जवान कन्या को ब्लैकमेल करके ठोका

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प्रेषक : राजीव …

हैल्लो दोस्तों, में आपको एक नई स्टोरी सुनाने जा रहा हूँ, जो कि एकदम नई है और एक जवान गर्ल की है, जो कि जस्ट अभी-अभी जवान हुई और उसको जवान होते ही नए-नए लंड का शौक पड़ गया। उसकी उम्र अभी केवल 19 साल है और वो क्लास 12 वी में पढ़ती है, लेकिन दिखने में वो किसी कॉलेज स्टूडेंट से कम नहीं है, अब में आपको सीधा स्टोरी पर लेकर चलता हूँ।

यह स्टोरी कुछ ऐसे शुरू होती है कि आज से 2 साल पहले मेरे घर के बगल वाला फ्लेट खाली हुआ था, तो उसके बाद से उसको देखने रोजाना नए-नए लोग आने लगे। हमें ओनर ने उस फ्लेट की चाबी दी हुई थी की कोई आए तो फ्लेट दिखा देना। फिर एक दिन एक गर्ल और आंटी फ्लेट देखने आई, वो गर्ल ठीक-ठाक थी और आंटी भी ठीक थी। उन्होंने बताया कि वो देहरादून से है, मैंने नॉर्मली फ्लेट ओपन कर दिया और उन्होंने फ्लेट देखा और नंबर लेकर चले गये। फिर 2 दिन के बाद आंटी की कॉल आई कि हमें फ्लेट पसंद है, तो उन्होंने बताया कि वहाँ उनकी दोनों लड़कियाँ रहेगी, वो और अंकल देहरादून में रहते है और एक लड़की की नॉएडा में जॉब लग गई है और दूसरी लड़की का स्कूल में एड्मिशन करवाना है। तो मैंने बोला ठीक है, फिर मैंने ओनर से बात कि तो वो भी मान गया। फिर अगले महीने की 1 तारीख को उसकी फेमिली रूम शिफ्ट करने लग गई।

उस दिन मैंने पहली बार उस लड़की को देखा, हाए क्या लड़की थी? अपनी बड़ी बहन से ज्यादा निखरी हुई, उसकी अभी जवानी फुट रही थी, वो एकदम कमसिन जवान और कली से फूल बन रही थी। आप सब जानते होंगे कि जब लड़की 19 साल के बीच में होती है तो कुछ ज्यादा ही अच्छी लगती है। अब जब शिफ्टिंग का सारा काम हो गया तो उसके बाद वो हमारे घर पर आए। फिर हम दोनों फेमिली का फॉर्मल इंट्रो हुआ, तब मुझे पता चला कि उस लड़की का नाम रितिका था। अब मेरी नज़र बार-बार उसके ऊपर ही जा रही थी, उसने भी ये सब देख लिया था। अब में बार-बार अपनी नज़र चुराकर उसको देख रहा था और वो भी मुझे देख रही थी, लेकिन इग्नोर करने का शो कर रही थी। फिर उसके बाद आंटी और अंकल जी ये बोलकर चले गये कि वो शनिवार रविवार को टाईम मिला तो आते रहेंगे वरना हम उन दोनों का थोड़ा ध्यान रखे, क्योंकि वो दोनों अकेली थी।

फिर अगले दिन से हम एक दूसरे से मिलने लगे, अब में उस टाईम ज्यादातर अपने घर पर अकेले रहता था क्योंकि मेरे मम्मी, पापा दोनों जॉब करते है और जब में जॉब ढूंढ रहा था। अब उस लड़की की बड़ी बहन रोजाना सुबह जॉब पर चली जाती थी और वो खुद भी स्कूल चली जाती थी। अब में तो बस इंतजार करता रहता था कि कब 1 बजे और वो स्कूल से वापस आए और हम बातें स्टार्ट करे। अब कुछ दिन में हमारा रोज़ का रुटीन बन गया था कि वो स्कूल से आकर सीधा चेंज करके मेरे घर आ जाती थी और हम बातें किया करते थे। वो काफ़ी ज्यादा मेच्यूर थी और फ्रेंक भी थी, वो नॉर्मली मुझसे गर्लफ्रेंड के बारे में पूछ लेती थी और में बोलता था कि नहीं कोई नहीं है, ढूंढ रहा हूँ, या अपनी कोई फ्रेंड से बात करवा दे, ये सब बातें हंसकर टाल दी जाती थी। फिर मेरी जॉब लग गई, अब में जॉब पर जाने लगा तो हमारी बातें भी कम हो गई, अब मुझे बहुत बुरा लगा कि अभी तो टाईम था कुछ करने का, लेकिन में कुछ कर नहीं पाया।

