एक लम्हा सेक्सी भाभी के साथ

0
loading...

प्रेषक : नितेश …

हैल्लो दोस्तों, में आप सभी कामुकता डॉट कॉम के चाहने वालों की सेवा में अपनी एक सच्ची घटना को बताने आया हूँ जिसमें मैंने अपनी एक पड़ोसन हॉट सेक्सी भाभी के साथ वो मज़े लिए जिसके लिए में हमेशा सोचा करता था और उस दिन पहली बार वो सब करके मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। दोस्तों कहानी को अब शुरू करने से पहले में अपना परिचय भी करवा देता हूँ। दोस्तों मेरा नाम नितेश है में उदयपुर का रहने वाला हूँ और यह मेरी आज पहली कहानी है और यह घटना मेरे साथ तब घटी जब में बीस साल का था। दोस्तों आप सभी की आप बीती को सुनकर पढ़कर अपनी भी इस घटना को मैंने आप लोगों को बताने का फ़ैसला किया और आज मेरी उम्र 21 साल है और मेरी लम्बाई 5.7 इंच और में दिखने में बहुत अच्छा लगता हूँ, मेरा गठीला बदन देखकर हर कोई मेरी तरफ आकर्षित हुआ करता है। दोस्तों मैंने पहली बार सेक्स अपने पड़ोस में रहने वाली भाभी के साथ करके मज़े लिए और में आप लोगो को उनकी सुंदरता के बारे में क्या बताऊँ? उनके बूब्स का आकार करीब 35-30-36 होगा और उनके गोरे गदराए हुए बदन को देखकर ही मेरा लंड हर कभी खड़ा हो जाता था। में उनकी तरफ हमेशा खींचा चला जाता था और वैसे दोस्तों उनके साथ सेक्स करने की तमन्ना मेरे दिल में बहुत समय पहले से थी।

दोस्तों उनकी उम्र जब मैंने उनके साथ पहली चुदाई के मज़े लिए तब करीब 30 साल की होगी। फिर मेरे जीवन में वो एक दिन ऐसा आया जब मुझे उनके बदन को छूकर महसूस करने और चूमने का मौका मिला। दोस्तों मेरे भैया मतलब कि मेरी पड़ोसन भाभी के पति एक व्यापारी है और इस वजह से वो जल्दी सुबह ही घर से अपने काम के लिए निकल जाते है और उनके बच्चे भी स्कूल चले जाता है। फिर सुबह के समय जब मेरी वो सेक्सी भाभी कपड़े धोकर उन्हे सुखाने के लिए छत पर आती है, तब में हमेशा उनके बूब्स और पेट को देखता रह जाता हूँ। दोस्तों मेरी भाभी ने कई बार शायद मुझे देखा भी है कि में उन्हे छुपकर देख रहा हूँ, लेकिन उन्होंने कभी किसी से कुछ नहीं कहा और बस वो मेरी तरफ देखकर तुरंत अपनी साड़ी के पल्लू से अपनी उभरी हुई छाती पेट को छुपाकर अपना काम करके तुरंत ही नीचे चली जाती। फिर उनके बूब्स को देखकर मेरे मन में उनके निप्पल को अपने मुहं में भरकर उनका दूध पीने की मेरी इच्छा जाग जाती है। अब दोस्तों आप सभी को ज़्यादा बोर ना करते हुए में आपको अपना वो सेक्स अनुभव सुनाना शुरू करता हूँ, जिसके लिए आज में यहाँ पर आया हूँ।

दोस्तों एक दिन की बात है और उस दिन मुझे बाजार में किसी काम से बाहर जाना था, मेरे घर में मेरी मम्मी और पापा दोनों ही नहीं थे और घर में हेलमेट भी नहीं था, जिसकी जरूरत अब मुझे गाड़ी से जाते समय होने वाली थी। दोस्तों उस समय कविता भाभी के घर में भी सिर्फ़ मेरी हॉट सेक्सी कविता भाभी ही अकेली थी और यह मुझे उनके घर जाने के बाद पता चला। फिर मुझे अचानक से याद आया कि मेरी भाभी के घर में हेलमेट जरुर हो सकता है, क्योंकि उनके पति उन दिनों दो चार दिनों के लिए शहर से बाहर गए हुए थे। अब में अपने घर के दरवाजे पर ताला लगाकर, अपनी भाभी के घर हेलमेट लेने चला गया। फिर मैंने वहां पर पहुंचकर देखा कि मेरी गोरी सुंदर भाभी उस समय बाथरूम का दरवाजा खोलकर बड़े ही आराम से नीचे बैठी कपड़े धो रही थी। फिर जब वो कपड़े ढोते हुए मुझे देखकर उठी तो उस समय उनकी साड़ी एक तरफ से उठी हुई थी और उनकी साड़ी का पल्लू भी उनकी छाती से नीचे सरका हुआ था, जिसकी वजह से मुझे बहुत साफ बड़े आराम से उनके दोनों गोरे बड़े आकार के बूब्स ब्लाउज से साफ बाहर लटकते हुए नजर आ रहे थे। दोस्तों उस सेक्सी द्रश्य को देखकर मेरा मन मचलकर ललचाते हुए व्याकुल हो रहा था।

