गर्लफ्रेंड की छोटी बहन से बदला लिया

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प्रेषक : विनोद …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम विनोद है, में गुजरात का रहने वाला हूँ और मेरी उम्र 25 है। दोस्तों में अभी कुछ दिनों से सेक्सी मज़ेदार कहानियों के मज़े लेने लगा हूँ। एक दिन मेरे मन में भी अपनी उस सच्चाई को लिखकर आप सभी को बताने के बारे में विचार आ गया और मैंने इसको आप सभी के लिए बड़ी मेहनत से लिखकर तैयार कर दिया। दोस्तों यह मेरी अपनी सच्ची घटना, मेरा पहला सेक्स अनुभव है और में आज पहली बार लिखकर इसको आप सभी कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों को पढ़कर मज़ा लेने वालो तक पहुंचा रहा हूँ और में उम्मीद करता हूँ कि यह मेरी सत्य घटना आप सभी को जरुर पसंद आएगी और अब इसको सुनाना शुरू करता हूँ। दोस्तों यह उन दिनों की बात है जब में 10th में पढ़ता था और तब में 18 साल का था। उस समय मेरे पड़ोस में एक परिवार रहता था, उसमे चार लड़कियाँ और दो लड़के और उनके मम्मी पापा रहते थे। उस घर की सबसे बड़ी लड़की का नाम राधा था और वो 25 साल की थी, दूसरी लड़की का नाम मयूरी वो 23 साल की थी, तीसरी लड़की का नाम जयश्री और उसकी उम्र तब 18 साल थी और चौथी लड़की का नाम विमला था और वो 14 साल की थी। उनका एक भाई भी मेरी ही उम्र का था और दूसरा छोटा मतलब कि वो करीब 7 साल का होगा।

दोस्तों यह कहानी सन 1999 की है, हम दोनों घरों के बीच में बहुत अच्छे रिश्ते होने की वजह से हम सभी लोग बहुत घुलमिल कर बातें और हँसी मज़ाक किया करते थे। दोस्तों जयश्री बहुत सुंदर होने की वजह से हमारे बीच बहुत अच्छी बनती थी, वो उस समय 12th में थी और हम दोनों की लिखावट एक जैसी ही थी और इसलिए हम दोनों आपस में स्कूल का काम भी किया करते थे, कभी वो मेरा काम कर देती तो कभी में उनका काम किया करता था। हमारा यह सिलसिला ऐसे ही बहुत दिनों तक चलता रहा और फिर एक दिन हम दोनों ने आपस में अपने उस प्यार का इज़हार कर दिया, जिसको हम दोनों बहुत दिनों से अपने मन में लेकर बैठे हुए थे। अब हम दोनों काम करने के बहाने प्यार की बातें करने लगे थे और हम दोनों एक दूसरे को देखे बिना नहीं रहते थे। फिर हम हर कभी कहीं ना कहीं किसी भी बहाने से मिलने लगे थे और हम दोनों का बहुत सारा समय एक साथ ही गुजरने लगा था। एक दिन उनके नाना का एक खत आया और उसमे अंकल के लिए लिखा हुआ था कि आपकी सास की मतलब कि जयश्री की नानी बहुत बीमार है और इसलिए घर के काम करने के लिए आप अपनी किसी एक बेटी को यहाँ पर भेज दो।

