दोस्त की बीवी बनी घरवाली

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प्रेषक : पंकज …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम पंकज है और घर पर मेरे अलावा मेरा एक दोस्त कुलीन, उसकी पत्नी अंजना रहती थी। यह उन दिनों की बात है जब मेरे दोस्त ने नयी नयी शादी की थी और हम तीनों साथ में रहते थे, कुलीन की उमर करीब 25 साल और अंजना भाभी की उमर सिर्फ़ 19 साल और मेरी 24 साल। मेरे दोस्त की शादी अभी पांच महीने पहले ही हुई और अंजना भाभी का रंग एकदम गोरा, आखें गुलाबी और नशीली बड़ी बड़ी, बाल काले और लंबे शरीर भरा, उसके बूब्स उमर के हिसाब से ज्यादा गोल गोल और कूल्हे भी बहुत भरे हुए है इसलिए जब भी वो चलती थी तब उसके कुल्हे इस अंदाज से मचलते जिसको देखकर मेरा लंड खड़ा हो जाता था, लेकिन अभी तक उसके साथ कुछ भी करने का मौका ही नहीं मिल पाया था और वैसे अंजना भाभी मुझे अपना देवर समझती थी। दोस्तों मेरी अंजना भाभी वैसे बहुत ही शरारती, खुले विचारों हंसमुख स्वभाव और दिखने में बहुत ही सेक्सी थी वो हमेशा ही मुझसे मज़ाक किया करती थी, लेकिन मुझे पता नहीं था कि वो कभी मेरे साथ ऐसा भी कुछ कर सकती है।

एक दिन सुबह अंजना मुझे जगाने के लिए आई तब सुबह के आठ बजे थे। मेरा लंड एकदम तनकर खड़ा था और लंड के खड़ा होने की वजह से मेरी लुंगी में टेंट बन गया था। अंजना भाभी ने बिना कोई शरम किए मेरे लंड पर अपने हाथ से धीरे से मारा और बोली आठ बज रहे है क्या उठाना नहीं है? मैंने कहा कि मुझे आज दोपहर के समय ऑफिस जाना है इसलिए आप मुझे सोने दो, वो बोली कि ठीक है सोते रहो और उसके बाद वो घर का काम करने लगी। अब में सो गया मेरे दोस्त के जाने के बाद वो दोबारा मुझे जगाने के लिए आ गई। मेरा लंड अभी तक भी खड़ा था और उन्होंने मेरे लंड को पकड़कर खींचा और बोली भैयाजी अब तो उठ जाओ। तो में उठ गया अब मैंने अपने लंड की तरफ इशारा करते हुए उससे पूछा क्या आपको मेरे लंड पर हाथ लगाने में शरम नहीं आती अगर कुछ हो गया तो? वो बोली क्या हो जाएगा? तुम तो मेरे एकलौते और प्यारे प्यारे देवर हो और देवर से कैसी शरम आख़िर भाभी पर देवर का आधा हक़ होता है, जैसे साली आधी घरवाली होती है ठीक वैसे ही देवर भी आधा घरवाला होता है। वैसे तुम्हारा यह लंड कुछ ऐसा है कि में इसको पकड़ने से अपने आप को रोक नहीं पाई और मैंने इसको पकड़ लिया और अगर तुम्हे अच्छा नहीं लगा तो में अब कभी भी तुम्हारे बदन को हाथ भी नहीं लगाउंगी। तो मैंने कहा कि नहीं अंजना भाभी में तो आपसे बस मज़ाक कर रहा था सच कहूँ भाभी मुझे बहुत अच्छा लगा और मेरे इतना कहने के बाद वो मेरे पास में बैठ गयी और उन्होंने मेरे लंड को एक बार फिर से पकड़कर खींच लिया और पूछने लगी क्यों कैसा लगा? मैंने कहा कि बहुत अच्छा, लेकिन अगर मुझे जोश आ गया तो में तुम्हे रगड़ दूँगा। अब वो मुझसे बोली तो देर किस बात की है, रगड़ दो ना, तुम्हे मना किसने किया है? मैंने कहा कि मेरा लंड तो तुमने पहले ही छूकर