घर में बहन के साथ मस्ती

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प्रेषक : राजीव …

हैल्लो दोस्तों में भी आप सभी की तरह कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों को पढ़कर मज़े लेने लगा हूँ और आज में आप सभी को अपने जीवन की एक सच्ची चुदाई की घटना के बारे में बताने यहाँ पर आया हूँ, जिसमें मैंने अपनी बहन के साथ पहली चुदाई करके बड़े मज़े लिए और उसको भी पूरी तरह से संतुष्ट किया दोस्तों अब में आप सभी को अपने साथ हुई उस सच्ची घटना के बारे में बताने जा रहा हूँ। दोस्तों में कुछ समय से अपने बड़े चाचा के घर उन्ही के पास रहने लगा था और उनके घर में मेरी चाची, मेरा चचेरा भाई और एक मेरी बड़ी ही सेक्सी चचेरी बहन तीन लोग और मेरे चाचा रहते थे। दोस्तों मेरे चाचा हमेशा उनकी नौकरी की वजह से घर से बाहर ही रहते थे। दोस्तों जब यह घटना मेरे साथ घटी तब मेरी बहन की उम्र 25 साल और मेरी उम्र 24 साल थी और यह बात आज से तीन या चार साल पहले की है। दोस्तों उनका घर छोटा होने की वजह से उसमे एक ही कमरा रसोई थी, इसलिए रात के समय मेरा भाई खाट पर और में मेरी बहन और चाची हमेशा नीचे जमीन पर सोते थे।

हम तीनों नीचे एक ही कतार में पास में सोते थे और सबसे पहले तो मेरी चाची हमारे बीच में सोती थी, लेकिन बाद में कुछ दिनों के बाद रात में खाना खाने के बाद मेरी बहन और में चाची से पहले ही बिस्तर लगाने के बाद ही सोने लगे थे और तभी से मेरी नज़र अपनी बहन पर पड़ी, लेकिन उसके साथ कुछ भी गलत करने की मेरी हिम्मत ही नहीं होती थी। फिर भी में नींद में अक्सर जानबूझ कर किसी भी अच्छे मौके को देखकर मेरा हाथ अपनी बहन के बूब्स पर लगाने लगा था और तब मुझे महसूस होता था कि वो शायद नाटक ही करती थी, क्योंकि वो भी शायद सोचती थी कि में उसके साथ ऐसा कुछ करना शुरू करूं, लेकिन में डरता था। फिर में जब भी बाहर से घूमकर वापस घर पर आता था, तब घर पर में और मेरी बहन ही रहते थे, चाची और भाई उनकी नौकरी पर होने की वजह से शाम को सात बजे तक ही घर आते थे। दोस्तों मेरी उस सुंदर हॉट सेक्सी बहन को मैंने बहुत बार दूसरे लड़को से बातें करते हुए देखा था और मुझे अच्छी तरह से पता था कि यह साली जरुर कहीं बाहर किसी से अपनी चुदाई करवा रही है। फिर दिन के समय भी घर में वो मुझे खाना खिलाकर सोने के लिए भी अब कहने लगी थी और में पूरी तरह से समझ गया कि इसका जरुर कुछ चक्कर शुरू हो चुका है।

एक दिन जब खाना खाने के बाद उसने मुझे सो जाने के लिए कहा तब मैंने मन में ठान लिया कि आज में इसका चक्कर जरुर देखकर रहूँगा। फिर में खाट पर सोने का नाटक करने लगा और मेरी बहन सामने टीवी देख रही थी और दस मिनट के बाद उसने मुझे गहरी नींद में समझकर टीवी को बंद किया और वो रसोई में चली गयी में अपनी आँखों को हल्का सा खोलकर देख रहा था और कुछ देर बाद में भी उसके पीछे पीछे चला गया। अब अंदर जाकर वो एक कुर्सी पर बैठ गई और उसके अपना टॉप खोल दिया जिसके अंदर उसने ब्रा नहीं पहनी थी, जिसकी वजह से मेरी आँखों के सामने अब उसके दो रसभरे आम लटकते हुए बाहर आ गए। अब वो अपने बूब्स को दबाने लगी थी थोड़ी देर के बाद उसने अपनी स्कर्ट को भी उतारकर वो अब अपनी चूत से खेलने लगी थी और वो चूत में अपनी ऊँगली को डालकर अंदर बाहर करने लगी थी। अब में वो सब देखकर बहुत डर रहा था, लेकिन फिर भी उस द्रश्य को देखकर मेरा लंड तनकर खड़ा हो गया था और में अपने लंड को अपने हाथ से हिलाने लगा था। तभी मेरा एक हाथ अचानक ही दरवाजे की कड़ी से लगा और एक आवाज हुई और उसी समय शायद वो भी झड़ रही थी, इसलिए वो तुरंत मेरे पीछे नहीं आई।

