लक्ष्मी की चुदाई राँची में

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प्रेषक : विजय …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम विजय है और मेरी उम्र 26 साल और में राँची से हूँ। आज में आप सभी को अपनी एक सच्ची चुदाई की घटना सुनाने के लिए यहाँ पर आया हूँ, जिसमें मैंने अपनी एक गर्लफ्रेंड को बहुत मज़े लेकर चोदा और उसके थोड़ा सा विरोध करने के बाद भी मैंने उसको अपनी बातों में फंसाकर उसके साथ सेक्स किया। में आज वही घटना आप सभी कामुकता डॉट कॉम के चाहने वालों के लिए लेकर आया हूँ और में उम्मीद करता हूँ कि यह कहानी आप सभी को जरुर पसंद आएगी।

दोस्तों मेरी उस लड़की से दोस्ती को करीब दो साल हो गई थी, वो लड़की जिससे मेरी दोस्ती थी और वो दिखने में बहुत ही सुंदर, गोरी उसके बड़े आकार में बूब्स उसका भरा हुआ और वो पूरा सेक्सी जिस्म मुझे हमेशा अपनी तरफ आकर्षित किया करता था, लेकिन फिर भी मेरी उसके ऊपर कोई गलत नजर नहीं थी। दोस्तों हमारे बीच यह रिश्ता बहुत अच्छी तरह से चल रहा था और हम दोनों बड़े खुश थे क्योंकि हम दोनों ही एक दूसरे को बहुत प्यार करते थे। हमें एक दूसरे से मिलना और घंटो समय एक साथ बिताना बातें, हंसी मजाक करना बहुत अच्छा लगता था, लेकिन मैंने उसको अब तक अपने इन दो सालों के बीच कभी छुआ तक भी नहीं था।

एक दिन जब हम दोनों पास के एक गार्डन में गये तो मैंने हिम्मत करके उस दिन पहली बार उसको सिर्फ़ एक किस ही किया और उसकी तरफ से कोई भी विरोध ना देखकर मेरी हिम्मत बढ़ गई और जब में आगे बढ़कर उसके बूब्स पर हाथ लगाने लगा, तो वो उस समय मेरे ऊपर बहुत गुस्सा करने लगी और फिर उसने कम से कम एक महीने तक मुझसे बात भी नहीं की, आख़िर मैंने भी उसको एक दिन में कैसे भी करके मना ही लिया और उसको कहा कि दोस्ती में यह सब तो चलता रहता है। फिर वो मुझसे बोली कि मुझे यह सब बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता और फिर मैंने उससे कहा कि अच्छा नहीं लगता तो में अब ऐसा कुछ भी नहीं करूँगा और उस दिन के बाद हम दोनों मिलते तो जरुर, लेकिन हम किस तक ही सीमित रहे, लेकिन अब मुझसे से सब्र भी नहीं होता था और में उसकी चुदाई करने के विचार बनाने लगा था। फिर एक बार जब में उससे मिलने गया तो वो समय गर्मियों का समय था और वो मुझसे बोली कि आज तुम अपने ऑफिस से छुट्टी ले लो, आज हम दोनों बैठकर बहुत सारी बातें करेंगे और अब मैंने अपने ऑफिस में उसी समय फोन करके उनको बोल दिया कि आज में ऑफिस नहीं आ सकता, क्योंकि आज मेरी तबियत कुछ ठीक नहीं है और उसके बाद हम दोनों कुछ देर तक उसके कॉलेज में ही बैठे बातें करते रहे और फिर मैंने उसको कहा कि हम कहीं दूसरी जगह पर चलते है, तो वो भी मेरी बात को मान गई, लेकिन उस समय 12 बज रहे थे, इसलिए उस समय ना तो हमें किसी भी फिल्म का टिकिट मिलना था और ना ही हम किसी गार्डन में जा सकते थे, क्योंकि मुंबई में हमेशा 11:00 बजे तक सभी सिनेमा होल में शो शुरू हो जाते है और हम गार्डन में इसलिए नहीं जा सकते है क्योंकि वहाँ पर गर्मी भी बहुत ज्यादा होती है, इसलिए मैंने उससे कहा कि हम दोनों आज मेरे रूम पर