हमारी खूबसूरत चुदाई की कहानी

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प्रेषक : रोहित …

हैल्लो दोस्तों, हम कामुकता डॉट कॉम के नियमित पाठक है, हमसे मतलब है हम दोनों पति-पत्नी, जी हाँ  यह कहानी हम दोनों मिलकर लिख रहे है। हमारे नाम रोहित और मोना है। हम दोनों की उम्र 30 साल  के आस पास है। यह कहानी सच्ची घटनाओं पर आधारित है। मोना नंगी होकर एक मस्त सेक्सी इंडियन औरत लगती है। हाँ मोना के चूतड़ जरूर काफ़ी आकर्षित है, बाकि औरतों की तुलना में। रोहित जब उसे प्यार करता है तो उसके चूतडों को खूब चूसता है और सेक्स करने से पहले अगर मोना अपनी गांड को अच्छी तरह से धोले तो रोहित उसे खूब चाटता भी है। वैसे अपनी गांड चटवाने में रोहित को भी बहुत मज़ा आता है, लेकिन मोना को यह कम अच्छा लगता है। पहले उसे लंड चूसना भी अच्छा नहीं लगता था, लेकिन अब वो चूस लेती है।

खैर अब स्टोरी शुरू करते है। अब पहले हम शादी से पहले के अपने जीवन के बारे में आपको बताते है। हम में से शादी से पहले किसी ने भी असल में चुदाई नहीं की थी, हाँ रोहित ने 1-2 बार अपने एक दोस्त से गांड मरवाई थी और मारी थी, मतलब मारी कम थी और मरवाई ज़्यादा थी। उसे गांड मारने का पूरा मौका भी मिला, लेकिन उसे गांड में लंड ठीक से घुसाना ही नहीं आया था। मोना शादी होने तक पूरी तरह से कुँवारी थी, हाँ अपनी सहेलियों से सेक्स की थोड़ी बहुत बातें जरूर की थी और इसके अलावा उसने अपने घर में भी सेक्स होते देखा था। उसने अपनी बड़ी बहन को अपने पति से चुदते हुए साफ-साफ देखा था। अब यह किस्सा आप उसी के शब्दों में सुनिए। मेरा घर बहुत छोटा था, वहाँ पर यह संभव ही नहीं था कि कोई सेक्स करे और बाकि को पता ना लगे। फिर जब मुझसे बड़ी वाली बहन (मोली) की शादी हुई तो वो कुछ महीनों के बाद अपने पति (विनय) के साथ हमारे यहाँ रहने आई थी। उसी समय मेरी सबसे बड़ी बहन (मिल्ली) भी वहाँ आई हुई थी। हम तीनों बहनों में मोली सबसे ज़्यादा सेक्सी है, उसके बाद नंबर आता है मिल्ली का और फिर लास्ट में मेरा। यह सारी बातें हम कभी-कभी बातचीत करते थे, हाँ “सेक्सी” शब्द का इस्तेमाल किए बगैर।

अब घर छोटा होने के कारण मुझे उसी कमरे में सोना पड़ा था, जहाँ मोली और विनय सोए थे। फिर रात में किसी आवाज से मेरी आँख खुल गयी तो तब मैंने ध्यान दिया तो मुझे मोली के रोने की आवाज आ रही थी और विनय के बोलने की आवाज आ रही थी। फिर मैंने धीरे से देखा तो वो दोनों लोग एक दूसरे के ऊपर थे और कम्बल के अंदर थे। अब मुझे उनके हिलने का पता लग रहा था और थोड़ा ध्यान से देखने पर पता लगा कि विनय ऊपर था और मोली नीचे थी। अब क्या चल रहा है, यह तो में समझ गयी थी। अब में यह जानना चाह रही थी कि विनय ऐसा क्या कह रहा है? की मोली रो रही है। फिर एक बार तो मैंने सोचा कि विनय मोली को जबरदस्ती चोद रहा है  इसलिए वो रो रही है। तब तक में यही समझती थी कि सेक्स करने में आदमी को ही ज़्यादा मज़ा आता है और औरत को बहुत कम मजा आता है।

फिर विनय की बातें ध्यान से सुनने पर मुझे पता लगा कि वो पागलों की तरह कह रहा था, मोली तू बहुत सेक्सी है, तेरी गांड बहुत सेक्सी है, में तुझे चोद दूँगा, तेरी गांड मार लूँगा, अब वो यही कुछ शब्द बोले जा रहा था, लेकिन जब मैंने और ध्यान दिया तो जो मैंने सुना में हैरान रह गयी थी। वो कह रहा था कि मिल्ली तू बहुत सेक्सी है, तेरी चूचीयाँ बहुत सेक्सी है, तेरी गांड भी बहुत सेक्सी है, में तुझे चोद दूँगा। अब यानि वो मेरी सबसे बड़ी बहन  अपनी सिस्टर-इन-लॉ को चोदने की बात कर रहा था और वो भी अपनी बीवी को चोदते हुए, इसलिए मोली रो रही थी। फिर उसके बाद वो यह भी बोला कि मेरी जान अपनी बहन की चूत और गांड दिलवा दे, प्लीज मिल्ली की चूत और मोना की गांड दिलवा दे, सारी ज़िंदगी जो तू कहेगी वो करूँगा।

