मामी के साथ सेक्स का फिल्मी मज़ा

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प्रेषक : रामजी …

हैल्लो दोस्तों, में आप सभी कामुकता डॉट कॉम के चाहने वालों के लिए अपने जीवन की एक मज़ेदार सेक्स की घटना को सुनाना चाहता हूँ। दोस्तों में अभी कुछ समय पहले ही इन सेक्सी कहानियों से जुड़ा हूँ मुझे इनको पढ़कर बहुत शांति मिलती है और यह मेरी आज पहली कहानी है। दोस्तों यह बात उस समय की है जब में कॉलेज में पढ़ता था और मेरी उम्र 20 साल थी और मेरे शरीर में चढ़ती जवानी फड़ककर अपना असर दिखने लगी थी और इस वजह से में उस समय लड़कियों और औरतों की तरफ बहुत आकर्षित होता था। फिर मैंने कई बार टीवी पर सेक्सी फिल्म देखी और एक बार एक किताब में सेक्स करते हुए कुछ द्रश्य भी देखे थे, जिसकी वजह से मेरी आग ज्यादा भड़क गई। अब में भी मन ही मन में सोचने लगा था कि मुझे सेक्स का आनंद कैसे मिले और में सभी मौके की तलाश में उस चूत के जुगाड़ में रहने लगा था, जो चुदाई करवाकर मेरे लंड को शांत कर दे। एक बार हमारे परिवार में एक शादी थी इसलिए सभी लोग शहर से बाहर उस शादी में चले गये, लेकिन उस समय मेरे पेपर थे इसलिए में उस शादी में नहीं गया, क्योकि मुझे अपने पेपर की तैयारी भी करनी थी। फिर मेरी मम्मी ने मेरी मामी को मेरा ध्यान रखने के लिए कह दिया था और मेरी मामीजी ने भी मुझसे मेरे घर आकर कह दिया था कि में उनके यहाँ आकर खाना खा लूँ मुझे कहीं बाहर जाकर खाने की जरूरत नहीं है।

अब में तैयार हो गया और घर के सभी लोग चले जाने के बाद में अपने घर में अकेला ही था, इसलिए में पूरा दिन अपनी पढ़ाई में लगा रहता और दोपहर के समय और रात को में अपनी मामी के घर खाना खाने चला जाता। दोस्तों मेरी वो मामी भी बड़ी ही सेक्सी औरत थी और वो मुझसे बहुत शरारत किया करती थी और कई बार तो वो मुझसे दो मतलब की बातों का मज़ा लेती थी और में भी उनके साथ बहुत हँसी मज़ाक किया करता था। फिर उसी दौरान मेरे मामा को भी अचानक ही अपने काम की वजह से तीन चार दिनों के लिए बाहर जाना पड़ा। अब हम दोनों अपने अपने घर में अकेले ही रह गए और जब में अपनी मामी के घर गया तब वो मुझसे कहने लगी कि जब तक तुम्हारे मामा बाहर है तब तक तुम भी रात को यहीं सो जाया करो, वरना में घर में अकेली ही रहूंगी। अब तुम यहीं पर अपनी किताबे ले आना और यहीं पर पढ़ लेना, में उनकी इस बात से सहमत हो गया और अगले दिन दोपहर के समय ही में अपनी किताबे अपने साथ में लेकर उनके घर चला गया। फिर दोपहर का खाना खाने के बाद में वहीं पर पढ़ने बैठ गया। दिन में जब में पढ़ाई कर रहा था तब वो मेरे सामने वाले सोफे पर बैठी थी, उस दिन उसने गुलाबी रंग की साड़ी पहनी हुई थी और एक बहुत ही कसा हुआ ब्लाउज भी पहना था।

दोस्तों देखकर लगता था कि वो उसके बूब्स के आकार से बहुत छोटा था और में थोड़ी थोड़ी देर में अपनी सेक्सी आंटी पर नज़र डाल रहा था और कभी कभी मेरी उनसे नज़र भी मिल रही थी, लेकिन वो बस मुझे देखकर मुस्कुरा रही थी। दोस्तों कुछ देर बाद साड़ी का पल्लू नीचे आ गया, वाह क्या गजब का नज़ारा था। एकदम कसे हुए दो बहुत ही मोटे मोटे बूब्स मेरे सामने थे, उसने ब्लाउज भी बहुत ही गहरे गले पहना था, इसलिए मुझे बहुत साफ उसके बूब्स का बहुत सारा हिस्सा दिखाई दे रहा था और में चकित होकर घूरकर देखे जा रहा था। फिर उसी समय जब मेरी और उसकी नज़र आपस में मिली, तभी वो तुरंत समझ गयी कि में बड़े गौर से उसके बूब्स को ही निहार रहा था और तब वो मुस्कुराकर मेरी तरफ देखने लगी, लेकिन उसने अपनी साड़ी का पल्लू ऊपर नहीं किया। अब मुझे उसके वो कसे हुए मोटे बूब्स उस ब्लाउज से कसे हुए साफ दिख रहे थे। फिर उसी समय उन्होंने मुझसे पूछने लगी तुम सिर्फ़ पढ़ते ही हो या कुछ लिखते भी हो? मैंने झट से कहा कि जी में लिखाई तो अपने कलम से करता हूँ। अब वो पूछने लगी तुम अपनी कलम से लिखाई सिर्फ़ कागज पर ही करते हो या तुमने और भी कहीं की है? मैंने कहा कि मामी आप जब भी बोलो में वहीं कर सकता हूँ। दोस्तों वो मेरे कहने का मतलब ठीक तरह से समझकर मुस्कुराने लगी थी।