दोस्तों सबसे बड़ी लड़की राधा की शादी हो चुकी थी और उसको छोटी वाली लड़की मयूरी वहां पर जाना नहीं चाहती थी और सबसे आखरी की लड़की विमला उस समय उम्र में छोटी थी और इसलिए वो घर के कामो को नहीं कर सकती थी और अब वहां पर जाना तो जयश्री को ही था इसलिए वो चली गई। फिर हम दोनों एक दूसरे से अलग होकर बहुत बहुत रोए, लेकिन क्या करे हमारी मजबूरी थी? और फिर हम दोनों कुछ दिनों के लिए अलग हो गये। फिर हम दोनों एक महीने तक चिठ्ठी लिखकर अपना हालचाल पूछते रहे और उसके बाद में चिठ्ठी लिखता, लेकिन उसका मुझे कोई भी जवाब नहीं मिलता था। अब में इस बात की वजह से बहुत ज्यादा परेशान सा रहने लगा था, लेकिन मुझे नहीं पता था कि उसको वहां पर जाकर क्या हुआ? जो वो अब मुझे मेरी चिठ्ठियों का जवाब नहीं दे रही थी और करीब दो महीनों के बाद वो वापस आ गई। अब में उसको देखकर बहुत खुश हो गया, में उसको मिलने के लिए बड़ा उतावला हो गया था, लेकिन वो अब मुझसे दूर रहने लगी थी और मुझे उसका मेरे लिए यह बिल्कुल बदला हुआ व्यहवार बहुत अजीब सा लगा। अब मैंने यह बात भी जानने की बहुत कोशिश कि वो मेरे साथ ऐसा बदला हुआ सा व्यहवार क्यों कर रही है? लेकिन उसने मुझे कुछ भी नहीं बताया और मैंने उसको यह बात जानने के लिए अपनी तरफ से बहुत बार नाकाम कोशिश की, लेकिन मुझे उस बात का पता नहीं चला।

फिर मैंने देखा कि वो अब उसकी छोटी बहन विमला के साथ अपनी सभी तरह की बातें करती थी और अब मैंने मन ही मन में ठान लिया था कि अब में इसका बदला उसको जरुर लूँगा और वो इसका बदला मुझे एक दिन जरुर चुकाएगी। दोस्तों उसकी बहन विमला जो अब 10th में आ चुकी थी और में 12th में आ गया था, मतलब कि हमारे बीच उस बात को पूरे दो साल गुजर चुके थे। फिर एक बार विमला को उसके पेपर के समय उसकी मदद करने के लिए मुझसे उसके घरवालों ने कहा और उनके पापा मेरी वो बात मान गये। अब वो मेरे पास हर दिन एक या दो घंटे अपनी पढ़ाई करने लगी थी और फिर धीरे धीरे मैंने उसको भी पटा लिया और इस वजह से वो भी अब मेरी बिल्कुल दीवानी हो चुकी थी। एक दिन उसका अच्छा मूड देखकर मैंने पढ़ाई के बाद विमला से उसकी बड़ी बहन जयश्री के बारे में पूछा, लेकिन वो चुप रही। फिर उसको बहुत बार पूछने दबाव डालने पर उसने मुझे सब कुछ सच बता दिया और फिर मुझे उस दिन पता चला कि वो किसी परेश नाम के उसके मामा के साले को प्यार करने लगी थी। दोस्तों वो लड़का भी उन्ही दिनों में जयश्री के नाना के घर पर कुछ दिन रहने आया था, तब वो मुझे छोड़कर उसके नाना के घर गई थी और उन दिनों एक साथ रहने की वजह से वो अब एक दूसरे को बहुत प्यार करने लगे थे।

दोस्तों बस फिर क्या था? में यह सभी सच्ची बातें जानकर बहुत रोया मुझे बहुत दुःख हुआ कि जयश्री ने किसी दूसरे लड़के की वजह से मुझे छोड़ दिया, वो अब मेरा सच्चा प्यार भुलाकर उस लड़के को प्यार करने लगी थी, जिसके साथ वो बस कुछ दिन ही रहकर आई थी और उसने मेरा इतने महीने के प्यार को भुला दिया था, लेकिन फिर मैंने अपना मुड ठीक किया। फिर उसके बाद मैंने मन ही मन में एक द्रड़ निश्चय कर लिया था और अब में पूरा विचार बनाकर लग गया था, विमला के पीछे मुझे अब कैसे भी करके उसको पाना था। एक साल बाद मयूरी और जयश्री दोनों की एक साथ ही शादी हो गई और अब उनके घर पर उनकी मम्मी, पापा दो भाभियाँ और विमला ही रह गई थी और विमला उन दिनों मेरी इतनी दीवानी हो चुकी थी कि वो मेरे बिना रह नहीं सकती थी। दोस्तों विमला उसके पेपर खत्म हो जाने के बाद अब मेहँदी का कोर्स करने लगी थी और दो महीने में वो उस काम में इतनी अनुभवी हो गई थी कि अब वो शादी के ऑर्डर में मेहँदी लगाने भी जाने लगी थी और इस बिच में उसको हर सात दिन में बाहर मिलने जाता था। फिर उसके बाद हम दोनों पूरे दिन में तीन चार घंटे साथ में रहते थे और फिर उसके बाद हम दोनों घूम फिरकर वापस अपने घर आ जाते।

