क्या तुम तैयार हो

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प्रेषक : सचिन
हेल्लो दोस्तो. यह मेरी पहली कहानी है. ( सभी नाम बदले हुए है). 

मेरा नाम सचिन है. मेरी उम्र 24 साल है. मेरी शादी 1 साल पहले बरखा से हुई थी. हमारी शादी एक अरेंज मेरेज थी इसलिए में और बरखा एक दूसरे से अच्छी तरह से परिचित नही थे. क्यूंकी

मुझे शादी के तुरंत बाद बेंगलोर जाना था अपनी जॉब के लिए इसलिए हमारी सुहागरात थोड़ी देर से मनी।

 
शादी के करीब 15 दिन बाद मैने बरखा को बेंगलोर बुलवा लिया. जब में उसे बेंगलोर एयरपोर्ट पर लेने पहुचा तो में उसे देखता ही रह गया वो ब्लैक साड़ी मे बहुत खूबसूरत लग रही थी. हम दोनो कार मे बैठकर मेरे घर की तरफ चल दिए मेरी नज़र पुरे रास्ते बार बार उसी पर जा रही थी. घर आने के बाद वो नहाने चली गयी क्योंकि वो काफ़ी थकी हुई थी।

 

मेने खाने का ऑर्डर एक पास के रेस्टौरेंट मे दे दिया. वो नहाकर पीले कलर का सिंपल से सूट मे मेरे सामने आई. फिर हमने खाना खाया, खाना खाते हुए हमारी बातें शुरू हुई. उसकी आवाज़ मे एक अजीब सी कशिश थी जिसका में कायल हो चुका था. खाने के बाद वो थोड़ी देर के लिए सो गयी और में अपने ऑफीस के काम मे लग गया. मैने ऑफीस से 3 दिन की छुट्टी ले रखी थी.  इसलिए में अपना बचा हुआ तोड़ा सा ऑफीस का काम करने लगा. वो शाम 5 बजे उठी और मेरे पास आकर बैठ गयी. मैने अपना काम बंद किया और उसकी लाइफ के बारे पूछने लगा. वो काफ़ी दिल खुश लड़की लगी मुझे।  

हम दोनो थोड़ी देर टहलने के लिए बाहर निकल पड़े और रात 8 बजे घर वापस आए. घर आने के बाद उसने मेरे और अपने लिए खाना बनाया. हम दोनो ने साथ बैठकर खाना खाया. वो ज़्यादा अच्छा खाना बनाना नही जानती थी फिर भी जो भी था अच्छा था. खाने के बाद हम अपने बेडरूम मे गये।  

बरखा अभी उसी पीले सूट मे थी और बेहद खूबसूरत लग रही थी. हम बेड पर बैठे थे पर दोनो बिल्कुल चुप थे. मैने धीरे से उसका हाथ अपने हाथ मे लिया. वो तोड़ा सा शरमा गयी. फिर मैने उसे अपनी तरफ खींचा.  हम दोनो बिल्कुल मिलकर बैठे थे. मैने उसके गालो पर हल्का सा चुंबन लिया. वो हल्का सा मुस्कुराइ और शरमाई भी. अब मैने अपनी बाहें खोलकर उसे अपने सीने से लगा लिया वो भी मेरे प्यार के नशे मे मदहोश सी होकर मेरे सीने से सिर लगाकर मेरी बाहों मे सिमट सी गयी।  

हम कुछ देर तक ऐसे ही बैठे रहे. फिर मैने उसकी गर्दन पर किस करना शुरू किया.  इससे उसकी साँसें गर्म होने लगी. अब उसकी साँसों की गर्मी मेरे चेहरे पर महसूस होने लगी थी. मैने उसके चेहरे को अपने हाथो मे पकड़ा और धीरे से अपने होंठो को उसके होंठो पर रख दिया. क्या ग़ज़ब का एहसास था वो. में बता नही सकता. उसने भी मेरे होंठों को चूमना शुरू कर दिया 

