कणिका की चुदाई का अनुभव

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प्रेषक : गुमनाम …

हैल्लो दोस्तों, आप सभी की तरह में भी कामुकता डॉट कॉम का बहुत लंबे समय से सेक्सी कहानियों को पढ़कर मज़े लेने वाला बन गया हूँ और मैंने अब तक ना जाने कितनी कहानियों के मज़े लिए और वो सभी मुझे बहुत अच्छी लगी। दोस्तों सेक्स करना और अब सेक्सी कहानियों को पढ़ना मुझे बहुत अच्छा लगता है और आज में आप सभी को अपना भी एक सच्चा सेक्स अनुभव उस कहानी को सुनाने जा रहा हूँ, मुझे पूरा विश्वास है कि यह आप सभी को जरुर बहुत पसंद आएगी। दोस्तों आज में आपको एक ऐसी कहानी सुनाने जा रहा हूँ जिसको पढ़ने में आपको बहुत मज़ा आएगा और आज में जो घटना सुनाने जा रहा हूँ इसको मेरे साथ घटे बस एक दिन हुआ है। दोस्तों यह बात कल की है, जब मैंने अपने जीवन की पहली चुदाई के मस्त मज़े लिए जिसके बारे में सोच सोचकर मेरे बदन का रुआ रुआ खड़ा हो जाता है। दोस्तों में मुंबई में अपनी बहन के साथ दो कमरों के एक फ्लेट में रहता हूँ और मेरी बहन की एक सहेली है जिसका नाम कनिका है। दोस्तों उस लड़की की सुंदरता की बढाई करना बड़ा ही कठिन काम है, उसकी लम्बाई करीब पाँच फीट छ: इंच है और वो इतनी सुंदर है कि उसको एक ही बार देखने के बाद मेरा लंड जोश में आकर तनकर खड़ा हो जाता है और वो लड़की अक्सर हमारे घर आया करती थी।

दोस्तों यह कहानी आज से एक दिन पहले की है, उस दिन मेरे घर में बस मेरे अलावा और कोई भी नहीं था, मुझे अच्छी तरह से पता था कि वो लड़की अब किसी भी समय मेरे घर आने वाली थी, क्योंकि यह उसका हर दिन का काम था और इस वजह से वो मुझसे भी खुलकर हंसकर बातें मजाक किया करती थी। फिर मैंने मन ही मन में सोच लिया कि यह आज मेरे पास मेरी बहन की चुदाई करने का बहुत अच्छा मौका है और में उस दिन यह मौका अपने हाथ से छोड़ना नहीं चाहता था। फिर मैंने दस मिनट के अंदर ही अपनी सारी तैयारियों को पूरा कर लिया और में उसका इंतजार करने लगा था और कुछ देर के बाद में जैसे ही नीचे चला गया। अब मैंने देखा कि वो लड़की सामने रिक्शा से उतर रही थी। अब मैंने उसको ऊपर चलने के लिए कहा और जब उसने मुझसे मेरी बहन के बारे में पूछा तब मैंने उसको बताया कि में उसको पास वाले घर से बुलाने जा रहा हूँ। फिर मैंने देखा कि वो यह बात सुनकर ऊपर चली गयी और अब में उसके जाते ही नीचे का मुख्य दरवाजा बंद करके कुछ देर बाद उसके पीछे पीछे ऊपर चला गया। फिर में जब कमरे में पहुंचा तो उसको मैंने कमरे में एक कुर्सी पर बैठा हुआ पाया और अब मैंने उसको पानी पिलाया, वो कंप्यूटर को चालू करके उस पर खेलने लगी।