एक दिन मैंने उसको पूछा तुम मुझे क्या दे सकती हो? वो मुझसे कहने लगी कि में आपके लिए तो में अपनी जान भी दे दूँगी, बोलो क्या आपको मेरी जान चाहिए? अब में उसको बोला कि नहीं मुझे तेरी जान नहीं तुमसे और कुछ चाहिए। फिर वो बोली कि अब तो में पूरी आपकी हो चुकी हूँ आप चाहे तो मुझसे बिना पूछे भी ले सकते हो। अब मैंने उसको कहा कि हाँ ठीक है हम किसी होटल में चलते है, वो बोली कि हाँ ठीक है जैसी आपकी मर्ज़ी। फिर मैंने कहा कि हाँ ठीक है अभी नहीं हम दो दिन बाद होटल में जाएँगे ठीक है, तुम तैयार होकर आ जाना? वो कहने लगी कि हाँ ठीक है में आ जाउंगी। फिर वो दो दिन के बाद अपने पापा को घर पर झूठ कहकर निकली कि मेहन्दी का एक बड़ा काम है, जिसकी वजह से हो सकता है कि मुझे वहां पर देर हो जाए और हो सकता है कि मेरी पूरी रात भी वहां पर निकल जाए, इसलिए आप ज्यादा परेशान मत होना में अपने आप आ जाउंगी। फिर हम दोनों एक अच्छी होटल में जाकर मिले वो क्या मस्त सज संवरकर आई थी जैसे आज उसकी शादी हो, वो बहुत सुंदर लग रही थी। दोस्तों वो चोली पहनकर आई थी, में उसको देखते ही मन ही मन में उसकी चुदाई के सपने देखने लगा था और में बहुत खुश हो गया कि आज में जयश्री का पूरा बदला उसकी बहन से और अपने दिल की पूरी भड़ास में निकाल लूँगा।

