गैर मर्द के सांड जैसे लंड से चुदी

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प्रेषक : अनिता …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम अनिता है, में गोहाटी की रहने वाली हूँ। मेरी उम्र 27 साल है, मेरी हाईट 5 फुट 4 इंच है है, मेरी शादी को 4 साल हो गये है, लेकिन मुझे कोई भी बच्चा नहीं हुआ था। मेरा पति रवि गोहाटी में ही एक शॉप पर जॉब करते है और मुझसे बहुत ही प्यार करते है। में अभी तक प्रेग्नेंट नहीं हो सकी, उसकी वजह मुझे नहीं पता थी, लेकिन इच्छाएँ बहुत थी कि एक बच्चा तो होना ही चाहिए। बस फिर कुछ दिनों तक ऐसे ही चलता रहा, कोई भी सीरीयस नहीं था। पिछले साल मई में एक रिश्तेदार की शादी थी, जिसमें बहुत सारे लोग राजस्थान से आए थे। फिर जब वो वापस जाने लगे तो मैंने भी राजस्थान जाने के लिए रवि से बोला, तो वो राज़ी हो गये। उन लोगों में कमल भी आया था, जो कि मेरी बहन की ननद का बेटा था और वो 2-3 दिनों के बाद में जाने वाला था, तो रवि ने मुझे उसके साथ ही जाने के लिए बोला। रवि एक हैडसम और मस्त बॉडी वाला 27 साल का मर्द था और अकेला ही आया था। वैसे तो वो शादीशुदा था और उसके दो बच्चे भी थे।

अब 23 मई को हमारी ट्रेन थी, लेकिन उसका रिजर्वेशन कन्फर्म नहीं था, इसलिए उसने टी.टी को पैसे देकर ए.सी Ist क्लास में रिजर्वेशन कन्फर्म करवा ली थी, जो कि मेरा पहला अनुभव था और वहाँ पर एक रूम में केवल दो बर्थ थी। फिर रास्ते में हम लोग घर परिवार की ही बातें करते रहे और हम दोनों की कोई गलत सोच भी नहीं थी। अब कभी-कभी वो मज़ाक-मज़ाक में जोक भी सुनाता और हल्के से टच भी कर रहा था, जिसकी मुझे कोई आपत्ति नहीं थी। फिर देखते ही देखते रात भी होने लगी और अब हमने डिनर भी कर लिया था और अब में एक मेग्जिन पढ़ने लगी। फिर तभी वो बोला कि में फ्रेश होकर चेंज करके आ रहा हूँ। फिर तब मैंने कहा की ठीक है और फिर वो चला गया।

फिर जब वो वापस आया तो उसने सफेद शॉर्ट पहन रखा था और उसके शॉर्ट्स में बहुत बड़ा सा कुछ दबाया हुआ नजर आ रहा था। तो तब में बोली कि बोतल को यहाँ पर क्यों रखा है? तो वो ज़ोर से हंसने लगा और बोला कि कहाँ है बोतल? तो तब मैंने पकड़कर देखा, तो वो उसका लंड था, जो कि करीब 10 इंच लंबा और बोतल के जैसे मोटा था। अब में तो देखकर घबरा ही गयी थी और शर्म से लाल हो गयी थी। फिर तब वो बोला कि अनिता मेरी एक प्रोब्लम है जो भी औरत इसे हाथ लगाएगी वही औरत इसे शांत भी करेगी, इसलिए अब तुम इसे शांत करो, वरना में रात को सो भी नहीं सकता हूँ और यह बोलकर उसने अपना शॉर्ट उतार फेंका।

अब उसका जंगली औज़ार मेरे सामने तना हुआ था और झूम रहा था, उसके बाल भी बड़े-बड़े थे और चारों तरफ काले-काले घुंगराले बाल भी थे। अब उसे देखकर मैंने अपनी निगाहे झुका ली थी और उससे बोली कि हटाओ इसे, मुझे शर्म आ रही है, लेकिन वो 20 मिनट तक नहीं माना और एक जिद्दी सांड की तरह खड़ा होकर मुझे सहलना शुरू कर दिया था। अब में भी बेबस होकर उसका साथ देने लगी थी और फिर मैंने उसे बत्ती बुझाने के लिए बोला। तो उसने बत्ती बंद करके मुझे उठाया और एक-एक करके मेरे सारे कपड़े उतार दिए थे। अब मुझे भी मस्ती चढ़ने लगी थी और उसे चूमने लगी थी। अब में केवल ब्रा और पेंटी में खड़ी थी और सोच रही थी कि चुदावाऊँगी नहीं, वरना यह तो फाड़ ही देगा। फिर तभी उसने मेरे बूब्स पर अपना एक हाथ रखा, तो में सिहर उठी। फिर उसने पीछे से मेरे चूतड़ों पर दबाया, तो मेरे मुँह उऊई निकली गयी। अब में भी उसके लंड को ऊपर नीचे कर रही थी। अब मेरी पेंटी पूरी भीग चुकी थी।

