मामा के घर में चुदाई के नियम – 2

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“मामा के घर में चुदाई के नियम – 1” से आगे की कहानी …

हैल्लो दोस्तों, में उम्मीद करता हूँ कि आप सभी ठीक होंगे और हमेशा एकदम ठीक ही रहे। दोस्तों में आज आप सभी कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों के मज़े लेने वालो के लिए अपनी एक सच्ची घटना मेरा सच्चा सेक्स अनुभव लेकर एक बार फिर से यहाँ पर पहुंचा हूँ, जिसमें मैंने अपने मामा के घर में उनके परिवार वालो के साथ क्या क्या किया में सब कुछ बताने जा रहा हूँ। अब आप सभी मेरी आज की इस कहानी को पढ़े और उसके मज़े भी जरुर ले।

दोस्तों मामी ने उनकी वो बातें सुनकर कहा कि हाँ अब ज़रा एक बार दमदार चुदाई हो ही जाए और फिर हम सभी बैठकर तुम्हारा वो खेल मज़े लेकर देखेंगे और बाप-बेटी का मिलन पहली बार तो देखने के काबिल होगा और जब बेटी की पहली चुदाई हो तो फिर क्या बात, क्यों बच्चो तुम रुक सकोगे उतनी देर तक।

फिर कुणाल ने कहा कि हाँ मम्मी हमारे मज़े मस्ती करने के लिए तो सारी रात पड़ी है और वैसे भी पूजा की यह पहली चुदाई तो फिर कभी हमें देखने को नहीं मिलेगी। अब मैंने कहा कि यह मज़ा तो देखना चाहिए तो इसलिए हम ऐसा करते है कि हम अपने कमरे में चले जायें क्योंकि वहाँ पर हमें आराम भी मिलेगा। फिर हम सभी मामी के कमरे की तरफ लपके, वहाँ पर मामा ने पूजा को बिस्तर पर लेटा दिया और सबसे पहले उन्होंने धीरे से उसके दोनों पैरों को एक दूसरे से अलग किया उसके बाद उन्होंने अपनी एक उंगली को उसकी चूत में डाल दिया और फिर उन्होंने अपनी उस चूत रस से भीगी हुई ऊँगली को अपने मुहं में डाकर कहा कि यार रीता यह तो बहुत गरम और रसीली भी है यह तो बड़ी मज़ेदार है। तभी मामी बीच में बोल पड़ी क्यों नहीं होगी आख़िर बेटी किसकी है और फिर जवान लड़की का चूत रस तो और भी ज्यादा स्वादिष्ट रसीला होना चाहिए ना? अब मामा कुछ देर तक तो अपनी उंगली से उसकी चुदाई करते रहे और उसके बाद मामी के कहने पर वो नीचे झुककर पूजा की चूत पर अपना मुहं रखकर सूंघकर कर मदहोश होने लगे थे। बस फिर क्या कहना था कि पूजा अब जैसे जोश में आ गई थी और वो ना जाने क्या क्या कह रही थी। वो बहुत ज्यादा पागल हो रही थी और उसकी वो बातें कुछ भी समझ में नहीं आ रही थी, बस उसके मुहं से बापू बापू समझ में आ रहा था हम यह तमाशा देखते रहे क़रीब आधा घंटा बापू ने उसकी चूत चूसी और फिर लंबी लंबी साँसे लेकर उन्होंने अपना चेहरा ऊपर उठाकर हमें दिखाया, तो मैंने देखा कि उनका पूरा मुहं नाक से नीचे पूजा की चूत के रस से गीला था और पूजा आधी बेहोश पड़ी आवाज़ें निकाल रही थी। फिर उसी समय मामी कहने लगी अरे अब तुम थोड़ा इस नादान बच्ची को संभलने का समय तो दो, लेकिन हाँ आज तुमने इसकी बड़ी अच्छी चूत खाई है, यार इस तरह मेरी चूत को चाटे हुए बहुत साल गुज़र गये है। फिर उसी समय मैंने फ़ौरन कह दिया मामी हम जो है अब तेरी चूत को चाटने के लिए बस एक बार हमे कहकर देख हम तेरी रसीली चूत को रात रात भर चूसकर मज़े देंगे कभी कोई भी शिकायत का मौका नहीं देंगे और मेरे मुहं से वो बात सुनकर मामी बोली जुग जुग जियो मेरे प्यारे बच्चों, मुझे तुमसे बस यही उम्मीद थी। अब मामा ने अपना लंड अपने हाथ से संभालकर उसको पूजा की चूत की तरफ ले गए और उसकी चूत के दरवाजे पर अपने लंड को रखकर उसको अंदर डालने लगे। उसी पूजा ने अपनी दोनों आखों को खोल दिया और वो चकित होकर कहने लगी ओह बापू आपका का लंड कितना बड़ा है प्लीज थोड़ा धीरे से और थोड़ा आराम से इसको अंदर डालना। फिर बापू ने अपने एक झटके के साथ ही अपना पूरा लंड पूजा की चूत के अंदर डाल दिया और उस दर्द की वजह से पूजा ने एक जोरदार चीख मारी और वो बापू से लिपट गयी। वो अब कहने लगी ओह्ह्ह्हह उफफ्फ्फ्फ़ बापू मुझे बहुत दर्द हो रहा है, लेकिन मुझे यह दर्द अच्छा भी लगता है आह्ह्ह्हह् बापू तूने आज मेरी चूत को फाड़ दिया ओह्ह्ह्हह बापू मुझे आज कितना अच्छा लगता है, तेरा लंड मेरी चूत में जाकर वो मज़े दे रहा है जिसकी मुझे उम्मीद भी नहीं थी। उसकी अब साँस फूलने लगी थी और बापू अपने लंड को उसकी चूत के अंदर बाहर करते रहे। फिर थोड़ी देर के बाद उन्होंने अपना तरीका बदला और वो अब नीचे आ गये और पूजा उनके छाती पर अपने दोनों हाथों को रखकर धीरे धीरे ऊपर नीचे होने लगी थी। उसका यह रूप बड़ा ही सुहाना था, क्योंकि उसके बूब्स ऊपर नीचे होने की वजह से इतनी सेक्सी स्टाइल से टकरा रहे थे कि में उनको अपनी चकित नजर से देखते ही रह गया और शायद मामी ने मेरी तरफ देखा इसलिए उन्होंने मुझसे कहा क्यों बड़ी जानदार छाती है ना पूजा की?

