मामा के घर में चुदाई के नियम – 1

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प्रेषक : अभी …

हैल्लो दोस्तों, में उम्मीद करता हूँ कि आप सभी ठीक होंगे और हमेशा एकदम ठीक ही रहे। दोस्तों में आज आप सभी कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों के मज़े लेने वालों के लिए अपनी एक सच्ची घटना लेकर यहाँ पर पहुंचा हूँ जिसमें मैंने अपने मामा के घर में उनके परिवार वालों के साथ क्या क्या किया वो सब कुछ बताने जा रहा हूँ और अब आप सभी मेरी आज की कहानी को पढ़े और उसके मज़े ले।

दोस्तों मेरी उम्र 24 साल है और में पटना (बिहार) अपने मामा के घर पर बचपन से ही रहता हूँ। मेरे मामा के घर में मेरे साथ चार और लोग रहते है, एक मेरा भाई जिसका नाम कुणाल जो 20 साल का है, मेरी एक बहन जिसका नाम पूजा जो उम्र में 19 साल की है, मेरे मामा जिनका नाम जगदीश उनकी उम्र 45 साल और मेरी मामी जिसका नाम रीता जो एक महीने के बाद पूरी 40 साल की हो जाएगी। यह सब कैसे हुआ मुझे कुछ भी नहीं पता चला और सही में आप लोग मेरी इस बात का विश्वास जरुर करें क्योंकि यह मेरी एक सच्ची घटना है कोई फेक कहानी नहीं है जिसको आज में आप सभी कामुकता डॉट कॉम के पढ़ने वालों के लिए लेकर आया हूँ और मुझे पूरी तरह से उम्मीद है कि यह आप सभी को जरुर पसंद आएगी। दोस्तों जब से मैंने अपने होश संभाले मुझे तब से ही किसी की चोदने और किसी की चुदाई करने की बड़ी ही दिलचस्पी रही थी और इसलिए जब भी मुझे कोई भी अच्छा मौक़ा मिलता में छुपकर अपनी मामी और मामा की चुदाई का वो खेल में बहुत बार देखकर उनके मज़े लेता और में मेरे मामा को अपनी मामी को चोदते हुए ना जाने कितनी बार देखा करता था और यह मौक़ा मुझे ज़रा ज़्यादा ही मिलता था, इसलिए क्योंकि वो दोनों करीब एक सप्ताह में तीन चार बार चुदाई का खेल खेला करते थे।

दोस्तों मेरा मामा एक इंजिनियर है और वो हाजीपुर की एक फेक्ट्री में काम किया करते थे और वो बहुत अच्छे पद पर है। उसका बदन बड़ा मस्त और भरपूर है वो अक्सर कसरत करने की वजह से बहुत तन्दुरुस्त रहता है उसका लंड बिल्कुल मेरे ही तरह है वो करीब 6 या 7 इंच की लंबाई और उसकी मोटाई भी बहुत अच्छी है। उस लंड से चुदाई भी बड़ी तगड़ी होती है इसलिए वो दोनों अक्सर एक घंटे से ज़्यादा लगातार चुदाई के मज़े लेते है, लेकिन मुझे हमेशा से थोड़ा सा शक रहा कि मेरी मामी की सेक्स की इच्छा कुछ ज़्यादा ही है और वो चुदाई खत्म हो जाने के बाद भी हर बार एक बार और चुदाई करने के बारे में कहती रहती थी और फिर कभी कभी तो मेरा मामा उसको दो तीन बार जमकर चुदाई के मज़े देते और वो अक्सर एक ही बार में वो दिनभर की थकान से मजबूर हो जाते थे। वैसे मेरी मामी भी बहुत मस्त है वो अकेले ही पूरे घर का काम सम्भालती है और उसमे बिलकुल भी चर्बी नहीं है। ध्यान से उनके कुल्हे देखो तो वो दो बड़े बड़े आकार के तरबूज़ की तरह लगते है और उनमे कोई शरम भी नहीं है। उनके बूब्स भी बहुत बड़े और गोल है और उनका रंग गोरा और चेहरा बहुत सुंदर साफ है। वो कपड़े पहने हुए या नंगी कोई यह नहीं कह सकता कि वो दो जवान बच्चो की माँ है। दूर से तो मुझे ऐसा लगता है कि उसकी चूत भी बड़ी टाईट है और हमेशा मेरा मामा चुदाई करते समय उसकी तंग चूत की बड़ी तारीफ किया करता था। दोस्तों मेरा वो भाई जो मुझसे उम्र में बस एक साल ही छोटा है वो भी हमेशा मेरी ही तरह कसरत किया करता है इसलिए उसका बदन भी बहुत गठीला है और उसका लंड भी बिल्कुल मेरी ही तरह लंबा और मोटा भी है और मेरी वो बहन बिल्कुल मेरी मामी की तरह गोरी और लंबी है, लेकिन वो ज़रा सी दुबली है और उसके बूब्स भी छोटे आकार के है, लेकिन वो एकदम गोल गोल है और उसकी गांड तो बस ऐसी है कि उसको कोई भी आदमी घूर घूरकर देखता ही रह जाए। उसने आजकल अपने सर के बाल कटवा रखे है, इसलिए वो बहुत सेक्सी लगती है और वो जब भी बन-ठन कर आती है तो मेरा लंड बस उसकी चूत को प्रणाम करने के लिए तनकर खड़ा हो जाता है।

