दोस्त की माँ और बहन चोदी

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प्रेषक : आर्यन …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम आर्यन है। में न्यू दिल्ली का रहने वाला हूँ। आज में आपको मेरी नई स्टोरी बताने जा रहा हूँ। मेरी उम्र 20 साल है और मेरे लंड का साईज 7 इंच है। अब में आपका ज्यादा समय ख़राब ना करते हुए सीधा अपनी स्टोरी पर आता हूँ। अब मेरी गर्लफ्रेंड के जाने के बाद में एकदम तन्हा महसूस कर रहा था, लेकिन मेरी किस्मत अच्छी थी कि जिस घर में मेरी गर्लफ्रेंड रहती थी, उसी घर में नये लोग रहने आ गये थे, वो चार जने रहते थे, जो कि एकदम जवान थे। एक लड़की थी जो कि 18 साल की थी और 12वीं में पढ़ती थी और एक लड़का भी था जो कि 9वीं में पढता था। वो दोनों ही पढ़ाई में बहुत होशियार थे। अंकल का ट्रांसपोर्ट का काम था इसलिए वो भी ज़्यादातर घर से बाहर ही रहते थे। आंटी तो एकदम माल थी, उनका फिगर साईज 36-28-38 थी और वो बहुत ही ज़्यादा गोरी थी और उनकी लड़की जिसका नाम शिल्पा था, वो भी बहुत ही मस्त थी, वो बिल्कुल अपनी माँ पर गयी थी, उसकी फिगर भी कुछ-कुछ उसकी माँ जैसी ही थी। उसका फिगर साईज भी करीब 34-26-34 था और वो दिखने में बहुत ही आकर्षक थी।

अब मैंने तो उसे देखते ही उसे पेलने का सोच लिया था, लेकिन यह सोचता था कि शुरुआत कहाँ से करूँ? फिर मैंने उसके भाई मोंटी से दोस्ती कर ली और ज़्यादातर उसको अपने साथ ही रखता था। अब थोड़े दिनों के बाद में उसके घर पर भी जाने लगा था। अब उसकी माँ भी मुझे पसंद करती थी और मोंटी को मेरे साथ ही रहने के लिए कहती थी। अब मुझे भी यही चाहिए था, लेकिन दोस्तों मेरे साथ वही हुआ जाना था जापान और पहुँच गये चीन। अब मैंने उसकी बहन को चोदने का प्रोग्राम बना रखा था, लेकिन चुद गयी उसकी माँ। फिर एक बार में उसके घर पर गया, तो तब उसकी माँ घर पर अकेली थी और घर की सफाई कर रही थी। फिर जब मैंने उनसे मोंटी के बारे में पूछा, तो आंटी ने कहा कि वो कही गया हुआ है, वो शाम को आएगा। तो मैंने कहा कि ठीक है में चलता हूँ, लेकिन आंटी ने मुझे रोक लिया और कहा कि सफाई में मेरी मदद करवा दे। फिर मैंने कहा कि ठीक है आंटी और में भी उनकी मदद करने लगा। अब आंटी पंखा साफ कर रही थी, लेकिन पंखा बहुत ऊपर था इसलिए वो स्टूल पर चढ़ गयी और मुझे स्टूल पकड़ने को कहा। फिर मैंने कहा कि आंटी इस तरह तो आप गिर जाओगी तो फिर मैंने उनकी दोनों टाँगे पकड़ ली, उनकी टाँगे हाआआआ क्या मस्त थी? तो तभी स्टूल का बैलेन्स बिगड़ गया, जिसके कारण आंटी मेरे ऊपर गिर गयी। अब उनके बूब्स मेरी छाती से टच हो रहे थे और में बहुत ही गर्म हो गया था।