फिर रात को खाना खाने के बाद जब हम टीवी देख रहे थे और बातें कर रहे थे, उसी समय मामी ने मुझसे पूछा तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है या नहीं? अगर नहीं है तो जल्दी से बना लो, वैसे भी तुम कॉलेज में जाते हो तो क्या करते हो? अब में उनको बोला कि मामी मेरे कॉलेज में लडकियाँ नहीं है। वो बोली कि बाहर और किसी को बना लो और जिंदगी के मज़े लो। अब में हंसकर उनसे बोला कि मामी आप ही मेरी गर्लफ्रेंड बन जाओ ना प्लीज और फिर मैंने उनको कहा कि सिर्फ़ मेरी गर्लफ्रेंड बाकी मामा की। अब वो भी मेरे मुहं से यह बात सुनकर हंसने लगी और बोली मुझे सम्भालना तुम्हारे बस का नहीं है। फिर में उनको बोला कि मामी आप मुझे इतना भी कमजोर मत समझो में तुमको भी और दूसरी औरतो को भी एक साथ सम्भाल सकता हूँ। अब मामी मेरे मुहं से बात सुनकर बोली कि वाह बड़ी मर्दानगी है रे तेरे में और वो हंसने लगी। फिर में भी उनको कहने लगा कि में किसी मौके पर वो सब दिखा दूँगा और हम दोनों इसी तरह से बातें करते रहे। दोस्तों में आज अपनी मामी से दो शब्दों वाली बातें करने लगा था। फिर मैंने उनको कहा वाह मामी आज तो आप बहुत ही सुंदर लग रही हो। अब वो बोली अच्छा जी, आज तुमने मुझे ही लाईन मारना शुरू कर दिया।

फिर मैंने उनसे कहा कि मामी तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो, तभी वो तुरंत ही बोल पड़ी कि तुझे मेरे में क्या अच्छा लगता है मुझे बता? अब में बोला क्या बताऊँ मामी तुम सच में मुझे बहुत ही अच्छी लगती हो, तुम्हारी एक एक चीज मुझे बहुत पसंद है। फिर रात को सोते समय उन्होंने मुझसे पूछा दूध पियेगा? मैंने झट से कहा कि हाँ ज़रूर पीऊंगा, उसको पीने के लिए तो में बहुत तरसता हूँ मामी, लेकिन मेरा ताज़ा दूध पीने का मन बहुत करता है। अब वो हंसकर कहने लगी अरे शाम को ही ग्वाला ताज़ा दूध देकर गया है। फिर मैंने कहा कि वो तो शाम का बासी हो गया है आप मुझे ताज़ा दूध पिलाओगी तो में पी लूँगा। अब वो कहने लगी कि चल अब में तेरे लिए ताज़ा दूध कहाँ से आएगा? में उसी समय हंसकर बोला कि तेरे पास तो ताज़ा दूध का भंडार है ना मामी और मैंने उनके बूब्स की तरफ इशारा किया। अब वो तुरंत मेरा इशारा समझकर बोली यह तो छोटे बच्चो के लिए होता है। फिर में उनको बोला कि में भी तो बच्चा ही हूँ, वो हंसकर बोली अब तू बच्चा कहाँ है रे, अब तो तेरी शादी हो जाए तो तू बच्चों का बाप बन जाए। तभी में भी हंस पड़ा और उसी समय मामी मुझसे बोली आज बड़ी गर्मी है, में नहाकर अभी आती हूँ।