दोस्तों कुणाल उसके कॉलेज के पहले साल में है और सीमा भी अपनी पढ़ाई कर रही है और उसका एक डॉक्टर बनने का सपना है पढ़ाई में हम सब बहुत अच्छे है और घर का माहोल भी बहुत अच्छा ही है। दोस्तों मेरी बहन पूजा की 18 साल के जन्मदिन को मनाकर अभी बस एक ही महीना गुज़रा था कि मामी, मामा ने हम सभी को एक साथ बैठक रूम में बुलाया और मामा ने सबसे पहले हम सभी को बैठने के लिए कहा और जब हम सभी बैठ गये तब वो कहने लगे कि अब में तुमसे जो बातें कहने जा रहा हूँ वो शायद ही किसी घर में पहले कही गयी होगी, लेकिन तुम तीनों अब बड़े हो गए हो और पूजा भी अब उम्र में पूरी 18 साल की हो गई है। यह बात कहकर वो रुक गए और अब में कुछ परेशान होने लगा था कि आखिर वो क्या बात हो सकती है ऐसी क्या समस्या हो सकती है?

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फिर सबसे पहले में तुम से एक अनोखा सवाल करना चाहता हूँ तुम सभी मुझे उसका बिल्कुल सच जवाब देना और बिल्कुल बिना डरे तुम्हारी बात से कोई भी गुस्सा नहीं होगा क्यों ठीक है? तो हम सभी ने अपना हाँ में सर हिला दिया। अब मामा जी कहने लगे चलो ठीक सबसे पहले में बड़े से शुरू करता हूँ अभी तुम मुझे बताओ कि तुम्हारा ध्यान कभी भी चोदने की तरफ जाता है? तो में उनके मुहं से यह बात सुनकर एकदम सकपकाते हुए घबराहट में आ गया और में मन में सोचने लगा कि भाई यह कैसा सवाल है जो मेरे मामा मुझसे कर रहे है? और मैंने धीरे से उनको जवाब दिया कि हाँ मेरा चोदने पर ध्यान जाया करता है और अब मेरे मामा को मेरा जवाब सुनकर मुस्कुराते हुए देखकर मेरी थोड़ी सी हिम्मत भी बढ़ गई। फिर वो बोले हाँ और जाना भी चाहिए उन्होंने कहा कि तुम एक जवान लंड हो औरत को देखोगे तो तुम्हारा ध्यान उस तरफ जाएगा ना? अब यह बताओ कभी तुम्हारा अपने घरवालों को चोदने की तरफ भी ध्यान गया है? अब उनके मुहं से यह बात सुनकर उसी समय मेरी दोनों आखें बड़ी हो गई और मैंने उनसे कहा जी? शायद मैंने कुछ गलत सुना है। फिर वो कहने लगे कि नहीं तुमने सही सुना और तुम्हारी मामी कोई बुरी सूरत की बूढ़ी तो नहीं है और अभी भी वो बहुत सेक्सी है और तुम्हारी एक बहन भी जिसको देखकर मुर्दे का भी लंड खड़ा हो जाये क्या कभी तुम्हारा उनकी चुदाई करने का मन करता है? अब मैंने कहा कि जी हाँ उस समय मेरी आवाज़ एक पकड़े हुए चूहे की तरह थी और उन्होंने मुझसे पूछा कि किस को तुम्हारी चोदने की इच्छा होती है रीता को या पूजा को? तो मैंने उसको कहा कि दोनों को और मेरे मुहं से जवाब सुनकर वो खुश होकर बोले कि वाह बहुत अच्छा