फिर एक दिन में अपने ऑफिस नहीं गया, फिर में 1 बजने का इंतजार करने लगा तो जैसे ही 1 बजे तो वो अपने घर आ गई। अब मैंने उसको आते देख लिया था, फिर मैंने सोचा कि उसको पहले कपड़े चेंज करने देता हूँ, फिर में जाऊंगा। तभी मैंने नोटीस किया कि उसने अपने घर का दरवाजा बंद नहीं किया है। फिर थोड़ी देर में एक लड़का उसकी ही स्कूल ड्रेस में आया और इधर उधर देखते हुए अंदर चला गया। अब में हैरान रह गया, अब मुझे बहुत गुस्सा आया कि इसने अपने रूम पर लड़का बुला लिया। अब में इंतजार करने लगा की कब वो लड़का बाहर निकले, फिर करीब 1 घंटे के बाद वो चुपके से चला गया। फिर मैंने सोचा कि अब अच्छा मौका है तो मैंने दरवाजा खटकाया, तो उसने दरवाजा खोला। फिर वो सर्प्राइज़ हो गई और बोली कि तुम आज ऑफिस नहीं गये, तो मैंने बोला कि नहीं आज मन नहीं था। फिर में अंदर चला गया, अब हम टी.वी देखकर बातें कर रहे थे, फिर मैंने सोचा कि आज ट्राई मार लेनी चाहिए, अब तो मेरे पास मौका भी था।

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फिर मैंने उसको बोला कि और बॉयफ्रेंड बना लिया, तो उसने बोला कि नहीं मुझे इनमें इंटरेस्ट नहीं है। अब में उसके काफ़ी पास बैठा हुआ था, फिर मैंने उससे पूछा कि फिर किसमें इंटरेस्ट है? तो वो स्माइल करने लगी और बोली कि किसी में नहीं। तो मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और बोला कि सच बता, तो वो गुस्से में बोली कि ये क्या कर रहे हो? तो मैंने बोला कि सच बता किसमें इंटरेस्ट है? सेक्स में। अब मेरे ऐसे बोलते ही उसके हावभाव चेंज हो गये और बोली कि ये क्या बोल रहे हो तुम पागल हो? मैंने अभी तक उसका हाथ नहीं छोड़ा था। फिर में बोला कि मैंने देख लिया था, जो लड़का अभी चुपके से अंदर आया और बाहर गया और मैंने उससे झूठ बोला कि मुझे सोसाइटी के लोगों से ये भी पता चला है कि यहाँ दिन में लड़के आते रहते है। अब वो थोड़ी डर सी गई और बातें बदलने लगी कि वो स्कूल के काम से आया था और बहाने लगाने लगी।

फिर मैंने बोला कि झूठ मत बोल और उसको अपने पास ले आया, अब उसने अपनी आँखे बंद कर ली थी। फिर मैंने बोला कि वो स्कूल वाले लड़के क्या करेंगे? में दिखाता हूँ तुझे असली मज़े और मना किया तो तेरी दीदी को सब बता दूँगा, अब उसने रेज़िस्ट करना छोड़ दिया था। फिर मैंने बोला कि देख ले तू खुद साथ दे तो ज्यादा मज़ा आएगा और ये बोलकर उसकी शर्ट के ऊपर से उसके बूब्स दबाने लगा, उसने अभी तक अपनी आँखे नहीं खोली थी। फिर मैंने देर ना करते हुए उसके लिप्स पर अपने लिप्स लगाकर स्मूच करनी शुरू कर दी और साथ में उसकी शर्ट के बटन खोलने लगा। फिर जैसे ही सारे बटन खुल गये तो में उसके बूब्स देखने लगा, हाए दोस्तों 32 साईज़ के छोटे-छोटे बूब्स, क्या कयामत लग रहे थे? उन पर कट के निशान पड़े हुए थे, शायद जो लड़का पहले आया था उसने मारे हो। फिर मैंने देर ना करते हुए उसको सोफे पर ही बैठा दिया और उसके सामने खड़ा हो कर अपनी चड्डी नीचे कर दी। अब मेरा आधा सोया हुआ लंड देखकर उसकी आँखे फटी रह गई थी, अब उसने सीधा बिना कुछ बोले उसको अपने हाथ से पकड़ा और चूसना शुरू कर दिया।

