किरायेदार की बीवी की चूत से लंड का संगम

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प्रेषक : राहुल …

हैल्लो दोस्तों, में आप सभी को अपनी आज की कहानी को शुरू करने से पहले अपना परिचय करवा देता हूँ। मेरा राहुल है और मेरी उम्र 23 साल और मेरे घर में एक किराएदार रहती है जिसका नाम शीला है। उसकी उम्र 26 साल है और वो बहुत ही सुंदर और सेक्सी है। उसका फिगर दिखने में बहुत ही अच्छा है और बहुत ही सेक्सी है। उसके परिवार में वो उसका पति और एक छोटा सा बच्चा है। दोस्तों अब में आप लोगों को अपनी आज की कहानी सुनाता हूँ। यह करीब एक साल पहले की बात है जब में 22 साल का था। में शीला को जब भी देखता था तो मेरा लंड तनकर खड़ा हो जाता था और में हमेशा उसके बारे में सोचता रहता था और में उसके साथ सेक्स करना चाहता था और उसके बूब्स जो कि बहुत ही गोरे सुडोल सुंदर है उनको में जी भरकर दबाना मसलना चाहता था और उसके होंठो को चूसना चाहता था, लेकिन में कुछ नहीं कर पाता था। में उसके घर पर उसके बच्चे को खिलाने के बहाने से चला जाता था। उसका पति एक प्राइवेट कंपनी में काम करता और जब वो घर पर नहीं रहता था तो में उसके घर पर जाता था और उसके बच्चे के साथ मस्ती करने लगता और उसके पास बैठकर उससे बहुत सारी बातें भी किया करता था, लेकिन में हमेशा उसकी नज़र से बचकर अपनी चोर नजर से उसके उस गोरे सेक्सी बदन को देखा करता था, उसके बूब्स को लगातार घूरता रहता था और जब वो अपने बच्चे को दूध पिलाती थी तो में चुपके से उसकी नज़र को बचाकर उसके बूब्स को देख लेता था और ऐसा करने में मुझे बहुत मज़ा आता था।

दोस्तों उसको भी यह बात पता थी कि में उसको देख रहा हूँ और वो भी मेरे सामने जानबूझ कर अपने बच्चे को दूध पिलाने लगती थी, जिसको देखकर मुझे लगने लगा था कि उसके मन में भी शायद मेरे लिए कुछ ऐसा चल रहा है इसलिए वो खुद भी जानबूझ कर अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए मेरे साथ यह ऐसी हरकते करने लगी थी। फिर मुझे उसके इन कामों को करने की थोड़ी सी हिम्मत मिलने लगी थी और उसका व्यहवार मेरे लिए शुरू से ही बहुत अच्छा था और हमेशा वो मुझसे हंस हंसकर बातें किया करती और में कभी कभी उससे दो मतलब वाली बातें भी किया करता जिनका वो सही मतलब समझकर मेरी तरफ हमेशा मुस्कुरा देती थी। दोस्तों सही बताऊँ तो में उसको देखकर अब बिल्कुल पागल हुआ जा रहा था और मुझे अब कैसे भी हिम्मत करके उसकी चुदाई करनी थी जिसके में उठते बैठते सपने देखा करता था और उसी के बारे में सोचा करता। एक दिन ऐसा आया कि जब मुझे ऐसा मौका मिल गया, जिसका मुझे बहुत लंबे समय से इंतजार था। दोस्तों उस समय मेरे मम्मी पापा को एक सप्ताह के लिए एक शादी में दूसरे शहर हमारे किसी रिश्तेदार के घर जाना था और उस समय उसके पति को भी कंपनी के काम से 5-7 दिन के लिए कहीं बाहर जाना था और मेरी मम्मी ने जाने से पहले शीला से कहा कि तुम घर में बिल्कुल अकेली हो और तुम्हारा बच्चा भी अभी बहुत छोटा है और राहुल भी हमारे घर में ही रहेगा, लेकिन वो भी अकेला ही है तो तुम ऐसा करना कि अपने बच्चे के साथ हमारे यहाँ ही आ जाना और घर का ख्याल रखना और यहीं पर रहना। फिर वो मेरी मम्मी की उस बात को मान गई और उसके बाद मेरे मम्मी पापा चले गये और उसका पति भी अपने काम से चला गया।