उसके बाद वो कुणाल की तरफ पलट गए तब मेरी जान में जान आई। फिर वो बोले हाँ कुणाल यह बता कि अब तेरा क्या हाल है? दोस्तों कुणाल हमारी यह सब बातें सुनकर ज़रा मुझसे ज़्यादा बोल्ड हो गया था और वो कहने लगा बापू पता नहीं, लेकिन कभी कभी मुझे वो विचार आता और कभी मुझे लड़कियों में कोई इतनी ज्यादा दिलचस्पी नहीं है। अब मामा दूसरी तरफ घूम गए हाँ पूजा बेटी अब तू भी अपने मन की बात मुझे बता। दोस्तों पूजा घर में सबसे छोटी होने के बाद भी बहुत चंचल थी और फिर उसने मुस्कराते हुए कहा कि बापू मुझे तो हर लड़के को देखकर उसके साथ अपनी चुदाई करने का विचार मन में आता है और मैंने कई बार ध्यान ही ध्यान में आप सबसे चुदवा लिया है और मैंने आपका लंड भी एक बार देखा है। फिर मामा जी बोले चलो सभी बातें आज सामने आ गई है वो भी अब कुर्सी पर बैठ गये और कहने लगे कि सच बात तो यह है कि हमारा खून ही कुछ ऐसा है में भी अपनी जवानी में अपनी माँ और बहन को बहुत बार चोद चुका हूँ और अब रीता का भी मन करता है कि वो अपने बच्चो के लंड का रस चख ले, इसलिए हम दोनों यह बात सोच रहे है कि चुदाई का सभी का मन करता है और इससे पहले हम बाहर जाकर चुदाई करने लगे उससे पता नहीं हमें कैसी कैसी बीमारियाँ लग जाए और उससे अच्छा है कि हम सभी घर में ही क्यों ना इस बात को हमारे बीच रखें? तब मेरी बहन ने बीच में उनसे पूछा क्या हम बाहर वालों से कोई भी रिश्ता नहीं रख सकते? मामा जी कहने लगे क्यों नहीं? तुम सभी को एक दिन शादी भी तो करनी ही है, लेकिन में यह चाहता हूँ कि चुदाई घर तक ही रखें जब शादी हो जाए तो तू अपने पति के साथ सेक्स करना और यह लोग अपनी पत्नी के साथ तब तक सिर्फ़ घर में। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब मैंने बड़े ही भोलेपन से कहा कि जी मामा और तभी पूजा ने उनसे पूछा, लेकिन बापू आपने तो अपने बारे में नहीं बताया? बापू मुस्कराते हुए अच्छा बता तू मुझसे क्या जानना चाहती है? हाँ मेरा तुझे देखकर मन तुझे चोदने को करता है। में बस एक बार तुझे अपने सामने घुटने टेककर मेरे लंड को अपने मुहं में लेते हुए देखूं तो मज़ा आ जाए। फिर वो कहने लगी छी बापू लंड मुहं में थोड़ी लेते है। अब वो बोले अरे मेरी जान लंड तो हर जगह लेते है मुहं में, गांड में, चूत में और तेरी मम्मी तो इस तीनों में मेरा लंड लेने में बहुत अनुभवी है वो तुझे सब कुछ सिखा देगी। फिर वो पूछने लगी क्या सच में मम्मी मुझे सिख़ाएगी लंड के बारे में? तब मामी ने कहा कि हाँ क्यों नहीं, लेकिन पहले ज़रा बात तो पूरी हो जाने दे।