बिल्कुल मेरी ही तरह जब में भी उस उम्र की थी मेरे बूब्स भी बड़े मजेदार मस्त थे इसलिए उसको हर कोई पाना चाहता था और कुछ देर के बाद मामा फिर से पलट गए और अब वो वापस पूजा को अपने नीचे लेकर इस बार ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर उसको चोदने लगे थे, जिसकी वजह से अब उन दोनों की आवाज़ें निकल रही थी। मामा किसी भूखे शेर की तरह हर एक झटके के बाद थोड़ा सा ठहर जाते और पूजा कभी आय मम्मी, कभी बापू और कभी हाँ और ज़ोर से चोदो मुझे कहती। फिर एक बार मामा ने अपने दोनों हाथों से उसके बूब्स को पकड़ लिया और अपने होंठो को उसके होठों के पास ले जाकर अपनी टूटती हुई सांस से कहने लगे आह्ह्ह ले मेरी बेटी अपने पापा का शरबत अपनी चूत में सम्भाल ले। फिर पूजा एक ज़ोरदार आवाज़ से चिल्ला पड़ी बापूउउईईईइ और उसका पूरा बदन अकड़ गया। उनको देखकर मुझे ऐसा लगता था कि वो दोनों इसी पोज़ में पूरी रात निकाल देंगे। फिर बापू ने धीरे धीरे अंदर बाहर होते हुए अपने मुलायम होते हुए लंड को अब बाहर निकाल लिया और बापू की साँसे अभी भी उखड़ी हुई थी और में उस समय बहुत ध्यान से पूजा की चूत को देख रहा था, जिसके होंठ अब भी खुल रहे थे और बंद हो रहे थे। बापू का वीर्य उसमे निकल रहा था और उसकी चूत गहरी लाल हो चुकी थी। फिर मैंने मन ही मन में सोचा कि में भी आज इसकी चूत का ऐसा ही हाल करूँगा और में भी अपना रस उसकी चूत से बाहर निकलता हुए देखना चाहता था, लेकिन उससे पहले मुझे अपनी मामी की चूत को मस्त तरीके से चोदकर इससे भी ज़्यादा लाल करना था। अब में एक लंबी साँस लेकर मामी की तरफ मुड़ गया। मैंने उनसे कहा कि मामी मुझे ऐसे ही तुझे चोदना है। फिर वो बोली कि हाँ मेरे बच्चो आओ आज तुम दोनों एक के बाद एक मुझे अच्छी तरह से चोदो, मैंने पहले सोचा था कि में तुम दोनों को लंड एक साथ लूँगी, लेकिन अब में सोचती हूँ कि अगर एक के बाद एक दो तीन बार मेरी चुदाई करेगा तो और भी ज्यादा मज़ा आएगा क्योंकि तुम्हारे लंड कहीं भागे नहीं जा रहे है और ना ही मेरी चूत, गांड। फिर मैंने चकित होकर पूछा क्या कहा आपने दो तीन बार? तब मामी ने कहा कि हाँ तुमने एकदम सही सुना, लेकिन सबसे पहले कुणाल मेरी चुदाई करेगा और फिर जब वो झड़ जाएगा तब तुम उसकी जगह पर आ जाना और मेरी चूत के अंदर अपने लंड को डालकर मेरी चुदाई के मज़े लेना और तब तक या तो पूजा को कुणाल का लंड चूसकर उसको वो दोबारा से खड़ा करेगी या वो खुद ही अपने लंड को खड़ा कर लेगा, वैसे भी तुम दोनों अभी जवान हो और एक रात में तीन चार बार तो तुम किसी की भी चुदाई कर ही सकते हो।