उसके हाथ मेरे बालों को सहला रहे थे और मेरे हाथ उसकी पीठ को. अब मैने अपनी ज़बान उसके होंठो के बीच मे डाल दी और उसने अपनी मेरे होंठो को समर्पित कर दी. एक दूसरे के जिस्म से लिपटे हुए हम दोनो फ्रेंच किस का आनंद ले रहे थे. काफ़ी देर तक हम एक दूसरे को किस करते रहे. अब मैने उसके सूट की डोरिया खोलनी शुरू कर दी और उसके गर्दन और कंधो को चूमते हुए उसका सूट उतार दिया. वो मेरे सामने अब सिर्फ़ ब्रा मे थी।  

उसने भी धीरे धीरे मेरी शर्ट के बटन खोलने शुरू कर दिए और मेरे सीने को चूमने लगी. मेरे हाथ उसकी छाती पर चलने लगे थे. मैने उसे बेड पर लिटाया और उसके उपर लेट गया. दोनो हाथो से में उसके नरम नरम स्तनो को दबा और सहला रहा था और वो मस्ती मे चूर होकर आहें भर रही थी. उसने मेरी शर्ट भी उतार दी थी उसके हाथ मेरी पीठ पर एक अलग सा एहसास दे रहे थे. मैने उसके स्तनो को चूमना शुरू किया और उसकी ब्रा को कंधो से सरका कर नीचे कर दी।  

अब उसके दोनो स्तन नग्न हो चुके थे. मेरी इस हरक़त से वो हल्का सा शरमा गयी.  फिर मैने अपने होंठ उसके स्तनो पर चलाना शुरू कर दिया. मेरे ऐसा करने से बरखा बहुत गर्म होने लगी और ज़ोर ज़ोर से आहें भरने लगी. मैं उसके निपल्स को चूस रहा था और हल्के से बीच बीच मे काट भी देता था।  

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मैने धीरे धीरे उसके स्तनो को चूमते हुए उसके पेट को चूमना शुरू कर दिया और उसकी नाभि तक पहुच गया. जैसे ही मैने उसकी नाभि पर अपने होंठ रखे उसके मुहं से एक मीठी सी कमसिन आ.. निकली और फिर मैने तभी उसके सलवार का नाडा खोल दिया. मेरे ऐसा करते ही उसने अपने दोनो हाथ अपनी योनि पर रख लिए. वो हल्की सी सहम सी गयी. मैने धीरे से उसके हाथो को हटाया और उसकी पेंटी के उपर से ही उसकी योनि पर एक हल्का सा चुंबन लिया. उसकी योनि से बहते पानी की ख़ूशबू मुझे मदहोश कर रही थी।  

मैने धीरे से उसकी सलवार को उसके जिस्म से अलग कर दिया. अब वो सिर्फ़ पेंटी मे थी और आँखें बंद किए मेरे सामने लेटी थी. में उसके उपर से उठा और मैने अपनी पेंट उतार दी. वो और में अब सिर्फ़ अंडरवियर मे थे. उसकी साँसें बहुत तेज तेज चल रही थी. में उसकी बगल मे लेट गया और उसके कान मे प्यार से पूछा की क्या तुम तैयार हो..और उसने धीरे से मुस्कुराते हुए आँखें खोली और मुझे बाहों मे भरते हुए हा.. मे अपना सिर हिला दिया।  

मैने अब धीरे से उसकी पेंटी और अपने अंडरवेयर को उतार दिया. अब हम दोनो बिल्कुल नग्न थे. बरखा ने मुझे कस कर अपनी बाहों मे भर लिया था. हमारे नग्न जिस्म एक दूसरे से ऐसे लिपटे थे जैसे दो सर्प आपस मे लिपट जाते है. इसके बाद मैने उसकी योनि पर किस किया और काफ़ी देर तक करता रहा. अब उसके हाथ भी मेरे लिंग को ढूँडने लगे थे और जैसे ही उसका हाथ मेरे लिंग को छुआ उसने तेज़ी से अपना हाथ वापस हटा लिया. पर फिर से धीरे से वापस उसे पकड़ लिया. उसके पकड़ने से मेरा लिंग और कड़क हो गया और सारे जिस्म मे एक अजीब सी सिरहन दौड़ पड़ी. उसने थोड़ी देर तक मेरे लिंग को सहलाया और जब मुझे लगा की वो संभोग के लिए बिल्कुल तैयार हो चुकी है।  