फिर मैंने कहा कि आंटी सॉरी, तो उन्होंने मुझे हंसते हुए कहा कि इट्स ऑलराइट और फिर वो स्टोर रूम में चली गयी, तो में भी उनके पीछे-पीछे चला गया। अब स्टोर रूम में एक छिपकली थी, तो उसे देखते ही आंटी पीछे हट गयी और चिल्लाई आउच। तो मैंने वो छिपकली पकड़ी और आंटी से मज़ाक करने लगा। तो आंटी कहने लगी कि प्लीज ऐसा मत करो, तो मैंने मज़ाक-मज़ाक में वो छिपकली आंटी की तरह फेंक दी तो वो सीधी आंटी के सूट में उनके बूब्स के ऊपर जा गिरी। तो आंटी चिल्लाने लगी, तो मैंने उस छिपकली को एकदम से भगा दिया और आंटी को पकड़ लिया और कहा कि सॉरी। तो वो कहने लगी कि अगर कुछ हो जाता तो, तो मैंने कहा कि आप ठीक है। फिर वो रोने लगी तो मैंने उनके बूब्स को दबाया और कहा कि यहाँ गिरी थी। तो उनके बूब्स को प्रेस करते ही उनके मुँह से सिसकारी निकल गयी। तो मैंने कहा कि दर्द हुआ, तो उन्होंने कहा कि नहीं, तो मैंने फिर से उनके बूब्स प्रेस कर दिए। तो उन्होंने कहा कि क्या कर रहा है? तो मैंने कहा कि चैक कर रहा हूँ कि छिपकली ने कही काट तो नहीं लिया और फिर में उनके बूब्स पर किस करने लगा और उनसे कहा कि जहर निकाल रहा हूँ।

तो तब आंटी बोली कि बेटा में सब जानती हूँ, तू क्या कर रहा है? तो मैंने आंटी को अपनी बाँहों में जकड़ लिया और ज़ोर से अपने होंठ उसके होंठ पर लगा दिए, अब आंटी तो जैसे पागल ही हो गयी थी। फिर मैंने धीरे से आंटी की कमीज़ उतार दी, तो उनके गोरे-गोरे बूब्स मेरी आँखों के सामने आ गये। अब आंटी थोड़ी शर्मा रही थी, तो मैंने कहा कि आंटी में किसी को कुछ नहीं बताऊंगा। तो आंटी ने कहा कि लेकिन यह तो यह ग़लत है ना। तो मैंने कहा कि हाँ, लेकिन सेक्स तो अच्छी चीज है टेस्ट बदलते रहना चाहिए। तो आंटी खुश हो गयी और मुझे जोर से पकड़कर स्मूच लेने लगी। तो मैंने भी आंटी को अपनी बाँहों में भर लिया और 5 मिनट तक हम एक दूसरे की स्मूच लेने लगे। तो मैंने फिर से अपने होंठ उनके बूब्स पर रख दिए और चूसने लगा। अब आंटी के मुँह से सिसकियाँ निकल रही थी।

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फिर मैंने आंटी का सलवार भी उतार दिया और उनकी चूत पर अपना एक हाथ रखते ही आंटी तो पूरे जोश में आ गयी। तो मैंने आंटी की पेंटी भी उतार दी और फिर अपने होंठ आंटी की चूत पर रख दिए, आंटी की चूत एकदम क्लीन शेव थी। अब आंटी के मुँह से सिसकियाँ निकल रही थी। अब मैंने अपनी जीभ उनकी चूत में घुसाना शुरू कर दिया था और फिर धीरे-धीरे चाट रहा था। फिर मैंने भी अपने कपड़े उतार फेंके और उनको बेडरूम में ले गया और बेड पर लेटाकर उनके ऊपर चढ़ गया और अपना लंड उनके मुँह में दे दिया और चूसने को कहा। तो आंटी ने मेरे लंड की मस्त तरह से चुसाई की। फिर मैंने कहा कि में झड़ने वाला हूँ प्लीज छोड़ दो इसे, तो आंटी ने मेरा लंड अपने मुँह से बाहर निकल दिया। अब में उनकी चूत का एंगल ले रहा था और अपने लंड को उनकी चूत के मुँह पर रखकर धीरे से प्रेस किया, तो मेरा लंड सीधा उनकी चूत के अंदर चला गया। उनकी चूत का पूरा भोसड़ा बना हुआ था।