दोस्तों में अपनी मामी की बातें सुन ही रहा था कि तभी कुणाल शुरू हो गया और मेरी मामी उससे कहने लगी हाँ आ बेटा कुणाल तू तेरा यह लंड मेरी चूत में डाल और मेरे निप्पल को तू अपने मुहं में डालकर इनको चूस भी ले। अब पूजा, मामा और में उनको देखते रहे और कुणाल मेरी मामी को धक्के देकर चोदता रहा। फिर मामी उसको हर बार धीरे धीरे से चोदने के लिए कह रही थी और वो तो बस बिना ब्रेक की ट्रेन की तरह धक्के लगाए जा रहा था और उसी समय मैंने पूजा के लटकते हुए बूब्स देखे, लेकिन मेरी मामी के तो उससे भी ज़्यादा बड़े आकार के और वो ज्यादा लटक रहे थे। वो सेक्सी भी बहुत थे, कुणाल ज़्यादा देर तक ना रह सका इसलिए वो कुछ देर बाद चिल्लाते हुए एक झटका देकर अपने वीर्य को अब मामी की चूत में डालने लगा था और मामी उसको देखकर मुस्कुरा रही थी। अब में भी मामी के ऊपर चड़ गया, लेकिन दोस्तों मुझे तो मामी को धीरे धीरे मज़े लेकर उनकी चुदाई करनी थी इसलिए में अब यह बात सोचकर अपने लंड को उनकी चूत में डालकर धीरे धीरे धक्के देकर उसको चोदता रहा और अब मामी आहें भरती रही वो आह्ह्ह्ह स्सीईईईईइ मज़ा आ गया कहती हुई मुझे चुदाई करने के लिए जोश में लाती रही और वो कह रही थी उफफ्फ्फ्फ़ हाँ मेरे शेर, मेरे मोटे लंड वाले लंबे लंबे जोरदार धक्के लगा, तू मेरे बूब्स को भी कसकर पकड़ ले और दबा ज़ोर से दबा। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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दोस्तों मेरी मामी मुझे चुदाई करने के तरीके सिखाती रही हाँ बहुत अच्छे बेटा। अब धीरे से टोपे तक लंड को बाहर निकाल ले धीरे से, हाँ अब थोड़ा सा रुक जा और तू ऐसे सोच जैसे तू इस चूत को लंड डालकर फाड़ना चाहता हो, हाँ अब एक ज़ोरदार झटके के साथ पूरे लंड को अंदर डाल दे, हाँ बेटा तू इतना डरता क्यों है? यह चूत फटेगी नहीं, मुझे कुछ दर्द नहीं होगा, हाँ ज़ोर से एक झटका मार कि यह पूरा पलंग हिल जाए, तू मेरी चूत में एक पलंग तोड़ झटका मार। दोस्तों मैंने अपने हाथों से पलंग पर अपनी पकड़ को मजबूत कर लिया और मामी के कहने पर मैंने उसी स्टाइल से एक ज़ोरदार झटका लगा दिया जिसकी वजह से मामी का पूरा बदन ऐसे हिल गया जैसे कि भूकंप आ गया हो और मामी ने ज़ोर से चीखकर कहा उईईईइ स्सीईईईई हाँ मेरे शेर तू ऐसे ही चूत फाड़ने वाले झटके मार, अआह्ह्ह मज़ा आ गया। अब मेरे मामा, पूजा और कुणाल पलंग छोड़कर दूर हट गये और वो ठहरकर देखने लगे, तभी मेरे मामा ने मुझे धक्के देते हुए देखकर कहा कि वाह मेरे बेटे चोद अपनी मामी को जैसे में इसको जवानी में चोदा करता था, तू भी आज इसको ठीक वैसे ही चुदाई के मज़े दे, जैसा यह कहे वैसे तू इसको चोद। फिर पूजा ने कहा कि वाह भैया आप बिल्कुल ठीक तरह से कर रहे हो और अब में उनकी तरफ ऐसा ही बढ़ावा मिलने पर मैंने जोश में आकर एक ज़ोर का झटका दिया और में उस वजह से और भी शेर हो गया और में अब लगातार अपने लंड को अपने टोपे तक बाहर निकालता और फिर एक ज़ोरदार झटके के साथ में अपने लंड को पूरा अंदर डाल देता, जिसकी वजह से मामी के यह हाल थे कि वो पता नहीं क्या क्या बक रही थी, लेकिन में अपने काम में मग्न रहा और में इतना करता रहा कि हम दोनों पसीने से भर गये और जब में मामी की चूत में झड़ने लगा तो वो आधी बिस्तर से उठते हुए एकदम मुझसे लिपट गयी। अब वो भी अपनी कमर को मेरे लंड की तरफ अपना पूरा दम लगाकर ज़ोर से दबा रही थी और जब में उसको चोदकर उससे दूर हटा तो मैंने देखा कि उसकी चूत मेरी उस मजेदार चुदाई की वजह से पूरी लाल थी और चूत ही नहीं बल्कि उनका पूरा गोरा गोरा बदन लाल था। उसको हांफते हुए छोड़कर में अब ज़मीन पर एकदम सीधा लेट गया।