अब उसके मुँह से अपना नाम सुनकर में घबरा गयी थी। अब मोली ने रोना बंद कर दिया था और उसकी आवाज से ऐसा लगा रहा था कि अब उसे भी मज़ा आ रहा है। अब उन लोगों के ऊपर जो कम्बल था वो भी अब काफ़ी हट गया था और मुझे विनय के उछलते हुए कूल्हें नजर आ रहे थे। अब सारा सीन देखकर मुझे थोड़ा बुरा भी लगा था, लेकिन पहली बार एहसास हुआ कि सेक्स क्या-क्या करवाता है? एक आदमी दूसरी औरत से कैसे आकर्षित होता है? यह भी इसके बावजूद की उसकी अपनी पत्नी ज़्यादा सेक्सी है। अब इस सीन को देखने के बाद मेरी भी थोड़ी इच्छा सेक्स करने की हो गयी थी। अब में इंतज़ार करने लगी थी कि कब मेरी शादी हो और में भी सेक्स का मज़ा लूँ? अब मुझे थोड़ा अच्छा यह सोचकर भी लगा था कि विनय मेरी तरफ भी आकर्षित होता है। अब उस दिन के बाद से मुझे अपनी गांड पर थोड़ा गर्व भी हो गया था। फिर मैंने ध्यान से नोट किया तो कई मर्द मेरी गांड तो ताकते थे, हालाँकि विनय से मुझे थोड़ा डर भी लगने लगा था और में उससे दूर ही रहती थी, ख़ासकर अकेले तो में उसके सामने कभी नहीं जाती थी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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अब शादी के बाद की कहानी रोहित से सुनिए। फिर जब शादी होकर मोना आई तो में उसे नंगी देखने के लिए बेकरार था, ख़ासकर उसके नंगे बूब्स और नंगी गांड देखने के लिए। अब में यह देखने के लिए आतुर था कि उसकी चूचीयाँ कितनी बड़ी है? उसकी गांड तो ऊपर से ही मस्त लगती थी तो नंगी होकर कैसी दिखती होगी? सच कहूँ तो उसकी चूचीयाँ देखकर तो थोड़ी निराशा ही हुई, ऊपर से जितने बड़े दिखते थे  उतने थे नहीं, लेकिन उसकी गांड काफ़ी सही है, उसे देखते ही उसमें समाने का मन करता है।  अब मोना को भी शायद यह पता था और अब वो भी अपनी गांड मटका-मटकाकर मुझे छेड़ती थी। मोना और मैंने सेक्स करने की कोशिश पहली रात को ही कर डाली थी, लेकिन कामयाब ना हो पाए और फिर कई दिनों के बाद जाकर कामयाबी मिली और उसके बाद हमने खूब चुदाई करनी शुरू कर दी, लेकिन समय के साथ हमारी चुदाई के तरीके में कोई बदलाव नहीं आया, यहाँ तक की उसने कभी ठीक से मेरा लंड भी नहीं चूसा था। में हमेशा से मोना की गांड मारना चाहता था, लेकिन उसने कभी मारने नहीं दी थी, तो नतीजा यह हुआ की मुझे चुदाई में मज़ा कम आने लगा था। अब में और औरतों के प्रति ज़्यादा आकर्षित होने लगा था।

फिर कुछ टाईम तक तो मैंने उससे कुछ नहीं कहा, लेकिन जब मुझे लगा कि मुझसे कुछ गलत ना हो जाए तो तब मैंने मोना को यह प्रोब्लम बता दी। तब बहुत कोशिश करने पर उसने मेरा लंड तो चूसना शुरू कर ही दिया। अब इससे हमारी डूबती हुई सेक्स लाईफ को कुछ जान मिल गयी थी, लेकिन उसकी गांड मुझे अभी भी नहीं मिली थी। फिर एक दिन जब मुझसे नहीं रहा गया तो तब मैंने उससे खूब रिक्वेस्ट भी की। अब मेरी हालत देखकर उसे भी रोना आ गया था। फिर मैंने उसे चुप कराया और कहा कि ठीक है अपनी गांड में लंड नहीं तो जीभ ही घुसवा लो। फिर वो अपनी गांड अच्छी तरह से धोकर आई और फिर मैंने उसे खूब चाटा। अब हम अक्सर ऐसा करते थे।