फिर कुछ देर उसके पास बैठकर बातें करने के बाद जब मेरे सबर का बाँध टूटा, तब में वहां से उठकर रसोई में चला गया और वहां से आने के बाद मैंने उसके पीछे जाकर उसको झट से अपनी बाहों में भरते हुए मैंने उसके दोनों बूब्स को दबा दिया। दोस्तों मेरे इस प्रकार के बिल्कुल बदले हुए व्यहवार की वजह से वो एकदम घबरा गयी थी। अब वो डरते हुए मुझसे कहने लगी कि आप मेरे साथ यह क्या कर रहे है? और वो तुरंत ही उठकर खड़ी हो गयी। फिर मैंने उसको बता दिया कि मेरी बहन आज मेरे मामा के पास जा चुकी है और वो अब शाम को ही वापस आएगी और इस समय पूरा दिन हम दोनों के अलावा इस घर में कोई भी नहीं है। अब मैंने उसको अपने पास सटा लिया और में उसके दोनों बूब्स को ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा। फिर में उसको कहने लगा कि देखिए मैंने जब से आपको पहली बार अपने सपनों में मेरे साथ चुदाई करते हुए देखा है, तभी से मेरा मन आपके साथ सेक्स करने के लिए बेचैन हुआ जा रहा है और आज मेरे पास इतना अच्छा मौका था तो में इसको कैसे अपने हाथ से जाने देता? अब वो मुझसे कहने लगी क्या तुम्हारा दिमाग खराब हो चुका है तुम्हे पता भी है कि तुम मुझसे क्या कह रहे हो? तुम अब चुपचाप छोड़ दो मुझे वरना में ज़ोर से चिल्लाना शुरू कर दूंगी।

फिर मैंने उसको बड़े ही प्यार से उसके बूब्स को लगातार सहलाते हुए ठंडा करके समझाया कि तुम्हारे चिल्लाने से किसी को पता नहीं चलने वाला मैंने सभी खिड़कियाँ दरवाजे पहले से ही बंद किए है और अगर तुम चुपचाप मेरे साथ यह सब करोगी तो तुम्हे भी मज़ा आएगा। दोस्तों कुछ देर की उसकी वो ना ना नहीं के बाद अब उसने विरोध करना एकदम बंद कर दिया था और मैंने कपड़ो के ऊपर से ही उसके पूरे बदन को सहलाकर उसका जोश जगा दिया था। फिर मैंने उसको पलंग पर चलने के लिए बोला और अब वो पलंग के पास चली गयी। फिर मैंने उसकी जींस के बटन को खोलते हुए उसकी पेंट की चैन को खोल दिया और फिर पेंट को नीचे सरका दिया। अब मैंने उसको उस पेंट को अपने पैरों से बाहर निकालने के लिए कहा और उसने मेरा कहा मानकर अपनी पेंट को अपने दोनों पैरों से अलग कर दिया और तब मुझे पता चला कि उसने काले रंग की पेंटी पहनी थी। अब मैंने उसको अपनी मजबूत पकड़ से अलग किया और उसको पलंग पर लेटने के लिए कहा और वो तुरंत ही पलंग पर लेट गयी। अब मैंने भी बिना देर किए उसके टॉप को खोल दिया और फिर मैंने देखा कि उसने अंदर की तरफ काले रंग की ब्रा, पेंटी पहनी हुई थी।

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अब मैंने उसको कहा कि यह काले रंग की ब्रा तुम्हारे इस गोरे बदन पर बहुत जंच रही है, तुम इसमें बहुत हॉट सेक्सी लग रही हो। फिर वो मेरे मुहं से अपनी इतनी तारीफ को सुनकर मुस्कुराने लगी और अब मैंने अपने एक हाथ को उसकी पेंटी के ऊपर रख दिया, जिसकी वजह से वो आहह करके अंगड़ाई लेने लगी। अब मैंने अपने दोनों हाथों से उसके पेंटी को एक ही झटके में घुटनों तक पहुंचा दिया, उसके बाद जैसे ही मेरी नज़र उसकी चूत पर गयी, तब मेरे लंड को तो जैसे बर्दाश्त करना एकदम मुश्किल सा हो गया और अब मेरा लंड तो जैसे पेंट से बाहर आने के लिए बेचैन हो गया था। फिर मैंने अपने हाथ को उसकी चूत के ऊपर फेरते हुए और उसको हल्का सा दबाकर सहलाने हुए उसको कहा कि तुम्हारी चूत तो बहुत ही मुलायम और गरम भी है। अब उसने मज़े की वजह से अपनी दोनों आँखों को बंद कर लिया और वो चुपचाप वैसे ही लेटी रही। दोस्तों मैंने अब बिल्कुल भी देरी करना उचित नहीं समझा और झट से मैंने अपने लंड को पेंट से बाहर निकाल लिया। फिर जैसे ही मेरे लंड ने अपने अगले हिस्से को बाहर निकाला तो वो अपनी आँखों को खोलकर मेरे लंड के ऊपर देखने लगी और मैंने देखा कि वो बहुत ध्यान से देख रही थी।