फिर पूजा ने मेरे पास आकर अपने हाथ से पानी का एक गिलास मुझे दे दिया और फिर मामी को भी उसने पानी पिलाया, लेकिन वो एक घूँट पानी पीकर वापस नीचे लेट गयी और फिर कुणाल उस पर टूट पड़ा। फिर मामा ने उससे कहा कि पूजा देख तेरा भाई कैसा पड़ा है जा तू उसके लंड को चूसकर पहले तो अपनी मम्मी की चूत रस का मज़ा ले और उसके बाद उसको थोड़ा सा साफ भी कर दे। दोस्तों मामी उधर एक बार फिर से अपने बेटे के लंड पर गरम हो रही थी और यहाँ पूजा ने धीरे धीरे अपनी नजर से मेरे लंड को निहारा वो उसको बड़ा अच्छा लग रहा था। फिर वो मेरे ऊपर आकर मुझसे कहने लगी कि भैया अब प्लीज आप मुझे भी वैसे ही चोदो, प्लीज़ मुझे भी आपसे ठीक वैसे ही मज़े चाहिए। फिर मैंने उससे कहा कि नहीं पूजा तुझे पता है ना आज मेरा लंड सिर्फ़ मामी के लिए है, लेकिन हाँ में तुझसे पक्का वादा करता हूँ कि कल की रात यह लंड में तेरे नाम करता हूँ और फिर वो मेरा जवाब सुनकर उसी समय मामा की तरफ पलट गयी और बोली कि बापू तुम ही मुझे चोद दो, में बहुत गरम हो रही हूँ।