महसूस किया है कितना लंबा और मोटा है? वो बोली अभी तक मैंने इसे देखा ही कहाँ है? अभी तो यह किसी नयी नवेली दुल्हन की तरह घूँघट में है। अब उसकी यह बातें सुनकर में भी मज़ाक के मूड में आ गया और मैंने उससे कहा कि अगर आप उसको देखना चाहती हो तो देख लो, वो पूछने लगी तुम अपने दोस्त से तो नहीं कहोगे ना? मैंने कहा कि बिल्कुल नहीं और मेरे इतना कहते ही अंजना ने मेरी लूँगी को ऊपर कर दिया और अंजना भाभी मेरे लंड को देखती ही रह गयी और वो बोली देवर जी तुम्हारा लंड तो बहुत ही शानदार है आप इसको छुपा लो वरना किसी की नज़र लग जाएगी। इतना कहकर अंजना भाभी उनके हाथ से मेरे लंड को छूने लगी, जिसकी वजह से मेरे सारे बदन में सुरसुरी सी दौड़ गयी और कुछ देर बाद उसने लूँगी को नीचे कर दिया। फिर मैंने उससे कहा कि मेरे लंड को आज तक किसी ने नहीं देखा था। आज पहली बार तुमने मेरा लंड देखा है मुहं दिखाई नहीं दोगी? वो बोली हाँ ज़रूर दूँगी बोलो क्या चाहिए? मैंने कहा कि ज़्यादा कुछ नहीं सिर्फ़ एक बार उसको चूम लो अंजना भाभी ने तुरंत ही मेरे गालों को चूम लिया, तब मैंने शरारत भरे अंदाज़ में उससे कहा कि देखो भाभी मुहं दिखाई तो उसकी होती है जिसको तुमने पहली बार देखा है।

फिर वो बोली नहीं नहीं ऐसे कैसे हो सकता है? में नहीं कर सकती, देखो भाभी में आपके ऊपर दबाव नहीं डालता, लेकिन मुहं दिखाई की रस्म तो आपको पूरी करनी ही पड़ेगी और इतना कहकर में लेट गया। फिर वो बोली कि हाँ ठीक है में तुम्हारे लंड का ही चुम्मा ले लेती हूँ और इतना कहकर उन्होंने मेरी लूँगी को ऊपर कर दिया, जैसे ही मेरा लंड बाहर आया तो उन्होंने मेरे लंड को पकड़ लिया वो थोड़ी देर तक मेरे लंड को देखती रही और फिर बोली कि तुम्हारे लंड का बहुत ही मोटा टोपा है उसके बाद उन्होंने बड़े प्यार से मेरे लंड का टोपा चूम लिया जिसकी वजह से मेरे सारे बदन में बिजली सी दौड़ गयी और अंजना भाभी की आखें भी गुलाबी हो गयी थी, वो बोली अब तो मिल गयी ना मुहं दिखाई। तो मैंने कहा कि हाँ मिल गयी, वो बोली चलो अब फ्रेश हो जाओ और नीचे आ जाओ और में फ्रेश होने चला गया और वो किचन में नाश्ता बनाने चली गयी फ्रेश होने के बाद में नहा रहा था। तब अंजना भाभी ने आवाज़ दी और कहा कितनी देर तक नहाते रहोगे? जल्दी से नहा कर आ जाओ और नाश्ता कर लो मुझे भी नहाना है। फिर मैंने कहा कि मेरा लंड अभी भी बहुत गरम है में इसको ठंडा कर रहा हूँ, लेकिन यह ठंडा होने का नाम ही नहीं लेता पहला प्यार पाकर आज बहुत ही खुश हो गया है तुम भी आकर मेरे साथ ही नहा लो। अब वो बोली नहीं मुझे तुम्हारे साथ नहाते हुए शरम आती है, तब मैंने कहा कि मेरे लंड को पकड़ने में शरम नहीं आई और अब नहाने में शरम आ रही है, तो वो बोली कि में तुम्हारे सामने अपने कपड़े कैसे उतार सकती हूँ? मैंने कहा तो में नहाकर नंगा ही बाहर आ जाता हूँ। फिर वो बोली कि हाँ तो आ जाओ ना तुम नंगे रहोगे तो शरम भी तुम्हे ही आएगी मुझे नहीं और फिर मैंने कहा कि हाँ ठीक