फिर उसके बाद तुम भी नहा लेना और उनके चले जाने के बाद में टीवी देखने लगा और उस समय टीवी में एक हॉट सेक्सी बिकनी शो आ रहा था, में उसको देखने लगा था। फिर कुछ देर बाद मामी नहाकर आ गयी और उसने भी मुझे टीवी पर वो नंगी नंगी लड़कियाँ देखते हुए देख लिया था, लेकिन फिर वो ना समझ बनकर मुझसे पूछने लगी कि क्यों तुम क्या देख रहे हो? अब मैंने उनको बोला मामी क्या तुमने कभी ऐसी ड्रेस पहनी है? वो हंसकर बोली हाँ एक दो बार, एक बार तेरे मामा मेरे लिए लाए थे। अब में पूछने लगा क्यों आपको वो कैसी लगी? ज़रूर आप इससे भी सुंदर लगी होगी। मैंने टीवी की तरफ इशारा कर दिया। फिर वो हंसते हुए बोली चल शैतान तू फिर से शुरू हो गया, जा तू ही नहाकर आ में उसके बाद बता दूंगी और फिर में बाथरूम से नहाकर आया और मामी ने मुझे लूँगी पहनने को दे दी। फिर मैंने भी नहाकर वो लूँगी पहन ली और उसके नीचे मैंने कुछ नहीं पहना था। मैंने अपना अंडरवियर बाथरूम में ही धोकर सुखा दिया था। फिर हम दोनों टीवी देखने लगे और मैंने कुछ देर बाद चेनल बदल दिया। उसमे एक फिल्म आ रही थी वो सेक्सी फिल्म थी। अब मैंने मामी से पूछा क्या तुमने कभी कोई सेक्सी फ़िल्म देखी है? वो बोली कि हाँ कभी कभी टीवी पर आती है तो में उसको देख लेती हूँ।

अब में पूछने लगा कि क्यों वो मस्त लगती है ना? वो मुस्करा दी। तभी उस फिल्म में राज बब्बर और ज़ीनत का बलत्कार का द्रश्य शुरू हुआ वो बड़ा ही लंबा और जबरदस्त था, ज़ीनत बाथरूम से नहाकर गाउन पहनकर बाहर निकली थी। फिर राजबब्बर ने उसके साथ बलत्कार करना शुरू किया और फिर उसने उसको बेड पर पटककर उसके दोनों हाथ पैर चारो कोनो में बाँध दिए। फिर राज बब्बर ने झटके से उसका गाउन उतार दिया और उसके साथ पूरा सेक्स और बलत्कार किया। वो बहुत लंबा द्रश्य था। अब मामी बोली राज बब्बर में बड़ी हिम्मत है जो बांधकर यह काम कर डाला, सच में बड़ा अच्छा तरीका था, किसी ने सोचा भी नहीं होगा। दोस्तों वो सब देखकर मेरा लंड अब ऊपर नीचे होने लगा था और लूँगी में लंड की हरकत बाहर से साफ नजर आ रही थी और इस द्रश्य को मामी बड़े ही ध्यान से देख रही थी उस द्रश्य को देखते हुए मैंने अपने एक हाथ को सरकाते हुए मामी की जाँघ पर रखकर चूत के पास बढ़ा दिया था। अब वो ज़ोर से बोली यह क्या है? मैंने कहा कि मामी मैंने कोई जानबूझ कर नहीं किया था। वो तो मेरा हाथ आपकी जाँघ पर अचानक ही गलती से पड़ गया। फिर वो मुझसे कहने लगी हाँ हाँ में बहुत अच्छी तरह से जानती हूँ और अब हम दोनों दोबारा देखने लगे।

फिर कुछ देर बाद मैंने चेनल बदल दिया और दूसरी फिल्म में भी किस्मत से बड़ा ही मस्त हॉट और सेक्सी द्रश्य चल रहा था। अब हम दोनों सुहागरात का द्रश्य देखने लगे थे और मैंने उसी समय अपनी मामी से पूछा क्या तुमने भी ऐसे ही मनाई थी? क्यों बताओ ना आपने कैसे किया था? वो कहने लगी चल बेशरम क्या पूछता है? में उनको बोला कि आप मुझे शुरू का ही बता दो ना, कैसे किया था प्लीज? अब वो उठी और सोफे पर घूँघट लेकर बैठ गई और बोली तुम्हारे मामा कमरे में आए, उन्हे देखकर में उठी और मैंने उनके पैर छुए। फिर उन्होंने मुझे उठाया और बोले तुम्हारी जगह मेरे पैरों में नहीं है और तभी उसी समय अचानक से मैंने वो आगे कुछ कहती उसके पहले ही अपनी मामी को उठाकर अपनी छाती से लगा लिया और कहा कि इस दिल में है और उनको अपनी बाहों में भर लिया। अब वो मुझसे दूर हटकर बोली चल अब हट जा और आगे नहीं। फिर मैंने उनको पूछा उसके आगे क्या हुआ? मामी बोली कि सारी रात सबके साथ जो होता है वही हुआ। अब में उनको बोला जैसे अभी यहाँ दिखाया था क्या वैसे ही? वो कहने लगी कि चल तेरे पास भी आगे ऐसे ही मौके शादी के बाद आएँगे, तब तुझे सब पता चल जाएगा।

