नहीं रही थी। फिर मैंने लगभग 10 मिनट तक उसकी चूत को सक किया और जैसे ही उसकी चूत झड़ने वाली थी। तो में सक करने से हट गया, तो वो बिना पानी की मछली की तरह तड़प उठी और फिंगर फुक्किंग करने लगी। अब मैंने उसके दोनों हाथ कसकर पकड़ लिए थे, तो वो मेरे आगे गिड़गिडाने लगी कि प्लीज़ मेरी चूत को सक करो। तो मैंने कहा कि साली पहले तो बहुत अकड़ती थी, तो आज क्यों नहीं अकड़ रही? तो वो फिर से गिड़गिडाने लगी।

फिर मैंने उससे कहा कि में तुम्हारी चूत एक शर्त पर ही सक करूँगा, पहले तुम्हें मेरे लंड को सक करना होगा। तो वो झट से मान गयी और फिर मैंने उसे मेरे कपड़े उतारने को कहा। तो उसने जल्दी-जल्दी मेरे कपड़े उतार दिए और मेरे 7 इंच लम्बे और 2 इंच मोटे लंड को देखकर बोली कि ये मेरे मुँह में कैसे आएगा? तो मैंने कहा कि साली में बताता हूँ और फिर मैंने अपना लंड उसके मुँह में थोड़ा सा डाल दिया। तो उसके बाद धीरे-धीरे वो खुद आगे बढ़ती गयी और मेरे पूरे लंड को अपने मुँह में डालकर सक करने लगी। अब उसका एक हाथ मेरे बॉल्स के साथ खेल रहा था और में उसके बूब्स के साथ खेल रहा था। फिर थोड़ी देर तक सक करने के बाद वो बोली कि अब तुम मेरी चूत को सक करो। तो मैंने कहा कि चलो 69 की पोजिशन में हो जाओ। तो वो बोली कि वो क्या होती है? तो मैंने उसे बताया कि 69 क्या होती है? और इस तरह हम दोनों 69 की पोजिशन में आ गये और एक दूसरे को सक करने लगे।

अब में धीरे-धीरे उसकी चूत में उंगली भी डाल रहा था। तो वो कह रही थी कि दर्द होता है और फिर 10 मिनट के बाद उसका पानी छूट गया और में उसके जूस को पी गया। मुझे उसकी चूत का पानी अच्छा लगा तो में उसकी चूत को सक करता रहा। तो उसके बाद वो फिर से गर्म हो गयी और जैसे ही मैंने सक करना बंद किया, तो वो दुबारा से गिड़गिडाने लगी कि सक करो। तो मैंने कहा कि अब में सक नहीं करूँगा बल्कि तुम्हारी चूत में अपना लंड डालूँगा। तो वो कहने लगी कि इतना बड़ा लंड मेरी चूत में कैसे आएगा? मुझे तो तुम्हारी उंगली से भी दर्द होता है, तो में यह कैसे सहन करूँगी? तो मैंने उससे कहा कि तुम्हें डरने की ज़रूरत नहीं है थोड़ी देर दर्द होगा, लेकिन बाद में तुम भी इन्जॉय करोगी और फिर मैंने उससे कहा कि औरतों की चूत का छेद बहुत बड़ा होता है, क्योंकि यहाँ से इतना बड़ा बच्चा निकल जाता है तो मेरा लंड तो आराम से आएगा।

फिर उसके बाद मैंने तेल लेकर थोड़ा सा अपने लंड पर और बाकी उसकी चूत के लिप्स हटाकर वहाँ पर लगा दिया और अपना लंड उसकी चूत में अंदर डालने की बजाए उसकी चूत के लिप्स पर ही रगड़ने लगा। तो वो थोड़ी देर में ही चिल्ला उठी प्लीज अंदर करो। तो उसके बाद मैंने थोड़ा सा अपना लंड अंदर किया, तो वो दर्द से चिल्लाने लगी। तो मैंने उसके होंठो पर अपने होंठ रख दिए और अपने लंड को वही पर रखकर थोड़ा सा हिलने लगा। अब वो इन्जॉय करने लगी थी, तो मैंने एक ज़ोर से झटका दिया तो मेरा लंड उसकी चूत में चला गया और वो दर्द से तड़पने लगी। लेकिन अब मेरे सब्र का बांध टूट चुका था तो में उसकी परवाह नहीं करते हुए अपने लंड को अंदर बाहर करने लगा। तो वो थोड़ी देर तक दर्द महसूस करती रही, लेकिन बाद में वो भी इन्जॉय करने लगी थी। अब उसके मुँह से आवाजें आने लगी थी आआआआआाआऊऊऊऊहहअ और ज़ोर से चोदो और ज़ोर से और अंदर करो। तो मैंने कहा कि तुझे ये सब तो अच्छा नहीं लगता ना, तो साली अब लंड का स्वाद आ रहा है ना? तेरी तो आज में पूरी फाड़ दूँगा।

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अब लगभग 15 मिनट की चुदाई के बाद मेरा झड़ने वाला था। अब इस बीच वो दो बार झड़ चुकी थी, तो मैंने उससे कहा कि मेरा वीर्य निकलने वाला है और उससे पूछा कि अंदर निकालूं या बाहर?  तो वो बोली कि बाहर ही निकालना में प्रेग्नेंट नहीं होना चाहती हूँ। तो मैंने उसकी चूत में से लंड निकालकर उसके मुँह में डाल दिया और उसके मुँह को फुक करने लगा। तो थोड़ी देर में ही मेरा वीर्य निकल गया, अब उसका मुँह मेरे वीर्य से भर गया था, जो कुछ तो उसने निगल लिया था और बाकी बाहर उसके चेहरे से होता हुआ उसकी गर्दन पर गिर गया था। फिर उसके बाद में थोड़ी देर तक उसके ऊपर ही लेट गया और उसको किस करता रहा और अपने वीर्य को उसके बूब्स पर मलता रहा। फिर लगभग 15 मिनट आराम करने के बाद हम दोनों उठे। अब सुबह होने लगी थी और अजय और  उसकी फेमिली क़िसी भी टाईम आ सकती थी, तो हम दोनों ने अपने आपको फ्रेश किया और मैंने उसके खून और हम दोनों के पानी से खराब हुई बेडशीट को क्लीन किया और फिर हमने बाद में 2 बार और सेक्स किया, लेकिन उसके पापा की सरकारी नौकरी थी तो उनका दिल्ली में ट्रान्सफर हो गया, तो वो वहाँ रहने चले गये।  वो मुझे अभी भी फ़ोन करती है और में उसकी शादी में जाकर आया था, अभी 6 महीने पहले ही उसकी शादी हुई है ।।

धन्यवाद …

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