है और फिर नहाने के बाद मैंने अपनी भीगी हुई अंडरवियर बाथरूम में ही उतार दी और में एकदम नंगा ही अंजना भाभी के सामने चला आया। फिर जब उन्होंने मुझे पूरा नंगा देखा तो अपनी आखें बंद कर ली, मैंने कहा अब क्यों शरमा रही हो? वो बोली मुझे शरम आ रही है जाओ तुम कपड़े पहनकर आओ में वैसे ही चुपचाप खड़ा रहा और थोड़ी देर बाद अंजना भाभी ने अपनी आखों को खोल दिया। वो तब भी मुझे नंगा देखती रही और मेरा कस हुआ गोरा बदन देखकर उसकी आखें फटी रह गई। मेरा लंड धीरे धीरे खड़ा हो गया तो मैंने अपने लंड की तरफ इशारा करते हुए उससे कहा कि सुबह तुमने इसको ठीक से मुहं दिखाई नहीं दी और पूरी तरह जी भरकर देखा भी नहीं था, इसलिए अब अच्छी तरह से देख लो, अंजना भाभी सोफे पर बैठी हुई थी इतना कहकर में अंजना भाभी के नज़दीक गया और अपना लंड उनके मुहं के सामने कर दिया। अब वो बोली कि तुम तो नंगे ही ज़्यादा सुंदर लगते हो, मैंने अपने लंड की तरफ इशारा करते हुए कहा और इसके बारे में क्या विचार है? विधि भाभी मेरे लंड को देख रही थी उनकी आखें गुलाबी होने लगी थी। वो बोली कि तुम्हारा लंड तो सही में बहुत ही अच्छा है। फिर मैंने पूछा कि अच्छा है का क्या मतलब? वो बोली कि अच्छा है का मतलब तुम्हारा यह लंड बहुत ज़्यादा लंबा है, एकदम गोरा और चिकना है। मैंने आज तक ऐसा लंड कभी नहीं देखा। फिर मैंने कहा इतना प्यार आ रहा है तो एक बार और मेरे लंड को चूम लो, भाभी ने कहा तुम बड़े शैतान हो और उसके बाद उन्होंने मेरा लंड अपने हाथ में पकड़ लिया और अपने गरम, गुलाबी होठों को मेरे लंड के टोपा पर रख दिया और थोड़ी देर तक अपने होठों को मेरे लंड के टोपे पर रखने के बाद उन्होंने बड़े प्यार से चूम लिया। मुझे बहुत मज़ा आया और मेरे सारे बदन में बिजली सी दौड़ गयी।

अब मैंने कहा मज़ा आ गया एक बार और चूम लो, वो बोली यही बात है और तुम कहते हो तो में एक नहीं दो बार चूम लेती हूँ और उन्होंने फिर से मेरे लंड को पकड़कर बड़े प्यार से दो बार और चूम लिया। उस समय भाभी की आखें भी जोश से एकदम गुलाबी हो चुकी थी और मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था में अपने आप को रोक नहीं पा रहा था। तभी वो कहने लगी कि चलो अब बहुत हुआ अब नाश्ता करो, मुझे नहाना है और इतना कहकर भाभी नहाने चली गयी और में उनके जाने के बाद अपने लंड पर हाथ रखते हुए अंजना भाभी का इंतज़ार करता रहा और सोचने लगा चाहे कुछ भी हो जाए, लेकिन आज यह मौका मुझे मिला है तो में जी भरकर मज़े लूँ मेरा दुबला पतला दोस्त अपनी सुंदर सेक्सी पत्नी को पूरी तरह चुदाई का संतोष तो नहीं दे पा रहा है और वो आज में इसको जरुर दूंगा। फिर करीब बीस मिनट के बाद भाभी नहाकर बाहर आई तब उन्होंने बस पेटिकोट और ब्लाउज ही पहना था। उनका एकदम गोरा बदन देखकर मुझे और ज़्यादा जोश आने लगा में सोफे पर बैठा था, भाभी मेरे सामने आ गयी और बोली दिखाओ तुम्हारा लंड। वो तुरंत हाथ में पकड़कर हिलाने लगी और बोली सही में तुम्हारा लंड बड़ा