अब में उनको पूछने लगा कि आपको फिल्म कैसी लगी? वो बोली कि अच्छी थी, ज़ीनत बड़ी अच्छी लग रही थी, लेकिन वो बेचारी बँधी हुई थी। फिर में उनको बोला हाँ उसका तड़पना बड़ा अच्छा लग रहा था वो बड़ी सेक्सी लग रही थी और फिर में उनको बोला कि मामी आप भी एक बार ज़ीनत की तरह नाटक करो ना में देखना चाहता हूँ कि आप कैसी लगती हो? में तुम्हे भी वैसे ही बाँधकर देखना चाहता हूँ देखें कैसा लगता है हम और कुछ नहीं करेंगे और तुम भी सामने वाले कांच में वो सब देखना। दोस्तों पता नहीं क्यों मामी ने मेरे साथ यह काम करने के लिए हाँ भर दी और वो उसी समय बेडरूम में चली गई और फिर वो बिस्तर पर लेट गयी। उन्होंने अपनी पुरानी एक रेशमी साड़ी बाँधने के लिए पहले ही मुझे निकाल दी थी। अब मैंने पहले उनके एक एक पैर को पूरा फैलाकर पलंग के इधर और उधर पाए से और फिर उनके दोनों हाथों को भी मैंने पूरा फैलाकर बाँध दिए। दोस्तों हाथ को बाँधते समय मैंने उनके बूब्स को भी दबाया था और पैर बाँधने के समय उनकी जाँघो को सहलाया था और उनकी गुलाबी चूत देखी थी, क्योंकि उनका पेटीकोट घुटनों तक ऊपर था और उस समय मामी ऊपर से नाइट गाउन पहने हुए थी, लेकिन वो भी अब ऊपर उठ गया था। अब में उसको घूरकर देखने लगा, तभी वो मुझसे कहने लगी चल अब तू खोल दे।

फिर मैंने उनके गाउन का बेल्ट खोल दिया और गाउन को सामने से खोल दिया और वो डरते हुए मुझसे कहने लगी कि यह क्या करता है? मैंने कुछ भी नहीं सुना और देखा कि उसने अंदर ब्रा पहनी हुई थी और वो बड़े ही सेक्सी बूब्स थे उनका आकार भी ज्यादा बड़ा था, इसलिए ब्रा में वो पूरा समा भी नहीं रहे थे, जिनको देखकर मेरा मन मचल गया, में एकदम पागल हो गया। अब वो ज़ोर से चिल्लाने लगी कि तुम यह क्या कर रहे हो? मैंने कहा कि अभी तुमने ही तो खोलने के लिए बोला था। फिर वो बोली कि अरे बुद्धू मैंने तुझसे रस्सी खोलने के लिए कहा था। अब मैंने कहा कि हाँ मैंने गाउन की रस्सी ही तो खोली थी। फिर वो बोली बदमाश तू मेरी यह हाथ पैरों की रस्सी खोल दे। अब मैंने उनको कहा वाह मामी आप क्या मस्त लग रही हो और यह बोलकर मैंने उनका गाउन सामने से हटा दिया, मैंने बोला कि आप बड़ी ही मस्त लग रही हो, लो देख लो सामने कांच में और मैंने उनको कहा कि तुम्हारे सामने ज़ीनत कुछ भी नहीं है मामी तुम इस ब्रा में बहुत ही सेक्सी लग रही हो। फिर वो बोली चल अब तो खोल दे और मैंने उसी समय उनके पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया और उसको भी उतार दिया। अब वो छटपटाने लगी। में उनको बोला कि मामी में और कुछ भी नहीं करूँगा, अब तुम देखो कैसी लग रही हो? वो बोली तू बहुत आगे बढ़ गया है अब बस कर।