अब में मन ही मन उनको घूरकर देखते हुए सोचने लगा था कि में आगे जाकर अपनी भाभी का ब्लाउज फाड़कर दोनों बूब्स को बाहर निकालकर इनका दूध पी जाऊं और में उन्हे लगातार ही घूरकर देखता ही रहा। अब भाभी ने भी मेरी गंदी नजर से उनको अपनी खा जाने वाली नजरों से घूरकर देख लिया था और अब वो अपनी साड़ी को ठीक करते हुए मुझसे पूछने लगी कि क्या काम है? मैंने उनको बताया कि मुझे बाजार किसी काम से जाना है, लेकिन मेरे पास हेलमेट नहीं है और इसलिए मुझे एक हेलमेट चाहिए और अगर आपके पास है तो प्लीज मुझे दे दीजिए, में अभी कुछ देर बाद आकर वापस कर जाऊंगा। अब भाभी ने मुझसे कहा कि हेलमेट तो घर में है, लेकिन वो कमरे के ऊपर वाले स्टोर में रखा हुआ है और वो तुम्हे खुद चड़कर उतारना पड़ेगा। अब भाभी और में उस कमरे में आ गये जहाँ पर हेलमेट रखा हुआ था, में एक कुर्सी लेकर आया, लेकिन जैसे ही में उसके ऊपर चढ़ने लगा उसी समय भाभी ने मुझसे पूछा कि क्यों तुम हर दिन हर समय मुझे छुप छुपकर क्यों घूरकर देखते हो? अब में बिल्कुल भी समझ नहीं पा रहा था कि में भाभी को उनकी इस बात का क्या जवाब दूँ? अब मैंने हिम्मत करके उनको पूरी तरह खुलकर कहा कि वो आप बहुत सुंदर है और आपका यह गोरा गदराया हुए बदन ऐसा है कि इसको एक बार जो भी देखे वो इसको देखकर पागल हो जाए, आंखे फाड़ फाड़कर देखता रह जाए।

loading...