चलते है, लेकिन वो मुझसे मना कर रही थी और वो कह रही थी कि मुझे डर लगता है कि कहीं कुछ हो गया तो, लेकिन मैंने उसको अपनी तरफ से समझा दिया और मैंने उससे कहा कि अगर तुम्हे मुझसे प्यार है और अगर तुम मुझ पर भरोसा करती हो तो तुम मेरे साथ मेरे कमरे पर चल सकती हो, नहीं तो में अपने ऑफिस चला जाता हूँ और तुम तुम्हारे घर पर चली जाओ। फिर मेरी इस बात पर वो मुझसे बोली कि तुम मेरी कसम खाओ कि तुम मेरे साथ ऐसा वैसा कुछ नहीं करोगे और फिर मैंने उसकी कसम खा ली उसके बाद वो मेरे साथ चलने के लिए तैयार हो गई। दोस्तों अब वो मेरे साथ पीछे मुझसे बिल्कुल सटकर बैठ गई उस वजह से उसके बड़े आकार के बूब्स मेरी कमर पर दबने लगे थे इसलिए मेरे अंदर एक अलग ही जोश नशा छाने लगा था और में उसके साथ जाते समय रास्ते में बस यही बात सोचता रहा कि उसके कहने पर कसम तो मैंने उसकी खा ली है, लेकिन अब में उसकी चुदाई कैसे करूंगा? फिर जब कुछ देर चलने के बाद हम दोनों मेरे रूम पर पहुंचे तब में हम दोनों के अंदर आते ही अपने कमरे का दरवाजा तुरंत बंद करने लगा था, तो वो थोड़ा सा चकित होकर मुझसे बोल पड़ी कि तुम दरवाजा क्यों बंद कर रहे हो? तब मैंने उससे कहा कि अगर कोई बाहर वाला हम दोनों को एक साथ देख लेगा तो वो क्या सोचेगा और वो तुम्हारे बारे में क्या कहेगा कि तुम कौन हो और मेरे साथ मेरे कमरे में अकेली क्या कर रही हो? उसके मन में तुम्हारे लिए बहुत सारे गलत विचार बहुत सारी गलत आएगी और में नहीं चाहता कि तुम्हारे बारे में कोई भी कुछ गलत बात सोचे, जिसकी वजह से तुम्हारी इज्जत खराब हो में ऐसा काम नहीं कर सकता।

दोस्तों मैंने उसको अपनी बातों में इतनी अच्छी तरह से उलझा दिया कि उसका अब मेरे उस जाल से बाहर निकलना एकदम मुश्किल था और उसी समय मैंने दरवाजे को झट से बंद कर दिया, लेकिन उसने अब मुझसे कुछ भी नहीं कहा। दोस्तों उसको क्या पता था कि मैंने यह सब किस लिए किया था? फिर उसके बाद में बेड पर उसके साथ बैठ गया और अब में उससे इधर उधर की बातें करने लगा। वो बहुत खुश नजर आ रही थी, उससे कुछ देर बातें हंसी मजाक करते करते मैंने सही मौका देखकर उसके कंधे पर अपना एक हाथ रख दिया और फिर में उसके बाद उसके नरम गुलाबी होंठो पर किस करने लगा। हम दोनों कोई सेक्सी फिल्म की तरह यह काम करते रहे और वो भी मेरे साथ मुझे चुमते हुए मेरा पूरा पूरा साथ देने लगी थी, लेकिन उसने अब मेरा बिल्कुल भी विरोध नहीं किया, इसलिए हमारा यह काम करीब 15 मिनट तक लगातार चलता रहा और अब मैंने थोड़ी सी हिम्मत करके उसकी गोलमटोल छाती, उसके तने हुए निप्पल पर अपने हाथ को फेरना शुरू कर दिया, लेकिन उसने तब भी मेरा कोई विरोध नहीं किया और धीरे धीरे में उसकी छाती से उसके मुलायम पेट पर होता हुआ अब उसकी गरम चूत को सलवार के ऊपर से अपने एक हाथ से छूकर महसूस करने लगा। में उसको अपने हाथ से हल्के हल्के सहलाने लगा था और उस समय भी मेरे होंठ उसके होंठो पर किस कर रहे थे और मेरा एक हाथ उसके बूब्स पर और एक हाथ उसकी चूत पर था। में उसका पूरी तरह से मज़ा लेते हुए उसको गरम कर रहा था। अब में धीरे धीरे उसकी गर्दन और उसके बाद उसके बूब्स को उसकी