फिर में अपने कॉलेज से दोपहर को अपने घर आया तो मैंने फ़्रिज़ से कुछ निकालकर खा लिया जिससे मेरी भूख शांत हो गई और में जिस रूम में टीवी है वहां टीवी देखने चला गया। तब मैंने देखा कि शीला भी उसी रूम में अपने बच्चे के साथ सो रही है, वो उस समय साड़ी पहने हुई थी और वो बहुत ही सुंदर लग रही थी। फिर मैंने कुछ देर उसको देखकर टीवी का रिमोट उठाया और में टीवी देखने लगा, लेकिन में शीला को भी बार बार देख रहा था और मेरा ध्यान टीवी पर कम और शीला पर कुछ ज्यादा था और में उसके पास जाना चाहता था, लेकिन मुझे डर भी लग रहा था कि वो कहीं जाग ना जाए और फिर घर में मुझे उसकी वजह से डांट पड़ेगी और मैंने उसको देखा वो बहुत ही सेक्सी लग रही थी, जिसकी वजह से अब मुझसे बिल्कुल भी कंट्रोल नहीं हो पा रहा था और में धीरे से उसके पास चला गया और मैंने उसके गोरे सुंदर चेहरे को देखा और फिर मैंने उसके गुलाबी होठों पर अपनी उंगली से छुआ और धीरे धीरे से घुमाने लगा। वो वैसे ही सोती रही और उसकी तरफ से कोई भी हलचल को ना देखकर मेरी हिम्मत और भी ज्यादा बढ़ गई, जिसकी वजह से मैंने अब उसके होंठो पर अपने होंठ रख दिए और वो फिर भी नहीं उठी। अब मैंने उसके होंठो हो चूमा और उसके ब्लाउज के नीचे उसके नरम गोरे पेट को सहलाया, लेकिन वो फिर भी नहीं उठी तो मैंने अब हिम्मत करते हुए धीरे से उसके ब्लाउज के ऊपर से उसके बूब्स को छुआ। फिर भी जब वो नहीं उठी तो मैंने उसके बूब्स पर अपना दबाव बनाया और अब में धीरे धीरे दोनों बूब्स को दबाने लगा। वो फिर भी नहीं उठी, लेकिन अब मुझे ऐसा महसूस होने लगा था कि जैसे वो जाग रही है और मुझसे कुछ नहीं कह रही है।

अब मुझे पक्का विश्वास हो गया था कि वो बहुत देर पहले से जाग रही थी, लेकिन उसने अब तक मुझसे कुछ नहीं कहा और वो ऐसे ही चुपचाप लेटी रही जिसकी वजह से अब मेरी हिम्मत बहुत ज्यादा बढ़ गई और में अब उसके पैरों के पास चला गया, उसके पेटीकोट को थोड़ा ऊपर करने लगा उसके बाद में उसके गोरे गोरे पैरों को चूमता हुआ उस पेटीकोट को धीरे धीरे ऊपर उठाने लगा, लेकिन अब भी उसने मुझसे कुछ भी नहीं कहा और वो चुपचाप लेटी रही और फिर मैंने धीरे धीरे उसका पेटीकोट पूरा ऊपर कर दिया जिसकी वजह से अब मुझे उसकी पेंटी नजर आने लगी वो गुलाबी रंग की पेंटी पहने हुई थी। मैंने उसकी पेंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को सहलाना शुरू किया, लेकिन तभी अचानक से उसका बच्चा जाग गया और वो रोने लगा। फिर में उसके पास से हट गया और शीला भी उठ गई और वो अपने बच्चे को गोद में उठाकर उसको चुप करवाने लगी और उसको दूध पिलाने लगी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

दोस्तों अब में उसके गोरे सुडोल बूब्स को देखता ही रह गया और में सोच रहा था कि यह अभी इस समय क्यों उठ गया? और फिर में उठकर उस कमरे से बाहर चला गया और कुछ देर बाद में अपने दोस्त के घर चला गया। फिर शाम को जब में वापस अपने घर आया तो शीला ने मुझसे कहा कि खाना खा लो उसके बाद हम दोनों ने साथ में बैठकर खाना खाया और फिर कुछ घंटो बाद हम सोने के लिए जाने लगे। में अपने रूम में जाने लगा और शीला दूसरे रूम में चली गई। फिर कुछ देर बाद में शीला के बच्चे को खिलाने के बहाने से उसके रूम में चला गया और में उसके साथ खेलने लगा और उसके कुछ देर बाद में उठकर वापस अपने रूम में जाने लगा।