अब में उठकर पास के टेबल पर रखे हुए तेल के डब्बे को लेकर अपने बेड के पास रख दिया और में उसकी जाँघ पर बैठ गया। फिर मैंने उसके दोनों पैरों को फैलाते हुए तेल के डब्बे से तेल को निकालकर उसकी चूत के दोनों गुलाबी होंठो पर लगा दिया। अब मैंने देखा कि मेरे लंड के मुहं पर जोश की वजह से पानी आ गया था, मैंने अपने लंड के अगले हिस्से पर मल दिया। अब मैंने अपने लंड को उसकी चूत के मुहं पर सटाते हुए उसको अपनी चूत को फैलाने के लिए कहा। फिर उसने अपने दोनों हाथों से अपनी चूत के छेद को फैला लिया और मैंने जैसे ही चूत को फैले हुए देखा खुश होकर जोश के साथ मैंने एक ज़ोर का झटका मार दिया, जिसकी वजह से वो ज़ोर से आह्ह्ह्ह ऊफ्फ्फ्फ़ करके चीख उठी। फिर मैंने अपनी कमर को वहीं पर रोक लिया, तभी उसने मुझसे कहा कि प्लीज तुम अब इसको बाहर निकाल दो ऊह्ह्ह वरना में मर ही जाउंगी। अब मैंने उनको पूछा कि क्यों? तब वो कहने लगी कि यह तुम्हारा बहुत मोटा है और मुझे इसकी वजह से बहुत दर्द हो रहा है। फिर मैंने उनको पूछा क्या तुमने कभी सेक्स नहीं किया? वो कहने लगी कि नहीं यह सब में आज तुम्हारे साथ पहली बार ही कर रही हूँ, प्लीज तुम अब बस भी करो और इसको बाहर निकाल दो, मुझे बड़ा तेज दर्द हो रहा है, इसको सहन करना अब मेरे लिए बड़ा ही मुश्किल होता जा रहा है। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब मैंने उससे कहा कि हाँ यह सब तुम आज पहली बार कर रही हो, तभी तो तुमको पता नहीं है कि इसको करने के बाद कितना अच्छा लगता है? तुम अभी देखना कुछ देर बाद तुम्हारा दर्द खत्म होकर मज़े में बदल जाएगा। फिर मैंने उसके ब्रा को खोलने के लिए उसको पीठ उठाने के लिए बोला और तब उसने अपनी पीठ को थोड़ा सा ऊपर उठा लिया, जिसके बाद मैंने उसकी ब्रा का हुक खोलकर ब्रा को भी तुरंत उसके बदन से अलग कर दिया। फिर जैसे ही मेरी पहली नज़र उसके एकदम नंगे गोरे गोलमटोल बूब्स के ऊपर पड़ी उसके बाद मेरे तो लंड के अंदर जैसे पहले से भी ज्यादा जोश भर गया। अब मैंने उसके दोनों बूब्स पर हल्का सा तेल लगाया और मैंने अपनी दोनों हथेलियों से उन दोनों बूब्स को मसलना शुरू कर दिया। ऐसा करने में मुझे बड़ा मस्त मज़ा आ रहा था और कुछ देर तक मसलने के बाद जब मैंने देखकर महसूस किया कि अब उसकी पकड़ मेरी कमर पर ढीली पड़ने लगी थी। अब मैंने एक बार फिर से अपनी कमर को हिलाना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से मेरा लंड उसकी कुंवारी कसी हुई चूत के अंदर बाहर होने लगा था। दोस्तों अब में उसके दोनों बूब्स को जिसकी निप्पल एकदम तने हुए थे, उनको अपने हाथों से मसलने के साथ ही में अपनी कमर को भी हिला रहा था और उसके चेहरे को भी देख रहा था।