कमीज़ के ऊपर से ही चूसने लगा। उसके बूब्स की गोलाइयों आकार जाँचने परखने लगा था। उस समय ज्यादा गरम होकर जोश में आने की वजह से उसके मुहं से अजीब सी आवाजे आने लगी थी। फिर में तुरंत समझ गया था कि अब वो पूरी तरह से गरम हो चुकी है और मेरे लिए यही एकदम सही समय था, जब में उस गरम लोहे पर चोट मार सकता था। यह बात सोचकर मैंने उसके बाद धीरे धीरे अपने एक हाथ को उसकी कमीज़ के अंदर डाल दिया और अब में उसकी ब्रा के ऊपर से ही उसके गरम मुलायम बूब्स को दबाने लगा था, जिसकी वजह से वो सिसकियाँ लेने लगी थी और कुछ देर के बाद मैंने बिना देर किए उसकी कमीज़ को उतार दिया, लेकिन वो मुझसे कुछ नहीं बोली क्योंकि वो अब पूरी तरह से गरम हो चुकी थी। दोस्तों उस समय मैंने देखा कि उसने बहुत सेक्सी जालीदार काले रंग की ब्रा पहनी हुई थी और वो मेरे सामने पहली बार ब्रा में होने की वजह से शरम आने की वजह से उसने अपने बूब्स को अपने दोनों हाथों से छुपाने की वो नाकाम कोशिश करने लगी थी, क्योंकि उसके बूब्स आकार में ज्यादा बड़े थे और वो ब्रा से भी बाहर निकल रहे थे।

अब मैंने ज्यादा समय खराब नहीं करते हुए उसको तुरंत दोबारा किस करना शुरू कर दिया और में कुछ देर तक उसकी ब्रा के ऊपर से उसके दोनों बूब्स को सहलाते हुए मज़े ले रहा था और उसके बाद मैंने उसकी कमर पर हाथ ले जाकर उसकी ब्रा के हुक को भी खोलकर उसकी ब्रा को उसके गोरे बदन से अलग कर दिया, जिसकी वजह से अब वो मेरे सामने ऊपर से बिल्कुल नंगी हो चुकी थी और उसके गोरे गोरे बूब्स काले रंग की ब्रा की केद से आजाद होकर अब खुली हवा में साँस ले रहे थे उसकी सांसे तेज चलने की वजह से उसकी छाती ऊपर नीचे होने की वजह से बड़ी ही सेक्सी अजब सा मज़ा दे रही थी और में उनको देखकर एकदम अपने होश खो बैठा था। फिर मैंने उसको अपने हाथ का सहारा देकर बेड पर लेटा दिया और में उसके बूब्स को चूसने लगा। फिर करीब बीस मिनट तक उसके बूब्स को चूसने के बाद मैंने उसकी सलवार की तरफ अपने हाथ को आगे बढ़ाया और उसका नाड़ा खोल दिया। तब भी में उसके बूब्स को लगातार चूसता रहा जिसकी वजह से उसके मुहं से अब अजीब अजीब सी आवाज़े आ रही थी।

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फिर मैंने मन ही मन में सोचा कि उसकी यह सिसकियाँ कहीं मेरे पड़ोसी सुन लेंगे तो हम दोनों के लिए कोई समस्या खड़ी हो जाएगी और इसलिए मैंने उसके बूब्स सक करते समय ही थोड़ा सा उठकर सीडी का बटन चालू कर दिया, जिसकी वजह से अब ज़ोर ज़ोर से गाने बजने लगे थे और कमरे से बाहर किसी को कुछ भी सुनाई देने का तो काम ही नहीं था। अब मैंने उसकी सलवार को धीरे धीरे नीचे उतारना शुरू कर दिया और उसकी सलवार को उतारने के बाद में उसकी कामुक उभरी हुई चूत को उसकी काले रंग की पेंटी के ऊपर से ही चूसने लगा, तो वो जोश में आकर अब और भी ज्यादा ज़ोर से सिसकियाँ लेने लगी थी मैंने उसके जोश हालत का अंदाजा तुरंत लगाकर, धीरे धीरे उसकी पेंटी को भी अब नीचे उतार दिया और अब में उसकी चूत को चूसने लगा था। दोस्तों अब वो मेरे सामने बिल्कुल नंगी पड़ी हुई थी और वो मुझसे कुछ बोल भी नहीं रही थी मैंने लगभग दस मिनट