कुंवारा बाप बनने का सुनहरा मौका

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प्रेषक : दिलीप …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम दिलीप और में एक कॉल सेंटर में नौकरी करता हूँ और यहाँ पर आज मुझे 8 साल पूरे हो गये है और मेरी उम्र 35 साल है। मेरी हाईट 6.1 फीट है और छाती 40 इंच की है, में हर दिन लगातार जिम जाता हूँ और अभी तक मेरी शादी तक हुई नहीं है, क्योंकि अपनी शादी से पहले मुझे मेरी दो बहनों की शादी करनी थी, इसलिए मैंने अब तक शादी नहीं की। मेरी एक बहन अपनी पढ़ाई पूरी कर चुकी है और दूसरी अभी कॉलेज के दूसरे साल में अपनी पढ़ाई कर रही है। दोस्तों वैसे मुझे रंडीबाज़ी का बहुत शौक है, क्योंकि मेरी शादी नहीं हुई तो मुझे अपने लंड को शांत करने वहां पर जाना पढ़ता था, लेकिन में हमेशा पूरी सावधानी से कंडोम को काम में लेता था, लेकिन पत्नी सुख और बाप बनने की इच्छा अब भी मेरे मन में ही रही, लेकिन मैंने अपने मरते हुए पिता जी को वो वचन दे दिया था कि में अपनी दोनों बहनो के हाथ पीले करने के बाद ही अपनी शादी करूँगा। फिर में हर रात को बस यही सोचता था कि काश इन दोनों की शादी हो जाए और फिर उनके बाद में भी शादी करके अपनी पत्नी के साथ सेक्स करके बच्चे का बाप बन जाऊं और उसके साथ वो मज़े लूँ, जो सभी लोग अपनी पत्नी के साथ लेते है, क्योंकि मेरा मानना यह है कि रंडीबाज़ी में वो मज़ा नहीं होता जो अपनी खुद की पत्नी को चोदकर सुख मिलता है, वो इस दुनिया का सबसे अच्छा सुख है, लेकिन दोस्तों में क्या करता, क्योंकि मेरी इस किस्मत को उस समय कुछ और ही मंज़ूर था और मेरे साथ वो घटना घटी, जिसको में आज आप सभी कामुकता डॉट कॉम के चाहने वालो को सुनाने जा रहा हूँ। दोस्तों यह मेरी एकदम सच्ची घटना है, जिसको में अब पूरे विस्तार से आप सभी लोगों को सुनाता हूँ।