दोस्तों वो अब आह्ह्ह्ह ऊफ्फ्फ्फ़ आईईईईईई और नहीं आज के लिए इतना ही बहुत है करके सिसकियाँ ले रही थी। अब मैंने उसको पूछा कि क्या तुम्हे अब भी दर्द हो रहा है? वो कहने लगी कि हाँ थोड़ा थोड़ा और जब मेरा लंड कुछ और अंदर चला गया तो मैंने कुछ देर के बाद अपने लंड के रास्ते में कुछ अड़चन को महसूस किया। अब में तुरंत समझ गया कि यह उसकी चूत की झिल्ली थी, मैंने अपनी कमर को थोड़ा सा ऊपर उठाया और उसकी कमर को अपने दोनों हाथों से कसकर पकड़कर मैंने एक ज़ोर का झटका मार दिया। दोस्तों मेरे इस तेज झटके से वो ज़ोर से नहीं ऊईईईईई आहह्ह्ह प्लीज निकालो बाहर ऊऊईईईइ नहीं में मर जाउंगी करके चिल्ला उठी। अब मैंने अपने लंड को थोड़ा सा बाहर निकाल लिया और उसके दोनों बूब्स को मैंने एक बार फिर से मसलना शुरू कर दिया। फिर कुछ देर के बाद मैंने अपनी कमर को ज़ोर ज़ोर से हिलाना शुरू कर दिया। दोस्तों उसकी वो आहह ऊऊहह्ह्ह की आवाज़ जब मैंने देखा कि यह रुकने वाली नहीं है, तब अपने होंठो से उसके होंठो को कस लिया और अब में ज़ोर ज़ोर से झटके मारने लगा। फिर कुछ देर बाद उसने अपने होंठो को आज़ाद करते हुए मुझसे पूछा कि और कितना बाहर है? मैंने उसको कहा कि बस थोड़ा ही बाहर है क्या में अब इसको पूरा अंदर डाल दूँ?

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अब उसने हाँ में अपने सर को हिला दिया और मैंने खुश होकर अपनी कमर से ज़ोर के झटके के साथ अपने लंड को पूरा का पूरा उसकी चूत के अंदर कर दिया। अब में खुश होकर पूरी तरह जोश में आकर उसको तेज गति से धक्के लगाने लगा था और फिर कुछ देर तक ज़ोर के झटके मारने के बाद मैंने जब महसूस किया कि अब में झड़ने वाला हूँ और मेरा वीर्य उसकी चूत में जाने वाला है। फिर मैंने एक तरफ से उसके बूब्स को ज़ोर से मसलना शुरू किया और दूसरी तरफ से उसके होंठो को चूसना शुरू किया और अब वो भी मेरे सुर के साथ अपनी ताल मिलाने लगी थी। अब मैंने उसको पूछा क्यों अब तुम्हे मज़ा आ रहा है ना? उसने अपना हाँ कहते हुए सर हिला दिया। फिर कुछ देर के बाद मेरा वीर्य उसकी चूत को गीला करने लगा था। अब वो तेज धक्को का मज़ा लेते हुए जोश मस्ती में आकर मुझसे कहने लगी कि में तुमसे बहुत प्यार करती हूँ और तुम बहुत अच्छे हो आईईईईईई आअहह करके अपने दोनों हाथों से मेरी पीठ पर रगड़ते हुए वो पूरी तरह से मेरे आगोश में आ गयी। फिर कुछ देर तक वैसे ही पड़े रहने के बाद मैंने उठकर अपने मुरझाए हुए लंड को उसकी चूत से बाहर निकाला। उसमें हम दोनों का माल लगा हुआ था।

अब मैंने उसकी चूत की तरफ देखा तो वो मेरे मोटे लंबे लंड से धक्के खा खाकर बहुत खुल चुकी थी, वो चुपचाप कुछ देर तक वैसे ही लेटी रही। फिर उसके बाद उठकर वो अपने कपड़े पहनकर बाथरूम में गयी वहां पेशाब करने के बाद वो जब मुस्कुराते हुए मेरे सामने आई तब में उसका वो खुशी से भरा चेहरा देखकर समझ गया कि वो मेरी चुदाई से पूरी तरह संतुष्ट है। फिर उसने मुझसे घर से बाहर सड़क तक छोड़ने के लिए कहा और में उसके साथ सामने सड़क तक चला गया, उसी समय चलते हुए मैंने उसको पूछा कि तुम्हे मेरे साथ यह सब करना कैसा लगा? तब वो मुस्कुराते हुए बोली कि मुझे बहुत अच्छा लगा, मैंने तो कभी सोचा भी नहीं था कि इस काम को करने में इतना मस्त मज़ा आता है। फिर मैंने उसको एक ऑटो में बैठा दिया, वो चली गई और फिर में भी अपने पहले अनुभव के बारे में सोचता हुआ खुश होकर अपने घर पर आ गया ।।

धन्यवाद …

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