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दोस्तों वो अब सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में थी और बिस्तर पर बँधी हुई मज़बूर थी, में सामने वाले कांच में देखते हुए बोला वाह आप क्या हसीन लग रही हो, देखो ना तुम्हारे यह बाहर आने को तरस रहे है में इन्हे खोल देता हूँ। दोस्तों उनके क्या मस्त बड़े एकदम गोल बूब्स थे, मैंने मौका पकड़ झट से उनके गाल पर किस कर लिया। बोला वाह यह कितने सुंदर है मामी, मुझसे अब रहा नहीं जा रहा। अब आप मुझे इनका दूध पिला दो ना, आपके यह इतने मोटे मोटे बूब्स देखकर तो मेरा मन करता है कि झट से में इनता दूध पी लूँ और इन्हे लगातार ही चूसता रहूँ। अब मामी बोली धत, वो तो छोटे बच्चे चूसते है। फिर मैंने उनको कहा कि नहीं बड़े बच्चे भी इनको चूसते है और आपने मुझे इनके दर्शन तो कराए नहीं और ना ही इसके और बात कहते हुए मैंने उनकी पेंटी पर हाथ रख दिया। अब वो मुझसे कहने लगी कि हट बदमाश इन्हे में तुम्हे कैसे दिखा सकती हूँ? मैंने कहा क्यों अभी तो और कोई भी नहीं है और सभी खिड़की दरवाजे भी बंद है प्लीज़ एक बार दिखा दो ना अपने यह मोटे मोटे बूब्स और मैंने इतना कहते हुए ही ब्रा को खोल दिया और फिर उनके बूब्स उछलकर बाहर आ गए। अब वो ज़ोर से चिल्लाई बोली तू यह क्या करता है? फिर मैंने उनको बोला कि अब चिल्लाने से कुछ नहीं होगा और बाहर पड़ोसियों को पता चलेगा तो तेरी ही बदनामी होगी बोले तो में सारी खिड़की दरवाजे खोल दूँ। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब वो नरम हो गई और में उसको बोला कि थोड़ी सी मस्ती दे दो ना और अब मेरा लंड पूरा तनकर ऊपर नीचे हो रहा था। अब मैंने उनके बूब्स को दबा दबाकर चूसना शुरू किया और बँधी होने की वजह से वो कुछ कर नहीं सकती थी और आज मेरे मन की इच्छा पूरी हो रही थी। दोस्तों उसका बदन बहुत ही गजब का था एकदम मुलायम चिकना, मुझे उसको सहलाने में बहुत मज़ा आ रहा था और अब में बारी बारी से दोनों बूब्स को ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा था और वो भी अहह्ह्ह्ह उहहह्ह्ह्ह करने लगी। अब में उनके ऊपर लेटकर कभी बूब्स को चूसता तो कभी उनके होंठो को, मुझे ऐसा करने में बड़ा मज़ा आ रहा था, जिसकी वजह से मुझे एक नशा सा छा रहा था और मुझसे अब रहा नहीं जा रहा था। फिर मैंने पेंटी के ऊपर से उनकी चूत पर अपने लंड को दबा दिया, में बोला इस प्यारी सी चीज के भी दर्शन करा दो ना। अब वो बोली क्या मतलब? मैंने चूमते हुए कहा अपनी यह प्यारी सी चूत दिखा दो ना मामी। फिर वो कहने लगी तू तो बहुत ही गंदी बातें करता है। अब में बोला अभी उस फिल्म में तो आपको मज़ा आ रहा था, मामी बोलो ना क्या करूँ और आगे वाला काम भी निपटा ही लेते है, आप जो कहोगी में वो करूँगा बस आप दिखा दीजिए और फिर मैंने उनकी पेंटी को नीचे सरका दिया।

अब मुझे उनकी मस्त चूत के दर्शन हो गये और में उनको बोला देखो ना आज यह इतना क्यों फूंकार मार रहा है? मैंने उनकी चूत को अपनी मुठ्ठी में ले लिया और दूसरे हाथ से बूब्स को दबाते हुए कहा इसे आपकी चूत की खुश्बू मिल गयी है इसलिए यह इतना बैचेन है। दोस्तों मैंने देखा कि मामी की चूत एकदम गोरी गुलाबी और बहुत चिकनी थी और कुछ हल्के बाल भी थे। अब में उनकी चूत पर हाथ फेरता हुआ बोला ओहह मामी मज़ा आ गया देखकर, बहुत सुंदर है आपकी यह चूत और आज तो इस मैदान पर घास भी साफ है, क्यों तो आज इस मैदान पर वो खेल शुरू हो जाए? वो बोली क्या बकवास करता है? में बोला हाँ मामी आज आपने तो मुझे असली जन्नत दिखा दी है अब तो इसकी सैर भी करनी होगी। अब वो बोली तू क्या पागल हो गया है जल्दी से अब तू दूर हट और मुझे खोल दे। फिर में बोला कि अब तो में तुम्हारे साथ पूरा वो द्रश्य करके ही खोलूँगा, चाहे तू अब हाँ कर या ना कर। फिर मैंने यह कहकर उनकी चूत को चूम लिया और उसमे अपने दाँत गड़ाए तो वो दर्द से सिहर उठी और कहने लगी ऐसे मत करो प्लीज। फिर में बोला तो तुम ही बताओ में कैसे करूँ बताती जाओ ना? वो कहने लगी मुझे छोड़ दो ना।