फिर एक दिन मोना मुझसे बोली कि मुझसे आपकी हालत देखी नहीं जाती है, आप मेरी गांड मार लो।  अब हिम्मत करके मोना अपनी गांड में मेरा लंड घुसवाने के लिए तैयार हो गयी थी। तो तब मुझे ऐसा लगा कि वो केवल मेरी खुशी के लिए ऐसा कर रही है। तब मैंने मना किया, लेकिन अब गांड चटवाने के बाद उसका मन भी गांड मरवाने का कर रहा था। फिर खूब सारा तेल लगाने के बाद मैंने अपना लंड उसकी गांड के छेद पर रखा। तब उसे बहुत दर्द हुआ, लेकिन मैंने अपना लंड थोड़ा सा घुसा ही लिया था। अब मोना दर्द से इतनी बैचेन हो रही थी कि मैंने अपना लंड और नहीं घुसाया। अब थोड़ा लंड घुसने में ही मज़ा आ गया था, मेरी जान की गांड है ही इतनी मस्त। फिर थोड़ा हिलने के बाद में झड़ गया।  फिर कुछ दिन तक तो ऐसा ही चला। अब मोना को थोड़ा सा लंड घुसवाने में दर्द कम होने लगा था, लेकिन वो ज़्यादा नहीं घुसाने देती थी, हालाँकि में रोज थोड़ा-थोड़ा ज़्यादा अंदर तक घुसा लेता था। फिर इसी तरह से मैंने एक दिन अपना आधे से ज़्यादा लंड उसकी गांड के अंदर घुसा दिया।

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अब वो बहुत झटपटा रही थी, लेकिन मैंने उसे कसकर पकड़ लिया और हिलना बंद कर दिया था। अब मेरा हिलना बंद होने से थोड़ी देर में उसका दर्द कुछ कम हो गया था और अब उसे भी थोड़ा मज़ा आने लगा था। फिर थोड़ी देर के बाद में थोड़ा-थोड़ा हिला तो तब उसने मना नहीं किया। फिर मैंने एक झटके में अपना पूरा लंड अंदर कर ही दिया। तब मोना बहुत चिल्लाई और छुड़ाने की कोशिश भी की, लेकिन मैंने पहले की तरह उसे टाईट पकड़ लिया था और हिलना बंद कर दिया, ताकि उसे दर्द कम हो। फिर थोड़ी देर के बाद में वो नॉर्मल हो गयी। फिर मैंने उससे पूछा कि जानू दर्द तो नहीं हो रहा है ना? तो तब वो बोली कि थोड़ा सा। तब मैंने पूछा कि थोड़ा और करूँ? तब मोना ने कहा कि नहीं  प्लीज। फिर तब मैंने कहा कि बाहर निकालूँ क्या? तो तब वो बोली कि अभी कुछ मत करो। तब मैंने कहा कि में ऐसे ही रहता हूँ, जब कुछ करना हो तो बोल देना, जैसा तुम कहोगी वैसा ही होगा। फिर थोड़ी देर के बाद वो बोली कि धीरे धीरे करना।

फिर इसके बाद मैंने उसे धीरे-धीरे से चोदना शुरू किया और अब उसे भी थोड़ा ही दर्द हुआ था। फिर में ज़्यादा देर तक अपने आपको रोक नहीं पाया और झड़ गया। फिर हम कई बार ऐसे करने लगे और अब उसे दर्द होना बंद हो गया था। अब वो मुझसे खूब गांड मरवाती है। अब ज़्यादा मज़ा उसे अभी भी चूत चुदवाने में ही आता है। अब उसकी इच्छा का ख्याल करके में भी उसकी चूत ही ज़्यादा चोदता हूँ, लेकिन हफ्ते में एक-दो बार वो अपनी गांड भी चुदवाती है। हम अक्सर छुट्टी वाले दिन सुबह के समय गांड चुदाई करते है। मोना रोज की तरह सुबह मुझसे पहले उठकर फ्रेश हो आती है और फिर अपनी गांड भी अच्छी तरह धो लेती है और फिर पूरी नंगी होकर अपनी गांड पर क्रीम लगा लेती है और फिर मुझे जगाकर गांड मारने को कहती है। उसकी प्यारी सी गांड और नंगा बदन देखकर जागने के साथ ही मेरा लंड खड़ा हो जाता है और में उसकी गांड में अपना लंड पेल देता हूँ और कभी-कभी गांड मारने से पहले थोड़ी बहुत चूत भी चोद लेता हूँ। में उसकी गांड कुत्तिया स्टाइल में ही चोद पाता हूँ।

फिर जब मेरा लंड उसकी गांड में होता है तो मेरे हाथ अपने-आप ही उसकी चूचीयों को पकड़ लेते है। में किसी और स्टाइल में उसकी गांड नहीं चोद पाता हूँ। यह है हमारी चुदाई की छोटी सी कहानी ।।

धन्यवाद …

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