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अब वो कभी कहीं से कभी कही से मुझे दबाता जा रहा था और में भी उहहहहह, आअहह कर रही थी। फिर उसने पीछे से मेरी ब्रा का हुक खोल दिया और मेरे मतवाले बूब्स को दबाने लगा था। फिर तब में बोली कि उउउईई बस अब छोड़ दो, ज्यादा आगे मत बढ़ो, लेकिन वो नहीं माना और बोलने लगा कि एक बार तुम्हारी चूत के दर्शन करवा दो। फिर मेरे ना करने पर भी उसने मेरी पेंटी उतार फेंकी। अब में उसके सामने बिल्कुल ही नंगी थी। अब वो मेरी जांघो पर अपना हाथ फैर रहा था, जो कि मुझे बहुत ही मज़ा दे रहा था। अब उसका लंड भी मेरी दोनों टांगो के बीच में फनफना रहा था। फिर तभी अचानक से मेरे मुँह से निकल पड़ा कि मुझे चोद दो कमल। फिर तभी उसने मुझे बर्थ पर लेटाया और मेरी गांड के नीचे एक तकिया लगा दिया। अब उसका लंड मेरी चूत पर टच हो रहा था। फिर उसने 2-3 बार कोशिश की, लेकिन उसका लंड मोटा होने की वज़ह से फिसल रहा था। फिर तभी मैंने उसका लंड पकड़कर मेरी चूत के छेद पर सेट किया तो में चीख पड़ी, क्योंकि उसका आधा लंड मेरी चूत के अंदर जा चुका था।

अब मेरे आँसू भी निकल पड़े थे। फिर तब वो रुक गया और धीरे-धीरे धक्के लगाए जा रहा था। फिर तभी में बोली कि सस्स्शह बस अब इतना ही। फिर तभी उसने स्पीड से एक धक्का लगाया तो उसका पूरा लंड मेरी चूत के अंदर चला गया तो तभी मुझे भी मस्ती चढ़ गयी और अनाप शनाप बकने लगी आआहह कमल चोदो और जोर से, आआआह बहुत मज़ा आ रहा है, आहह, आई लव यू, अब पच-पच की अवाजों के साथ वातावरण काफ़ी सेक्सी था। अब वो भी उउउहह, आह कर रहा था और बोला कि अनिता तुम तो अभी तक कुँवारी ही हो। फिर तब मैंने भी हामी भरी और बोली कि हाँ बना दो आज मुझे पूरी औरत। फिर तभी उसने अपना गर्मा गर्म वीर्य मेरी चूत में ही छोड़ दिया। अब में भी उछल-उछलकर मज़े ले रही थी। फिर कुछ देर तक हम दोनों ऐसे ही लिपटे रहे और फिर थोड़ी देर के बाद अपनी-अपनी बर्थ पर जाकर सो गये। अब सुबह मुझसे तो चलना मुश्किल लग रहा था। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर मैंने धीरे-धीरे अपने रोज के काम के बाद चाय और ब्रेकफास्ट किया। अब वो मेरे सामने नंगा ही बैठकर मुझे घूर रहा था और बोला कि अनिता रानी रात को कैसा लगा? अब में तो बस शरमा रही थी और उहहहह नाक चढ़ाकर बोली। फिर वो मेरी सेक्स लाईफ के बारें में बातें करने लगा। तो तभी में बोली कि अब में कभी भी तुमसे नहीं चुदवाऊँगी, क्योंकि तुम्हारा लंड तो सांड जैसा है, मेरे पति का लंड तो तुम्हारे आधे लंड से भी छोटा है और वो 2-3 मिनट में ही फ्री कर देता है। फिर उसने बोला कि तुमने ही पूरा लंड अंदर डालने की जिद की थी। तो तब में बोली कि ऐसा हो ही नहीं सकता। तो तब उसने बोला कि मेरे पास प्रमाण है और तभी उसने अपनी मोबाईल की रिकॉर्डिंग मुझे सुनाई तो में दंग रह गयी, उसमें केवल मेरी चीख और चोदो, पूरा डालो वाली आवाज़े ही आ रही थी। अब यह सब सुनकर उसका लंड फिर से खड़ा हो गया था।