मदमस्त है, जिसको लेकर कोई भी लड़की दीवानी हो जाएगी। अब मैंने प्यार से कहा अंजना भाभी तुम खुद इसको प्यार नहीं करना चाहती? वो चुप हो गयी, लेकिन लंड को सहलाने नहीं छोड़ा मैंने उसके कंधो को पकड़कर उसको ऊपर उठाया तो उसने आखें बंद कर दी, मैंने धीरे से हाथ को आगे किया और एक बूब्स को पकड़कर सहलाने लगा। वो सिसकियाँ भरने लगी और में अपना दूसरा हाथ दूसरे बूब्स पर रखकर उसको दबाने लगा, जिसकी वजह से उसकी सिसकियाँ और भी तेज हो गयी। वो बोली प्लीज धीरे से दबाओ ना मुझे बहुत दर्द होता है। फिर मैंने कहा कि भाभी तुम्हारे बूब्स में बहुत रस भरा हुआ है जब तक उस रस को में नहीं पीयूँगा तब तक दर्द होगा। फिर इतना कहकर ब्लाउज के बटन खोलकर मैंने दोनों पल्लू को खोल दिया। तब में देखता ही रह गया 34 इंच के गोल बूब्स बीच में भूरे रंग की निप्पल थी जो अब मेरा पहला स्पर्श पाने के लिए बेताब हो चुकी थी, लेकिन भाभी ने पहले से ही उसकी चोली को उतार दिया। उस समय उसने मेरे लंड को मुक्त कर दिया, लेकिन उसकी गुलाबी आखों की बेताबी अब बढ़ती ही जा रही थी। उसकी आखें बंद सी हो गयी थी। फिर भाभी जैसे पहले स्पर्श से मदहोश हो गयी थी तो मैंने सही मौका देखा और ऊँगली से उसके पेटिकोट का नाड़ा पकड़ा और मैंने उसको तुरंत झटका देकर खींच लिया और उसको नंगा कर दिया तो उसके मुहं से एक आअहह यह क्या किया निकल गयी? सच कहूँ तो वो बहुत ज़्यादा जोश में आ चुकी थी और मैंने उसको थोड़ा सा अलग किया तो सचमुच में बस देखता ही रह गया। भाभी का गोरा चिकना संगमरमर सा बदन अब मेरे सामने था और में अंजना भाभी के एकदम गोरे गदराए हुए बदन को देखता ही रह गया। उन्होंने अपने एक हाथ से अपनी चूत को ढक लिया और जोश की वजह से उन्होंने अपनी आखों को बंद कर लिया। फिर मैंने भाभी के दोनों निप्पल को अपनी उंगलियों से पकड़कर ज़ोर से मसलना शुरू कर दिया, थोड़ी ही देर में वो जोश में आकर सिसकियाँ भरने लगी। मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था और मेरा लंड खड़ा होने लगा। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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अब भाभी ने जोश में आकर एक बार फिर से मेरे लंड को पकड़ लिया और वो सहलाने लगी, तब मैंने कहा कि तुम अपने दूसरे हाथ से क्या छुपा रही हो? वो बोली कि बहुत ही कीमती चीज़ है जिसको देखने के बाद पंगा हो जाता है। फिर मैंने कहा तो क्या हुआ? वो कुछ नहीं बोली तो मैंने उनका हाथ उनकी चूत से हटा दिया उनकी चूत एकदम गोरी और चिकनी थी बिना बालों वाली डबल रोटी की तरह फूली हुई चूत को देखकर मेरा लंड तनकर खड़ा हो गया। मैंने अपना हाथ उनकी चूत पर लगा दिया तो वो आह भरने लगी। तो मैंने पूछा अब क्या हुआ? वो बोली कि गुदगुदी हो रही है, मैंने अपने एक हाथ से उनकी चूत को सहलाना शुरू कर दिया और दूसरे हाथ से उनकी निप्पल को मसलता रहा वो सिसकियाँ भरते हुए मेरे लंड को सहलाती रही में उनकी चूत को सलहा रहा था, जिसकी वजह