गावं में चुदाई की यात्रा

0
loading...

प्रेषक : राज …

हेल्लो दोस्तों, में आप सभी को अपनी एक सच्ची चुदाई की कहानी बताने जा रहा हूँ जिसमें मैंने एक लड़की को उसकी चुदाई के मज़े देने के साथ साथ जन्नत की भी सैर उसको करवाई जिसकी वजह से वो मुझसे बहुत ख़ुश हुई और उसने मेरा पूरा पूरा साथ दिया। दोस्तों यह बात उस समय की है जब में एक छोटे से गाँव में रहकर वहाँ के लोगों के जीवन के बारे में कुछ उनसे जुड़ी हुई जानकारियों को एकट्ठा करने के लिए उस गाँव में कुछ दिनों के लिए रहा था और मुझे धीरे धीरे वहां पर बहुत अच्छा लगने लगा था। मुझे वहां के बहुत से लोग जानने लगे थे और उनका मेरे लिए व्यहवार भी बहुत अच्छा था इसलिए मुझे अपने काम में उनकी तरफ से बहुत मदद मिल जाती, उनको मेरे काम से कोई भी किसी भी तरह की आपत्ति नहीं थी और इसलिए में अपने काम में लगा रहा।

एक दिन में ऐसे ही घूमता हुआ बहुत दूर निकल गया और में एक खेत की तरफ चला गया। वहीं पास में एक छोटा सा पुराना एक आश्रम बना हुआ है, लेकिन उसमे अब कोई भी नहीं रहता वो हमेशा सुनसान ही रहा करता है और उसी आश्रम के पास ही में एक नदी भी बहती है, जिसका पानी पूरा गाँव अपने काम में लिया करता है और जब में टहलते हुए उधर पहुँचा तो मैंने देखा कि एक दिखने में करीब पूरी जवान गोरी मस्त सुंदर लड़की अपने कुछ जानवरों को चरा रही थी और फिर मैंने देखा कि उनमें से एक बकरा एक बकरी के ऊपर बार बार चढ़कर उसकी चुदाई करने का प्रयास कर रहा था और वो लड़की बड़े ही ध्यान से उसकी प्रेम लीला को देख रही थी, वो अपने उस काम में इतना व्यस्त थी कि कब में उसके पास पहुँच गया, उसको इस बात का पता भी नहीं चला। तभी मेरे देखते ही देखते उए बकरे ने आख़िरकर में सफलता को पा ही लिया और अब उसने अपने लंड को बकरी की चूत में डाल दिया और वो धक्के देने लगा। फिर तभी यह सेक्सी चुदाई का द्रश्य देखकर वो लड़की भी अंदर से बड़ी उत्तेजित हो गयी थी और अब उसने अपनी चूत को अपनी उंगली से रगड़ना शुरू कर दिया था और उसी समय अचानक से उसकी नज़र मुझ पर पड़ गई, तो वो एकदम से घबरा गयी और वो मुझसे पूछने लगी कि यह बकरा क्या कर रहा था? तो मैंने धीरे से उसके कंधे पर हाथ रखकर कहा कि वो बकरा आज उस बकरी को ज़न्नत की सैर करवा रहा है, तो उसने कहा कि ज़न्नत की सैर में इसका मतलब समझी नहीं? तो मैंने धीरे से उसके कान के पास अपने मुँह को करके उससे कहा कि आओ हम आश्रम में चलते है और में तुम्हे वहीं पर सिखाता हूँ कि कैसे ज़न्नत की सैर होती है। अब वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर थोड़ा सा झिझक गई, लेकिन में कुछ देर बाद उसको अपने साथ अंदर ले जाने में पूरी तरह से सफल हो गया और अंदर जाकर मैंने उससे कहा कि ज़न्नत की सैर करने से पहले नहाना बहुत ज़रूरी होता है इसलिए तुम जाकर पहले नदी में नहा लो। फिर वो मेरे कहने पर उस नदी में अपने कपड़े पहने हुए ही नहाने चली गई और नहाने लगी। दोस्तों उस पानी में भीगने से उसके वो कपड़े उसके पूरे शरीर से चिपक गये और अब उसके सुंदर बड़े आकार के बूब्स और काले काले रंग के खड़े निप्पल उसके कपड़े फाड़कर बाहर आने को बेताब हो रहे थे और यह मस्त सेक्सी नजारा देखकर मेरा लंड जोश में आकर एकदम तनकर खड़ा हो गया। फिर मैंने उसको अब आवाज़ देकर कहा कि अब तुम यहाँ आ जाओ और उसके मेरे पास आते ही में अपने को रोक ना सका और में उसके दोनों कठोर मस्त बूब्स को अपने दोनों हाथों से सहलाने लगा, तो वो मुझसे बोली कि यह कर रहे हो? तो मैंने उससे कहा कि में तुम्हारे बूब्स का पानी सुखा रहा हूँ। देखो यह पानी की वजह से कितनी गीली हो चुकी है। फिर वो बोली कि यह पानी ऐसे सूखेगा और इतना कहकर उसने अपना कुर्ता तुरंत पूरा उतारकर उसको अपने दोनों हाथों में लेकर उसका पूरा पानी निचोड़ दिया और फिर वो मुझसे बोली कि इससे साफ करके बचा हुआ पानी सुख़ाओ।