दोस्तों बापू का लंड अब पूरी तरह से तनकर खड़ा हुआ था इसलिए वो तो उसको ज़मीन पर ही उसकी चूत में अपने लंड को डालकर चोदने लगे थे और उधर कुणाल कुछ देर की चुदाई के बाद अब अपने लंड का रस मामी की चूत में डालकर हाँफता हुआ मेरे पास लेट गया और में भी अब एक बार फिर से चुदाई के लिए तैयार था। फिर उसी समय मामी मुझे अपने पास में आते हुए देखकर अपनी धीमी सी आवाज़ में उन्होंने मुझसे कहा कि नहीं बेटा अब नहीं, तू मुझे थोड़ा सा अब आराम भी करने दे। मेरी चूत अब मेरे दो शेरों के लंड से उस पिछली चुदाई की वजह से जल रही है। फिर मैंने उनसे पूछा क्यों मामी तू तो मुझसे आज रात भर चुदवाने वाली थी। यह क्या तू एक ही बार में डर गयी, तब वो कहने लगी कि अब में इतनी जवान कहाँ हूँ बेटा? में काश जवान होती तो तुम तीनों को में सुबह तक एकदम अधमरा करके छोड़ती, अगर तेरा लंड अकड़ा हुआ ही है तो चल तू मेरी गांड ही मार ले, लेकिन लंड को अंदर डालने से पहले तू थोड़ा सा अपनी एक उंगली से उसको तैयार कर ले प्लीज़, नहीं तो में उस दर्द से मन ही जाउंगी।

अब मैंने उनसे कहा कि मेरी जान तुम उस बात की बिल्कुल भी चिंता मत करो और में बहुत आराम से तुम्हारा यह काम करूंगा और फिर मैंने उनके कहने पर अपनी मामी की चूत में अपनी उंगली को डालकर उसको गीला किया और उसके बाद अपने लंड को मैंने उसकी गांड में डालकर अब धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगा, मुझे उतनी देर नहीं लगी और जब मैंने अपने लंड को उसमे डाल दिया। फिर मुझे ऐसा लगा जैसे किसी ने मेरे लंड को अपनी मुट्ठी में कसकर पकड़ लिया हो और उसकी गांड बड़ी टाईट थी और गरम भी थी। में अपने हाथ को आगे करके मामी के बूब्स को पकड़कर मसलने लगा और साथ में अपने लंड को उनकी गांड में धक्के भी मारता गया और मुझे पता नहीं कितना समय गुज़र गया, लेकिन जब में झड़ने लगा तो मुझे पहले से ज़्यादा मज़ा आया और उसके बाद हम दोनों एक बार फिर से लेटकर एक दूसरे को किस करने लगे। मुझे उसके सूजे हुए बूब्स और भी ज्यादा बड़े लग रहे थे और उसके सूजे हुआ बूब्स, काली काली आखें जो अब पूरी तरह से नशे में लग रही थी और उधर मामा भी एक बार फिर से चिल्लती हुई पूजा में अब झड़ रही हूँ कहने लगी।

फिर कुछ देर बाद मामी उठी और वो हम सभी से कहने लगी कि अब तुम सभी अपने अपने कमरों में चले जाओ और वो बहुत ज्यादा थक चुकी थी। तभी पूजा ने उदास सा चेहरा बनाकर कहा कि मम्मी मुझे और भी चुदवाना है तो जा तू अपने कमरे में ले जाकर अपने भाइयों से चुदवा ले और फिर हम सभी उनके कहने पर मेरे कमरे में आ गये। फिर मैंने पूजा से कहा कि पहले कुणाल से तू अपनी चुदाई करवा ले और उसके बाद में तेरी जमकर पलंग तोड़ चुदाई करूंगा, क्योंकि अब मुझे थोड़ा सा आराम भी करना है और मुझे अपनी बहन को पहली बार ठीक तरह से सुबह तक चोदना था। फिर कुणाल ने पूजा की चूत में अपना लंड डालकर वो धक्के देने लगा था और वो भी बहुत देर तक उसको लगातार चोदता रहा और जब उसने कुछ देर धक्के देने के बाद वो अपने लंड का वीर्य अपनी बहन की चूत में छोड़कर दूर हटा तो तब तक में भी उसकी चुदाई करने के लिए एकदम तैयार था, इसलिए में अब पूजा को पलटकर उसके पीछे से अपने लंड को उसकी चूत में डालकर चुदाई के मज़े लेने लगा था में उसके सर के बाल पकड़कर उसको कुतिया की तरह धक्के देकर चोदने लगा था। फिर वो मुझसे कहने लगी आह्ह्ह्हह्ह उफ्फ्फ्फ़फ् अब मुझे मेरे भाई का लंड अपनी चूत में लेकर बहुत अच्छा लग रहा है, हाँ भैया बाल ज़ोर से खींचो, मुझे बड़ा मज़ा आ रहा है।