से वो बहुत ज़्यादा जोश में आ गयी और थोड़ी ही देर बाद वो झड़ गयी। तो मैंने अब भाभी को अपने दोनों हाथों में ले लया और बेड पर लेटा दिया मेरे सामने भाभी की भरी हुई नंगी जवानी थी मैंने उसके जिस्म को चूमना शुरू किया जिसकी वजह से वो पागल सी हो गयी मैंने धीरे से उसका सर ऊपर करके उसके होंठो को चूसने लगा उसने प्यार का वादा निभा ही दिया हम दोनों पूरे जोश से एक दूजे को चूमने का मज़ा देकर रसपान करने लगे और फिर मैंने अपना दूसरा मोर्चा भी संभाल लिया उसकी बड़ी उठी हुई निप्पल को अपने हाथों में लेकर धीरे धीरे मसलने लगा और दोनों निप्पल को ज़ोर से मसलने के बाद मैंने भाभी के एक करके दोनों बूब्स का रसपान शुरू किया जिसकी वजह से वो मचलने लगी मेरे राजा ऑश आआहह ऊहह्ह्ह मैंने धीरे धीरे ज़ोर से बूब्स को चूसना दबाना शुरू किया। तो भाभी आआहह क्या कर रहे हो ऊफ्फ्फ्फ़ प्लीज धीरे मुझसे अब सहा नहीं जाता, लेकिन मैंने प्यार करने के साथ रसपान का पूरा मज़ा लेने लगा थे। मैंने मेरे हाथ से उसकी जांघो को छूता हुआ चूत पर रख दिया और अब मेरी ऊँगली उसकी नशीली चूत के ऊपर अपना पहला प्यार जताने लगी, जिसकी वजह से वो मदहोश हो चुकी थी करीब दस मिनट तक ऐसा हुआ और में उनकी चूत के रस को चाटने लगा, वो बहुत ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ भरने लगी उनकी चूत का सारा रस चाट लेने के बाद जैसे ही मैंने हटने की कोशिश कि भाभी ने मेरा सर पकड़कर अपनी चूत की तरफ खीच लिया और वो बोली कि मुझे बहुत मज़ा आ रहा है थोड़ी देर और चूसो। अब मैंने भाभी के दोनों पैरों को चौड़ा किया और तुरंत में उसकी चूत को चाटने लगा जिसकी वजह से भाभी बहुत ज़्यादा जोश में आ चुकी थी और वो ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ भर रही थी करीब पांच मिनट में ही वो एक बार फिर से झड़ गयी इस बार उनकी चूत से ढेर सारा रस निकाला और मैंने वो सारा रस चाट लिया उसके बाद में हट गया। अब भाभी एकदम मस्त हो चुकी थी और वो बोली में तुम्हारा लंड एक बार चूसना चाहती हूँ क्या में चूस लूँ? मैंने कहा कि मैंने कब आपको मना किया है? उन्होंने मेरे लंड को अपने मुहं में ले लिया और चूसने लगी। में एक हाथ से उनके निप्पल को मसलने लगा और दूसरे हाथ की उंगली को उनकी चूत में डाल दिया और अंदर बाहर करने लगा। वो बड़े प्यार से मेरा लंड चूसती रही और ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ भर रही थी, क्योंकि भाभी बहुत ज़्यादा जोश में थी और मेरे लंड को बहुत तेज़ी के साथ वो चूस भी रही थी।