loading...

अब में तुरंत समझ गया था कि अब वो गरमाने लगी है इसलिए में भी उसको ज्यादा गरम करने के लिए ज़ोर ज़ोर से उसके उस कुर्ते से उसके बूब्स को रगड़कर पानी को साफ रहा था और अब वो अपने मुहं से मस्त मस्त सी आवाजे निकाल रही थी, तभी मैंने सही मौका देखकर अब उसकी सलवार का नाड़ा भी खोल दिया जिसकी वजह से उसकी सलवार नीचे उतर गई और वो अब एकदम नंगी मेरी सामने खड़ी हुई थी और में अब कुछ देर तक उसकी उभरी हुई दोनों पैरों के बीच हल्के मुलायम बालों से भरी हुई चूत को अपनी चकित नजरों से देखता रहा। वो द्रश्य बहुत ही मस्त मज़े देने वाला था क्योंकि उसकी चूत कुंवारी होने के साथ साथ कामुक भी बहुत नजर आ रही थी। फिर उसके बाद में अब अपने दोनों घुटनों पर नीचे बैठ गया और में उसकी गीली चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा। उसकी चूत के दोनों होंठो को खोलकर उसके दाने को अपनी गरम जीभ से सहलाने लगा था और मेरे ऐसा करने के कुछ ही सेकिंड में वो एकदम से उत्तेजना में आकर लड़खड़ा गई और उसने मेरा सर पकड़ लिया जिससे मेरा मुँह उसकी चूत से और ज्यादा चिपक गया। अब वो मुझसे कहने लगी कि वाह मुझे बड़ा मज़ा आ रहा है उफ्फ्फ्फ़ हाँ ज़ोर ज़ोर से चाटो आह्ह्हह्ह तुम आज मेरी इस चूत को चाटो तुम इसमे अपनी जीभ को पूरा अंदर तक डालकर इसको चोदो मुझे बड़ा मज़ा आ रहा है। अब में उसकी जोश भरी बातें सुनकर पागलों की तरह और भी ज़ोर ज़ोर से उसकी चूत में अपनी जीभ को डालकर उसको अंदर बाहर करने लगा और वो मेरे सर को अपनी चूत पर दबाकर आह्ह्हह्ह आईईईईई की आवाजे निकालने लगी थी, लेकिन कुछ देर बाद अब वो मुझसे कहने लगी कि मुझे पेशाब आ रहा है वो अब बाहर निकलने वाला है। तो में उसके मुहं से वो बात सुनकर तुरंत समझ गया कि वो अब झड़ने वाली है इसलिए मैंने उससे कहा कि तुम वो मेरे मुँह में ही कर दो और मेरे इतना कहने के बाद वो एकदम से एक बार ज़ोर से कांपी और एक ज़ोर का फव्वारा उसकी चूत से बाहर निकला जो मेरे गले में सीधा जाकर पूरा भर गया और तब मुझे पता चला कि उसका वो पानी बहुत ही नमकीन सा था। में बड़े चाव से उसको पूरा पी गया। अब मैंने उससे कहा कि वो अब नीचे बैठ जाए और मेरे लंड अपने मुँह में डालकर इसी तरह से मेरे लंड को चूसे और अब वो मेरे कहने पर झट से नीचे बैठकर मेरे लंड का टोपा अपने मुँह में डालने की कोशिश करने लगी, लेकिन मेरा टोपा बहुत बड़ा है इसलिए उसको यह काम करने में बड़ी परेशानी हो रही थी। फिर मैंने उससे कहा कि वो पहले अपनी लार से मेरे पूरे लंड को गीला करो और फिर उसके बाद वो मुँह में लंड को डाल ले। फिर उसने ठीक वैसा ही किया और मेरा लंड उसकी लार से चिकना होने की वजह से टोपा उसके मुँह में चला गया। अब वो उसको बड़े प्यार से अंदर बाहर कर रही और में उसको ज़न्नत के मज़े देते देते खुद ही जन्नत की सैर कर रहा था। उसके लंड को चूसने की वजह से मेरे पूरे शरीर में एक जोश भर रहा था। जो मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था और वो अब लगातार मेरे पूरे लंड को अपने मुहं में पूरा अंदर और फिर पूरा बाहर निकालकर मुझे बड़े मज़े दे रही थी। फिर उसके ऐसा करने के थोड़ी ही देर बाद में भी उसके मुँह में झड़ गया। मेरा पूरा वीर्य उसके मुहं में भरकर बाहर तक बहने लगा था जो उसके बूब्स के ऊपर भी अब टपक चुका था और फिर थोड़ी देर रुककर मैंने उससे कहा कि आओ अब तुम मेरी गोद में बैठ जाओ और वो झट से मेरी गोद में बैठ गयी और उसके बाद वो मुझसे पूछने लगी क्या यही ज़न्नत की सैर है? तो मैंने उससे कहा कि अभी आधा रास्ता आया है आगे की यात्रा अब शुरू होगी और अब में उसके होंठो को चाटने लगा उसके बाद धीरे धीरे उसके बूब्स पर मैंने अपना मुँह लगा दिया, जिसकी वजह से उसके बूब्स के निप्पल उत्तेजना से फूलकर एकदम रस भरे अंगूर हो गये थे। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