दोस्तों में जिस कॉल सेंटर में काम करता था, वहां पर मेरी सभी से बहुत अच्छी दोस्ती थी, लेकिन एक लड़की जिसका नाम सुहानी था, उससे में अपने मन की सभी बातें किया करता था। दोस्तों वो दिखने में इतनी सुंदर नहीं थी, लेकिन फिर भी उसका स्वाभाव बहुत अच्छा था। तब तक मैंने कभी भी उसे बुरी नज़र से नहीं देखा था, क्योंकि में उसे अपना सबसे अच्छे दोस्त की नज़र से ही मिलता था। दोस्तों वो पतली सी लड़की थी, लेकिन उसके बूब्स बहुत छोटे थे और उसकी शादी को करीब 4 साल ही हुए थे, वो उम्र में मुझसे 5 साल छोटी थी और वो मेरे घर पर अक्सर आती जाती रहती थी और मेरी बहनों के साथ गपशप किया करती थी, हाँलाकि उसे मेरे बारे में सब कुछ पता था, क्योंकि में हर एक बात उससे किया करता था और उसे मेरा स्वाभाव बहुत अच्छा लगता था। उसका पति भी कॉल सेंटर में काम किया करता था, लेकिन वो किसी दूसरी कंपनी में था और वो नाईट शिफ्ट में काम करता था और में उससे भी बहुत बार मिल चुका हूँ, वो भी एक बहुत अच्छे इंसान थे और हर रविवार को में उनके साथ ताश खेलने जाया करता था। दोस्तों उनको अभी तक कोई बच्चा नहीं हुआ था तो में हमेशा उनसे कहता था कि भाई जान आप जल्दी से बाप बन जाओ ना, इस घर में भी एक नन्हा सा लाड़ला आ जाए और वो आप दोनों की पूरी दुनिया बदल देगा, क्योंकि बाप बनने की खुशी बहुत ही अलग और ज्यादा होती है, उसके आने से मुझे बहुत ख़ुशी होगी और मेरा भी उसके साथ मन लगा रहेगा, उसके आने से पूरा घर खुशियों से भर जाएगा। फिर वो मेरी बात को सुनकर हमेशा मुस्कुराते थे, क्योंकि उन्हें भी में बहुत पसंद था और एक परिवार के सदस्य की तरह में हमेशा उनके सुख दुख में उनके साथ रहता था और फिर ऐसे ही कई महीने गुजर गये। एक दिन में उनके साथ अपने घर ताश खेल रहा था। उस दिन मेरी दोनों बहने मेरे मामा के घर पर किसी जरूरी काम से चली गई थी और फिर मैंने कुछ देर बाद उनसे पूछा कि भाई साहब, कुछ अच्छी खबर है क्या? क्यों आप मुझे मिठाई कब खिलाओगे? तो उन्होंने अपने ताश के पत्ते तुरंत नीचे रख दिए और उन्होंने मुझे एक अजीब सी नज़र