फिर उसको कमरे में ले जाकर मैंने तुरंत ही उसको अपनी बाहों में दबोच लिया और फिर उसको मैंने अपनी गोद में उठा लिया, जिसकी वजह से उनके बूब्स अब मेरी छाती से छू गए। अब हम दोनों के जिस्म के बीच से हवा भी ना निकल सके हम ऐसे चिपके हुए थे और मैंने जोश में आकर उसको बड़ी ज़ोर से दबा दिया। अब वो चिल्लाई वूऊह्ह् माँ आह्ह्ह्ह डार्लिंग अब मुझे छोड़ दो, मेरा दम घुट रहा है, लेकिन मैंने फिर भी उसको नहीं छोड़ा वो और भी ज़ोर से चिल्लाने लगी। फिर मैंने उसको अब छोड़ दिया था और उसके बाद मैंने उसको अपनी बाहों में लेकर पलंग पर लेटा दिया और अब मैंने उसकी चुनरी को उसके बूब्स के ऊपर से हटा दिया, जिसकी वजह से अब वो अपनी चोली में थी। फिर में उसको चूमने लगा था, वो अपनी दोनों आखें बंद करके बड़ा मस्त आनंद लेने लगी थी और धीरे धीरे मैंने उसको पूरा नंगा कर दिया और फिर उसके बाद में भी पूरा नंगा हो गया। दोस्तों वो उस समय वाह क्या मस्त सेक्सी लग रही थी? उसके वो छोटे छोटे गोरे गोलमटोल बूब्स जिनकी निप्पल जोश में आकर खड़ी हो चुकी थी, उसकी गोरी चिकनी साफ चूत वाह क्या मस्त कामुक नजर आ रही थी? उसको देखकर मेरे मुहं में पानी आने लगा था। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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अब में उसके गोरे जिस्म को देखकर ललचाने लगा था और फिर में बदले की भावना में ज़ोर से उस पर जानबूझ कर गिर गया जिसकी वजह से वो चिल्ला उठी ऊईई माँ क्या ऐसे भी कोई छलाँग लगता है? फिर मैंने उसको कहा कि यह तो कुछ नहीं आगे आगे देख होता है क्या? अब वो मेरे मुहं से यह शब्द सुनकर एकदम घबरा गई और वो अब डरकर मुझसे पूछने लगी कि तुम मेरे साथ क्या करोगे? प्लीज तुम कुछ भी ऐसा वैसा काम मत करना जिसकी वजह से में अपना मुहं किसी को दिखा भी ना सकू। अब मैंने उसको कहा कि हाँ ठीक है, लेकिन तूने ही मुझे अपना सब कुछ देने के लिए कहा है और तू बस इतने में ही डर गई। फिर वो कहने लगी कि मेरा वो मतलब नहीं था, आप चाहे जो ले लो, लेकिन थोड़ा प्यार से लो मुझे भी मज़ा दो। अब मैंने उसके गाल पर ज़ोर से काट लिया जिसकी वजह से मेरे दांत के निशान उसके गाल पर बन गए और वो अपने दोनों गालो को पकड़कर सहलाने लगी। अब में किसी भूखे शेर की तरह उसके बूब्स पर टूट पड़ा, में अपने दोनों हाथों से उसके बूब्स को इतना ज़ोर से दबाने मसलने लगा था कि वो उस दर्द की वजह से अब मचलने लगी थी और उसकी आँखों से आंसू भी बाहर आने लगे थे।

अब वो अपने मुहं से ऊऊहह्ह्ह् माँ में मर गई प्लीज अब आप छोड़ दो मुझे आईईईई मुझे बड़ा तेज दर्द हो रहा है, में इसकी वजह से आज मर ही जाउंगी प्लीज, अब बहुत हुआ आप छोड़ दो मुझे ऊफ्फ्फ मैंने आपका क्या बिगाड़ा है? जो आप मेरे साथ यह सब कर रहे हो। अब मैंने उसको कहा कि तूने नहीं तेरी बड़ी बहन ने मेरा बहुत कुछ बिगाड़ा है इसलिए आज उसकी सज़ा तुझे मिलेगी। अब वो मुझसे पूछने लगी क्यों क्या बिगाड़ा है मेरी बड़ी बहन ने आपका, आप मुझे भी तो बताओ? फिर मैंने उसको कहा कि तेरी बड़ी बहन ने मुझसे प्यार करके मुझे धोखा देकर छोड़ दिया और फिर वो बोली कि इसमे मेरा क्या कसूर है? में तो आपको अपनी जी जान से भी ज्यादा चाहती हूँ में आपको कभी कहीं भी छोड़कर नहीं जाउंगी। अब मैंने उसको कहा, लेकिन में तुझे नहीं चाहता हूँ में सिर्फ तेरे साथ अपना बदला पूरा करना चाहता। फिर वो मेरी बातें सुनकर अब कुछ ज़्यादा घबरा गई और वो कहने लगी कि नहीं आप ऐसा नहीं कर सकते? में आपको अपना वो सब कुछ दे दूँगी, लेकिन आप थोड़ा प्यार से लीजिए जो भी आपको लेना है। फिर में उसको बोला कि चुप हो तू बहुत बोल चुकी बंद कर और अब से तेरी बहन की सज़ा तू भुगत यह बात कहकर मैंने उसके होंठो पर अपने होंठ रखकर ज़ोर से चूसा काटा, लेकिन वो क्या करती चुपचाप सह रही थी।