फिर मैंने कहा कि आज तो नहीं मामी तुम भी मस्ती ले लो और में अब उनकी चूत को चाटने लगा और अपनी जीभ को अंदर डालने लगा। दोस्तों उसकी चूत से एक मस्त खुशबू आ रही थी, वो फिर से बोली यह क्या कर रहा है? मैंने कहा मुझे बहुत मज़ा आ रहा है, मामी बोली ओह्ह्ह तू तो मुझे क्या आज मार ही डालेगा? तू यह सब अच्छा नहीं कर रहा है। अब में बोला मामी आज तो वाह मज़ा ही आ गया, तू आज तक कहाँ थी और अब में उसकी चूत में अपनी ऊँगली को डालकर ज़ोर ज़ोर से अंदर बाहर करने लगा, उसके मुहं से आवाज़ आ रही थी ऊहह आईईई में मर गई। अब में अपने लंड को हाथ में लेते हुए बोला कि अब आ जा मैदान में और में अपने लंड को उसकी चूत के मुहं पर रगड़ने लगा। फिर अचानक ही मेरा लंड सट से उसकी चूत में घुसा और वो बोली अरे मार दिया जालिम धीरे धीरे डाल। फिर में कहने लगा वाह मज़ा आ गया मामी और में अब अपनी दोनों आँखों को बंद करके और कसकर अपना लंड डालने लगा था, मैंने धक्के देकर चुदाई करना शुरू कर दिया। अब वो मुझसे कहने लगी आह्ह्ह फाड़ दिया रे तूने जालिम, आज इसे मुझे बहुत तंग कर रखा है तूने, में तुझसे बदला जरुर लूँगी, अभी तू दो तीन दिन है, तेरी सारी गर्मी निकाल दूँगी।

अब में धक्के और तेज लगाने लगा और मुझे भी बड़ी मस्ती आ रहा थी। चुदाई का असली मज़ा मिल गया और में बोला मामी चुप होकर मस्ती ले नहीं तो आज तेरी चूत की में धज्जियाँ उड़ा डालूँगा और जब में कुछ देर अपना लंड मामी की चूत के अंदर बाहर करता रहा, तब मैंने देखा कि शायद मस्ती की वजह से मामी की आँखें बंद हो गयी थी और मैंने मौका देखकर एक तूफानी धक्का मारा और पूरे कमरे में मामी की चीख की आवाज गूँज गयी, आईईईईईई आअहह्ह्हह ऊऊईईईईईईईई मार डाला कमीने उूफफफ्फ़ साले आराम से कर, लेकिन मुझे कुछ भी सुनाई नहीं दे रहा था। फिर मैंने एक धक्का और मारा और इस बार मेरा पूरा लंड उसकी चूत में अंदर तक समा चुका था। मामी की आंख से आँसू निकल रहे थे और वो अभी भी मुझे गालियाँ दे रही थी और वो मुझसे बोली अच्छा सब ठीक ही हुआ तू अपना रस तो बाहर ही गिराना प्लीज। अब मैंने फट से अपना लंड बाहर निकाला और उनकी नाभि पर अपने लंड से रस की बौछार कर दी और में बोला मामी अब में तुझे खोल देता हूँ। फिर मैंने उसके हाथ पैर खोल दिए और पूछने लगा कि मामी चुदाई का यह द्रश्य कांच में कैसा लगा बोलो ना? और उन्होंने मुझे एक थप्पड़ लगा दिया। फिर मैंने भी उनके बूब्स को ज़ोर से दबा दिया और फिर में चुपचाप बिस्तर पर लेट गया और मामी भी सो गयी।