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फिर पूजा ने पूछा कि अब और क्या बात रह गयी है? तब मामा ने कहा कि हमारे कुछ नियम भी है, सबसे पहले कि जब हम सभी अकेले में रहेगे तब एक दूसरे के सामने पूरे नंगे रह सकते है, दूसरी यह बात किसी और को पता नहीं चलना चाहिए और कोई भी एक दूसरे के साथ कभी भी किसी भी तरह की ज़बरदस्ती नहीं करेगा बोलो क्या तुम्हे मंज़ूर है? और हम सभी ने एक ही आवाज़ होकर कहा कि हाँ। फिर मामा पूजा से कहने लगे तो आज रात के खाने के बाद तेरी मम्मी तेरी आखों के सामने मेरा लंड चूसकर बताएगी कि लंड कैसा चूसा जाता है और हम सभी आराम करने में लग गये, लेकिन मेरा लंड तो बस अब सोने का नाम ही नहीं ले रहा था और में उस दिन मन ही मन बहुत खुश था और में देख रहा था कि मामा और कुणाल की पेंट में भी उनके लंड का यही हाल था। फिर हम सभी रात को खाना खाने के बाद दोबारा बैठक रूम में फिर से आ गए। मामी ने बीच कमरे में खड़े होकर कहा कि चलो अब तुम सभी अपने अपने कपड़े उतार दो, क्योंकि में भी देखूं कि मेरे बेटो के लंड कैसे लगते है? और हम सभी पूरे नंगे हो गए जिसकी वजह से हमारे तीन तनकर खड़े लंड दो औरतों की चूत को प्रणाम करने लगे थे। फिर मामी ने सबसे पहले मेरा लंड अपने हाथ में ले लिया और उन्होंने बड़े प्यार से उसको ऊपर नीचे करते हुए कहा कि वाह तू तो अपने मामा से भी ज्यादा मोटा है ज़रूर तेरा लंड ज़्यादा दमदार है उसके बाद मामी कुणाल की तरफ घूमकर उसके लंड को अपने हाथ में लेकर उससे पूछने लगी। अब में मामा की तरफ देख रहा था और उसका लंड मेरी बहन के हाथ में था और मेरी नज़र मेरी बहन की सख्त और गोल गांड पर थी और मेरा दिल चाह रहा था कि उसकी गांड पकड़कर आम की तरह दबाऊं, तभी शायद मामा ने मुझे देखकर मेरी सोच का ठीक तरह से अंदाज़ा लगा लिया और उन्होंने कहा कि अरे अब सिर्फ़ देखता क्या है पकड़ ले उसकी गांड और उसको चूम ले।

दोस्तों में उनकी वो बात सुनकर बढ़ने ही वाला था कि मेरी मामी बीच में बोल पड़ी नहीं आज तुम बाप बेटी मज़े ले लो, आज तो यह दोनों लंड मेरे है इन्हे तो में एक साथ लूँगी, क्यों रे अभी चोदेगा या नहीं अपनी मामी को? क्यों कुणाल तू क्या कहता है? क्या तुम दोनों को में अच्छी नहीं लगती? तो मैंने कहा कि यह क्या कहती हो मामी तुम तो किसी से कम नहीं हो और मेरा यह लंड तो तुम्हारा ही है। अब वो कहने लगी हाँ तो फिर आ जाओ पहले तुम दोनों के लंड को चूसकर में तुम्हारा रस पी लूँ और वैसे भी लगता है कि यह ज़्यादा देर तक रहने वाले नहीं है और मुझे तो बड़ी देर तक अपनी चुदाई करवानी है पहले में एक बार रस को निकाल दूँ तो दूसरी बार देर तक हम चुदाई के मज़े ले सकेगें और इतना कहकर वो अपने घुटनों पर बैठकर हम दोनों भाइयों के लंड को हिलाकर धक्के देने लगी और फिर सबसे पहले उन्होंने मेरे लंड को अपने मुहं में ले लिया और पलटकर पूजा से कहा कि ध्यान से देख पूजा लंड को ऐसे मुहं में लेते है।

दोस्तों उस समय मेरा लंड उसके मुहं था इसलिए मुझे बहुत अच्छा लगा और में अपनी दोनों आखें बंद करके उसके मुहं का मज़ा लेता रहा और कुछ देर बाद वो अब हम दोनों के लंड को चूसने लगी और जब ऐसा लगता कि अब मेरा लंड झड़ने वाला है तो वो मेरे लंड को छोड़कर कुणाल का लंड संभालती फिर जब वो मना करने लगता तो उसके बाद मेरे लंड से मज़े लेती और उधर पूजा पहले तो ज़रा डर डरकर और फिर जैसे मामी उसको बताती गई और वो मामी को घूरकर देखती रही। फिर अब वो भी तुरंत झपटकर मामा के लंड को अपने मुहं में लेकर ऐसे चूसने लगी थी कि जैसी वो सालों से लंड चूस रही हो और उसको इसका बहुत अच्छा अनुभव हो।