फिर करीब बीस मिनट के बाद मैंने उसके होंठो को छोड़ दिया, मैंने ध्यान से देखा तो वो सूजकर फूल चुके थे। फिर उसके बूब्स को में चाटने लगा और काटने लगा था ऊहह्ह्ह आह्ह्ह मुझे बहुत दर्द हो रहा है क्या तुम आज मुझे मार ही डालोगे? उफ्फ्फ्फ़ इस दर्द से मेरी जान निकल रही है, लेकिन मैंने उसके दर्द की तरफ कुछ भी ध्यान नहीं दिया और में लगा रहा और अब उसकी आँखों से बाहर निकलते आंसू रुकने का नाम ही नहीं ले रहे थे और उसके बाद मैंने उसके पूरे बदन को चाटा और फिर में अब बूब्स को छोड़कर नीचे आकर तुरंत उसकी चूत को चाटने लगा था। अब मैंने महसूस किया कि उसको अब थोड़ा सा मज़ा आने लगा था वो आहह्ह्ह् आम्‍म्म्मा मज़ा आ गया हाँ ऐसे ही चाटते रहो और फिर मैंने अचानक से बिना कहे ही एक बार ज़ोर से उसकी चूत पर काट लिया। अब वो दर्द की वजह से चिल्ला गई ऊईईईईई आईईईईई माँ मार डाला और अब वो ज़ोर से रोने लगी थी, करीब आधा घंटे तक लगातार उसकी चूत को चाटने के बाद वो धीरे धीरे शांत होने लगी थी और फिर मैंने अपना पांच इंच लंबा और दो इंच मोटा लंड उसके मुहं पर रख दिया था और अब मैंने उसको मेरे लंड को अपनी जीभ से चाटने पूरा मुहं में लेकर चूसने को कहा, लेकिन वो ऐसा करने के लिए मुझे मना करने लगी।

फिर मैंने जबरदस्ती करके अपना लंड चटवाना शुरू किया और जैसे ही कुछ देर बाद उसने अपना थोड़ा सा मुहं खोला तो मैंने अपना लंड ज़ोर से धक्का देकर पूरा उसके मुहं में डाल दिया वो उूऊहह करने लगी, लेकिन मैंने अपने लंड को उसके मुहं से बाहर नहीं निकलने दिया और अब वो रोने लगी थी, उसको साँस लेने में बड़ी तकलीफ़ होने लगी थी। फिर कुछ देर बाद उसके ऊपर मैंने थोड़ा सा रहम ख़ाकर अपने लंड को उसके मुहं से बाहर निकाल लिया और अब वो अपना मुहं पकड़कर नीचे बैठ गई, वो कुछ बोल भी नहीं पा रही थी। फिर में कुछ देर बाद उसको लेटाकर उसके दोनों पैरों के बीच में आ गया और मैंने उसकी गांड के नीचे एक तकिया लगा दिया, जिसकी वजह से उसकी चूत ऊपर उठकर पूरी तरह से खुल गई उसकी चूत जोश में आकर पूरी तरह से गीली हो चुकी थी। अब मैंने अपने लंड को साफ करके उसकी चूत के मुहं पर रख दिया और वो आगे होने वाले काम को तुरंत समझकर मुझसे कहने लगी कि में आज पहली बार ले रही हूँ प्लीज तुम मुझ पर थोड़ा सा रहम खाओ और जो कुछ भी करो प्लीज धीरे से करना, लेकिन मैंने उसकी बातों पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया और फिर मैंने अपनी तरफ से एक जोरदार धक्का लगा दिया, लेकिन मेरा लंड फिसलकर उसकी कसी हुई कुंवारी चूत से बाहर हो गया।