फिर दूसरे दिन सुबह मामी जल्दी उठ गयी और उनका चेहरा अपने हाथ में लेकर उनको पूछा क्या कल की बात को लेकर नाराज़ हो? वो बोली हाँ हूँ तो सही बहुत ज़्यादा, तूने मेरे साथ जो कुछ भी किया अच्छा नहीं किया और यह कहकर वो बाहर गई और वो वापस कमरे में आ गई और अपने हाथ में वो एक रस्सी लेकर आई थी, वो मुझसे बोली कि आज में तुझे भी बांधूगी और देख में क्या बदला लेती हूँ। फिर मामी ने मुझे उठने का मौका भी नहीं दिया और मेरे हाथ बाँध दिए और फिर मेरे पैरों को भी बाँध दिया। दोस्तों मैंने कोई भी विरोध नहीं किया और सोचा मामी क्या करती है में देखता हूँ? फिर मामी ने मेरी शर्ट के बटन खोल दिए और वो मेरी छाती पर हाथ फेरने लगी और बोली कल तूने मुझे बहुत परेशान किया था ना आज देख में क्या करती हूँ तू देखता जा और एक ज़ोर का थप्पड़ मेरे मुहं पर मार दिया, बोली चुप रहना। फिर मैंने देखा कि उसने अपने कपड़े उतार दिए और वो सिर्फ़ बार और पेंटी में थी मामी मुझे घूरकर देख रही थी और कुछ सोच रही थी। फिर उसने मेरी लूँगी को भी खोल दिया और मेरी अंडरवियर को भी नीचे सरका दिया। इतना सब करके उन्होंने सबसे पहले मेरे निप्पल को और दूसरे हाथ से अब मेरा लंड पकड़कर ज़ोर से दबा दिया, जिसकी वजह से मेरी तो दर्द की वजह से बड़ी ज़ोर की चीख निकल गयी।

अब वो बोली क्यों क्या हुआ और फिर मेरे लंड को ज़ोर ज़ोर से झटके देकर ऊपर नीचे करने लगी। फिर कहने लगी कल तू बहुत फड़क रहा था। आज देखूँगी इसमे कितना दम है? अब में बोला कि हिम्मत है तो मेरे हाथ खोल फिर में दिखाता हूँ इसकी ताक़त, में तेरी चूत की धज्जियां उड़ा दूँगा। अब वो बोली चल चल तेरे जैसे मैंने बहुत देखे है अब देख में तेरे ऊपर बैठकर इसकी सवारी करूँगी। अब मैंने भी मन ही मन में सोचा मामी चाहे तू मेरे ऊपर चड़ या में तेरे ऊपर दोनों ही हालत में तू ही चुदेगी और मेरा लंड ही तेरी इस चूत में घुसेगा। अब वो झट से बिस्तर पर चड़कर मेरी कमर के दोनों तरफ अपने पैरों को करके मेरे ऊपर बैठ गयी और बैठने के बाद उसने थोड़े से अपने कूल्हों को ऊपर उठाया और अपने दोनों हाथों से मेरा लंड पकड़कर अपनी चूत के मुहं से लगा दिया और फिर अपनी कमर को आगे पीछे चलाकर मेरा लंड अपनी चूत में डाल लिया। अब में भी इधर उधर हिलने लगा, उसने फिर अपने कूल्हों को ऊपर उठाया और फिर से एक धक्के के साथ मेरा लंड अपनी चूत में ले लिया और उछलकर धक्के मारने लगी थी। फिर में कहने लगा मामी प्लीज धीरे धीरे कर तू बहुत भारी है और वैसे मुझे मस्ती भी आ रही थी। फिर थोड़ी देर के बाद मामी मेरे ऊपर झुक गयी।

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अब वो मेरे होठों को चूमते हुए मेरी छाती से अपने भारे हुए बूब्स को दबाते हुए मुझे हल्के हल्के धक्के के साथ चोदने लगी। दोस्तों में तो बस चुपचाप नीचे लेटा था और बोला मेरी मामी चाहे में तुम्हे ऊपर से चोदूं या तुम मेरे ऊपर चढ़कर मुझे चोदो दोनों में कोई फरक नहीं है हर हाल में तेरी चूत ही मेरे लंड से चुदेगी। फिर उसके बाद मामी मुझे फिर से जकड़कर पकड़ते हुए अपनी कमर को उठा उठाकर मुझे चोदने लगी थी और उसके दोनों बूब्स उसके उछलने के साथ ही झूल रहे थे। अब वो ज़ोर ज़ोर से मेरे लंड पर उछलते हुए बोली कि आज में तुझे तड़पा तड़पाकर मज़ा लूँगी और फिर उठकर खड़ी हो गयी और बोली अब बोलो क्या हाल है तेरा, देख ले कांच में? में बोला मामी खोलो ना अब रहा नहीं जा रहा है प्लीज जल्दी से खोलो समय बर्बाद मत करो, पता नहीं तुम्हे क्या मज़ा मिल रहा है? तभी अचानक से मेरे हाथ की रस्सी ढीली हुई और मैंने हाथ रस्सी से निकाल लिया और दोनों हाथ खोल लिए और झटके से उसको अपने ऊपर खींच लिया। अब में उसको बोला क्या करूँ तेरा? वो भी सकपका गयी, बोली तू क्या करेगा? अब मुझसे भी नहीं रहा जा रहा था। मैंने अपना लंड झटके से उसकी चूत में डाल दिया वो धीरे से करहा गई आह्ह्ह्ह ऊउईईइ हाँ फाड़ डाल, मेरे लंड का टोपा उसकी चूत के अंदर जा चुका था।