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अब वो भी सेक्स के रंग में रंग चुकी थी और मेरे लंड को चूसते हुए अजीब-अजीब सी आवाज़े निकालने लगी और बोलने लगी कि उसने आज तक किसी का भी लंड इतना मोटा नहीं देखा है। फिर मैंने भी बोला कि मेरी रंडी बन जा, फिर तुझे स्कूल वाले लड़को और एक्सपीरियन्स लड़को में फ़र्क समझ में आ जाएगा। अब मैंने उसको खड़ा करके उसकी स्कर्ट भी उतार दी थी और उसको सोफे पर ही लेटाकर उसकी चूत को चूसने लगा। अब वो तो आअहह म्‍म्म्मम आआआहह कम ऑन ऐसे करने लगी और अपनी चूत को ज़बरदस्ती मेरे मुँह में डालने लगी। फिर मैंने पूछा कि कभी लंड डलवाया है, तो वो बोली कि हाँ डलवाया है, लेकिन ऐसा नहीं बहुत छोटा और पतला, लेकिन अब तेरा डलवाना है। तो मैंने भी उसकी चूत पर पहले अच्छे से फिंगरिंग की और उसकी चूत के दाने को बहुत रब किया और चूसा। फिर उसने बोला कि अब में पागल हो गई हूँ प्लीज अब मुझे चोद दो, अपना लंड मेरी चूत में अंदर डालो। तो फिर मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर रब करके हल्का सा ही अंदर डाला था कि वो उछलने लगी और बोलने लगी कि ये अंदर नहीं जाएगा।

फिर मैंने उसका मुँह बंद किया और उसके कंधो को पकड़कर ज़बरदस्ती पूरा लंड उसकी चूत के अंदर डाला। अब उससे सहा नहीं जा रहा था, तो मैंने अपना लंड वापस बाहर निकाल लिया और दुबारा जोर से उसकी चूत के अंदर डाला, तो इस बार भी मैंने उसका मुँह नहीं खोला। अब में ऐसे बार-बार करने लगा था और जोर से अंदर डालकर बाहर निकाल देता। अब उसको भी मज़ा आने लगा था, अब वो मेरे हाथ को काटने लगी थी। अब में उसे ऐसे ही तेज-तेज चोदने लगा था, अब वो भी मेरी गांड को पकड़कर धक्के तेज तेज करवा रही थी और बोल रही थी कि फाड़ दो मेरी चूत को, इसका भोसड़ा बना दो।

अब में भी जोश में बहुत तेज-तेज 15 मिनट तक करता रहा, फिर मैंने पूछा कि मेरा निकलने वाला है कहाँ पर निकालूं? तो उसने बोला कि मुझे तुम्हारा पानी पीना है, मेरे मुँह पर गिरा दो। अब जैसे ही मेरा पानी निकलने वाला था, तो मैंने उसके मुँह पर अपना लंड ले जा कर अपना पानी गिरा दिया और उसने पूरा चूस लिया। उस दिन मैंने उसको 2 बार अलग-अलग पोज़िशन में और चोदा, फिर उसके बाद से हमें जब भी मौका मिलता तो हम सेक्स करने लगते। फिर 1 साल के बाद वो वापस देहरादून चली गई, अब में उसको आज भी बहुत मिस करता हूँ।

धन्यवाद …

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