अब मैंने एक बार फिर से अपने लंड को उसकी चूत के मुहं पर टिका दिया और अब दोबारा थोड़ा सा दबाव देकर मैंने अपने लंड को उसकी चूत में डालना शुरू किया था, जिसकी वजह से वो थोड़ा सा अंदर जाने लगा था, लेकिन वो तो मुझे दर्द होने की वजह से पीछे करने लगी थी। अब वो मुझसे लंड को बाहर निकालने के लिए कहने लगी थी, लेकिन मैंने लंड को बाहर नहीं निकाला और मुझे उस समय ऐसा लग रहा था जैसे कि में उसको नहीं अपनी पहली गर्लफ्रेंड जयश्री को चोद रहा हूँ। फिर यह सब सोचकर मैंने एक ऐसा मस्त जोरदार करारा झटका उसको दिया कि मेरा करीब दो इंच लंड उसकी चूत के अंदर चला गया और वो ज़ोर से चिल्लाने लगी उऊइईईईई माँ नहीं अब तुम इसको बाहर निकालो उफफ्फ् माँ में इस दर्द से मर ही जाउंगी, प्लीज अब बस करो नहीं और वो ज़ोर ज़ोर से रो रही थी। फिर मैंने भी वो सब कुछ बिल्कुल अनदेखा करके एक और ज़ोर का झटका उसको दे दिया, तब उसने उसी समय ऊऊईईईई आह्ह्ह् माँ करके खड़ा होना चाहा, लेकिन वो मेरी मजबूत पकड़ की वजह से बिल्कुल भी हिल ना सकी और अब वो एक पिंजरे में कैद पंछी की तरह फड़फड़ाने लगी थी वो और भी ज़ोर से रो रही थी।

दोस्तों वैसे दर्द तो मुझे भी अब थोड़ा बहुत हो रहा था, लेकिन में बदले की उस भावना की वजह से कुछ भी दर्द को नहीं समझ सका कि मुझे क्या करना चाहिए? वो अभी भी शांत नहीं हुई थी और मैंने लंड थोड़ा सा बाहर निकालकर पहले दोनों झटको से दुगना ज़ोर देकर अपना तीसरा धक्का लगा दिया। अब मेरा पूरा लंड जैसे ही उसकी चूत के अंदर गया, वो ज़ोर से चीखकर बेहोश हो गयी और उसी समय मुझे कुछ गरम सा महसूस हुआ और फिर मैंने देखा तो उसकी चूत से बहुत सारा खून बाहर निकलकर बह रहा था। में भी थोड़ा सा अब डरकर उसके ऊपर कुछ देर लेट गया। दोस्तों उस समय मुझे मेरे लंड में भी बहुत दर्द होने लगा था क्योंकि उसकी चूत किसी छोटी बच्ची की तरह एकदम टाइट थी, उसके बेहोश होने के वजह से मैंने अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाल दिया और अब में उसको उठाने लगा, लेकिन पूरा एक घंटा हो जाने के बाद भी ना तो विमला होश में आई और ना ही उनकी चूत से वो बहता हुआ खून निकलना बंद हुआ। अब में उसको अपनी गोद में उठाकर बाथरूम में ले गया और पानी को चालू करके मैंने उसको नहलाया तब वो दस मिनट के बाद होश में आ गई।

फिर वो मुझे देखकर धक्का देकर अपने से दूर करने लगी थी, लेकिन में दोबारा से उसको अपनी गोद में उठाकर बेड पर ले आया और फिर से चोदने की तैयारी करने लगा। दोस्तों उस समय वो होश में जरुर थी, लेकिन वो कुछ करने की हालत में नहीं थी। अब मैंने इस बार दो धक्को में अपना पूरा लंड उसकी चूत में पूरा अंदर डाल दिया और वो रो रही थी, लेकिन बोल नहीं पा रही थी और ऐसे ही लगातार उसको धक्के देकर बीस मिनट तक चोदने के बाद वो अब अपने दर्द को भुलाकर मुझे अपनी बाहों में भरने लगी थी और वो मेरे साथ अपनी चुदाई के अब असली मज़े लेने लगी थी। दोस्तों उसको अब भी थोड़ा सा दर्द हो रहा था, लेकिन उस दर्द को भूलकर वो अब मेरे साथ मज़ा लेने लगी थी। अब तक रात के करीब 8 बज चुके थे और फिर करीब 8:30 बजे तक हमारी वो चुदाई वैसे ही चलती रही। फिर उसके बाद में दोबारा उसको अपनी गोद में उठाकर बाथरूम में ले गया और उसको बहुत देर तक मैंने नहलाया जिसकी वजह से वो अपने दर्द से शांत हो गई, लेकिन वो अब भी उठकर ठीक तरह से चल नहीं पा रही थी। अब मैंने उसको गोद में उठाया बाथरूम से बाहर लाकर पलंग पर लेटा दिया और उसके बाद हम दोनों के लिए खाने का ऑर्डर किया और फिर कुछ देर बाद हम दोनों खाना खाकर फ्री हो गये।