तक उसकी चूत को सक किया और जैसे ही मुझे अंदाजा लगा कि अब उसकी चूत झड़ने वाली है तो उसी समय मैंने उसको चूसना बंद करके में उससे दूर हट गया। फिर मैंने देखा कि वो अब बिना पानी की मछली की तरह तड़प उठी और वो अपनी चूत में उंगली डालकर अपनी चूत को ठंडा करने की कोशिश लगी थी, लेकिन कुछ देर बाद मैंने उसके दोनों हाथों को कसकर पकड़ लिया, तो वो अब मेरे आगे गिड़गिड़ाते हुए मुझसे कहने लगी कि प्लीज़ तुम अब मेरी चूत को सक करो आह्ह्हह्ह आह्ह्ह्ह वरना में आज मर ही जाउंगी। में ज्यादा देर रुक नहीं सकती और मुझे कुछ हो रहा है। फिर मैंने उससे कहा कि साली पहली चुदाई के समय तड़पने में ही ज्यादा मज़ा आता है इसलिए में तुझे आज बहुत तरसाकर तेरी चुदाई करूंगा और तू देखती जा आज मेरे साथ तुझे कैसा मज़ा आता है। तू आज के बाद मुझे हमेशा याद रखेगी और कभी भूल नहीं सकती। में आज तुझे ऐसा चुदाई का मज़ा दूंगा, तो वो दोबारा मेरे सामने गिड़गिड़ाने लगी और वो मुझसे उसकी चुदाई करने के लिए कहने लगी। फिर मैंने उससे कहा कि में आज तुम्हारी चूत को मेरी एक शर्त पर सक करूँगा कि उससे पहले तुम्हे मेरे लंड को भी अपने मुहं में लेकर इसको सक करना होगा। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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दोस्तों वो मेरी उस बात को तुरंत मान गई और सबसे पहले मैंने उसको मेरे कपड़े उतारने के लिए कहा तो वो पागलों की जल्दी जल्दी मेरे कपड़े उतारने लगी और उसको देखकर मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे उसको अपनी चूत को मेरे लंड से चुदाई करवाकर शांत करने की कुछ ज्यादा ही जल्दी थी और उसके बाद वो मेरे 6 इंच और तीन इंच मोटे लंड को देखकर एकदम चकित होकर बोली कि यह आपका मेरे मुहं में कैसे जाएगा? तो मैंने उससे कहा कि साली वो सब में तुझे अभी बताता हूँ और फिर मैंने उसका सर पकड़कर जबरदस्ती अपने लंड को मैंने उसके मुहं में थोड़ा सा डाल दिया, जिसकी वजह से मेरे लंड का टोपा उसके मुहं में था और उसके बाद वो धीरे धीरे खुद ही अपने मुहं को पूरा खोलकर आगे बढ़ाती चली गई और अब वो मेरे पूरे लंड को अपने मुहं में डालकर सक करने लगी और उसका एक हाथ मेरे आंड के साथ खेल रहा था और में भी उसके बूब्स के साथ खेल रहा था। मुझे उसके साथ यह सब करने में मज़े के साथ साथ जोश भी बहुत ज्यादा आ रहा था और यही हाल उसका भी था वो भी अब तक बिल्कुल पागल हो चुकी थी। फिर थोड़ी देर तक सक करने के बाद वो मुझसे कहने लगी कि अब तुम मेरी चूत को सक करो, मुझसे ज्यादा देर रुकना मुश्किल है, मुझे ना जाने क्या हो रहा है? फिर मैंने उससे कहा कि चलो अब हम दोनों 69 की पोजीशन में हो जाए और तभी वो मुझसे पूछने लगी कि वो क्या होती है? तब मैंने उसको समझाया कि 69 पोजीशन क्या होती है? और इस तरह हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गये और हम एक दूसरे को सक करने लगे। दोस्तों में बीच बीच में उसकी चूत में अपनी उंगली को भी डाल रहा था, तो वो मुझसे कह रही थी कि उसको ऐसे दर्द होता है और करीब दस मिनट के बाद उसकी चूत का पानी निकल गया और में उसके रस को पी