loading...

अब में उसके रसभरे नरम होंठो से चूस चूसकर उसका रस पीने लगा। फिर कुछ देर बाद मैंने अपने एक हाथ की उंगली को उसकी चूत में डालकर उसकी चूत को में दोबारा से गरम कर रहा था और यह सब उसके साथ करते समय मेरा लंड भी पूरा तनकर एक बार फिर से खड़ा हो गया था। अब वो जोश में आकर मेरी गोद से उठकर मेरा लंड अपने मुहं में लेकर दोबारा उसको चूस रही थी और में उसकी चूत में ज़ोर ज़ोर से अपनी उंगली को अंदर बाहर करके उसमे रास्ता बना रहा था। अब मेरा लंड तनकर एकदम तैयार होकर खड़ा हो चुका था और वो भी अपनी चुदाई मेरे लंड से करवाने के लिए बिल्कुल तैयार हो चुकी थी। फिर वो मुझसे पूछने लगी क्यों अब ज़न्नत कितनी दूर है? तब मैंने उससे कहा कि तुम अब नीचे लेटकर अपने दोनों पैरों को मेरे कंधे पर रख लो और उसके बाद मेरे लंड पर अपनी चूत को सटा दो। फिर उसने मेरे कहने पर सब कुछ वैसे ही करते हुए अब धीरे से मेरे लंड पर अपनी खुली हुई चूत का मुँह लगा लिया और उसके बाद वो बहुत ज्यादा उत्तेजित होकर एकदम से ऊपर उठने लगी। फिर मैंने उसको कमर से पकड़कर उसकी चूत पर एकदम सही निशाना लगाकर अपने लंड का टोपा रखकर उसकी कमर से पकड़कर उसको अपनी तरफ खींचकर हल्का सा दबाया तो मेरा टोपा उसकी चूत में आधा अंदर घुस गया। अब वो सिसकियाँ लेते हुए कहने लगी आईईईईईई स्सीईईईईइ माँ में मर गई। मुझे बहुत दर्द हो रहा है मुझे तो अब ऐसा महसूस हो रहा है जैसे कि आपने मेरे जले पर नमक छिड़क दिया है यह दर्द मेरे सहलने लायक नहीं है में मर ही जाउंगी यह कैसा दर्द है अब आप रहने दो बस बहुत हुआ आगे मुझे कुछ नहीं करना। फिर मैंने उससे कहा कि इस यात्रा में कुछ दर्द पहले सभी को जरुर होता है, लेकिन उसके बाद में मज़ा भी बहुत आता है तुम्हारे साथ भी अब दर्द खत्म होकर मज़ा आने का समय हो गया है। अब मैंने उसको समझाकर उसी तरह थोड़ी देर उसके गोरे सेक्सी बदन को अपने हाथों से सहलाकर में उसके दर्द कम होने का इंतजार करने लगा था, जिसकी वजह से कुछ देर बाद वो बिल्कुल शांत होती चली गई। फिर मैंने सही मौका देखकर अपनी तरफ से उसको एक दूसरा झटका दे दिया, जिसकी वजह से अब मेरा आधा लंड उसकी चूत को चीरता हुआ अंदर चला गया और तब मुझे महसूस हुआ कि उसकी चूत पानी छोड़ने की वजह से कुछ गीली हो गयी थी, इसलिए इस बार उसको दर्द कुछ कम हुआ था और फिर मैंने अपनी तरफ से एक और झटका दे दिया तो मेरा थोड़ा सा लंड और भी अंदर चला गया। अब वो ज़ोर से चिल्लाई आईईईईईईइ उफ्फ्फफ्फ्फ़ माँ में मर जाउंगी, मुझे नीचे की तरफ बहुत दर्द है आप अब रहने दो। फिर मैंने उससे कहा कि मेरी जान भला कोई ज़न्नत की सैर के बगैर मरता है जो तुम मरोगी? तुम बस इसको कुछ देर सह लो तुम्हे अब वो मज़ा मिलने वाला है जिसके लिए तुमने इतना दर्द को अपना बनाया और कुछ देर की बस बात है। दोस्तों मैंने सोचा कि अब और लंड को में अंदर ना करूँ इतने से में अपना काम शुरू कर दूँ और अब मैंने धीरे धीरे उसको ऊपर नीचे करके चोदना शुरू कर दिया। फिर कुछ देर धक्के देने के बाद अब थोड़ी देर में उसकी चूत पूरी गीली हो चुकी थी और अब मैंने अपना पूरा लंड उसकी चूत के अंदर डाल दिया और में उसको हल्के, लेकिन लगातार धक्के देकर चोदने लगा था। वो भी अब मेरे साथ उछलकर मज़े ले रही थी और उसके कदम अब जन्नत की तरफ बढ़ रहे थे और में धीरे धीरे अपनी स्पीड को बढ़ा रहा था और वो भी मुझसे कह रही थी कि आप तेज तूफान की तरह अपना लंड डालो और ज़ोर से उफ्फ्फ्फ़ हाँ ज़ोर से डालो फाड़ डालो उह्ह्ह्ह चीर दो अब मुझे पता चला कि ज़न्नत क्या होती है इसका मज़ा कैसा होता है और इसका दर्द क्या होता है और फिर वो इतना कहते हुए एक मस्त आवाज़ के साथ झड़ गयी, जिसकी वजह से उसका जोश अब ठंडा होता चला गया।