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फिर वो आवाज़ होते ही में तुरंत ही वापस खाट पर चला गया और में दोबारा सोने का नाटक करने लगा था, दो मिनट में ही वो अपने कपड़े पहनकर रसोई से बाहर आ गई और शायद वो मुझे देखने लगी थी। फिर वो मेरे पास बैठकर मुझे बड़े ही ध्यान से देखने लगी थी और में सोने का नाटक करने लगा। फिर अगले दिन से दीदी मुझे बहुत अलग नज़र से घूर रही थी और में उसकी नज़र से नज़र भी नहीं मिला रहा था। फिर दूसरे दिन में बाज़ार में जाने के बाद सोचने लगा कि कैसे इस साली की चूत का मज़ा लिया जाए? कुछ देर बाद घर आने के बाद उसने मुझे खाना दिया और में एक बजे कल जैसे ही सोने का नाटक करने लगा। दोस्तों आज तो उसको भी पता था कि समीर का भी लंड काम करता है। फिर आज वो खाट के नीचे ही ऐसे बैठ गई कि मुझे वो पूरी दिखे, लेकिन उसका चेहरा मुझे ना दिखे जिसकी वजह से में उसको देखते समय ना डरूं। अब वो अपना टॉप निकालने लगी और अपने बूब्स से खेलने लगी और इधर से में उसको देख रहा था और इसके बारे में दीदी को भी पता था। अब मेरा लंड इधर नाग की तरह उठकर डोल रहा था, करीब दस मिनट के बाद उसने अपनी स्कर्ट को भी उतार दिया और वो पेंटी में आ गई। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब वो द्रश्य देखकर मेरे दिल की धड़कने तेज़ होने लगी थी। फिर वो अपनी पेंटी को भी उतारकर चूत में उंगली करने लगी थी और मेरा तो नाग अब मेरे काबू में नहीं था और उसको भी पता था कि में यह सब देख रहा हूँ। फिर वो एकदम से उठकर खाट पर मेरे पास में बैठ गयी और में तुरंत समझ गया कि अब कुछ होने वाला है और ऊपर बैठने के बाद उसने अपनी ब्रा और पेटी को उतार लिया और वो मेरे पास बैठकर मेरे सर पर हाथ घुमाने लगी। दोस्तों उसके यह सब करते देख मेरे बदन में तो मानो बिजली दौड़ने लगी थी और फिर वो अपने हाथ कको घूमते हुए धीरे धीरे नीचे लाने लगी थी, जिसकी वजह से डर गया था। अब उसने अपना हाथ मेरी पेंट के ऊपर से मेरे लंड पर रख दिया, मेरा लंड तो पहले से ही आसमान को चूम रहा था और फिर उसने बिना देर किए अब हाथ को सीधा मेरी पेंट और अंडरवियर के अंदर डाल दिया और वो मेरे लंड से खेलने लगी। फिर उसने मुझसे कहा कि समीर उठ मुझे पता है कि तू जाग रहा है और मुझे नंगा देख रहा था। अब में डरता हुआ तुरंत उठकर बैठ गया और में उसकी तरफ देखने लगा। अब वो मुझसे कहने लगी कि मुझे तेरा यह खड़ा नाग सब कुछ बता रहा है और अब वो इतना कहकर मेरे ऊपर लेट गयी, लेकिन में चुप ही था।