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फिर मैंने चूत को हाथ लगाया और वो आह्ह करने लगी तो मैंने पूछा अब क्या हुआ? वो बोली कि जब तुम मेरी चूत पर हाथ लगते हो तो मेरे सारे बदन में आग सी लग जाती है और बहुत ज़ोर की गुदगुदी होती है। अब में भाभी की चूत को ऊँगली से चोदने लगा। वो जोश में आकर ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ भरने लगी। मैंने उसके दोनों पैरों को चौड़ा किया और अपने लंड को उनकी चूत पर रगड़ने लगा में बहुत ज़्यादा जोश में आ गया। फिर मैंने उससे कहा अगर तुम चाहो तो में अपना लंड थोड़ा सा तुम्हारी चूत के अंदर डाल दूँ? और उस समय वो भी बहुत जोश में थी, इसलिए वो झट से बोली कि हाँ डाल दो ना तुम मुझे क्यों तड़पा रहे हो? अब मैंने उनकी चूत में अपना लंड धीरे धीरे दबाना शुरू किया और चूत की चिकनाहट की वजह से मेरा लंड फिसलते हुए उनकी चूत में जाने लगा, जैसे ही मेरा लंड उनकी चूत के अंदर तीन इंच घुसा तो वो तड़पने लगी और बोली अब रुक जाओ मुझे बहुत दर्द हो रहा है। फिर में रुक गया और थोड़ी ही देर बाद वो बोली थोड़ा सा और अंदर डाल दो और धीरे धीरे धक्के लगाओ और अब मैंने अपना लंड भाभी की चूत के अंदर और दबाने शुरू किया जैसे ही मेरा लंड उनकी चूत के अंदर चार इंच तक घुसया तो वो बोली अब रहने दो और धक्के लगाओ वो बहुत जोश में थी। अब मैंने धक्के लगाने शुरू कर दिए वो ज़ोर ज़ोर की सिसकियाँ भरने लगी थोड़ी देर बाद ही भाभी को बड़ा मस्त मज़ा आने लगा था। फिर बोली थोड़ा और तेज धक्के लगाओ और तब मैंने और तेज धक्के लगाते हुए उनकी चुदाई शुरू कर दी। फिर करीब पांच मिनट में ही वो झड़ गयी और बोली तुम मुझे अब बहुत ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाकर चोदो। अब मैंने कहा कि अगर में और भी तेज धक्के लगाकर चुदाई करूंगा तो मेरा पूरा का पूरा लंड तुम्हारी चूत में चला जाएगा, वो बोली मुझे इसकी परवाह नहीं है मुझे तो बस केवल मज़ा चाहिए। फिर मैंने कहा कि फिर ठीक है और मैंने बहुत ज़ोर ज़ोर के धक्के लगाते हुए भाभी की चुदाई शुरू कर दी। हर धक्के के साथ मेरा लंड उनकी चूत के अंदर और ज़्यादा घुसने लगा वो केवल आअहह ऊह्ह्ह करते हुए मेरे लंड को अपनी चूत के अंदर लेती रही। फिर थोड़ी ही देर में मेरा पूरा का पूरा लंड भाभी की चूत में था पूरा लंड अंदर घुसा देने के बाद मैंने बहुत ही तेज़ी के साथ ज़ोर ज़ोर के धक्के लगाते हुए उनकी चुदाई शुरू कर दी, जिसकी वजह से वो ज़ोर ज़ोर की सिसकियाँ लेते हुए एकदम मस्त होकर चुदवा रही थी। तब मैंने भाभी को करीब 25-30 मिनट तक चोदा और फिर झड़ गया और भाभी इस चुदाई के बीच तीन बार झड़ चुकी थी। भाभी के चेहरे पर आनंद और संतोष की लकीरे मुझे साफ साफ दिख रही थी फिर मुझे चूमकर बोल पड़ी कि इतने दिनों तक पास होते हुए भी कितने दूर थे, लेकिन आज तुम्हे पाकर मैंने सारा जहाँ पा लिया है। फिर उसके बाद हम दोनों नहाये और भाभी तब ठीक से खड़ी नहीं हो पा रही थी। में उन्हें सहारा देकर बेडरूम में ले आया और वो बोली तुमने आज मेरी बहुत ही अच्छी तरह से चुदाई की है इसलिए मेरी चूत में बहुत दर्द हो रहा है और अब में खाना बनाने के लायक भी नहीं हूँ और करीब एक घंटे के बाद भाभी ने कहा कि अब तुम एक बार और मेरी वैसी ही मज़ेदार चुदाई कर दो।