फिर शीला ने मुझसे कहा कि राहुल तुम भी यहीं पर सो जाओ मुझे यहाँ अकेले बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगेगा, तो में उसकी वो बात तुरंत मान गया क्योंकि यह तो मेरे मन की भी इच्छा थी जो अब पूरी हो गई थी, इसलिए मैंने उसकी वो बात सुनकर तुरंत हाँ कर दिया था और में भी वहीं पर रुक गया और उस कमरे में बस एक ही बेड था, इसलिए शीला अब उस बेड के एक हिस्से में थी और बीच में उसका बच्चा था और में उसके दूसरे हिस्से में था। अब में उसकी तरफ देख रहा था और वो मेरी तरफ, लेकिन मुझे पता ही नहीं चला कि कब मुझे नींद आ गई? फिर रात के करीब एक बजे मुझे कुछ एहसास हुआ कि जैसे कोई मुझे छू रहा है और अब मैंने क्या देखा कि शीला का बच्चा जो पहले बीच में था वो अब बेड के एक कोने में था और शीला मेरे पास लेटी हुई थी और वो मेरी पेंट के ऊपर से मेरे लंड को सहला रही थी। मैंने मन ही मन में सोचा कि में चुपचाप लेटे हुए देखता रहता हूँ कि यह इसके आगे मेरे साथ क्या करती है? और में बिना हिले लेटा रहा, लेकिन कुछ देर बाद मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और उससे पूछा कि शीला तुम यह क्या कर रही हो? तो उसने मुस्कुराकर कहा कि में तुम्हारे लंड का आकार चेक कर रही हूँ। मैंने उससे पूछा कि तुम ऐसा क्यों कर रही हो? तो वो बोली कि आज दोपहर को जब में सो रही थी तब तुम भी मेरे साथ यही कर रहे थे? तो इसलिए मैंने सोचा कि अब में भी तुम्हारे आकार को तो चेक कर लूँ।

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फिर मैंने उससे पूछा तो क्या मेरा आकार चेक करने के बाद ठीक नहीं है? उसने कहा कि तुम बहुत अच्छे नंबर से पास हुए हो तुम्हारा लंड बहुत मोटा और लंबा है इसको तो में नहीं ले सकती। फिर मैंने उससे कहा कि तुम इसको ऊपर से ही क्यों चेक कर रही हो, रूको में अपनी पेंट को उतार देता हूँ और इतना कहकर में तुरंत उस बेड से उठकर खड़ा हो गया और मैंने अपनी पेंट को उतार दिया। फिर उसके बाद अंडरवियर को भी उतार दिया, जिसकी वजह से मेरा लंड अब बाहर निकालकर शीला की चूत को सलामी दे रहा था और उसने मेरे लंड को देखा और वो देखती ही रह गई।

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अब मैंने उससे कहा कि क्या तुम इसको ऐसे ही देखती रहोगी या इसके आगे कुछ करोगी नहीं क्या? फिर शीला मेरे पास आई और उसने मेरा लंड अपने हाथ में लेकर वो उसको सहलाने लगी और कुछ देर बाद वो मेरे लंड को अपने मुहं में लेकर चूसने लगी। वो बहुत ज़ोर ज़ोर से मेरा लंड चूसने लगी थी। में उसको देख रहा था और वो मेरा लंड छोड़ ही नहीं रही थी। अब मैंने उसके सर पर अपना एक हाथ रखकर अपने लंड को उसके मुहं में ज़ोर से धकेल दिया, जिसकी वजह से मेरा लंड अब उसके हलक तक चला गया और उसने घबराकर तुरंत मेरा लंड छोड़कर वो अब खड़ी हो गई और वो मुझसे पूछने लगी कि तुम यह क्या कर रहे हो? तो मैंने उसको ज़ोर से अपनी बाहों में जकड़ लिया और उसके बाद में उसके होंठो पर अपने होंठ रखकर उसके गुलाबी होंठो का रस चूसने लगा और अपनी जीभ को उसके मुहं में भी अंदर डालने के कोशिश करने लगा और जब उसको ऐसा लगा कि में अपनी जीभ को मुहं में डालना चाहता हूँ तो उसने तुरंत अपना मुहं खोल दिया, जिसकी वजह से मैंने अपनी जीभ को उसके मुहं में डाल दिया और अब में उसकी जीभ को चूसने लगा। मुझे उसके साथ ऐसा करने में बहुत मज़ा आ रहा था और उसको भी बहुत मज़ा आ रहा था और उस समय हम दोनों में जोश भी बहुत था, इसलिए हम दोनों करीब 10-15 मिनट तक लगातार एक दूसरे को ऐसे ही चूमते चाटते रहे।