फिर मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाने स्टार्ट किए तो अब आंटी के मुँह से मधुर आवाज़ें निकल रही थी आआअहह, ज़ोर से प्लीज, आआईईईईईई, हाईईईईईईईई, आआआ। फिर में उनके ऊपर लेट गया और जोर-जोर से धक्के देता रहा और साथ ही साथ उनके बूब्स, तो कभी स्मूच लेने लगा था। फिर थोड़ी देर के बाद हम दोनों एक साथ झड़ गये और फिर हम एक दूसरे को किस करने लगे। अब हमसे एक सबसे बड़ी ग़लती हो गयी थी, वो यह कि हम गेट बंद करना भूल ही गये थे। फिर जब में अपने कपड़े पहनने के लिए स्टोर रूम की तरफ जाने लगा तो मैंने देखा की शिल्पा सोफे पर लेटकर अपनी चूत में उंगली कर रही थी, शायद उसने हमारी चुदाई का सीन देख लिया था। फिर मैंने अपने कपड़े पहने और बाहर गया, तो उसने मुझे देखते ही अपना हाथ अपनी स्कर्ट से बाहर निकाल लिया और एक सेक्सी सी स्माइल देने लगी। फिर में समझ गया कि इसके दिल में क्या है? और फिर में सीधा अपने घर चला गया।

फिर अगले दिन में मोंटी को बुलाने उसके घर गया तो उसकी बहन ने मुझसे कहा कि वो घर पर नहीं है। तो मैंने कहा कि और आंटी, तो उसने कहा कि मम्मी भी बाहर गयी है। तो मैंने कहा कि ठीक है में बाद में आता हूँ। तो उसने कहा कि थोड़ी देर रुक जाओ, तो मैंने कहा कि आंटी कब तक आएगी? तो उसने कहा 1-2 घंटे में आएँगी। अब में तो यह सुनकर बहुत खुश हो गया, फिर मैंने उससे कहा कि क्या बात है आज तो तुम बहुत ही सुंदर लग रही हो? तो वो बोली कि हाँ अब तो तू कहेगा ही, वैसे यह बता कल तू और मम्मी क्या कर रहे थे? तो मैंने कहा कि तुझे सब पता तो है। तो उसने कहा कि तुझे वो सब मेरे साथ भी करना होगा। तो मैंने कहा कि यही तो में बहुत दिनों से तेरे साथ करना चाहता था, बस कल अचानक से तेरी मम्मी चुद गयी, यह सब छिपकली वाले बाबा का कमाल था। अब वो और में उसी बेडरूम में चले गये थे, जहाँ कल उसकी माँ चुदी थी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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फिर मैंने उसको बेड पर लेटने को कहा तो वो बेड पर लेट गयी, तो में उसके ऊपर लेट गया और ज़ोर- जोर से स्मूच लेने लगा। अब वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी, अब उसे तो देखते ही मेरा लंड खड़ा हो चुका था तो मैंने उसका टॉप उतार दिया। अब उसके मस्त बूब्स देखकर मेरी आँखों में चमक आ गयी थी तो मैंने फटाफट से उसकी ब्रा भी उतार दी और झट से उसके बूब्स को पागलों की तरह चूसने लगा। अब उसके मुँह से आवाज़ें आ रही थी, वो क्या मस्त आवाज़ें निकाल रही थी? फिर मैंने उसकी जीन्स भी उतार दी और आप सब तो जानते ही हो मैंने क्या किया होगा? मैंने अपने मस्त होंठ उसकी पेंटी के ऊपर पर रख दिए और उसकी पेंटी के ऊपर से ही अपनी जीभ रगड़ने लगा, हाईईईईई क्या मज़ा आ रहा था? क्योंकि में पहली बार किसी जवान लड़की की चूत को सहला रहा था। अब वो तो बस सिसकियाँ ही ले रही थी।