से देखा और फिर उन्होंने मुझसे कहा कि तू हमारे घर में एक परिवार का सदस्य जैसा है, इसलिए में तुझसे कोई भी बात को छुपाना नहीं चाहता यार, सच बात तो यह है कि में कभी बाप नहीं बन सकता। दोस्तों में उनके मुहं से यह बात सुनकर बिल्कुल हक्का बक्का रह गया और मैंने उनसे पूछा कि आप मुझे यह क्या बोल रहे हो, क्यों ऐसा क्या हुआ? तो वो मुझसे कहने लगे कि उसके वीर्य की मात्रा बहुत कम है और बहुत दवाई लेने के बावजूद कुछ नहीं हुआ और डॉक्टर ने कहा है कि वो मेरे जन्म से ही होने की वजह से इस बीमारी का कुछ नहीं हो सकता। दोस्तों मैंने अपने मन से बहुत दुख का इज़हार किया और फिर मैंने मन ही मन सोचा कि भगवान के खेल भी बड़े निराले होते है, में बाप बनना चाहता हूँ, लेकिन मेरी शादी नहीं हुई और इनकी शादी होने के बावजूद भी वो बाप नहीं बन सकता।

अब वो मुझसे कहने लगे कि उसकी बीवी में कोई भी खोट नहीं है, लेकिन फिर भी परिवार में सभी लोग उसको ही ताना देते है और उससे बांझ कहते है, मुझे वो सब बहुत बुरा लगता है। अब तुम ही मुझे बताओ कि में कैसे उन सबको कहूँ कि मुझमे ही खोट है। फिर उसने मुझसे कहा कि क्या इसका कोई उपाय है और क्या तुम मेरे लिए कुछ कर सकते हो? तो मैंने उनसे कहा कि अब आप बस भगवान पर ही भरोसा रखो, वो सब कुछ ठीक कर देगा और इतने में उसने टीवी को चालू किया और सीरियल देखने लगा। वो बहुत उदास था और में उसके मन की परेशानी समझ सकता था, क्योंकि हम दोनों की समस्या थोड़ी थोड़ी मिलती है। अब मैंने देखा कि उस सीरियल में भी ठीक वैसा ही सब चल रहा था, जो अभी मेरे सामने आया था, जिसमें एक दोस्त अपने दूसरे दोस्त को कह रहा था कि तुम बीवी के साथ रात गुजार लो ताकि वो माँ बने और उसे बाप बनने का मौका मिले और वो उससे कह रहा था कि तुम ही बताओ कि एक दोस्त दूसरे दोस्त के काम कब आ सकता है? तो उसने यह सब देखकर टी.वी. को तुरंत बंद कर दिया और वो मेरी तरफ देखकर मुझसे कहने लगा कि यह क्या बकवास है? और फिर वो कुछ देर बाद उठकर उनके घर पर चला गया। मैंने बहुत बार रुकने के लिए कहा, लेकिन ना रुका।