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फिर हम दोनों ने बैठकर बहुत सारी बातें करना शुरू किया, उसके बाद मैंने उसको दोबारा उसकी चुदाई के लिए तैयार किया और अब मैंने एक बार फिर से उसकी चूत पर हमला बोल दिया था। मैंने अपने लंड को जबरदस्ती उसकी चूत में डालकर लगातार धक्के देकर उसकी चुदाई करना शुरू किया था। अब मैंने देखा कि उसकी चूत से एक बार फिर से खून निकलने लगा था, लेकिन इस बार उसने भी उसकी तरफ बिल्कुल भी ध्यान ना देकर मेरे साथ अपनी कुंवारी चूत की दूसरी ताबड़तोड़ चुदाई का असली बहुत मज़ा लिया और में भी उसको देखकर जोश में आकर वैसे ही बिना रुके धक्के देकर चोदता रहा, जिसकी वजह से अब वो भी बहुत खुश हो गई। दोस्तों ऐसे ही उस पूरी रातभर सुबह 6 के बजे तक मैंने उसको करीब चार बार चोदा और उसकी चूत को चोद चोदकर उसका भर्ता बना दिया। उसकी चूत अब चूत नहीं रही थी वो अब पूरी तरह से फटकर भोसड़ा बन चुकी थी। अब इस वजह से मेरा लंड बड़ी ही आसानी से उसकी चूत में उसको बिना दर्द किए फिसलता हुआ अंदर बाहर जाकर चुदाई के पूरे मज़े देने लगा था। फिर सुबह उसने अपनी चूत को देखा तो उसकी चूत अब रातभर की चुदाई की वजह से बहुत ज्यादा फूल गई और वो सूजकर बहुत उभर चुकी थी और उसके बाद दो घंटे आराम करने के बाद हम दोनों उस होटल से बाहर निकलकर अपने अलग अलग रास्ते से चलकर घर पर जा पहुंचे।

दोस्तों में उसकी रातभर चुदाई करके उसकी बहन का वो बदला पूरा कर चुका था, इसलिए में बहुत खुश था और उसके बाद भी मैंने उसको बहुत बार, लेकिन अब बहुत प्यार से में हर बार चोदता रहा, हम दोनों को जब भी कोई अच्छा मौका मिलता तो में उसकी मस्त मजेदार चुदाई करने लगता। ऐसा हम दोनों ने बहुत बार किया और जिसकी वजह से हम दोनों बड़े खुश थे, लेकिन मुझे उसके साथ अपने मन की इच्छा को पूरा करने का मौका पहली बार मिला था। फिर उसके बाद तो में उसको कैसे भी करके घोड़ी बनाकर बैठाकर या सीधा नीचे लेटाकर या खड़े करके या उसको अपने ऊपर बैठाकर चोदता उसको दर्द अब बिल्कुल भी नहीं होता। अब हर बार वो मेरा अपनी उस चुदाई में पूरा पूरा साथ देने लगी थी। में बड़े मज़े से उसको चोदने लगता, जिसकी वजह से हम दोनों बड़े खुश थे ।।

धन्यवाद …

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