फिर थोड़ी देर बिना कोई हरकत किए ऐसे ही में पड़ा रहा और उसके होंठो को चूमते हुए उसके बूब्स के निप्पल को सहलाता जा रहा था, वो भी बहुत गरम ही चुकी थी। फिर मैंने अपना लंड बाहर निकालकर एक ज़ोर का धक्का मार दिया, मेरा लंड पूरा अंदर चला गया तो वो और ज़ोर से चिल्ला गई आईईईईईई आह्ह्ह्ह उईईईईइ फाड़ दिया मेरी चूत को। अब में कस कसकर धक्के लगाने लगा, जिसकी वजह से वो भी मस्त हो गयी और पता नहीं क्या क्या बोल रही थी आईईईईई मार डाला जालिम बहुत मज़ा आ रहा है मेरे राजा और कसकर डालो, हाँ ऐसे ही चोदो उईईईईईइ मज़ा आ रहा है और कसकर फाड़ डाल मेरी चूत को साले, अब में देखती हूँ कितना दूध पिया है तूने अपनी माँ का मेरे बूब्स से मेरा भी पीकर दिखा। फिर में भी यह सुनकर जोश में आ गया और भी जोश में चड़ गया, में बोला चुपकर चुपचाप चुदती रह मामी आज में फाड़ डालूँगा तेरी चूत को समझी, अभी तू बहुत उछल रही थी ना। अब वो और भी मस्त हो गयी आईई ऊऊईईईईईई और चोदो मेरे राजा आआहह मज़ा आ गया और कसकर चोद मुझे ज़ोर से चोद डाल मेरी चूत को उईईईईई में मर गई। अब मुझे उसकी चुदाई करते हुए बहुत देर हो गयी थी और वो अब तक कई बार झड़ चुकी थी। तभी मेरा ध्यान उसकी गांड पर गया तो उसका छेद मैंने छूकर देखा बड़ा कसा हुआ लगा।

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फिर उसने पूछा क्या इरादा है क्या मेरी गांड भी मरेगा? मैंने कहा हाँ बिना चोदे तो नहीं छोड़ सकता, में तुझे और फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाल लिया और उसको कुतिया की तरह खड़ा कर दिया। अब उसकी गांड का गुलाबी छेद साफ दिख रहा था मेरा लंड उसकी चूत के पानी से पहले से ही गीला था, मैंने उसकी गांड से अपना लंड सटा दिया और हल्के से धक्का लगा दिया। मेरा लंड दो इंच उसकी गांड में घुस गया, वो चिल्ला उठी आईईई मर गई मुझे बहुत दर्द हो रहा है, लेकिन मैंने उसकी नहीं सुनी और फिर धक्का लगा दिया और बार बार लगाने लगा। फिर करीब दस मिनट के बाद वो थोड़ा सा शांत हो गयी। अब उसको भी मज़ा आ रहा था और वो जोश में सिसकियाँ लेने लगी थी आह्ह्ह्ह ऊऊईईई ऊऊह्ह्ह्हह इसमे तो चूत से भी ज़्यादा मज़ा आता है और कसकर डाल मेरे राजा ऊऊईईई बहुत मज़ा आ रहा है हाँ और कसकर ऊऊईईई आईईईईईईईई वाह मस्त मज़ा मिल गया और में उसको तेज धक्के देकर चोदता ही जा रहा था। फिर करीब दस मिनट तक मैंने चोदा फिर मेरा लंड झड़ने वाला था इसलिए मैंने भी अपनी स्पीड को पहले से ज्यादा बढ़ा दिया।

अब में उसको कहने लगा वाह क्या मस्त गांड है तेरी, अब तो तू मेरी हो गयी है अब रोज में तेरी कसकर चुदाई किया करूँगा, मामी तू बहुत मस्त औरत है वाह मज़ा आ गया ऊऊईईईईई अब मेरा निकलने वाला है। फिर मेरा वीर्य उसकी गांड में निकल गया और हम बहुत देर तक वैसे ही चिपककर लेटे रहे। फिर में उठा और मैंने अपने कपड़े पहन लिए, वो मुझसे बोली क्यों राजा मस्ती आई ना? मैंने कहा कि हाँ मुझे बड़ा मज़ा आया और तुम मुझे हमेशा ऐसा ही मौका देती रहोगी तो मेरी रानी मामी में तुम्हे ऐसे ही खुश करता रहूँगा। दोस्तों यह था मेरा सेक्स अनुभव अपनी हॉट सेक्सी मामी के साथ और अब में चलता हूँ ।।

धन्यवाद …

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