मैने अपना लिंग उसकी योनि के कोमल पंखुड़ियो जैसे होंठो के पास रख दिया. मैने जैसे ही लिंग पर हल्का सा ज़ोर लगाया लिंग वहा से फिसल गया क्यूंकी हम दोनो का यह पहली बार था. जब फिर से ऐसा हुआ तो उसने ने खुद अपने हाथ से मेरे लिंग को अपनी योनि के मुख पर पकडा दिया और मैने जैसे ही ज़ोर लगाया. उसकी योनि हल्की सी खुली और मेरा लिंग तोड़ा सा अंदर चला गया. जैसे ही लिंग अंदर गया हम दोनो के मुख से हल्की सी दर्द भरी आ निकली।  

क्यूंकी अभी तक लिंग ज़्यादा अंदर नही गया था इसलिए मैने जल्दी ही दूसरा झटका लगाया जो तोड़ा तेज इस बार लिंग आधे से ज़्यादा अंदर चला गया. मेरे झटका मारते ही बरखा की आँखों मे पानी आ गया और वो कराह उठी क्यूंकी इस बार उसकी झिल्ली फट चुकी थी मुझे अपने लिंग पर उसके गर्म खून का अनुभव होने लगा था. में अब रुक गया और उसकी आँखों को चूमते हुए उसके आँसू साफ किए. इसके बाद मैने उसके होंठो को चूमा थोड़ी देर बाद जब वो नॉर्मल हुई तो उसने अपने हाथ मेरी कमर पर डालते हुए इजाजत दी. फिर मैने अपनी कमर चलानी शुरू कर दी और मेरा लिंग धीरे धीरे उसकी योनि मे अंदर बाहर होने लगा था. कुछ झटको के बाद वो भी मदहोश सी होने लगी.  उसका दर्द अब जा चुका था और वो अब कमसिन आवाज़ें निकाल रही थी।  

उसने अपने पैरो को मेरे उपर लपेट लिया था और हल्के हल्के से खुद भी नीचे से उठने लगी थी. लगभग 5 मिनट बाद उसकी आवाज़ें तेज होने लगी और उसका जिस्म अकड़ने लगा.  तभी उसकी योनि ने अपने रस की फुहार से मेरे लिंग को भिगो दिया.  उसके ऐसा करने के कुछ सेकेंड बाद मेरे बदन मे भी तेज उफान सा आया और लिंग बहुत कड़क हो गया. मेरी कमर तेज़ी से चलने लगी और मेरे लिंग ने अपना काम कर दिया. हम दोनो शांत हो चुके थे. इसके बाद में उसके जिस्म को चूमते चूमते कब सो गया पता ही नही चला।  

सुबह 8 बजे मेरी आँख खुली तो देखा बरखा वहा नही थी. में अभी भी नग्न अवस्था मे ही था. मैने अपने कपड़े पहने तभी बरखा टावल लपेटे हुए बाथरूम से बाहर निकली. पानी की बूँदें उसके चेहरे पर हीरो के समान चमक रही थी. वो मुझे देखकर मुस्कुराई. में उसके पास गया और उसे अपनी बाहों मे भर लिया. इस बार उसने मुझे किस किया और फिर नाश्ता बनाने चली गयी. हम दोनो ने नास्ता किया और फिर हम दोनो घूमने निकल पड़े. उस दिन हम पूरा दिन घूमे, मूवी देखी और शाम के वक़्त केंडल लाइट डिनर किया।  

यह थी मेरी सुहागरात की कहानी. में और बरखा एक दूसरे से बहुत खुश हे. हमारी अरेंज मेरिज में अब हमारा प्यार आ गया है।  

 
धन्यवाद

 

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