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दोस्तों घर पर पहुंचकर वो रात भर उस टी.वी. वाले दोनों दोस्तों के बीच में हुई बात के बारे में सोचता रहा, जो उसने टी.वी. पर नाटक में देखा था, वो बहुत गहरी सोच में डूबा हुआ था, उसे कुछ भी खबर नहीं थी। तभी इतने में सुहानी उसकी पत्नी ने उनसे पूछा कि क्या हुआ आप अब तक सो क्यों नहीं रहे? तो उसने कुछ देर चुप रहकर सोचने के बाद वो पूरी नाटक वाली बात खुलकर अपनी पत्नी के सामने दोहराई और तभी सुहानी उससे बोली कि हाँ ऐसा तो कितने ही जोड़े पहले से ही करते आ रहे है, वो बात है ना कि कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है और इसमें बस वही सब होता है। फिर उसने अपनी पत्नी से पूछा कि क्या तुम तैयार हो? तो वो अब कुछ नहीं बोली बिल्कुल चुप होकर कुछ देर सोचने लगी, वो भी अब बहुत गहरी सोच में थी। तभी उसने कहा कि देखो हमारे बीच दिलीप एक ऐसा लड़का है, जो मेरे मानने से बहुत अच्छा है और वो दिल का भी साफ है, क्या हम इस काम में उसकी मदद ले सकते है और यह बात हमेशा बस हम दोनों और उसके बीच में ही रहेगी, किसी को कुछ भी पता नहीं चलेगा और तुम इस बात को लेकर ज्यादा मत सोचो, में बाकी सब काम सम्भाल लूँगा और में दिलीप से भी बात करके उसे सब कुछ समझा दूंगा, लेकिन पहले तुम यह बात उससे कहना, क्योंकि मुझे पूरी उम्मीद है कि वो तुम्हारी बात के लिए कभी भी मना नहीं करेगा। तभी सुहानी बोली कि ठीक है, मेरे अगर यह सब करने से आपको खुशी मिलती है तो में भी आपके कहने पर तैयार हूँ, आपकी ख़ुशी में ही मेरी भी ख़ुशी है, में आपके लिए सब कुछ कर सकती हूँ और फिर उसने अपने पति से कहा कि वो दिलीप से कल ऑफिस में बात करेगी, लेकिन उसके आगे आपको यह सभी काम सम्भालना होगा और अब मैंने भी उससे हाँ कह दिया। फिर दूसरे दिन हम साथ में लोकल ट्रेन से निकले तो उसने मुझसे कहा कि वो मुझसे कुछ पूछना चाहती है तो मैंने कहा कि ठीक है, इसलिए हम दोनों एक होटल में रुककर चाय पीने के लिए बैठ गए। तब उसने मुझसे कहा कि दिलीप तुम तो बहुत अच्छी तरह से जानते ही हो कि हम दोनों पति पत्नी एक बच्चे के लिए कितने समय से तरस रहे है? और कल उन्होंने तुम्हें वो सब बताया होगा, जो तुमने उस नाटक में देखा क्या तुम और फिर वो मुझसे इतना कहकर वहीं पर रुक गई। फिर मैंने उससे पूछा कि हाँ आगे बोलो ना में क्या? तो वो मुझसे बोली कि में कैसे कहूँ दिलीप, लेकिन मेरी मजबूरी है और फिर वो मुझसे बहुत दबी हुई आवाज से कहने लगी क्या तुम मुझे एक बच्चा दे सकते हो? दिलीप प्लीज़ इसके लिए में तुमसे आग्रह कर रही हूँ और तुम मेरा यह काम कर दो। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर मैंने उससे कहा कि तुम ऐसे सोच भी कैसे सकती हो सुहानी, हम दोनों एक बहुत अच्छे दोस्त है? तो वो बोली कि तो क्या तुम अपने एक अच्छे दोस्त को ऐसे बुरे वक़्त में उसकी मदद नहीं करोगे? प्लीज़ प्लीज़ और वो अब मुझसे इतना कहते हुए रोने लगी। फिर मैंने उसके आंसू साफ किए और उससे कहा कि देखो सुहानी में सिर्फ़ तुम्हें हमेशा खुश देखना चाहता हूँ, इसलिए में तुम्हारे साथ यह गंदी हरकत करने के लिए तैयार हूँ, लेकिन बस तुम्हारे कहने और तुम्हारी ख़ुशी के लिए उससे ज्यादा और कुछ नहीं। दोस्तों वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर थोड़ी सी मुस्कुराहट देने लगी और फिर उसने मुझसे कहा कि तुम्हें बहुत बहुत धन्यवाद दिलीप। फिर शुक्रवार को में उनके घर पर चला गया, क्योंकि सुहानी ने मुझे वहां पर बुलाया था और करीब शाम को 7 बजे में गया था और फिर उसके पति ने मुझसे विस्की पीने के लिए कहा। मैंने कहा कि ठीक है और अब हम पेग पे पेग पी रहे थे। फिर उसने मुझसे पूछा कि क्या आज तुम रात को यहाँ पर रह सकते हो, कल सवेरे चले जाना? दोस्तों मैंने उनसे हाँ कहते हुए कुछ देर बाद अपने घर पर फोन करके घर वालों को बता दिया था और फिर हमने होटल से चिकन तन्दूरी, मटन कबाब मंगवाकर खाना खाया और दारू पीने की वजह से खाने का स्वाद बहुत अच्छा था और हम तीनो साथ में खाना खा रहे थे। उसके बाद सुहानी नहाने चली गई थी और उसने बाहर आकर अपने बाल पूरे बिखरे हुए थे।