गया। फिर उसका स्वाद मुझे अच्छा लगा और अब में उसकी चूत को सक करता रहा और उसके बाद वो दोबारा से गरम हो गई और जैसे ही मैंने चूसना बंद किया तो वो दोबारा मेरे सामने गिड़गिड़ाने लगी और वो मुझसे कहने लगी कि प्लीज तुम मुझे लगातार सक करो प्लीज तुम करते रहो रुको नहीं। फिर मैंने उससे कहा कि अब में तुम्हे सक नहीं करूँगा बल्कि में अब तुम्हारी चूत में अपना लंड डालकर तुम्हारी मस्त मजेदार चुदाई करूंगा। फिर वो मुझसे कहने लगी कि इतना बड़ा मोटा लंड मेरी इस छोटी कुंवारी चूत में कैसे जाएगा? मुझे तो तुम्हारी उंगली से भी इतना दर्द होता है तो में इसके दर्द को कैसे सहन करूँगी? तो मैंने उससे कहा कि तुम्हे मेरे साथ अपनी चुदाई के समय बिल्कुल भी डरने की ज़रूरत नहीं है तुम्हे बस थोड़ी देर दर्द होगा और उसके बाद तुम्हे भी मेरे साथ बहुत मज़ा आएगा और वैसे भी में तुम्हारे साथ तुम्हारे दर्द का ध्यान रखते हुए बहुत धीरे धीरे करूंगा और फिर मैंने उससे कहा कि सभी औरतों की चूत का छेद दिखने में छोटा, लेकिन यह होता बहुत बड़ा है क्योंकि इसी चूत से इतना बड़ा बच्चा भी बाहर निकल जाता है तो मेरा लंड तो इसमे बहुत आराम से अंदर चला जाएगा। फिर उसके बाद मैंने थोड़ा सा तेल अपने हाथ में लेकर थोड़ा सा अपने लंड पर और बाकी बचा हुआ तेल मैंने उसकी चूत के दोनों होंठो को फैलाकर उन पर लगा दिया, जिसकी वजह से मेरा लंड और उसकी चूत दोनों ही चिकने हो गए।

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अब में अपना लंड उसकी चूत में अंदर डालने की बजाए चूत के होंठो पर ही रगड़ने लगा था। तो वो थोड़ी ही देर में चिल्ला पड़ी, प्लीज़ अब इसको अंदर डाल दो ना, क्यों तुम मुझे इतना तरसा रहे हो, तुम मुझे पागल क्यों किये जा रहे हो क्या आज तुम मेरी पूरी जान ही बाहर निकालकर मेरा पीछा छोड़ोगे तुम मुझसे क्या चाहते हो? प्लीज जल्दी से पूरा अंदर डालकर मेरी इस आग को बुझा दो। फिर उसके बाद मैंने अपने लंड को थोड़ा सा उसकी चूत के अंदर किया और मेरा मोटा लंड अब उसकी चूत की पंखुड़ियों को फैलाकर उसको मज़े के साथ साथ दर्द का अहसास देने लगा था। तभी वो उस दर्द की वजह से चिल्लाने लगी आईईईइ माँ उफ्फ्फफ्फ्फ़ में मर गई यह क्या किया स्सीईईईइ में मर गई प्लीज अब बंद करो मुझे नहीं करना, यह सब नहीं चाहिए मुझे ऐसे मज़े जिसमे इतना दर्द हो। फिर मैंने उसी समय तुरंत उसके होंठो पर अपने होंठो को रख दिया और अपने लंड को मैंने वहीं पर थोड़ी सी देर रखने के बाद में अब धीरे से अपनी कमर को हिलाकर लंड को में आगे पीछे करके हिलाने लगा। फिर जब वो कुछ देर बाद अपने दुःख दर्द को भुलाकर मेरे साथ मज़ा करने लगी तो उसी समय मैंने सही मौका देखकर अपनी तरफ से एक ज़ोर से जटका लगा दिया, जिसकी वजह से अब मेरा लंड उसकी चूत में पूरा अंदर चला गया और वो उस दर्द की वजह से तड़पने लगी, बिन पानी की मछली की तरह वो मचलने लगी थी, लेकिन अब मेरे सब्र का वो बांध पूरी तरह से टूट चुका था और मैंने उसके दर्द की बिल्कुल भी परवाह ना करते हुए में अब अपने लंड को उसकी चूत में धक्के देकर अंदर बाहर करने लगा था। दोस्तों तब मैंने देखा कि वो थोड़ी