फिर वो मेरे तन से खेलने लगी और कहने लगी कि कल तूने जो हाथ से किया वो में आज मेरे मुहं से कर दूँगी, तुरंत उल्टी होकर उसने मेरी पेंट को खींचकर उतार दिया। फिर उसके बाद हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए और वो मेरा तनकर खड़ा लंड देखकर वो खुशी से बोली वाह तेरा तो बहुत बड़ा है और मेरे लंड को अपने मुहं में लिए। फिर में समझ गया कि अब डरने से कोई मतलब नहीं, यह बात सोचकर मैंने भी उसकी पेंटी को उतार दिया और मैंने उसकी चूत के दर्शन किए। दोस्तों मैंने देखा कि उसकी चूत बहुत ही चिकनी और सुंदर थी, मुझे तो जैसे स्वर्ग के दर्शन हो गए थे। अब में भी जोश में आकर उसकी चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा था। अब दीदी जोश में आकर सिसकियाँ लेने लगी थी आह्ह्ह्ह भाईईईई ऊफ्फ्फ वाह मज़ा आ गया हाँ ऐसे ही चूसो। दोस्तों में उनकी वो बातें सुनकर ज़ोर ज़ोर से चूसने चाटने लगा था। करीब पांच मिनट तक हम दोनों ऐसे ही चाटने चूसने का वो खेल खेलते रहे। फिर वो उसके बाद सीधी हुई और मुझसे वो कहने लगी अब तुम ज्यादा देर मत करो, मेरे भाई तुम अब मेरी इच्छा को पूरा कर दो।

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फिर मैंने उसको एक ज़ोर के झटके के साथ अपने नीचे ले लिया, तभी वो मुझसे कहने लगी कि तब से तू नाटक क्यों कर रहा था? कल भी तूने हाथ से निकालकर नुकसान कर दिया। अब मैंने उसको कहा कि में डर रहा था, क्योंकि तू मेरी बड़ी बहन जो है। फिर वो हंसकर बोली कि एक ही घर में एक ही छत के नीचे इतना अच्छा लंड और चूत है फिर दोनों प्यासे क्यों रहे? चल अब तू बातें कम काम करना शुरू कर। फिर मैंने तुरंत ही उसकी ब्रा को निकाला दिया जिसकी वजह से उसके दोनों रसीले आम बाहर आकर मुझे ललचाने लगे था और अब में उन दोनों को बारी बारी से मुहं में भरकर चूसने लगा था और मेरी बहन आहें भरने लगी थी। फिर मैंने कुछ देर बाद उसको सीधा लेटाकर अपने लंड का टोपा उसकी खुली कामुक चूत पर रख दिया और एक ही ज़ोर का झटका मारा, जिसकी वजह से वो ज़ोर से चिल्ला पड़ी और उसने मुझे पीछे धक्का देकर लंड को अपनी चूत से बाहर निकाल दिया। अब मैंने उसको पूछा कि क्या हुआ? वो कहने लगी कि यह बहुत बड़ा है और मुझे इसकी वजह से दर्द हो रहा है।

फिर मैंने उससे कहा कि तुम एक काम करो, थोड़ी से क्रीम लेकर आओ और तब वो तुरंत उठकर क्रीम ले आई, मैंने थोड़ी क्रीम उसकी चूत पर लगाई और फिर अपने लंड पर भी लगाकर दोनों को चिकना कर दिया। फिर मैंने अपना लंड दोबारा से उसकी चूत के मुहं पर रखा और अब मैंने मन ही मन में सोचा कि अगर में धीरे धीरे करूंगा तो यह दोबारा से बाहर निकाल देगी। अब मैंने पूरा विचार बनाया और एक जोरदार धक्का लगा दिया, जिसकी वजह से मेरा पूरा सात इंच का लंड एक ही बार में पूरा अंदर चला गया, लेकिन अब वो दोबारा पहले से भी ज्यादा इतनी बुरी तरह चिल्लाई कि में आप सभी को क्या बताऊँ? फिर मैंने उसको बोला कि बस ऐसे ही रहो हिलना मत, दस मिनट तक हम दोनों वैसे ही रहे। फिर जब उसको थोड़ा सा आराम हुआ में चालू हो गया, करीब बीस मिनट तक उसकी चुदाई करने के बाद में झड़ने वाला था और मैंने बहन से कहा कि मेरा अब निकलने वाला है। अब बहन मुझसे कहने लगी कि अंदर मत डालना, ऐसा करो कि बाहर ही निकालकर मेरे मुहं में डाल दे। फिर मैंने उसकी चूत से लंड को बाहर निकालकर बहन के मुहं में डाल दिया और फिर पांच मिनट के बाद में झड़ गया। दोस्तों उस पहली चुदाई के बाद जब भी हमें मौका मिलता और हम आपस में चुदाई कर लेते और हम दोनों अब बहुत खुश रहने लगे है ।।

धन्यवाद …

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