फिर इस बार मैंने उसको अपने मुँह में लेकर काफ़ी देर तक चूसा। फिर वो मेरे बूब्स चूसने लगा और मेरी गांड को साड़ी के बाहर से ही दबा रहा था। अब में तो सब कुछ भूलकर उसका साथ देने लगी थी और चिल्लाने लगी कि फाड़ दो मेरी चूत को। अब इस बार एक ही धक्के में उसका आधे से ज़्यादा लंड मेरी चूत में चला गया था। अब मेरे दो बार झड़ने के बाद उसका गर्मा गर्म लावा मेरी चूत को भर चुका था। फिर हमने ऐसे ही 3 बार चुदाई की और सो गये। अब शाम को ट्रेन कानपुर स्टेशन पर खड़ी थी। फिर कमल नीचे जाकर कुछ खाने के लिए लाया और खा पीकर हम दोनों बिल्कुल नॉर्मल और संतुस्ट लग रहे थे। फिर तभी घोषणा हुई की ट्रेन रद्द है, क्योंकि पटरी पर कुछ समस्या होने की वजह से ट्रेन आगे नहीं जाएगी। अब मेरी मुश्किलें बढ़ रही थी कि अब क्या करेंगे? और अब देखते-देखते ट्रेन पूरी खाली हो गयी थी।

फिर हम लोगों ने स्टेशन से बाहर आकर एक होटल में रूम ले लिया। फिर कमल ने वहाँ पर रजिस्टर में अपना नाम पते के साथ मेरे नाम के आगे वाईफ लिखा। तो में तो बस सिहर उठी और सोचने लगी कि काश यही मेरा पति होता, कितना मज़ा आता? वगैरह-वगैरह सोचने लगी थी। फिर तभी उसने मुझे एक चिमटी काटी और बोला कि मेडम कहाँ खो गयी हो? चलो रूम नम्बर 410 अलॉट हुआ है। वो रूम बहुत ही आलीशान था, बाथरूम भी काफ़ी बड़ा था, जिसमें बाथटब और शॉवर लगे थे। फिर कमल ने पीछे से आकर मुझे जकड़ लिया और बोला कि रूम कैसा है? तो तब में बोली कि मुझे छोड़ो, में आज टब में नाहऊँगी। तब उसने बोला कि अकेले ही या हमें भी अनुमति मिलेगी। फिर मैंने उसे बाथरूम में धक्का दिया, तो उसने मेरी बाहें पकड़ रखी थी इसलिए में भी साथ ही उसके ऊपर गिर पड़ी। फिर हम दोनों ने 24 घंटे तक खूब मस्ती की और अगले दिन हम अपने गाँव पहुँच गये। फिर उसके बाद मुझे कमल से मिलने का मौका ही नहीं मिला, में तड़पती रही, मेरी कई बार कमल से फोन पर ही बात हुई थी।

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फिर 15-20 दिनों के बाद मुझे पता चला कि में तो प्रेग्नेंट हूँ तो मेरी खुशी का ठिकाना ही नहीं था कि कमल को कैसे थैंक्स बोलूं? फिर मैंने उसे एक मैसेज लिखा। तो वो मुझसे मिलने तो आया, लेकिन हमें चुदाई का चान्स ही नहीं मिला था और उधर मेरे पति को प्रेग्नेन्सी की न्यूज मिली, तो वो भी बहुत खुश हुआ। आज मेरे 4 साल का एक लड़का है और दूसरी प्रेग्नेन्सी की तैयारी में हूँ। अब कमल ने भी अपना मोबाईल नम्बर चेंज कर लिया है। अब में उसके इंतज़ार में परेशान हूँ, मेरे पतिदेव को इसकी खबर नहीं है। अब में उसकी चुदाई की याद में कभी-कभी तो रोने भी लगती हूँ ।।

धन्यवाद …

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