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फिर मैंने उसकी पीठ पर अपने दाँत मारे तो वो उस दर्द की वजह से एकदम से तिलमिलाकर और ज़ोर से मेरी तरफ होने लगी थी और में उसकी गांड को पकड़कर मसलता हुआ धक्के देकर उसको चोदता रहा ओह्ह्ह्हह उफफ्फ्फ्फ़ भैया क्या खूब मज़े देकर तुम मुझे चोद रहे हो आईईईईई मेरी जान में अब झड़ने जा रही हूँ। दोस्तों में तो ऐसा था कि में उसको एक घंटे तक और चोदने पर तुला हुआ था। मेरा भी अब निकलने ही वाला था, लेकिन इसकी किसको परवाह थी और में उसको चोदता रहा और वो इस तरह से झड़ रही थी कि जैसे समंदर की लहरे। एक बार उसका झड़ना खत्म भी ना हो पाता था कि उसका दूसरा शुरू हो जाता। फिर वो मुझसे कहने लगी उह्ह्हह् भैया अब आप मुझे पलटने दो आप मुझे किस करके चोदो और मेरे बूब्स को मसल दो, मुझे मेरे बदन का पूरा मज़ा दो, हाँ ऐसा ही चोदो मेरे राजा, आज मुझे पूरा चुदाई का मज़ा दो और इस बार जो मैंने धक्का दिया तो मुझे ऐसा लगा जैसे कि में अब रुकने वाला नहीं था। फिर कई मिनट तक मेरा लंड उसकी चूत में थरथराता रहा में उसको अपनी तरफ से लगातार जोरदार धक्के देकर चोदता रहा और वो भी अब अपनी गांड को ऊपर उठाकर मेरे हर धक्के पर अपनी तरफ से धक्के देने लगी थी, जो मुझे उसके जोश का हालचाल बता रहा था। में उस वजह से बड़ा खुश होकर उसकी चुदाई के मज़े लेने लगा और उसने मेरा पूरा पूरा साथ दिया और कुछ देर धक्के देने के बाद में आखिर में अपना मुरझाया हुआ लंड बाहर निकालकर उसके पास लेट गया और अब मैंने उससे पूछा क्यों पूजा तुम्हे मेरे साथ यह सब करके कैसा लग रहा रहा है? अब वो अपनी बिल्कुल धीमी सी आवाज़ में मुझसे कहने लगी कि तुम मुझे बताओ कि तुम्हे अपनी इस बहन की चूत कैसी लगी? तब मैंने उससे कहा कि बड़ी ज़बरदस्त और यह ऐसी टाईट और गरम है कि बस में मज़ा तो तेरी इस चूत को चूसकर ही बताऊंगा।

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फिर मुझसे कहने लगी कि आज नहीं तुम इसको कल चूसना, क्योंकि आज तूने मुझे इतना थका दिया है कि अब मुझे भी लंबी नींद मारनी है। दोस्तों उसके बाद हम लोग सो गए और में दूसरे दिन दोपहर तक सोता ही रहा। फिर क़रीब एक बजे मामी ने मेरा लंड अपने मुहं में लेकर उसको चूसकर मुझे अपनी नींद से उठाया और उन्होंने मुझे उठाकर देखकर मुझसे कहा कि एकदम चुपचाप ही पड़े रहो और तू मुझे अपना रस पिला। दोस्तों हमारी ज़िंदगी इस तरह गुज़रती ही रही और पहली रात का चोदना धीरे धीरे अब कुछ कम होने लगा था, लेकिन यह ज़रूर था और उन दोनों औरतों को कभी भी लंड की कमी नहीं हुई और ना ही हम तीनों को कभी चूत की कमी महसूस हुई। मेरी मामी तो बस हम तीनों के पास बारी बारी से सो जाया करती और पूजा तो बिल्कुल हमारी रंडी बन गई। वो मामा से अपनी चुदाई करवाकर मेरे पास आ जाती थी, लेकिन अब में अपने घर आ गया हूँ और कभी कभी मामा के पास भी में जाता तो मुझे बड़ा मज़ा आता है ।।

धन्यवाद …

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