फिर मैंने उसकी देखा और मुस्कुराया, में मन से बहुत खुश था कि में सुहानी को आज माँ बनाने वाला था और में खुद भी उसके होने वाले बच्चे का बाप बनने वाला था, मुझे भी इस बात की बहुत ख़ुशी थी और आज मेरे मन की एक इच्छा पूरी होने वाली थी। फिर उसके पति ने कुछ देर बाद कहा कि वो अब ऑफिस जा रहा है और उसने मुझसे कहा कि ऑल दी बेस्ट दिलीप थोड़ा ध्यान से अपना समझकर करना। दोस्तों अब घर में हम दोनों ही थे, हमे हल्का सा नशा था और वो समा बहुत रंगीन था और मेरा लंड यह सोचकर ही उछल कूद करने लगा था कि में आज रात भर सुहानी को चोदूंगा, उसकी चूत को छूकर देखूंगा और उसके गदराए बदन को चूमकर चाटकर अपनी इच्छा को पूरा करूंगा।

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फिर हम दोनों बेडरूम में चले गये। उसने पूरा कमरा पर्फ्यूम से महका दिया और बिस्तर पर फूल बिखेरे हुए थे गुलाब चमेली और दूसरे फूल जो तरह खुशबू दे रहे थे कि मानो आज रात को मेरी सुहाग रात हो। फिर सुहानी मुझसे बोली कि दिलीप तुम ही शुरुआत करो ना मुझे शरमा आ रही है फिर मैंने धीरे से उसे अपने नज़दीक ले लिया और उसने शरम की वजह से अपनी दोनों आखें बंद की हुई थी। फिर मैंने उसकी गर्दन पर एक किस किया तो वो बेकाबू हुई और एक गैर मर्द का सहवास उसके दिल की धड़कनो को बड़ा रहा था। उसने उस समय एक नाईट गाउन पहना था और में खुद टी-शर्ट और बरमूडा पहने हुए था। फिर वो शरम से मुझ में सिमट गयी और मैंने उसकी मुलायम भरी हुई जांघो पर अपना एक हाथ घुमाया और अब अचानक से मेरी रफ्तार बढ़ गई और मैंने उसके गाउन के ऊपर से ही उसके बूब्स को अपने मुहं में ले लिया, क्योंकि में उस समय बहुत जोश में था और फिर सुहानी मुझसे बोली कि दिलीप मुझे जल्दी से चोदो और आज तुम मुझे बना दो अपने होने वाले बच्चे की माँ, प्लीज तुम मुझे और मत तरसाओ। फिर मैंने उससे कहा कि हाँ सुहानी, लेकिन थोड़ा सा सब्र करो और फिर मैंने तुरंत उसका गाउन पूरा उतार दिया, जिसकी वजह से वो अब मेरे सामने ब्रा और पेंटी में थी। तभी उसने खुद ने ही फटाफट से अपनी ब्रा को भी उतार दिया और अब उसने मुझे उसकी गोद में लेटाकर अपना नींबू जैसा बूब्स मेरे होंठो पर रख दिया। दोस्तों तब मैंने महसूस किया कि उसके बूब्स छोटे थे, लेकिन मुझे उनको चूसने में बहुत मज़ा आया। उसके निप्पल एकदम कड़क और उसके बालों से मस्त खुशबू आ रही थी, उन सबकी वजह से मेरा लंड पूरी तरह तनकर खड़ा हुआ था और वो जोश में स्पर्म से भर आया, मुझे अब ऐसा लग रहा था कि में जल्दी से अपने लंड को उसकी चूत में भर दूँ। फिर उसने मेरी टी-शर्ट को उतारा और मुझे एक हल्का किस किया।

अब में और भी आगे बढ़ा और मैंने तुरंत उसके होंठो पर अपने होंठो को चिपका दिया और अब में उसके होंठो को चूसने लगा और उसने भी अब मेरा पूरा पूरा साथ देना शुरू कर दिया था, क्योंकि उसे भी अब मेरे साथ बहुत मज़ा आ रहा था। फिर मैंने उसकी पेंटी को उतार दिया और अब में भी उसके सामने पूरा नंगा हो गया था। मैंने अपना लंड अब उसके हाथ में दिया तो वो धीरे धीरे रगड़ने लगी और मुझसे कहने लगी कि में तुमसे बहुत प्यार करती हूँ, तुम बहुत अच्छे हो और अब वो मेरे लंड को चूमने लगी। दोस्तों उस समय मेरा लंड इतना भारी टाईट हुआ था कि मानो अभी पिचकारी छोड़ देगा, लेकिन मैंने अपने आप पर बहुत कंट्रोल किया और फिर वो मेरे लंड को पूरी तरह से अपने मुहं में लेकर बहुत मज़े से चूसने लगी थी। फिर कुछ देर बाद मैंने देखा कि मेरे लंड का टोपा अब पूरी तरह से लाल हो चुका था, उसने मेरे लंड को बिल्कुल लोलीपोप की तरह चूसा और लंड के बहुत मज़े लिए, लेकिन अब मुझसे रहा नहीं गया, इसलिए मैंने सीधे उसकी चूत में अपना मुहं डाल दिया और चूत को चाटने लगा और मैंने उसे बहुत अच्छी तरह से चाट चाटकर साफ किया, लेकिन वो तुरंत चिल्लाई, दिलीप आहह्ह्ह प्लीज थोड़ा धीरे आओफ़फ्फ़ करो, में मर जाउंगी उफ्फ्फफ्फ्फ़ माँ में मर गई।