फिर में धीरे-धीरे उसकी चूत के अंदर अपनी जीभ डालने लगा तो वो उचकने लगी और ज़ोर-ज़ोर से सिसकियाँ लेने लगी थी। अब उसकी सिसकियाँ मेरे अंदर की ज्वाला को और भड़का रही थी। फिर मैंने और ज़ोर से उसकी चूत को लीक किया, जिसकी वजह से वो 5 मिनट में ही झड़ गयी और मैंने उसका सारा पानी पी लिया। फिर मैंने उसके ऊपर आकर उसे स्मूच करना शुरू किया और फिर में 5 मिनट तक उसकी स्मूच ही लेता रहा। फिर मैंने उससे कहा कि अब असली खेल का समय आ गया है तो मैंने अपने कपड़े भी उतार दिए और फिर अपना लंड उसके मुँह के पास ले गया और फिर उसे चूसने को कहा। तो उसने मेरे लंड को देखा और कहा कि तू क्या मुझे चोदेगा भी? तो मैंने कहा कि तेरी मर्ज़ी है तू चुदना चाहती है तो चुद, वरना इसे अपने मुँह में लेकर शांत कर दे। तो उसने कहा कि में इसे अपने मुँह में ही ले लूँगी और उसने मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और फिर चूसने लगी।

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अब में तो पागल हो रहा था, मुझे इतना मज़ा पहले कभी नहीं आया था। अब मैंने उसके बाल पकड़ लिए थे और ज़ोर-ज़ोर से अपना लंड अंदर बाहर करने लगा था और 7-8 मिनट के बाद मैंने अपना सारा माल उसके मुँह में ही छोड़ दिया और वो मेरा सारा का सारा माल पी गयी। अब बस उस दिन इतना ही हो पाया था और फिर मैंने अपने कपड़े पहने और फिर उसने भी अपने कपड़े पहन लिए और फिर हम दोनों बाहर ड्रॉइग रूम में आ गये। फिर मैंने उससे कहा कि तुम लंड बहुत मस्त चूसती हो, पहले से प्रेक्टीस थी क्या? तो वो बोली कि हाँ क्लास में उसने बहुत लंड चूसे थे। तो मैंने उससे कहा कि क्या तुमने कभी अपनी चूत भी मरवाई है? तो उसने कहा कि नहीं कभी नहीं मरवाई, में वर्जिन हूँ।

तो यह बात मेरे कानों में आते ही में और पागल हो गया कि आज पहली बार कुँवारी चूत चोदने को मिलेगी और फिर थोड़ी देर तक हम दोनों सेक्स की बातें ही करते रहे। फिर मैंने वापस से उसके बूब्स पकड़ लिए और उसको किस करने लगा तो इतने में डोर बेल बजी, तो मैंने तुरंत उसे छोड़ दिया और वो गेट खोलने चली गयी, तो बाहर आंटी आई थी। अब आंटी मुझे देखते ही खुश हो गयी थी और मुझसे कहा कि एक बार अंदर आ जा बेटा। तो में अंदर गया, तो आंटी ने मुझे किस करना स्टार्ट किया और कहा कि आज रात को आ सकता है क्या? तो मैंने कहा कि आंटी अंकल और मोंटी। तो उन्होंने कहा कि वो दोनों कल आएँगे, वो काम से बाहर गये हुए है। तो मैंने मन ही मन में कहा कि साली शिल्पा मुझे चूतिया बना रही थी, बस फिर क्या था? उस रात मैंने दोनों माँ बेटी को एक ही बेड पर सुबह होने तक चोदा। आज भी मौका मिलने पर दोनों को खूब चोदता हूँ।।

धन्यवाद …

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