फिर उसके बाद मैंने उनको कहा कि भैया बहुत खुशकिस्मत है जो उन्हे आप जैसी पत्नी मिली। अब भाभी ने मेरी बातों का बिल्कुल भी विरोध नहीं किया, जिसकी वजह से मेरी हिम्मत अब पहले से भी ज्यादा बढ़ गई। दोस्तों भाभी ने एक बड़ी ही शरारत भरी मुस्कान से मेरी तरफ देखा और फिर मैंने सही मौका समझकर तुरंत ही उनको कहा कि में आपको एक बार चूमना चाहता हूँ। तभी भाभी ने मेरे मुहं से यह बात सुनकर थोड़ा सा झिझककर हाँ भी कह दिया। अब मैंने आगे बढ़कर उनके गालों पर एक बार चूम लिया और उनको चूमने के साथ ही मैंने अपने एक हाथ को उनकी कमर पर रख दिया और में उनकी पतली कमर को धीरे धीरे सहलाने लगा था। दोस्तों में पहली बार अपनी भाभी को छूकर इतना सब करने की वजह से मन ही मन बहुत खुश था और मुझे लगा था कि जैसे में कोई सपना देख रहा हूँ। अब भाभी ने हंसकर मुझसे पूछा कि क्यों अब ठीक है ना, तुम्हारा मन शायद भर गया होगा या तुम्हे अब कुछ और भी करना है? दोस्तों मेरा मन तो कर रहा था कि में सच कह दूँ, लेकिन मेरी इतनी हिम्मत नहीं हो रही थी और फिर मैंने भी हंसकर उनको कह दिया कि अगर आप एक बार आज्ञा दे दो तो उसके बाद में अपने मन का सब कुछ काम कर लूँगा, क्योंकि इतना सा करके मेरी इच्छा पूरी नहीं हुई और मेरे अंदर की आग अब पहले से ज्यादा भड़क चुकी है। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब वो मुझे शैतान कहकर खुद ही कुर्सी पर चड़ गयी और भाभी अपने दोनों हाथों को ऊपर करके हेलमेट को इधर उधर खोज रही थी, जिसकी वजह से उनके दोनों बड़े आकार के बूब्स लटककर ठीक मेरी आँखों के सामने आकर मुझे ललचा रहे थे और में पागल हुआ जा रहा था। दोस्तों उनको अपने सामने इस तरीके से खड़ा देखकर मेरा लंड भी जोश में आकर तनकर खड़ा हो चुका था और में घूर घूरकर उनके झूलते हुए गोलमटोल बूब्स और गोरे मुलायम आकर्षक पेट को लगातार देखे जा रहा था। दोस्तों मेरी ऑंखें वहां से हटने को तैयार ही नहीं थी, क्योंकि पहली बार मैंने उन्हे इतने करीब से देखा था और अब मुझसे बिल्कुल भी कंट्रोल नहीं हो रहा था। अब भाभी ने मुझसे कहा कि कुर्सी हिल रही है, तुम आगे आकर मुझे पकड़ लो, नहीं तो में नीचे गिर जाउंगी। दोस्तों फिर क्या था? मैंने भाभी के कहते ही तुरंत एक आज्ञाकारी देवर का फर्ज निभाते हुए उनके कूल्हों के नीचे से उनको कुछ इस तरह से पकड़ लिया कि मेरा चेहरा उनके पेट के सामने आ गया था। अब बस मेरे और भाभी के पेट के बीच कुछ ही सेंटीमीटर का फासला था और वो मेरी बाँहों में कसकर जकड़ चुकी थी, लेकिन अब मेरा कंट्रोल खत्म हो गया और मैंने भाभी के पेट पर एक बार चूम लिया, जिसकी वजह से भाभी मचल गयी, लेकिन उन्होंने मुझसे कुछ भी नहीं कहा।

अब तो मेरी हिम्मत और भी ज्यादा बढ़ गई। मैंने उनके पेट पर लगातार चूमना शुरू कर दिया और में उनके गोरे मुलायम पेट पर चूमने का मज़ा लेता रहा। फिर में उनकी बड़ी आकार की गहरी नाभि को अपनी जीभ से चाटने चोदने लगा था और अब वो जोश में आकर मेरा सर पकड़कर अपने पेट से चिपकाने लगी और बड़ी लंबी तेज सांसो के साथ हल्की सिसकियाँ भी लेने लगी थी। दोस्तों उन्हे भी अब मेरे साथ बहुत मस्त मज़ा आ रहा था और करीब दस मिनट तक उनके पेट को चाटने के बाद वो एकदम पागल होकर कुर्सी पर बैठ गयी और तुरंत ही मुझसे लिपट गयी। दोस्तों अब मुझे उनकी तरफ से आगे बढ़ने का इशारा मिल चुका था, जिसका मुझे कब से इंतजार था, मैंने उन्हे तुरंत अपनी गोद में उठाया और वहीं पास के पलंग पर लेटा दिया। फिर मैंने बिना देर किए अपने सारे कपड़े खोल दिए और उनकी साड़ी को भी उतारकर उनके बदन से अलग कर दिया। दोस्तों वो सच में कितनी सेक्सी लग रही थी में किसी भी शब्दों में लिखकर बता नहीं सकता। वो बिल्कुल काम की देवी जैसी लग रही थी। अब में उनके रसभरे होंठो को चूसने लगा था और वो भी मेरा साथ देने लगी थी, उसके बाद फिर में धीरे धीरे उनके गले से होते हुए उनके बूब्स तक पहुंचा।