अब मैंने और स्पीड को बढ़ा दिया और उसकी रस से भीगी हुई चूत में मेरा पूरा लंड अंदर तक फिसलता हुआ उसकी चूत की गहराइयों में डुबकी लगा रहा था। फिर मैंने उससे कहा कि अभी आख़िरी स्टेशन बाकी है और अब में ज़ोर ज़ोर से उसकी कमर को पकड़कर उसकी चूत को ऊपर नीचे करके अपना पूरा लंड उसकी बच्चेदानी के अंदर तक पहुंचा रहा था और अब में भी अपनी मंज़िल पर पहुंचने वाला था और फिर में भी कुछ धक्के देने के बाद झड़ गया। तो मैंने अपना पूरा वीर्य उसकी चूत की गहराइयों में पहुंचा दिया जिसको पाकर वो पूरी तरह से संतुष्ट होकर अब मेरे शरीर से लिपट गयी, जैसे वो मेरे शरीर में पूरा घुस जाना चाहती हो और वो मुझसे कुछ देर तक वैसे ही लिपटी रही और फिर मेरा लंड धीरे धीरे छोटा होता हुआ उसकी चूत से बाहर आता गया। फिर उसके कुछ देर बाद उसकी पकड़ मेरे शरीर से अब ढीली पड़ती गई। फिर मैंने उसके बूब्स के निप्पल को अपने एक हाथ से सहलाते हुए उससे पूछा क्यों तुम्हे कैसा लगा यह जन्नत का मज़ा तुम्हे सैर करने में अच्छा महसूस हुआ या नहीं या अभी भी कुछ करना बाकी है? तो वो बिना कुछ कहे मेरी तरफ मुस्कुराने लगी, जिसका मतलब में ठीक तरह से समझ गया कि वो अपनी चुदाई से संतुष्ट है। दोस्तों यह था मेरा वो सेक्स अनुभव जिसको में आप सभी तक पहुँचाने के बारे में बहुत दिनों से सोच रहा था, लेकिन आज में पूरी तरह से इस काम को करने में सफल हुआ ।।

loading...

धन्यवाद …

Comments are closed.

error: Content is protected !!