माँ की ग़लती का फायदा

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प्रेषक : राहुल ..

हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम राहुल है और मेरी उम्र 23 साल है। दोस्तों.. आज में बहुत खुश हूँ क्योंकि मुझे अपनी एक सच्ची घटना आप सभी के सामने कामुकता डॉट कॉम पर लाने का मौका मिला और में आप सभी को बहुत धन्यवाद देना चाहता हूँ.. क्योंकि आप सभी इन कहानियों को अपना कीमती समय देकर पढ़ते है। में भी आपकी तरह ही इस साईट पर सेक्सी कहानियाँ पढ़ता हूँ।

दोस्तों अब में अपने और अपने घर वालों का परिचय आप सभी से करवा देता हूँ। में एक छोटे से गाँव में रहता हूँ और मेरा घर खेतों के बीच में बना हुआ है। मेरे घर में हम तीन लोग में, माँ और मेरे पिताजी रहते है। मैं बी. ए. फाईनल के पेपर दे चुका हूँ और अब पढ़ाई पूरी होने की वजह से अपने घर पर ही रहता हूँ। मेरे पिता जी 50 साल के है और वो हमेशा बहुत बीमार रहते है जिस कारण वो बहुत कमजोर है। मेरी माँ की उम्र 45 साल है और वो दिखने में बहुत सुंदर दिखती है.. मेरी माँ का रंग गोरा है और मेरी माँ का फिगर बहुत कमाल का है। उनके बूब्स बड़े बड़े और गोल आकार के है और मेरी माँ के बूब्स उनकी कमीज़ से बाहर झांकते रहते है.. क्योंकि वो ब्रा में पूरी तरह नहीं समाते। मेरी माँ घर का सारा काम खुद ही करती है जिससे मेरी माँ का बदन गठीला है। मेरे पिता जी के पास बहुत सारी ज़मीन है जिसकी वजह से हमारी आर्थिक हालत बहुत अच्छी है.. हमारा घर बहुत बड़ा है। जिसमे 4 बेडरूम ड्राइंग-रूम और अलग बाथरूम और रसोई है और हम तीनों ही अलग अलग रूम में सोते है।

दोस्तों.. अब में आप सभी को अपने साथ हुई एक सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ.. जो आज से 6 महीने पहले की है। एक दिन अचानक मेरे मामा जी के बड़े लड़के की मौत हो गई.. मेरे मामा जी हमारे गावं से कुछ किलोमीटर की दूरी पर ही रहते है। हम तीनों को वहाँ पर जाना पड़ा.. लेकिन मेरे पिताजी की तबीयत भी थोड़ी ठीक नहीं थी.. इस वजह से में और पिता जी उसी दिन शाम को अंतिम संस्कार के बाद अपने घर पर वापस आ गये और मेरी माँ वहाँ पर कुछ दिनों के लिए रुक गयी और फिर मेरी माँ एक महीने बाद घर पर वापस आई। तो सब कुछ पहले जैसा ठीक ठाक हो गया.. फिर कुछ दिनों के बाद माँ मुझसे बोली कि राहुल बेटा मुझे तुमसे कुछ जरूरी बात करनी है। मैं झट से बोला कि बताओ माँ क्या बात है? तो माँ मुझसे बोली कि राहुल में तुम्हे क्या बताऊँ मुझे बहुत शरम आ रही है? तो मैंने कहा कि माँ मुझसे क्या शरम और में यह बात किसी को नहीं बताऊंगा और फिर माँ ने मुझ को अपनी कसम दी कि में यह बात किसी को ना बताऊँ। मैंने हाँ कर दी मेरे पिता जी उस समय घर पर नहीं थे वो अपनी दवाई लेने के लिए शहर गये हुए थे। माँ मुझसे बोली कि राहुल मुझे पिछले दो महीने से माहवारी नहीं आई है। मैं यह बात सुनकर बहुत हैरान रह गया था कि क्या माँ कभी मुझसे ऐसी बात भी कर सकती है? में अब बड़ा हो गया था और सेक्स के बारे में सब कुछ जानता था क्योंकि मेरी सेक्स में बहुत रूचि थी। तो मैंने माँ की बात सुनकर कहा कि माँ अब में क्या कर सकता हूँ? तो माँ बोली कि बेटा मुझे लगता है कि मैं प्रेग्नेंट हो गई हूँ और तुम मेरे लिए शहर से बच्चा गिराने की दवाई ला दो। मैंने माँ से कहा कि तुम पिता जी को बोल दो वो ले आएगे। माँ मुझसे बोली कि बेटा मुझे तुम्हारे पिता के साथ सेक्स किए हुए 2 साल हो गये है और अगर उन्हे पता चल गया तो वो मुझे घर से निकाल देंगे। फिर माँ की यह बात सुनकर मुझे बहुत बड़ा धक्का लगा और में कुछ ना बोल सका और फिर मेरी माँ मेरे पैरों में गिर गई.. तो मैंने उन्हे संभाला और उनसे सारी बात बताने को कहा तो माँ ने मुझे बताया कि मेरे मामा का छोटा लड़का जो 25 साल का है.. उसने मेरी माँ को ज़बरदस्ती चोदा और उसने माँ को तीन रातों तक लगातार चोदा और माँ शरम के मारे किसी को कुछ भी नहीं बता पाई। तो मुझे अपने मामा के लड़के पर बहुत गुस्सा आया.. लेकिन माँ ने मुझसे कहा कि बेटा तुम कुछ मत करना नहीं तो बहुत बदनामी होगी। फिर में उस दिन रात को सो भी नहीं पाया और सुबह उठकर माँ के लिए शहर से दवाई ले आया। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर उस दवाई को खाने के एक दिन बाद माँ को महावारी आ गयी तो माँ ने मुझसे धन्यवाद कहा और कुछ दिन ऐसे ही गुजर गये और एक दिन में अपने रूम में कंप्यूटर पर बैठा था तो माँ मेरे रूम में सफाई के लिए आ गयी और जब वो झुकी तो उसके बूब्स साफ साफ दिखने लगे और माँ के बूब्स देखकर मेरे मन में हलचल मच गई.. माँ झाडू लगाने के बाद चली गयी। मैंने उठकर बाथरूम में जाकर माँ के नाम की मुठ मारी तो मुझे बहुत मज़ा आया और उस दिन से मेरे मन में माँ के प्रति गलत विचार आने लगे और में माँ को चोदने के बारे में सोचने लगा। फिर एक दिन में हिम्मत करके रात के 11 बजे माँ के रूम में चला गया। तो माँ मुझे देखकर उठ गयी और बोली कि राहुल बेटा क्या काम है? में बोला कि माँ मुझे तुम से कुछ जरूरी बात करनी है.. माँ बोली ठीक है बताओ क्या बात है? मैंने माँ से कहा कि माँ में तुम्हे चोदना चाहता हूँ। तभी माँ मेरी यह बात सुनकर बहुत हैरान हो गयी और बोली कि बेटा तुम यह क्या कह रहे हो? मैं तुम्हारी माँ हूँ.. यह कैसे हो सकता है? मैंने माँ से कहा कि मैंने भी तो तुम्हारी मदद की थी और वो बात किसी को भी नहीं बताई.. तो यह क्यों नहीं हो सकता?