अब में उनके दोनों बूब्स को कपड़ो के ऊपर से ही चूसता और दबाता रहा और वो जोश में आकर सिसकियों की आवाज अपने मुहं से निकाल रही थी वो आहह उह्ह्ह्ह स्सीईईईइ की आवाज़ें निकालती रही। अब मैंने उनका ब्लाउज भी खोल दिया और फिर उनके पेटीकोट के अंदर घूसकर उनकी कामुक चूत को में उनकी पेंटी के ऊपर से ही सहलाने लगा और तब मुझे पता चला कि पेंटी चूत वाले हिस्से से बहुत गरम होने के साथ साथ गीली भी हो चुकी थी। दोस्तों उसकी चूत उभरी हुई बड़ी ही कामुक मुझे अपने हाथ से महसूस हो रही थी। अब मैंने तुरंत ही भाभी को अपने सामने पूरा नंगा कर दिया और उनकी गीली चूत में अपनी ऊँगली को डालकर मैंने करीब दस मिनट अपनी ऊँगली से उनकी चूत की चुदाई के मज़े लिए और उनकी चूत को उसी समय मैंने बहुत जोश में आकर चाटा। फिर वो ऊऊह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह हाँ और चाटो वाह मज़ा आ गया, हाँ पूरी अंदर तक डालो की आवाज़ निकल रही थी और मेरे यह सब करने की वजह से उनकी जोश से भरी चूत का पानी एक बार निकल भी चुका था और मैंने वो पूरा पी लिया था। दोस्तों मैंने भाभी की गीली चूत को अपनी जीभ से चाटकर साफ कर दिया, लेकिन अब उन्हे भी मेरा लंड चूसना था। मेरा लंड लम्बाई में 6.5 इंच का है।

loading...

फिर हम दोनों 69 की पोज़िशन में आ गये और में अब उनकी चूत को खा रहा था और वो मेरा लंड लोलीपोप की तरह चूस रही थी, जिसकी वजह से मुझे भी बहुत मस्त मज़ा आ रहा था। फिर इस तरह बीस मिनट के बाद अब वो पूरी तरह से जोश में आकर तड़पकर मुझसे कहने लगी कि प्लीज तुम मुझे अब और मत तड़पाओ, जल्दी से तुम मुझे चोद दो। अब मैंने यह बात सुनकर तुरंत ही अपने लंड को उनकी चुदाई के लिए प्यासी चूत के होंठो पर रख दिया, उनके दोनों पैरों को पूरा फैला दिया और फिर ज़ोर से एक धक्के के साथ मैंने अपने लंड को अपनी भाभी की चूत के अंदर डाल दिया। अब वो दर्द की वजह से थोड़ा सा चिल्लाई और तड़पने लगी और वो मुझसे कहने लगी कि प्लीज धीरे धीरे करो मुझे दर्द हो रहा है, लेकिन अब में रुकने वाला कहाँ था? क्योंकि मेरे रस पर अब उनकी चुदाई का भूत सवार था, इसलिए में उन्हे लगातार धक्के देकर चोद रहा था। फिर थोड़ी ही देर के बाद वो भी दर्द कम होते ही मस्त हो गयी और अब वो अपनी गांड को हिलाकर मेरा साथ देने लगी थी।

loading...

दोस्तों उनके मुहं से अब ऊऊहह्ह्ह्ह आअहह हाँ और ज़ोर से आईईईइ की आवाज़ें निकलना रुक ही नहीं रही थी, वो बहुत जोश में आकर मेरे हर एक धक्के के साथ अपने कूल्हों को ऊपर उठाकर मेरा लंड पूरा अंदर तक लेने की कोशिश करती रही। अब में धक्के देते हुए उनके एक बूब्स को अपने एक हाथ से मसल रहा था और दूसरे बूब्स को चूस रहा था और उनके निप्पल को काट भी रहा था। दोस्तों अपनी सेक्सी भाभी को कुछ देर तेज लगातार धक्के देकर चोदने के बाद मैंने अपनी वीर्य को चूत के अंदर ही तेज धक्को के साथ निकाल दिया, जिसकी वजह से अब लंड को आगे पीछे करने की वजह से मेरा वीर्य अब उनकी चूत से बहकर बाहर आने लगा था और फिर में थककर उनके ऊपर ही लेट गया। दोस्तों वो मेरी उस पहली मज़ेदार चुदाई की वजह से खुश होने के साथ साथ बहुत संतुष्ट भी थी। फिर इस वजह से उस दिन के बाद जब भी मुझे अच्छा मौका मिलता है तो में अपनी भाभी के घर में जाकर उनके बूब्स को चूसकर उनका दूध ज़रूर पीता हूँ और कभी कभी उनकी चुदाई भी करता हूँ। दोस्तों अपनी भाभी के साथ पहली चुदाई के बाद हमेशा खुश रहने की वजह से उन्होंने मुझे कभी भी चुदाई के लिए मना नहीं किया और हम दोनों हंसी खुशी एक दूसरे के साथ देकर चुदाई के मस्त मज़े लेते है। अब मुझे उम्मीद है कि सभी पढ़ने वालो को भी यह जरुर पसंद आई होगी ।।

धन्यवाद …

Comments are closed.

error: Content is protected !!