अब मैंने किस करते हुए उसके बूब्स को भी दबाना शुरू किया, जिसकी वजह से उसके मुहं से मुझे सिसकियों की आवाज सुनाई देने लगी थी और फिर मैंने उसके होंठो को छोड़कर अब में उसके गोलमटोल रसभरे बूब्स को दबाने लगा। उस बीच मैंने उसका ब्लाउज भी खोल दिया था और तब मैंने देखा कि उसने ब्लाउज के अंदर ब्रा नहीं पहन रखी थी और अब में उसके हल्के भूरे रंग के निप्पल को चूसने लगा और बूब्स को निचोड़ने लगा। उसके निप्पल को में अपना पूरा दम लगाकर ज़ोर से चूस रहा था और साथ में अपने दांतो से काट भी रहा था। उस दर्द की वजह से वो अब ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ ले रहे थे उसने मेरा सर अपनी छाती पर अपने पूरे दम के साथ दबा लिया था और वो आसस्स्स्स्स आह्ह्ह्हह्ह् हाँ और ज़ोर से चूसो निचोड़ दो इनका पूरा रस आईईईई हाँ और ज़ोर से उफ्फ्फ्फ़ मज़ा आ गया वो बहुत ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ ले रही थी और अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था क्योंकि मेरे साथ साथ वो भी अपने पूरे जोश में थी। फिर मैंने उसका पेटीकोट उतार दिया और उसके साथ में उसकी पेंटी को भी उतार दिया, जिसकी वजह से अब वो मेरे सामने पूरी नंगी थी और में भी उसके सामने नंगा था। फिर मैंने उसको बेड पर लेटा दिया और में उसकी चूत को चूसने लगा और कुछ देर बाद में अपनी उंगली को उसकी चूत में डालकर लगातार अंदर बाहर करने लगा, जिसकी वजह से वो बहुत गरम हो गई थी और अब वो जोश में आकर सिसकियाँ ले रही थी और उसके मुहं से बहुत ही मदहोश कर देने वाली कामुक आवाज़ आ रही थी वो आअसस्ऊओह आन्न्‍नननन् कर रही थी। उसकी उस आवाज़ से पूरा कमरा अब गूँज रहा था। तभी उसने मुझसे कहा कि राहुल डार्लिंग प्लीज तुम अब मुझे और ज्यादा मत सताओ उह्ह्हह्ह अब मुझसे रहा नहीं जा रहा है, प्लीज जल्दी से तुम्हारा लंड अब डाल दो मेरी इस प्यासी चूत में, नहीं तो में अब मर ही जाउंगी और वो तड़प रही थी।

फिर मैंने अपना लंड एक हाथ से पकड़ा और उसके दोनों पैरों को पूरा फैला दिया। में अब अपने लंड को उसकी खुली चूत के मुहं के ऊपर रगड़ने लगा और लंड से उसकी चूत को सहलाने लगा था, जिसकी वजह से वो अब और भी ज्यादा तड़पने लगी थी और अब उसने मुझसे कहा कि प्लीज अब थोड़ा जल्दी से डाल दो इसको मेरी इस चूत के अंदर और इसकी प्यास को बुझा दो, मेरे पति का मेरी इस जवानी पर ध्यान कम और अपने काम के कुछ ज्यादा है और उनको मेरी इस मस्त जवानी का ठीक ठीक इस्तमाल करना नहीं आता। वो वैसे मज़े मुझे नहीं देते जैसे मुझे उनसे चाहिए। फिर मैंने अपने लंड को उसकी चूत के मुहं पर ठीक निशाने पर रखकर अंदर करना चाहा और में धीरे धीरे ज़ोर लगाने लगा था जिसकी वजह से मैंने अपना आधा लंड उसकी चूत के अंदर पहुंचा दिया था।