फिर मामी ने उससे कहा ज़रा संभलकर बेटी लंड को जितनी देर तक नहीं झड़ने दोगी उतना ही मज़ा तुझे भी मिलेगा और उन्हे भी और जब वो कहें कि अब लंड झड़ने वाला है तो तू उसको छोड़कर कहीं दूसरी जगह चूमे ले और जब वो कहें कि वो नहीं रुक सकते तो अपने मुहं में लंड को दोबारा ले और उनका रस पीना शुरू कर दे, लेकिन दोस्तों मुझे ऐसा लग रहा था कि मेरी उस बहन को कुछ भी सिखाने या समझाने की ज़रूरत नहीं थी। वो तो अब बड़े मज़े से अपने पापा का लंड चूस रही थी और इधर कुणाल भी झड़ने ही वाला था इसलिए मेरी मामी ने उसके लंड को छोड़कर अब वो मेरे लंड को अपने मुहं में लेकर ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी थी और दोनों लंड को एक हाथ में लेकर हिला भी रही थी और में झड़ गया और मेरे साथ साथ कुणाल भी झड़ गया और मेरे लंड का पानी अब उनके मुहं में ले जाकर मज़े लेने लगी। हम दोनों के लंड का पानी बहने लग गया और जितना हो सका मामी ने उसको अपने मुहं में ले लिया और बाक़ी का अपने बड़े बड़े बूब्स पर गिरने दिया और अपने बदन पर वो हमारे लंड के वीर्य को क्रीम की तरह लगाने लगी। हम दोनों का पानी खत्म ही नहीं हुआ था और उधर पूजा की चीख मुझे सुनाई दी उसके बापू जोरदार धक्के के साथ अपना लंड उसके मुहं में अंदर बाहर करके उसको चोद रहे थे और अब वो भी झड़ रहे थे और उनके लंड से कुछ सफेद दूध निकलकर पूजा के मुहं के अंदर से बाहर भी आ रहा था।

फिर जब कुछ देर बाद हम तीनों सोफे पर बैठ गये तब मामी ने कहा क्यों पूजा बेटी अब भी कहोगी छी: मुहं में नहीं लूंगी? तो वो बोली कि नहीं मम्मी, बापू का जूस बड़ा ही मज़ेदार है और में इनके लंड को ले तो अपने मुहं में रही थी, लेकिन मज़ा मेरी चूत तक पहुँच रहा था। तभी मामा जी बीच में कहने लगे हाँ बेटी, तुम चाहे किधर भी लंड लो उसका मज़ा सीधा चूत में ही पहुँचता है और सच पूछो तो जब तक तीनों छेदों में लंड का रस ना पड़े तब तक चुदाई पूरी होती ही नहीं और चुदाई का असली मज़ा वो सुख नहीं मिलता। फिर पूजा बोली ऊई माँ क्या इतना मोटा और बड़ा लंड मेरी गांड में भी जाएगा? इसको तो अपनी चूत में अंदर लेने की बात को सोचकर ही मुझे बहुत डर लगता है क्या यह चूत में भी जाएगा। तभी मामा जी बोले कि हाँ बेटी और तुम्हारी गांड में भी यह ज़रूर जाएगा और हाँ यह बात जरुर है कि पहली बार में तुझे तेरी चूत में दर्द भी जरुर होगा, लेकिन उतना नहीं और अगर चोदने वाला अनाड़ी ना हो तो वो तुझे धीरे धीरे आखरी मज़े तक जरुर ले जाएगा और तेरे यह पापा कोई अनाड़ी नहीं है। वो तो तेरी माँ की गांड भी बहुत ज्यादा मज़े से मारते है। अब पूजा पूछने लगी क्या सच में बापू? हाँ यह सब बातें बाद में करना अब ज़रा तू मेरे लंड को एक बार फिर से चूसकर मेरे लंड को तैयार कर दे, क्योंकि अब में तेरी चूत का मज़ा लेना चाहता हूँ और तू आज मेरे लंड का कमाल देख, तुझे भी मेरे साथ अपनी चुदाई में बड़ा मज़ा आएगा ।।

आगे की कहानी अगले भाग में …

धन्यवाद …

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