फिर मेरी बात सुनकर माँ बोली कि राहुल ठीक है.. लेकिन यह बात किसी को भी पता नहीं चलनी चाहिए। मैंने हाँ कर दी तो माँ ने मुझे रूम का लॉक लगाने को कहा तो मैंने लॉक लगा दिया। फिर में माँ के करीब आया और उन्हे बाहों में ले लिया और उसके होंठो पर किस करने लगा। मेरा लंड अब तनकर खड़ा हो गया था जिसे माँ ऊपर से अपना एक हाथ रखकर सहला रही थी और फिर थोड़ी ही देर किस करने का बाद मैंने माँ से कपड़े निकालने को कहा। तो उसने झट से अपने पूरे कपड़े निकल दिए और माँ के नंगे बदन को देखकर मेरे तो होश ही उड़ गये.. माँ के बूब्स तने हुए और बहुत बड़े थे और उन पर गुलाबी कलर की निप्पल बड़ी ही सुंदर लग रही थी। फिर मैंने झट से उनके दोनों बूब्स को पकड़ लिया उनको सहलाने और दबाने लगा। माँ के दोनों बूब्स मेरे दोनों हाथों में समा नहीं रहे थे और अब माँ मुझसे लिपट रही थी और आअह्ह्ह्ह ऊहहह की आवाज़े निकाल रही थी। फिर मैंने भी अपने पूरे कपड़े उतार दिए और माँ मेरे शरीर को देखने लगी और कहने लगी कि बेटा तुम तो अब पूरे आदमी बन गये हो और कहकर माँ ने मेरा लंड पकड़ लिया और अपने हाथ को आगे पीछे करने लगी।

उसने मेरे लंड को मुहं में लिया और चूसने लगी और थोड़ी देर ऐसे ही चूसने, चूमने, चाटने के बाद माँ बोली कि बेटा अब और देर मत कर जल्दी से इसे मेरी चूत में डाल दे.. मुझसे अब और रहा नहीं जाता। में समझ गया कि माँ अब पूरी तरह से गरम हो चुकी है फिर माँ नीचे लेट गयी और उसने अपनी दोनों टाँगे फैला ली जिससे माँ की चूत मुझे साफ साफ नज़र आने लगी.. जिस पर काली काली झांटे थी। मैंने अपने एक हाथ को आगे बढ़ाकर चूत को खोलकर देखा तो वो अंदर से बहुत लाल थी और बहुत कामुक लग रही थी.. फिर में दोनों पैरों के बीच में आ गया और अपने लंड को माँ की चूत पर रखा जो बहुत गीली थी और मैंने लंड को अपने निशाने पर रखकर एक ज़ोर का झटका मारा तो मेरा पूरा लंड एक बार में ही चूत के अंदर चला गया और माँ के मुहं से हल्की सी चीख निकली। फिर थोड़ी देर बाद मैंने ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने शुरू किए तो माँ भी अपने चूतड़ उठा उठाकर जबाब देने लगी और हम दोनों के मुहं से आहह उईईइ की आवाज़े आ रही थी। फिर 20 मिनट चोदने के बाद हम दोनों एक साथ झड़ गये और उस रात मैंने माँ को तीन बार और चोदा और उस दिन के बाद में और माँ हर रात चुदाई करते है। मेरी माँ ने अब कॉपर-टी लगवा ली है जिससे हमे कोई भी ख़तरा नहीं है और अब हम निडर होकर अपनी चुदाई में लगे रहते है ।।

धन्यवाद …

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