फिर वो ज़ोर से चिल्ला उठी और ऊह्ह्ह्हहह माँ मर आह्ह्ह्हह गई ह्म्‍म्म्मममम करने लगी और में वैसे ही रुक गया। फिर उसने मुझसे पूछा कि तुम ऐसे क्यों रुक गए? तब मैंने उससे कहा कि तुम्हे ज्यादा तेज दर्द हो रहा है ना इसलिए मुझे रुकना पड़ा। फिर उसने मुझसे कहा कि तुम मुझे कितना भी दर्द हो, लेकिन तुम बस अपना काम करते रहो और मेरे दर्द की तुम बिल्कुल भी चिंता मत करो। फिर मैंने अपना आधा लंड जो उसकी चूत के अंदर गया था में उसको अब अंदर बाहर करने लगा और फिर जब उसको मज़ा आने लगा तो में और भी ज्यादा ज़ोर से धक्के देने लगा और अपना पूरा लंड उसकी चूत के अंदर कर दिया और फिर मैंने धक्के लगाने शुरू कर दिए और वो भी मेरी कमर को उछाल उछालकर वो मेरा साथ देने लगी थी और हम दोनों बहुत जोश में आकर मज़े कर रहे थे। फिर वो थोड़ी देर बाद झड़ गई, लेकिन में अब भी उसको लगातार धक्के देता रहा और में उसके बूब्स को भी दबा रहा था। फिर करीब दस मिनट के बाद वो एक बार फिर से झड़ गई थी। फिर कुछ देर तक धक्के देने के बाद अब में भी झड़ने वाला था, इसलिए मैंने उससे कहा कि में अब झड़ने वाला हूँ क्या में अपना लंड तुम्हारी चूत से बाहर निकाल लूँ? तो वो बोली कि नहीं इसको तुम अंदर ही रहने दो और तुम इस लंड का पूरा माल मेरी चूत के अंदर ही डाल दो, मैंने बहुत दिनों से उसको महसूस नहीं किया है और मेरे पति का तो लंड भी किसी काम का नहीं है, उनका लंड तुम्हारे लंड की तरह ना तो दमदार है और ना ही उसका इतना लंबा मोटा है। इसको आज में अपने अंदर लेकर बहुत खुश हूँ क्योंकि मेरी बहुत लंबे समय से किसी ऐसे ही बलशाली लंड से अपनी चुदाई करवाने की इच्छा थी, जिसको आज तुमने पूरा कर दिया है इसलिए में तुम्हारा वीर्य भी अंदर लेकर उसकी गरमी को महसूस करना चाहती हूँ। फिर में झड़ गया और मैंने उसके कहने पर अपना पूरा वीर्य उसकी चूत के अंदर ही डाल दिया। मैंने तब तक अपना लंड उसकी चूत से बाहर नहीं निकाला जब तक वीर्य अंदर से बाहर नहीं आने लगा, क्योंकि उस ताबड़तोड़ चुदाई और उस जोश की वजह से हम दोनों का माल एक साथ मिलकर चूत के बाहर बहने लगा था, जिसको मैंने छूकर महसूस किया था और उसके बाद हम दोनों ऐसे ही पूरे नंगे एक दूसरे के साथ लेटे रहे। में उसके एक बूब्स को चूसने लगा और दूसरे बूब्स के निप्पल को अपने हाथ में लेकर निचोड़ने लगा था।

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दोस्तों उसका एक हाथ मेरे लंड को सहला रहा था, जिसकी वजह से थोड़ी ही देर के बाद मेरा लंड एक बार फिर से तनकर खड़ा हो गया और हम दोनों एक बार फिर से चुदाई के लिए तैयार हो गए थे। हम दोनों दूसरी बार मज़े लेने के लिए बहुत उत्सुक थे और पूरे जोश में भी थे, लेकिन इस बार मैंने उसको अपने सामने डोगी बनने को कहा और जब वो मेरे सामने कुतिया बन गई तो मैंने उसकी चूत में अपना लंड उसी स्टाइल में अपने घुटनों पर खड़े होकर एक जोरदार धक्का देकर डाल दिया। मेरा लंड उसकी खुली हुई गीली चूत के पूरा अंदर फिसलकर चला गया, जिसकी वजह से उसको भी अब बहुत मज़ा आने लगा था।

फिर बहुत देर तक मज़ा करने के बाद हम दोनों एक एक करके झड़ गए और मैंने उसको उस रात में करीब 3-4 बार चोदा और फिर पूरे एक सप्ताह में जब तक मेरे घर वाले वापस नहीं आये तब तक में उसको बहुत मज़े लेकर लगातार में चोदता रहा। फिर एक दो दिन बाद उसका पति भी वापस आ गया और मेरे मम्मी पापा भी आ गये। फिर जब कभी भी मुझे कोई अच्छा मौका मिलता में उसको पकड़कर चोद देता था और मैंने उसको ऐसे बहुत बार चोदा। हर एक बार मैंने उसकी जमकर चुदाई के मज़े लिए और उसको पूरी तरह से संतुष्ट किया। उसकी चूत की आग को शांत किया और जो काम उसके पति का था वो काम मैंने पूरा किया और उसने हर बार मेरा पूरा पूरा साथ दिया। दोस्तों इस तरह से हम दोनों ने बहुत मज़े किए और अपनी अपनी इच्छा को पूरा किया ।।

धन्यवाद …

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