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फिर मैंने कहा कि पहले आप मेरा लंड तो खड़ा करो यह बात सुनकर वो तुरंत ही मेरा लंड अपने मुहं में लेकर चूसने लगी और में उनकी चूत को चाटने लगा। फिर थोड़ी ही देर में मेरा लंड एकदम टाइट हो गया। तब मैंने भाभी को कुतिया स्टाइल में कर दिया और उसके बाद मैंने भाभी की चूत के होंठो को फैलाकर अपने लंड का टोपा बीच में रख दिया। फिर मैंने भाभी की कमर को पकड़कर पूरी ताक़त के साथ एक जोरदार धक्का मार दिया। इस धक्के के साथ ही जैसे बेडरूम में भूचाल आ गया हो और भाभी बहुत ज़ोर से चिल्लाई। उनके पैर थर थर काँपने लगे और उनकी चूत से थोड़ा खून भी निकल आया। मेरा लंड भाभी की चूत को चीरता हुआ उनकी चूत में पांच इंच तक घुस गया, वो बोली मुझे बहुत दर्द हो रहा है और जब तक में ना कहूँ तुम अपना लंड और ज़्यादा अंदर मत डालना। फिर मैंने कहा कि हाँ ठीक है मेरी रानी और उसके बाद मैंने बिना रुके ही अंजना भाभी की चुदाई शुरू कर दी। वो ज़ोर ज़ोर की सिसकियाँ लेते हुए एकदम मस्त होकर अब चुदवा रही थी आह्ह्ह में मर आईईई और में भी उन्हें पूरे जोश के साथ चोद रहा था। फिर थोड़ी देर तक चुदवाने के बाद वो धीरे धीरे शांत हो गयी, लेकिन वो बोली कि अब मेरी चूत में बहुत जलन हो रही है तुम ज़ोर ज़ोर से चोदो। फिर मैंने बहुत तेज़ी के साथ भाभी की चुदाई शुरू कर दी। फिर करीब पांच मिनट चुदवाने के बाद वो झड़ गयी और झड़ जाने के बाद भाभी को और ज़्यादा मज़ा आने लगा। वो अपने कूल्हे आगे पीछे करते हुए चुदवाने लगी और में भी जोश से पागल सा हुआ जा रहा था। अब भाभी ने कहा थोड़ा और तेज चोदो, मैंने अपनी स्पीड को बढ़ा दिया में तेज़ी के साथ चोदने लगा फिर करीब पांच मिनट तक चुदवाने के बाद वो बोली अभी कितना लंड अंदर डालना बाकी है? मैंने कहा कि अभी थोड़ा और बाकी है फिर वो बोली अब तुम पूरी ताक़त के साथ ज़ोर ज़ोर के धक्के लगाते हुए मेरी चुदाई करो और उन्होंने अभी तक अपने पति से बड़ी मुश्किल 10-15 बार ही चुदवाया होगा और उनकी चूत मेरे लंबे और मोटे लंड के लिए किसी कुँवारी चूत से कम नहीं थी, मुझे भी बड़ा मस्त मज़ा आ रहा था फिर थोड़ी देर तक चुदवाने के बाद वो बोली तुमने बहुत ही अच्छी तरह से मेरी चुदाई करके मेरी चूत में आग भर दी है। अब तुम मुझे ज़ोर ज़ोर से चोदो और मेरी चूत की आग को अपने लंड के वीर्य से ठंडा कर दो अगर तुमने मेरी चुदाई करने में ज़रा भी ढील की तो में तुमसे फिर कभी नहीं चुदवाउंगी। तो मैंने कहा कि हाँ ठीक है मैंने भाभी की कमर को ज़ोर से पकड़ लिया और बहुत ही जोरदार धक्के लगाते हुए उनकी चुदाई शुरू कर दी बेडरूम में फ़च फ़च की आवाज़ आने लगी में बहुत तेज़ी के साथ भाभी की चुदाई कर रहा था। अब वो बोली कि जीयो मेरे राजा हाँ और तेज़ी के साथ चोदो अपनी भाभी को, अगर तुम इसी तरह धीरे धीरे मुझे चोदोगे तो मेरी इस चूत की आग कैसे बुझेगी? और तेज़ी के साथ चोदो मुझे ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाओ। अब मैंने अपनी पूरी ताक़त लगाते हुए बहुत ही तेज़ी के साथ चुदाई शुरू कर दी वो ज़ोर ज़ोर की सिसकियाँ लेते हुए एकदम मस्त होकर चुदवा रही थी। आअहह उफ्फ्फ मुझे तुम अपनी रांड बना लो चोदो और तेज पूरा अंदर तक जाने दो।