देर तक दर्द को महसूस करती रही, लेकिन कुछ देर बाद वो भी अब मेरे साथ अपनी चुदाई के मज़े करने लगी थी और वो अपने कूल्हों को ऊपर उठाकर मेरे धक्को पर अपनी तरफ से भी धक्के देने लगी थी और बा उसके मुहं से अब जोश से भरी हुई आवाजे आने लगी। वो अब आआअहहूऊ ऊऊऊऊऊऊहह हाँ मेरे राजा आज तुम मुझे और भी ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चोदो उफ्फ्फफ्फ् हाँ ज़ोर से पूरा अंदर करो स्सीईईइ आज तुम मेरी इस चूत को चोद चोदकर इसकी सारी गरमी को बाहर निकाल दो, इसने मुझे बहुत तरसाया है और में इसकी वजह से बहुत दुखी हूँ। फिर मैंने उससे पूछा कि क्यों यह सब काम करना तो पहले तुझे कभी अच्छा नहीं लगता था साली अब तुझे मेरे लंड का असली स्वाद पूरा पूरा आ रहा है ना? तेरी तो चूत को आज में पूरी तरह से फाड़कर तेरी चूत का भोसड़ा बना दूँगा और करीब 15 मिनट की उस लगातार चली ताबड़तोड़ चुदाई के बाद मेरा वीर्य अब निकलने वाला था, लेकिन इस बीच वो दो बार झड़ चुकी थी। अब मैंने उससे कहा कि मेरा वीर्य अब निकलने वाला है और मैंने उससे पूछा कि में इसको तुम्हारी चूत के अंदर ही छोड़ दूँ या बाहर निकालूं? तब उसने मुझसे कहा कि तुम इसको बाहर ही निकाल दो में इसकी वजह से गर्भवती नहीं होना चाहती है और उसके मुहं से वो बात सुनकर उसी समय मैंने तुरंत उसकी चूत से अपने लंड को बाहर निकालकर उसके मुहं में डाल दिया और अब में उसके मुहं को हल्के हल्के धक्के देकर चोदने लगा था। जिसकी वजह से थोड़ी ही देर में मेरे लंड लंड से वीर्य निकल गया और जिसकी वजह से उसका मुहं अब मेरे वीर्य से पूरा भर गया। दोस्तों कुछ तो उसने निगल लिया और बाकी वीर्य उसके मुहं से बहकर बाहर निकलकर उसके होंठो से होता हुआ उसकी छाती पर आकर टपकने लगा था और उसके बाद में थोड़ी देर उसके ऊपर लेट गया, उसको किस करता रहा और अपने वीर्य को में अब उसके दोनों बूब्स पर फैलाता रहा, जिसकी वजह से उसके निप्पल खड़े हो चुके थे और करीब 15 मिनट तक आराम करने के बाद हम दोनों उठ गए। अब मैंने देखा कि शाम होने लगी थी और अब उसको अपने घर भी जाना था तो हम दोनों ने बाथरूम में जाकर अपने आपको पानी से अच्छी तरह साफ किया और अपने अपने कपड़े पहले और उसके बाद में उसको अपने साथ मेरी गाड़ी में बैठाकर उसके घर के पास छोड़कर वापस अपने घर आ गया।

दोस्तों दोबारा अपने घर पर आकर मैंने सबसे पहले उसकी चूत से चुदाई के दौरान निकले खून और हम दोनों के पानी से खराब हुई चादर को साफ किया और उसके बाद में चुदाई से हुई अपनी थकान को बेड पर लेकर निकालने लगा और में अब लेटे हुए हमारी उस चुदाई के बारे में सोचने लगा और साथ साथ में अब उसकी अगली चुदाई के बारे में भी विचार बनाने लगा कि मुझे उसकी अगली चुदाई कब और कैसे कहाँ करनी है? में उस दिन बहुत खुश था और मेरी उस ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं था। मेरी उस पहली चुदाई से मेरी गर्लफ्रेंड भी पूरी तरह से संतुष्ट थी और उसको मेरे साथ यह सब करके बड़े मज़े आए, यह सभी बातें उसने मुझे दूसरे दिन हमारी उस मुलाकात में बताई ।।

धन्यवाद …

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