दोस्तों मेरा ऐसा कुछ देर करने के बाद वो झड़ गई और बिल्कुल निढाल हो गई, में उसका वो शरबती पानी पी गया। फिर मैंने सही मौका देखकर उसके दोनों पैरों को फैला दिया और अब में अपना मोटा लंड उसकी गीली चूत के मुहं पर घुमाने लगा और फिर मैंने उससे पूछा कि क्या तुम मेरे बच्चे की माँ बनोगी? वो कहने लगी कि हाँ जानू मुझे तो कब उस दिन का इंतजार है, तुम आज मेरी उस इच्छा को प्लीज पूरा कर दो और मुझे अपने बच्चे की माँ बना दो प्लीज। फिर मैंने बस उसके मुहं के शब्द खत्म होते ही तुरंत एक ज़ोर का धक्का मार दिया, जिसकी वजह से मेरा लंड उसके चूत को चीरता हुआ सीधा अंदर ऐसे चला गया, जैसे एक ट्रेन अपनी स्पीड से अपनी मंजिल की तरफ लगातार रुके चली जाती है और वो चिल्लाई आईईई आह्ह्ह्हह्ह मुझे बहुत दुखता है, प्लीज थोड़ा धीरे करो। फिर मैंने उससे बोला कि माँ बनने के लिए तुम्हें यह सब दुख सहना पड़ेगा। अब मैंने जल्दी से अपने धक्को की रफ़्तार बढाई, क्योंकि में जितना ज्यादा गहराई तक अपना वीर्य उसकी चूत में डालूँगा, उतना ही उसके माँ बनने का मौका होगा। अब उसकी गांड पर मेरी जांघ धप धप और चूत से फच फच की आवाज आने लगी, जो पूरे कमरे में फैल रही थी और वो आवाज़ मुझे और जोश दिला रही थी और वो अब भी लगातार ज़ोर ज़ोर से उफ्फ्फ्फ़ माँ मर गई प्लीज थोड़ा धीरे करो, में क्या कहीं भागी जा रही हूँ आह्ह्हह्ह मुझे अब बहुत दर्द हो रहा है प्लीज उफ्फ्फ चिल्ला रही थी, लेकिन मेरे साथ साथ उसे मज़ा भी बहुत आ रहा था और अब उसकी चूत से कुछ ज्यादा ही ज़ोर से फचक फछ की आवाज़ आ रही थी, क्योंकि मैंने महसूस किया कि वो एक बार फिर से झड़ गयी थी और उसकी गीली चूत में मेरा गरम लंड लगातार घिस रहा था। अब मुझसे रहा नहीं गया था, क्योंकि अब मेरा पानी निकलने वाला था और मैंने उसके दोनों पैरों को उसके सर के पास बेड पर किया ताकि में अपना पूरा वीर्य उसकी चूत के अंदर तक भर दूँ और फिर अचानक से एक ज़ोर की चीख निकाली, अहहहह उफ्फ्फ्फ़ मुझे ऐसा लगा कि मेरा बदन हल्का हुआ और मैंने अपना गरम गरम वीर्य उसके साथ बहुत सारे शुक्राणु उसकी चूत में भर दिए।

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दोस्तों मैंने इस तरह मैंने उनको उस रात को तीन बार और मैंने रात भर उसे थोड़ा रुक रुककर चोदा। एक बार मैंने उसे डॉगी स्टाईल में भी चोदा और उसने मेरा पूरा साथ दिया और मैंने उसके चेहरे से महसूस किया कि वो अब पूरी तरह से संतुष्ट हो चुकी थी और फिर वो मुझे चुम्मा देकर मुझसे बोली कि जब तक मेरे टेस्ट पॉज़िटिव ना हो तब तक में उसे ऐसे ही लगातार चोदकर माँ बनने में मेरी मदद करूँ, में तुम्हारा यह अहसान कभी भी नहीं भूलूंगी, प्लीज मेरी यह इच्छा तुम जरुर पूरा कर दो। फिर मैंने उसे अपने गले से लगा लिया उऔर सको चूमने लगा और उसके बाद हम दोनों एक दूसरे से लिपटकर बाहों में बाहें डालकर ना जाने कब सो गये।

दोस्तों यह थी मेरा पहला सेक्स अनुभव जिमें मैंने बहुत मज़े किए और अपनी तरफ से उसको पूरी तरह से संतुष्ट किया और उसकी बहुत जमकर चुदाई की। वैसे दोस्तों हमारी यह चुदाई उसके बाद भी लगातार जब भी हमे मौका मिलता चलती रही और मैंने उनको कई बार चोदा ।।

धन्यवाद …

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