फिर में भी उन्हें पूरे जोश के साथ धक्के देकर चोद रहा था। करीब दस मिनट तक चुदवाने के बाद भाभी दूसरी बार झड़ गयी और बोली मेरी चूत की आग केवल थोड़ी सी ही बुझ पाई है तुम ज़ोर ज़ोर से चोदो फाड़ दो आज मेरी चूत को। फिर में पूरे जोश और ताक़त के साथ धक्के देकर भाभी को चोदता रहा और वो भी जोश से पागल हुई जा रही थी। भाभी अपने कूल्हों को आगे पीछे करते हुए मेरा साथ दे रही थी और मेरा बाकी का लंड भी धीरे धीरे भाभी की चूत में चला गया, लेकिन वो इतनी ज़्यादा जोश में थी कि उन्हें पता ही नहीं चला। फिर करीब दस मिनट तक और चुदवाने के बाद वो तीसरी बार भी झड़ गयी, लेकिन में नहीं रुका और में भाभी को बहुत ही बुरी तरह से चोद रहा था और वो एकदम मस्त होकर चुदवा रही थी। फिर करीब पांच मिनट तक और चोदने के बाद में भी झड़ गया और मैंने अपने लंड का सारा वीर्य भाभी की चूत में निकाल देने के बाद मैंने अपना लंड बाहर निकाला और हट गया। फिर भाभी ने कहा आज तुमने मेरी बहुत ही अच्छी तरह से चुदाई की है और मुझे पूरी तरह से संतुष्ट कर दिया है अगली बार जब में तुम्हारा पूरा का पूरा लंड अपनी चूत के अंदर लूँगी तब मुझे और ज़्यादा मज़ा आएगा। फिर मैंने कहा कि जब तुमने और तेज और तेज कहा तो मैंने अपनी स्पीड को बहुत तेज कर दिया था। उस स्पीड से चुदवाने में ही धीरे धीरे मेरा पूरा का पूरा लंड तुम्हारी चूत में चला गया और तुम बहुत ज़्यादा जोश में थी, इसलिए तुम्हे पता ही नहीं चला। तुम तो मेरा पूरा का पूरा लंड अंदर ले चुकी हो। फिर वो मेरी यह बात सुनकर बहुत खुश हो गयी और मैंने देखा कि भाभी की चूत सूज चुकी थी। हम दोनों पहली चुदाई के बाद इतने करीब आ गए थे और अब हमारा देवर भाभी का रिश्ता ना रहकर पति पत्नी का रिश्ता हो गया था। भाभी से रहा नहीं गया और वो उठकर मेरे ऊपर आ गई फिर अपने दोनों बूब्स को मेरी छाती पर दबाकर रगड़ने लगी मैंने उसको दबोचा अपने ऊपर कसकर जकड़ दिया। वो मेरे जिस्म को चूमती हुई बोली कि क्या तुम अपने दोस्त को अपनी चुदाई के बारे नहीं बताओगे? मैंने कहा मेरी रानी तुमको पाना मेरा एक सपना था। आज हम दोनों ने एक दूजे को पाकर वो सपना पूरा कर दिया है जानेमन अब तुम आगे देखती जाओ में तुम्हे कितना सुख देता हूँ। तो वो कहने लगी मेरे राजा आज से में तुम्हारी हो चुकी हूँ। में आगे भी बस तुम्ही से चुदाई के मज़े लेना चाहती हूँ मुझे तुम्हारे साथ साथ तुम्हारे लंड से भी प्यार हो गया है, इसके बिना में नहीं रह सकती और इतना कहकर भाभी ने मेरे होंठो को चूमकर अपने प्यार की मोहर को लगा दिया और मैंने भी भाभी को कसकर करीब दस मिनट तक चूमा। दोस्तों इस तरह मेरे दोस्त की पत्नी बनी मेरी घरवाली में उम्मीद करता हूँ कि यह कहानी सभी पढ़ने वालों को जरुर पसंद आई होगी ।।

धन्यवाद …

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